लेखा शास्त्र क्या है?

लेखा शास्त्र क्या है? लेखा शब्द का वित्तीय तात्पर्य इस प्रकार से परिभाषित किया जा सकता है कि यह उन तथ्यों का विवरण देता है जो धन सम्बन्धी हैं या उन चीजों से सम्बन्धित हो जिनकी धन में मान्यता हो। वह तथ्य जिन्हें लेखा-शास्त्र के विवरण में सम्मिलित किया जाता है ‘‘कार्यविवरण’’ कहलाते हैं। सभ्यता […]

राज्य का अर्थ, परिभाषा, आवश्यक तत्व, कार्य

राज्य का अर्थ (Meaning of state) राज्य का शाब्दिक अर्थ- राज्य शब्द अंग्रेजी भाषा के स्टेट (State) शब्द का हिन्दी रूपान्तरण है, जिसकी उत्पत्ति लेटिन भाषा के स्टेटस शब्द से हुई है। स्टेटस का शाब्दिक अर्थ है सामाजिक स्तर। अत: स्टेट शब्द का तात्पर्य उस महान संस्था से है, जो गौरवशाली हो अर्थात् समय परिर्वतन […]

राजनीतिक सिद्धांत की प्रकृति एवं विषय क्षेत्र

राजनीतिक सिद्धांत की परंपरा बहुत प्राचीन है। राजनीतिक सिद्धांत की प्रकृति इसके अर्थ के साथ जुड़ी है जबकि राजनीतिक सिद्धांत के अर्थ में विभिन्न विद्वानों के भिन्न-भिन्न मत हैं। इसीलिए इसकी प्रकृति के बारे में भी भिन्न-भिन्न विचार पाए जाते हैं। इसलिए अध्ययन की दृष्टि से राजनीतिक चिंतन को दो भागों में विभक्त किया जा […]

मौद्रिक नीति के उद्देश्य और साधन

मौद्रिक नीति के उद्देश्य मौद्रिक नीति एक ऐसा तंत्र है जिसके माध्यम से किसी अर्थव्यवस्था में मुद्रा की आपूर्ति और मांग को विनियमित किया जाता है। मौद्रिक नीति के उद्देश्य (maudrik niti ke uddeshy) को पूरा करने के लिए मुद्रा की आपूर्ति और मांग पर इस तरह के नियमों की अपेक्षा की जाती है।   […]

मैक्स वेबर का नौकरशाही का सिद्धांत

मैक्स वेबर का नौकरशाही का सिद्धांत (Max Weber’s Bureaucratic Theory) नौकरशाही के बारे में माक्र्स, लेनिन, ट्राटस्की, लौराट, रिजी, वर्नहम, मिलोवन पिलास, मैक्स स्बैकटमैन, जैसिक कुरुन मैक्स वेबर आदि ने अपने अपने सिद्धान्तों का प्रतिपादन किया है। इन सभी सिद्धान्तों में वेबर का सिद्धांत अधिक तर्कपूर्ण व व्यवस्थित है। इसी कारण नौकरशाही का व्यवस्थित अध्ययन […]

स्वास्थ्य पर तनाव का प्रभाव

स्वास्थ्य पर तनाव का प्रभाव – तनाव का एक व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ता है। हृदय सबंधी विकार, दर्द और पीड़ा, अल्सर, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, अस्थमा, हाइपरथायरायडिज्म और यहाँ तक कि कैंसर जैसी कई बीमारियों के लिए तनाव को उत्तरदायी ठहराया जा सकता है। तनाव व्यक्ति की प्रतिरक्षा प्रणाली पर प्रभाव डाल सकता […]

पश्च मस्तिष्क के भाग और उनके कार्य

पश्च मस्तिष्क पश्च मस्तिष्क, मस्तिष्क का पिछला भाग होता है जिसमें मेटेनसिफेलोन (Metencephalon) और माइएलेनेसिफेलोन आते है। मेटेनसिफेलोन में सेतु (Pons) और लघुमस्तिष्क (Cerebellum) आते हैं जबकि माइएलेनेसिफेलोन में मेडुला ऑबलागांटा (Medulla oblongata) सम्मिलित होता है। पश्च मस्तिष्क के भाग पश्च मस्तिष्क के भाग (pashch mastishk ke bhag) है- लघु मस्तिष्क (Cerebellum) सेतु (Pons) मेडुला […]

संसाधन के कितने प्रकार होते हैं?

संसाधन एक ऐसा स्रोत या संचय है जिससे कोई लाभकारी वस्तु उत्पादित होती हो। विषिश्टत:, संसाधन सामग्रियाँ, ऊर्जा, सेवाएँ, श्रम, ज्ञान व अन्य भौतिक परिसंपत्तियाँ होते हैं। ये किसी लाभकारी वस्तु को प्रस्तुत करने के लिए किसी न किसी प्रकार मिश्रण में प्रयोग किए जाते हैं। इस प्रक्रिया में, कुछ संसाधन (जिन्हें अनवीकरणीय अथवा समाप्य […]

सामंतवाद क्या है, परिभाषा, उदय और विकास

सामंतवाद क्या है (samantvad kya hai)? यूरोप और ऐशिया के सामान्यत: मध्यकाल के युग को सामंतवाद कहा जाता है क्योंकि इसका उदय, विकास और हृास इसी काल में हुआ। इस शब्द की विभिन्न परिभाषाएं हैं क्योंकि विभिन्न विद्धानों ने इसकी अलग-अलग व्याख्या की है। इसका प्रयोग ऐतिहासिक विकास की भिन्न-भिन्न अवस्थाओं के सन्दर्भ में किया […]

भाषा अर्जन क्या है? भाषा विकास का क्रम

भाषा का अर्थ भाषा का अर्थ होता है- कही हुई चीज। मनोवैज्ञानिकों के अनुसार भाषा दूसरों तक विचारों को पहुंचाने की योग्यता हैं इसमें विचार-भाव के आदान प्रदान के प्रत्येक साधन सम्मिलित किये जाते हैं। जिसमें विचारों और भावों के प्रतीक बना लिये जाते हैं जिससे कि आदान प्रदान के व्यापक रूप में भिन्न रूपों […]