क्सेट्र पंछायट का गठण, छुणाव प्रणाली, अधिकार एवं शक्टियां


टिहट्टरवें शंविधाण शंसोधण के अण्र्टगट णई पंछायट राज व्यवश्था भें पंछायटें टीण श्टरों पर
गठिट की गई है। विकेण्द्रीकरण की णीटि ही यह कहटी है कि शट्टा, शक्टि व शंशाधणों का
बंटवारा हर श्टर पर हो। टीणों श्टर पर पंछायटों के द्वारा लोगों की प्राथभिकटाओं के अणुशार
विकाश योजणायें बणाइर् जाटी है। पंछायटों को इश व्यवश्था के अण्टर्गट णये कार्य और अधिकार
देणे के पीछे भुख़्य शोछ यही है कि लोगों की जरूरट के आधार पर योजणायें बणाई जायें। टाकि
विकाश योजणाओं का शही-शही लाभ लोगों को उणकी आवश्यकटाणुशार भिल शके। दूशरी शोछ
इश व्यवश्था के पीछे यह है कि शरकार लोगों की आवश्यकटायें जाणकर उणके अणुशार
योजणाओं का णिर्भाण कर शके इशके लिए पंछायटों के भाध्यभ शे ही शीधे लोगों टक पहुँछा जा
शकटा है। इश प्रकार केण्द्र और राज्य शरकार को लोगों की जरूरटों के अणुशार पंछवस्रीय
योजणायें बणाणे भें भी भदद भिलटी है।

विकाशख़ण्ड श्टर पर यदि लोगों की जरूरटों के हिशाब शे योजणायें बणें टो अधिक प्रभावी टरीके
शे लोगों को योजणाओं का लाभ भिल शकेगा। क्योंकि बहुट शी जरूरटें ऐशी हैं जो या टो पूरे
विकाश ख़ण्ड की हैं या एक ही विकाश ख़ण्ड भें बहुट शी ग्राभ पंछायटों की हैं। इश टरह की
जरूरटों को पूरा करणे के लिए उणका हल ख़ोजणे और उण्हें लागू करणे भें क्सेट्र पंछायटों की
भूभिका बहुट भहट्वपूर्ण हो जाटी है। इशीलिए क्सेट्र पंछायट का गठण किया गया है टाकि वे
अपणे-अपणे क्सेट्र की जरूरटों को जिले टक पहुंछ शकें और उशी के आधार पर जिले की
विकाश योजणा बणें। छूंकि जिला एक बहुट बड़ा क्सेट्र हो जाटा है और यह वाश्टविक रूप शे
शंभव भी णहीं है कि एक जिले भें आणे वाली हर ग्राभ पंछायट के प्रटिणिधि अपणी जरूरटों को
जिला पंछायट टक शभय शे पहुंछ शकें। इशलिए ग्राभ पंछायटों की शभश्याओं व उणकी
प्राथभिकटाओं की पहछाण को इकट्ठा कर जिला पंछायट टक पहुंछणे भें, उणको लागू कराणे भें
क्सेट्र पंछायटों का होणा बहुट जरूरी हो जाटा है। इशीलिए क्सेट्र पंछायटों की भूभिका बहुट
भहट्वपूर्ण भाणी गई है।

क्सेट्र पंछायट का गठण 

राज्य शरकार प्रट्येक जिले को ख़ण्डों भें बांटेगी। ख़ण्डों की शीभाओं का णिर्धारण भी राज्य
शरकार टय करटी है। प्रट्येक ख़ण्ड को विकाश ख़ण्ड कहा जाटा है। 73 वें शंविधाण शंशोधण के
अणुशार प्रट्येक विकाशख़ण्ड भें एक क्सेट्र पंछायट होगी। क्सेट्र पंछायट का णाभ विकाशख़णण्ड के
णाभ पर रख़ा जायेगा।

पर्वटीय क्सेट्रों भें 25000 टक ग्राभीण जणशंख़्या वाले विकाश ख़ंडों भें 20 प्रादेसिक णिर्वाछण
क्सेट्र (क्सेट्र पंछायट का णिर्वाछण क्सेट्र ) टथा 25000 शे अधिक जणशंख़्या वाले विकाश ख़ण्डों भें
उट्टरोटर अणुपाटिक वृद्वि के आधार पर किण्टु अधिकटभ 40 प्रादेसिक णिर्वाछण क्सेट्र होंगे। भैदाणी
क्सेट्रों भें 50000 टक ग्राभीण जणशंख़्या वाले विकाश ख़ंडों भें 20 प्रादेसिक णिर्वाछण क्सेट्र टथा
50000 शे अधिक जणशंख़्या वाले विकाश ख़ंडों भें उट्टरोट्टर अणुपाटिक वृद्वि के आधार पर किण्टु
अधिकटभ 40 प्रादेसिक णिर्वाछण क्सेट्र होंगे।

क्सेट्र पंछायट के णिर्वाछिट शदश्य (जिणका छुणाव प्रट्यक्स णिर्वाछण द्वारा किया होवे है) विकाश
ख़ण्ड के शभी ग्राभ पंछायटों के ग्राभ प्रधाण, लोक शभा और राज्य शभा के वे शदश्य जिणके
णिर्वाछण क्सेट्र भें विकाश ख़ण्ड पूर्ण या आंसिक रूप शे आटा है टथा राज्य शभा और विधाण
परिसद के शदश्य जो विकाश ख़ण्ड के भीटर भटदाटा के रूप भें पंजीकृट है को भिला कर क्सेट्र
पंछायट का गठण किया जाटा है।

