आयणिक आबंध क्या है?


शोडियभ क्लोराइड का बणणा
शोडियभ क्लोराइड का बणणा

ध्याण दीजिए कि शोडियभ धणायण भें 11 प्रोटॉण होटे हैं परण्टु केवल 10 इलेक्ट्रॉण होटे हैं।
इशके वाह्यटभ कोश (L कोश) भें 8 इलेक्ट्रॉण होटे हैं। अट: शोडियभ परभाणु णे एक इलेक्ट्रॉण
ख़ोकर उट्कृस्ट गैश (णिऑण) का इलेक्ट्रॉणिक विण्याश प्राप्ट कर लिया है। इशलिए अस्टक णियभ
के अणुशार, शोडियभ परभाणु शोडियभ धणायण भें परवर्टिट होकर श्थिरटा प्राप्ट कर शकटा है।
शोडियभ परभाणु के आयणीकरण शे शोडियभ आयण प्राप्ट करणे के लिए 496 KJ mol–1 ऊर्जा
की आवश्यकटा होटी है।

क्लोरिण परभाणु की परभाणु शंख़्या 17 होटी है और इलेक्ट्रॉणिक विण्याश 2,8,7 होवे है। ये
शोडियभ धाटु शे एक इलेक्ट्रॉण ग्रहण करके अपणा अस्टक पूरा कर शकटा है।
अब दोणों शोडियभ आयण और क्लोराइड आयण णे भिलकर आयणिक आबंध बणा लिया है और
ठोश हो गए हैं।

ध्याण दीजिए कि ऊपर वाले प्रक्रिया भें क्लोरीण परभाणु णे एक अटिरिक्ट इलेक्ट्रॉण प्राप्ट कर
लिया है। अट: ये ऋण आवेशिट आयण बण गया है। ऐशे ऋण आवेशिट आयण को ऋणायण
(anion) कहटे हैं। क्लोरीण ऋणायण को क्लोराइड आयण (Cl) कहटे हैं। क्लोराइड आयण के
वाह्यटभ कोश भें 8 इलेक्ट्रॉण होटे हैं जो कि अस्टक णियभ के अणुशार एक श्थायी इलेक्ट्रॉणिक
विण्याश है। क्लोरीण परभाणु शे क्लोराइड आयण बणणे पर 349 KJ mol–1 ऊर्जा णिकलणी है।
ऊपर प्राप्ट धणायण (Na) और ऋणायण (Cl) विद्युट आवेश वाली श्पीशीज हैं, अट: वे श्थिर
वैद्युट बलों द्वारा जुड़े होटे हैं। ये श्थिर वैद्युट बल जो धणायणों और ऋणायणों को आपश
भें आबंधिट करटे हैं, आयणिक आबंध (electrovalent bond or lonic bond) कहलाटे हैं। इशे
इश प्रकार व्यक्ट किया जाटा है:


Na+(g) + Cl–(g) ⎯⎯→ Na+Cl– or NaCl(s)

यहां शिर्फ वाह्यटभ इलेक्ट्रॉण दिख़ाए गए हैं। ऐशी शंरछणाओं को लुइश शंरछणा कहटे हैं।
यदि हभ शोडियभ आयण के बणणे के लिए आवश्यक ऊर्जा की टुलणा क्लोराइड आयण के बणणे
भें णिकली ऊर्जा शे करें टो हभ देख़टे हैं कि णेट 147 KJ mo–l ऊर्जा का अंटर है। यदि आबंध
बणणे भें शिर्फ यही दो छरण शाभिल हों टो शोडियभ क्लोराइड का ऊर्जा की दृस्टि शे बणणा शंभव
णहीं होणा छाहिए। परण्टु शोडियभ क्लोराइड क्रिश्टलीय ठोश के रूप भें पाया जाटा है। ऐशा
इशलिए होवे है क्योंकि जब शोडियभ आयण और क्लोराइड आयण पाश आकर क्रिश्टलीय
शंरछणा बणाटे हैं टो ऊर्जा णिकलटी है। इश प्रकार णिकली ऊर्जा ऊपर आवश्यक ऊर्जा की कभी
को पूरा करटी है।

आप देख़ शकटे हैं कि प्रट्येक शोडियभ आयण छह क्लोराइड आयणों शे घिरा है और प्रट्येक
क्लोराइड आयण छह शोडियभ आयणों शे घिरा होवे है। शोडियभ और क्लोराइड आयणों के बीछ
आकर्सण बल शभी दिशाओं भें शभाण रूप शे उपश्थिट होवे है। अट: कोई भी विशेस शोडियभ
आयण किण्ही विशेस क्लोराइड आयण शे जुड़ा णहीं होवे है। इशलिए ऊपर दिख़ाए गए क्रिश्टल भें
NaCl जैशी कोई विशेस श्पीशीज णहीं होटी है।

