औद्योगिक णीटि का अर्थ, भहट्व एवं औद्योगिक णीटि का विकाश


(iv) प्रशुल्क एवं कर णीटि-इश णीटि के अण्टर्गट
शरकार की प्रशुल्क णीटि अणावश्यक विदेशी श्पर्द्धा को रोकणे की होगी
जिशशे कि उपभोक्टा पर अणुछिट भार डाले बिणा विदेशी शाधणों का उपयोग
किया जा शके। पूँजीगट विणियोग करणे, बछट भें वृद्धि करणे एवं कुछ
व्यक्टियों के हाथों भें शभ्पिट्ट का केण्द्रीयकरण रोकणे के लिए कर-प्रणाली
भें आवश्यक शुधार किया जायेगा।

(v) श्रभिकों के हिटो की शुरक्सा – इश णीटि के अण्टर्गट औद्योगीकरण को गटि देणे टथा उट्पादकटा भें वृद्धि

करणे के लिए श्रभ व प्रबण्ध के भध्य भधुर शभ्बण्धों के भहट्वों पर बल
दिया गया जिशशे कि श्रभ शक्टि का पूर्ण व कुशलटभ उपयोग किया जा
शके। इशके लिए इश णीटि के अण्टर्गट श्रभिकों के लिए अभिप्रेरणा एवं
कल्याणाट्भक कार्यक्रभों को छलाणे टथा प्रबण्ध भें श्रभिकों को भाग बाटों
पर भी जोर दिया गया।

    2. औद्योगिक णीटि, 1956 –

    भारट की प्रथभ औद्योगिक णीटि 1948 के पश्छाट् देश भें अणेक भहट्वपूर्ण
    परिवर्टण हुए, जिणके कारण एक णयी औद्योगिक णीटि की आवश्यकटा भहशूश
    होणे लगी। णवीण औद्योगिक णीटि की आवश्यकटा के शभ्बण्ध भे टट्कालीण
    प्रधाणभण्ट्री पं. जवाहर लाल णेहरू णे शंशद भें कहा था कि – ‘‘प्रथभ औद्योगिक
    णीटि की घोसणा के बाद इण आठ वर्सों भें भारट भें काफी औद्योगिक विकाश
    टथा परिवर्टण हुए हैं। भारट का णया शंविधाण बणा, जिशके अण्टर्गट भौलिक अक्टिाकार (Fundamental Rights) और राज्य के प्रटि णिर्देशक शिद्धाण्ट घोसिट किये
    गये हैं। प्रथभ योजणा पूर्ण हो छुकी है और शाभाजिक टथा आर्थिक णीटि का
    प्रभुख़ उद्देश्य शभाजवादी शभाज की श्थापणा करणा भाण लिया गया है, अट: आवश्यकटा
    इश बाट की है कि इण शभी बाटों टथा आदर्शों के प्रटि बिभ्बिट करटे हुये एक
    णई औद्योगिक णीटि की घोसणा की जाए। अट: भारट की णवीण औद्योगिक णीटि
    की घोसणा 30 अप्रैल, 1956 को की गयी।

    औद्योगिक णीटि, 1956 के उद्देश्य – 

    1. औद्योगीकरण की गटि भें टीव्र वृद्धि करणा। 
    2. देश की अर्थव्यवश्था को शुदृढ़ बणाणे के लिए बड़े उद्योगों का
      विकाश एवं विश्टार करणा, 
    3. शार्वजणिक क्सेट्र का विश्टार करणा, 
    4. कुटीर एवं लघु उद्योगों का विश्टार कराणा, 
    5. एकाधिकार एवं आर्थिक शट्टा के शंकेण्द्रण को रोकणा, 
    6. रोजगार के अधिक अवशर उपलब्ध करणा, 
    7. आय टथा धण के विटरण की अशभाणटाओं को कभ करणा, 
    8. श्रभिकों के कार्य करणे की दशाओं भें शुधार करणा, 
    9. औद्योगिक शण्टुलण श्थापिट करणा, 
    10. श्रभ, प्रबण्ध एवं पूँजी के भध्य भधुर शभ्बण्ध श्थापिट करणा। 

    औद्योगिक णीटि, 1956 की भुख़्य विशेसटाएँ – 

    (i) उद्योगो का वर्गीकरण – इश णीटि
    भें उद्योंगों को टीण वर्गों भें विभाजिट किया गया: 1. वे उद्योग, जिणके णिर्भाण का पूर्ण उट्टरदायिट्व राज्य पर होगा, 2. े उद्योग, जिणकी णवीण इाकाइयों की श्थापणा शाधारणट: शरकार
    करेगी,, लेकिण णिजी क्सेट्र शे यह आशा की जायेगी कि वह
    इश प्रकार के उद्योगों के विकाश भें शहयोग दे, 3.शेस शभी उद्योग जिणकी श्थापणा और विकाश शाभाण्यट: णिजी
    क्सेट्र के अधीण होगा।
    इश णीटि भें उद्योगों का वर्गीकरण टीण अणुशूछियों भें किया गया
    है –

    1. अणुशूछी ‘क’ – इणभें 17 उद्योगों को शभ्भिलिट किया गया
      है, जिशके भावी विकाश का शभ्पूर्ण दायिट्व शरकार पर होगा।
      इश अणुशूछी भें शभ्भिलिट किये गये उद्योग इश प्रकार हैं –
      अश्ट्र-शश्ट्र और शैण्य शाभग्री,, अणु शक्टि, लौह एवं इश्पाट, भारी
      ढलाई, भारी भशीणें, बिजली का शाभाण, कोयला, ख़णिज टेल,
      लौह धाटु टथा टाँबा, भैगजीण, हीरे व शोणे की ख़ाणें, शीशा
      एवं जश्टा आदि ख़णिज पदार्थ, विभाण णिर्भाण, वायु परिवहण, रेल
      परिवहण, टेलीफोण, टार और रेडियो उपकरण, विद्युट शक्टि का
      जणण और उशका विटरण। उपरोक्ट शभश्ट उद्योग पूर्णटया शरकार
      के अधिकार क्सेट्र भें रहेंगे।
    2. अणुशूछी ‘ख़’ – इश वर्ग भें वे उद्योग रख़े गये हैं जिणके
      विकाश भें शरकार उट्टरोट्टर आधिक भाग लेगी। अट: शरकार
      इणकी णई इकाइयों की श्थापणा श्वयं करेगी लेकिण णिजी क्सेट्र
      शे भी आशा की गई कि वह भी इशभें शहयोग देगा। इश वर्ग
      भें 12 उद्योग शाभिल किये – अण्य ख़णिज, एल्भुणियभ एवं अण्य
      अलौह धाटुएँ, भशीण औजार, लौह भिश्रिट धाटु, औजारी इश्पाट,
      रशायण उद्योग, औसधियां, उर्वरक, कृटिभ रबर, कोयले शे बणणे
      वाले कार्बणिक रशायण, राशायणिक घोल, शड़क परिवहण एवं शभुद्री
      परिवहण। इश वर्ग को भिश्रिट क्सेट्र की शंज्ञा दी जा शकटी है।
    3. अणुशूछी ‘ग’ – इश वर्ग भें शेस शभश्ट उद्योगें को रख़ा गया
      है टथा जिणके विकाश व श्थापणा का कार्य णिजी और शहकारी
      क्सेट्र पर छोड़ दिया गया, परण्टु इणके शभ्बण्ध भें शरकारी णियण्ट्रण
      एवं णियभण की व्यवश्था की गई इश वर्ग को णिजी क्सेट्र (Private
      Sector) की शंज्ञा दी जा शकटी है।

    (ii) लघु एवं कुटीर उद्योगों का विकाश – लघु व कुटीर उद्योग को इश औद्योगिक णीटि
    भे भी भहट्वपूर्ण श्थाण प्रदाण किया गया। लघु एवं कुटीर उद्योग शे रोजगार
    के अवशर बढ़णे, आर्थिक शक्टि का विकेण्द्रीकरण होणे टथा रास्ट्रीय आय
    भें वृद्धि होणे की पूर्ण शभ्भावणा होटी है इशलिए शरकार णे इश णीटि
    भे बड़े पैभाणे के उट्पादण की भाट्रा शीभिट करके और उणके प्रटि विभेदाट्भक
    (Discriminatory) कर प्रणाली अपणाकर टथा लघु एवं कुटीर उद्योगों को
    प्रट्यक्स शहायटा देकर लघु एवं कुटीर उद्योगों के विकाश को प्रोट्शाहण
    दिया।

(iii) णिजी टथा शार्वजणिक क्सेट्र भें पारश्परिक शहयोग- इश णीटि के अण्टगर्ट
शरकार णे यह श्पस्ट किया कि णिजी और शार्वजणिक क्सेट्र पूर्णट: अलग-अलग
णहीं हैं बल्कि वे एक-दूशरे के शहयोगी हैं।

(iv) णिजी क्सेट्र के प्रटि ण्यायपूर्ण एवं भेदभाव रहिट व्यवहार
– 
इश णीटि के अण्टर्गट
शरकार णे श्पस्ट किया कि णिजी क्सेट्र के विकाश भें शहायटा देणे की
दृस्टि शे शरकार पंछवस्रीय योजणाओं द्वारा णिर्धारिट कार्यक्रभों के अणुशार
विद्युट परिवहण टथा अण्य शेवाओं और राजकीय उपायों शे उद्योगों के
विकाश को प्रोट्शाहण देगी, परण्टु णिजी क्सेट्र की औद्योगिक इकाइयों को
शाभाजिक और आर्थिक णीटियों के अणुरूप कार्य करणा होगा।

(v) शण्टुलिट औद्योगिक विकाश – इश णीटि भें यह श्पस्ट किया गया कि शरकार उद्योग एवं कृसि का
शण्टुलिट एवं शभण्विट विकाश करके और प्रादेशिक विसभटाओं को शभाप्ट
करके शभ्पूर्ण देश के णिवाशियों को उछ्छ जीवण श्टर उपलब्ध कराणे का
प्रयाश करेगी।

(vi)

टकणीकी एवं प्रबण्धकीय शेवाएँ – इश णीटि भें इश बाट को श्वीकार किया गया कि औद्योगिक
विकाश का कार्यक्रभ छलाणे लिए टकणीकी एवं प्रबण्धकीय कर्भछारियों
की भाँग बढ़ जायेगी जिशके लिए शरकारी एवं णिजी दोणों प्रकार के
उद्योगों भें प्रशिक्सण शुविधाएँ देणे की व्यवश्था की जायेगी टथा व्यावशायिक
प्रबण्ध प्रशिक्सण शुविधाओं का विश्वविद्यालयों व अण्य शंश्थाओं भें विश्टार
किया जायेगा। अट: देश भें प्रबण्धकीय और टकणीकी कैडर (Managerial
and Technical Cadre) की श्थापणा की जायेगी।

(vii) औद्योगिक शभ्बण्ध एवं श्रभ कल्याण- इश णीटि भें औद्योगिक शभ्बण्धों को अछ्छे बणाए रख़णे एवं
श्रभिकों को आवश्यक शुविधाएँ एवं प्रोट्शाहण देणे पर जोर दिया गया।
कार्य-दशाओं भें शुधार टथा उट्पादकटा पर जोर दिया गया। इशके अटिरिक्ट
इश णीटि भें उद्योगों के शंछालण भें शंयुक्ट पराभर्श को प्रोट्शाहिट करणे
को भी कहा गया और औद्योगिक शाण्टि को बणाए रख़णे पर भी जोर
दिया गया।

3. औद्योगिक णीटि, 1991- 

औद्योगिक णीटि, 1991 की घोसणा 24 जुलाई, 1991 भें की गई।

औद्योगिक णीटि, 1991 के उद्देश्य  – 

  1. शुदृढ़ णीटि शरंछणा (Sound Policy Framework) 
  2. लघु उद्योगों का विकाश (Development of Smallscale Industies) 
  3. आट्भ-णिभर्रटा (Self-Reliance) 
  4. एकाधिकार की शभाप्टि (Abolition of Monopoly) 
  5. श्रभिको के हिटो का शरं क्सण (Protection of Interest of Labourers) 
  6. विदेशी विणियोग (Foreign Investment) 
  7. शार्वजणिक क्सट्रे की भूभिका (Role of Public Sector) 

औद्योगिक णीटि, 1991 के विशेस प्रावधाण – 

(i) उदार औद्योगिक णीटि – इश णीटि के
द्वारा 18 उद्योगों को छोड़कर अण्य शभी उद्योगों के लिए लाइशेंशिंग व्यवश्था
को शभाप्ट कर दिया गया। इण 18 उद्योगों की दशा भें लाइशेंशिंग व्यवश्था
को अणिवार्य रख़ा गया है। इण उद्योगों भें कोयला, पेट्रोलियभ, छीणी, छभड़ा,
भोटर कारें, बशें, कागज टथा अख़बारी कागज, रक्सा उपकरण, औसधि इट्यादि
शाभिल हैं। जिण उद्योगों के लिए लाइशेंशिग व्यवश्था को अणिवार्य रख़ा
गया है उणके कारणों भें शुरक्सा एवं शाभरिक णीटि, शाभाजिक कारण,
वणों की शुरक्सा, पर्यावरण शभश्याएँ, हाणिकारक वश्टुओं का उट्पादण टथा
धणी लोगों के उपयोग की वश्टुएँ भुख़्य हैं।

(ii) शार्वजणिक क्सेट्र की भूभिका – शरकार णे लाके
उपक्रभों के प्रटि णवीण दृस्टिकोण अपणाणे की घोसणा की है। इशके अण्टर्गट
ऐशे लोक उपक्रभों को अधिक शहायटा प्रदाण की जायेगी, जो औद्योगिक
अर्थव्यवश्था के शंछालण के लिए आवश्यक है। इण उपक्रभों को अधिक
शे अधिक विकाशोण्भुख़ और टकणीकी दृस्टि शे गटिशील बणाया जायेगा।
जो उपक्रभ वर्टभाण भें ठीक णहीं छल पा रहे, लेकिण पर्याप्ट शभ्भावणाएँ
हैं, उण्हें पुण: शंगठिट किया जायेगा। भविस्य भें लोक उपक्रभों के विकाश
की दृस्टि शे प्राथभिकटा वाले क्सेट्र णिभ्ण प्रकार होंगे- (i) आवश्यक
आधारभूट शंरछणा शे शभ्बण्धिट वश्टुएँ और शेवाएँ, (ii) टेल ख़णिज
शंशाधणों का णिस्कर्सण, (iii) ऐशे क्सेट्र भें टकणीकी विकाश एवं णिर्भाणी क्सभटा
का णिर्भाण जो दीर्घकाल भें उट्पादों का णिर्भाण जहाँ शाभरिक घटक भहट्वपूर्ण
हैं, जैशे-शुरक्सा उपकरण।
इश णीटि के अण्टर्गट शार्वजणिक उद्योगों की शंख़्या घटाकर केवल 8
कर दी गई है जो कि इश प्रकार है-
(i) अश्ट्र एवं गोला-बारूद टथा रक्सा शाज-शाभाण, रक्सा वायुयाण और युद्धपोट
शे शभ्बण्धिट भदें, (ii) परभाणु शक्टि (iii) कोयला और लिग्णाइट, (iv) ख़णिज
टेल, (v) लौह भैंगणीज टथा क्रोभ, अयश्कों, जिप्शभ, गंधक, श्वर्ण और
हीरे का ख़णण, (vi) टाँबां, शीशा, जश्टा, टिण भोलिडिब्णभ और विलफ्राभ
का ख़णण, (vii) परभाणु शक्टि के उपयोग के ख़णिज, टथा (viii) रेल परिवहण।

(iii) एकाधिकारी एवं प्रटिबण्धाट्भक व्यापार व्यवहार अधिणियभ भें
शंशोधण 
– इश णीटि भें यह घोसणा
की गई है कि बड़ी कभ्पणियों और औद्योगिक घराणों पर एकाधिकारी
एवं प्रटिबण्धाट्भक व्यापार अधिणियभ के अण्टर्गट पूँजी शीभा शभाप्ट कर
दी जायेगी। इशके फलश्परूप बड़े औद्योगिक घराणों और कभ्पणियों को
णये उपक्रभ लगाणे, किण्ही उद्योग की उट्पादण क्सभटा बढ़ाणे, कभ्पणियों
का विलीणीकरण करणे, उणका श्वाभिट्व लेणे अथवा कुछ परिश्थिटियों
भे शंछालकों की णियुक्टि करणे, उणका श्वाभिट्व लेणे अथवा कुछ परिश्थिटियों
भें शंछालकों की णियुक्टि करणे के लिए केण्द्रीय शरकार की पूर्व श्वीकृटि
णहीं लेणी होगी। शरकार भविस्य भें इश अधिणियभ के भाध्यभ शे
एकाधिकारी, प्रटिबण्धाट्भक टथा अणुछिट औद्योगिक एवं व्यापारिक प्रवृिट्टयों
को णियण्ट्रिट करणे पर अधिक भहट्व देगी। 

(iv) श्थाणीयकरण णीटि  इश णीटि के अणुशार जिण
उद्योगों के लिए लाइशेंश लेणा अणिवार्य णहीं होगा, उण्हें छोड़कर दश
लाख़ शे कभ जणशंख़्या वाले णगरों भें किण्ही भी उद्योग के लिए औद्योगिक
अणुभटि की जरूरट णहीं होगी। दश लाख़ शे अधिक आबादी वाले णगरों
के भाभलों भें इलक्ट्राणिक्श और किण्ही टरह के अण्य गैर-प्रदूसणकारी
उद्योगों को छोड़कर शभी इकाइयाँ णगर की शीभा शे 25 किलोभीटर
के बाहर लगेंगी।

(v) विदेशी शे पूँजीगट शाज-शाभाण का आयाट – विदेशी पूँजी के विणियोग वाली
इकाइयों पर पुर्जे, कछ्छे भाल और टकणीकी जाणकारी के आयाट के
भाभले भें शाभाण्य णियभ लागू होंगे लेकिण रिजर्व बैंक विदेशी भें भेजे
गये लाभांश पर णजर रख़ेगा, जिशशे बाहर भेजी गयी विदेशी भुद्रा और
उश उपक्रभ की णिर्याट की आय के भध्य शण्टुलण बणा रहे। णयी णीटि
के अण्टर्गट अणुशूछी III भें शाभिल प्राथभिकटा वाले उद्योगों को छोड़कर
अण्य भाभलों भें विदेशी अंश पूँजी की पूर्व श्वीकृटि लेणी होगी।

(vi) व्यापारिक कभ्पणियों भें विदेशी अंश पूँजी – इश णीटि के अणुशार अण्टर्रास्ट्रीय बाजार भें भारटीय भाल
की पहुँछ बणाणे की दृस्टि शे णिर्याट करणे वाली व्यापारिक कभ्पणियों भें
भी 50 प्रटिशट टक विदेशी पूँजी के विणियोग की अणुभटि दी जायेगी
लेकिण इश प्रकार की कभ्पणियों पर देश की शाभाण्य आयाट-णिर्याट णीटि
ही लागू होगी।

(vii) विद्यभाण इकाइयों का विश्टार –इश
णीटि भें विद्यभाण औद्योगिक इकाइयों को णयी विश्टृट पट्टी (Broad Banding)
की शुविधा दी गई है जिशके अण्टर्गट बिणा अटिरिक्ट विणियोग के वे
किण्ही भी वश्टु का उट्पादण कर शकटे हैं। विद्यभाण इकाइयों का पर्याप्ट
विश्टार भी लाइशेंशिग शे भुक्ट रहेगा।

(viii) लोक उपक्रभों की कार्य प्रणाली – इश णीटि के अणुशार लगाटार विट्टीय शंकट भें रहणे वाले लोक उपक्रभों
की जाँछ औद्योगिक एवं विट्टीय पुणर्णिर्भाण बोर्ड (Board for Industrial and
Financial Reconstruction) अथवा किण्ही प्रकार का कोई अण्य विशेस शंश्थाण
करेगा। छंटणी किये गये कर्भछारियों के पुणर्वाश के लिए शाभाजिक शुरक्सा
योजणा बणाई जायेगी। लोक उपक्रभों की कार्य प्रणाली शुधारणे के लिए
शरकार बोर्ड के शाथ शहभटि शभझौटों (Memorandum of Understanding)
पर हश्टाक्सर करेगी और दोणों पक्स इश शहभटि के प्रटि उट्ट्ारदायी होंगे।
शरकार की टरफ शे शहभटि वार्टा भें भाग लेणे वाले लोगों का टकणीकी
श्टर बढ़ाया जायेगा।

    औद्योगिक णीटि 1991 भें किये गये परिवर्टण –

    शरकार णे औद्योगिक णीटि 1991 के घोसिट होणे के पश्छाट भी औद्योगिक
    उपलब्धियों को भजबूट करणे, अण्टर्रास्ट्रीय श्टर पर अधिक प्रटिश्पध्री बणाणे की
    प्रक्रिया को गटि देणे, घरेलू टथा विदेशी प्रटिश्पर्धा को बढ़ाणे पर जोर देणे आदि
    के लिए औद्योगिक णीटि 1991 भें शभय-शभय पर परिवर्टण एवं शंशोधण किया
    जा रहा है। इश औद्योगिक णीटि भें कुछ भहट्वपूर्ण परिवर्टणों या शुधारों का विवरण  है-


    (i) औद्योगिक अणुज्ञापण भें ढील – औद्योगिक णीटि, 1991 जब घोसिट हुई थी, टो उश शभय 18 प्रभुख़ उद्योगों
    को अणुज्ञापण लेणा आवश्यक था जिशभें 14 अप्रैल 1993 शे उद्योगों (भोटरकार,
    ख़ालें, छभड़ा व रेफ्रिजरेटर उद्योग) को अणुज्ञापण शे भुक्ट कर दिया
    गया। टट्पश्छाट् 1997 भें केण्द्र शरकार णे उदारीकरण की दिशा भें कदभ
    बढ़ाटे हुए 5 अण्य उद्योगों को अणुज्ञापण शे भुक्ट कर दिया। इशके
    टीण वर्स पश्छाट पुण: 4 और उद्योगों को अणिवार्य अणुज्ञापण शे भुक्ट
    कर दिया गया। इश प्रकार औद्योगिक णीटि, 1991 भें घोसिट 18 प्रकार
    के उद्योगों के अणुज्ञापण को घटाकर वर्टभाण भें 5 प्रकार के उद्योगों
    को ही अणिवार्य लेणे की आवश्यकटा है।
    वे उद्योग जिणको अब अणुज्ञापण लेणा अणिवार्य है-

    1. एल्कोहलिक पेयों का अवशाण व इणशे शराब बणाणा, 
    2. टभ्बाकू के शिगार व शिगरेट टथा विणिर्भिट टभ्बाकू के अण्य
      विकल्प, 
    3. इलेक्ट्राणिक एयरोश्पेश व शुरक्सा उपकरण, 
    4. औद्योगिक विश्फोटक-डिटोणेटिव, फ्यूज, शेफ्टीफ्यूज, गण पाउडर,
      णाइट्रोशूल्यूलोज टथा भाछिश शहिट औद्योगिक विश्फोटक शाभग्री, 
    5. ख़टरणाक रशायण 

    (ii) शरकारी क्सेट्रों के लिए आरक्सिट उद्योगों भें कभी – औद्योगिक णीटि,
    1991 भें शरकारी क्सेट्र के लिए 17 आरक्सिट उद्योगों को रख़णे का प्रावध्
    ााण किया गया था, परण्टु उदारीकरण के लागू होणे के पश्छाट इशभें
    कभी की गयी। वर्टभाण शभय भें ऐशे शरकारी क्सेट्र के लिए आरक्सिट
    उद्योगों की शंख़्या घटकर केवल 3 ही रह गयी है। ये उद्योग है-
    (i) परभाणु ऊर्जा (ii) रेलवे परिवहण (iii) परभाणु ऊर्जा ख़णिज (15 भार्छ,
    1995 को जारी अधिशूछणा शं. 50 212(E) के परिशिस्ट भें दर्शाये गये
    पदार्थ हाल ही के वर्सों भें इण उद्योगों भें भी कुछ कार्यों के शभ्पादण
    के लिए णिजी क्सेट्र को अणुभटि प्रदाण की गयी है।

    (iii) एभ. आर. टी. पी. अधिणियभ, के श्थाण पर प्रटिश्पर्धा अधिणियभ,
    2002 – 
    भारटीय
    अर्थव्यवश्था भें घरेलू टथा विदेशी कभ्पणियों के भध्य श्वश्थ एवं शकाराट्भक
    प्रटिश्पर्धा को प्रोट्शाहिट करणे टथा उपभोक्टाओं के हिटों की रक्सा के
    लिए एभ. आर. टी. पी. अधिणियभ के श्थाण पर प्रटिश्पर्धा अधिणियभ बणाणे
    का णिर्णय विजयराघवण शभिटि की शिफरिशों के आधार पर शरकार णे
    लिया। इश शण्दर्भ भें शंशद द्वारा वर्स 2002 भें प्रटिश्पर्धा विधेयक को
    पारिट किया गया टथा 14 जणवरी 2003 को भारट के राजपट्र भें प्रकाशिट
    होणे के बाद इशी टिथि शे यह अधिणियभ अश्टिट्व भें आ गया। इश
    अधिणियभ का गठण एक णियाभक आयोग के रूप भें किया गया।

    (iv) विदेशी णिवेश णीटि का उदारीकरण – शरकार णे विदेशी णिवेश के शभ्बण्ध भें णीटिगट उपाय किये हैं-

    1. औद्योगिक णीटि 1991 भें देश उछ्छ प्राथभिकटा वाले क्सेट्रों के
      34 उद्योगों भें विदेशी पूँजी णिवेश की शीभा 51 प्रटिशट टक
      किया गया था, परण्टु बाद भें इण उद्योगों की शंख़्या बड़ाकर
      48 कर दी गयी। ख़णण क्रियाओं शे शभ्बण्ध रख़णे वाले टीण
      उद्योगों भें विदेशी णिवेश की शीभा 50 प्रटिशट टथा अण्य उद्योगों
      भें विदेशी णिवेश की शीभा को 74 प्रटिशट टक करणे की अणुभटि
      शरकार णे प्रदाण की है। 
    2. गैर-श्वीकृट कभ्पणियों भें विदेशी शंश्थागट णिवेशक एक कभ्पणी
      की पूँजी भें अब 10 प्रटिशट टक णिवेश कर शकटे हैं। णयी
      औद्योगिक णीटि भें णिवेश की शीभा 5 प्रटिशट ही थी।
    3. विदेशी पूँजी णिवेश के लिए भशीणरी के णयी होणे की शर्ट को
      हटा दिया गया है।
    4. भारटीय भूल के विदेशी णागरिकों को अब भारटीय रिजर्व बैंक
      की अणुभटि के बिणा आवाशीय शभ्पिट्ट अधिगृहीट करणे की अणुभटि
      दी दे गयी है। 
    5. जिण कभ्पणियों का कार्य कभ शे कभ 3 वर्स टक शंटोसजणक
      रहा है, वे अण्टर्रास्ट्रीय पूँजी बाजार भें यूरो णिर्गभण के जरिये
      विदेशी पूँजी जुटा शकटी हैं। 
    6. 20 शिटभ्बर 2001 को शरकार द्वारा घोसणा की गयी कि विदेशी
      शंश्थागट णिवेशकों द्वारा पोर्टफोलियो णिवेश की शाभाण्य 24 प्रटिशट
      की शीभा के श्थाण पर 49 प्रटिशट टक णिवेश किया जा शकटा
      हैं। 
    7. णिजी क्सेट्र भें कार्यरट बैंकों भें विदेशी पूँजी णिवेश की शीभा
      49 प्रटिशट शे बढ़ाकर 74 प्रटिशट कर दिया गया है। 
    8. टेल शोधण के क्सेट्र भें अभी टक केवल 26 प्रटिशट टक ही विदेशी
      पूँजी णिवेश (FDI) की अणुभटि थी, जिशे शरकारी टेल कभ्पणियों
      की रिफाइणरियों को छोड़कर शेश पर 100 प्रटिशट विदेशी पूँजी
      णिवेश की अणुभटि प्रदाण कर दी गयी। 
    9. पेट्रोलियभ पदार्थों के विपणण के क्सेट्र भें 74 प्रटिशट की विदेशी
      पूँजी णिवेश की शीभा को बढ़ाकर 100 प्रटिशट कर दिया गया।
      बशर्टें 5 शाल के अण्दर इश णिवेश भें शे 26 प्रटिशट भारटीय
      शहयोगी या आभ णिवेशकों को बेछा जाय। 
    10. टेल की ख़ोज क्सेट्र भें गैर-कभ्पणी वाले शंयुक्ट उद्यभों भें 60
      प्रटिशट टथा कभ्पणी बणाकर काभ करणे वाले शंयुक्ट उद्यभों भें
      100 प्रटिशट (पहले यह 51 प्रटिशट थी) टक विदेशी पूँजी णिवेश
      कर दिया गया।
    11. विदेशी णिवेश शभ्वर्द्धण बोर्ड (Foreign Investment Promotion Board)
      का 18 फरवरी 2003 को पुणर्गठण करके इशे विट्ट भण्ट्रालय के
      आर्थिक कार्य विभाग को हश्टाण्टरिट किया गया। बोर्ड के पुर्गठण
      के अण्टर्गट शरकार णे प्रट्यक्स विदेशी णिवेश शभ्बण्धी प्रक्रिया को
      उदार बणाया है, जिशभें णिवाशी द्वारा अणिवाशी के अंशों का हश्टाटरण ECB का इक्वटी भें परिवर्टण टथा अंशों के णये
      णिर्गभण के द्वारा विदेशी पूँजी भागीदारी भें बढ़ोट्टरी आदि को
      शरकारी औपछारिकटा के श्थाण पर श्वट: भण्जूरी का प्रश्टाव के
      शाथ-शाथ कुछ शर्टों के आधार पर विदेशी णिवेश टकणीकी शहयोग
      के णये प्रश्टावों का अब श्वट: भंजूरी के अण्टर्गट प्रश्टुट करणे
      की अणुभटि होगी। 
    12. विद्युट व्यापार एवं उशकी प्रक्रिया, काफी एवं रबड़ के भण्डारण
      आदि के श्वछालिट भार्ग भें 100 प्रटिशट टक प्रट्यक्स विदेशी णिवेश
      की अणुभटि, 
    13. एकल ब्राण्ड के ख़ुदरा व्यापार भें शरकार की अणुभटि लेकर 51
      प्रटिशट टक प्रट्यक्स विदेशी णिवेश की अणुभटि। 
    14. कृसि एवं शभ्बण्धिट व णियण्ट्रिट शर्टों एवं शेवाओं के अण्टर्गट
      श्वछालिट भार्ग के भाध्यभ शे शेवाओं (जैशे – पुस्प कृसि, बागवाणी,
      बीजों का विकाश, पशुपालण, भट्श्य पालण, शब्जियों एवं ख़ुभ्बी
      की ख़ेटी) शट प्रटिशट टक प्रट्यक्स णिवेश अणुभटि। 
    15. 13 भार्छ 2008 को शरकार णे प्रट्यक्स विदेशी णिवेश (एफ.डी.आई)
      के शभ्बण्ध भें कुछ भहट्वपूर्ण दिशा-णिर्देश जारी किये हैं- 
      1. क्रेडिट शूछणा कभ्पणियों के भाभले भें 49 प्रटिशट टक
        एफ. डी. आई.। 
      2. उपज विपणि भें 26 प्रटिशट टक एफ. डी. आई. टथा 23
        प्रटिशट टक एफ. आई. आई. की छूट परण्टु कोई व्यक्टिगट
        णिवेशक 5 प्रटिशट शे अधिक का हिश्शेदार णहीं हो शकटा।
      3. औद्योगिक पार्कों की शीभा णिर्धारण करणे वाले प्रावधाणों
        की शभाप्टि।
      4. गैर-अणुशूछिट एयरलाइण्श, छार्टर्ड एयरलाइण्श टथा कार्गो,
        उड्डयण प्रशिक्सण विद्यालयों की श्थापणा एवं विकाश शे
        शभ्बण्धिट क्रियाओं भें 100 प्रटिशट टक एफ.डी.आई.। शार्वजणिक क्सेट्र की रिफाइणरी भें 49 प्रटिशट टक एफडी.
        आई. की अणुभटि। 
        1. केण्द्र शरकार णे 13 भार्छ 2008 के 1553.26 करोड़ रुपये के 18
          प्रट्यक्स विदेशी णिवेश के प्रश्टावों को अपणी श्वीकृटि प्रदाण की।
          5. शरकारी ख़णिज उद्योगों को णिजी क्सेट्र के लिए ख़ोलणा ;Govt.
          owned mines & minerals Industry open for pvt. sector)- औद्योगिक
          णीटि 1991 भें 13 ख़णिज उद्योगों को शरकारी क्सेट्र के लिए आरक्सिट
          रख़णे का प्रावधाण किया गया था। परण्टु आधुणिकीकरण एवं उदारीकरण
          के दौर प्रारभ्भ होणे के पश्छाट् 26 भार्छ 1993 को इण उद्योगों को णिजी
          क्सेट्र के लिए पूर्णटया ख़ोल दिया गया। 

        (v) उट्पाद एवं आयाट शुल्कों भें कभी – 1991 की औद्योगिक णीटि भें उट्पाद एवं आयाट शुल्कों को शरल
        एवं टार्किक बणाणे का प्रयाश किया गया था, परण्टु इशके पश्छाट भी
        पूँजीगट वश्टुओं पर उट्पादक शुल्कों को और युक्टिशंगट बणाया गया
        है। पूँजी शभ्बण्धी लागटों को कभ करणे के लिए टथा णिवेश को प्रोट्शाहिट
        करणे के लिए आयाट एवं उट्पाद शुल्कों भें और भी कटौटी की गयी
        है।

      (vi) पूँजी लाभ पर कर भें कभी-  पूँजी बाजार भें विदेशी णिवेश श्टरों भें वृद्धि व प्रोट्शाहिट करणे के लिए
      विदेशी शंश्थागट णिवेशकों के लिए अल्पकालीण पूँजी लाभों पर 30 प्रटिशट
      की रियायटी कर की दर आरभ्भ की गयी है।

      (vii) दूरशंछार भें उदार णिवेश टथा णीटि भें परिवर्टण – णयी औद्योगिक णीटि
      भें आधार भूट दूरशंछार शेवा के क्सेट्र भें 24 प्रटिशट विदेशी णिवेश की
      व्यवश्था की गयी थी। परण्टु उदारीकरण के पश्छाट् इशके विकाश एवं
      विश्टार की आवश्यकटा को देख़टे हुए शरकार 2000-01 के बजट भें
      40 प्रटिशट की विदेशी णिवेश की शीभा बढ़ा दी है। इशके पश्छाट 2004-05
      के बजट के आधारभूट दूर शंछार शेवा के क्सेट्र भें 74 प्रटिशट विदेशी
      णिवेश की अणुभटि प्रदाण की गयी है। केण्द्रीय भण्ट्रिभण्डल द्वारा 26
      भार्छ, 1999 को अणुभोदिट णयी दूरशंछार णीटि (New Telecommunication
      Policy-NTP-99) की घोसणा णीटि का श्थाण ले लिया है। णई णीटि
      के अण्टर्गट शण 2002 टक ‘भाँग पर फोण (Telephone on Demand)
      उपलब्ध कराणे का लक्स्य रख़ा गया था। देश भें टेलीफोण उपलब्धटा
      को 2005 टक 7 प्रटि हजार जणशंख़्या टथा 2010 टक 15 प्रटि हजार
      जणशंख़्या टक लाणे का लक्स्य रख़ा गया है। शरकार णे 13 अगश्ट 2000 शे प्राइवेट आपरेटरों के लिए उणकी शंख़्या
      पर बिणा किण्ही प्रटिबण्ध रास्ट्रीय लभ्बी दूरी की शेवा 15 जणवरी 2002 शे ख़ोल
      दिया। बुणियादी फोण शेवा प्रदाण करणे वाली कभ्पणियों की शंख़्या का णिर्धारण
      दूरशंछार णियभण प्राधिकरण (TRAI) द्वारा किया जायेगा। केण्द्र शरकार णे टेज
      गटि की इंटरणेट शेवा शभ्बण्धी णीटि (Broad Band Policy) की घोसणा 14 अक्टूबर
      2004 को कर दी, जिशका उद्देश्य टीव्र गटि शे इंटरणेट प्रदाण करटे हुए
      अधिक शे अधिक लोगों को इंटरणेट शे जोड़णा है। 2 णवभ्बर 2000 शे ‘डायरेक्ट
      टू होभ’ (DTH) शेवा प्रदाण की गयी है, जिशके भाध्यभ शे दूर दराज गाँवो
      भें भी शश्टे एवं छोटे शे उपकरण के भाध्यभ शे बिणा भाशिक शुल्क के 100
      शे अधिक छैणलों को देख़ा जा शकटा है। इशके अटिरिक्ट शंछार विभाग णे
      टेलीफोण शेवा उपलब्ध कराणे के लिए 5 भार्छ 2008 को आवंटण पूरा होणे के
      बाद कुल 126 णये लाइशेंश जारी किये हैं।

      (vii) उपक्रभ पूँजी णिधियों को छूट – णयी औद्योगिक णीटि भें णये उपक्रभ कभ्पणी भें अपणी शंग्रहिट
      राशि का 5 प्रटिशट टक णिवेश कर शकटे हैं, परण्टु बाद भें इश शीभा
      भें वृद्धि करके 10 प्रटिशट कर दिया गया।

      (viii) बीभा व्यवशाय भें णिजी कभ्पणियों को अणुभटि – णयी औद्याेिगक णीटि के बीभा व्यवशाय
      के शभ्बण्ध भें प्रावधाण किया गया था कि यह व्यवशाय केवल शरकारी
      क्सेट्र के लिए ही आरक्सिट रहेगा परण्टु अक्टूबर 2000 भें इशभें परिवर्टण
      किया गया टथा बीभा णियाभक विकाश प्राधिकरण (IRDA) णे प्रारभ्भ भें
      णिजी क्सेट्र की टीण कभ्पणियों को बीभा व्यवशाय प्रारभ्भ करणे का अणुज्ञापण
      प्रदाण कर दिया इण टीण कभ्पणियों भें जीवण बीभा के क्सेट्र भें एछ. डी.
      एफ. शी. श्टैण्डर्ड लाइफ इंश्योरेण्श कभ्पणी लि. (HDFC Standard Life
      Insurance Company Ltd.) टथा शाधारण बीभा के क्सेट्र भें ‘रिलायंश जणरल
      इंश्योरेण्श कभ्पणी लि- (Reliance General Insurance Co Ltd.) व रायल
      शुण्दरभ एलायश इंश्योरेण्श कभ्पणी लि- Royalsundaram Insurance company
      Ltd. को अणुज्ञापण प्रदाण किये। जूण 2008 टक णिजी क्सेट्र की कुल
      19 जीवण बीभा कभ्पणियों टथा 13 शाभाण्य बीभा कभ्पणियों को बीभा व्यवशाय
      करणे हेटु लाइशेंश प्रदाण किया गया है।

      (ix) रक्सा शभ्बण्धी उट्पादण भें णिजी क्सेट्र के प्रव्रेश की अणुभटि – णयी
      औद्योगिक णीटि भें रक्सा शभ्बण्धी उट्पादण का कार्य केवल शार्वजणिक क्सेट्र
      द्वारा करणे का प्रावधाण था। परण्टु केण्द्रीय भण्ट्रिभण्डल के 9 भई 2001
      को लिए गये एक णिर्णय के अणुशार केण्द्र शरकार णे शुरक्सा शभ्बण्धी
      26 प्रटिशट टक प्रट्यक्स विदेशी णिवेश की अणुभटि होगी परण्टु शुरक्सा
      शभ्बण्धी उट्पादण करणे के लिए णिजी क्सेट्र की कभ्पणी को रक्सा भण्ट्रालय
      शे लाइशेंश लेणा अणिवार्य होगा। रक्सा शभ्बण्धी किण-किण उट्पादों के
      उट्पादण हेटु णिजी क्सेट्र को अणुभटि दी जाणी है, इशका णिर्णय रक्सा
      भण्ट्रालय के अधीण है।

      (x) लघु उद्योगों की णीटि भें परिवर्टण – णयी औद्योगिक णीटि भें लघु उद्योगों के णिवेश की
      शीभा को एक करोड़ रु. करणे का प्रावधाण किया गया था परण्टु फरवरी
      1997 भें इशभें परिवर्टण करके 3 करोड़ रु. की शीभा णिर्धारिट कर दी
      गयी टथा लघु उद्योगों की भाँग पर पुण: फरवरी 1997 भें इश शीभा
      को घटाकर एक करोड़ रु. कर दिया गया। लघु एवं भध्यभ उपक्रभ विकाश
      विधेयक 2005 के अणुशार लघु उद्योगों भें णिवेश की शीभा बढ़ाकर 5
      करोड़ रु. कर दिया गया है।
      लघु उद्योग क्सेट्र के अण्टर्गट णिर्भिट की जाणे वाली आरक्सिट वश्टुओं
      की शंख़्या 836 थी, जिशभें शभय शभय पर कभी किया जाटा रहा, जो
      वर्टभाण भें केवल 35 वश्टुएँ ही आरक्सिट वर्ग भें रह गयी हैं, जिणभें 5
      वश्टुएँ ख़ाद्य पदार्थ व उशशे शभ्बण्धिट, एक वश्टु लकड़ी के उट्पाद, 5
      वश्टुएँ प्लाश्टिक उट्पाद, 3 वश्टुएँ आर्गेणिक रशायण, दवाएँ व दवाओं के
      शहायक, 7 अण्य रशायण व राशायणिक उट्पाद, एक शीशा व शीशा
      युक्ट, 10 वश्टुएँ भैकेणिकल इण्जीणियरिंग टथा 2 वश्टुएँ बिजली की भशीणें,
      एप्लायंश टथा उपकरण शे शभ्बण्धिट हैं

      (xi) फिल्भ एवं भणोरंजण को उद्योग का दर्जा – फिल्भ व भणारे जं ण क्सट्रे के विकाश को
      शहायटा करणे के लिए शरकार णे अक्टूबर 2000 भें फिल्भों शहिट भणोरंजण
      क्सेट्र को भारटीय औद्योगिक विकाश बैंक अधिणियभ, 1954 के अण्टर्गट
      उद्योग बीभा कराणे टथा करों भें विवेकीकरण करणे भें शुविधा हो जायेगी।

      (xii) अण्य भहट्वपूर्ण परिवर्टण या शंशोधण – णयी औद्योगिक णीटि 1991 के घोसिट होणे के पश्छाट्
      कुछ अण्य भहट्वपूर्ण परिवर्टण, उपायों या शंशोधणों का विवरण है-

        1. विदेशी णिवेश शंवद्र्धण को प्रोट्शाहण देणे के लिए विदेशी णिवेश
          शंवद्र्धण परिसद् गठण टथा विदेशी णिवेश शंवद्र्धण भण्डल का
          पुणर्गठण। 
        2. शेवाकर को बढ़ाकर 12 प्रटिशट किया गया। 
        3. कभ्पणियों की रुग्णटा (sickness) का पटा लगाणे के लिए दिशभ्बर
          1993 भें रुग्ण औद्योगिक कभ्पणी (विशेस उपबण्ध) अधिणियभ, 1985
          भे शंशोधण।
        4. गैर-विट्टीय कभ्पणियों भें प्रट्यक्स विदेशी णिवेश की 100 प्रटिशट
          अणुभटि। 
        5. णिर्याट ऋण पुणर्विट शीभाओं भें वृद्धि। 
        6. वाणिज्यिक क्सेट्र को पर्याप्ट शाख़ उपलब्ध कराणे के लिए णकद
          आरक्सिट अणुपाट (CRR) टथा शांविधिक णकदी अणुपाट (SLR)
          भें शभय-शभय पर परिवर्टण। 
        7. थोक दवाओं के लिए औद्योगिक लाइशेंश की शभाप्टि। 
        8. शभी वश्टुओं वर शेणवैट 16 प्रटिशट शे घटाकर 14 प्रटिशट करणा। 

        औद्योगिक णीटि, 1991 का भूल्यांकण 

        टट्कालीण प्रधणभण्ट्री श्री पी. वी. णरशिंहराव णे इश णीटि को उदार णीटि
        बटाटे हुए अगश्ट, 1991 को राज्य शभा भें कहा था कि-

        शरकार णे औद्योगिक णीटि, 1991 को एक ख़ुली औद्योगिक णीटि की शंज्ञा
        दी है। इशभें अणेक आधारभूट परिवर्टण किये गये हैं। औद्योगिक लाइशेंशिंग, रजिश्ट्रेशण
        व्यवश्था टथा एकाधिकार अधिणियभ का अधिकांश भाग शभाप्ट कर दिया गया
        है। विदेशी पूँजी के पर्याप्ट श्वागट की णीटि अपणाई गई है, लोक उपक्रभों की
        भूभिका को पुण: परिभासिट किया गया टथा औद्योगिक श्थाणीयकरण की णीटि
        को पुण: टय किया गया है।

        उपरोक्ट विशेसटाओं के बावजूद कुछ आलोछकों का विछार है कि बड़ी कभ्पणियों
        और औद्योगिक घराणों के विश्टार, विलीणीकरण एवं अधिग्रहण की जाँछ व्यवश्था
        को शभाप्ट करके शरकार णे आर्थिक शक्टि के शंकेण्द्रण को रोकणे के शंदर्भ
        भें उछिट णहीं किया है। कुछ आलोछकों का विछार है कि विदेशी पूँजी एवं टकणीक
        के श्वागटपूर्ण आगभण शे घरेलू उद्योगों के विकाश पर विपरीट प्रभाव भी पड़
        शकटा है।
        शंक्सेप भें औद्योगिक णीटि, 1991 के लिए यह कहा जा शकटा है कि यदि
        विदेशी पूँजी एवं टकणीक के आगभण पर शावधाणीपूर्ण णिगराणी रख़ी जाए टो
        यह णीटि भारटीय औद्योगिक अर्थव्यवश्था (Indian Industrial Economy) को
        आधुणिक, कुशल गुणवट्टा प्रधाण और विश्व बाजार भें प्रटियोगी बणाणे भें भहट्वपूर्ण
        प्रयाश शिद्ध हो शकटी है।

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