द्विवेदी युग का नामकरण एवं द्विवेदी युग की काल सीमा



हिंदी साहित्य के आधुनिक काल में एक नवीन मोड़ आया। साहित्यकारों का चिंतन व्यष्टि से समष्टि, वैयक्तिक से सामाजिक,
जड़ता से चेतना, स्थायित्व से प्रगति, श्रृंगार से देशभक्ति, रूढ़ि से स्वच्छंदता की ओर अग्रसर हुआ। भारतेंदु युग के कवियों
में भावबोध आधुनिकता से प्रभावित होते हुए भी रीतिकालीन पंरपरा से सर्वथा मुक्त नहीं हो पाया था। भारतेंदु युग में साहित्यगत
विषयों में नवीनता आने पर भी अभिव्यक्ति के

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