एणजीओ (NGO) और जणहिट याछिका


णिर्धण, अल्प शुविधा प्राप्ट, शोसिट और उट्पीड़िट आभटौर पर काणूण का शहारा लेकर
क्सटिपूर्टि णहीं कराटे, क्योंकि वे णहीं जाणटे कि उणके शाथ जो गलट व्यवहार किया जा
रहा है, वह काणूणी टौर पर गलट है और इशके पाश भहंगी अदालटी कार्रवाई के लिए
प्रर्याप्ट धण की व्यवश्था णहीं होटी।फिर भी, आभ जणटा भें शाक्सरटा के बढ़णे टथा अपणे
भौलिक एवं काणूणी अधिकारों के प्रटि जागरूकटा पैदा होणे शे, काणूण के भाध्यभ शे
शाभाजिक कार्रवाई और शाभाजिक शुधार की प्रक्रिया णे एक भहट्वपूर्ण रूप धारण कर
लिया है, जिशे शाभाण्यटया जणहिट याछिका के णाभ शे जाण जाटा है।

शर्वोछ्छ ण्यायालय द्वारा ‘‘वैध श्थिटि’’ की शंकल्पणा की अद्यटण व्याख़्या णे पी0 आई0
एल0 के भार्ग भें आगे और क्राण्टिकारी काभ किया है। इश णई व्याख़्या के भुटाबिक
यदि किण्ही व्यक्टि या व्यक्टियों के एक वर्ग के शाथ कोई काणूण के विरूद्ध कार्य किया
जाटा है, और वह गरीबी या असक्टटा के कारण ण्याय पाणे के लिए काणूण की अदालट
का दरवाजा णहीं ख़टख़टा शकटा, टो कोई भी शाभाजिक भवण रख़णे वाला व्यक्टि या
कोई शाभाजिक कार्रवाई करणे वाला ग्रुप उशकी या उण व्यक्टियों की ओर शे याछिका
दायर कर शकटा हैं यह जरूरी णहीं है कि जिश व्यक्टि के शाथ काणूण के विरूद्ध
कोई काभ हुआ है वह श्वयं अदालट का दरवाजा ख़टख़टाए।

जणहिट याछिका (पी0 आई0 एल0) 

पी0 आई0 एल0 का अर्थ है जणहिट या शाभाण्य हिट को लागू कराणे के लिए किण्ही
ण्यायिक अदालट भें दायर की गई काणूणी वार्यवाही। जणहिट या शाभाण्य हिट भें जण
शाभाण्य या शभुदाय के एक वर्ग का धण शभ्बंधी हिट या ऐशे हिट, जिशशे उणके
काणूणी हक या जिभ्भेदारियों पर विपरिट प्रभाव पड़टा हो, आटे हैं। ऐशे व्यक्टि जो
अकेले काणूणी अदालट भें जाणे की श्थिटि भें ण हो, उणको ण्याय दिलवाणे के लिए यह
एक भार्ग है।


जणहिट याछिका के उद्देश्य : पी0 आई0 एल0 लोगो को ण्याय दिलाणे की एक
ऐशी प्रक्रिया है जिशभें काणूणी प्रक्रिया के भाध्यभ शे जणटा की टकलीफों की आवाज
उठाई जाटी है। पी0 आई0 एल0 का उद्देश्य यह है कि जण शाभाण्य अदालट जाकर
काणूणी टरीके शे शुधार करा शकें।
पी0 आई0 एल0 विरोध की भावणा शे काणूणी लड़ाई णहीं है, बल्कि यह शरकार और
उशके कर्भछारियों क े लिए एक छुणौटी है और एक अवशर है कि वे शभुदाय के
उपेक्सिट और पीड़िट वर्ग के लिए भूल भाणवाधिकारों केा शार्थक बणाएं और उण्हें
शाभाजिक और आर्थिक ण्याय प्रदाण करणा शुणिश्छिट करें, जो हभारे शंविधाण का
अभिप्राय है।

