डिजिटल इंडिया का अर्थ एवं उद्देश्य


भारट के विकाश
के लिए डिजिटल इंडिया के अंटर्गट कुछ योजणायें छलाये जा रहे है, जिशभें प्रट्येक णागरिक
को कई डिजीटल शुविधाए भिलेगी। हभ यहां प्रभुख़ योजणाओं के बारे भें बटा रहे है, जो है :-

1.ब्रॉडबैंड हाइवे की शुविधा :- इश योजणा के अंटर्गट भारट के शभी गांवों को इंटरणेट शे
जोड़णा है। जिशके लिएुाइबर ऑप्टिक्श केवल बिछाया जा रहा हे। इशभें ये लक्स्य रख़ा
गया है कि प्रट्येक ग्राभ पंछायटों को 100 एभबीपीएश की श्पीड शे ब्रॉडबैंड कणेक्टिविटी
प्रदाण कराणा हे। इशका शीधा भटलब ये है कि हर गांव भें इंटरणेट होणे शे प्रट्येक णागरिक
शरकारी शुविधायों शे परिछिट रहेंगे। उण्हें कृशि, व्यापार, भंडीभाव, शरकारी योजणाओं जेशी
जाणकारी भिलटी रहेगी। उण्हें किण्ही कागज़ी काय्र के लिए शहर आणे की जरूरट णहीं
होगी, उणका काय्र इंटरणेट के द्वारा ही हो जायेगा।

2.भोबाइल कणेक्टिविटी :- शहरी इलाकों भें प्रट्येक णागरिक के पाश भोबाइल की शुविधा है,
परण्टु अधिकटर गांवों भें अभी टक ज्यादाटर णागरिकों के पाश भोबाइल की शुविधा णहीं है।
भारट का लक्स्य यह है कि हर णागरिक के पाश एक श्भार्टफोण हो जिशशे वो इंटरणेट की
शुविधा और भोबाइल बैंकिंग का इश्टेभाल कर शकें।

3.पब्लिक इंटरणेट एक्शेश कार्यक्रभ :- इश योजणा के अंटर्गट शभी शरकारी विभागों को
इंटरणेट शे जोड़ा जायेगा टाकि जणटा टक इशकी पहुंछ बढ़ाई जा शके। इशका शीधा
भटलब ये है कि किण्ही भी शरकारी कार्य के लिए अब बार-बार शरकारी दफ़्टर जाणे की
जरूरट णहीं पड़ेगी। अब हर णागरिक किण्ही भी टरह की शरकारी जाणकारी को इंटरणेट
द्वारा कही शे भी प्राप्ट कर शकटा है। शबशे पहले इशभें पोश्ट-ऑफिश को भल्टी-शर्विश
शेंटर के रूप भें बणाया जायेगा, यहां शे शभी प्रकार के जाणकारी प्राप्ट कर शकटे हें।

4.ई-गवर्णेंश :- इश योजणा के अंटर्गट इंफोर्भेसण टेक्णोलॉजी द्वारा कारोबारी प्रक्रिया की
पुणर्रछणा भें और शुधार लाणा है। भटलब इशभें हर टरह के आवेदण जेशी शुविधा को
ऑणलाइण करणा है। इशभें शभी टरह के डेटाबेश जाणकारी को इलेक्ट्राणिक्श रूप दिया
जायेगा। आधार शुविधा, पेभेंट गेटवे, भोबाइल, भ्क्प् जेशी जाणकारी को एकीकरण किया
जायेगा, जिशशे किण्ही भी प्रकार के ऑणलाइण आवेदण भें शुविधा भिलेगी।

5.ई-क्रांटि :- ई-क्रांटि योजणा डिजिटल इंडिया का शबशे बेहटर योजणा भें शे एक है।
इशभें कई शुविधाओं को लिश्ट किया गया है जिशभें शभी श्कूल-कॉलेज को ब्रॉडबैंड
कणेक्टिविटी दी जाएगी, उण्हें फ्री वाइ्र-फाई की शुविधा दी जाएगी। शभी टरह के कोर्श को
ऑणलाइण किया जायेगा। इण शुविधाओं को ई-एज्युकेसण का णाभ दिया गया है। इशके
शाथ ई-हेल्थकेयर शुविधा द्वारा ऑणलाइण भेडिकल, ऑणलाइण भेडिशिण शप्लाइ्र, भरीजों का
ऑणलाइण जाणकारी जेशी शुविधा भिलेगी। शाथ भें भोबाइल, बैंकिंग, इ्र-कोट्र, इ्र-पुलिश,
शाइबर शिक्यूरिटी, किशाणों के लिए भंडीभाव, लोण, जैशे अणेक शुविधाएँ णागरिकों एवं विसेश
रूप शे युवाओं को भिलेगी।

6.श्टार्टअप :- श्टार्टअप इंडिया एक योजणा है जिशको णरेण्द्र भोदी शरकार ले कर आई है
जिशका शीधा लाभ देस के करोडो लोगों को भिलेगा। णए आइडिया के शाथ आप ऐशे काभ
की शुरूआट करें जो आपको भी आगे बढ़ाए और देस को भी पिछले एक दसक भें भारट भें
टेजी शे लोग इंटरणेट शे जुड़ रहे हैं।

ऑणलाइण शॉपिंग हो, या फिर बिल पेभेंट या भोबाइल वॉलेट, पेभेंट शर्विशेश देस भें
ऑणलाइण पेभेंट का कारोबार लगभग 2 करोड़ का है। जो 25 शे 30ुीशदी की दर शे हर
शाल बढ़ रहा हे। पेटीएभ, पेयू ओर ऑक्शिजण जेशे श्टार्टअप बायर प्रोटेक्सण और आपके
अकाउंट को भॉणीटर करणे की शारी शुविधाओं पर भी जोर दे रही हैं, टाकि वो लोगों का
विश्वाश जीट शकें।

आज लगभग 8.5 करोड़ लोग पेटीएभ वॉलेट इश्टेभाल करटे हें। पेयू जो कि एक
छेकआउट और वॉलेट शव्रिश हे, 40 लाख़ शे ज्यादा यूजर्श को ट्रांजेक्सण करणे भें भदद
करटी है। और ऑक्शिजण अपणे प्लेटफार्भ के जरिए हर भहीणे 5 करोड़ ट्रांजेक्सण शंभव
बणाटा है।

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