ठुमरी शैली की उत्पत्ति एवं विकास



ठुमरी की उत्पत्ति – तीन चार सौ वर्ष पूर्व भारतीय संगीत में ध्रुपद गायन का प्रचार था। परिस्थितिवश ख्याल गायन का प्रादुर्भाव हुआ। धीरे-धीरे ध्रुपद का स्थान ख्याल ने ले लिया। मनुष्यों के बदलती हुई भावनाओं और विचार के परिवर्तन के कारण ख्याल के पश्चात क्रमश: टप्पा, ठुमरी, भावगीत, फिल्मी गीत प्रचलित हुआ।
राग की शुद्धता व लय के चमत्कारिक प्रदर्शन के लिये ध्रुपद का महत्व भले ही हो पर ख्याल, टप्पा, ठुमरी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *