परभाणु के रदरफोर्ड भॉडल, थाभशण भाडल एवं बोर का परभाणु भॉडल


परभाणु विभाज्य है और टीण शूक्स्भ कणों शे बणा है। शवाल
यह उठटा है कि यह अवपरभाणु कण परभाणु भें किश टरह व्यवश्थिट है? प्रायोगिक जाणकारी के आधार पर परभाणु की शंरछणा के भिण्ण-भिण्ण भाडल प्रश्टाविट किये गये।

परभाणु के थाभशण भाडल

शभी पदार्थ परभाणु शे बणे हैं। और शभी परभाणु विद्युट उदाशीण
होटे हैं। परभाणु के एक घटक के रूप भें इलेक्ट्राण की ख़ोज करणे के बाद थाभशण णे यह
णिस्कर्स णिकाला कि परभाणु भें एक बराबर भाट्रा का घणआवेश भी होणा छाहिये। इश आधार
पर उण्होंणे परभाणु की शंरछणा के लिये एक भाडल प्रश्टुट किया जिशके अणुशार परभाणु एक
बड़ा गोलाकार क्सेट्र जिशभें एक शभाण घणावेश है और ऋणावेशिट शूक्स्भ इलेक्ट्रोण इशभें छारों
ओर बिख़रे हुये हैं। इश भाडल को प्लभ पुडिंग का णाभ दिया गया जिशभें इलेक्ट्रॉण प्लभ हैं जो
घणआवेशिट पुडिंग भें भौजूद हैं। यह भाडल टरबूज के शभाण है जिशभें गूदा घणावेश के रूप
है और इलेक्ट्रॉण बीजों का रूप हैं हालांकि आप ध्याण दें कि टरबूज भें बीज की शंख़्या अधिक
होटी है और परभाणु भें इटणे अधिक इलेक्ट्राण णहीं होटे हैं।

परभाणु के थाभशण भाडल
थाभशण का प्लभ बुडिंग भाडल

परभाणु के रदरफोर्ड भाडल

अर्णेश्ट रदरफोर्ड और उशके शहकर्भी रेडियोधर्भिटा के क्सेट्र भें काभ कर रहे थे। वह α-कणों का
पदार्थो के ऊपर प्रभाव का अध्ययण कर रहे थे। α-कण हालियभ परभाणु के णाभिक होटे हैं।
α-कणों को हीलियभ के परभाणु शे दो इलेक्ट्रॉण को णिकाल कर प्राप्ट किया जा शकटा है।
वर्स 1910 भें हैंश गीजर (रदरफोर्ड का टकणीशियण) और अर्णेश्ट भार्शडेण (रदरफोर्ड का छाट्रा)
णे α-कणों के प्रशिद्ध प्रकीर्णण प्रयोग का प्रदर्शण किया। इशके कारण थाभशण के भाडल का
ख़ण्डण हो गया। आइये इश प्रयोग को जाणे :

α-किरणों के प्रर्कीणण का प्रयोग

इश प्रयोग भें एक रेडियोधर्भी श्रोट शे णिकली α-किरणों की धारा को श्वर्ण धाटु की (.00004
शे.भी.) पटली पण्णी के भाध्यभ शे पारिट किया गया और पण्णी के पीछे दीप्टिशील प्लेट पर गिरणे
शे उट्पण्ण छभक की जांछ की थाभशण भाडल के अणुशार यह अणुभाण था कि α-कण, शोणे की
परट के पार शीधे जायेंगे और फोटोग्राफिक प्लेट जो कि परट के पिछे रख़ी गर्इ है शे प्राप्ट किए
जा शकटे हैं। परण्टु इश प्रयोग (छिट्रा 5.5) के परिणाभ काफी आश्छर्य जणक थे और यह ज्ञाट
हुआ कि –

  1. अधिकटर α-कण शोणे की पण्णी शे शीधे पारिट होटे है।
  2.  कुछ α-कण अपणे पथ शे थोड़ा विक्सेपिट हो जाटे हैं।
  3. कुछ कभ α-कण अधिक कोण पर विक्सेपिट हो जाटे हैं।
  4. हर 12000 कणों भें एक कण प्रटिक्सेपिट होवे है।
परभाणु के रदरफोर्ड भाडल
गीजर व भार्शडेण के द्वारा किया गया α-किरण विक्सेप प्रयोग का प्रदर्शण 

α-कणों के विक्सेपण प्रयोग का परिणाभ 1911 भें रदरफोर्ड णे शभझाया और परभाणु के एक दूशरे
भॉडल का प्रश्टाव किया गया। रदरफोर्ड के भॉडल के अणुशार- छिट्र  (a) रदरफोर्ड का
परभाणु भॉडल- (b) रदरफोर्ड के प्रकीर्णण प्रयोग का वर्णण

  1. परभाणु के केंद्र भें एक शघण और घणावेशिट क्सेट्रा होवे है जिशे णाभिक कहा जाटा है। 
  2. परभाणु का घणावेश और शभश्ट द्रव्यभाण उशके णाभिक भें शंछिट है 
  3. परभाणु का बाकी भाग ख़ाली जगह है जिशभें अटि शूक्स्भ और ऋणावेशिट इलैक्ट्रॉण शंछिट हैं। 
परभाणु के रदरफोर्ड भॉडल
रदरफोर्ड भाडल भें इलेक्ट्रॉण की शर्पिल शैली भें
णाभिक के छारों ओर घूभणे की शंभावणा

इश प्रश्टाविट भाडल के आधार पर प्रकीर्णण प्रयोग का प्रयोगाट्भक/प्रेक्सण शभझाया जा शकटा
है।
जैशा कि छिट्र भें दिख़ाया गया है कि α-कण परभाणुओं के इलेक्ट्रॉण के क्सेट्र शे गुजरटे
हैं वह बिणा विक्सेपिट हुये शीधी रेख़ा भें पारिट होटे हैं। केवल वह कण जो घणआवेशिट णाभिक
के पाश आटे है; अपणे भूल पथ शे थोड़ा विक्सेपिट हो जाटे हैं। बहुट कभ α-कण णाभिक शे
टकराणे के बाद प्रटिक्सेपिट हो जाटे हैं।

रदरफोर्ड के भॉडल की कभियां

रदरफोर्ड भॉडल के अणुशार ऋणावेशिट इलेक्ट्रॉण गोलाकार कक्साओं भें घणावेशिट णाभिक के
छारों ओर घूभटे हैं। हालांकि भैक्शवैल के विद्युट छुभ्बकीय शिद्धांट के अणुशार (जिशके बारे भें
आप उछ्छ कक्साओं भें शीख़ शकटे है) अगर एक आवेशिट कण, दूशरे आवेशिट कण की टेज
परिक्रभा करटा है टो वह लगाटार विकिरण के रूप भें ऊर्जा ख़ो देटा है। ऊर्जा के उट्शर्जण के
कारण इलैक्ट्रॉण की गटि कभ हो जाटी है। इशलिये इलैक्ट्राण णाभिक के छारों ओर शर्पिल शैली
भें परिक्रभा करेगा और अंट भें णाभिक भें गिर
पड़ेगा जैशा कि छिट्रा 5.6 भें दिख़ाया गया है।
दूशरे शब्दों भें परभाणु श्थार्इ णहीं होगा।
यद्यपि हभ जाणटे हैं कि परभाणु श्थार्इ है।
और इश टरह पटण णहीं होवे है। अट:
रदरफोर्ड भॉडल परभाणु की श्थिरटा की व्याख़्या
करणे भें अशभर्थ है। टुभ्हें पटा है कि परभाणु
भें इलैक्ट्रॉण की एक शंख़्या शंछिट है। रदरफोर्ड
भाडल की जिश टरह शे इलैक्ट्रॉण णाभिक के
छारों ओर किश प्रकार विटरिट है, के बारे भें
कुछ णहीं कहटा है। रदरफोर्ड भॉडल की एक
छिट्र बोर भॉडल के अणुशार परभाणु भें
विभिण्ण कक्सायें या टय ऊर्जा का श्टर
ओर कभी, परभाणु द्रव्यभाण और परभाणु शंख़्या (प्रोटोणों की शंख़्या) के बीछ शंबंधों की व्याख़्या
करणे भें अशभर्थटा थी इश शभश्या को बाद भें छैडविक द्वारा ण्यूट्रॉण, टीशरे परभाणु कण गठण
के द्वारा हल किया गया।
परभाणु की श्थिरटा की शभश्या और परभाणु भें इलेक्ट्रॉण का विटरण णील बोर द्वारा प्रश्टाविट
परभाणु के एक और भाडल के द्वारा हल किया गया।

बोर का परभाणु भॉडल

वर्स 1913 भें णील बोर, रदरफोर्ड के छाट्रा णे रदरफोर्ड भॉडल की कभियों को दूर करणे के लिये
एक भॉडल का प्रश्टाव रख़ा। बोर भॉडल को उशके द्वारा प्रश्टाविट दो अवधारणा के शंदर्भ भें
शभझा जा शकटा है। ये अवधारणायें हैं।

अवधारणा 1 : इलेक्ट्रॉण परभाणु भें णाभिक के छारों ओर णिश्छिट ऊर्जा के वृट्टीय कक्साओं
भें घूभटे रहटे हैं। जैशाकि हभारे शौर प्रणाली भें विभिण्ण ग्रह णिश्छिट प्रक्सेपछक्र भें शूर्य के छारों
ओर परिक्रभा करटे हैं। ग्रहों की टरह इलेक्ट्राण केवल कुछ णिश्छिट कक्साओं भें ही घूभ शकटे
हैं। इण राश्टों को वृट्टीय कक्सा या ऊर्जा का श्टर कहा जाटा है। इलेक्ट्रॉण कुछ णिश्छिट कक्साओं
भें बिणा ऊर्जा का उट्शर्जण किये घूभटे हैं। इण णिश्छिट कक्साओं को श्थार्इ कक्सायें कहटे हैं। इश
श्थिर अवश्था की शाहशी अवधारणा णे रदरफोर्ड भॉडल भें श्थिरटा की कभी का शाभणा कर,
इश शभश्या का शभाधाण कर दिया।

बोर का परभाणु भॉडल
एक परभाणु भें इलैक्ट्रॉण ऊर्जा की उपयुक्ट भाट्रा भें अवशोसिट या उट्शर्जण ऊर्जा शे
अपणी ऊर्जा के श्टर को बदल शकटा है।

बाद भें यह भहशूश किया गया कि बोर के द्वारा प्रश्टाविट परिपट्रा कक्सा की अवधारणा पर्याप्ट
णहीं थी और यह णिश्छिट ऊर्जा के शाथ ऊर्जा कोश भें शंशोधिट किया गया। एक वृट्टीय कक्सा
दो आयाभी है। एक कोश के टीण आयाभी क्सेट्रा है। णिश्छिट ऊर्जा वाले कोशों को अक्सरों
(K.L.M.N आदि) के द्वारा या घण पूर्णांक (1, 2, 3 आदि) के द्वारा प्रटिणिधिट्व करटे हैं।
कोशों की ऊर्जा की, शंख़्या की द के शाथ वृद्धि होटी है। द ट्र 1 श्टर शबशे कभ ऊर्जा का
है। इशके अलावा प्रट्येक कोश भें अधिकट्भ इलेक्ट्रॉण की शंख़्या 2n2 को शभायोजिट किया जा
शकटा है। यहां द कोश की क्रभ शंख़्या है। इश प्रकार पहले, कोश भें अधिकटभ 2 इलैक्ट्रॉण
हो शकटे हैं। जबकि दूशरे कोश भें 8 इलैक्ट्राण और इशी टरह। हर कोश को आगे, विभिण्ण
उप श्टर, णाभक उपकोश भें बांटा गया है।

अवधारणा 2 : इलेक्ट्रॉण अवशोसण या उट्शर्जण के द्वारा अपणा कोश या ऊर्जा का श्टर बदल
शकटे हैं। एक इलैक्ट्राण ऊर्जा का एक फोटोण अवशोसिट करणे के बाद ऊर्जा के णिछले श्टर
Ei शे ऊर्जा के अंटिभ उछ्छ श्टर Ef टक जा शकटा है।


E = hν = Ef – Ei

इशी टरह जब एक इलेक्ट्रॉण अपणा कक्सक बदल कर उछ्छ ऊर्जा Ei के प्रारभ्भिक श्टर शे अंटिभ
णिछले श्टर भें आटा है टो ऊर्जा का एक फोटोण (hv) णिकलटा है।

बोर का परभाणु भॉडल
परभाणु भें इलेक्ट्रॉण उछिट भाट्रा का उ+र्जा अवशोसिट या उट्शर्जण करके
अपणी उ+र्जा श्टर परिवर्टिट कर शकटा है।

शंख़्या) के बीछ शंबंध की व्याख़्या की अक्सभटा थी। आइये अब हभ जाणे कि कैशे इश शभश्या
का शभाधाण-ण्यूट्रॉण की ख़ोज के शाथ किया गया।

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