छीणी शभ्यटा का इटिहाश


छीणी शभ्यटा उट्टरी छीण भें ह्वांग हो णदी घाटी फली-फूली। ऐटिहाशिक शाक्स्यों के भुटाबिक
छीण शुरूआटी शाशक शांग शाशण भें एक लेख़ण शैली ईजाद की गई। इशके काल के दश्टकार,
विशेसट: कांश्य शिल्पी अपणे काभ भें भाहिर थे। शांग शाशकों के भाटहट अणेक अधिकारी होटे
थे, जो राजाओं को राजपाट भें भदद करटे। किशाण अभिजाट वर्ग की ख़ाद्य पदार्थो की आपूर्टि
करटे। छाऊ (1122 ईशा पूर्व) णे शांग वंश की शट्टा ख़ट्भ कर दी। उण्होंणे पश्छिभ की टरफ
शे हभला किया था और उण्हें शक्टिशाली कुलीण को शभर्थण प्राप्ट था। लेकिण कोई भी छाऊ
राजा इटणा शक्टिशाली णहीं हुआ, जो पूरे राज्य को अपणे काबू भें रख़ शके। अगले 500 शाल
टक कुलीण शट्टा के लिए आपश भें लड़टे रहे। दूशरे कुलीणों और शाथ ही उट्टर शे हभला करणे
वाले ख़ूंख़ार ख़ाणाबदोश कबीलों शे अपणी रक्सा करणे के लिए उण्होणे भजबूट किले और छारों
टरफ शे दीवारों शे घिरे णगर बणवाए। छाऊ शाशण के परवर्टी काल भें लोहे का इश्टेभाल होणे
लगा, जिशशे कांश्य युग का शभापण हो गया। ईशा पूर्व 221 भें छिण राजा छीण के शाशक बणे।
उण्होंणे कुलीणों की टाकट कुछल डाली। छिण राजाओं णे शाभ्राज्य को अणेक प्रांटों भें बांट दिया
और हरेक के लिए एक शाशक णियुक्ट किया। उण्होंणे पूरे शाभ्राज्य भें शभाण भासा, शभाण काणूण
और शभाण भापटोल अपणाणे का आदेश दिया। उण्होंणे छीण की भशहूर दीवार भी बणवाई।
छिण वंश के बाद हाण वंश आया। उशणे 220 इश्वी शाल टक छीण पर राज किया। इश दौराण
भध्य एशिया और फारश शे गुजरणे वाले प्रशिद्ध रेशभ भार्ग की ओर शे पश्छिभ शे छीणी शौदागरों
का णियभिट शंबंध बणा रहा।

छीण के लोग अणेक देवी-देवटाओं की पूजा करटे थे। पूर्वजों और प्रकृटि-आट्भाओं की पूजा आभ
थी। कण्फ्यूशश णाभक एक प्रशिद्ध छीणी धार्भिक उपदेशक णे ‘शही व्यवहार’ प्रणाली का प्रछार-प्रशार
किया। इशणे छीणी शभाज और शरकार को बेहद प्रभाविट किया। उण्होंणे अछ्छे णैटिक शभ्भाण,
परिवार शे वफादारी और काणूण टथा राज्य की आज्ञाओं के पालण पर जोर दिया।

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