शंवैधाणिक प्रावधाण 

शंविधाण के अणुछ्छेद 32 और 226 के द्वारा प्रट्येक णागरिक को यह अधिकार प्राप्ट है
किवह जहां भी कहीं भूल अधिकारों का उल्लंघण होटे देख़ें, टो वह शर्वोछ्छ ण्यायालय
या उछ्छ ण्यायालयों भें ण्याय की गुहार कर शकटा है।

अणुछ्छेद 32(1) भें भूल अधिकारों को लागू करणे के लिए उपयुक्ट प्रक्रिया अपणा कर
शर्वोछ्छ ण्यायालय भें याछिका दायर की जा शकटी है। अणुछ्छेद 32(2) भें बटाया गया
है कि शंविधाण के भाग प्प्प् भें प्रदाण किए गए किण्ही भी अधिकार को लागू करणे के
लिए शर्वोछ्छ ण्यायालय को उपयुक्ट णिर्देस देणे, आदेश देणे या रिट जारी करणे, जिणभें
बण्दी प्रट्यक्सीकरण,परभाधिदेश णिसेध अधिकार पछ्ृ छ आरै उट्पेश््र ाण लेख़ जैशी रिट
शाभिल हैं, का अधिकार है।

अणुछ्छेद 226 भें कहा गया है कि अणुछ्छेद 32 भें दी गई किण्ही भी व्यवश्था के होटे हुए
भी, प्रट्येक उछ्छ ण्यायालय को अपणे क्सेट्राधिकार भें आणे वाले शभी क्सेट्रों भें भाग III भें
दिऐ गए किण्ही अधिकार (भूल अधिकार) को लागू करणे के लिए किण्ही भी व्यक्टि या
प्राधिकरण को उपयुक्ट णिर्देस देणे, आदेश देणे या रिट जारी करणे, जिणभें बण्दी
प्रट्यक्सीकरण ,परभााधिदेश,णिसेध, अधिकार पछ्ृ छा आरै उट्प्रेक्सा लेख़ जशै ी रिट शाभिल हं,ै
का अधिकार रख़टा है।
शंविधाण के अणुछ्छेद 14, 21 और 32 के अर्थ और प्रशार क्सेट्र की कभजोरी वर्गो के हक
भें व्यापक व्याख़्याएँ दी गई है। ‘‘जीवण जीणे के के अधिकार’’ की व्याख़्या का अर्थ
जीवणयापण के अधिकार शे भी है। इशी प्रकार अणुछ्छेद 14 के टहट गारंटीसुदा
शभाणटा के अधिकार की व्याख़्या के अण्टर्गट णिर्णय लेणे भें कार्यकारी और प्रसाशणिक
अधिकारियों की श्वेछ्छाछारीटा के विरूद्ध अधिकार प्रदाण किया गया हैं।

वैध श्थिटि की णई व्याख़्या : वैध श्थिटि की णई व्याख़्या के भुटाबिक, जब किण्ही व्यक्टि
या व्यक्टियों क एक वर्ग के अधिकारों का उल्लंघण होवे है, और गरीबी या असक्टटा
के कारण, वे श्वयं अदालट णहीं जा पाटे टो कोई भी शाभाजिक भावणा रख़णे वाला
व्यक्टि या शंगठण, बदले की भावणा शे णहीं, बल्कि भलाई की भावणा शे ण्यायिक राहट
प्राप्ट करणे के लिए अदालट जा शकटा है।

एश0पी0 गुप्टा Vs. भारट गणटंट्र (AIR 1982 SC 149) भाभले भें, शाट जजों की
शंविधाण बंछै णे बहुभट शे यह फैशला दिया कि अगर जणटा का कोई व्यक्टि शछ्छे भण
शे और जणटा के शाथ दुव्र्यवहार या छोट पहुँछाणे पर उशके लिए शुधाराट्भक कदभ
उठाणे और क्सटिपूर्टि कराणे भें दिल्छश्पी रख़टा है, और भाट्र व्यश्ट शंश्था या हश्टक्सेप
की णीयट शे काभ णहीं कर रहा, टो वह भाभले को अदालट भें ले जा शकटा है। अगर
कोई एक व्यक्टि या व्यक्टियों के एक वर्ग को काणूणी दुव्र्यवहार के कारण भुशीबट का
शाभणा करणा पड़टा है और वे गरीबी, बेशहारा या शाभाजिक पिछड़ेपण के कारण
अदालट णहीं जा शकटे, टो अगर कोई अण्य व्यक्टि उणकी टरफ शे याछिका दायर
करटा है, टो अदालट णियभबद्ध प्रक्रिया अपणाणे की भांग णहीं करेगी।

जजों के श्थाणाण्टरण के भाभले भें [AIR 1982 SC 149 and (1994)4 Scc
305]शर्वोछ्छ ण्यायालय णे यह व्यवश्था दी है कि जणटा का कोई व्यक्टि अगर ‘‘पर्याप्ट
रूछि’’ रख़टा है टो वह अण्य व्यक्टियों की शाभाण्य परेसाणियों, भुशीबटों को दूर करणे
और उण्हें शंवैधाणिक या काणूणी प्राधिकार दिलावाणे के लिए अदालट का दरवाजा
ख़टख़टा शकटा है।

जब शंवैधाणिक या काणूणी अधिकार के उल्लंघण के कारण किण्ही एक व्यक्टि या
व्यक्टियों के एक विशिस्ट वर्ग के शाथ गलट काभ होवे है या उशको काणूणी टरीके शे
छोट पहंछु ाई जाटी है, और वह व्यक्टि गरीबी, बेशहारा या विकलांगटा या शाभाजिक या
आर्थिक रूप शे अशभर्थटा की श्थिटि होणे के कारण राहट पाणे के लिए अदालट भें
गुहार णहीं कर शकटा/शकटे, टो जणटा भें शे कोई भी व्यक्टि उपयुक्ट णिर्देस या
आदेश प्राप्ट करणे या रिट के लिए याछिका दायर कर शकटा है।

जणहिट याछिका दाख़िला करणे के आयोग्य व्यक्टि 

  • जिश व्यक्टि की शाभाजिक हिटों भें पर्याप्ट रूछि ण हो, 
  • जो व्यक्टि अपणे फायदे या अपणे हिट के लिए काभ करटा है
  • राजणिटिक ग्रश्टटा वाला व्यक्टि, 
  • बुरे इरादे रख़णे वाला व्यक्टि, 
  • एक टीशरा पक्स जो अभियोग पक्स के लिए अंजाण हो, और जिणभें अपराधी को
    शजा शुणाई गई हो। 

जणहिट याछिका भें उठाए जा शकणे वाले भाभले 

णिभ्णलिख़िट शे शंबंधिट भाभले-

  1. भूल शुविधाएं, जैशे कि शडके, पाणी दवाइयां, बिजली, प्राथभिक पाठशालाएं,
    प्राथभिक श्वाश्थ्य केण्द्र, बश शेवाएं आदि। 
  2. शरणार्थियों का पुणर्वाश।
  3. बंधुआ और बाल भजदूरों की पहछाण और उणका पुणर्वाश। 
  4. गिरफ्टार लोगों की गैर-काणूणी णजरबण्दी।
  5. पुलिश हिराशट भें लोगों के शाथ दुव्र्यवहार/उट्पीड़ण। 
  6. हिराशट भें भृट्य 
  7. कैदियों के अधिकारों की रक्सा। 
  8. जेल शुधार। 
  9. भुकदभों की टेजी की शुणवाई। 
  10. कालेजों भें रैगिंग। 
  11. पुलिश द्वारा णृशंशटा का व्यवहार। 
  12. अणुशूछिट जाटि/अणुशूछिट जणजाटि के विरूद्ध णृशंशटा का व्यवहार।
  13. शरकारी कल्याण गृहों भें रहणे वालों के प्रटि लापरवाही। 
  14. हिराशट भें बछ्छे।
  15. बछ्छों को गोद लेणा। 
  16. शरकारी कर्भछारियों के विरूद्ध भ्रश्टाछार के भाभले। 
  17. काणूण और आदेशों का पालण। 
  18. ण्यूणटभ वेटण का भुगटाण। 
  19. गरीबों के लिए काणूणी शहायटा। 
  20. भुख़भरी के कारण भृट्यु। 
  21. टेलिविजण पर अश्लील कार्यक्रभ। 
  22. भद्य णिसेध । 
  23. पर्यावरण प्रदूसण। 
  24. अप्राधिकृट टौर पर घर शे णिकालणा। 
  25. पटरी और गण्दी बश्टियों भें रहणे वालों की रक्सा। 
  26. दहेज के कारण भृट्यु। 
  27. कल्याणकारी काणूणों का पालण। 
  28. गैर काणूणी शाभाजिक प्राथाओं का शुधार, जैशे कि शटी, बाल-विवाह देववाशी
    प्रणाली आदि। 
  29. कभजोर वर्गो के भूल अधिकारों का उल्लंघण। 

अगर कोई व्यक्टि जणहिट याछिका दायर करटा है टो वह अणुछ्छेद 32 के टहट रिट
के लिए णिर्धारिट शभी प्रक्रियाओं और औपछारिकाटाओं को अपणाणे के लिए बाध्य णहीं
है। प्रक्रिया टो ण्याय की एक प्रारभ्भिक कड़ी है। शिर्फ प्रक्रिया शभ्बंधी टकणीकों के पूरा
ण होणे पर ण्याय का हणण कभी भी श्वीकार णहीं किया जा शकटा। इशलिए, अदालट
बिणा किण्ही शंकोछ के और बिणा किण्ही अंट: करणीय शंदेह के, अपणे अधिकारों का
प्रयोग करटे शभय प्रक्रिया टकणीकी णियभों को णजरअण्दाज कर शकटी है और
शाभाजिक भावणा रख़णे वाले व्यक्टि के पट्र को रिट शभझ कर उश पर कार्रवाई कर
शकटी है।

अणुछ्छेद 32 के टहट शर्वोछ्छ ण्यायालय की शक्टियां : अणुछ्छेद 32 के टहट
अदालट को भूल अधिकारों के लागू करणे के लिए शिर्फ णिर्देश, आदेश या रिट जारी
करणे के अकधिकारी ही णहीं है बल्कि अदालट पर यह एक शंवैधाणिक जिभ्भेदारी भी है
कि वह लोगों के भूलभूट अधिकारों की रक्सा भी करें, और इशके लिए अदालट को ऐशे
शभी शाभयिक या शहायक अधिकार भी प्राप्ट हैं जिणभें भूलभूट अधिकारों को लागू
करणे के लिए णए उपछार और णई रणणीटियां टैयार करणा भी शाभिल है।

जणहिट याछिका दाख़िल करणे का टरीका 

  1. शभ्बंधिट ण्यायालय के भुख़्य ण्यायाधीश के णाभ पट्र याछिका भेजणा, जिशके
    शाथ टट्शंबंधी टथ्य और दश्टावेज भी हों। यह पट्र रजिश्टर्ड डाक द्वारा ही भेजा
    जाणा छाहिए।
  2. ण्यायालय की णि:शुल्क काणूणी शेवा शभिटि के भाध्यभ शे शीधे अदालट भेंऋ
    जणहिट याछिका दाख़िल करणा। 
  3. किण्ही जणहिट याछिका वकील की भदद लेकर शीधे भाभला दाख़िला करणा। 
  4. एण0 जी0 ओ0 या जणहिट याछिका फर्भों के भाध्यभ शे भाभला दाख़िल करणा। 

ध्याण रख़णे योग्य भहट्वपूर्ण बाटें 

  1. प्रभाविट व्यक्टियों के शाथ काणूणी भाशले पर विश्टारपूर्वक विछार-विभर्श करें।
  2. पटा लगाएं कि क्या भाभला लोगों के भूलभूट अधिकारों के उल्लंघण का है या
    णहीं। यह उल्लेछा करणा भी भहट्वपूर्ण है कि किश भूलभूट अधिकार का
    उल्लंघण हुआ है। 
  3. यह णिर्णय लेणे के लिए लोगों की भदद करणा कि क्या उणके भूलभूट अधिकारों
    को पाणे के लिए या उणके अधिकारों के उल्लंघण होणे को रोकणे के लिए
    अदालट भें काणूणी कार्रवाई करणा अणिवार्य है। 
  4. शभी टथ्यों, विवरणों टारीख़ों आदि का उल्लेख़ करके याछिका टैयार करणा
    (अणुलग्णक 23.। भें रिट याछिका का प्रारूप देंख़ें)।
  5. याछिका भें उल्लेख़ करें कि लोग किश टरह की राहट छाहटे है। 
  6. अगर शंभव हो, टो शभी प्राभाविट लोगों के हश्टाक्सर करा लें। 
  7. भभले शे शभ्बंधिट शभी दश्टावेज, शभाछार पट्रों की कटरणें, फोटोग्राफ, जांछ
    रिपोर्ट, प्रभाणपट्र और हलफणाभें एकट्रिट करें और उण्हें भुख़्य याछिका के शाथ
    णट्थी कर दें। 
  8. याछिका दाख़िल करणे शे पहले, अगर शभ्भव हो, टो किण्ही शाभाजिक शजग
    वकील या श्थाणीय काणूणी शलाहकार शभिटि के शदश्यों शे परापर्श कर लें। 
  9. याछिका को शंबंधिट उछ्छ ण्यायालय की उछ्छ ण्यायालय काणूणी शेवा शभिटि के
    अध्यक्स या शर्वोछ्छ ण्यायालय काणूणी शेवा शभिटि के अध्यक्स, णई दिल्ली-110001
    को रजिश्ट्री द्वारा भेज दें। 
  10. अगर याछिका कभजोर वर्ग के लोगाों की टरफ शे दाख़िल की गई हो, टो
    अदालट याछिकादाटा को अदालट के शुल्क का भगटाण करणे शे छूट दे शकटी
    है। 

वकील णियुक्टि करणा

अदालट को शिर्फ यह बटा दे कि याछिकादाटा श्वयं अदालट
भें पेश हो रहा है। फिर भी, याछिकादाटा अदालट शे अपणे लिए वकील की व्यवश्था
करणे का अधिकार रख़टा है। अदालट णिश्पृह व्यक्टि के रूप भें एक वकील को णियुक्ट
कर शकटी है, जो याछिकादाटा की टरफ शे काणूणी कार्रवाई करेगा, या वह उश भाभले
को काणूणी शेवा शभिटि को उपयुक्ट काणूणी शहायटा प्रदाण करणे के लिए भेज शकटी
है।

जणहिट याछिका भें शाक्सी : जणहिट याछिका भें दिए गए अभिवछणों और दावों के
शभर्थण भें शाक्सी णिभ्णलिख़िट भाध्यभों शे एकट्रिट किए जा शकटे है:-

  1. जणहिट याछिका भें अभिव्यक्ट टथ्यों और शछ्छाइयों के बारे भें शभ्बंधिट
    व्यक्टियों शे हलफणाभें लेणा, 
  2. उश भाभले पर शभाछार पट्र की कटरणें,
  3. याछिका भें उठाए गए काणूणी भुछदे पर किए गए शर्वेक्सण या अणुशंधाण की
    रिपोर्ट, 
  4. भभले पर एण0 जी0 ओ0 या किण्ही शरकारी एजेंशी द्वारा दी गई कोई जांछ
    रिपोर्ट, 
  5. शरकार के शभ्बंधिट विभाग द्वारा जारी किए गए दश्टावेज या णोटिश। 

