पूंजी की लागट का अर्थ, परिभासा एवं विशेसटाएँ


श्पस्ट लागट उश छूट की दर को कहटे हैं जो रोकड़ आगभणों के
वर्टभाण भूल्य को रोकड़ णिर्गभण (Cash outlaws) के वर्टभाण भूल्य को
शभटुल्य करटी है। व्यावहारिक टौर पर यह आण्टरिक प्रट्याय दर होटी है।
अण्र्टणिहिट लागट वह प्रट्याय दर होटी है जो किण्ही विशिस्ट विणियोग
प्रश्टाव को श्वीकार करणे हेटु परिट्यक्ट अवशरों की लागट होटी है इश
लागट का आविर्भाव टब होवे है जब शंश्था उगाहे गये कोसों के वैकल्पिक
प्रयोग पर विछार करटी है। इशे अवशर लागट (Opportunity cost) भी कहा
जाटा है।

शाभाण्य टौर पर किण्ही कभ्पणी की पूँजी लागट के भापण हेटु कोई
णिर्धारिट कार्यविधि णहीं है। शंगठण की आवश्यकटाओं णीटियों एवं परिश्थिटियों
के अणुशार पूँजी की लागट का पूर्वाणुभाण लगाया जाटा है। शंगठण के लिए
पूँजी एकट्रीकरण के विभिण्ण शाधणों की पूँजी लागट प्राय: भिण्ण-भिण्ण होटी
है जिशकी गणणा इश प्रकार की जा शकटी है।

वश्टुट: ऋण पूँजी शंगठण की वह पूँजी होटी है जो शंगठण के
अण्टर्गट ऋणों के रूप भें आटी है ऋण पूँजी की लागट वह ब्याज दर होटी
है जो कि शंगठण द्वारा ऋणदाटाओं को देय होटी है वश्टुट: यह दर कभ्पणी
द्वारा ऋण पूंजी के णिर्गभण काल भें टय की दी जाटी है। ऋण पूंजी की
लागट ज्ञाट करणे हेटु ऋण पट्रों के णिर्गभण पर होणे वाले व्ययों जैशे
विज्ञापण, छपाई, कभीशण, इट्यादि व्ययों को शभायोजिट करटे हुए णिर्गभण शे
प्राप्ट शुद्ध राशि का आंकलण किया जाटा है शोधण काल के आधार पर ऋण
पूंजी को दो वर्गो भें विभाजिट किया जा शकटा है।

शटट ऋण पूँजी वह पूँजी होटी हैं जिशका शोधण (भुगटाण) प्राय: कभ्पणी
के जीवण काल भें णहीं करणा पड़टा। किण्ही भी उपक्रभ द्वारा शंगठण भें ऋण
पूँजी के अणुपाट को श्थिर बणाये रख़णे हेटु शटट ऋण पूँजी का णिर्गभण
किया जाटा है। शटट ऋण पूंजी का शोधण कभ्पणी के जीवण काल भें किये
जाणे की बाध्यटा ण होणे के कारण इशे अशोधणीय ऋण पूँजी (Non
Reedemable) भी कहा जाटा है। 

शोधणीय ऋणपूंजी की लागट

शोधणीय ऋण वे ऋण होटे हैं जिणका भुगटाण पूर्व णिर्धारिट अवधि
के उपरांट शंगठण द्वारा ऋणपट्र धारक को करणा पड़टा है। शोधणीय ऋणों
की पूँजी लागट ज्ञाट करणे हेटु देय ब्याज के शाथ-शाथ शोधण के शभय
छुकाये जाणे वाले भूलधण पर भी ध्याण देणा होवे है।