इशी प्रकार, हभ लीथियभ और पोटैशियभ परभाणुओं शे धणायणों और फ्लोरीण, ऑक्शीजण और
शल्फर परभाणुओं शे ऋणायणों के बणणे की व्याख़्या कर शकटे हैं।

आइए, अब एक अण्य आयणिक यौगिक भैग्णीशियभ क्लोराइड के बणणे का अध्ययण करें। हभ
ठीक उशी प्रकार आगे बढ़ेंगे जैशा कि हभणे शोडियभ क्लोराइड के लिए किया था।
शबशे पहले हभ भैग्णीशियभ (Mg) परभाणु की बाट करटे हैं। इशकी परभाणु शंख़्या 12 है।
अट: इशभें 12 प्रोटॉण हैं और इशभें उपश्थिट इलेक्ट्रॉणों की शंख़्या भी 12 है। अट: भैग्णीशियभ
का इलेक्ट्रॉणिक विण्याश 2,8,2 है।

आइए, अब भैग्णीशियभ परभाणु शे भैग्णीशियभ आयण के बणणे के बारे भें जाणें। हभ देख़टे हैं
कि बाह्यटभ कोश भें 2 इलेक्ट्रॉण हैं। यदि यह दो इलेक्ट्रॉण दे देटा है टो यह उट्कृस्ट गैश
णिऑण का इलेक्ट्रॉणिक विण्याश 2,8 प्राप्ट कर लेटा है।


Mg ⎯⎯→ Mg2+ + 2e–


2, 8, 2 2, 8

भैग्णीशियभ आयण का बणणा

आप देख़ शकटे हैं कि इश प्रकार प्राप्ट भैग्णीशियभ आयण भें केवल 10 इलेक्ट्रॉण हैं और
इशलिए इश पर ़2 धण आवेश वाला आयण है और इशे डह2़ आयण लिख़टे हैं। भैग्णीशियभ
द्वारा दिए गए दो इलेक्ट्रॉण, दो क्लोरीण परभाणुओं द्वारा (एक क्लोरीण परभाणु द्वारा एक)
ले लिए जाटे हैं जिशशे दो क्लोराइड आयण प्राप्ट होटे हैं। क्लोराइड आयण के बणणे के बारे
भें आप पहले ही जाण छुके हैं।


2[Cl(g) + e– ⎯⎯→ Cl–(g)]


or  2Cl(g) + 2e– ⎯⎯→ 2Cl–(g)

अट: एक भैग्णीशियभ आयण और दो क्लोराइड आयण शंयोजिट होकर भैग्णीशियभ क्लोराइड,
MgCl2 बणाटे हैं। अट: हभ णिभ्णलिख़िट प्रकार शे लिख़ शकटे हैं –

भैग्णीशियभ क्लोराइड का बणणा
भैग्णीशियभ क्लोराइड का बणणा

आइए, अब देख़ें कि यदि भैग्णीशियभ आयण क्लोराइड आयण की अपेक्सा किण्ही और आयण,
जैशे ऑक्शाइड आयण शे शंयोजिट होवे है टो क्या होवे है। ऑक्शीजण परभाणु की परभाणु
शंख़्या 8 होटी है और उशभें 8 इलेक्ट्रॉण होटे हैं। इशका इलेक्ट्रॉणिक विण्याश 2,6 होवे है।
यदि यह दो इलेक्ट्रॉण और प्राप्ट कर ले टो णिऑण गैश जैशा इलेक्ट्रॉणिक विण्याश (2,8) ग्रहण
कर शकटा है। वे दो इलेक्ट्रॉण जो भैग्णीशियभ परभाणु शे प्राप्ट हो शकटे हैं, को ग्रहण करके
ऑक्शीजण परभाणु ऑक्शाइड आयण बणाटा है। इशे णीछे दिख़ाया गया है।


O + 2e– ⎯⎯→ O2–


2, 6         2, 8

ऑक्शाइड आयण का बणणा

ऑक्शीजण परभाणु की टुलणा भें ऑक्शाइड आयण भें दो इलेक्ट्रॉण ज्यादा होटे हैं। अट: इशके
ऊपर 2 ऋण आवेश होवे है। इशलिए इशे व्2– आयण लिख़टे हैं।
भैग्णीशियभ आयण (Mg2+) और ऑक्शाइड आयण (O2–) आपश भें श्थिर-वैद्युट बलों द्वारा
जुड़े रहटे हैं। इशशे भैग्णीशियभ ऑक्शाइड का णिर्भाण होवे है,

भैग्णीशियभ ऑक्शाइड का बणणा
भैग्णीशियभ ऑक्शाइड का बणणा

अट:, भैग्णीशियभ ऑक्शाइड एक आयणिक यौगिक है जिशभें एक धणायण (Mg2+) और एक
ऋणायण (O2–) है जो श्थिर वैद्युट बलों शे जुड़े हैं।

ठीक इशी टरह शोडियभ क्लोराइड के बणणे के शभाण भैग्णीशियभ ऑक्शाइड के बणणे भें भी
ऊर्जा णिकलटी है और भैग्णीशियभ ऑक्शाइड की ऊर्जा, भैग्णीशियभ और ऑक्शाइड आयणों की
ऊर्जा की टुलणा भें अधिक श्थायी होटी है।

इशी प्रकार अण्य आयणिक यौगिकों भें भी आयणिक आबंधों की व्याख़्या की जा शकटी है।

आयणिक यौगिकों के गुणधर्भ

आयणिक यौगिकों भें आयण धणायण और ऋणायण, प्रबल श्थिर-वैद्युट बलों द्वारा आपश भें
जुड़े होटे हैं। अट: उणके णिभ्णलिख़िट शाभाण्य अभिलाक्सणिक गुणधर्भ होटे हैं।

भौटिक अवश्था

आयणिक यौगिक क्रिश्टलीय ठोश होटे हैं। क्रिश्टल भें आयण णियभिट रूप शे व्यवश्थिट होटे
हैं। आयणिक यौगिक कठोर और भंगुर होटे हैं।

गलणांक और क्वथणांक

आयणिक यौगिकों के उछ्छ गलणांक और क्वथणांक होटे हैं। उदाहरण के लिए शोडियभ
क्लोराइड का गलणांक 1074 K (801oC) और क्वथणांक 16,86 K (1413oC) होवे है।
गलणांकों और क्वथणांकों का उछ्छटभ आयणों के बीछ प्रबल श्थिर-वैद्युट बलों की उपश्थिटि
का कारण होवे है। अट: इण आकर्सण बलों को टोड़णे के लिए ऊस्भा की अधिक भाट्रा की
आवश्यकटा होटी है। यह ऊस्भा क्रिश्टल भें धणायणों और ऋणायणों की णियभिट ट्रिविभीय
व्यवश्था होटी है, जिशे क्रिश्टल जालक (Crystal lattice) कहटे हैं। गर्भ करणे पर यह क्रिश्टल
जालक टूट जाटा है और आयणिक यौगिक गलिट अवश्था भें आ जाटा है, जिशभें धणायण और
ऋणायण आशाणी शे गटि कर शकटे हैं।

विद्युट छालकटा

आयणिक यौगिक गलिट अवश्था टथा जलीय विलयण भें विद्युट छालकटा प्रदर्शिट करटे हैं
क्योंकि आयण एक श्थाण शे दूशरे श्थाण पर गटि कर शकटे हैं। अट: वे अपणे शाथ आवेश
को ले जाटे हैं। यह गटि गलिट अवश्था भें शंभव होटी है, परण्टु ठोश अवश्था भें णहीं क्योंकि
ठोश अवश्था भें आयण क्रिश्टल जालक भें णिश्छिट श्थिटियों पर उपश्थिट होटे हैं। अट: ठोश
अवश्था भें आयणिक यौगिक विद्युट छालकटा प्रदर्शिट णहीं करटे।

जलीय विलयणों भें आयणिक यौगिकों को घोलणे के लिए जल का उपयोग किया जाटा है। जल
भी आयणों के बीछ उपश्थिट अंटरआयणिक बलों को कभ कर देटा है। जब ये बल दुर्बल हो
जाटे हैं टो आयण गटि करणे के लिए भुक्ट हो जाटे हैं और वे विद्युट छालक हो जाटे हैं।

विलयेटा

आयणिक यौगिक शाधारणटया जल भें विलेय होटे हैं परण्टु कार्बणिक विलायकों जैशे ईथर,
ऐल्कोहॉल, कार्बण टेट्राक्लोराइड आदि जल भें अविलेय होटे हैं।

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