 अणुछ्छेद 32 के टहट अदालट की शक्टि शिर्फ रोकथाभ की ही णहीं है, अर्थाट भूलभूट
अधिकारों के उल्लंघण को रोकणा, बल्कि उणका उपछार करणा भी है, अर्थाट् भुआवजा
भंजूर करणे की शक्टि1। भुआवजा शिर्फ उपयुक्ट भाभलो भें दिया जा शकटा है जहां
भूलभूट अधिकारों का हणण श्थूल और शुश्पस्ट उग्र रूप का हो । गया उल्लंघण बडे़
पैभाणे पर किया गया हो और बहुट लोगों के भूलभूट अधिकारों पर प्रभाव डालटा हो, या
उणकी गरीबी या विकलांगटा या शाभाजिक या आर्थिक प्रटिकूलटा-ग्रश्ट श्थिटि के
कारण उणके शाथ उण्याय या अट्यधिक कठोरटा, या अट्याछार का प्रदर्शण करटा हों,
जिशशे प्राभाविट व्यक्टि को णागरिक अदालट भें कार्रवाई शुरू करणे और उशे आगे
बढ़ाणे की आवश्यकटा पड़ी हो।

जणहिट याछिका का ख़र्छ 

अदालट जणहिट के याछिकादाटा को, अगर वह याछिका अदालट के शाभणे एक
भहट्वपूर्ण भाभले पर विछार करणे के लिए पेश की गई है, उश पर होणे वाले ख़र्छ का
भूगटाण करणे की भंजूरी देणे का अधिकार रख़टी है।

जणहिट याछिका को बढ़ावा देणे भें श्वयंशेवी एजेंशी की भूभिका : जणहिट याछिका
भारट भें एक णई प्रक्रिया या शंवृट्टि है। यह प्रक्रिया कुछ जजों और वकीलों भें उट्पाण्ण
जागृटि शे शुरू हुई है। शरकारी एजेंशियों, एडजर्णभेंट-लायर्श और शंभ्राण्ट लोगों की
टरफ शे इशको टहे-दिल शे श्वीकार किये जाणे की उभ्भीद णहीं की जा शकटी। ग्राश
रूट श्टर पर काभ करणे वाले श्वयंशेवी शंगठणों के लिए यह एक वरदाण है। यह णया
काणूणी शाधण (हथियार) जणशभूह के शाथ उणके अहिंशाट्भक शंघर्स भें काणूणी ण्याय
प्राप्ट करणे भें बहुट भददगार शाबिट हो शकटा है। अट: शाभाजिक कार्यकर्टा( एण0 जीओ0
गरीबों के शोसण के ख़िलाफ लड़ाई लड़णे और उणकों भूलभूट अधिकार दिलवाणे
भें उणकी शाभाजिक कार्रवाई के शभर्थण भें इशे अवश्य प्रयोग भें लाएं।

  • शरकार और गैर शरकारी शंगठण 
  • श्वैछ्छिक प्रयाशों भें शरकार की भूभिका 
  • शरकार एक णियण्ट्रक के रूप भें
    शरकार णे अणेकों टरह के विधाण बणाये है। 

उणभें शे टणी प्रकार के विभाग भारट भें
एण0 जी0 ओ0 को प्रट्यक्स रूप शे प्रभाविट करटे हैं:

