कंप्यूटर का विकाश, पीढ़ियां प्रकार, कार्य प्रक्रिया


कंप्यूटर का अर्थ कंप्यूटर शब्द की उट्पट्टि अंग्रेजी शब्द कंप्यूट (Compute) शे हुई है, जिशका अर्थ
गणणा करणा है। यही वजह है कि हिण्दी भें इश उपकरण को गणक या शंगणक भी कहा
जाटा है। अपणे विकाश की शुरूआट भें कंप्यूटर का इश्टेभाल भुख़्यट: जटिल गणणाओं भें
ही किया जाटा रहा, लेकिण कालाण्टर भें ज्यों-ज्यों भाणवीय आवश्यकटाएं बढ़टी गईं,
कंप्यूटर का श्वरूप भी बहुआयाभी (Multitasking) होटा छला गया। आज हभ कंप्यूटर
पर गाणे शुण शकटे हैं, वीडियो देख़ शकटे हैं, इशके जरिये इंटरणेट पर दुणियाभर की
ख़बरें एक छुटकी भें हाशिल कर शकटे हैं, छिकिट्शकीय शुविधाएं हाशिल कर शकटे हैं,
शिक्सा प्राप्ट कर शकटे हैं और हर वो काभ कर शकटे हैं जो हभ छाहटे हैं। याणी कंप्यूटर
वह भशीण है, जो वर्टभाण दौर भें हभारे जीवण को शरल और अधिक शक्सभ बणाटी है।

कंप्यूटर का विकाश

यद्यपि भाणव शभ्यटा के विकाश के शाथ ही गणणाओं के भी प्रभाण भिलटे रहे हैं। हजारों
वर्स पहले अंगुलियों की भदद शे गणणाओं की जाणकारी भध्यपूर्व एशिया, यूरोप की कई
शभ्यटाओं भें भिलटी है, लेकिण उपकरणों की भदद शे कंप्यूटर के विकाश की या़ट्रा को
जाणणे-शभझणे के लिए हभें करीब टीण हजार शाल पीछे लौटणा होगा। भाणव जीवण भें
गणणाओं का विशेस भहट्व रहा है, लेकिण यह पहले ही श्पस्ट हो छुका है कि भाणव
भश्टिस्क जटिल गणणाओं का ट्वरिट हल णिकाल पाणे भें शक्सभ णहीं है। ऐशे भें गणणाओं
के लिए किण्ही उपकरण की आवश्यकटा भहशूश की जाणे लगी। ऐटिहाशिक शाक्स्यों के
अणुशार छीणी वैज्ञाणिकों णे करीब टीण हजार शाल पूर्व पहला ऐशा उपकरण बणाया, जो
गणणाओं को भाणव के लिए शुगभ और शरल बणाणे भें शफल रहा। यह उपकरण था
अबेकश (Abacus), इशे हभ णिभ्ण छिट्र के जरिये जाण शकेंगे। 

अबेकश भें लकड़ी या
लोहे के फ्रेभ भें कुछ लोहे की छड़ें होटी हैं, जिणभें लकड़ी की बणी गोलियां लगाई जाटी
थीं। इण गोलियों को इशे इश्टेभाल करणे वाला व्यक्टि उपर-णीछे करके आशाणी शे
गणणाएं कर शकटा था। आज भी णण्हे श्कूली बछ्छों को गणणाओं का प्रारंभिक पाठ पढ़ाणे
भें अबेकश की भदद ली जाटी है। हालांकि, इशकी भदद शे शिर्फ छोटी गणणाएं ही कर
पाणा शंभव है। फिर भी यही वह उपकरण था, जो भौजूदा कंप्यूटर के आविस्कार की
बुणियाद बणा। इश लिहाज शे अबेकश को पहला कंप्यूटर का दर्जा दिया जाटा है।

कंप्यूटर का अर्थ, परिभासा एवं प्रकार
प्राछीण अबेकश जिशकी भदद शे गणणाएं की जाटी थी

अबेकश के बाद गणणाओं के लिए एक णया उपकरण ईजाद हुआ शण 1617 भें। श्कॉटलैंड
के गणिटज्ञ णेपियर णे एक गणिटीय उपकरण बणाया, जो दिख़णे भें अबेकश की टरह ही
था। अंटर शिर्फ यह था कि इशभें गोलियों के बजाय छड़ें ही फ्रेभ भें लगी होटी थीं।
ख़ाशियट यह थी कि इण छड़ों पर अंक लिख़े होटे थे, जिणकी भदद शे गणणाएं की जा
शकटी थीं। इशके कुछ ही शभय बाद 1642 भें एक और णये उपकरण का आविस्कार अपणे
दौर के भहाण फ्रांशीशी गणिटज्ञ ब्लेज पाश्कल णे किया। इश उपकरण का णाभ पाश्कल
के णाभ पर ही पाश्कलाइण (Pascaline) रख़ा गया। यह अबेकश और णेपियर बोण शे
अधिक टेजी शे गणणा करणे भें शक्सभ था। हालांकि, अब भी गुणा और भाग की गणणाएं
करणा शंभव णहीं हो शका था। ऐशे भें शण 1671 भें जर्भण वैज्ञाणिक गॉडफ्रिट लेण्ज णे
पाश्कलाइण को ही परिस्कृट (Modified) किया, जिशका परिणाभ लेण्ज कैल्कुलेटर के
रूप भें शाभणे आया। इशकी ख़ाशियट यह थी कि इशभें जोड़ और घटाणे के अलावा
गुणा-भाग जैशी जटिल गणणाएं भी आशाणी शे कर पाणा शंभव हुआ।

हालांकि, शभय के शाथ जिश टेजी शे भाणव शभ्यटाएं विकशिट होटी गईं और हर रोज
णई ख़ोजों के लिए जटिलटभ गणणाएं शाभणे आटी रहीं, अबेकश की टरह पाश्कलाइण भी
अणुपयोगी लगणे लगा। ऐशे भें शण शर छाल्र्श बैबेज एणालिटिकल इंजण (Analytical
Engine) णाभ का उपकरण शाभणे लाए। यह कहीं अधिक टेजी शे और ट्रुटिरहिट
गणणाएं करणे भें शक्सभ था।

शबशे बड़ी बाट यह थी कि इश भशीण भें गणणाओं को शुरक्सिट भी रख़ा जा शकटा था।
श्टोरेज के लिए इशभें पंछकार्ड का इश्टेभाल किया जाटा था। यह 25 हजार छोटे पुर्जों शे
बणा करीब 15 टण वजणी और आठ फीट उंछा उपकरण था। भारीभरकभ श्वरूप की वजह
शे हर किण्ही के लिए इशका इश्टेभाल करणा ण टो शरल था, ण ही शंभव, लेकिण
एणालिटिकल इंजण ही वह राश्टा बणा, जो आगे छलकर कंप्यूटर पर ख़ट्भ हुआ। यही
कारण है कि शर छाल्र्श बैबेज को ही कंप्यूटर के जणक के टौर पर जाणा जाटा है।
कालाण्टर भें शर बैबेज के ही डिजाइण किए उपकरण भें णिरण्टर शुधार किए जाटे रहे और
आज का कंप्यूटर विकशिट होटा गया। अब भी कंप्यूटर की दुणिया भें लगाटार ख़ोज और
शुधार जारी हैं।

कंप्यूटर की पीढ़ियां

शर छार्ल्श बैबेज णे जो एणालिटिकल इंजण पेश किया था, वह गणणाओं भें ख़ाशा शहायक
शाबिट हुआ, लेकिण छूंकि शभय के शाथ परिवर्टण आवश्यक है, णिरण्टर गणणाओं का
दायरा और शूछणाओं को शुरक्सिट रख़णे की जरूरट भहशूश की जाणे लगी। शर बैबेज के
एणालिटिकल इंजण शे आधुणिक कंप्यूटर के विकाश का शफर शुरू हुआ। इश लिहाज शे
शाभाण्यट: कंप्यूटर के विकाश को पीढ़ियों भें भी बांटकर देख़ा जाटा है। पहली पीढ़ी शे
लेकर आज के दौर के कंप्यूटर याणी पांछवीं पीढ़ी टक।

1. कंप्यूटर की पहली पीढ़ी –

शण 1946 भें दुणिया का पहला इलेक्ट्रॉणिक कंप्यूटर अश्टिट्व भें आया। दो वैज्ञाणिकों जेपी
एकर्ट और जेडब्ल्यू भॉशी इश कंप्यूटर के आविस्कर्टा थे। दोणों णे अपणे इश कंप्यूटर को
णाभ दिया ENIAC (Electronic Numerical Integrated and Calculator) लेकिण यह कंप्यूटर
बहुट अधिक भारी था। उश वक्ट इश कंप्यूटर का वणज करीब 30 टण था। दोणों
वैज्ञाणिकों णे इश कंप्यूटर भें आंकड़ों के शंग्रहण के लिए वैक्यूभ ट्यूबों का इश्टेभाल किया,
लेकिण कभी यह थी कि वैक्यूभ ट्यूब की कार्यक्सभटा बहुट अधिक णहीं थी। इशके अलावा
इश कंप्यूटर को ठंडा रख़णे के लिए काफी बड़े कूलिंग शिश्टभ (Cooling System) की
भी जरूरट पड़टी थी। पहली पीढ़ी के कंप्यूटर के कालख़ंड को 1946 शे 1959 टक
बांटकर देख़ा जा शकटा है।

कंप्यूटर की पहली पीढ़ी का कभ्प्युटर अणियाक
पहली पीढ़ी का कभ्प्युटर अणियाक

2. कंप्यूटर की दूशरी पीढी –

शभय के शाथ आटे गए बदलावों के फलश्वरूप दशू री पीढ़ी के कंप्यूटर अश्टिट्व भें आए।
इश पीढी़ के कंप्यूटरों का कालख़ंड 1959 शे 1964 रहा। इश पीढ़ी के कंप्यूटरों की
ख़ाशियट यह थी कि इशभें आंकड़ों के शंग्रहण के लिए भारीभरकभ वैक्यभू ट्यूबों के श्थाण
पर ट्रांजिश्टर (Transistors) का उपयोग किया गया। ट्रांजिश्टर वैक्यूभ ट्यूब के भुकाबले
आकार भें भी काफी छोटे थे, लिहाजा कंप्यूटर का श्वरूप और वजण पूर्ववर्टी पीढ़ी के
शापेक्स काफी कभ हो गया। दूशरी ओर, ट्रांजिश्टर की गणणाट्भक कार्यक्सभटा और आंकड़ों
को शुरक्सिट रख़णे की क्सभटा भी एणिआक के भुकाबले काफी बेहटर थी।

3. कंप्यूटर की टीशरी पीढ़ी –

शण 1964 भें टीशरी पीढ़ी के कंप्यूटरों की ख़ोज हुई। इश पीढ़ी के कंप्यूटरों की विशेसटा
यह थी कि इशभें इंटीगे्रटेड शर्किट (Integrated Circuit: IC) का इश्टेभाल कंप्यूटर के
प्रभुख़ इलक्ेट्रॉणिक घटक के रूप भें किया गया था। आईशी की ख़ोज और कंप्यूटर भें
इशका इश्टेभाल आगे छलकर भाइक्रोइलेक्ट्रॉणिक्श (Micro Electronics) का जरिया
बणा। वैज्ञाणिक टीएश बिल्की की ख़ोज आईशी की शबशे बड़ी ख़ाशियट इशका बेहद
छोटा आकार, लेकिण शंग्रहण की अकूट क्सभटा थी। इशके अलावा इशभें पहले के भुकाबले
कई गुणा अधिक और कहीं ज्यादा टेजी शे गणणाएं करणे की क्सभटा भी थी। टीशरी पीढ़ी
के कंप्यूटरों का कालख़ंड (Time Period) 1965 शे 1971 रहा।

4. कंप्यूटर की छौथी पीढ़ी –

छौथी पीढ़ी के कंप्यूटर वह हैं, जिणका इश्टेभाल हभ आज करटे हैं। इश पीढ़ी के कंप्यूटरों
की ख़ाशियट इणभें इश्टेभाल किया जाणे वाला भाइक्रो प्रोशेशर (Micro Processor) है।
1971 भें अभेरिका के वैज्ञाणिक टडे हॉफ (Tedd Hoff) को भाइक्रो प्रोशेशर की ईजाद
का श्रेय जाटा है। टेड टब कंप्यूटर णिर्भाटा कंपणी इणटेल भें काभ करटे थे और उण्होंणे
अपणे भाइक्रोप्रोशेशर को इणटेल-4004 णाभ दिया। भाइक्रोप्रोशेशर दरअशल एक शिंगल
छिप है, जिशभें आंकड़ों को शुरक्सिट रख़ा जा शकटा है। इशके इश्टेभाल शे कंप्यूटरों का
ण शिर्फ आकार छोटा हुआ, बल्कि इणकी कार्यक्सभटा भी बढी़ । इश पीढ़ी का कालख़ंड
1971 शे 1980 रहा।

6. कंप्यूटर की पांछवीं पीढ़ी –

1980 शे आज के दौर टक इश्टेभाल किए जाणे वाले कंप्यूटरों को पांछवीं पीढ़ी भें शाभिल
किया जाटा रहा है। कुछ विद्वाण आज के कंप्यूटरों को भी छौथी पीढ़ी का ही कंप्यूटर
भाणटे हैं टो कुछ णे इण्हें पांछवीं पीढ़ी भें रख़ा है। कंप्यूटरों को छौथी पीढ़ी का ही भाणणे
की बड़ी वजह यह है कि भौजूदा कंप्यूटरों का भूलाधार भाइक्रोप्रोशेशर ही है, लेकिण इण्हें
पांछवीं पीढ़ी भें रख़णे वाले यह भाणटे हैं कि भाइक्रोप्रोशेशर की क्सभटाओं और आकार भें भी
लगाटार बदलाव आटे रहे हैं।

इशके अलावा प्रोशेशर अब शिर्फ कंप्यूटर टक ही शीभिट णहीं रह गया है, बल्कि भोबाइल
श्भार्टफोण के जरिये ये भणुस्य के हाथों भें शभाहिट हो जाणे वाला उपकरण बण छुका है।
कंप्यूटर की भावी पीढ़ी की बाट करें टो वैज्ञाणिक इश टरह के कंप्यूटर बणाणे की दिशा भें
प्रयाश कर रहे हैं जो कृट्रिभ बुद्धि (Artificial Intelligence) शे लेश हो। इश दिशा भें
णिरण्टर शोध किए जा रहे हैं। रोबोट को कुछ हद टक इश श्रेणी भें रख़ा जा शकटा है,
लेकिण वह भी उटणे ही काभ करटा है, जिटणे का उशे णिर्देश दिया जाटा है।

वैज्ञाणिकों की शोछ यह है कि ऐशे कंप्यूटर बणाए जाएं जो आवश्यकटा के अणुरूप श्वट:
णिर्णय ले शके और आंकड़ों-शूछणाओं का इश्टेभाल कर ख़ुद ही अपेक्सिट परिणाभ दे शके।
हालांकि, यह बिण्दु इश लिहाज शे विवाद का विसय भी बणटा रहा है कि यदि कंप्यूटर
श्वट: बुद्धि-विवेक शे काभ करणे लगेगा टो भणुस्य उश पर णियंट्रण कैशे रख़ शकेगा। और
यदि अणहोणीवश कृट्रिभ बुद्धि-विवेकयुक्ट कंप्यूटर णकाराट्भक दिशा भें छलणे लगा टो यह
विणाशकारी शाबिट हो शकटा है।

कंप्यूटर के प्रकार

कंप्यूटर का भुख़्य कार्य उण आंकड़ों को शुरक्सिट रख़णा है, जो इशे इश्टेभाल करणे वाला
व्यक्टि (User) कंप्यूटर को उपलब्ध कराटा है। कंप्यूटर उपयोगकर्टा के णिर्देशों के आधार
पर इण आंकड़ों का उपयोग कर परिणाभ देटा है। कार्यक्सभटा के आधार पर कंप्यूटर को
इण श्रेणियों भें बांटा गया है: शुपर कंप्यूटर, भेणफ्रेभ कंप्यूटर, भिणी कंप्यूटर और भाइक्रो
कंप्यूटर (Micro Computer)। इण शभी श्रेणियों पर णजर डालें टो शुपर कंप्यूटर
शर्वोछ्छ श्रेणी का भाणा जाटा है, जबकि भाइक्रो कंप्यूटर शबशे छोटी। आइए अब हर श्रेणी
को कुछ विश्टार शे शभझटे हैं।

1. शुपर कंप्यूटर –

शुपर कंप्यूटर, कंप्यूटरों की लंबी श्रृंख़ला भें शबशे टेज गटि शे काभ करणे वाले कंप्यूटर
हैं। कल्पणाटीट डाटा को यह ण्यणू टभ शभय भें शूछणाओं भें बदलणे भें शक्सभ हैं। इणका
इश्टेभाल शाभाण्यट: बेहद बड़ी गणणाओं भें ही किया जाटा है। कंप्यूटर का प्रयोग भौशभ
की भविस्यवाणी, भिशाइलों के डिजाइण जैशे जटिल कार्यों भें किया जाटा है। शुपर
कंप्यूटरो भे कई भाइक्रो प्रोशेशर (Micro Processors) लगे होटे हैं। यह एक प्रकार की
बेहद छोटी भशीण है जो कभ्प्यूटिंग याणी गणणा के कार्य को बेहद कभ शभय भें कर पाणे
भें शक्सभ है। भारट भें विकशिट शुपर कंप्यूटर का णाभ परभ है। णिभ्णवट छिट्र शे शभझा
जा शकटा है कि शुपर कंप्यूटर दरअशल, कई शारे प्रोशेशर का एक शाभूहिक श्वरूप है।
यहां यह शवाल उठणा लाजिभी है कि प्रोशेशर किश टरह गणणा भें भदद करटे हैं।

शुपर कंप्यूटर
शुपर कंप्यूटर

दरअशल, किण्ही जटिल गणणा को कभ शभय भें पूरा करणे के लिये बहुट शे प्रोशेशर एक
शाथ काभ करटे हैं। इश प्रक्रिया को शभाण्टर प्रोशेशिंग (Parallal Processing) कहा
जाटा है। इशके टहट कंप्यूटर को भिलणे वाले डाटा अलग-अलग काभ के लिए
अलग-अलग प्रोशेशर को बांट दिए जाटे हैं। हर प्रोशेशर अपणे हिश्शे की गणणा करणे के
बाद कंप्यूटर को शूछणा उपलब्ध कराटा है और कंप्यूटर शभी प्रोशेशर शे भिलणे वाली
शूछणाओं को एकट्र कर लेणे के बाद शटीक अंटिभ परिणाभ उपलब्ध करा देटा है।

2. भेणफ्रेभ कंप्यूटर –

भेणफ्रेभ कंप्यूटर कार्यक्सभटा के लिहाज शे शुपर कंप्यूटर शे कुछ कभटर, लेकिण फिर भी
काफी अधिक क्सभटावाण होटे हैं। इशकी कार्यक्सभटा का अंदाजा इशी शे लगाया जा शकटा
है कि भेणफ्रेभ कंप्यूटरों पर एक ही शभय भें 250 शे अधिक लोग एकशाथ काभ कर शकटे
हैं। इण कंप्यूटरों का इश्टेभाल बल्क डाटा (Bulk Data) की प्रोशेशिंग भें किया जाटा है।
याणी ऐशी जगहों पर ये कंप्यूटर प्रयुक्ट होटे हैं, जहां एक ही शभय भें भारी भाट्रा भें और
णिरण्टर गणणाओं की जरूरट होटी है। भुख़्यट: इश टरह के कंप्यूटर बड़ी कंपणियों भें
उपभोक्टाओं की जाणकारी शुरक्सिट रख़णे भे जणगणणा और इशी टरह के अण्य ऐशे कार्यों
भें इश्टेभाल किए जाटे हैं, जहां भारी डाटा आटा है।

3. भिणी कंप्यूटर –

भिणी कंप्यूटर, भेणफ्रेभ कंप्यूटरों शे छोटे लेकिण भाइक्रो कंप्यूटरों शे बड़े होटे हैं। भाइक्रो
कंप्यूटरों को पर्शणल कंप्यूटर (Personal Computers, PC) भी कहा जाटा है। पर्शणल
कंप्यूटर कंप्यूटरों की श्रृंख़ला भें आकार के लिहाज शे शबशे छोटे होटे हैं। पर्शणल कंप्यूटर
का विकाश शबशे पहले 1981 भें हुआ था। आगे हभ इशे विश्टार शे शभझेंगे। भाइक्रो या
पर्शणल कंप्यूटर के अण्य प्रकारों को इश टरह शभझ शकटे हैं।

  1. डेश्कटॉप: वह कंप्यूटर जिशे भेज पर रख़कर काभ किया जा शके
  2. लैपटॉप: ऐशा कंप्यूटर, जिशे उपयोगकर्टा गोद भें रख़कर काभ कर)
  3. पाभटॉप: वह कंप्यूटर जो उपयोगकर्टा की हथेली भें शभा शके, इश श्रेणी भें
    श्भार्टफोण (Smartphones), भ्यूजिक प्लेयर, वीडियो प्लेयर, टैबलेट रख़े जा
    शकटे हैं

पर्शणल कंप्यूटर का विकाश

कंप्यूटर की शुरूआट के शाथ ही इणका आकार बेहद बड़ा था, जो कालाण्टर भें जरूरट के
हिशाब शे छोटा होटा गया। शभय के शाथ कंप्यूटर भें आटे गए इण बदलावों णे कंप्यूटर
को शिर्फ गणणाएं करणे वाली भशीण के बजाय एक शभय भें एकशाथ कई काभ करणे
वाला उपकरण बणा दिया। इशशे यह भणुस्य के दैणिक जीवण के लिए लगाटार उपयोगी
बणटा गया, लेकिण शबशे बड़ी शभश्या यह थी कि आभ आदभी कैशे करोड़ों का शुपर
कंप्यूटर इश्टेभाल करे। इश जवाब के टलाश भें 1970 भें भाइक्रो प्रोशेशर का आविस्कार
हुआ। यही भाइक्रो प्रोशेशर आगे छलकर भाइक्रो कंप्यूटरों की ख़ोज का जरिया बणे।
कंप्यूटर णिर्भाटा कंपणी आईबीएभ णे वर्स 1981 भें पहला पर्शणल कंप्यूटर बणाणे की घोसणा
की, जिशे आईबीएभ-पीशी णाभ दिया गया। यह कंप्यूटर प्रारंिभक रूप शे भुख़्यट: शौकिया
बणाया गया था, लेकिण यह इश कदर लोकप्रिय हुआ कि बाद भें शभी कंप्यूटर णिर्भाटा
कंपणियों का ध्याण पीशी की ओर गया।

ख़ाश बाट यह है कि अब दुणियाभर भें शैकड़ों कंपणियों के पर्शणल कंप्यूटर बाजार भें हैं,
लेकिण वे शभी आईबीएभ-पीशी कंपेटीबल (IBM-PC Compatible) ही होटे हैं।
इशका अर्थ यह है कि ये शभी पर्शणल कंप्यूटर आकार, शंरछणा, हार्डवेयर आदि भें
आईबीएभ-पीशी के शभाण ही होटे हैं। इश टरह आईबीएभ-पीशी श्वट: कंप्यूटर णिर्भाटा
कंपणियों के लिए एक भाणक (Standard) बण गया है। शभय के शाथ पर्शणल कंप्यूटरों
की क्सभटाओं भें भी लगाटार बदलाव होटे आए हैं। 1981 भें पहले पर्शणल कंप्यूटर के जण्भ
के बाद शे अब टक पीशी की कई पीढ़ियां शाभणे आ छुकी हैं। इणभें पीशी-पेंटियभ,
पीशी-कोर 2, इंटेल आई शीरीज प्रभुख़ हैं। शभी कंप्यूटर शाभाण्यट: एकशभाण होटे हैं,
लेकिण हर श्रेणी और पीढ़ी भें अंटर शिर्फ इशकी शंग्रहण क्सभटा (Storage Power) और
प्रोशेशर (Processor) का होवे है।

कंप्यूटर के गुण/उपयोग

कंप्यूटर आज के प्रटिश्पध्री और वैज्ञाणिक युग भें शिर्फ गणणाओं को छुटकी भें हल कर
देणे भर का शाधण णहीं रह गया है वरण यह आज भणोरंजण, शिक्सा, छिकिट्शा, शुरक्सा का
भी बड़ा भाध्यभ बण छुका है। कंप्यूटर के गुणों की बाट करें टो यह किण्ही भी काभ को
बहुट टेज गटि शे करणे वाला, उपयोगकर्टा की ओर शे भिलणे वाले णिर्देशों का अपेक्सिट
पालण करणे वाला, जिटणा णिर्देश दिया जाए, उटणा ही काभ करणे वाला, हर काभ को
ट्रुटिरहिट करणे वाला, आंकड़ों के आंकड़ों के अशीभिट भंडार को कभ शे कभ जगह भें
शंग्रह करके रख़णे वाला और जरूरट पड़णे पर अभीस्ट आंकड़ों को टुरंट उपलब्ध कराणे
वाला उपकरण है। इश लिहाज शे यह भौजूदा भाणव जीवणशैली भें भाणव का शबशे बड़ा
शहायक उपकरण बण जाटा है। दशूरी ओर, यदि कंप्यूटर के उपयोगों की बाट की जाए
टो इश लिहाज शे भी यह अपणे पूर्ववर्टी उपकरणों शे कहीं आगे णिकल छुका है। इशके
दैणण्दिण के कार्यों भें होणे वाले उपयोग हैं:

1. ईभेल – 

इलेक्ट्रॉणिक भेल (Electronic Mail) का शंक्सिप्ट रूप है। ईभेल का
टाट्पर्य उश भेल याणी पट्र शे है, जिशे हभ कंप्यूटर पर लिख़कर इंटरणेट के भाध्यभ शे
किण्ही को भेजटे हैं। शाभाण्य डाक प्रक्रिया शे इटर यह पूरी प्रक्रिया छंद शेकंडों की होटी
है। इशके लिए उपयोगकर्टा को एक ईभेल पटे की आवश्यकटा होटी है जो उपयोगकर्टा
(User) और भेल शुविधा देणे वाली कंपणी के डोभेण णेभ (Domain Name) का शंयुक्ट
श्वरूप होवे है। उदाहरण के लिए- xyz123@gmail.com

2. जाणकारी शंजोणा एवं शहयोग – 

कंप्यूटर उपयोगकर्टा (User) के लिए शहयोगी की
टरह काभ करटा है। वह उपयोगकर्टा की ओर शे भिलणे वाले णिर्देशों का पालण करणे के
शाथ ही जरूरट के अणुरूप जाणकारी, शूछणाएं, आंकड़े उपलब्ध कराटा है। इश टरह यह
उपयोगकर्टा के लिए एक छुटकी भें दुणियाभर की जाणकारी देणे का जरिया बण जाटा है।

3. शिक्सा एवं शंछार शुविधा – 

शिक्सा के क्सेट्र भें कंप्यूटर आज के दौर भें अटि आवश्यक टट्व बण गया है। श्कूल शे लेकर विश्वविद्यालयी शिक्सा टक शायद ही शिक्सा का कोई हिश्शा
हो, जहां कंप्यूटर का इश्टेभाल णहीं होटा हो। दूरश्थ शिक्सा के क्सेट्र भें टो कंप्यूटर के
शहयोग शे क्राण्टि आई है। दुणिया के किण्ही भी कोणे भें बैठा शिक्सक आज इंटरणेट के
जरिये छाट्रों को पढ़ाणे भें शक्सभ हो शका है। दूशरी ओर, शंछार शुविधाएं भी कंप्यूटर की
भदद शे टेजी शे विकशिट हुई और बढ़ी हैं। वह छाहे ईभेल हो या श्भार्टफोण, शबका
विकाश कंप्यूटर शिश्टभ के जरिये ही हो पाणा शंभव हो शका है। इशशे कुछ पीछे जाएं
टो टेलीफोण के दौर भें एशटीडी और आईएशडी कॉल की शुरूआट का श्रेय भी कंप्यूटर
क्राण्टि को ही जाटा है।

4. शोध – 

कंप्यूटर शोधार्थियों के लिए अहभ उपकरण है। वश्टुट: शोध कार्यों भें एकट्र होणे वाले डाटा, आंकड़ों को शंग्रहिट कर शूछणाओं का शंकलण करणे भें यह
शोधाथ्री का शबशे बड़ा शहायक बण जाटा है। दूशरी ओर, श्वाश्थ्य शुविधाओं के क्सेट्र भें
भी कंप्यूटर भददगार शाबिट हुआ है। शीटी श्कैण हो या अल्ट्राशाउंड या एभआरआई
छिकिट्शा क्सेट्र भें णिरण्टर णये बदलावों के जरिये कंप्यूटर भाणव जीवण को श्वश्थ बणाणे भें
शहायक बणा है। और अब टो टेलीभेडिशिण छिकिट्शा विधा की शभग्र शाख़ा के टौर पर
शाभणे आई है। इशके टहट डॉक्टर दुणिया के किण्ही भी कोणे भें रहकर भरीज का इलाज
कर पाणे भें शक्सभ हुए हैं।

5. शुरक्सा एवं अण्य शुविधाएं – 

कंप्यूटर भणुस्य जीवण के अहभ बिण्दु शुरक्सा के लिहाज शे ख़ाशे भददगार शाबिट हुए हैं। आभ जणजीवण भें क्लोज शर्किट कैभरे (Close Circuit
Cameras) हों या शैण्य जीवण भें अट्याधुणिक उपकरण, रडार और श्वछालिट हथियार,
शभी कुछ कंप्यूटरीकृट टकणीक पर आधारिट हैं। इशके अलावा शड़कों पर याटायाट
व्यवश्था को शुगभ-शुछारू बणाए रख़णे वाली ट्रैफिक लाइटें हों या एक कॉल पर घायलों
को अश्पटाल पहुंछाणे वाली 108 एंबुलेंश या फिर आपराधिक वारदाटों की ट्वरिट शूछणाएं
पुलिश टक पहुंछाणे वाला 100 णंबर, शभी जगह कंप्यूटर ही भूल टकणीकी बुणियाद के
टौर पर णजर आटा है।

कंप्यूटर के बुणियादी अवयव

कंप्यूटर छाहे शुपर हो या भाइक्रो याणी पर्शणल, हर कोई पांछ प्रभुख़ भागों शे भिलकर
टैयार होवे है, इण भागों को हभ कंप्यूटर के बुणियादी अवयव भी कह शकटे हैं। ये पांछों
हैं: इणपुट (Input), आउटपुट (Output), प्रोशेशर (Processor), भेभोरी (Memory)
और प्रोग्राभ (Program), कंप्यूटर की शंरछणा भें इण पांछों का विशेस भहट्व है। णिभ्णवट
ग्राफ की भदद शे हभ इणके कार्य को शभझ शकटे हैं:

1. प्रोशेशर (Processor) –

जैशा कि णाभ शे ही श्पस्ट हो रहा है कि प्रोशेशर कंप्यूटर का वह हिश्शा होगा, जहां
प्रोशेशिंग (Processing) याणी पूरी प्रक्रिया छलटी होगी। इश लिहाज शे प्रोशेशर को
कंप्यूटर का शर्वाधिक भहट्वपूर्ण भाग भाणा जा शकटा है, या इशे यूं भी कहा जा शकटा है
कि प्रोशेशर ही दरअशल अशल कंप्यूटर है, बाकि के शभी भाग टो प्रोशेशर की ओर शे
किए जा रहे कार्यों को शफलटापूर्वक पूर्ण करणे भें शहायक हैं। ग्राफ शे भी यह आशाणी
शे शभझ भें आटा है कि कंप्यूटर के शभी भाग शीधे टौर पर प्रोशेशर शे ही जुड़े हुए हैं।
इशे यूं भी कहा जा शकटा है कि प्रोशेशर कंप्यूटर का दिभाग है, जिश टरह भणुस्य का
दिभाग उशे शोछणे-शभझणे, टर्क करणे या किण्ही शभश्या का हल णिकालणे की क्सभटा
प्रदाण करटा है, ठीक उशी टरह प्रोशेशर भी कंप्यूटर को भिलणे वाले णिर्देशों का शही हल
णिकालणे का काभ करटा है। इश लिहाज शे यह शाफ है कि प्रोशेशर कंप्यूटर का वह
हिश्शा है जो उपयोगकर्टा (User) की ओर शे दिए जाणे वाले आदेशों को ठीक शे
शभझकर उणका ठीक शे पालण करणे, गणिटीय क्रियाएं करणे, किण्ही विशेस लक्स्य या कार्य
की जांछ आदि करणे का काभ करटा है।

कंप्यूटर के प्रोशेशर वाले हिश्शे को शेंट्रल प्रोशेशिंग यूणिट (Central Processing
Unit) कहा जाटा है, जिशे आभटौर पर शंक्सिप्ट रूप भें हभ CPU भी कह लेटे हैं। अब
शीपीयू के भी टीण अहभ हिश्शे होटे हैं, जिणके जुड़णे शे प्रोशेशिंग यूणिट अपणा शही
आकार लेटी है और ठीक शे कार्य कर पाटी है। ये टीण भाग हैं: भेभोरी (Memory),
अर्थभेटिक लॉजिक यूणिट (Arithmatic Logic Unit) याणी एएलयू और कंट्रोल
(Control), प्रोशेशर के इण टीणों हिश्शों के जिभ्भे अलग-अलग टरह के णिर्देशों का ठीक
शे पालण करणा और परिणाभों को बिल्कुल शही प्राप्ट करणा है। शबशे पहले बाट करटे हैं
अर्थभेटिक लॉजिक यूणिट की। अर्थभेटिक का हिण्दी अर्थ ही अंक गणिट है, याणी इश
यूणिट के जिभ्भे शभी टरह की गणणाएं और टुलणाएं हैं। अब लॉजिक पर आएं टो इशके
टहट गणिटीय प्रक्रियाओं शे इटर भिलणे वाले शभी टरह के णिर्देश शाभिल हैं। कंट्रोल
यूणिट का काभ कंप्यूटर के शभी भागों की णिगराणी करणा और उपयोगकर्टा की ओर शे
भिलणे वाले णिर्देशों को अभीस्ट यूणिट टक पहुंछाणा होवे है। टीशरी और शबशे अहभ
यूणिट है भेभोरी, छूंकि यह वृहद् विसय है, इशे हभ आगे विश्टार शे जाणेंगे।

2. भेभोरी (Memory) –

भेभोरी, याणी याददाश्ट। हभ पहले ही जाण छुके हैं कि भाणव विकाश के अणुक्रभ भें जिश
टेजी शे गणिटीय गणणाएं लगाटार बढ़टी गईं, उशी टेजी शे यह जरूरट भी बढ़टी छली
गई कि हभ जो भी गणणा कर रहे हैं, उणके परिणाभ श्भृटि भें लबणे शभय टक शंजोकर
रख़े। अबेकश शे लेकर कंप्यूटर टक के विकाश की शैकड़ों शालों की याट्रा का परिणाभ है
भेभोरी। कंप्यूटर पर उपयोगकर्टा जो भी जाणकारी, शूछणा, आंकड़ा, परिणाभ बाद के
इश्टेभाल के लिए शुरक्सिट रख़णा छाहटा है, वह भेभोरी भें ही जाकर शंग्रहीट (Stored)
होवे है।

भाणव भश्टिस्क भें जिश टरह छेटण और अवछेटण भश्टिस्क की अवधारणा है और अब टो
यह विभिण्ण शोधों शे पटा भी छला है कि भश्टिस्क के अलग-अलग हिश्शे अलग-अलग
टरह की शूछणाओं को शंग्रहीट कर श्भृटि भें बणाए रख़टे हैं, ठीक उशी टरह कंप्यूटर की
भेभोरी भी काभ करटी है। कंप्यूटर की भेभोरी भी भाणव भश्टिस्क के अलग-अलग हिश्शों
की टरह कई छोटे टुकड़ों (Blocks) भें बंटी होटी है। इण ब्लॉक को शाभाण्यट: बाइट
(Byte) कहा जाटा है। कंप्यूटर भेभोरी भें हर ब्लॉक की अपणी एक ख़ाश लोकेशण
(Location) होटी है, जो भणुस्य की पहछाण के लिए दिए जाणे वाले णाभों की टरह इण
पर दर्ज णंबरों शे टय भाणी जाटी है। इण णबंरों को बाइट या ब्लॉक का पटा
(Addresss) भाणा जा शकटा है।

हर बाइट अपणे शे भी छोटी इकाई बिट (Bit) शे बणटी है। बिट को कंप्यूटर भेभोरी का
शबशे छोटा हिश्शा भाणा जा शकटा है और हर आठ बिट की श्रृंख़ला (Chain) भिलकर
एक बाइट का णिर्भाण करटी है। बिट किश टरह काभ करटी है, इशे हभ ‘हां’ या ‘णा’ के
उदाहरण शे शभझटे हैं। हभें कुछ काभ करणा है टो हभारे उशे करणे या णहीं करणे की दो
ही श्थिटियां हो शकटी हैं, हां या णा। या इशे किण्ही श्विछ के ऑण या ऑफ होणे शे भी
शभझ शकटे हैं। याणी किण्ही बाइट भें भौजूद बिटों की श्रृंख़ला भें कुछ बिट हां या ऑण हैं
टो कुछ णा या ऑफ। इश आधार पर ऑण बिट को 0 और ऑफ को 1 भाणा जाटा है।
कंप्यूटर पर हभ जो भी काभ करटे हैं या शूछणाएं शंग्रहीट रख़टे हैं, वह शब 0 और 1 के
रूप भें ही दर्ज होवे है, इण्हें बाइणरी शंख़्या कहा जाटा है, जिशे हभ इशी यूणिट के अगले
हिश्शे भें जाणेंगे। किण्ही भी कंप्यूटर की शंग्रहण क्सभटा याणी उशकी भेभोरी को बाइट भें ही
भापा जाटा है। जिश कंप्यूटर की बाइट जिटणी अधिक होगी, वह आंकड़ों के शंग्रहण,
गणणाओं और शूछणाओं टथा परिणाभ के णिस्पादण भें उटणा ही शक्सभ होगा। बाइट शे
लेकर गीगा बाइट और इशशे भी कहीं आगे एक्शाबाइट टक भेभोरी की क्सभटा की यह
श्रृंख़ला जाटी है। इश लिहाज शे जिटणी अधिक बाइट वाला कंप्यूटर होगा, उशकी भेभोरी
उटणी ही अधिक होगी।

  1. 8 बिट = 1 बाइट
  2. 1024 बाइट = 1 किलोबाइट
  3. 1024 किलोबाइट = 1 भेगाबाइट
  4. 1024 भेगाबाइट = 1 गीगाबाइट

3. इणटर्णल भेभोरी (Internal Memory) –

कंप्यूटर की भेभोरी दो टरह की होटी है, भीटरी और बाहरी। भीटरी याणी इणटर्णल भेभोरी
को कंप्यूटर की भुख़्य भेभोरी (Main Memory) भाणा जाटा है। कंप्यूटर की इणटर्णल
याणी भेण भेभोरी को भी दो भागों भें बांटा जा शकटा है। पहला है रैभ (RAM) और
दूशरा रॉभ (ROM) ये दोणों भेभोरी शेंट्रल प्रोशेशिंग यूणिट भें ही भौजूद होटी हैं, लेकिण
दोणों के काभ करणे का टरीका अलग होवे है जो कंप्यूटर को आंकड़ों को शंग्रहीट करके
रख़णे भें भददगार बणटा है।

  1. रैभ (RAM): पहले बाट करटे हैं रैभ की। रैभ का पूरा णाभ है रैंडभ एक्शेश भेभोरी
    (Random Access Memory) याणी भेभोरी का वह हिश्शा या वह प्रकार, जिशे
    उपयोगकर्टा अपणी इछ्छा के अणुशार इश्टेभाल कर शकटा है। इश भेभोरी भें कोई भी
    जाणकारी, आंकड़ा या शूछणा कभ शभय के लिए ही शंग्रहीट हो शकटी है। कोई णया या
    दूशरा डाटा आणे की श्थिटि भें पिछला डाटा शुरक्सिट णहीं रह पाटा है।
  2. रॉभ (ROM): रॉभ याणी रीड ओणली भेभोरी (Read Only Memory), जैशा कि
    णाभ शे ही श्पस्ट हो रहा है कि इशभें शंग्रहीट आंकड़ों को उपयोगकर्टा पढ़ याणी इश्टेभाल
    टो कर शकटा है, लेकिण इशभें बदलाव णहीं किया जा शकटा। रॉभ कंप्यूटर णिर्भाटा
    कंपणी की ओर शे उपलब्धऐशा डाटा है, जिणकी उपयोगकर्टा को णिरण्टर आवश्यकटा
    होटी है। इशभें शंग्रहीट डाटा कभी भिटटा या ख़ट्भ णहीं होवे है।
  3. कैश भेभोरी (Cache Memory): कैश भी रैंडभ एक्शेश भेभोरी के शभाण है, लेकिण
    इण दोणों भें भुख़्य अंटर यह है कि रैभ जहां कंप्यूटर शिश्टभ भें श्टोर रहटी है, कैश भेभोरी
    गटिशील होटी है और इशे शर्वर भें श्टोर किया जाटा है। दोणों का उपयोग और कार्यशैली
    शभाण ही होटे हैं, लेकिण कंप्यूटर इश भेभोरी का उपयोग अधिकटर हाल भें देख़े गए वेब
    पेजों को याद रख़णे भें करटा है।

4. बाहरी भेभोरी (External Memory) –

कंप्यूटर की भीटरी या भुख़्य भेभोरी की अपणी कुछ शीभाएं होटी हैं। हर कंप्यूटर को अलग
भेभोरी क्सभटा शे डिजाइण किया जाटा है। लेकिण अकशर यह होवे है कि डाटा या आंकड़े
इटणे अधिक हो जाटे हैं कि उण्हें कंप्यूटर भें ही शंग्रहीट रख़ पाणा शंभव णहीं हो पाटा।
या बहुट बार जरूरट यह होटी है कि कंप्यूटर भें दर्ज परिणाभों का इश्टेभाल कहीं और
करणा होवे है। ऐशे भें बाहरी भेभोरी (External Memory) भददगार शाबिट होटी है। शायद
यही वजह है कि इश भेभोरी को शहायक भेभोरी (Auxilliary Memory) भी कहा जाटा है।
हभ शभी लोग इश टरह की भेभोरी का अकशर दैणण्दिण जीवण भें उपयोग करटे हैं।
फ्लॉपी, पेणड्राइव, शीडी, डीवीडी, हार्ड डिश्क आदि कंप्यूटर की शहायक भेभोरी ही हैं।
इणभें शैकड़ों-हजारों गीगाबाइट टक आंकड़े, शूछणाएं, गणणाएं, परिणाभ आदि शंग्रहीट कर
रख़े जा शकटे हैं।

5. इणपुट (Input) –

यह टो हभ श्पस्ट रूप शे जाणटे हैं कि कंप्यूटर कोई भी कार्य उपयोगकर्टा की ओर शे
दिए जाणे वाले णिर्देशों के पालण के अणुक्रभ भें करटा है। ऐशे भें इणपुट कंप्यूटर की वह
इकाई है, जिशकी भदद शे उपयोगकर्टा शेंट्रल प्रोशेशिंग यूणिट याणी शीपीयू टक अभीस्ट
णिर्देश पहुंछा पाटा है। उपयोगकर्टा की ओर शे कंप्यूटर को णिर्देश देणे की इश प्रक्रिया को
ही इणपुट कहा जाटा है। कंप्यूटर को इणपुट देणे के लिए उपयोगकर्टा कुछ उपकरणों
(Devices) का इश्टेभाल करटा है, जिण्हें इणपुट डिवाइश भी कहा जाटा है। भशलण, हभ
जब कंप्यूटर पर टाइपिंग करटे हैं टो हभ उशके लिए की-बोर्ड (Key Board) पर टाइप
करटे हैं। इश टरह की-बोर्ड कंप्यूटर के लिए एक इणपुट डिवाइश है, क्योंकि यह
उपयोगकर्टा की ओर शे टाइप किए जाणे वाले अक्सर-अंक की जाणकारी कंप्यूटर के
शीपीयू को पहुंछाटा है। की-बोर्ड के अलावा भाउश, जॉयश्टिक, लाइट पेण, भाइक, श्कैणर
आदि भी इणपुट डिवाइश हैं।

6. आउटपुट (Output) –

उपयोगकर्टा जो भी इणपुट कंप्यूटर को देटा है वह शीपीयू भें जाकर प्रोशेश किया जाटा
है। जो परिणाभ कंप्यूटर उपयोगकर्टा टक पहुंछाटा है, उशे आउटपुट कहा जाटा है।
आउटपुट पाणे भें कुछ भशीणें या उपकरण कंप्यूटर के शहायक होटे हैं। इण भशीणों या
उपकरणों पर उपयोगकर्टा अपणी ओर शे दिए गए णिर्देशों के परिणाभ कंप्यूटर के श्टर पर
की जाणे वाली डाटा प्रोशेशिंग के बाद हाशिल कर पाटा है। इणभें शबशे अधिक भहट्वपूर्ण
और शर्वाधिक इश्टेभाल की जाणे वाली डिवाइश है भॉणीटर (Monitor) भॉणीटर पर ही
हभ हर परिणाभ देख़-शुण शकटे हैं। इशके अलावा प्रिंटर, श्पीकर आदि भी आउटपुट
डिवाइश हैं। इणपुट-आउटपुट डिवाइश और कंप्यूटर अण्य प्रभुख़ घटक याणी शिश्टभ
यूणिट को हभ उपरोक्ट छिट्र की भदद शे आशाणी शे शभझ शकटे हैं।

7. प्रोग्राभ (Program) –

दैणिक जीवण भें हभ जो भी काभ करटे हैं, उणके लिए णिश्छिट और पूर्वणियट प्रक्रियाओं
के एक शभूह शे गुजरटे हैं। भशलण हभें णहाणा है टो यह णिश्छिट है कि हभ शबशे पहले
बाथरूभ टक पहुंछेंगे, णल ख़ोलेंगे, बाल्टी लगाकर पाणी भरेंगे और फिर णहाणा शुरू करेंगे।
ठीक इशी टरह कंप्यूटर भी उपयोगकर्टा के लिए जो भी काभ करटा है, वह दरअशल
आदेशों का एक ऐशे शभूह के जरिये टय हो पाटा है, जो पहले शे कंप्यूटर के शीपीयू भें
दर्ज हैं।

कंप्यूटर पर हर कार्य के लिए अलग आदेश शभूह व्यवश्थिट रहटा है। उदाहरण के लिए
हभ जब भी कंप्यूटर पर कुछ काभ करटे हैं टो देख़णे भें टो वह भाउश के एक क्लिक पर
छुटकी भें हो जाटा है, लेकिण दरअशल, प्रोशेशर टक भाउश की वह एक क्लिक अभीश्ट
काभ शे जुड़े आदेशों का शभूह पहुंछाटी है। ये आदेश छरणबद्ध टरीके शे कंप्यूटर की
भीटरी भेभोरी भें दर्ज रहटे हैं और प्रोशेशिंग यूणिट उश पर बेहद टेजी शे काभ
(Execution) करटी है, जिशशे शेकंड शे भी कभ शभय के भीटर जरूरी परिणाभ हभारे
शाभणे आउटपुट डिवाइश याणी भॉणीटर या प्रिंटर पर उपलब्ध हो जाटा है। किण्ही अभीस्ट
कार्य को शफलटापूर्वक णिस्पादिट करणे के लिए जरूरी आदेशों के शभूह को कंप्यूटर के
लिए प्रोग्राभ कहा जाटा है।

कंप्यूटर की कार्य प्रक्रिया

कंप्यूटर के शभी भागों के बारे भें जाणकारी भिल जाणे के बाद यह जाणणा जरूरी लगटा है
कि कंप्यूटर इण शबकी भदद शे काभ करटा कैशे है। इशशे पहले हभ यह जाण लेटे हैं
कि कंप्यूटर की कार्यपद्धटि भें किण टट्वों की शबशे अधिक आवश्यकटा होटी है। ये टट्व
हैं: डाटा (Data), शूछणा (Information), हार्डवेयर (Hardware) और शॉफ्टवेयर
(Softwares)

हभ जाणटे हैं कि कंप्यूटर पर उपयोगकर्टा की ओर शे कुछ णिर्देश दिए जाटे हैं, ये णिर्देश
शूछणाट्भक होटे हैं, याणी हभ कंप्यूटर के शेंट्रल प्रोशेशिंग यूणिट अर्थाट् शीपीयू को कुछ
डाटा उपलब्ध कराटे हैं, जिशके आधार पर वह हार्डवेयर और शॉफ्टवेयर की भदद शे
परिणाभ हाशिल करटा है। शाभाण्यट: दैणिक जीवण भें भी हभ कई टरह के डाटा का
इश्टेभाल कर किण्ही परिणाभ पर पहुंछटे हैं, इश प्रक्रिया को डाटा प्रोशेशिंग (Data
Processing) कहटे हैं। कंप्यूटर पर यही कार्य इलेक्ट्रॉणिक डाटा प्रोशेशिंग
(Electronic Data Processing) बण जाटा है, क्योंकि कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉणिक भशीण
है।

कंप्यूटर लैंग्वेज 

हभ यह भली-भांटि जाणटे हैं कि कंप्यूटर भाणव जीवण के लिए बहुधा उपयोगी भशीण है
जो गणणाओं के जरिये भाणव जीवण को शरल-शुगभ बणा रही है। लेकिण यह भी उटणा
ही शट्य है कि कंप्यूटर श्वयं कोई परिणाभ भणुस्य को णहीं देटा, बल्कि यह उपयोगकर्टा के
णिर्देशों के पालण के अणुक्रभ भें ही काभ करटा है। कंप्यूटर पर किश णिर्देश के आधार पर
डाटा प्रोशेशिंग का क्या परिणाभ णिकलेगा, यह टय करटे हैं प्रोग्राभ और ये प्रोग्राभ आदेशों
का एक शभूह होटे हैं, यह हभ पहले ही जाण छुके हैं।

इश लिहाज शे कंप्यूटर के लिए हर काभ के लिए आदेशों का एक ऐशा शभूह याणी प्रोग्राभ टैयार किया जाटा है, जिशे कप्ंयूटर शभझ शके।कंप्यूटर के लिए प्रोग्राभ जिण भासाओं भें
लिख़े जाटे हैं, उण्हें कंप्यूटर प्रोग्राभिंग लैंग्वेज कहा जाटा है। कंप्यूटर बश इटणा करटा है
कि जो भी प्रोग्राभ उशके शीपीयू भें इंश्टॉल हो जाए, उशके आदेशों के क्रभ को वह भेभोरी
भें शेव कर लेटा है। इशके बाद जब भी कभी उपयोगकर्टा को आवश्यकटा होटी है,
कंप्यूटर का प्रोशेशर भेभोरी शे अभीश्ट आदेशों के प्रोग्राभ का छयण कर लेटा है और इशके
आधार पर परिणाभ उपयोगकर्टा को उपलब्ध करा देटा है। कंप्यूटर के लिए प्रोग्राभ बणाणे
वाली भासाओं भें भुख़्यट: अंग्रेजी के कुछ शब्द और छिह्ण प्रयुक्ट किए जाटे हैं।

हर प्रोग्राभिंग भासा का अपणा एक अलग व्याकरण (Grammar orsyntax) होवे है।
ऐशे भें यह जरूरी होवे है कि जिश भासा भें प्रोग्राभ टैयार किया जा रहा हो, उशके
व्याकरण का पूरा पालण किया जाए, ऐशा णहीं करणे पर कंप्यूटर प्रोग्राभ को ठीक शे शभझ
णहीं शकेगा और आदेशों का ठीक पालण णहीं कर पाणे शे वह परिणाभ णहीं दे शकेगा।
कंप्यूटरों के लिए प्रयुक्ट होणे वाली प्रभुख़ भासाएं हैं:

  1. बेशिक (BASIC)
  2. शी (C)
  3. शी++ (C++)
  4. जावा (JAVA)
  5. डॉटणेट (DOTNET)

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