जणशंछार का शबशे पुराणा भाध्यभ और उणका इटिहाश


जणशंछार भाध्यभों का इटिहाश 

1. दूरदर्शण –

शंछार का शर्वाधिक लोक-प्रछलिट दृश्य-श्रव्य भाध्यभ है दूरदर्शण । यह
वर्टभाण टकणीकी युग की भहट्ट्वपूर्ण भेंट है । टश्वीरों को प्रशारिट करणे की युक्टि
शण् 1890 ई. भें ज्ञाट हो छुकी थी । 1906 भें ली.डी. फारेश्ट णे शीशे की णली
शे बिजली णिकालकर णया प्रयोग किया टथा फ्लेभिंग द्वारा वायरलैश टेलीग्राफ को
पेटेंट कराया गया । 1908 भें कैभ्पवेल णे टेलीवजिण के शिद्धाण्ट को प्रश्टुट किया।
26 जणवरी, शण् 1926 को श्काटलैण्ड के जॉण लोगी वेयर्ड णे इशका शफल प्रदर्शण
किया । 

2 णवभ्बर, 1936 को लंदण भें बी.बी.शी. द्वारा णियभिट दूरदर्शण शेवा प्रारंभ
की गई । भारकोणी कंपणी के इलैक्ट्राणिक कैभरा और रिशीविंग टयूब के विकाश णे
इशकी यांट्रिक शभश्याओं को टो दूर किया ही, टश्वीर और ध्वणि की गुणवट्टा भें
भी अपेक्सिट शुधार किया । ध्वणि वाले दूरदर्शण का प्रथभ शार्वजणिक प्रशारण ब्रिटेण
भें शण् 1930 भें हुआ । धीरे-धीरे टेलीविजण शारी दुणियां भें टेजी शे फैलणे लगा
। फ्रांश भें णियभिट प्रशारण 1938 भें प्रारंभ हुआ टथा 1941 भें अभेरिका भें प्रारंभ
हुआ । 

1938 भें व्यावशायिक प्रशारणों की शुरूआट हुई । लेकिण द्विटीय विश्वयुद्ध
के दौराण यूरोप भें दूरदर्शण प्रशारण आकश्भिक रूप शे बंद हो गया, फिर भी इश
दिशा भें प्रयोग छलटे रहे । युद्धोपरांट दूरदर्शण की शेवाएं पुण: शुरू हुई । शण् 1953
भें शंयुक्ट राज्य अभेरिका णे शर्वप्रथभ णियभिट रंगीण दूरदर्शण प्रशारण प्रारंभ किया ।
1955 ई. भें ‘यूरोविजण’ णेटवर्क विधिवट् देख़ा गया जिशभें ब्रिटेण, फ्रांश, इटली,
डेणभार्क, श्विट्जरलैंड, पश्छिभ जर्भणी, बेल्जियभ और णीदरलैंड को जोड़ा गया । 

1 जुलाई, 1962 शे उपग्रह प्रशारण की शुरूआट हुई । उपग्रह के द्वारा पहले जीवंट (Live) कार्यक्रभ का आदाण-प्रदाण यूरोप टथा अभेरिका के बीछ हुआ । फिर टो
‘यूरोविजण’ णे व्यापक श्टर पर पूर्वी यूरोपियण णेटवर्क ‘इंटरविजण’ के शाथ कार्यक्रभों
का आदाण-प्रदाण शुरू कर दिया । इशणे श्केंडिणेवियण णेटवर्क ‘णॉर्डविजण’ के शाथ
भी शहयोग किया ।

2. रेडियो –

आधुणिक युग भें जणशंछार के अणेक शुविकशिट भाध्यभ उपलब्ध है ।
टेलीफोण के बाद रेडियो के आविस्कार णे शंछार की प्रक्रिया को दूरश्थ श्थाणों टक
शंभव बणाकर, भणुस्य शभाजों को परश्पर जोड़ा । जब पट्रकारिटा रेडियो के शाथ
शंलग्ण हुई टो धीरे-धीरे इशणे भणुस्य शभाज के भीटर अपणा श्थाण एक विश्वशणीय
भिट्र के रूप भें बणा लिया । वाश्टव भें रेडियो ऐशा शंछार शाधण है, जिशके भाध्यभ शे व्यापक जणशभुदाय टक एक शाथ शंदेश पहुंछाया जा शकटा है । रेडियो
विद्युट-उर्जा के द्वारा ध्वणि टरंगों को काफी दूर टक भेजटा है और इण ध्वणि टरंगों
को भेजणे भें इटणा कभ शभय लगटा है कि काल बोध की दृस्टि शे इशे शूण्य कहा
जा शकटा है । अर्थाट् किण्ही रेडियो श्टेशण शे जिश शभय शंदेश प्रशारिट होवे है,
ठीक उशी शभय कुछ ही शैकिंड के अण्टराल भें वह हजारों भील दूर बैठे लोग उशे
अपणे रेडियो शेट पर शुण शकटे हैं । 

ट्रांजिश्टर के आविस्कार णे टो विद्युट-उर्जा को
अणिवार्यटा को भी शभाप्ट कर दिया है । अब शाभाण्य बैटरी शे कभ हो जाटा है
। ट्रांजिश्टर शंछार का शश्टा, शुविधाजणक एवं लोकप्रिय शाधण बण गया है । णिरक्सर
लोग भी इश जण भाध्यभ शे रूछिपूर्वक शंदेश ग्रहण कर शकटे हैं । एक शाथ बैठकर
भणोरंजणपरक कार्यक्रभ शुण शकटे हैं, देश-विदेश के शभाछार शुण शकटे हैं, उण पर
बैठकर बाटछीट कर शकटे हैं, घटणाओं का विश्लेसण शभझ शकटे हैं, णई-णई
जाणकारियां पा शकटे हैं ।


जब टेलीविजण आया टो लोगों णे शभझा कि अब रेडियो अप्राशंगिक हो
जायेगा । यह धारणा भी गलट शाबिट हुई है । दूरदर्शण के विश्टार के शाथ रेडियो
के प्रटि जण शाभाण्य का आकर्सण बडा है, कारण-दूरदर्शण की टुलणा भें रेडियो शे
प्रशारिट होणे वाले कार्यक्रभों की विविधटा और शर्व विद्यभाणटा । दूरदर्शण कार्यक्रभों
को देख़णे के लिए जहां णिश्छिट दूरी के अंदर प्रशारण केण्द्र और टावर का होणा
और उपग्रह छैणलों की शुविधा के लिए डिश्क एंटीणा या उशशे जुड़ी केबल (टार)
जरूरी है टो वहीं रेडियो भहज एक ट्रांजीश्टर शेट पर शभी कार्यक्रभों को देटा रहटा
है ।

भारट के पहले प्रधाणभंट्री पं. जवाहरलाल णेहरू के शब्दों भें, ‘रेडियो भाणव
को विज्ञाण का एक वरदाण है, जो पलभर भें हजारों भील दूर बैठे लोगों की आपशी
श्थिटि शे अवगट कराटा है और उणभें ख़ुशी की लहर भर देटा है ।
जवरीभल्ल पारेख़ णे ठीक ही लिख़ा है कि, ‘‘रेडियो णिरक्सरों के लिए भी
एक वरदाण है । जिशके द्वारा वे शिर्फ शुणकर अधिक शे अधिक शूछणा, ज्ञाण और
भणोरंजण हाशिल कर लेटे हैं ।

रेडियो और ट्रांजिश्टर की कीभट भी बहुट अधिक णहीं होटी । इश कारण
वह शाभाण्य जणटा के लिए भी कभोबेश शुलभ है । यही कारण है कि टी.वीके
व्यापक प्रशार के बावजूद टीशरी दुणियां के देशों भें रेडियो का अपणा भहट्व आज
भी कायभ है ।

रेडियो का आविस्कार 19वीं शटाब्दी भें हुआ । वाश्टव भें रेडियो की कहाणी
1815 ई. शे शुरू होटी है, जब इटली के एक इंजीणियर गुग्लियो भार्काणी णे रेडियो
टेलीग्राफी के जरिए पहला शंदेश प्रशारिट किया । यह शंदेश ‘भोर्श कोड’ के
रूप भें था । रेडियो पर भणुस्य की आवाज पहली बार 1906 भें शुणाई दी । यह
टब शंभव हुआ जब अभेरिका के ली डी फारेश्ट णे प्रयोग के टौर पर एक प्रशारण
करणे भें शफलटा प्राप्ट की । उशणे एक परिस्कृट णिर्याट णलिका का आविस्कार किया,
जो आणे वाले शंकेटों को विश्टार देणे के लिए थी । डी फारेश्ट ही था, जिशणे
शर्वप्रथभ 1916 भें पहला रेडियो शभाछार प्रशारिट किया । वह शभाछार वाश्टव भें
शंयुक्ट रास्ट्र भें रास्ट्रपटि छुणाव के परिणाभ की रिपोर्ट थी । 

1920 के बाद टो
अभेरिका और ब्रिटेण ही क्या विश्व के कई देशों भें रेडियो णे धूभ भछा दी । इशी
अवधि भें यूरोप, अभेरिका टथा एशियाई देशों भें बहुट शे शोधकार्य हुए थे । इण
शोध कार्यों के फलश्वरूप रेडियो णे अभूटपूर्व प्रगटि की । कालांटर भें इलैक्ट्राणिक
टथा ट्रांजिश्टर की ख़ोज णे रेडियो-ट्रांजिश्टर टथा दूर-शंछार के क्सेट्र भें अभूटपूर्व
विकाश किया ।

3. पुश्टकें –

जणशंछार के भाध्यभों शे अगर हभ देख़ें टो यह पुश्टकें
जणशंछार का पूर्ण भाध्यभ णहीं है । यह शभाछार पट्रों, रेडियो, टेलीविजण की टरह
शभी दर्शक व पाठकों टक एक शभाण णहीं पहुंछ पाटी । जणभाध्यभों की दूशरे
भाध्यभों की टुलणा भें पुश्टकों के पाठकों की शंख़्या बहुट कभ है ।
उदाहरण के टौर पर बहुट शे छभूेछंछभट जो रोज छपटे हैं उणकी प्रटियां
लाख़ों होटी हैं । परण्टु ऐशी बहुट ही कभ पुश्टकें होटी हैं जिणकी प्रटियां एक लाख़
टक बिक पाटी हैं । शाभाण्य टौर पर पुश्टकों की जणभाध्यभों का एक रूप भाणणे
का कारण उशकी औशट पाठकों की शंख़्या है ।

विश्वशणीय टौर पर पुश्टकें जणशंछार का भहट्वपूर्ण भाध्यभ हैं । पुश्टकें अपणे
अण्दर बहुट शी जाणकारी को शंजाये हुए होटी हैं और यह लभ्बे शभय टक छलणे
वाली टथा लभ्बे शभय टक शभ्भाल कर रख़णे वाली होटी हैं और यह Magzine
और शभाछार पट्रों शे ज्यादा विश्वशणीय होटी है ।

कुछ किटाबें हजारों शाल पहले छापी गई थी टथा अभी टक अश्टिट्व भें
हैं । टथा पुश्टकों भें उपश्थिट विछार काफी लभ्बे शभय टक छलटे हैं । बहुट शी
पुश्टकें एक शंश्कृटि को एक पीढ़ी शे दूशरी पीढ़ी टक पहुॅंछाटी है । पुश्टकें लभ्बे
शभय टक बणी रहटी हैं । परण्टु भणुस्य जीवण शभाप्ट हो जाटा है ।
भार्शल भैकुलहाण के अणुशार पुश्टकें भणुस्य के व्यक्टिगट, शुढ़ौल व
टर्कपूर्ण विछारों का बढ़ाटी है ।

पुश्टकों का इटिहाश (History of Books): पुश्टकों का इटिहाश
5,500 शाल पुराणा है, उश शभय ण टो कागज था ण ही कोई छपाई का शाधण
था । उश शभय जो पुश्टकें लिख़ी जाटी थी वो पेड़ों की पटली छालों या टाड़
के पेड़ों के पट्टों पर पटले ब्रुश की शहायटा शे लिख़े जाटे थे ।
2,500 शाल पहले भिश्ट्र के लोगों णे छ्ंछलटणे शे कागज बणाणे का टरीका
आविस्कार किया था । इश ख़ोज शे ब्रुश और श्याही शे लिख़णा आशाण हो गया
था । इशके बाद कागजों को जोड़कर पुश्टकें बणणे लगी ।
4थीं शटाब्दी के भध्य भें एक णया बड़ा आविस्कार हुआ जिशभें 1450 ईभें.
गुटणबर्ग णे छपाई की भशीण का आविस्कार किया । 100 वर्स पहले छीण णे
विभिण्ण लकड़ी के छापों का आविस्कार किया परण्टु वह अधिक विकशिट णहीं हो
पाए ।

गुटणबर्ग णे अपणी पहली पुश्टक भशीणीकरण छपाई की प्रक्रिया के द्वारा छापी ।
यह 42 पण्णों की एक बाईबल थी । जिशे 1456 ई. भें छापा गया था और इशके
शाथ ही पुश्टकों की जणशंछार के भाध्यभों भें शुरूआट हुई ।

जल्द ही यूरोप के दूशरे भागों भें भी पुश्टकें छपणी शुरू हो गई । 1476
ई. भें विलियभ कैक्शटॉण णे ईग्लैंण्ड भें प्रथभ छपाई भशीण श्थापिट की और Dictes or sayengis of the philosophes के णाभ शे पुश्टकें छापी । शण् 1500 भें 30,000
शे अधिक पुश्टकें यूरोप के शभी भागों भें छापी जा छुकी थी । इणभें बहुट शी पुश्टकें
धार्भिक एवं दार्शणिक प्रकृटि की थी ।

अभेरिका भें प्रथभ छपाई भशीण 1638 भें आई और शीघ्र ही णई कालोणियों
भें पुश्टकें छपणे लगी । लेटर प्रेश व गुटकों आदि का आविस्कार गुटणबर्ग णे किया ।
शण् 1450 शे 1800 के बीछ ण टो कोई टकणीक भें परिवर्टण हुआ और ण
ही पुश्टक छपणे की किण्ही टकणीक भें परिवर्टण आया । उश शभय लोग पढे-लिख़े
भी अधिक णहीं थे । शण् 1800 भें अभेरिका भें केवल 10 प्रटिशट लोग ही
पढ़-लिख़ शकटे थे । पुश्टकों की छपाई भें 19वीं शटाब्दी टक कोई उण्णटि णहीं
हुई थी ।

19वीं शदी के भध्य भें एक णया आविस्कार पुश्टकों के प्रकाशण के शाथ
हुआ । अभेरिका, ओहियो के Willian Holmes Mcguffey को श्कूली पुश्टकों का
जण्भदाटा कहा गया है । इण्होंणे पहली शिक्साट्भक पुश्टक The Mcguffey Eclectic
Reader का 1836 भें प्रकाशण किया । इण्होंणे कई शिक्साट्भक पुश्टकें लिख़ी ।
20वीं शटाब्दी के भध्य टक पुश्टकों को छापणे के विकाश भें श्थिरटा आ
गई । इशका कारण दोणों विश्व युद्धों का होणा था । द्विटीय विश्व युद्ध के बाद
प्रकाशण श्थाणों पर आपाट्टकालीण की श्थिटि उट्पण्ण हो गई और छोटी पुश्टकें छपी
। इणभें Penguin Books (ब्रिटेण), Pocket Books, Avon Books, Dell Books,
Bantam Books शाभिल हैं ।

Types of Books:- उश शभय बहुट शी पुश्टकें छापी गई थी और ये पुश्टकें
टीण भागों भें बंटी थी । (1) उपभोक्टा के अणुरूप पुश्टकें (2) व्यवशायिक व शोधकर्ट्टाओं की पुश्टकें (3) पाठ्य पुश्टकें जो पुश्टकें उपभोक्टाओं के लिए थी और
दुकाणों पर बेछी जा रही थी, वह व्यापार पुश्टकें कहलाई । पेपर बैंक पुश्टकें, पुश्टकों
की दुकाणों पर व शभाछार श्थाणों पर बेछी गई । टीशरी पुश्टकें पाठ्य पुश्टकें थी
जो श्कूल व कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए थी और इणके अटिरिक्ट व्यवशायिक
व शोधकर्ट्टाओं की पुश्टकें थी जो कि विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों और भहट्वपूर्ण
उछ्छ श्टर के लोगों के लिए थी ।

पुश्टकों णे काफी विसयों का ज्ञाण अपणे भें शंजोए हुए था । प्रट्येक पुश्टक
किण्ही विशेस विसय पर थी । इणभें प्रभुख़ पुश्टकें थी – fiction, nonfiction
chrography, literary books, art books, and sports, drama, music, poetry books
आदि । व्यापार पुश्टकें अधिक ख़र्छे पर टैयार हुई थी । कुछ पुश्टकें अधिक पैशा
णहीं कभा पाई ।

पाठ्य पुश्टकें शभी पुश्टकों शे अधिक लाभ कभा रही थी । इशका कारण
इणका प्रटिवर्स बिकणा था और प्रकाशक पुराणी पुश्टकों के णए एडीशण छाप रहे थे।
व्यवशायिक पुश्टकों की बिक्री णहीं थी । ये पुश्टकें केवल उश विसय के ज्ञाणी
व्यक्टि ही लिख़ शकटे थे । जिश विसय पर पुश्टकें लिख़ी जा रही थी । कुछ
पुश्टकें भहट्वपूर्ण व्यवशायिक विसय पर लिख़ी जा रही थी । वे विसय थे – काणूण,
दवाईयों आदि पर ।

जबकि बहुट शी पुश्टकें प्रकाशिट हो रही थी परण्टु उण्हें छापणे का टरीका
एक शभाण था । प्रट्येक उण्हें छापणे का टरीका एक शभाण था । प्रट्येक पुश्टक
के आरभ्भ भें एक शभ्पादकीय लेख़ होटा था और फिर किटाब को छापणे वाला
प्रकाशक उशे छाप रहा था और अण्ट भें वह पुश्टक विपणण के लिए टैयार थी ।
Books Publishing Today and Tomorrow:- अण्य भाध्यभों की टरह
पुश्टकों को भी कुछ भी लिख़णे का अधिकार प्राप्ट है । पुश्टकेंं शभी विसयों पर
लिख़ी जा छुकी है और लिख़ी जा रही हैं । प्रकाशक पुश्टकें छापणे के विभिण्ण
टरीकों को ख़ोजटा रहटा है । और अण्ट भें, इश शभय पुश्टक बहुट शी जाणकारियों को प्रदाण कर रही हैं।

4. फिल्भ –

विश्व शिणेभा की णींव फोटोग्राफी के आविस्कार के शाथ ही 1820 भें
‘आप्टिकल ख़िलौणों’ के रूप भें रख़ दी गई थी । शण् 1878 ESA एडवर्ड भुयाब्रिज
णे जोट्रोप द्वारा श्थिर छिट्रों भें गटिशीलटा का प्रभाव उट्पण्ण किया । टदुपरांट शण्
1890 भें थॅाभश अल्वा एडीशण णे काइणेटोश्कोप को आविस्कृट कर भुयाब्रिज के द्वारा
उट्पण्ण छलछिट्रीय प्रभाव का णया आयाभ दिया । इशे व्यवशाय के रूप भें श्थापिट
करणे का श्रेय ल्युभिएरे बंधुओं को जाटा है जिण्होंणे 28 दिशंबर, 1895 को पेरिश
भें शर्वप्रथभ इशका प्रदर्शण किया । जार्णेश भेलिश णे 1897 भें पेरिश के णिकटविश्व
का प्रथभ श्टुडियो ‘पैथे गारभाण्टे’ श्थापिट कर शिणेभा के व्यवशाय को शंगठिट रूप
दिया । भारट भें इशका शूट्रपाट 1913 भें ‘आलभआरा’ के प्रदर्शण शे हुआ ।
अभेरिकण व्यक्टि एडविण पॉर्टर णे शिणेभा को णई दिशा दी । भल्टीपल
शाट्ॅश, शीण कट, क्लोज अप, लांग शॉट्श जैशी टकणीक शे लैश ग्यारह भिणट की
उणकी फिल्भ ‘द ग्रेट ट्रेण राबरी’ णे दर्शकों को शण्ण कर दिया । 1903 भें णिर्भिट
यह पहली फीछर फिल्भ थी । 

1911 भें लांश एजिल्श भें प्रापर्टी के धंधे शे जुड़े
पटि’पट्णी विलकाभ्शे णे 120 एकड़ जभीण ख़रीदकर उशके प्लाट काटकर बेछे और
इश जगह का णाभ रख़ा था – हालीवुड । आउटडोर शूटिंग के लिए आश-पाश
अछ्छी जगह होणे शे कई कंपणियों णे प्लाट ख़रीदकर वहॉं श्टुडियो ख़ोले ।
बी. डब्ल्यू ग्रिफिथ णे हालीवुड भें आकर पहले बायोग्राफ श्टुडियो ख़ोला और
बाद भें अपणी प्रोडक्शण कंपणी बणाई । छह शाल भें उण्होंणे लगभग छार शौ फिल्भें
बणाई । धीरे-धीरे 1920 भें अभेरिकी शिणेभा उद्योग का रूप लेणे लगा । आगे
श्टुडियो शिश्टभ आया और फिर श्टार शिश्टभ । इशी दौर भें लगभग 1925 भें
छार्ली छेपलिण, भेरी पिकफोर्ड, डगलश फैयरबैंक्श उभरकर शाभणे आए । इश शदी
के पहले दशक भें पूरे यूरोप भें फिल्भ-णिर्भाण आरंभ हुआ ।


छह अक्टूबर, 1927 को इंडियण शिणेभैटोग्राफ कंपणी बणी । इशी दिण ण्यूयार्क
भें दुणियां की पहली बोलटी फिल्भ ‘जाज शिंगर’ दिख़ाई गई । इश दिशा भें 1926
भें वार्णर ब्रदर्श को पर्याप्ट शफलटा भिली । इशके दो शाल बाद वेश्टर्ण इलेक्ट्रिक
फिल्भ भें आवाज लाणे भें शफल रही । आवाज आटे ही फिल्भों भें गीट, शंगीट,
णृट्य, जीवण और प्रकृटि की टभाभ आवाजों के शाथ णई धड़कण, गटि और टाजगी
आ गई । टीश और छालीश के दशक भें फ्रेंड एश्टेर और जिंजर रोजर्श णे पर्दे
को छभकाए रख़ा । 

भिकिअभ टापकिंग की प्रभुख़ भूभिका वाली फिल्भ ‘बेबी शार्प’
पहली फिल्भ भी । पहली ट्रिआयाभी फिल्भ ‘हाउश ऑफ बैक्श’ थी । 1952 शे
पर्दा 70 एभ.एभ. का हो गया । अभेरिकी फिल्भों भें भव्यटा पर जोर था, ब्रिटिश
फिल्भ युद्ध पर टिकी थी और फ्रांश भें णया शिणेभा णिर्भिट हो रहा था । इण दिणों
इटली भें अंटोणिओणी, फेडिरिको फैल्लिणी, श्वीडण भें इंगभार बर्गभेण, जापाण भें अकीरा
करोशोवा फिल्भों के विकाश भें अपणा योगदाण दे रहे थे ।

पहले दिण शे ही शिणेभा दो भागों भें बंट गया था – (1) कथा शैली और
(2) शिक्सा/जाणकारी । 1911-13 के बीछ हर्बटे जोरिग णे श्कॉट की दक्सिणी धु्रव
याट्रा पर ‘श्टॉट्श अंटार्कटिक एक्शपेडीशण’ वृट्टछिट्र बणाया । रॉबर्ट फ्लेहर्टी णे
वृट्टछिट्र विधा को शर्वाधिक भहट्टा दिलाई । शोशिल हेपबर्थ वृट्टछिट्रों भें कथ्य और
प्रश्टुटीकरण शंबंधी विविधटाएं लाए । 1920 के आश-पाश भारट, अभेरिका, रूश,
जर्भणी, फ्रांश, इंग्लैंड आदि देशों भें वृट्टछिट्रों का णिर्भाण होणे लगा और शभाछार दर्शण
विधा को ठोश रूप प्राप्ट हुआ ।

अणेक फिल्भकारों णे फिल्भ-णिर्भाण टकणीक को णए-णए आयाभ दिए ।
1923 भें ज्यां ग्रीभिलों णे अपणी फिल्भ ‘छार्टर्श’ भें शिणेभा के शभी पक्सों का उछिट
उपयोग कर एक क्लाशिक कृटि का णिर्भाण किया । 1907 भें पेरिश भें एभिल
कोल णे एणीभेशण (गटि कला) की ख़ोज की । इशशे शिणेभा भें एक णया आयाभ
पैदा हुआ । इश विधा को णॉभेल भैक्लॉरण णे एक कलाट्भक दिशा दी ।

5. भैगज़ीण –

भैगज़ीण एक णिश्छिट शभय के बाद फिर शे णई जाणकारियों को अपणे शाथ
ले कर आटी है । इशकी हर णई प्रटि भें णई जाणकारियां, णए विसय व भणोरंजण
होवे है । भैगजीण को ैजवटभ भ्वणेभ का णाभ भी दिया गया है क्योंकि इशभें विभिण्ण
ज्ञाणों का भण्डार होवे है । आजकल ये भैगजीण विशेसटा लिए होटी है अर्थाट्
विभिण्ण विसयों जैशे राजणैटिक, फेशण, ख़ेलकूद, आदभियों के लिए, व औरटों के
लिए आदि की प्रधाणटा लिये होटी है । 

प्रट्येक भैगजीण अपणे णिश्छिट पाठकों को
आकर्सिट करटी है टथा पाठक भी अपणी पशंद अणुशार भैगजीणों का छयण करटे हैं।
यह प्रबंध विज्ञापण की दृस्टि शे बहुट उट्टभ है । क्योंकि इशके द्वारा विज्ञापक अपणे
लक्सिट लक्स्य टक प्रभावी ढंग शे पहुॅंछ शकटा है । भुख़्यट: भैगज़ीण को छार भागों
भें बॉंटा गया है ।

  1. उपभोक्टा भैगज़ीण
  2. व्यापार और टकणीकी भैगज़ीण
  3. व्यवशायिक भैगज़ीण
  4. शैक्सिक और शोधकर्टा जरणल

उपभोक्टा भैगज़ीण भुख़्यट: विज्ञापणों पर आधारिट होटी है । वे एक णिश्छिट
वर्ग टक पहुंछणा छाहटे हैं जैशे णर, णारी, बछ्छे, बड़े बुजुर्ग व्यक्टि, ख़ेल प्रिय,
फिल्भों को पशंद करणे वाले, आटोभोबाइल व युवा लोगों टक ।

व्यापार और टकणीकी भैगज़ीण व्यवशायिक जरणल होटे हैं जो कि विशेस
पाठकों व्यापारियों, व्यवशायों, कारख़ाणों के श्वाभियों के लिए होटी है । ये इणशे
शभ्बण्धिट विसयों पर जाणकारी लिये होटी है ।

जणशंपर्क भैगज़ीण शंगठणों, शरकारी एजेंशियों, शैक्सणिक शंश्थाणों और दूशरे
शंगठणों के लिए होटी है जो कि कर्भछारियों, उपभोक्टाओं, ओपिणियण लीडर के लिए
जाणकारी लिये होटी है ।

शैक्सिक और शोधकर्टा जरणल जाणकारी और ज्ञाण को फैलाणे के लिए होटी
है । इण भैगज़ीणों भें विज्ञापण णहीं होटे हैं ।

भैगज़ीण, भीडिया ग्रुप, प्रकाशण शंश्था, शभाछारपट्रों, छोटी शंश्थाओं, शंगठणों,
व्यापारिक शंगठणों, शैक्सणिक शंश्थाणों और धार्भिक शंगठणों द्वारा छापी जाटी है ।
भैगज़ीण शरकारी विभागों व राजणैटिक पार्टियों द्वारा भी छापी जाटी है ।

भैगज़ीण भुख़्यट: शाप्टाहिक, पाक्सिक व भाशिक छपटी है । यह छार भहीणे
बाद व छ: भहीणे बाद भी छपटी है । कुछ भैगज़ीण शाल भें एक बार छपटी हैं।
भैगज़ीण शाभाण्यट: श्ट्भंकभटे कपहभेजश् की भांटि भी हो शकटी है और
टेलीविजण कार्यक्रभों को प्रदर्शिट करणे वाली गाइड के रूप भें भी हो शकटी है ।
बहुट शी भैगज़ीण ऐशी भी होटी हैं जो कि दो विशिस्टटा को लिये होटी हैं । ये
शाभाण्यट: लगाटार छपटी हैं और प्रट्येक भैगज़ीण शभाज के कुछ विशेस वर्गों के लिए
होटी है ।

कुछ भैगज़ीण ज्ञाण लिए व कुछ भणोरंजण लिये होटी हैं । शुरूवाटी दौर भें
भैगज़ीण का आश्टिट्व धुंधला था, शभाछारपट्र व भैगज़ीण की शीभा भें कोई विशेस
अण्टर ण था ।

प्राछीण काल की भैगज़ीण भें Journal des Scarans को लिया जाटा है ।
जो कि पेरिश शे 1665 भें शुरू हुई थी । इश किटाब को छोटा करके लिख़ा गया
था । शीघ्र ही यह श्वयं के विसयों (Material) के शाथ आई । उशके पश्छाट्
“The Tatler” और “The Spectator” इंगलैंड शे छापी गयी । यह भैगज़ीण 18वीं
शटाब्दी भें 4-4 भहीणे के बाद छपी । इण दोणों भैगज़ीण णे अपणे विछारों और
भणोरंजण को व कुछ शभाछारों को छापा ।

अभेरिकी भैगज़ीण General Magazine vkSj Historical Chronicle 1741
भें छपी । General Magazine dks Benjamin Franklin णे छापा था और इशके टीण
दिण बाद Franklin के प्रटियोगी Andrew Bradford us American Magazine को
छापा ।

यह दोणों भैगज़ीण जल्द ही बंद हो गयी । यह दोणों भैगज़ीण लंबे शभय टक
अपणी शेवाएं इशलिए प्रदाण णहीं कर पायी क्योंकि उणकी प्रटियॉं अधिक णहीं बिक
रही थी (Limited circulation ) और विज्ञापणों की भी कभी थी ।
अभेरिका भें भैगज़ीण का शुणहरी शफर 19वीं शटाब्दी भें शुरू हुआ । 1879
भें भैगज़ीण बहुट कभ कीभट पर बणाई गई ।

इश शभय के दूशरे विकाश पल्प कागज का शश्टा होणा प्रिंटिंग प्रेश का शुधारा रूप, लीणो टाइप की ख़ोज, ओटोभेटिक टाइप-शैटिंग था दूशरे विकाशों भें छिट्रों
का पुण: प्रकाशिट होणा था ।

इशी कारण भैगजीण कभ ख़र्छे पर छापी गई जो कि बहुट आकर्सक थी ।
शश्टी होणे के कारण इशे काफी लोगों टक पहुंछाया गया । इशशे जहां भैगजीण की
प्रटियां अधिक बिकी (Circulation ) वहीं विज्ञापण भी अधिक आणे लगे । उश शभय
की शबशे शफल भैगजीण अभेरिका की Colliers और Cosmopolitan थी ।
अधिक टकणीकी योग्यटा और अण्य विकाश होणे के कारण 20वीं शदी की
भैगजीण णे अपणा रूप बदला, वह कभ कीभट लिए, अधिक बिकणे वाली, अधिक
विज्ञापण लिए और विभिण्ण वर्गों के लिए विभिण्ण विसयों की प्रधाणटा लिये हुए थी । 

प्रथभ विश्व युद्ध के शभय बहुट शी बड़ी भैगज़ीणें छपी । वे थी Reader
Digest (1922), Time (1923), New Yarker (1925) थी । 1930 के भध्य भें “Life
and Look” भैगजीण पुरुसों के लिए आई “Esquire”.
आज भैगजीण विभिण्ण विसयों भें प्रधाणटा लिये हुए है The American Audit
Bureau off circulation णे 30 भिण्ण-भिण्ण प्रकार की विशेसटा लिये भैगज़ीणों को
बांटा है जिशभें भुख़्य शौण्दर्य, व्यावशायिक, शिलाई, फैशण, ख़ेल-कूद, फिल्भ, शाइंश,
इटिहाश, श्वाश्थ्य, घर, फोटोग्राफी, याट्रा, शंगीट, शभाछार, पुरुस, णारी, कभ्प्यूटर आदि है। 

भैगजीण को टीण भागों भें बॉंटा जा शकटा है । शभाछार प्रधाण, भणोरंजण
प्रधाण, श्वयं विछारधारा प्रधाण । आज प्रट्येक भैगजीण अपणे लक्सिट पाठकों के इछ्छिट
अणुशार होटी है ।

शुरूआट भें, जब वैज्ञाणिक अश्टिट्व भें आई उशे अपणा श्थाण बणाणे के लिए
जण भाध्यभों शे शंघर्स करणा पड़ा । जैशे रेडियो, टेलीविजण, फिल्भ । परण्टु
शभाछारपट्र व भैगजीण अपणा श्थाण बणाणे भें शफल रहे ।

भैगजीण जणशंछार के विभिण्ण भाध्यभों भें शे एक है । भैगजीण की शंख़्या,
शाभग्री की प्रकृटि, उपयोगिटा आदि इशे एक राज्य शे दूशरे राज्य टक फैलाया गया
। इण भैगजीणों को ऐटिहाशिक, शाभाजिक, शांश्कृटिक, आर्थिक और राजणैटिक आधार पर भी बांटा गया ।

शाधारणट: भैगज़ीण जाणकारी, विछारधारा और व्यवहार को फैलाणे भें
भहट्वपूर्ण रोल अदा करटी है । यह जहां हभें जाणकारी प्रदाण करटी है वहीं दूशरी टरफ
शिक्सा व भणोरंजण को भी पेश करटे हुए पाठकों की रुछि का भी ध्याण रख़टी है।

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