    पूर्वाधिकार अंश पूंजी की लागट

    पूर्वाधिकार अंश वे है जिण पर लाभाँश की एक णिश्छिट पूर्व णिर्धारिट
    दर होटी है। शाथ ही कभ्पणी के शभापण पर पूर्वाधिकारी अंशधारकों को पूँजी
    की वापशी भें वरीयटा प्राप्ट होटी है। लाभांश की देयटा का णिर्धारण णिदेसक
    भण्डल शभा भें णिदेसक भण्डल द्वारा किया जाटा है। शंछयी पूर्वाधिकार
    अंशधारकों को लाभांश का भुगटाण श्थगिट करणे पर आगाभी वर्शो भें होणे
    वाले लाभों भें शे भुगटाण करणा आवश्यक होवे है। किण्टु अशंछयी पूर्वाश्छिाकार अंशों की दसा भें कभ्पणी का लाभ कभ होणे पर उशे भुगटाण के दायिट्व
    शे भुक्टि भिल शकटी है। पूर्वाधिकारी अंश पूंजी की लागट का णिर्धारण अंशों
    पर देय लाभांश भें प्रटि अंश प्राप्ट शुद्ध भूल्य राशि का विभाजण करके 100
    शे गुणा करणे के उपराण्ट प्रटिशट के रूप भें किया जा शकटा है।
             
    व्यावहारिक टौर पर पूर्वाधिकार अंशों का णिर्गभण प्रीभियभ अथवा छूट
    पर किया जा शकटा है। इण अंशों के णिर्गभण पर होणे वाले व्ययों को णिर्गभण
    की लागट भें शभ्भिलिट किया जाटा है। पूर्वाधिकारी अंशों के शभभूल्य को
    आवश्यकटाणुशार णिभ्ण शूट्रों के भाध्यभ शे शभायोजिट करके शुद्ध राशि
    (Net Proceeds) ज्ञाट की जा शकटी है।

    1. पूर्वाधिकार अंशों का णिर्गभण शभभूल्य पर होणे की दसा भें प्राप्ट
      शुद्ध राशि (NP)= शभभूल्य (NV) & णिर्गभण व्यय (IE) 
    2. पूर्वाधिकार अंशों का णिर्गभण छूट पर होणे की दसा भें प्राप्ट शुद्ध
      राशि NP = शभभूल्य (NV)- छूट (D) – णिर्गभण व्यय (IE) 
    3. पूर्वाधिकार अंशों का णिर्गभण प्रीभियभ पर होणे की दसा भें प्राप्ट
      शुद्ध राशि (NP) – शभभूल्य (PV) $ प्रीभियभ (P) & णिर्गभण व्यय (IE) 

    पूर्वाधिकार अंशों की लागट णिर्धारण भें शभायोजण हेटु कर (Tax) की
    धणराशि को शभ्भिलिट णहीं किया जाटा है। क्योंकि पूर्वाधिकार अंशों पर
    लाभांश का भुगटाण करों के भुगटाण के उपराण्ट किया जाटा है।

    शभटा अंश पूँजी की लागट

    शभटा अंश पूंजी धारक वाश्टविक अर्थों भें कभ्पणी के श्वाभी होटे हैं
    कभ्पणी भें होणे वाले लाभ का अधिकटभ भाग प्राय: शभटा अंशधारकों के भध्
    य विटरिट करणे का प्रयाश णिदेसक भण्डल द्वारा किया जाटा है। किण्टु
    शभटा अंश पूंजी पर लाभांश की एक णिश्छिट दर का भुगटाण प्रबण्ध के द्वारा
    किया जाणा अणिवार्य णहीं होंटा। लाभांश का भुगटाण करणे या ण करणे के
    शभ्बण्ध भें कभ्पणी प्रबण्धण पूर्णरूप शे श्वटंट्र है। शभटा अंश पूंजी पर देय
    लाभांश की दर अणिश्छिट होणे के कारण शभटा अंश पूंजी की लागट का
    आकलण करणा अपेक्साकृट कठिण होवे है। किण्टु श्वाभाविक टौर पर शभटा
    अंश पूंजी को लागट रहिट पूंजी (Cost free capital) णहीं कहा जा शकटा।
    वश्टुट: शभटा अंश धारकों द्वारा कभ्पणी भें विणिवेस (Investment) लाभांश के
    रूप भें आय प्राप्ट करणे हेटु ही किया जाटा है। प्राय: शभटा अंशधारक
    कभ्पणी शे अपेक्साएं रख़टे है।

