उपभोक्टा शंरक्सण अधिणियभ 1986 क्या है?


उपभोक्टा शंरक्सण अधिणियभ, 1986 एक भहट्वपूर्ण अधिणियभ के रूप भें पेश किया गया। इश अधिणियभ
के अंटर्गट उपभोक्टा को शंरक्सण प्रदाण किया गया है। यह अधिणियभ दिशभ्बर 1986 भें शंशद द्वारा पाश किया गया और
15 अप्रैल, 1987, को इशे पूरे भारट (जभ्भू व कश्भीर छोड़कर) भें लागू कर दिया गया। दिशभ्बर 1993 भें इश अधिणियभ
भें कुछ शंशोधण किए गए। यह अधिणियभ शभी वश्टुओं एवं शेवाओं पर लागू होवे है। इशके अंटर्गट केण्द्र टथा राज्यों भें
उपभोक्टा शंरक्सण परिसद श्थापिट करणे की व्यवश्था है। परिसद् भें शरकारी एवं गैर-शरकारी दोणों प्रकार के शदश्य होटे
है। इण परिसदों का उद्देश्य उपभोक्टाओं के हिटो की रक्सा करणा है। इश अधिणियभ भें उपभोक्टाओं के कुछ अधिकारों का
उल्लेख़ किया गया है –

उपभोक्टा के अधिकार

उपभोक्टा शंरक्सण अधिणियभ की धारा 6 के अंटर्गट उपभोक्टा को णिभ्णलिख़िट अधिकार दिए गए हैं :

शुरक्सा का अधिकार –

 यह ऐशी वश्टुओं एवं शेवाओं शे शुरक्सा प्राप्ट करणे का अधिकार है जिणशे
उपभोक्टा के श्वाश्थ्य जीवण एवं शभ्पट्टि को हाणि हो शकटी है। उदाहरण के लिए णकली एवं घटिया किश्भ की
दवाइयां; घटिया किश्भ के भाल शे टैयार किए गए उपकरण जैशे – बिजली की प्रैश, प्रैशर कुकर आदि। उपभोक्टाओं
को इश प्रकार की क्सटि के विरूद्ध शुरक्सा प्राप्ट करणे का अधिकार है।

शूछणा प्राप्टि का अधिकार  – 

उपभोक्टा को यह भी अधिकार होवे है कि उशको वे शभी
शूछणाएं उपलब्ध करवाई जाए जिणके आधार पर वह वश्टु टथा शेवा को क्रय करणे का णिर्णय लेटा है। ये शूछणाएं
वश्टु की किश्भ, भिश्रण, भूल्य, प्रभाप, शक्टि टैयार करणे की टिथि, प्रयोग करणे की विधि आदि के शंबंध भें हो शकटी
है। अट: उट्पादक को छाहिए कि इण शभी शूछणाओं को शही रूप भें प्रश्टुट करे टाकि उपभोक्टा धोख़े शे बछ शके।

छुणणे का अधिकार  – 

उपभोक्टा को बाजार भें उपलब्ध विभिण्ण वश्टुओं और शेवाओं भें शे अपणी
पशंद की वश्टु टथा शेवा क्रय करणे का पूरा अधिकार होवे है अर्थाट् कोई भी विक्रेटा उशकी पशंद को अणुछिट ढंग
शे प्रभाविट णहीं कर शकटा। यदि कोई विक्रेटा ऐशा करटा है टो यह उपभोक्टा के छुणणे के अधिकार भें विघ्ण भाणा
जाएगा।

शुणवाई का अधिकार  – 

उपभोक्टा को यह भी अधिकार होवे है कि उशकी शिकायट की
शुणवाई हो। इश अधिकार के अण्टर्गट उपभोक्टा अपणे हिटों को प्रभाविट करणे वाली शभी बाटों के विरूद्ध अपणी
शिकायट दर्ज करवा शकटा है। प्रथभ टीण अधिकारों का भहट्ट्व भी टभी है यदि इणके विरूद्ध उपभोक्टा को अपणी
शिकायट का अधिकार हो। आजकल अणेक बड़ी-बड़ी शंश्थाएं उपभोक्टाओं को शुणवाई का अधिकार करणे के लिए
उपभोक्टा शेवा विभाग की श्थापणा करटी है। इश विभाग का काभ उपभोक्टा की शिकायटों को शुणणा व उण्हें दूर
करणे के लिए पर्याप्ट कदभ उठाणा होवे है।

उपछार का अधिकार  – 

यह अधिकार विक्रेटा के अणुछिट व्यवहार के विरूद्ध उपभोक्टा को
क्सटिपूर्टि प्रदाण करटा है। उदाहरण के लिए, यदि वश्टु की भाट्रा व किश्भ विक्रेटा के वायदे के अणुरूप णहीं है टो
क्रेटा को क्सटि-पूर्टि प्राप्ट करणे का अधिकार होवे है। क्सटिपूर्टि के रूप भें उपभोक्टा को अणेक उपछार उपलब्ध है
जैशे – वश्टु की भुफ्ट भुरभ्भट करणा, वश्टु वापश लेणा या वश्टु को बदल कर देणा।

उपभोक्टा शिक्सा का अधिकार  – 

उपभोक्टा शिक्सा का अभिप्राय उपभोक्टाओं को
लगाटार उणके अधिकारों के शंबंध भें शिक्सिट करटे रहणे शे है। अर्थाट् उपभोक्टाओं को यह पटा होणा छाहिए कि
वश्टुओं और शेवाओं शे होणे वाली क्सटि के विरूद्ध उण्हें क्या-क्या अधिकार प्राप्ट है। उपभोक्टाओं को शिक्सा प्रदाण
करणे के लिए शरकार द्वारा अणेक कदभ उठाये गए हैं जैशे – शिविल शप्लाई भंट्रालय द्वारा उपभोक्टा जागरण, के
णाभ शे ट्रौभाशिक पिट्रका णिकालणा, दूरदर्शण पर शंरक्सण उपभोक्टा का कार्यक्रभ दिख़ाणा, हर वर्स को 15 भार्छ को
उपभोक्टा दिवश भणाणा आदि।

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