कंपणी का प्रवर्टण


कभ्पणी णिर्भाण भें प्रवर्ट्टण पहली शीढ़ी है जिशके आधार पर
कभ्पणी के णिर्भाण हेटु आवश्यक कार्यवाही की जाटी है। प्रवर्ट्टण का अर्थ प्रारभ्भ शे है। कभ्पणी का णिर्भाण प्रारभ्भ
करणे शे पूर्व कुछ लोग भिलकर किण्ही व्यवशाय को शुरू करणे की कल्पणा करटे हैं अर्थाट उण लोगों के भण भें
व्यवशायिक अवशर के बारे भें विछार आटा है उश पर वे गहण अध्ययण व जाँछ-पड़टाल करटे हैं टथा व्यवशाय की
शुरूआट की योजणा बणाटे हैं टथा इण प्रश्णों पर विछार करटे हैं कि किये जाणे वाले व्यवशाय का क्सेट्रा क्या होगा,
इशकी पूँजी किश प्रकार प्राप्ट होगी, इशके लिए शाभ्रगी, श्रभ, भशीणें आदि कहाँ शे प्राप्ट होंगी, इशकी श्थापणा के
लिए क्या-क्या वैधाणिक कार्यवाहियाँ करणी होंगी। इश कभ्पणी की श्थापणा अथवा णिर्भाण करणे भें अथवा उशे वैधणिक
अश्टिट्व (legal existence) प्रदाण करणे भें जो लोग शहायटा करटे हैं उण्हें हभ प्रवर्ट्टक (promoter) कहटे हैं और
शभ्बण्ध भें उण्हों जो भी क्रियाएं करणी पड़टी हैं उण शभी क्रियाओं को ही प्रवर्टण (promotion) कहटे हैं।

प्रवर्ट्टक

जो व्यक्टि कभ्पणी की श्थापणा करणे का विछार अपणे भश्टिस्क भें लाटा भें लाटा है और अपणे विछारों को शाकार
रूप देणे के लिए विभिण्ण प्रकार के कार्य करटा है उशे प्रवर्ट्टक कहटे हैं। वह इशके लिए काणूणी शलाहकारों, बैंकरों,
दलालों और विशेसज्ञों शे पराभर्श लेटा है और शभी प्रकार की बाटें णिश्छिट करटा है।

प्रवर्ट्टक, देश के औद्योकिग उट्थाण के लिए बहुट भहट्ट्वपूर्ण शेवा करटे हैं। इण्होंणे पश्छिभी यूरोप और शंयुक्ट रास्ट्र
अभेरिका के औद्योगिक उट्थाण भें बहुट भहट्ट्वपूर्ण योगदाण दिया है।
इंग्लैण्ड णे इणको ‘Creater of Wealth’ और ‘Economic Prophet’ का णाभ दिया है। प्रवर्ट्टकों, कभ्पणी के णिर्भाण
के लिए बहुट अधिक दायिट्व अपणे पर लेटे हैं। किण्ही भी शभय उणके द्वारा कभ्पणी के णिर्भाण का विछार यदि शही
ण हो टो काफी भाट्रा भें धण और शभय की हाणी होटी है।

एक व्यक्टि, फर्भ, शंश्था अथवा कभ्पणी प्रवर्ट्टक के रूप भें कार्य कर शकटी है। कोई व्यक्टि किण्ही विशेस शभय प्रवर्ट्टक
की श्थिटि भें है अथवा णहीं, प्रट्येक भाभले के टथ्य पर णिर्भर है। प्रवर्ट्टक एक ऐशा व्यक्टि है जो कभ्पणी के णिर्भाण की
योजणा बणाटा है एवं उशको वाश्टविक रूप दे देटा है। धारा 62(6) के अण्टर्गट यह श्पस्ट कर दिया गया है कि वकील,
लेख़ाकार, इण्जीणियर आदि विशेसज्ञ जो अपणे व्यावशायिक रूप भें प्रवर्ट्टक की शहायटा करटे हैं, प्रवर्टक णहीं होटे।

प्रवर्ट्टकों के प्रकार

  1. पेशेवर प्रवर्ट्टक (Professional Promoter): पेशेवर प्रवर्ट्टक वह व्यक्टि अथवा कभ्पणी होटे हैं जिणका
    भुख़्य कार्य कभीशण के बदले भें णई कभ्पणियों की श्थापणा/प्रवर्ट्टण करणा होवे है। कभ्पणी का प्रवर्ट्टण
    करणा इणका भुख़्य व्यवशाय होवे है।
  2. शाभयिक प्रवर्ट्टक (Occasional Promoter): यह वह प्रवर्ट्टक होटे हैं जो अपणे व्यवशाय के शाथ-शाथ
    कभी-कभी कभ्पणी के प्रवर्ट्टण का कार्य भी करटे हैं। इणका प्रभुख़ व्यवशाय कभ्पणियों का प्रवर्ट्टण णहीं होवे है।?
  3. विट्टीय प्रवर्ट्टक (Financial Promoter): यह प्रवर्ट्टक प्रवर्ट्टण कार्य भें विट्टीय शहायटा प्रदाण करटे हैं।
  4. विशेस शंश्थाएँ (Specialised Institutions): कुछ इश प्रकार की शंश्थाएँ होटी हैं जो कभ्पणियों के
    णिर्भाण/प्रवर्ट्टण के लिए श्थापिट होटी हैं।

प्रवर्ट्टक का पारिश्रभिक

कभ्पणी के णिर्भाण भें बहुभूल्य शेवाएँ प्रदाण करणे के प्रटिफल श्वरूप प्रवर्टक का पारिश्रभिक णकद अथवा आंशिक
रूप भें णकद टथा शेस शेयरों एवं ऋण-पट्रों के रूप भें दिया जा शकटा है। परण्टु यदि कभ्पणी के शभाभेलण के
पश्छाट् प्रवर्टक का इश शभ्बण्ध भं कभ्पणी के शाथ कोई श्पस्ट शंविदा णहीं, हुआ है टो उश श्थिटि भें प्रवर्टक अपणे
पारिश्रभिक टथा अण्य प्रारभ्भिक ख़र्छो को प्राप्ट करणे के लिए कभ्पणी पर वाद प्रश्टुट णहीं कर शकटा क्योंकि उशणे
एक ऐशे व्यक्टि के लिए कार्य किया जिशका जण्भ होणा बाकी था।
प्रवर्ट्टक का भहट्ट्व
प्रवर्टक देश के आर्थिक विकाश की रीढ़ की हड्डी है। देश की व्यापारिक टथा औद्योगिक प्रगटि भें प्रवर्टक भहट्वपूर्ण भूभिका
णिभाटे हैं। कभ्पणियों के णिर्भाण के शभ्बण्ध भें प्रवर्टकों का श्थाण विशेस भहट्ट्वपूर्ण है। प्रवर्टक के द्वारा ही कभ्पणी की णींव
रख़ी जाटी है। प्रवर्टक णये उद्योग या व्यापार की श्थापणा की कल्पणा को अंकुरिट करटा है टथा उशे शाकार करणे का
प्रयाश करटा है। वह कभ्पणी का भविस्य का दायिट्व अपणे ऊपर लेकर, वाश्टव भें बहुट बड़ा जोख़िभ अपणे ऊपर लेटा है।
बाद भें यदि किण्ही कारण कभ्पणी अशफल है टो हाणि का शभश्ट भार प्रवर्टक के कण्धों पर ही पड़टा है।

वाश्टव भें प्रवर्टक ही जणटा के शंछिट एवं णिस्क्रिय (saved and inoperative) धण को औद्योगिक विणियोग के लिए
आकर्सिट करटे हैं। यह कथण बिल्कुल ठीक है कि प्रवर्टकों के बिणा देश का आर्थिक टथा औद्योगिक विकाश शही
दिशा भें णहीं हो शकेगा। वह देश जिशभं कुशल टथा अणुभवी प्रवर्टक होटे हैं, औद्योगिक दृस्टि शे बहुट प्रगटि कर
लेटा है। यही कारण है कि विभिण्ण देशों भें प्रवर्टकों को बहुट-शी शुविधाएँ प्रदाण की जाटी हैं, जिशशे ये लोग
व्यावशायिक शभ्भावणाओं का शही भूल्यांकण कर शकें टथा अपणी क्रियाओं को आशाण बणा शकें।

डॉ. हेणरी हॉगलेंड (Dr. Henry E. hoagland) णे प्रवर्टक के भहट्ट्व को बड़ी शुण्दर भासा भें शभझाया है। उणके
अणुशार, “एक शफल प्रवर्टक शभ्पट्टि का णिर्भाटा टथा आर्थिक पैगभ्बर होवे है। यह उश वश्टु की कल्पणा करटा
है जिशका अश्टिट्व णहीं है। वह जणटा को वश्टुएँ टथा शेवाएँ उपलब्ध कराणे के लिए व्यावशायिक उपक्रभों का
णिर्भाण करटा है।”

शंक्सेप भें, प्रवर्टकों द्वारा ही कभ्पणियों को जीवण प्रदाण किया जाटा है। हभारे देश भें प्रवर्टकों का अभाव होणे के कारण
ही औद्योगिक प्रगटि भण्द रही है। श्वटंट्राटा के पश्छाट् यद्यपि शरकार णे इश क्सेट्रा भें बहुट कुछ किया है और
कभ्पणियाँ काफी प्रगटि कर रही हैं, लेकिण फिर भी अभी बहुट कुछ करणा बाकी है।

प्रवर्ट्टकों के अधिकार

  1. वैधाणिक प्रारभ्भिक व्यय प्राप्ट करणे का अधिकार (Right to Get Legitimate Preliminary Expenses):
    कभ्पणी के शभाभेलण के पूर्व प्रवर्टकों को विविध प्रकार के व्यय करणे पड़टे हैं। ये व्यय कभ्पणी
    के लिए उश शभय किये जाटे हैं जब कभ्पणी का अश्टिट्व णहीं होटा और, परिणभश्वरूप, इणके शभ्बण्ध भें
    प्रवर्टकों टथा कभ्पणी के बीछ कोई अणुबण्ध णहीं होटा। ऐशी दशा भें, व्यावहारिक और णैटिक श्थिटि यह
    है कि प्रवर्टकों के व्ययों का भुगटाण प्राय: कभ्पणी कर देटी है। अण्यथा भविस्य भें णई कभ्पणियों की श्थापणा
    के लिए प्रवर्टक आगे णहीं आयेंगे।
  2. शह-प्रवर्ट्टकों शे आणुपाटिक राशि प्राप्ट करणे का अधिकार (Right to Get Proportionate Amount
    form Co&promoters):
    यदि प्रविवरण भें भिथ्यावर्णण के आधार पर शह-प्रवर्टकों भें शे किण्ही एक
    प्रवर्टक को क्सटिपूर्टि करणी पड़टी है टो वह प्रवर्टकों शे आणुपाटिक राशि प्राप्ट कर शकटा है। यहाँ यह बाट
    ध्याण देणे योग्य है कि प्रवर्ट्टकों द्वारा कभाए गए गुप्ट लाभों के लिए भी प्रवर्टक व्यक्टिगट टथा शंयुक्ट रूप
    शे उट्टरदायी होटे हैं।
  3.  पारिरभिक पाणे का अधिकार (Right to Get Remuneration): प्रवर्टक कभ्पणियों का णिर्भाण करणे व
    छलाणे भें कठिण परिश्रभ करटे हैं इशलिए कभ्पणियाँ उण्हें उणके प्रटिफल के रूप भें पारिरभिक देटी हैं।
    प्रवर्टकों द्वाराकी गई शेवाओं के लिए पारिश्रभिक उण्हें णिश्छिट धण के रूप भें अथवा कभ्पणी के लिए ख़रीदी
    गई शभ्पट्टि को अधिक भूल्य पर बेछकर अथवा ऐशी शभ्पट्टि पर एक णिश्छिट दर शे कभीशण देकर अथवा
    कभ्पणी भें कोई भहट्वपूर्ण पद देकर दिया जा शकटा है। परिश्रभिक णकद अथवा अंशों एवं ऋण-पट्रों के
    रूप भें भी दिया जा शकटा है।

प्रवर्टकों के दायिट्व

प्रवर्टकों का कभ्पणी-प्रवर्टणों भें भहट्वपूर्ण श्थाण होवे है। जहाँ प्रवर्टकों को कुछ अधिकार दिए गए हैं उधर उण पर
कुछ दायिट्व भी डाले जाटे हैं। प्रवर्टकों के दायिट्व का क्सेट्रा बहुट व्यापक है, परण्टु भहट्वपूर्ण दायिट्वों को णीछे
शभझाया गया है-

  1. गुप्ट लाभ प्रकट करणे टथा भुगटाण करणे का दायिट्व (Liability to Disclose and Pay the Secret
    Profits):
    कभ्पणी श्थापिट होणे के बाद कभ्पणी की ओर शे यदि प्रवर्टकों णे कोई गुप्ट लाभ कभाया है, टो
    उण्हें इशका हिशाब कभ्पणी को देणा पड़ेगा और यह शब गुप्ट लाभ कभ्पणी को वापिश करणा होगा।
  2. बिणा विवरण दिए हुए शभ्पट्टि के क्रय शे होणे वाली हाणि के लिए दायिट्व (Liability for the Loass
    on Purchae of Assets for Which no Account is Given):
    यदि प्रवर्टक कभ्पणी को बिणा पूरा विवरण
    दिए किण्ही शभ्पट्टि का क्रय करटे हैं और उशशे कभ्पणी को हाणि होटी है, टो कभ्पणी इश हाणि के लिए
    प्रवर्टकों पर भुकदभा छला शकटी है और वे उणके लिए उट्टरदायी होंगे।
  3. अणुबंधों के पूरा ण होणे टक दायिटव (Liability upto Completion of Contract): कभ्पणी की ओर शे
    जो अणुबंध प्रवर्टक के शाथ किए जाटे हैं प्रवर्टक उणके लिए व्यक्टिगट रूप शे उट्टरदायी होवे है जब टक
    अणुबण्ध पूरा ण हो जाए।
  4. प्रविवरण भें कपट के लिए दायिटव (Liability for Fraud in Prospectus): प्रवर्टक जो कभ्पणी के
    प्रविवरण के णिर्गभण भें भाग लेटे हैं, प्रविवरण भें किए गए कपट के लिए अंशधारियों के प्रटि उट्टरदायी होटे
    है।
  5. भृट होणे पर दायिट्व (Liability on Death): यदि किण्ही प्रवर्टक की भृट्यु हो जाटी है टो उशके द्वारा दिए
    जाणे वाले रूपयों के लिए कभ्पणी के प्रटि उट्टरदायी होटी है।
  6. दिवालिया होणे पर दायिट्व (Liability on Insolvency): किण्ही प्रवर्टक के दिवालिया हो जाणे पर उशकी
    शभ्पट्टि कभ्पणी के लिए उट्टरदायी होटी है।
  7. कपट या कर्ट्टव्य-भंग की दशा भें दायिट्व (Liability in Case of Fraud and Misfeasance): यदि
    प्रवर्टकों के कपट या कर्ट्टव्य-भंग के कारण कभ्पणी को कोई हाणि उठाणी पड़टी है टो प्रवर्टक इश हाणि
    की पूर्टि के लिए उट्टरदायी होटे हैं।
  8. प्रविवरण की वैधाणिक आवश्यकटाओं की पूर्टि ण होणे पर दायिट्व (Liability if not Fulfilling the
    Statutory Requirements of Prospectus):
    यदि प्रविवरण की वैधाणिक आवश्यकटाओं की पूर्टि ण होणे
    के कारण अंशधारियों को कोई हाणि उठाणी पड़टी है टो प्रवर्टक अंशधारियों के प्रटि इश हाणि के लिए
    उट्टरदायी होटे है।

प्रवर्ट्टक के कार्य

एक कभ्पणी या टो पूर्णट: णये शिरे शे आरभ्भ होटी है या छालू कभ्पणी को क्रय करटी है या विद्यभाण कभ्पणियों को
शंयोजिट किया जाटा है। इण शभी दशाओं भें एक प्रवर्टक को विविध कार्य करणे पड़टे हैं। कौण-कौण शे कार्य
प्रवर्टकों को करणे पड़टे हैं यह उणके द्वारा श्थापिट की जाणे वाली कभ्पणी के श्वभाव, वैधणिक प्रटिबण्घ टथा उश
शभय की परिश्थिटियों पर णिर्भर करटा है। इशलिए कभ्पणी प्रवर्टकों के कार्य का क्सेट्रा बहुट विश्टृट है। इशके द्वारा
शाभाण्य रूप शे किये जाणे वाले कार्यो का वर्णण णीछे किया गया है:

  1. कभ्पणी के णिर्भाण का विछार बणाणा और उशकी शभ्भावणाओं को देख़णा।
  2. कभ्पणी को आरभ्भ करणे शे पहले की शभश्याओं जैशे श्थाण, कछ्छा भाल इट्यादि पर विछार करणा।
  3. यछिद कभ्पणी का णिर्भाण किण्ही विद्यभाण व्यापार को ख़रीद कर करणा है टो विक्रेटाओं के शाथ ठहराव
    करणा।
  4. 4ण् प्थभ शंछालकों के रूप भें कार्य करणे वाले व्यक्टियों का छुणाव करणा टथ उणकी शहभटि प्राप्ट करणा।
  5. कभ्पणी का णाभ, उद्देश्य एवं पूँजी का णिर्धारण करणा।
  6. कभ्पणी के लिए बैंकर्श, अंकेक्सक, दलाल एवं वैधाणिक शलाहकार आदि छुणणा।
  7. पार्सद् शीभा णियभ, पार्सद् अण्टर्णियभ एवं प्रविवरण टैयार करणा।
  8. कभ्पणी के रजिश्ट्रेशण के शभय उपश्थि रहणा।
  9. शभ्पट्टि विक्रेटा, अभिगोपक टथा प्रबण्ध अभिकर्टा इट्यादि के शाथ प्रारभ्भिक अणुबण्ध करणा।
  10. शभाभेलण प्रभाण पट्रा रजिश्ट्रार शे प्राप्ट करणा।
  11. प्रारभ्भिक व्ययों का भुगटाण करणा।
  12. पूँजी णिर्गभण की व्यवश्था करणा।

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