  1. पंजीकरण या शंश्थापण के काणूण: शोशाइटी पंजीकरण अधिणियभ, 1860
    शोशायइटी को अपणे शदश्यों को लाभांस की अदायगी के लिये शोशाइटी की आय के
    उपयोग पर प्रटिबण्ध लगाटा है और शाथ ही यह भी प्रटिबण्ध लगाटा है कि शोशाइटी
    के भंग हो जाणे पर परिशभ्पट्टियों का अण्टरण केवल उण्हीं शंगठणों को हो जिशका
    उद्देश्य एक ही जैशा हो। यह प्रटिबंध कुद हद टक एक या दूशरी शोशाइटी द्वारा
    उद्देश्यों की णिरंटरटा अर्थाट् इणके लगाटार जारी रहणे का शुणिश्छिट करटा है। 
  2. विट शे शभ्बंधिट विधाण: आयकर अधिणियभ 1961 भें भुख़्यट: एण0 जी0 ओ0
    शहिट धर्भार्थ शंगठणों को विशेस रियायट देटा है, बशर्टे ऐशी रियायटों की शर्टे प्रटि वर्स
    शंटोशजणक हों।
  3. विदेशी णिधियों का विणियभण: विदेशी अंशदाण (विणियभण) अधिणियभ, 1976
    देश भें शभी प्रकार केएण0 जी0 ओ0 के लिये विदेशी णिधियों की गटि और अंशदाण को
    विणियभिट करटा है। भारट शरकार णे इश अधिणियभ को लागू करणे की जिभ्भेदारी गृह
    भंट्रालय को शौंप रख़ी है। 

राज्य शरकार द्वारा धण राशि का दिया जाणा 

हभारे शंविधाण भें जो उद्देश्य दिये गये हैं, वे उद्देश्य हभारे देश के आकार को और
अणुशूछिट जाटि/ जणजाटि के लोगों, अल्पशंख़्यकों, पिछड़े वर्गो, भहिलाओं शहिट
शभाज के णिभ्ण श्टर की जणटा की बुणियादी जरूरटों को देख़टे हुये पूरी णहीं हो पाये
हैं और विकाश के लाभ उण टक णहीं पहंछु पाये हैं। गरीबी उण्भूलण के कार्यक्रभों पर
जोर देणे और काफी धणराशि ख़र्छ किये जाणे के बाद भी शरकार उण जरूरटभंदों की
आवश्यकटाओं को पूरा करणे भें अशभर्थ रही है। इशलिये इण कार्यक्रभों के कार्याण्वयण
भें और अधिक श्वटंट्रटा, लछीलापण और णवीणटा की आवश्यकटा है टथा कार्याण्वयण
टंट्र भें शिथिलटा और बरबादी को रोकणे की भी आवश्यकटा है।

शरकार की यह इछ्छा
टभी पूरी हो शकटी है जब वह उण एण0 जी0 ओ0 की शहायटा ले जिणके पाश
शभाज के कभजोर वर्गो के बीछ काभ करणे का अणुभव हो और ये एण0 जी0 ओ0 भी
णियभिट आधार पर इश कार्य भें अपणा शहयोग देणे के इछ्छुक हों। इशलिए शरकार
और एण0 जी0 ओ0 के बीछ शहयोगाट्भक शभ्बंधों की आवश्यकटा है।
केण्द्र और राज्यों की शरकारें विकाश शभ्बंधी और भणवीय शहायटा प्रदाण करणे भें छळव्े
की भागीदारी के विभिण्ण योजणाओं के भाध्यभ शे प्रोट्शाहण दे रही हैं। शरकारी धण
राशि का काफी बड़ा भाग कार्याण्वयण एजेंशियों को श्वायट्टटा के शाथ ख़र्छ करणे के
लिये उपलब्ध कराया जाटा है बशर्टे कि इशे कुशलटा और भिट्व्ययिटा एवं इभाणदारी के
शाथ ख़र्छ किया जाये।

भारट शरकार शे शहायटा अणुदाण-शाभाण्य शर्टे 

भारट शरकार विशिस्ट कार्यक्रभों और शाभाण्य प्रयोजणों के लिए शहायटा अणुदाण देटी
हैं। ये अणुदाण कुछ अणुभोदिट कार्यक्रभों को कार्याण्विट करणे भें लगे हुए श्वैछ्छिक
शंगठणों को दिये जाटे हैं। कुल भिलाकर इण विशिस्ट योजणाओं को विणियभिट करणे
वाले णियभ और शर्टे विभिण्ण भंट्रालयों और विभागों की इण योजणाओं भें उल्लिख़िट
शहायटा अणुदाण के णियभों के अणुशार होटी है। कुछ शर्टे इश प्रकार
हैं:-शंगठण/शंश्था/एजेंशी शोशाइटीज पंजीकरण अधिकणयभ, 1860 आदि के अण्टर्गट
पंजीकृट होणी छाहिये।

  1. धण राशि के इछ्छुक शंगठण पंजीकृट और प्रटिस्ठिट होणे छाहियं। 
  2. इशे शभुछिट रूप शे गठिट होणा छाहिये और इशका आधार व्यापक होणा
    छाहिये। प्रबंधकीय शभिटि के अधिकारों कट्र्टव्यों और जिभ्भेदारियों का श्पस्ट रूप
    शे इशके लिख़िट शंविधाण भें उल्लेख़ होणा छाहिये। 
  3. इशे शाभाजिक कल्याण आदि के कार्यो भें कभ शे कभ 3 वर्स शंलग्ण होणा
    छाहिये। 
  4. श्वैछ्छिक शंगठणों के कार्यक्रभ और शेवायें जाटि, णश्ल और धर्भ को भेदभाव
    किये बिणा शभी के लिये होणी छाहिये। 
  5. शंगठण की आर्थिक श्थिटि, शुदृढ़ होणी छाहिये और इशके पाश आवंटिट अणुदाण
    शे कार्यक्रभों को छलाणे के लिये पर्याप्ट शभी शुविधयें और कर्भछारी आदि होणे
    छाहिये। 
  6. इशे किण्ही व्यक्टि विशेस आदि के लाभ के लिये णहीं परिछालिट किया जाणा
    छाहिये। 
  7. अणुदाण प्राप्ट करणे वाले शंगठणों को अणुदाण की शर्टो को पालण करणे का एक
    बांड भरणा अणिवार्य होगा। यदि इण शर्टो का उल्लंघण होवे है टो अणुदाण की
    राशि वापश करणी पड़ेगी। 
  8. अणुदाण प्राप्ट करणे वाली एजेंशी अणुदाण देणे वाले के अधिकार को भाणगी कि
    वह कभी भीइश शंश्था के कार्यछालण आदि का णिरीक्सण कर शकटा है।
  9. एजेंशी जणटा शे अंशदाण लेणे शहिट अपणे शंशाधण जुटाणे भें शभर्थ होणी
    छाहिये। 
  10. अणुदाण की राशि उशी प्रयोजण के लिये उपयोग की जाणी छाहिये जिशके लिये
    वह ली गई है। 
  11. शंश्थायें उण कार्यक्रभों के अलग ख़टे रख़ेंगी जिणके लिये अणुदाण प्राप्ट हुआ है। 
  12. यदि अणुदाणदाटा धणराशि के उपयोग शे शंटुश्ट णहीं हैं टो अणुदाण रोक दिया
    जायेगा और दी गई राशि वापश ले ली जायेगी। 
  13. अणुदाण प्राप्ट करणे वाले को अपेक्साणुशार अपणे लेख़परीक्सिट ख़ाटे प्रश्टुट करणे
    होंगे। शभ्बंधिट योजणा के बारे भें प्रगटि रिपोर्ट भी प्रश्टुट करणी होगी। 
  14. अणुदाण प्राप्ट करणे वाला शंगठण किण्ही दूशरे शंगठण को कार्यक्रभ के
    कार्याण्वयण के लिये अणुदाण की राशि अण्टरिट णहीं कर शकटा। 
  15. यदि केण्द्रीय शरकार के किण्ही अण्य विभाग शे किण्ही प्रयोजण के लिए धण राशि
    प्राप्ट की गई है टो उशी प्रयोजणा के लिये अणुदाण आवंटिट णहीं किया
    जायेगा। 
  16. अणुदाण की ख़र्छ ण की गई राशि वर्स के अण्ट भें वापश करणी होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *