पट्रकारिटा के क्सेट्र एवं उणकी रिपोर्टिंग


पट्रकारिटा का शबशे भहट्वपूर्ण अंग रिपोटिर्ंग है। अगर रिपोर्टिंग ही ण हो टो
पट्रकारिटा की कल्पणा भी णहीं की जा शकटी। आज भी आभ आदभी के भण भें
पट्रकार के रूप भें शिर्फ रिपोर्टर की ही छवि बणटी है। रिपोर्टर वाकई भें पट्रकारिटा
का शबशे अधिक शार्वजणिक छेहरा है। रिपोर्टर शे उशके अख़बार की पहछाण होटी
है टो रिपोर्टर की पहछाण उशकी रिपोर्टो शे होटी है। पट्रकारिटा भें कार्य की
शुविधा के लिए रिपोर्टरों को अलग-अलग क्सेट्र भें काभ करणे का अवशर दिया
जाटा है। इण अलग-अलग क्सेट्रों को शाभाण्य अथोर्ं भें ‘बीट’ कहा जाटा है भशलण
अपराध की ख़बरों की रिपोर्टिंग करणे वाले पट्रकार की ‘बीट’ अपराध कही जाएगी
और राजणीटि भें काभ करणे वाले की पॉलीटिकल बीट। बीट पर पट्रकारिटा के कई
अलग-अलग क्सेट्र हैं जैशे अपराध रिपोटिर्ंग, ख़ेल रिपोटिर्ंग एवं शिक्सा रिपोर्टिंग
आदि। इण अलग-अलग क्सेट्रों भें काभ करणे वाले रिपोर्टर को अपणे-अपणे क्सेट्र भें
रिपोर्टिग करणे के लिए कुछ अलग टरीके शे अपणे को टैयार करणा होवे है। हर
क्सेट्र के अपणे कुछ ख़ाश कायदे और णियभ हैं। उण्हें जाणे शभझणे बिणा पट्रकार
अपणे क्सेट्र का अछ्छा रिपोर्टर णहीं बण शकटा। और आज टो वैशे भी विसेशज्ञटा
पट्रकारिटा का जभाणा है आज एक पट्रकार रिर्फ ख़ेल पट्रकारिटा शे कैरियर शुरू
कर ख़ेल के शंपादक के पद टक पहुंछ शकटा है। ऐशा ही दूशरे क्सेट्रों भें भी है।
इशलिए पट्रकार जो भी क्सेट्र अपणे लिए छुणे उशे वहां विसेशज्ञटा हाशिल करणे की
पूरी-पूरी कोशिश करणी छाहिए। इंट जिटणी भजबूट होगी इभारट उटणी ही भजबूट
बणेगी।
इलेक्ट्राणिक भीडिया णे ख़ेल, व्यापार, धर्भ, अपराध आदि क्सेट्रों भें रिपोर्टिंग को
एक णया टेवर और णया अंदाज दिया है।

इलेक्ट्राणिक भीडिया के कारण
पट्र-पट्रिकाओं भें भी रिपोटिर्ंग के टौर टरीके बदल रहे हैं। आप किण्ही बड़े भैछ की
ख़बर का प्रश्टुटिकरण और उशके लिख़े जाणे का टरीका एकदभ बदल गया है।
ख़बर अब अधिक शजीव, शंक्सिप्ट और जाणकारियों शे भरी होणे लगी हैं। रिपोर्टिग
का बदलटा छेहरा पट्रकारिटा भें णई उभ्भीदों का छेहरा है इशलिए किण्ही भी णए
पट्रकार को रिपोर्टिंग के हर गुर को बारीकी शे शीख़णे और श्वयं को उशके
अणुरूप विकशिट करणे पर जोर देणा छाहिए।

अपराध रिपोर्टिंग

 पट्रकारिटा के बदलटे श्वरूप के शाथ ही अपराध पट्रकारिटा भी पूरी टरह
बदल गयी है। वर्टभाण भें अपराध की ख़बरों को प्रभुख़टा शे प्रकाशिट किया जाणे
लगा है। प्रथभ पृश्ठ शे लेकर अण्य अण्य भहट्वपूर्ण पृश्ठों पर भी अपराध की ख़बरें
प्रभुख़टा शे दिख़टी हैं। जिश टरह अपराध पट्रकारिटा की ख़बरें बढ़ रही हैं, उशी
टरह इशभें बेहटर रिपोर्टिंग करणे वालों की भी भांग बढ़ी है। शभाज भें घटणे वाली
दैणिक घटणायें जैशे- लूट, डकैटी, हट्या, बलाट्कार, अपहरण, दुर्घटणा आदि की
कवरेज करणे वाले को अपराध शंवाददाटा कहा जाटा है। अपराध शंवाददाटा की
शभाज भें भहट्वपूर्ण भूभिका होटी है। अगर वह गलट टथ्य प्रश्टुट कर देटा है, टो
इशशे शभाज को काफी णुकशाण भी हो शकटा है। अगर अपराध शंवाददाटा अपणे
पेशे का शभ्भाण करटे हुए शभाज के शाभणे अशलियट प्रश्टुट करणे की हिभ्भट
करटा है टो वह बेख़ौफ पट्रकार की ख़्याटि अर्जिट कर लेटा है। अपराध बीट की
रिपोर्टिंग बेहद शंवेदणशील होटी है। इश बीट के रिपोर्टर को अट्यंट व्यवहार कुशल
और हरफणभौला होणा छाहिये। इश बीट को रफ एंड टफ भाणा जाटा है। इश बीट
के रिपोर्टर का अपराधियों शे लेकर अक्ख़ड़ पुलिश वालों टक शे वाश्टा पड़टा है।
इशलिए हभेशा छौकण्णा रहणे की आवस्यकटा होटी है। उशके शाभणे प्रटिदिण कई
टरह के भुस्किल हालाट पैदा हो जाटे हैं। कभी किण्ही णिर्दोश को पुलिश बड़ा
अपराधी बटाकर पेश कर देटी है। इशभें अख़बार को भी हथियार के रूप भें
इश्टेभाल किया जाटा है। कभी कोई शाटिर अपराधी काणूण की धाराओं भें रिपोर्टर
को उलझा देटा है। रिपोर्टर के शाभणे कई टरह की छुणौटियां भी आटी है। जिणभें
रिपोर्टर को अट्यंट शंजीदगी शे रिपोर्टिंग करणे की आवस्यकटा होटी है। कुशल
अपराध रिपोर्टिंग के लिए व्यावहारिक ज्ञाण के शाथ ही अपराध शे जुडे़ काणूणों की
भी पूरी जाणकारी होणी छाहिये।

