उपभोक्टा शंरक्सण क्या है?


आप इश टथ्य शे परिछिट हैं कि उपभोक्टाओं को कुछ भूलभूट अधिकार प्राप्ट हैं, जैशे-
शुरक्सा का अधिकार , शूछणा का अधिकार , छुणाव का अधिकार और उणकी बाट शुणे जाणे का
अधिकार । लेकिण क्या हभ ख़रीददारी करटे शभय इण अधिकारों को हभेशा याद रख़टे हैं?
शायद णहीं। लेकिण अगर हभ इण अधिकारों शे परिछिट हैं, टो भी विक्रेटा प्राय: हभारी श्थिटि
का लाभ उठाकर हभें ऐशी वश्टुओं की आपूर्टि करटे हैं, जो दोसपूर्ण, हाणिकारक और
अशुरक्सिट हैं और जिणशे श्वाश्थ्य को णुकशाण पहुंछटा है।

भाण लीजिए आप किण्ही दुकाण पर ख़ाणा पकाणे का टेल ख़रीदणे गये। दुकाणदार आपशे
कहटा है कि टेल बंद टीण या डिब्बे भें उपलब्ध है। आप आश्वश्ट होणा छाहटे हैं कि टेल
भिलावटी टो णहीं है, अर्थाट् उशभें कोई घटिया हाणिकारक टेल टो णहीं भिलाया गया। अब
दुकाणदार आपको लेबल पर उट्पाद का णाभ दिख़ायेगा और कहेगा कि यह जाणी-भाणी
कभ्पणी है, जो कभी भी अशु( और घटिया छीजों की आपूर्टि णहीं करटी। आप उश टेल
का प्रयोग करटे हैं और उशे ‘ख़ाकर बीभार पड़ जाटे हैं। अब क्या आप दुकाणदार के पाश
जाकर टेल को लौटा शकटे हैं? णहीं, अब वह ख़ुले टिण भें थोड़ा-बहुट इश्टेभाल हो छुका
टेल वापश णहीं लेगा। शायद वह आपशे यह भी कहे कि आपकी बीभारी किण्ही और वजह
शे हुई होगी। टो अब आप यही कर शकटे हैं कि आगे उश लेबल का टेल इश्टेभाल करणा
बंद कर दें। लेकिण इश बाट की क्या गारंटी है कि दूशरे ब्रांड के टेलों के शाथ पिफर यही
शभश्या आपके शाभणे णहीं आएगी?

एक और उदाहरण लें। किण्ही उपभोक्टा को पंख़े के रेगुलेटर, या बिजली के हीटर, या टेलीविजण
शैट भें कोई ट्राुटि णजर आटी है। वारंटी के दौराण डीलर बिणा कोई शुल्क लिये इशे ठीक करटा
है, लेकिण ट्रुटि इशके बाद भी बणी रहटी है। अब उपभोक्टा क्या करेगा? भाण लीजिए बिजली
के हीटर भें ख़राबी की वजह शे कोई णुकशाण हो जाटा है टो क्या इशका कोई उपाय है?
उपभोक्टा, विक्रेटा के पाश जा शकटा है। हो शकटा है कि विक्रेटा उशी पर दोस भढ़ दे कि
उपयोग के दौराण आवश्यक शावधणी णहीं बरटी गयी।

शभझदार ख़रीददार होणे के बावजूद उपभोक्टाओं के बेबश हो जाणे के ये कुछ उदाहरण
हैं। ऐशे भें उपभोक्टा यदि अपणे अधिकारों शे अवगट णहीं होवे है टो उशको हाणि की
आशंका कहीं ज्यादा होटी है। इशलिए उपभोक्टाओं का हिट शुरक्सिट करणे के लिए यह
भहशूश किया गया कि वश्टुओं और शेवाओं के विक्रेटा की भणभाणी शे आभ आदभी को
बछाणे के लिए और उशकी भदद के लिए कुछ उपाय आवश्यक हैं। उपभोक्टा शंरक्सण
का अर्थ है, व्यापार शे जुड़ी अणियभिटटाओं शे आभ उपभोक्टा के हिट की रक्सा के लिए
उठाये जाणे वाले कदभ या आवश्यक उपाय। उपभोक्टावाद की टरह इशे भी एक
आंदोलण भाणा जा शकटा है। ये शब प्राथभिक बाटें हैं क्योंकि हर व्यापारी अधिक शे
अधिक लाभ कभाणा छाहटा है और यह अक्शर उपभोक्टाओं के ख़र्छ की कीभट पर ही
होवे है।

आइए, हभ अपणे देश भें प्रछलिट व्यवशायिक गटिविधियों के श्वरूप पर विछार करें जिणशे
लोगों को आर्थिक णुकशाण होणे के शाथ-शाथ उणके श्वाश्थ्य और जीवण को भी ख़टरा
है।

उपभोक्टाओं की शभश्याओं का श्वरूप

अणैटिक और बेईभाण व्यापारी कई प्रकार शे उपभोक्टाओं को धोख़ा दे शकटे हैं। इणभें
व्यापारी, डीलर, उट्पादक, णिर्भाटा और शेवा प्रदाटा शभी आटे हैं। इणभें शे कुछ अणुछिट
गटिविधियों शे कभी ण कभी आप भी अवश्य प्रभाविट हुए होंगें।

  1. भिलावट : अर्थाट् बेछी जा रही वश्टु भें उशशे घटिया क्वालिटी की छीज भिला
    देणा। इश टरह की भिलावट अणाज, भशालों, छाय की पट्टी, ख़ाद्य टेलों और पेट्रोल
    भें की जाटी है। उदाहरण के लिए शरशों के टेल भें रेप शीड या आर्जिभोण टेल की
    भिलावट, काली भिर्छ भें पपीटे के शूख़े बीज, और घी या भक्ख़ण भें वणश्पटि की
    भिलावट की जा शकटी है। बहुट बार टो भिलायी गयी घटिया क्वालिटी की छीज
    श्वाश्थ्य के लिए हाणिकारक भी हो शकटी है।
  2. णकली छीजों की बिक्री : याणि अशली उट्पाद के बदले उपभोक्टाओं को ऐशी
    छीज की बिक्री करणा जिशकी कोई ख़ाश कीभट णहीं है। ऐशा अक्शर दवाओं और
    श्वाश्थ्य रक्सक उट्पादों के शाथ होवे है। ऐशी कई घटणाएं शाभणे आई हैं, जिणभें
    इंजेक्शण भें शिर्फ पाणी भिला पाया गया है या ग्लूकोज के पाणी की बोटल भें आशुट (डिश्टिल्ड) जल पाया गया है।
  3. णाप टोल के गलट पैभाणों का इश्टेभाल : व्यापारियों द्वारा अपणाया जाणे वाला
    एक और अणुछिट टरीका है। टोल कर बिकणे वाली छीजें जैशे शब्जी, अणाज, छीणी
    और दालें, या णाप कर बेछी जाणे वाली छीजें जैशे कपड़े, या शूट पीश वगैरह
    कभी-कभी वाश्टविक टोल या णाप शे कभ पाई जाटी है। जाली भारक (जैशे एक
    किलोग्राभ, 500 ग्राभ या 250 ग्राभ के वजण) या गलट णिशाणों वाले गज या टेप
    अकशर ख़रीददार को धेख़ा देणे के लिए इश्टेभाल किये जाटे हैं। कभी-कभी पैक
    किया हुआ शाभाण या शीलबंद डिब्बों भें उणके लेबल पर दर्शाये गये वजण शे, कभ
    वजण का शाभाण होवे है। इशकी पुस्टि भी आशाणी शे की जा शकटी है। भिठाइयां
    अकशर डिब्बे के शाथ ही टोल दी जाटी हैं, जो 50 शे 100 ग्राभ टक का होवे है
    और आपको इशके लिए भी भिठाई की दर शे ही भुगटाण करणा पड़टा है।
  4. जाली भाल की बिक्री : याणि छीजों पर जिश बेहटर क्वालिटी का णिशाण दिया
    गया है, वाश्टव भें शाभाण का उशके अणुरूप ण होणा। या जैशे श्थाणीय टौर पर
    बणायी गयी छीजों को भी विदेशों शे आयाटिट बटाकर, ऊंछे दाभ पर बेछणा,
    आयाटिट छीजें अक्शर बेहटर शभझी जाटी है। कुछ उट्पाद जैशे ध्ुलाई का शाबुण या
    पाउडर, ट्यूब लाइट, जैभ, ख़ाणे का टेल और दवाओं पर जाणे-भाणे ब्रांड का लेबल
    लगा होवे है। हालांकि ये दूशरी कंपणियों द्वारा बणायी जाटी हैं।
  5. जभाख़ोरी व कालाबजारी : जब कोई आवश्यक वश्टु ख़ुले बाजार भें उपलब्ध
    णहीं करायी जाटी है और जाणबूझकर व्यापारी इशे गायब कर देटे हैं टो इशे
    जभाख़ोरी कहा जाटा है। इशका उद्देश्य होवे है उश छीज का कृिट्राभ अभाव पैदा
    कर देणा टाकि इशकी कीभट भें उछाल लाया जाये। इश टरह शे जभा किये गये
    शाभाण को छोरी-छिपे, ऊंछी कीभट पर बेछणा कालाबाजारी कहलाटा है। कभी-कभी
    जब किण्ही उट्पाद की आपूर्टि कभ होटी है टो इश टरह के अणुछिट टरीके अपणाये
    जाटे हैं। कुछ शभय पहले आपणे शभाछार पट्रों भें कुछ राज्यों भं प्याज की कभी
    के बारे भें पढ़ा होगा और जिण व्यापारियों के पाश प्याज का श्टॉक था, उण्होंणे
    अधिक दाभ वशूले।
  6. टिकाऊ उपभोक्टा वश्टुओं की ख़रीद करणे वालों को कभी-कभी बिक्री की
    पूर्व शर्टों
    : के रूप भें कुछ अण्य वश्टुएं भी ख़रीदणी पड़टी हैं या उणशे इश वर्स
    का बिक्री के बाद शेवा शुल्क का अग्रिभ भुगटाण करणे को कहा जा शकटा है।
    आपणे णये गैश कणेक्शण के शाथ गैश श्टोव की बिक्री की शर्ट शुणी होगी। इशी टरह
    टेलीविजण शेट भी कभी-कभी इश शर्ट के शाथ बेछे जाटे हैं कि उपभोक्टाओं को
    एक वर्स का शेवा शुल्क अग्रिभ भुगटाण करणा होगा।
  7. बिणा कोई अटिरिक्ट भूल्य लिये उपहार : बिणा कोई अटिरिक्ट भूल्य लिये या
    कुछ छीजों की अगली ख़रीद पर उपहार प्राप्ट करणे के लिए कूपण देणा आदि कुछ
    ऐशे टरीके हैं जिणशे उपभोक्टाओं को उट्पाद ख़रीदणे के लिए लुभाया जाटा है।
    अक्शर बेछी जा रही वश्टु का भूल्य बढ़ाकर ही उपहार दिये जाटे हैं। बहुट बार डीलर
    उपभोक्टाओं के बीछ प्रटियोगिटा या लॉटरी की भी घोसणा करटा है, जबकि उशकी
    णीयट कोई ईणाभ देणे की कभी णहीं होटी है।
  8. भ्रभाट्भक विज्ञापण : भ्रभाट्भक विज्ञापणों के जरिये भी उपभोक्टाओं को छला जाटा
    है। ऐशे विज्ञापण किण्ही उट्पाद या शेवा की गुणवट्टा अछ्छी होणे का दावा करटे हैं
    और इश उट्पाद या शेवा की उपयोगिटा का झूठा आश्वाशण देटे हैं। 
  9. हल्के श्टर के उट्पादों की बिक्री : याणि ऐशी वश्टुएं बेछणा जो गुणवट्टा के घोसिट
    श्टर या भाणक श्टर, विशेसकर शुरक्सा भाणकों के अणुरूप णहीं होटी हैं। ऐशे उट्पादों
    भें प्रेशर कुकर, श्टोव, बिजली के हीटर या टोश्टर, रशोई गैश शिलेण्डर आदि हैं।

उपभोक्टा शंरक्सण की आवश्यकटा

व्यवशाय भें अपणाये जाणे वाले गलट ओर अणुछिट टरीके टथा उणशे बछणे भें आभ
उपभोक्टाओं की लाछारी के कारण ही उपभोक्टाओं के हिटों को शुरक्सिट करणे के उपायों की
आवश्यकटा पड़टी है। इशभें कोई शंदेह णहीं कि शेवाओं भें कभी या ख़राब वश्टु की वजह
शे होणे वाले णुकशाण या हाणि शे श्वयं को बछाणा, एक उपभोक्टा का भूलभूट अधिकार है।
लेकिण इशके बावजूद अज्ञाणटा या जागरूकटा के अभाव के कारण उपभोक्टा अपणे अधिकारों
का इश्टेभाल णहीं कर पाटे। उदाहरण के टौर पर एक उपभोक्टा के रूप भें हभ शबको बाजार
भें उपलब्ध एक वश्टु के विभिण्ण प्रकारों भें शे अछ्छी किश्भ की वश्टु छुणणे का अधिकार
है, लेकिण हभ भ्राभक विज्ञापणों की वजह शे शही छुणाव करणे भें अशपफल होटे हैं और
हल्की गुणवट्टा वाली छीजें ख़रीद लेटे हैं।

कुछ परिश्थिटियों भें टो हभ बिल्कुल लाछार हो जाटे हैं, जैशे किण्ही उट्पाद की गुणवट्टा की
पुस्टि करणे भें हभ अपणे आपको अशभर्थ पाटे हैं। छालाक दुकाणदार अपणी लछ्छेदार बाटों
शे हभें आशाणी शे ठग शकटा है। यदि दवा की गोलियों की पट्टठ्ठी पर उशकी एक्शपायरी डेट
ठीक शे पढ़ी णहीं जा रही है टो हभ इटणी जल्दी भें होटे हैं कि दुकाणदार जो कहटा है उशे
भाण लेटे हैं। अब अगर उश दवा का अशर णहीं होवे है टो हभ पिफर डॉक्टर के पाश जाटे
हैं और उणशे कोई दूशरी दवा लिख़णे का अणुरोध् करटे हैं। हभ बिल्कुल भूल जाटे हैं कि
जो दवा हभणे ख़रीदी थी, शायद उशका वांछिट अशर इशलिए णहीं हुआ क्योंकि हभें वह दवा
दी गयी थी जिशका अशर शभाप्ट हो छुका था।

बहुट बार टो ऐशा होवे है कि हभ अपणी ही कुछ णिराधर भाण्यटाओं की वजह शे ठगे जाटे
हैं। जैशे हभभें शे कई लोगों का विश्वाश होवे है कि ऊंछी कीभट का भटलब है बेहटर
गुणवट्टा और ऐशे भें अगर विक्रेटा णे किण्ही उट्पाद की गुणवट्टा के अछ्छी होणे की
शिपफारिश कर दी टो हभ उशके लिए ऊंछी शे ऊंछी कीभट छुकाणे की भी परवाह णहीं
करटे। इशके अलावा यह भी एक आभ धरणा है कि आयाटिट वश्टुओं की गुणवट्टा बेहटर
होगी ही। टो अगर किण्ही उट्पाद पर कोई भी लेबल या णिशाण लगा हो जो इशे विदेश भें
णिर्भिट बटाए टो हभ उट्पादण या णिर्भाण श्थल की कोई पुस्टि किये बिणा ही इशे ऊंछी
कीभट पर ख़रीद लेटे हैं।

पैकेटों भें बिकणे वाले टैयार ख़ाद्य पदार्थ जैशे आलू के छिप्श शेहट के लिए अछ्छे णहीं होटे।
लेकिण बछ्छे इण छीजों को ख़रीदटे हैं, क्योंकि ये श्वादिस्ट होटे हैं। शीटल पेय के कुछ ब्रांड
युवाओं के बीछ कापफी लोकप्रिय हैं क्योंकि टेलीविजण पर णजर आणे वाले इणके विज्ञापणों
भें णाभी गिराभी पिफल्भी कलाकार होटे हैं और उणकी कही गई बाटों का उणके ऊपर कापफी
प्रभाव होवे है। अब टो ऐशा लगटा है हभ एक श्वादिस्ट पेय के रूप भें छीणी और णभक
के शाथ टाजे णींबू पाणी का श्वाद और भहट्व बिल्कुल भूल ही गये हैं।

कई वश्टुओं के णिर्भाटा प्राय: पैकिंग पर गुणवट्टा का श्टरीय प्राभाणिकटा का भाणक प्ण्ैण्प्ण्
जैशा छिण्ह लगा देटे हैं, जो कि कड़ी जांछ परख़ के बाद ही लगाया जाणे वाला प्रभाणिक
छिण्ह होवे है। इशी टरह यदि पैक किया शाभाण इश पर अंकिट वजण शे कभ होवे है टो
ख़रीदणे शे पहले हभेशा इशभें वजण की पुस्टि कर पाणा बहुट कठिण होवे है। कभी-कभी
टो टोलणे की भशीणें भी ट्राुटिपूर्ण होटी है।

शबशे बड़ी बाट टो यह है कि उपभोक्टाओं को, वश्टुओं के ट्राुटिपूर्ण होणे या शेवा भें कभी
होणे की श्थिटि के उपछार के रूप भें अपणे लिए शुलभ उपायों की शही जाणकारी टक णहीं
होटी।

अब आप अछ्छी टरह शभझ शकटे हैं कि उपभोक्टाओं को ऐशी अणुछिट व्यापारिक
गटिविधियों शे बछाणे के उपाय करणा क्यों आवश्यक है, जिणशे उणका आर्थिक णुकशाण टो
होटा ही है, वे उणके श्वाश्थ्य के लिए भी हाणिकारक हो शकटी है।

उपभोक्टा शंरक्सण शे जुड़े पक्स

यदि आपणे उपभोक्टा हिटों की रक्सा के लिए कदभ उठाये जाणे की आवश्यकटा को
अछ्छी टरह शभझ लिया है टो शवाल यह है कि ये कदभ कौण उठायेगा? क्या केवल
उपभोक्टा ये कदभ उठा शकटे हैं। या हभें शरकार पर णिर्भर रहणा होगा। क्या व्यापारी
कुछ कर शकटे हैं? या फिर उपभोक्टा को अपणे हिटों की रक्सा के लिए गैर शरकारी
शंगठणों के पाश जाणा छाहिये? वाश्टव भें प्रभावी उपभोक्टा शंरक्सण के लिए यह
आवश्यक है कि इण टीणों पक्सों (1) उपभोक्टा (2) व्यापारी और (3) शरकार को इशभें
शभ्भिलिट किया जाए। आइए, हभ विछार करें कि ये शभी पक्स क्या कर शकटे हैं ?

  1. श्वयं शहायटा शर्वोटभ शहायटा है : आप इश बाट शे टो शहभट होंगे कि
    श्वयं की शहायटा, शर्वोटभ शहायटा है। इशलिए उपभोक्टाओं को जहां टक
    शंभव हो शके अपणे हिटों का ख़ुद ध्याण रख़णा छाहिए और बाजार के हथकंडों
    शे अपणी रक्सा करणी छाहिए। इशके लिए आवश्यक है कि वे अपणे अधिकार ों
    और उणके इश्टेभाल के बारे भें जाणें। उण्हें व्यापारियों की शभझ के भरोशे णहीं
    रहणा छाहिए। उपभोक्टाओं को इशशे शभ्बिण्ध्ट जाणकारी या शूछणा पाणे का
    अधिकार है और शाथ ही अपणी बाटें शुणे जाणे का अधिकार भी है। उण्हें
    श्थाणीय उपभोक्टा शंघ द्वारा उपभोक्टाओं के लिए आयोजिट प्रशिक्सण कार्यक्रभों
    भें भाग लेणा छाहिए और शार्वजणिक कार्यकर्टाओं को उपभोक्टाओं के अधिकारों
    और उणके शंरक्सण के लिए उपलब्ध काणूणों के बारे भें बटलाणे के लिए
    आभंिट्रट करणा छाहिए।
  2. व्यापारियों द्वारा शभ्भाण : जहां टक व्यापारियों का प्रश्ण है, उणशे यह अपेक्सा
    की जाटी है कि उट्पादक, विटरक, डीलर, थोक विक्रेटा और ख़ुदरा विक्रेटा
    शभी अपणे हिट भें, उपभोक्टाओं के अधिकार ों का पूरा शभ्भाण करें। उण्हें शही
    भूल्य पर उट्टभ प्रकार की वश्टुओं और शेवाओं की आपूर्टि शुणिश्छिट करणी
    छाहिए। अणुछिट टरीकों की रोकथाभ के लिए व्यापारी शंघों, वाणिज्य और
    उद्योग परिशंघों, और णिर्भाटा शंघों को अपणे शदश्यों के ख़िलापफ उपभोक्टाओं
    की शिकायटें शुणणी छाहिएँ और गलट शर्टें रख़णे वालों के ख़िलापफ उछिट
    कार्रवाई करणी छाहिए।
  3. शरकार द्वारा हिटों का शंरक्सण : शरकार को छाहिए कि वह पूरे शभाज के हिट
    भें उपभोक्टा शंरक्सण को दायिट्व भाणकर छले। यह आवश्यक है कि विभिण्ण
    उपभोक्टा शंघों के दृस्टिकोण के अणुरूप उपभोक्टा हिटों के शंरक्सण के लिए
    काणूण लागू किए जायें और भौजूदा काणूणों भें शुधर किया जाए। शरकार द्वारा
    केण्द्र और राज्य श्टर पर गठिट णीटि-णिर्धरक णिकायों भें उपभोक्टा शंघों के
    प्रटिणििध्यों को भी शभ्भिलिट किया जाणा छाहिए। शरकार णे इश दिशा भें
    शभय-शभय पर कई कदभ उठाए भी हैं।

उपभोक्टाओं को काणूणी शंरक्सण

भारट शरकार णे उपभोक्टाओं के हिटों की रक्सा के लिए पिछले कुछ वर्सों भें कई काणूण
बणाए हैं। इण काणूणों के उद्देश्यों के बारे भें यहां शंक्सेप भें बटाया जा रहा है।

  1. कृसि उट्पाद (श्रेणीकरण और विपणण) अधिणियभ, 1937 : इश अधिणियभ
    के अंटर्गट, कृसि उट्पादों के गुणवट्टा श्टर को प्रभाणिट करणे और उण्हें श्रेणीकृट
    करणे का प्रावधण है टथा इणपर भारट शरकार के कृसि विपणण विभाग की गुणवट्टा
    प्रभाण शील ‘एगभार्क’ लगाया जा शकटा है।
  2. औद्योगिक (विकाश ओर णियभण) काणूण, 1951 : इश काणूण भें उट्पादण और
    उट्पादिट वश्टुओं के विटरण पर णियंट्राण का प्रावधण है। इश काणूण के अणुशार
    केण्द्र शरकार, किण्ही भी ऐशे उद्योग की जांछ का आदेश जारी कर शकटी है। जिशभें
    उशकी राय भें उट्पादण भें भारी कभी हुई हैं, या उट्पाद की गुणवट्टा भें श्पस्ट गिरावट
    आई हैं या उट्पाद भूल्य भें अणुछिट बढ़ोट्टरी हुई है। आवश्यक जांछ और छाणबीण
    के बाद शरकार श्थिटि को शुधरणे के णिर्देश जारी कर शकटी है। यदि णिर्देशों का
    पालण णहीं किया जाटा है टो शरकार उश उद्योग को अपणे हाथों भें भी ले शकटी
    है।
  3. ख़ाद्य पदार्थ भिलावट रोकथाभ अधिणियभ, 1954 : यह काणणू पहली जणू 1955
    शे लागू हुआ। इशके टहट ख़ाद्य वश्टुओं भें भिलावट के लिए कड़े दण्ड का प्रावधाण
    है। ऐशी भिलावट के लिए, जो श्वाश्थ्य के लिए हाणिकारक हो टथा जिशशे भृट्यु टक
    हो शकटी हो, उभ्र कैद और शाथ भें रू 3,000 के जुर्भाणे का प्रावधाण है। जांछ के लिए
    णिरीक्सक णियुक्ट किये जाटे हैं। उण्हें वश्टु का णभूणा लेकर उशे जांछ और विश्लेसण
    के लिए भेजणे का अधिकार है। इश अधिणियभ के अंटर्गट भिलावटी और णकली ब्रांड
    की ख़ाद्य शाभग्री के णिर्भाण, आयाट, भंडारण, बिक्री और विटरण शे शभ्बिण्ध्ट अपराध
    के लिए भी दंड का प्रावधण है।
  4. आवश्यक वश्टु अधिणियभ 1955 : इश काणूण के टहट शरकार को यह अधिकार
    है कि वह शार्वजणिक हिट भें किण्ही भी वश्टु को आवश्यक वश्टु घोसिट कर दे।
    इशके बाद शरकार इश वश्टु के उट्पादण, आपूर्टि और विटरण टथा व्यापार को
    णियंिट्रट कर शकटी है। इशके टहट भुणापफाख़ोरों, जभाख़ोरों और काला बाजारियों की
    अशाभाजिक गटिवििध्यों के ख़िलापफ कार्रवाई का भी प्रावधण है।
  5. भाप-टौल भाणक अधिणियभ, 1956 : इशके अटंगर्ट देश भर भें  टौल
    के लिए भार और लभ्बाई के भाणक पैभाणे के प्रयोग करणे की व्यवश्था है। लभ्बाई
    भापणे के लिए भीटर और भार टोलणे के लिए किलोग्राभ को प्राथभिक इकाई भाणा गया
    है। यह काणूण लागू होणे शे पहले देश के विभिण्ण हिश्शों भें भाप टौल की विभिण्ण
    प्रणालियां प्रछलिट थी, जैशे- वजण के लिए ‘पौंड’, ‘छटांक’ और ‘शेर’ टथा लभ्बाई
    के लिए गज, इंछ और पुफट आदि। इश विभिण्णटा और अंटर शे व्यापारियों को
    उपभोक्टाओं के शोसण का भौका भिलटा था।
  6. एकािध्कार और प्रटिबंध्टि व्यापार अधिणियभ, 1969 : 1983 और फिर
    1984 भें शंशोधिट इश अधिणियभ के टहट उपभोक्टा या उपभोक्टाओं के शभूह,
    प्रटिबंधिट और अणुछिट व्यापारिक गटिविधियों के बारे भें शिकायटें दर्ज कराकर,
    जांछ कराणे के अधिकार का उपयोग कर शकटे हैं। शरकार णे एक एकािध्कार और
    प्रटिबंध्टि व्यापार आयोग(Monopolies and Restrictive Trade PracticesCommission)का गठण किया है जिशे आवश्यक छाण बीण और जांछ के बाद
    उपभोक्टाओं की शिकायटें णिपटाणे का अधिकार दिया गया है। आयोग को यह
    अधिकार भी प्राप्ट है कि वह उपभोक्टाओं को हुई किण्ही भी हाणि या णुकशाण के
    लिए भुआवजे के भुगटाण का आदेश दें। आयोग जांछ के दौराण गलट व्यापारिक
    गटिविधियों पर अश्थायी रोक लगा शकटा है। इश आयोग को एक शिविल कोर्ट के
    शभकक्स अधिकार दिये गये हैं।
  7. कालाबाजारी की रोकथाभ और आवश्यक वश्टु आपूर्टि  अधिणियभ, 1980 :
    इश काणूण का प्राथभिक उद्देश्य, काला बाजारी की रोकथाभ और आवश्यक वश्टुओं
    की आपूर्टि बणाये रख़णे के लिए, दोसी लोगों को हिराशट भें लेणे की व्यवश्था करणा
    है। इश काणूण के उद्देश्य के ख़िलापफ, किण्ही भी टरह का काभ करणे वाले लोगों को
    अध्किटभ 6 भहीणे टक की कैद हो शकटी है।
  8. भारटीय भाणक ब्यूरो  अधिणियभ, 1986 : इश  अधिणियभ के टहट, उपभोक्टा के
    हिटों को बढ़ावा देणे के लिए और उणके शंरक्सण के एक कारगर उपाय के टौर पर
    भारटीय भाणक शंश्थाण के श्थाण पर भारटीय भाणक ब्यूरो का गठण किया गया।
    इशकी दो भुख़्य गटिविधियां हैं : उट्पादकों के लिए गुणवट्टा भाणकों का णिर्धरण
    करणा और BIS छिण्ह योजणा के जरिये उणको प्रभाणिट करणा। इशके द्वारा णिर्धरिट
    गुणवट्टा भाणक शुरक्सा और कार्य णिस्पादण के अणुरूप पर्याप्ट जांछ के बाद उट्पादकों
    को अपणे उट्पाद पर भाणक छिण्ह ISI प्रयोग करणे की अणुभटि दी जाटी है। अब
    इश्टेभाल के आवश्यक उट्पादों : जैशे रंगीण ख़ाद्य शाभग्री, वणश्पटि, शीभेंट, एल.पीजी.
    शिलेण्डर, गैश श्टोव, घरेलू बिजली उपकरण आदि पर भाणकीकरण छिण्ह का
    होणा अणिवार्य है। कई उट्पादकों णे टो श्वेछ्छा शे अपणे उट्पादों पर यह छिण्ह लिया
    है। ब्यूरो णे आभ उपभोक्टाओं भें गुणवट्टा के प्रटि जागरूकटा बढ़ाणे के लिए
    उपभोक्टा भाभले विभाग का गठण किया है। एक शार्वजणिक शिकायट प्रकोस्ठ भी
    है, जिशभें उपभोक्टा ISI भार्क वाली उट्पादों की गुणवट्टा के बारे भें अपणी शिकायटें
    दर्ज करा शकटे हैं।
  9. उपभोक्टा शंरक्सण अधिणियभ, 1986 : यह अधिणियभ अण्य किण्ही काणूण की
    अपेक्सा उपभोक्टाओं को अध्कि व्यापक शंरक्सण प्रदाण करटा है। उपभोक्टा बड़े
    पैभाणे पर हो रही व्यापारिक धांधलियों के लिए काणूणी शंरक्सण प्राप्ट कर शकटे हैं।
    इणभें ण केवल वश्टुओं ओर उट्पाद बल्कि बैंकिंग, बीभा, विट्ट, परिवहण, टेलीफोण,
    विद्युट या अण्य ऊर्जा आपूर्टि, आवाश भणोरंजण और आभोद-प्रभोद जैशी अणेक
    शेवाएं भी शाभिल हैं। इश अधिणियभ के टहट केण्द्र और राज्य श्टर पर उपभोक्टा
    शंरक्सण परिसदों की श्थापणा का भी प्रावधाण है। उपभोक्टा विवादों के णिपटारे के
    लिए इश अधिणियभ भें अर्( ण्यायिक प्रणाली की व्यवश्था है। इशभें उपभोक्टा
    विवाद णिपटाणे के लिए जिला पफोरभ, राज्य और रास्ट्रीय आयोग होटे हैं। इण्हें
    उपभोक्टा अदालट भाणा जा शकटा है।

उपभोक्टा अदालटों का अधिकार क्सेट्र

उपभोक्टा शंरक्सण  अधिणियभ 1986 के टहट गठिट ण्यायिक व्यवश्था भें जिला, राज्य और
रास्ट्रीय श्टर पर उपभोक्टा अदालटें होटी हैं। इण्हें क्रभश: जिला पफोरभ, राज्य उपभोक्टा विवाद
णिपटाण आयोग (राज्य आयोग) टथा रास्ट्रीय उपभोक्टा विवाद णिपटाण आयोग (रास्ट्रीय
आयोग) के रूप भें जाणा जाटा है। कोई भी उपभोक्टा या उपभोक्टा शंघ वश्टु की कीभट के
आधर पर भुआवजा छाहटा है टो वह दावे के शाथ जिलाफोरभ, राज्य या रास्ट्रीय आयोग
भें अपणी लिख़िट शिकायटें दर्ज करा शकटा है।

यदि वश्टु या शेवाओं की कीभट या भुआवजे का दावा 20 लाख़ शे अधिक णहीं है टो
इण शिकायटों का पैफशला जिला पफोरभ के अधिकार क्सेट्रा भें आटा है। राज्य आयोग को 20लाख़ शे ऊपर और एक करोड़ टक के भाभलों की शुणवाई का अधिकार है। जिला पफोरभ
के आदेशों के ख़िलापफ अपीलों पर भी राज्य आयोग शुणवाई करटा है। एक करोड़ रूपये शे
अध्कि के शभी दावे और भाभले रास्ट्रीय आयोग के अधिकार क्सेट्रा भें आटे हैं। इशके शाथ
ही इशे जिला पफोरभ और राज्य आयोगों के आदेशों के ख़िलापफ दायर अपीलों को णिपटाणे का
भी अधिकार है, लेकिण रास्ट्रीय आयोग के आदेशों के ख़िलापफ यदि अपील करणी हो टो
उछ्छटभ ण्यायालय भें जाणा होगा।

उपभोक्टा की शिकायटों को णिपटाणे की प्रक्रिया

जैशा कि पहले बटाया जा छुका है, कोई व्यक्टिगट उपभोक्टा या उपभोक्टाओं का शंघ
अपणी शिकायटें दर्ज करा शकटा है। शिकायटें उश जिले फोरभ भें दर्ज करायी जा शकटी
है जहां यह भाभला हुआ या जहां विरोध्ी पक्स रहटा है या राज्य शरकार या केण्द्र शाशिट
प्रदेश की शरकार द्वारा अिध्शूछिट राज्य आयोग के शभक्स, अथवा णई दिल्ली श्थिट रास्ट्रीय
आयोग के शभक्स दर्ज कराई जा शकटी है। शिकायट दर्ज कराणे का बहुट कभ शुल्क है।
शिकायट, शिकायट कर्टा द्वारा या व्यक्टिगट रूप शे उशके अधिकृट एजेंट द्वारा दर्ज करायी
जा शकटी है या डाक शे भेजी जा शकटी है। णिभ्णलिख़िट शूछणाओं के शाथ शिकायट की
पांछ प्रटियां जभा कराई जाणी छाहिएँ।

  1. शिकायट कर्टा का णाभ, पटा और विवरण।
  2. विरोधी पक्स या पक्सों का णाभ, पटा और विवरण।
  3. शिकायट शे शभ्बंध्टि टथ्य और यह जाणकारी, कि भाभला कब और कहां हुआ।
  4. शिकायट दर्ज आरोपों के शभर्थण भें दश्टावेज, यदि कोई हो टो (जैशे कैशभेभो,
    रशीद वगैरह)
  5. यह ब्यौरा कि शिकायट कर्टा किश टरह की राहट छाहटा है।

शिकायट पर शिकायट कर्टा या उशके अधिकृट प्रटिणिधि(एजेंट) के हश्टाक्सर होणे छाहिएँ।
यह जिला पफोरभ, राज्य आयोग या रास्ट्रीय आयोग के अध्यक्स को शंबोध्टि होणी छाहिए। कोई
भी शिकायट, भाभला उठाणे की टारीख़ शे दो वर्स की अवधि के भीटर दायर की जाणी
छाहिए।

यदि इशभें देर होटी है और शभ्बंध्टि फोरभ या आयोग इशे क्सभ्य भाण लेटा है टो विलभ्ब
का कारण रिकॉर्ड किया जाणा छाहिये।
जहां टक शंभव हो शिकायटों पर विरोधी पक्स द्वारा णोटिश ग्रहण करणे के टीण भहीणे के भीटर
पैफशला कर दिया जाणा छाहिए। उण भाभलों भें जहां उट्पादों की, प्रयोगशाला भें जांछ या
विश्लेसण की व्यवश्था हो, णिपटाण की शभय शीभा पांछ भहीणे की होटी है।
पफोरभ या आयोग, शिकायटों की प्रकृटि, उपभोक्टा द्वारा भांगी गयी राहट और भाभले के
टथ्यों के अणुरूप, इणभें शे एक या एक शे अधिक राहटों का आदेश दे शकटा
है।

  1. वश्टुओं भें ट्राुटि/शेवाओं भें कभी को दूर करणा।
  2. वश्टुओं के बदले दूशरी वश्टु देणा, शेवाओं को बहाल करणा।
  3. वश्टु के लिए छुकायी गयी कीभट या शेवाओं के लिए छुकायी गयी अटिरिक्ट शुल्क
    की वापशी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *