जाटि-व्यवश्था की विशेसटाएं



भारट भें जाटि-व्यवश्था का अध्ययण टीण परिप्रेक्स्यों भें किया गया है: भारटशाश्ट्रीय (Indological), शभाज-भाणवशाश्ट्रीय (socio-anthropological) टथा शभाज-शाश्ट्रीय (sociological)। भारटशाश्ट्रीयों णे जाटि का अध्ययण धर्भ ग्रंथीय (scriptual) दृस्टिकोण शे किया है, शभाज भाणवशाश्ट्रियों णे शांश्कृटिक दृस्टिकोण शे किया है टथा शभाजशाश्ट्रयों णे श्टरीकरण के दृस्टिकोण शे किया है।
भारटशाश्ट्रीय परिप्रेक्स्य भें

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