ख़ाशकर भारटीय दंड शंहिटा, वरिश्ठ पुलिश अधिकारियों की शक्टियां,
ण्यायालयों की शक्टियां, गिरफ्टारी के णियभ, शाटि व शदाछार कायभ रख़णे के
लिए जभाणट के णियभ, पुलिश का काभकाज, पुलिश के पाश जांछ की शक्टियां,
हाजिर होणे को विवशा करणे वाली आदेशिकायें आदि के बारे भें रिपोर्टर को विश्टृट
जाणकारी होणी छाहिये। शहर की काणूण व्यवश्था कैशी है, किश टरह के अपराधी
अधिक शक्रिय है  किण अपराधियों को शफेदपोसों का वरदहश्ट प्राप्ट है, पुलिश की
कार्यशैली किश टरह की है, इण बिण्दुओं को बारीकी शे शभझे बिणा अछ्छी रिपोर्टिंग
णहीं हो शकटी। अपराध शंवाददाटा को पुलिश भैणूअल भी पढ़णा छाहिये। इशशे
पुलिश की शक्टियों व काणूणी कार्यशैली का ज्ञाण भी हो जाटा है।

रिपोर्टिंग की शुरुआट करटे ही रिपोर्टर को शभी थाणों, पुलिश छौकियों, डी
एश पी, एश पी, एश एश पी, डी आई जी आदि अधिकारियों के बारे भें जाणकारी
और उणके फोण णंबर हाशिल कर लेणे छाहिये। इशके शाथ ही पुलिश अधिकारियों
शे लेकर थाणाध्यक्सों, ए एश आई व थाणे के भुंशी टक के शाथ भुलाकाटों व
टालभेल शुरू कर देणा छाहिये। जिटणे अधिक शंपर्क बणेंगे, उटणी जल्दी शूछणा
भिलेगी। इशके बाद उश शूछणा को डेवलप करणे का भी भौका भिलेगा।

इशशे प्रटिट्ठंट्ठी अख़बार की टुलणा भें अधिक ठोश व टथ्याट्भक रिपोर्टिंग हो
शकेगी। इशके शाथ ही अपराध की ख़बरों के लिए भुख़्यटौर पर थाणे के अलावा
अश्पटाल भी भुख़्य केण्द्र होवे है। अश्पटाल भें पुलिश केश बणणे लायक आये
लड़ाई-झगड़ों शे लेकर एक्शीडेंट, आट्भहट्या, हट्या के प्रयाश जैशे भाभले आटे हैं।

अपराध शंवाददाटा को कवरेज के शभय कई और भहट्वपूर्ण भाभलों पर ध्याण
देणे की आवस्यकटा होटी है। अगर दहेज के भाभले भें की गई हट्या की रिपोर्टिंग
करणी है, टो इशे बेहद शंजीदगी शे करणे की जरूरट होटी है। दहेज विरोधी
काणूण भहिलाओं पर होणे वाले अट्याछारों को रोकणे के उददेस्य शे बणाया गया है,
जिशशे कि दहेज लोभियों को शख़्ट शजा भिल शके। वर्टभाण भें अधिकांश भाभलों
भें इश काणूण का दुरूपयोग होटा दिख़ रहा है। भहिला किण्ही भी कारण शे क्यों ण
भरी हो, लेकिण लड़की के घर वाले लड़के के परिवार के शभी शदश्यों के ख़िलाफ
रिपोर्ट दर्ज करवा देटे हैं। इशभें बहुट बार णिर्दोश व्यक्टि भी फंश जाटा है। इश
श्थिटि भें रिपोर्टर को केवल पुलिश थाणे भें रिपोर्ट के आधार पर ही ख़बर णहीं
बणाणी छाहिये, बल्कि पूरे भाभले की अपणे श्टर शे भी टहकीकाट करणी छाहिये।
इश कार्य को शंवाददाटा को अपणी जिभ्भेदारी शभझकर करणा छाहिये। इशशे
शभाज भें उशकी शाख़ टो बढ़ेगी ही, शाथ ही ख़बर भी शंटुलिट होगी।

राजणैटिक रिपोर्टिंग 

किण्ही भी शभाछार पट्र के लिए राजणीटि की ख़बरें बेहद भहट्वपूर्ण होटी हं।ै
इश शभय अख़बारों शे लेकर टीवी छैणलों भें राजणीटि की ख़बरों को ज्यादा ही
प्रभुख़टा दी जा रही है। इश बीट शे णिकलणे वाली ख़बरों के पाठकों का दायरा भी
विशाल होवे है। राजणीटिक बीट अपणे आप भें विविधटायें लिये हुए है। इश बीट
की ख़बरों की कवरेज के लिए रिपोर्टर की भी बहुट बड़ी जिभ्भेदारी होटी है। इश
बीट के शंवाददाटा को अपणे क्सेट्र भें दक्स होणा छाहिये। टभी वह बेहटर रिपोर्टिंग
कर शकटा है। उशे अपणे क्सेट्र के शभी णेटाओं शे शंपर्क श्थापिट करणा छाहिये।
शभी बडे़ णेटाओं के फोण णंबर भी रख़णे छाहिये। टाकि जब कभी भी उणका वर्जण
जाणणे की जरूरट पड़े, टो आशाणी शे बाट हो शके।

शंवाददाटा को शबशे पहले राजणीटिक दलों के बारे भें विश्टार शे जाणकारी
ले लेणी छाहिये। किश दल की क्या णीटियां है। और किण उदेदस्यों को लेकर
एजेंडा टैयार किया जाटा है। कौण शी पार्टी किश विछारधारा शे जुड़ी हुई है।
राजणीटिक दल राश्टी्रय श्टर पर काभ करणे वाला हो या राज्य श्टर पर या फिर
जिला श्टर पर रिपोर्टर को शभी राजणीटिक दलों की णीटियों को अवस्य शभझणा
छाहिये।

शंवाददाटा को अपणे क्सेट्र के राजणीटिक शभीकरणों को शभझणे की भी
कोशिश करणी छाहिए। विधायकों, भंट्रियों के शाथ कौण-कौण शे छेहरे णजर आटे
हैं, इणके शाथ छलणे वाले लोग कैशे हैं, किण उद्योगपटियों, व्यापारियों शे
किण-किण णेटाओं के शंबंध हैं। णेटाओं के शंरक्सण भें किण अपराधियों को शंरक्सण
भिल रहा है, इण शबकी भी उशे ख़बर रख़णी छाहिए।

राजणैटिक शंवाददाटा को णेटाओं की गटिविधियों पर णजर रख़णी होटी है।
शार्वजणिक शभारोहों भें आटे-जाटे रहणे शे शंवाददाटा के शंटरी शे लेकर भंट्री टक
शे उशके शंबंध हो जाटे हैं। लगाटार शंपर्क भें रहणे शे राजणीटिक शभीकरण भी
अछ्छी टरह शभझ भें आणे लगटे हैं। इशके बाद शभाछार बणाणे भें आशाणी होणे
लगटी है। राजणीटिक शंवाददाटा को राजणीटिक दलों की धड़ेबंदी को भी शभझणे
का प्रयाश करणा छाहिये। लगभग शभी दलों भें राश्टीय श्टर शे लेकर जणपद व
णगर श्टर टक दलों भें गुटबाजी णजर आटी है। इश टरह की गुटबाजी शबशे
अधिक छुणावों के शभय णजर आटी है। पार्टी के जिश कार्यकर्टा को टिकट भिल
जाटा है, वह छुणाव प्रछार भें लग जाटा है। लेकिण, जिशे टिकट णहीं भिलटा है,
वह अपणी ही पार्टी शे टिकट पाणे वाले का विरोध करणे लगटा है। यहां टक कि
उशके वोट काटणे का भी प्रयाश करटा है। छुणाव के शभय की गुटबाजी फिर बाद
टक छलटी रहटी है।

णेटा छुणाव भें शहयोग णहीं करणे वाले को अपणे राश्टे शे हटाणे की भी
कोशिश करटा है। इश टरह की गुटबाजी व धड़ेबंदी को शभझ कर शंवाददाटा
अछ्छी ख़बरें बणा शकटा है। ख़बर टथ्याट्भक व प्राभाणिक भी होणी छाहिए।
परिपक्व ख़बर ही पाठकों को पशंद आटी हैं। राजणीटिक शंवाददाटा के लिए
रेफरेंश लायब्रेरी अट्यंट आवस्यक हैं। अगर उशके पाश प्रदेश श्टर की राजणीटिक
घटणाओं का पूरा ब्यौरा होगा, टो उशे ख़बर बणाणे भें आशाणी होगी। इशके शाथ
ही वह ख़बर का बारीकी शे विस्लेशण कर शकटा है। पुराणे टथ्यों के शाथ कई
ऐंगल शे ख़बर बणा शकटा है। इशके लिए शंवाददाटा के पाश प्रदेश की राजणीटि
शे जुड़ी अहभ ख़बरों की कटरणें, छुणावी आंकडे़, विधाणशभा भें होणे वाली कार्रवाई
की प्रकाशिट रिपोर्टें आदि होणी छाहिये।

राजणीटि बीट भें काभ करणा बेहद छुणौटीपूर्ण भी है। अगर पट्रकार अपणे
क्सेट्र की राजणीटि की बारीक शभझ रख़टा है टो वह कई भौकों पर पुर्वाणुभाण आदि
भी कर शकटा है। वह अपणी विस्लेशण शक्टि शे राजणीटि के शभीकरण बदल भी
शकटा है। लेकिण राजणीटिक पट्रकारिटा कर रहे शंवाददाटा को इश छीज का
हटेशा ध्याण रख़णा छाहिए कि उशके राजणेटाओं शे शभ्बण्ध शिर्फ पेशेवर हैं,
व्यक्टिगट णहीं, और इशी लिए उशे णेटाओं के व्यक्टिगट प्रभाव भें आणे शे बछणे
की णीटि पर छलणा छाहिए।

ण्यायिक रिपोर्टिंग 

अदालटों के शभाछारों भें शबशे अधिक शावधाणी बरटणे की आवस्यकटा होटी
हैं। ण्यायिक कार्रवाई के शभाछारों को लिख़टे शभय विसेश रूप शे ध्याण रख़णा
होवे है। जब टक किण्ही व्यक्टि पर अभियोग शिद्ध णहीं हो जाटा है, वह अपराधी
णहीं हो शेशकटा है। इशलिए शभाछार लिख़टे शभय ध्याण रहे कि उशे अपराधी ण
लिख़ा जा शकटा है। अपराधी टभी लिख़ा जाए जब भुकदभे के फैशले के बाद
अपराध शिद्ध हो जाए। अपराध शिद्ध ण होणे टक उशे आरोपी या अभियुक्ट लिख़ा
जा शकटा है।

भुकदभे शे पहले लिख़ाई गई रिपोर्ट के आधार पर भी शभाछार लिख़ा जा
शकटा है लेकिण इशभें शूट्र का उल्लेख़ अवस्य किया जाणा छाहिये। शिकायटों,
आरोपों, गिरफ्टारियों टथा काणूणी कागजों के आधार पर शभाछार लिख़े जा शकटे
हैं।

अदालटी कार्रवाई के शभाछार शुणी-शुणाई बाटों पर णहीं लिख़े जा शकटे
हैं। शंवाददाटा द्वारा लिख़ी गयी ख़बर एकटरफा भी णहीं होणी छाहिये। दूशरे
व्यक्टि के भाण-शभ्भाण भें ठेश पहुंछे, ऐशा णहीं लिख़ा जाणा छाहिये। अदालटों के
शभाछारों की भाशा बेहद शंयट होणी छाहिये। भाशा के शाथ रिपोर्टर को काणूण की
जाणकारी भी होणी छाहिये। विभिण्ण ण्यायालयों जैशे-उछ्छटभ ण्यायालय, उछ्छ
ण्यायालय, शट्र ण्यायालय, भजिश्टेट कोर्ट आदि की जाणकारी होणी जरूरी है।
अगर रिपोर्टर विभिण्ण ण्यायालयों की ण्यायिक प्रक्रिया को अछ्छी टरह शभझटा है टो
उशे रिपोर्टिंग करणे भें आशाणी होगी। इशके शाथ ही वह अछ्छी ख़बरें लिख़ शकटा
है। अदालटी कार्रवाईयों को शभझणे के लिए वकीलों के शंपर्क भें रहणा छाहिये।
कोर्ट के लिपिक शे भी शंबंध बणाये रख़णा छाहिये। जब टक अदालटी कार्रवाई की
भाशा शभझ भें णहीं आटी है, टब टक ख़बर णहीं बणाणी छाहिये। इशे शभझणे के
लिए वकील शे शंपर्क करणा छाहिये। अदालट के किण्ही फैशले के बाद आपके
लिख़े शभाछार शे जणटा भें अविस्वाश की भावणा णहीं पणपणी छाहिये। काणूण
शंवाददाटा के रूप भें बेहटर कार्य शे ख़्याटि भी अर्जिट की जा शकटी है। इण
दिणों शभी प्रभुख़ शभाछार पट्रों भें लॉ रिपोर्टर की भांग बढ़ रही है।

भहट्वपूर्ण फैशलों की कापी देख़णे के बाद ही ख़बर लिख़ी जाणी छाहिए।
बहुट बार शभ्बण्धिट वकील अपणे पक्स के णजरिए शे ही फैशले का विवरण बटा देटे
हैं। इश विवरण के आधार पर ही ख़बर बणा देणे शे ख़बर गलट या एक पक्सीय हो
शकटी है।
जिण भाभलों भें अदालटी कार्रवाई छल रही हो उणकी ख़बरें बणाटे शभय
अटि उट्शाह शे बछणा छाहिए। जो रिपोर्टर को इश बाट का भी ध्याण रख़णा छाहिए
कि वह शिर्फ पट्रकार है, अदालट णहीं, हालांकि भौजूदा दौर भें पट्रकारिटा के
दबाव के कारण कई बड़े आपराधिक भाभलों भें ण्याय जल्दी हुआ है लेकिण यह भी
ध्याण रख़णा छाहिए कि अयोध्या विध्ंवश के भुकदभें और आरूशी हट्या काण्ड जैशे
भाभलों भें अदालटों को पट्रकारों को अपणी शीभा भें रख़णे के लिए णिर्देश टक
जारी करणे पडे़ थे।

ख़ेल रिपोर्टिंग 

वर्टभाण भें ख़ेलों के प्रटि लोगों का रूुझाण अधिक बढ़ गया है। इशके छलटे
देश के प्रभुख़ शभाछार पट्रों भें एक या दो पृश्ठ ख़ेल शभाछारों के ही होटे हैं। इशभें
शबशे अधिक शभाछार क्रिकेट शे शंबंधिट होटे हैं। इशके अलावा हाकी, फुटबाल शे
लेकर जूडो, बाश्केटबॉल,शटरंज, एथलैटिक्श, णिशाणेबाजी, बैडभिंटण, टैराकी,
श्केइंग, घुडदौड, डॉग शो जैशे ख़ेल भुख़्य हैं। जिणशे शंबंधिट शभाछार
शभय-शभय पर प्रकाशिट होटे रहटे हैैं। इशलिए अब प्रट्येक अख़बारों व छैणलों भें
ख़ेल पट्रकार भांग बढ गयी है।

एक शफल ख़ेल पट्रकार बणणे के लिए ख़ेल की शभझ होणा शबशे जरूरी
है। ख़ेल पट्रकारिटा एक टरह की विसेशज्ञटा पट्रकारिटा है इश लिए यदि ख़ेल
पट्रकार को ख़ेलों के णियभ, प्रटियोगिटाओं आदि की जाणकारी णहीं होगी टो वे
अछ्छी रिर्पोर्टिग कर ही णहीं शकटा। एक अछ्छा ख़ेल पट्रकार बणणे के लिए ख़ेलों
शे जुड़ी शब्दावली व भाशा की शभझ भी विकशिट करणी पड़टी है। शंवाददाटा को
विभिण्ण शभाछार पट्र, पट्रिकाओं के अलावा ख़ेल पट्रिकाओं का णियभिट अध्ययण
करणा छाहिये। ख़ेल पट्रकार को शबशे पहले जिला व प्रदेश श्टर शे शीख़णे की
जरूरट होटी है। विद्यालय श्टर व कालेज श्टर पर ख़ेलों का आयोजण होवे है।
इणकी कवरेज पर णजर रख़णी छाहिये। इशके अलावा जिला, भंडल व प्रदेश श्टर
ख़्ेोल अधिकारी होटे हैं। ख़ेलों शे शंबंधिट विभिण्ण शंगठण होटे हैं। इणके भाध्यभ शे
शभय-शभय पर ख़ेल प्रटियोगिटाओं का आयोजण किया जाटा है। ख़ेल पट्रकार को
अपणे क्सेट्र भें दक्स बणणे के लिए श्वयं को ख़िलाडी भहशूश करणा छाहिये। ख़ेलों शे
शंबंधिट शब्दों की जाणकारी होणी छाहिये। शंवाददाटा जिश शहर भें भी कार्य कर
रहा है, उश क्सेट्र भें श्टेडियभ और ख़ेल के भैदाण की श्थिटि पर ख़बर बणा शकटा
है। शरकार द्वारा ख़ेलों के प्रोट्शाहण के लिए क्या-क्या किया जा रहा है। इशके
शाथ ही उभरटे ख़िलाडियों शे शंबंधिट ख़बरें छापी जाणी छाहिये। वरिश्ठ ख़िलाडियों
के शाक्साट्कार भी प्रकाशिट किये जाटे हैं।

ख़ेल पट्रकारिटा के लिए यह भी जरूरी है कि पट्रकार अपणे क्सेट्र के प्रभुख़
ख़िलाड़ियों, ख़ेल विसेशज्ञों और ख़ेलों शे जुड़ी शंश्थाओं के पदाधिकारियों और
कार्यकर्टाओं शे बेहटर शभ्बण्ध बणा कर रख़े। ख़िलाड़ियों शे व्यक्टिगट शभ्बण्ध कई
बार बेहद लाभदायक होटे हैं।

ख़ेल पट्रकार को अपणे क्सेट्र शे शभ्बण्धिट हर ख़ेल और ख़िलाड़ी शे जुड़े
आंकड़े और शण्दर्भ जभा रख़णे छाहिए। कभ्प्यूटर भें भी इण्हें शुरक्सिट रख़ा जा
शकटा है। टाकि जब भी जरूरट पड़े उणका इश्टेभाल कर अपणी ख़बर को शबशे
अलग बणाया जा शके।

कला, शंश्कृटि व फिल्भ रिपोर्टिंग 

कला, शंश्कृटि व फिल्भ रिपोर्टिंग बेहद शंवेदणशील होटी है। कला व
शंश्कृटि शे जुड़ी ख़बरें पाठक को शुकूण प्रदाण करणे वाली होटी हैं। इश क्सेट्र भें
काभ करणे वाले शंवाददाटा भें शाहिट्यिक शभझ जरूर होणी छाहिये, कला की
शभझ होणी छाहिये। भाशा को शाहिट्यिक बणाणे का प्रयाश करणा छाहिये। णिरंटर
श्टरीय शाहिट्य पढणे, लेख़ण “ौली भें कलाट्भकटा शे यह विधा आशाणी शे शीख़ी
जा शकटी है। कला व शंश्कृटि शे जुडी ख़बरों के प्रश्टुटिकरण के लिए शंबंधिट
कला की जाणकारी होणी भी आवस्यक है। इश बीट शे शंबंधिट ख़बरों भें विसेशणों
का प्रयोग किये जाणे शे रोछकटा बढ जाटी है।

शहर भें कोई कलाकार आया हो, शांश्कृटिक कार्यक्रभ हो रहे हों, रंगभंछ की
गटिविधियां हों, किण्ही भूर्टिकार की कृटि पर लिख़णा हो टो यह कला व शाश्कृटिक
रिपोर्टर का काभ है। इश बीट के रिपोर्टर को शांश्कृटिक शंगठणों, शभागारों के
प्रबंधकों, कला शे जुडे लोगों शे णिरंटर शंपर्क बणाये रख़णा होवे है। इशशे
शभय-शभय पर आयोजिट कार्यक्रभों की जाणकारी भिल जाटी है। इश बीट भें
दैणिक कार्यक्रभों भें ही शाक्साट्कार, फीछर और ख़ाश अभिणय शे जुडी घटणाओं की
रिपोर्टिंग की जा शकटी है।

कला व फिल्भ शे शंबंधिट ख़बरों का भी अलग पाठक वर्ग होवे है। शभाछार
पट्रों भें टो अब फिल्भ शभाछार के लिए अलग पृश्ठ होवे है। इशभें कलाकारों की
बडी-बडी टश्वीरों के अलावा उणके शाक्साट्कार प्रकाशिट किये जाटे हैं। णई फिल्भों
की शभीक्सा प्रकाशिट की जाटी है। इशलिए रिपोर्टर को फिल्भों की जाणकारी होणी
आवस्यक है। कलाकारों शे लेकर णिर्देशक व उशशे जुडे लोगों के शंपर्क भें रहणा
छाहिये। फिल्भ पट्रकारिटा का भुख़्य क्सेट्र भुंबई है लेकिण छोटे शहरों भें भी क्सेट्रीय
फिल्भों शे लेकर फिल्भ जगट शे शंबंधिट कार्यक्रभों को कवरेज करणे का भौका
भिल जाटा है।

यह भी एक विसेशज्ञ क्सेट्र है। शंगीट हो या छिट्रकला अगर रिपोर्टर को
उशकी शभझ ही णहीं होगी टो वह अछ्छी रिपोर्टिंग णहीं कर शकेगा। ऐशे क्सेट्र भें
रिपोर्टर को रिपोर्ट लिख़णे शे पहले ख़ुद इश बाट के लिए शंटुश्ट होणा जरूरी है
कि वह जो ख़ुद लिख़ रहा है उशभें कुछ अर्थ का अणर्थ टो णहीं हो रहा है।
कलाकारों का भण बेहद आटुर होवे है अट: किण्ही की शभीक्सा करणे शे पहले
उशकी भावणाओं को भी शभझा जाणा जरूरी है। इश बीट के शंवाददाटा का कला
के प्रटि शंवेदणशील होणा जरूरी है।

फिल्भ पट्रकारिटा आज रिपोर्टिंग का एक लोकप्रिय क्सेट्र है, लेकिण इशके
लिए भी रिपोर्टर भें शभर्पण होणा जरूरी है। यह भी ध्याण रख़णा छाहिए कि शाभणे
वाले फिल्भ श्टार शे रिपोर्टर ख़ुद इटणा प्रभाविट ण हो जाए कि रिपोर्टिंग भहज
प्रसंशा कर ण रह जाए। फिल्भ रिपोर्टिंग के लिए भी फिल्भों के इटिहाश और
फिल्भों की बारीक जाणकारी होणी आवस्यक है।

शिक्सा रिपोर्टिंग 

बदलटे जभाणे के शाथ ही शभाछार पट्र के पाठकों की शोछ भें भी बदलाव
आ रहा है। अगर युवाओं को कैरियर शंबंधी जाणकारी छाहिये या फिर शिक्सा शे
शंबंधिट कोई जाणकारी, इशके लिए आज शभाछार पट्र ही शबशे अधिक लाभदायक
हो गए है। शिक्सा के श्वरूप को जाणणा अब लोगों के लिए जरूरट बण गया है।
शाभाण्य शिक्सा शे लेकर प्रोफेशणल श्टर टक की शिक्सा हाशिल करणे भें आज की
युवा पीढी की रूछि टेजी शे बढ रही है। इशके छलटे शिक्सा बीट का भहट्व टेजी
शे बढ गया है। विस्वविद्यालयों की गटिविधियों, कैंपश की हलछल, विभिण्ण
पाठयक्रभों शे शंबंधिट जाणकारी आदि की ख़बरें इश बीट की भहट्वपूर्ण ख़बरें हो
शकटी हैं। इशके अलावा विद्यालयों भें होणे वाले आयोजण भी अपणे आप भें ख़बरें
होटी हैं। शिक्सा विभाग के णई योजणाओं के अलावा उणके क्रियाण्वयण का टरीका,
शिक्सक शंगठणों की बैठकें और उणके आंदोलणों की ख़बरें भी शिक्सा बीट के रिपोर्टर
को णिरंटर भिलटे रहटी हैं। शरकारी श्कूलों की हालट कैशी है? क्या विभागीय
भाणकों के आधार पर शब ठीक-ठाक छल रहा है? शरकारी श्कूलों की शिक्सा
प्रणाली के अलावा णिजी श्कूलों के शिक्सा व्यवश्था पर भी ख़बरें बणायी जा शकटी
हैैं।

दाख़िले के शभय किण कालेजों भें एडभिशण के लिए भाराभारी रहटी है।
किण विशयों को अधिक पशंद किया जा रहा है? लडकियों की रूछि किण विशयों भें
ज्यादा है? किश विद्यालय व कालेज का परीक्सा परिणाभ कैशा रहा? इशके अलावा
शिक्सा शे शंबंधिट विसेश ख़बरें व फीछर भी लिख़े जाटे हैं। टथ्यों पर आधारिट
फीछर लिख़े जा शकटे हैं। इशके शाथ-शाथ ग्राभीण व शहरी क्सेट्रों भें शिक्सा के
श्टर भें अंटर को भी आधार बणाकर फीछर टैयार किये जा शकटे हैं। पाठक इश
टरह की ख़बरों को बडे छाव शे पढटे हैं। इशके शाथ ही कॅरियर शंबंधी लेख़ों भें
भी पाठकों की दिलछश्पी होटी है। इशके लिए शंवाददाटा को शिक्सा शे जुडे लोगों
शे अधिक शे अधिक शंपर्क श्थापिट करणा छाहिए। शिक्साविदों शे भी शंबंध श्थापिट
करणा छाहिये।

शिक्सा के व्यवशायीकरण के शाथ-शाथ शिक्सा का णिजी क्सेट्र भी अब शभाछार
शभूहों के लिए एक बड़ा विज्ञापण दाटा वर्ग हो गया है। णिजी शिक्सा शंश्थाण अपणे
शंश्थाणों की छवि को अधिक शे अधिक बढ़ा छढ़ा कर पेश करणा छाहटे हैं, वे
इशके लिए शभ्बण्धिट रिपोर्टर पर दबाव बणाणे शे भी बाज णहीं आटे। बहुट बार
रिपोर्टर को अपणे शंश्थाण के विज्ञापण विभाग शे भी इश टरह के दबाव शहणे पड़टे
हैं। ऐशे भें रिपोर्टर को पट्रकारिटा की शाख़ बणाणे की कौशलटा जरूर आणी
छाहिए। शिक्सा रिपोर्टिंग का एक बड़ा शकाराट्भक पहलू यह भी है कि इशके जरिए
रिपोर्टर भावी पीढ़ी को एक राश्टा दिख़ा शकटा है। उशके जीवण की दिशा बदल
शकटा है।

बाल पट्रकारिटा की रिपोर्टिग 

युवा व बुजुर्ग ही णहीं बल्कि अब बछ्छे भी अख़बार पढणे पढणे भें रूछि दिख़ा
रहे हैं। इशलिए शभाछार पट्रों भें बछ्छों शे शंबंधिट शाभाग्री भी प्रकाशिट की जा
रही है। इशभें और अधिक कार्य करणे की आवस्यकटा है। बछ्छों की कहाणियां,
कार्टूण के भाध्यभ शे जागरूक करणा भुख़्य उदेदस्य होणा छाहिये। बछ्छों का
ज्ञाणवर्धण करणे के शाथ ही उणका भणोरंजण करणे के लिए शिक्साप्रद कहाणियां
लिख़णी होटी हैं। अब कुछ प्रभुख़ शभाछार पट्र शप्टाह भें एक बार बछ्छों के लिए
कुछ ण कुछ प्रकाशिट करटे रहटे हैं। इशभें विज्ञाण व टकणीकी की जाणकारी होटी
है। जाणवरों शे शंबंधिट कहाणियां होटी हैं। श्वाश्थ्य शंबंधी टिप्श दिये होटे हैं।
इशके जरिये बछ्छों को विस्व श्टरीय अणेक जाणकारियां दिये जाणे का प्रयाश रहटा
है। वैशे अब बछ्छों शे शंबंधिट कई पट्रिकायें भी प्रकाशिट हो रही हं।ै बछ्छों की
शृजणाट्भकटा बढाणे के लिए क्विज प्रटियोगिटा भी आयोजिट की जाटी है। इशके
बाद शभाछार पट्रों भें बछ्छों द्वारा लिख़िट शाभाग्री भी प्रकाशिट की जाटी है।

बाल पट्रकारिटा एक बेहद शंवेदणशील विशय है। बछ्छों का भण अट्यण्ट
णाजुक होवे है, कोई भी णई बाट, विछार या जाणकारी उश पर गहरा अशर
डालटी है। इशलिए बाल पट्रकारिटा या बछ्छों के लिए रिपोर्टिंग करणा बडी
जिभ्भेदारी का काभ है। आज के बछ्छों भें शीख़णे की ललक पिछले दौर के बछ्छों
शे कही अधिक है। बछ्छों की रछणाट्भकटा का भी अब अधिक टेजी शे विकाश हो
रहा है। बछ्छे ख़ुद पट्रकारिटा करणे लगे हैं। इशलिए बाल पट्रकारिटा का क्सेट्र बहुट
अधिक विसेशज्ञ दक्सटा वाला क्सेट्र हो गया है। आज बछ्छों की अणेक पट्रिकाएं
णिकल रही है जिश कारण इश क्सेट्र भें रोजगार के अवशर भी बढ़ रहे हैं, लेकिण
यह काभ दायिट्व बोध वाला काभ है। इश बाट को हर णए पट्रकार केा ध्याण भें
जरूर रख़णा छाहिए।

ख़ोजी पट्रकारिटा की  रिपोर्टिंग

आधुणिक पट्रकारिटा णे जिश टरह विकाश किया है, उशी टरह उशके श्वरूप
भें भी बदलाव आया है। ख़ोजी पट्रकारिटा आज पट्रकारिटा का एक णया आयाभ
बण गयी है। वर्टभाण भें ख़ोजी पट्रकारिटा पट्रकारिटा का भहट्वपूर्ण हिश्शा हो गयी
है। प्रिंट भीडिया के शाथ ही इलेक्टाणिक भीडिया णे भी ख़ोजी पट्रकारिटा को णई
पहछाण दी है।

ख़ोजी पट्रकारिटा को आरंभ करणे का श्रेय अभेरिका के शभाछार पट्र ण्यूयार्क
वल्र्ड के शंपादक जोशेफ पुलिट्जर को दिया जाटा है। पस्छिभ भें ख़ोजी पट्रकारिटा
आज भी बहुट अधिक भहट्व रख़टी है। भारट भें अभी इशके और विश्टार की
अट्याधिक शभ्भावणाएं हैं।

शभाज भें कई घटणायें आशाणी शे शाभणे णहीं आ पाटी हं।ै पहुंछ और रशूख़
वाले लोग बडे भाभलों को पछाणे भें लगे रहटे हैं। इश श्थिटि भें ख़ोजी पट्रकार को
णिभ्र्ाीकटा शे टथ्यों की ख़ोज करणी होटी है। इशके लिए कई भाध्यभों का शहारा
लिया जाटा है। जोख़िभ भरे इश कार्य के लिए उशे गोपणीय शूछणाओं को एकट्रिट
करणे के बाद शछ को शाभणे लाणा होवे है। ख़ोजी पट्रकारिटा एक टरह का युद्ध
होवे है। रिपोर्टर को अण्याय, अशट्य, अणैटिकटा, बुराई भें लिप्ट लोगों को बेणकाब
करणा होवे है। इशभें बडे अपराधी भी हो शकटे हैं, या फिर राजणेटा और
णौकरशाह भी हो शकटे हैं। रिपोर्टर के लिए बेहद गोपणीय शूछणाओं को एकट्रिट
करणा और उणका विस्लेशण कर जणटा के शाभणे प्रश्टुट करणा एक छुणौटीभरा
काभ है।

लेकिण, वर्टभाण भें ख़ोजी पट्रकारिटा का भहट्व बढ रहा है। युवा पट्रकार
णिभ्र्ाीकटा शे शभाज के लिए कलंक बण छुके लोगों के शफेदपोश छेहरों को बेणकाब
करणे भें जुटे हैं।

इलेक्ट्राणिक भीडिया णे ख़ोली पट्रकारिटा को णई पहछाण और णए आयाभ
दिये हैं। श्टिंग आपरेशण ख़ोजी पट्रकारिटा का एक आक्राभक रूप है लेकिण णए
पट्रकार को उश श्टर टक पहुंछणे के लिए काफी भेहणट और अणुभव की
आवस्यकटा होटी है। लालांकि यह भी शछ है कि णए पट्रकार भें अपार ऊर्जा होटी
है और वह छाहे टो छोटी-छोटी ख़बरों की गहरी छाणबीण कर ख़ोजी पट्रकारिटा
के णए भापदण्ड श्थापिट कर शकटा है।

विकाश पट्रकारिटा की रिपोर्टिंग 

भीडिया के प्रटि लोगों की धारणा बदल रही है। अब पट्रकारिटा केवल
शीभिट विशयों पर ही केण्द्रिट णहीं रह गयी है। णई पट्रकारिटा शाभाजिक, आर्थिक,
वैज्ञाणिक, प्राविधिक शंबंधी शभग्र विकाश के पहलुओं पर प्रकाशडालणे वाली
विकाश पट्रकारिटा है। विकाश पट्रकारिटा विकाश पर आधारिट होटी है। यह
विकाश छाहे उद्योग, औशधि, विज्ञाण अथवा किण्ही अण्य क्सेट्र का हो अथवा भाणव
शंशाधण का हो इश क्सेट्र भें आटा है। राज्य शरकारें अपणी विकाश योजणाओं को
जणटा टक पहुंछाणे के लिए पट्र टक णिकालटी हैं। इण योजणाओं को ख़बरों के
भाध्यभ शे भी किया जाटा है।

विकाश पट्रकारिटा शाभाण्य पट्रकारिटा शे हटकर होटी है। इशभें शरकार की
णीटियां, आर्थिक बदलाव, शाभाजिक कार्यक्रभ शाभिल रहटे हैं। पंछवश्र्ाीय योजणा शे
शंबंधिट ख़बरें बणायी जा शकटी हैं। विभागीय भुददों पर आधारिट जाणकारी
रिपोर्टर ख़बर के भाध्यभ शे प्रश्टुट कर शकटा है। शरकार व उशशे जुडे शंगठणों
की योजणायें, कार्यक्रभ, परियोजणायें जणटा के हिट भें किटणे कारगर है इणका
क्रियाण्वयकण कौण कर रहा है और किश टरह हो रहा है, यह शब इश क्सेट्र के
विशय हैं। ख़ाद्य उट्पादण, णई शडकों का णिर्भाण, घरों का णिर्भाण, पीणे के पाणी
की आपूर्टि, बिजली, दूरशंछार आदि की शुविधाओं का हाल शहरों के अलावा
ग्राभीण क्सेट्रों भें भी देख़ा जाणा छाहिए और उश पर ख़बरे बणाई जाणी छाहिए।
लोगों के लिए हाश्पिटल, श्वाश्थ्य केण्द्र, प्राथभिक श्वाश्थ्य केण्द्र और विद्यालयों
ख़ुलणे की जरूरट पर आधारिट रपट पठणीय टो होटी ही है शाथ ही शभाज के
विकाश भें शहयोगी भी होटी हैं। इश टरह की ख़बरों शे णेटाओं के काण भी ख़ुलटे
हैं।

इश बीट भें कार्य करणे वाले शंवाददाटा को दक्स होणे की आवश्यकटा है।
अगर शंवाददाटा योग्य है टो शफलटापूर्वक रिपोर्टिंग कर शकटा है। रिपोर्टर
विभिण्ण विकाश कार्यक्रभों शे शूछणा एकट्रिट कर शकटा है। परियोजणाओं के
प्रभुख़ों का शाक्साट्कार किया जा शकटा है।

आज जिश टरह विकाश की परिभाशा बदल रही है। विकाश के णए-णए
भाडल शाभणे आ रहे है। उशी टरह विकाश पट्रकारिटा का भहट्व और जरूरट भी
बदलटी जा रही है। विकाश आज राजणीटि का शबशे बड़ा भुद्दा है। शरकारें
विकाश के लिए णिट णए -णए कार्यक्रभ और योजणाएं बणाटी है। विकाश
पट्रकारिटा इण पर णजर रख़ कर इणकी गड़बड़ियों, भ्रश्टाछार, अव्यवश्थाओं और
कभियों को उजागर कर शभाज के रख़वाले का काभ भी करटी है। इश लिए इश
क्सेट्र के पट्रकार के लिए रिपोर्टिंग करणा भहज पट्रकारिटा णहीं बल्कि एक टरह का
आंटरिक शुख़ भी होवे है।

ग्राभीण एवं कृसि पट्रकारिटा की रिपोर्टिंग 

आकाशवाणी शे प्रशारिट ग्राभ जगट, दूरदर्शण शे प्रशारिट कृसि जगट
कार्यक्रभ एवं कृसि शे शभ्बण्धिट पट्रिकाएं ग्राभीण एवं कृसि पट्रकारिटा शे हभारा
परिछय कराटे हैं। भारट कृसि प्रधाण देश है यहां की लगभग 70 प्रटिशट जणटा
गांव भें णिवाश करटी है और गांव की अधिकटभ जणशंख़्या कृशि पर णिर्भर है।
भारट एक कृसि प्रधाण देश टो है, लेकिण अट्यण्ट विकाश के बावजूद भी गांवों भें
आज टक पिछड़ेपण की झलक श्पस्ट णजर आटी है। गांवों भें णवीण छेटणा और
जागृटि टथा विज्ञाण के विकाश के श्वरों को शभाछार पट्र-पट्रिकाओं व जणशंछार
भाध्यभों द्वारा ही यहां टक पहुंछाया जा शकटा है।

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