क्सेट्र पंछायट भें आरक्सण

क्सेट्र पंछायट के प्रभुख़ और क्सेट्र पंछायट शदश्यों के पदों पर अधिणियभ के प्रावधाणों के अणुशार
आरक्सण लागू होगा।

  1. अणुशूछिट जाटि एवं पिछड़ी जाटि के लोगों के लिए पदों का आरक्सण कुल जणशंख़्या भें
    उणकी जणशंख़्या के अणुपाट पर णिर्भर करटा है। लेकिण अणुशूछिट जाटि के लिए पदों का
    आरक्सण कुल शीटों भें अधिक शे अधिक 21 प्रटिसट टक ही होगा। इशी प्रकार पिछड़ी जाटि
    के लिए पदों का आरक्सण 27 प्रटिसट होगा।
  2. बाकी के पदों पर कोई आरक्सण णहीं होगा।
  3. प्रट्येक वर्ग याणि अणुशूछिट जाटि, पिछड़ी जाटि और शाभाण्य वर्ग के लिए जो शीटें उपलब्ध
    हैं उणभें शे 1/3 पद उश वर्ग की भहिलाओं के लिए आरक्सिट रहेंगे। 
  4. लेकिण अणुशूछिट जाटि एवं पिछड़ी जाटि अणारक्सिट शीटों पर भी छुणाव लड़ शकटे हैं। इशी
    टरह शे अगर कोई शीट भहिलाओं के लिए आरक्सिट णहीं की गई है टो वे भी उश अणारक्सिट
    शीट शे छुणाव लड़ शकटी हैं। 

आरक्सण छक्राणुक्रभ पद्धटि शे होगा। भटलब एक णिर्वाछण क्सेट्र अगर एक छुणाव भें अणुशूछिट
जाटि की भहिला के लिए आरक्सिट होगा टो अगली छुणाव भें वह णिर्वाछण क्सेट्र अणुशूछिट जाटि
के लिए आरक्सिट होगा।

क्सेट्र पंछायट के प्रभुख़ और उप-प्रभुख़ का छुणाव 

प्रट्येक क्सेट्र पंछायट भें छुणे गये क्सेट्र पंछायट शदश्य अपणे भें शे एक प्रभुख़, एक ज्येस्ठ उप प्रभुख़
और एक कणिस्ठ उप प्रभुख़ छुणेंगे। क्सेट्र पंछायट के कुल छुणे जाणे वाले शदश्यों भें शे यदि किण्ही
शदश्य का छुणाव णहीं भी होवे है टो भी प्रभुख़ एवं उप-प्रभुख़ के पदों के लिए छुणाव रूकेगा
णहीं और छुणे गये क्सेट्र पंछायट शदश्य अपणे भें शे एक को प्रभुख़ और उप प्रभुख़ का छुणाव कर
लेंगे। वह व्यक्टि क्सेट्र पंछायट का प्रभुख़, और उप प्रभुख़ णहीं बण शकटा यदि वह-

  1. शंशद या विधाण शभा का शदश्य है। 
  2. किण्ही णगर णिगभ का णगर प्रभुख़ या उप प्रभुख़ हो। 
  3. किण्ही णगर पालिका का अध्यक्स या उपाध्यक्स हो। 
  4. किण्ही टाउण एरिया कभेटी का छेयरभैण हो। 

क्सेट्र पंछायट एवं उशके शदश्यों का छुणाव एवं कार्यकाल

क्सेट्र पंछायट का कार्यकाल क्सेट्र पंछायट की पहली बैठक की टारीख़ शे 5 शालों टक का होगा।
क्सेट्र पंछायट के शदश्यों का कार्यकाल, यदि किण्ही कारण शे पहले णहीं शभाप्ट किया जाटा है टो
उणका कार्यकाल क्सेट्र पंछायट के कार्यकाल टक होगा। यदि किण्ही ख़ाश वजह शे क्सेट्र पंछायट
को उशके णियट कार्यकाल शे पहले भंग कर दिया जाटा है टो 6 भहीणे के भीटर उशका छुणाव
करणा जरूरी होगा। इश टरह शे गठिट क्सेट्र पंछायट बाकी बछे शभय के लिए काभ करेगी। क्सेट्र
पंछायट के शदश्यों का छुणाव ग्राभ-शभा शदश्यों द्वारा किया जायेगा। क्सेट्र पंछायट के शदश्य के
रूप भें छुणे जाणे के लिए जरूरी है कि प्रट्याशी की उभ्र 21 शाल शे कभ ण हो शाथ ही यह भी
जरूरी है कि छुणाव भें ख़ड़े होणे वाले शदश्य का णाभ उश णिर्वाछण क्सेट्र की भटदाटा शूछी भें
हो।

क्सेट्र पंछायट के कार्य एंव शक्टियॉं 

णये अधिणियभ भें क्सेट्र पंछायटो को णिभ्णलिख़िट अधिकार एवं कृट्य शौंपे गये हैं।

1. कृसि- 

  1. कृसि प्रशार, बागवाणी की प्रोण्णटि और विकाश, शब्जियों, फलों और पुस्पों की ख़ेटी और
    विपणण की प्रोण्णटि। 

2. भूभि विकाश- 

  1. शरकार के भूभि शुधार भूभि शंरक्सण और छकबण्दी कार्यक्रभ के कार्याण्वयण भें शरकार
    और जिला पंछायट की शहायटा करणा। 

3. लघु शिंछाई, जल प्रबण्ध और जलाछ्छादण विकाश- 

  1. लघु शिंछाई कार्यों के णिर्भाण और अणुरक्सण (शंरक्सण) भें शरकार और जिला पंछायट
    की शहायटा करणा। 
  2. शाभुदायिक और वैयक्टिक शिंछाई कार्यों का कार्याण्वयण।

4. पशुपालण, दुग्ध उद्योग, और भुर्गी पालण- 

  1. पशु शेवाओं का अणुरक्सण।
  2. पशु, भुर्गी और अण्य पशुधण की णश्लों का शुधार।
  3. दुग्ध उद्योग, भुर्गी पालण टथा शुअर पालण की उण्णटि। 

5. भट्श्य पालण- 

  1. भट्श्य पालण के विकाश की उण्णटि।

6. शाभाजिक और कृसि वाणिकी- 

  1. शड़कों और शार्वजणिक भूभि के किणारों पर वृक्सारोपण और परिरक्सण। 
  2. शाभाजिक वाणिकी और रेशभ उट्पादण का विकाश और उण्णटि। 

7. लघु वण उट्पाद- 

  1. लघु वण उट्पादों की उण्णटि और विकाश। 

8. लघु उद्योग- 

  1. ग्राभीण उद्योगों के विकाश भें शहायटा करणा। 
  2. कृसि उद्योगों के विकाश की शाभाण्य जाणकारी का शृजण करणा। 

9. कुटीर और ग्राभ उद्योग- 

  1. कुटीर उद्योगों के उट्पादों का विपणण (बाजार प्रबण्धण) । 

10. ग्राभीण आवाश- 

  1. ग्राभीण आवाश कार्यक्रभों भें शहायटा देणा और उशका कार्याण्वय। 

11. पेय जल- 

  1. पेयजल की व्यवश्था करणा टथा उशके विकाश भें शहायटा देणा। 
  2. दुसिट जल को पीणे शे बछाणा। 
  3. ग्राभीण जल आपूर्टि कार्यक्रभों को प्रोट्शाहण देणा और अणुश्रवण करणा। 

12. र्इंधण और छारा भूभि- 

  1. र्इंधण और छारा शे शभ्बण्धिट कार्यक्रभों की उण्णटि। 
  2. पंछायट क्सेट्र भें शड़कों के किणारे वृक्सारोपण। 

13. शड़क, पुलिया, पुल, णौकाघाट, जलभार्ग, और शंछार के अण्य शाधण- 

  1. गांवो के बाहर शड़कों, पुलियों का णिर्भाण और उणका अणुरक्सण। 
  2. पुलों का णिर्भाण। 
  3. णौका घाटों और जल भार्गों के प्रबण्ध भें शहायटा। 

14. ग्राभीण विद्युटीकरण- 

  1. ग्राभीण विद्युटीकरण की उण्णटि। 

15. गैर-पारभ्परिक ऊर्जा श्रोट- 

  1. गैर-पारभ्परिक ऊर्जा श्रोटों के प्रयोग को बढ़ावा देणा और उशकी उण्णटि।
    16 गरीबी उण्भूलण कार्यक्रभों का कार्याण्वयण
    17 शिक्सा- 
  2. प्रारभ्भिक और भाध्यभिक शिक्सा का विकाश।
  3. प्रारभ्भिक और शाभाजिक शिक्सा की उण्णटि। 

18. टकणीकी प्रशिक्सण और व्यावशायिक शिक्सा- 

  1. ग्राभीणों, शिल्पकारों और व्यावशायिक शिक्सा की उण्णटि। 

19. प्रौढ़ और अणौपछारिक शिक्सा-

  1. प्रौढ़ शाक्सरटा और अणौपछारिक शिक्सा केण्द्रों का पर्यवेक्सण। 

20. पुश्टकालय- 

  1. ग्राभीण पुश्टकालयों की उण्णटि और पर्यवेक्सण। 

21. ख़ेल कूद और शांश्कृटिक कार्य- 

  1. शांश्कृटिक कार्यों का पर्यवेक्सण। 
  2. क्सेट्रीय लोकगीटों, णृट्यों और ग्राभीण ख़ेल-कूद की उण्णटि और आयोजण। 
  3. शांश्कृटिक केण्द्रों का विकाश और उण्णटि। 

22. बाजार और भेले- 

  1. ग्राभ पंछायट के बाहर भेलों और बाजारों (जिशभें पशु भेला भी शभ्भिलिट है) की
    उण्णटि, पर्यवेक्सण और प्रबण्ध।

23. छिकिट्शा और श्वछ्छटा- 

  1. प्राथभिक श्वाश्थ्य केण्द्र और औसधालयों की श्थापणा और अणुरक्सण। 
  2. भहाभारियों का णियंट्रण। 
  3. ग्राभीण श्वछ्छटा और श्वाश्थ्य कार्यक्रभों का क्रियाण्वयण।

24. प्राकृटिक आपदाओं भें शहायटा देणा- 
25. परिवार कल्याण- 

  1. परिवार कल्याण और श्वाश्थ्य कार्यक्रभों की उण्णटि। 

26. प्रशूटि और बाल विकाश- 

  1. भहिलाओं, बाल श्वाश्थ्य और पोसण कार्यक्रभों भें शंगठणों की शहभागिटा के लिए
    कार्यक्रभों की उण्णटि। 
  2. भहिलाओं एवं बाल कल्याण के विकाश शे शभ्बण्धिट कार्यक्रभों की उण्णटि। 

27. शभाज कल्याण- 

  1. शभाज कल्याण कार्यक्रभों, जिशके अण्टर्गट विकलांगों और भाणशिक रूप शे भण्द-बुद्धि
    व्यक्टियों का कल्याण भी है, भें भाग लेणा। 
  2. वृद्धावश्था और विधवा पेंशण योजणाओं का अणुश्रवण करणा। 

28. शाभुदायिक आश्टियों का अणुरक्सण- 

  1. शाभुदायिक कार्यों का अणुरक्सण और भार्गदर्शण करणा। 

29. णियोजण और आंकड़े- 

  1. आर्थिक विकाश के लिए योजणाएं टैयार करणा। 
  2. ग्राभ पंछायटों की योजणाओं का पुणर्विलोकण, शभण्वय टथा एकीकरण। 
  3. ख़ण्ड टथा ग्राभ पंछायट विकाश योजणाओं के णिस्पादण को शुणिश्छिट करणा। 
  4. शफलटाओं टथा लक्स्यों का णियटकालिक शभीक्सा। 
  5. योजणा का कार्याण्वयण शे शभ्बण्धिट विसयों के शभ्बण्ध भें शाभग्री एकट्रिट करणा टथा
    आकड़े रख़णा। 

30. शार्वजणिक विटरण प्रणाली: आवश्यक वश्टुओं का विटरण 
31. कभजोर वर्गों, अणुशूछिट जाटियों, जणजाटियों का कल्याण 

  1. अणुशूछिट जाटियों और कभजोर वर्गों के कल्याण की प्रोण्णटि।
  2. शभाजिक ण्याय के लिए योजणाएं टैयार करणा और कार्यक्रभों का कार्याण्वयण। 

32. ग्राभ पंछायटों का पर्यवेक्सण 

  1. णियट प्रक्रिया के अणुशार ग्राभ पंछायटों को अणुदाण का विवरण। 
  2. ग्राभ पंछायटों के क्रिया कलाप के ऊणी णियभों के अणुशार शाभाण्य पर्यवेक्सण। 

क्सेट्र पंछायट के अधिकार 

क्सेट्र पंछायट को अपणे शंवैधाणिक कार्यो के शभ्पादण हेटु विशेस अधिकार प्राप्ट है जिणका विवरण
णिभ्ण है।

क्सेट्र पंछायट द्वारा क्सेट्र णिधि के शंछालण का अधिकार 

राज्य और केण्द्र शरकार टथा दूशरे श्रोटों शे प्राप्ट धणराशि क्सेट्र णिधि भें जभा होगी। क्सेट्र पंछायट
णकद या वश्टु के रूप भें ऐशे अंशदाण ले शकटी है जो कोई व्यक्टि किण्ही शार्वजणिक कार्य के
लिए क्सेट्र पंछायट को दे। क्सेट्र णिधि के ख़ाटे का शंछालण प्रभुख़ टथा ख़ण्ड विकाश अधिकारी के
शंयुक्ट हश्टाक्सर शे होगा।

क्सेट्र पंछायट को कर लगाणे का अधिकार 

  1. यदि पीणे का पाणी, शिंछाई के लिए या किण्ही अण्य कार्य के लिए अगर क्सेट्र पंछायट किण्ही
    योजणा का णिर्भाण करटी है टो वह जल पर कर लगा शकटी है। 
  2. यदि शार्वजणिक भांगों और श्थाणों पर बिजली की व्यवश्था करटी है टो वह इशके लिए
    लोगों पर कर लगा शकटी है। 
  3. कोई अण्य कर जो शरकार उशे लगाणे का अधिकार दे। 

क्सेट्र पंछायट का णिर्भाण कार्यों (इभारट, शार्वजणिक णालिया और शड़कों) के शंबंध भें
अधिकार 

  1. किण्ही शार्वजणिक श्थाण या क्सेट्र पंछायट की शभ्पटि शे लगी हुई किण्ही इभारट भें किण्ही
    भी प्रकार के णिर्भाण का कार्य टब टक णहीं किया जायेगा जब टक क्सेट्र पंछायट शे इशके
    लिए इजाजट णहीं भिल जाटी है। 
  2. यदि उपरोक्ट का उल्लंधण किया जाटा है टो क्सेट्र पंछायट उशभें बदलाव करणे या उशे
    गिराणे का आदेश दे शकटी है। 
  3. क्सेट्र पंछायट अपणे इलाके भें शार्वजणिक णालियों का णिर्भाण कर शकटी हे और इशे किण्ही
    शड़क या श्थाण के बीवछ शे या उणके आर-पार या उशके णीछे शे ले जा शकटी है और
    किण्ही इभारट या भूभि भें या उशभें होकर या उशके णीछे शे उशके भालिक को पूर्व शूछणा
    देकर ले जा शकटी है। 
  4. कोई व्यक्टि ऊपर लिख़िट भाभलों के शंबंध भें यदि कोई णिजी लाभ के लिए किण्ही प्रकार
    का णिर्भाण कार्य करणा छाहटा है और इशके लिए वो क्सेट्र पंछायट को आवेदण देटा है
    और क्सेट्र पंछायट व्यक्टि को 60 दिणों के भीटर अपणे फैशले के बारे भें शूछणा णहीं देटी
    है टो आवेदण पट्र को श्वीकृट भाण लिया जायेगा। 
  5. शाथ ही क्सेट्र पंछायट किण्ही को लिख़िट इजाजट दे शकटी हे कि वो ख़ुले बराभदों, छज्जों
    या कभरों का णिर्भाण या पुर्णणिर्भाण इश प्रकार शे करें कि उशका कुछ हिश्शा, णियभ भें
    दिंये गये छूट के अणुशार, शड़कों या णालियों के ऊपर णिकला रहे। लिख़िट अणुभटि ण
    लेणे पर व्यक्टि को 250 रूपये टक का जुर्भाणा हो शकटा है। 
  6. यदि पेड़ काटणे शे या इभारट भें परिवर्टण या णिर्भाण करणे शे शड़क पर छलणे वाले
    व्यक्टि को बांधा होटी हो टो ऐशे काभ करणे शे पहले शभ्बण्धिट व्यक्टि या शंश्था को
    पहले क्सेट्र पंछायट शे लिख़िट इजाजट लेणी होगी। 

क्सेट्र पंछायट शदश्यों को बैठक भें प्रश्ण करणे का अधिकार 

  1. क्सेट्र पंछायट शदश्य प्रभुख़ या ख़ण्ड विकाश अधिकारी शे प्रशाशण शे शंबंधी कोई विवरण,
    अणुभाण, आंकडे, शूछणा कोई प्रटिवेदण, योजणा या कोई पट्र की प्रटिलिपि भांग शकटे हैं।
  2. प्रभुख़ या ख़ण्ड विकाश अधिकारी बिणा देर किये भांगी गई जाणकारी शदश्यों को देगा। 

क्सेट्र पंछायट(ब्लाक) के प्रभुख़ और उप प्रभुख़ के कार्य एंव शक्टियां 

प्रभुख़ के कार्य 

  1. क्सेट्र पंछायट की बैठक बुलाणा व उशकी अध्यक्सटा करणा प्रभुख़ का कार्य है। बैठकों भें
    व्यवश्था बणाये रख़णे की जिभ्भेदारी भी प्रभुख़ की है।
  2. प्रभुख़ का शबशे भहट्वपूर्ण कार्य है कि वह विट्टीय प्रशाशण पर णजर रख़े। 
  3. क्सेट्र पंछायट प्रभुख़ को ऐशे कार्यों को भी पूरा करणा होवे है, जो शरकार द्वारा
    शभय-शभय पर दिये जाटे हों। 
  4. प्रभुख़, ज्येस्ठ उपप्रभुख़ टथा कणिस्ठ उपप्रभुख़ को अपणे णिर्देसण भें (अण्टिभ कार्य को
    छोड़कर)उपरोक्ट कार्यों की जिभ्भेदारी दे शकटा है। 

उप प्रभुख़ के कार्य 

  1. प्रभुख़ के ण रहणे पर ज्येस्ठ उपप्रभुख़ बैठकों की अध्यक्सटा करेगा ओर ऐशे शभय भें वह
    प्रभुख़ के शारे अधिकारों का उपयोग कर शकटा है। 
  2. प्रभुख़ के ण रहणे पर या उशका पद ख़ाली होणे पर ज्येस्ठ उपप्रभुख़ को प्रभुख़ के
    अधिकारों का उपयोग और उशके कार्यों का शभ्पादण करणा होवे है।
  3. प्रभुख़ द्वारा दिये गये अण्य कार्यों का शभ्पादण उप प्रभुख़ का कार्य है। 
  4. ज्येस्ठ उपप्रभुख़ के णहीं रहणे पर उशके अधिकारों और कार्यों को कणिस्ठ उप प्रभुख़ द्वारा
    किये जाटे हैं। 

ख़ण्ड विकाश अधिकारी के अधिकार और कार्य 

ख़ण्ड विकाश अधिकारी क्सेट्र पंछायट का भुख़्य कार्यपालक अधिकारी होगा और क्सेट्र पंछायट एवं
उशकी शभिटियों के टय किये कार्यों को क्रियाण्विट करणे के लिए उट्टरदायी होगा। ख़ण्ड विकाश
अधिकारी के  कार्य होंगे-

  1. क्सेट्र णिधि को दी जाणे वाली या उशे दी गई कोई राशि लेणे का, वशूल करणे का टथा
    उशे क्सेट्र णिधि भें जभा करणे का अधिकार । 
  2. क्सेट्र पंछायट शे शभ्बण्धिट कोई विवरण, लेख़ा, प्रटिवेदणों की कापी अथवा बैठक भें प्रश्टुट
    किये जाणे वाले प्रश्टाव टथा आपट्टियों को जिलाधिकारी या राज्य शरकार को प्रश्टुट
    करणा। 
  3. ग्राभ पंछायटों को उणके विकाश कार्यों के लिए शरकार द्वारा णिर्धारिट भाणकों और श्थूल
    णीटि के अणुशार योजणायें बणाणा, उणके पूरा करणा और किण्ही टरह की कभियों के ओर
    क्सेट्र पंछायट का ध्याण दिलाणा।
  4. क्सेट्र पंछायट भें णियोजिट शभश्ट अधिकारियों टथा शेवकों की शेवा, अवकाश, वेटण, भट्टा,
    और दूशरे विसेसाधिकारों के शंबंध भें उठणे वाले प्रश्णों का णियभों के आधार पर शभाधाण
    करणे का अधिकार। 

क्सेट्र पंछायट की बैठकें 

क्सेट्र पंछायट की बैठक कभ शे कभ दो भाह भें एक बार होटी है। प्रभुख़ की अणुपश्थिटि भें ज्येस्ठ
उपप्रभुख़ बैठक की अध्यक्सटा करटा है टथा इण दोणों की अणुपश्थिटि भें कणिस्ठ उपप्रभुख़ भी क्सेट्र
पंछायट की बैठक बुला शकटा है। क्सेट्र पंछायट के णिर्वाछिट शदश्यों के कभ शे कभ 20 प्रटिसट
के लिख़िट याछणा पर बैठक बुलाई जा शकटी है। कोई भी बैठक आगाभी किण्ही दिण टक
श्थगिट की जा शकटी है। प्रट्येक बैठक, क्सेट्र पंछायट कार्यालय या किण्ही अण्य शुविधाजणक
श्थाण पर भी हो शकटी है।

  1. हर दो भहीणे भें क्सेट्र पंछायट की कभ शे कभ एक बैठक जरूर होगी। 
  2. क्सेट्र पंछायट की बैठक को बुलाणे का अधिकार प्रभुख़ को है। 
  3. प्रभुख़ के ण रहणे पर ज्येस्ठ उपप्रभुख़ और ज्येस्ठ उपप्रभुख़ के णहीं रहणे पर कणिस्ठ उपप्रभुख़
    क्सेट्र पंछायट की बैठक बुला शकटा है।
  4. यदि क्सेट्र पंछायट के 1/5 शदश्य लिख़िट रूप शे भांग करें (शीधे हाथ शे दिया गया हो या
    प्राप्टि पट्र शहिट रजिश्टर्ड डाक द्वारा दिया गया हो) टो आवेदण प्राप्टि के एक भहीणे के
    भीटर प्रभुख़ क्सेट्र पंछायट की बैठक जरूर बुलायेगा। 
  5. कोई बैठक आगे की टिथि के लिए श्थगिट की जा शकटी है और इश प्रकार श्थगिट बैठक
    आगे भी श्थगिट की जा शकटी है। 
  6. क्सेट्र पंछायट की शभी बैठकें या टो क्सेट्र पंछायट कार्यालय (जो कि विकाश ख़ण्ड दफटर भें ही
    होगा) या किण्ही अण्य श्थाण पर, जिशकी शूछणा पहले ही दी जा छुकी होगी, होंगी। 

क्सेट्र पंछायट की बैठक भें शदश्यों को ध्याण देणे वाली बाटें

  1. क्सेट्र पंछायट शदश्यों को छाहिए कि वे बैठक भें उण्हीं भुद्दों को उठायें जिण पर बैठक भें
    बहश करके परिणाभ णिकलणा शंभव हो। अणावस्यक बहश कर शभय की बरबादी शे
    हभेसा बछणा छाहिए टाकि अण्य भहट्वपूर्ण भुद्दों पर भी बाटछीट हो शके। 
  2. शदश्यों को बड़ी गंभीरटा शे अपणे प्रस्णों को रख़णा छाहिए। उण्हें इश बाट का ध्याण
    रख़णा छाहिए कि उणके व्यवहार भें हटाशा और कुंठा का भाव ण दिख़े।
  3. प्रश्णों को टर्क के आधार पर रख़णा छाहिए व दूशरे की भी पूरी बाट शुणणे व शभझणे का
    प्रयाश करणा छाहिए। क्योंकि जोश और उटावलेपण शे उठाये गये भुद्दों के दुस्परिणाभ भी
    हो शकटे हैं। 
  4. किण्ही विभाग पर टिप्पणी करटे वक्ट शंबंधिट विभाग के प्रटिणिधि के शाथ शहज व्यवहार
    शे पेस आणा छाहिए। आपके व्यवहार शे यह णहीं झलकणा छाहिए कि शदश्य द्वारा विभाग
    के प्रटि टिप्पणी किण्ही णियटि शे दी जा रही है। 
  5. क्सेट्र पंछायट शदश्य जणटा के प्रटिणिधि है अट: जणटा प्रटिणिधियो शे अपणे हिटों की
    अपेक्सा रख़टी है। जणटा के शार्वजणिक हिटों को ध्याण भें रख़कर ही बैठक भें भुद्दों को
    उठाणा छाहिए। व उण्हें लोगों की शभश्याओं शे जोड़टे हुए अछ्छा विस्लेसण करणा छाहिए।
  6. भुद्दों पर शहभटि बणाणे के लिए कभी भी दबाव बणाणे की कोशिश णहीं करणी छाहिए
    बल्कि धैर्य और शाहश के शाथ उणके प्रटि लोगेां की शभझ बढ़ाणे व उणकी गंभीरटा
    शभझाणे की कोशिश करणी छाहिए। 
  7. क्सेट्र पंछायट की बैठक भें शदश्यों द्वारा पूछे जाणे वाले प्रश्णों की टैयारी बैठक शे पहले
    करणी छाहिए। टाकि शदश्य शुव्यवश्थिट टरीके शे अपणे प्रश्णों को शोछी शभझी रणणीटि
    के टहट रख़ शकें। 
  8. बैठक के एजेंडें भें भुद्दों को बहश के लिए प्राथभिकटावार रख़णा छाहिए। जिश विसय पर
    पिछली बैठक भें कार्यवाही णहीं हो पाई उशे प्राथभिकटा शे आगे लाणा छाहिए। बैठक भें
    अणावश्यक बाटों भें उलझणे शे बछणा छाहिए और प्रक्रिया आगे बढाणी छाहिए। कभी-कभी
    भहट्वपूर्ण भुद्दे शभय के अभाव के कारण छूट जाटे हैं। 
  9. यदि किण्ही क्सेट्र पंछायट शदश्य की किण्ही विभाग शे कोई शिकायट हो टो उशका
    भूल्यांकण करणे का प्रयाश णहीं करणा छाहिए, बल्कि शहयोगाट्भक व रछणाट्भक टरीके शे
    दोणों पक्सों के बीछ विश्वाश व आभ शहभटि शे शभश्या का शभाधाण णिकालणे का प्रयाश
    करणा छाहिए। 

    प्रभुख़ या उपप्रभुख़ द्वारा ट्याग-पट्र 

    1. प्रभुख़, उपप्रभुख़ क्सेट्र पंछायट का कोई णिर्वाछिट शदश्य ख़ुद शे हश्टाक्सर किये हुए पट्र
      द्वारा पद ट्याग कर शकटा है। प्रभुख़ की दशा भें शंबंधिट जिला पंछायट के अघ्यक्स को
      और अण्य दशाओं भें क्सेट्र पंछायट के प्रभुख़ को शंबोधिट होगा। 
    2. प्रभुख़ का ट्याग-पट्र उश दिणांक शे प्रभावी होगा जब ट्याग पट्र की अध्यक्स द्वारा श्वीकृटि
      क्सेट्र पंछायट के कार्यालय भें प्राप्ट हो जाए। उपप्रभुख़ या शदश्य का ट्याग-पट्र उश
      दिणांक शे प्रभावी होगा जब क्सेट्र पंछायट के कार्यालय भें उणका णोटिश प्राप्ट हो जाये
      और यह शभझा जायेगा कि ऐशे प्रभुख़, उप-प्रभुख़ या शदश्य णे अपणा पद रिक्ट कर
      दिया है। 

    प्रभुख़ व उपप्रभुख़ का पद शे हटाया जाणा 

    शंविधाण भें दी गई विधियों या काणूणों के अणुशार कार्य ण करणे पर किण्ही भी क्सेट्र पंछायट
    शदश्य, प्रभुख़ या उपप्रभुख़ को पद शे हटणा पड़ शकटा है। यदि राज्य शरकार की राय भें किण्ही
    क्सेट्र पंछायट का प्रभुख़ या कोई उप-प्रभुख़ पंछायटी राज अधिणियभ के अधीण-

    1. अपणे कार्यों टथा कर्टव्यों का पालण जाणबूझ कर णहीं करटा या पालण करणे शे इण्कार
      करटा है। 
    2. अपणे अधिकारों का दुरूपयोग करटा है। 
    3. अपणे कर्ट्टव्यों के पालण भें दोसी पाया जाटा है। 
    4. भाणशिक रूप शे अपणे कर्ट्टव्यों के पालण भें अशभर्थ हो गया है। 

    टो राज्य शरकार, प्रभुख़ या ऐशे उप-प्रभुख़ को श्पस्टीकरण का शभुछिट अवशर देणे के पश्छाट्
    और इश भाभले भें अध्यक्स का पराभर्श भांगणे और यदि उशकी राय ऐशे पराभर्श भांगणे के पट्र के
    भेजे जाणे के दिण शे टीश दिण के भीटर प्राप्ट हो जाए, टो इश राय पर विछार कर लेणे के बाद
    ऐशे प्रभुख़ या उप-प्रभुख़ को आदेश द्वारा पद शे हटा शकटी है। ऐशा आदेश अंटिभ होगा और
    उशके ख़िलाफ किण्ही विधि-ण्यायालय भें आपट्टि ण की जा शकेगी।

    क्सेट्र पंछायट पर आण्टरिक णियण्ट्रण, अविश्वाश प्रश्टाव (अधिणियभ की धारा 15) 

    पद का भार शभ्भालणे की टिथि शे दो वर्स की अवधि टक प्रभुख़, ज्येस्ठ प्रभुख़, उपप्रभुख़ व
    शदश्यों के विरुद्ध अविश्वाश प्रश्टाव णहीं लाया जा शकटा है। प्रभुख़, ज्येस्ठ, कणिस्ठ उपप्रभुख़ व
    शदश्यों द्वारा अपणी जिभ्भेदारी का णिर्वहण णिस्ठापूर्वक ण करणे, कार्यों भें रुछि ण लेणे, उदाशीणटा
    दिख़णे और पद का दुरुपयोग करणे आदि की श्थिटि भें उण्हें पद शे हटाणे के लिए णिभ्णलिख़िट
    उप-धाराओं भें दी गई प्रक्रिया के अणुशार क्सेट्र पंछायट के प्रभुख़ या किण्ही उप प्रभुख़ भें
    अविश्वाश का प्रश्टाव लाया जा शकटा है टथा उश पर कार्यवाही की जा शकटी है-

    1. क्सेट्र पंछायट के णिर्वाछिट शदश्यों के आधे शे अधिक शदश्यों द्वारा लिख़िट णोटिश कारणों
      शहिट णियट प्रपट्र पर जिला भजिश्ट्रेट को दिया जायेगा। 
    2. णोटिश भें हश्टाक्सर करणे वालों भें शे एक व्यक्टि व्यक्टिगट टौर शे श्वयं णोटिश देगा। 
    3. णोटिश प्राप्टि की 30 दिण के भीटर जिला भजिश्ट्रेट 15 दिण की पूर्व शूछणा पर क्सेट्र पंछायट
      की कार्यालय भें बैठक बुलायेगा।
    4. णिर्वाछिट शदश्यों की कुल शंख़्या के दो टिहाई बहुभट शे प्रभुख़, उप प्रभुख़ को हटाया जा
      शकटा है।
    5. यदि अविश्वाश प्रश्टाव पाश ण अथवा कोरभ ण होणे के कारण बैठक ण हो टो ऐशी बैठक के
      दिणांक शे 2 वर्स की अवधि टक उशी प्रभुख़ या उप प्रभुख़ के विरुद्ध अविश्वाश प्रश्टाव णहीं
      लाया जा शकेगा। 

    क्सेट्र पंछायट पर शरकारी णियंट्रण की शीभा 

    1. जिलाधिकारी या णियट प्राधिकारी क्सेट्र पंछायट द्वारा कराये जा रहे कार्यों का णिरीक्सण कर
      शकटा है वह क्सेट्र पंछायट द्धारा लिख़िट किण्ही पुश्टक या लेख़ को जांछ के लिए भंगा
      शकटा है। 
    2. राज्य शरकार द्वारा टय किया गया अधिकारी क्सेट्र पंछायट द्वारा किये गये णिर्भाण कार्यों
      को टथा उणशे शंबंधिट शारे रिकार्डश का णियंट्रण कर शकटा है।
    3. आपाट के शभय जिलाधिकारी ऐशे णिर्भाण या दूशरे कार्यों को करणे का आदेश दे शकटा
      है जो शाधारणट: क्सेट्र पंछायट के अधिकार क्सेट्र भें आटे हैं।
    4. यदि क्सेट्र पंछायट के शदश्य अपणे कार्यों को करणे भें शारीरिक या भाणशिक रूप शे
      अशभर्थ हों, किण्ही अणाछार को दोसी हो या क्सेट्र णिधि को किण्ही प्रकार शे हाणि पहुंछाई
      हो या उशणे अपणी शदश्यटा का अपणे लाभ के लिए उपयोग किया हो टो राज्य शरकार
      उशकी शदश्यटा शभाप्ट कर शकटी है। 
    5. यदि किण्ही भी शभय राज्य शरकार पाटी है कि क्सेट्र पंछायट अपणे कार्यों भें छूक करटी है
      टो जांछ के बाद दोश शाबिट होणे पर वह क्सेट्र पंछायट का विघटण कर शकटी है। 
    6. विघटण के बाद 6 भहीणे के भीटर क्सेट्र पंछायट के गइण के लिए फिर शे छुणाव कराये
      जायेंगे। टब टक के लिए शरकार, क्सेट्र पंछायट के श्थाण पर प्रसाशणिक शभिटि गठिट
      कर शकटी है। 

    क्सेट्र पंछायट का बजट 

    क्सेट्र पंछायट का बजट प्रश्टाव उशकी शभिटियों द्वारा आपश भें विछार विभर्स करके टैयार किया
    जायेगा। इश बजट को क्सेट्र पंछायट प्रभुख़ द्वारा पांछ दिणों के अंदर जिला पंछायट को भेजा
    जायेगा। यह बजट जिला पंछायट, णियोजण शभिटि के शभक्स शभीक्सा हेटु रख़ेगी। णियोजण
    शभिटि अपणे णिर्णय व शिफारिशों शहिट णिश्छिट टिथि शे पूर्व ही क्सेट्र पंछायट को वापिश कर
    देगी। अंट भें क्सेट्र पंछायट प्राप्ट बजट प्रश्टाव पर विछार विभर्स कर पारिट करेगी।

    क्सेट्र पंछायट की आय के श्रोट 

    क्सेट्र पंछायट की आय के श्रोट शाशण द्वारा प्राप्ट हाणे वाली अणुदाण एवं ऋण के रूप भें प्राप्ट
    होणे वाली धणराशियां हैं। क्सेट्र पंछायट अपणे णिजि शंशाधणों शे भी आय अर्जिट कर शकटी है।
    जिशभें विभिण्ण प्रकार के कर जैशे-इभारटों शे आय, बाजार एवं भेलों का आयोजण, प्रदर्शणियां,
    बाग-बगीछे, शौछालय एवं अण्य शुविधायें आटी हैं। अगर किण्ही अलाभकर भूभि को क्सेट्र पंछायट
    णे लाभकर बणाया है टो उश पर कर लगा कर उशशे आय अर्जिट कर शकटी है।क्सेट्र पंछायट
    अपणे णिजि प्रयाशों शे लाभकारी योजणायें बणाकर जणहिट भें उण्हें लागू करके भी लाभ कभा
    शकटी है।

    क्सेट्र पंछायट द्वारा क्सेट्र की विकाश योजणा 

    बणाणा
    क्सेट्र पंछायट, विकाश ख़ण्ड की शभी ग्राभ पंछायटों की विकाश योजणओं को भिलाकर विकाश
    ख़ण्ड के लिए प्रट्येक शाल एक विकाश योजणा टैयार करटी है। क्सेट्र पंछायट की णियोजण एवं
    विकाश शभिटि ख़ण्ड विकाश अधिकारी टथा दूशरी शभिटियों की भदद शे यह योजणा टैयार
    करटी है और उशे क्सेट्र पंछायट को प्रश्टुट करटी है। क्सेट्र पंछायट इश योजणा पर विछार करटी
    है ओर उशभें बदलाव या बिणा बदलाव के पाश भी कर शकटी है। ख़ण्ड विकाश अधिकारी क्सेट्र
    पंछायट द्वारा पाश की गई योजणा को जिला पंछायट को णियट टारीख़ शे पहले प्रश्टुट करटा
    है।

    क्सेट्र पंछायट का ग्राभ पंछायट व जिला पंछायट के शाथ शंबंध 

    1. ग्राभ पंछायटों के द्वारा किये गये विकाश कार्यों की प्रगटि रिपोर्ट क्सेट्र पंछायट को शौंपी
      जायेगी।
    2. एक शे अधिक ग्राभ पंछायटों भें यदि कोई कार्य होणा है टो वह क्सेट्र पंछायट के भाध्यभ शे
      किया जायेगा।
    3. ग्राभ पंछायटें अपणे क्सेट्र के लिए जो विकाश योजणायें बणायेंगी उशे शबंधिट क्सेट्र पंछायट
      शदश्य के पाश भेजेंगी। 
    4. क्सेट्र पंछायट शभी ग्राभ पंछायट की वार्सिक योजणाओं के आधार पर एक योजणा बणाकर
      जिला पंछायट को भेजेगी।
    5. क्सेट्र पंछायट शदश्य, ग्राभ पंछायट की भाशिक बैठकों भें हिश्शा णहीं ले शकटे। किण्टु
      ख़ाश भौकों पर ग्राभ पंछायट की शभिटियों की बैठकों भें विशेस रूप शे आभंट्रिट किये जा
      शकटा है। लेकिण उण्हें भट देणे का अधिकार णहीं है। 
    6. जिले के अण्टर्गट शभी क्सेट्र पंछायटों के प्रभुख़ जिला पंछायट भें णाभिट शदश्य के रूप भें
      होटे हैं।

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