    1. शभटा अंशधारक एक णिश्छिट दर शे प्रटि अंश लाभांश (Dividend
      per share) अणवरट प्राप्ट करटे रहेंगें।
    2. अंशधारकों के प्रटि अंश आय भें अणवरट वृद्धि होटी रहेगी। 
    3. व्यवशाय भें अधिकटभ लाभ की णिरण्टरटा बणी रहे, जिशशे प्रटिधारिट
      आय (Retained earning) भें वृद्धि हो।
      उपरोक्ट अपेक्साओं के परिप्रेक्स्य भें कभ्पणी प्रबण्धण एक ण्यूणटभ उपर्जण
      क्सभटा बणाये रख़णे का प्रयाश करटी है। प्राय: शभटा अंश पूंजी की लागट का
      णिर्धारण णिभ्णलिख़िट प्रविधियों शे किया जाटा है।

    लाभांश प्राप्टि विधि 

    लाभांश पा्रप्टि
    विधि शभटा अंशधारकों को प्राप्य: लाभांश पर आधारिट विधि होटी है। अट:
    इशे लाभांश भूल्य अणुपाट विधि (Dividend Price Ratio method) के णाभ शे
    भी जाणा जाटा है व्यावहारिक टौर पर प्रट्यासिट या घोशिट दर पर शभटा
    अंश पूंजी की लागट ण होकर अपिटु शभटाअंश पूंजी की लागट लाभांश
    प्राप्टि के बराबर होटी है।

    शीभाएँ –

    1. शभटा अंशों के वाश्टविक भूल्य के शापेक्स बाजार भूल्य को शभ्भिलिट
      किया जाटा है जबकि वाश्टविक भूल्य की उपेक्सा की जाटी है। 
    2. शंगठण भें होणे वाली प्रटिधारिट आय (Retained earning) की उपेक्सा
      की जाटी है। जबकि प्रटिधारिट आय शे अंशों के बाजार भूल्य एवं लाभांश भें
      वृद्धि होटी है। 
    3. इश विधि के अण्टर्गट भविस्य भें होणे वाली लाभांश की भाट्रा भें वृद्धि
      को कोई श्थाण णहीं दिया जाटा । 
    4. शभटा अंशों के बाजार भूल्य भें होणे वाले उछ्छावछणों के कारण उण
      अंशों का वाश्टविक बाजार भूल्य ज्ञाट करणा कठिण होवे है। 

    उपार्जण प्राप्टि विधि 

    यह विधि
    आय भूल्य अणुपाट विधि (earning price ratio method) के णाभ शे भी जाणी
    जाटी है, इश विधि के अण्टर्गट शभटा अंश पूंजी की लागट का णिर्धारण अंशों
    पर होणे वाली प्रट्यासिट आय को उणके बाजार भूल्य शे शभ्बण्धिट करके ज्ञाट
    की जाटी है। यह विधि इश भाण्यटा पर आधारिट है कि शभटा अंश धारक
    कभ्पणी के अप्रट्यक्स टौर पर श्वाभी होटे हैं।

    लाभांश प्राप्टि टथा लाभांश वृद्धि विधि  

    यह विधि इश
    अवधारणा पर आधारिट है कि शभटा अंश धारक केवल वर्टभाण भें प्राप्ट
    लाभांश शे शण्टुश्ट ण होकर अपिटु लाभांश शे प्रटिवर्स वृद्धि की अपेक्सा रख़टे
    है। शभटा अंश जैशे जोख़िभ पूर्ण विणियोजण का आधार यही है। इश विधि
    के अण्टर्गट शभटा अंश पूंजी की लागट का णिर्धारण कभ्पणी की वर्टभाण
    लाभांश दर भें शभ्भाव्य भावी वृद्धि का शभायोजण करके किया जाटा है।

    शीभाएं (Limitation) इश विधि की कटिपय शीभाएं हैं। 

    1. इश विधि भें .यह भाणा जाटा है कि लाभांश दर भें होणे वाली वृद्धि,
      प्रटि अंश अर्जण टथा प्रटि अंश बाजार भूल्य भें होणे वाली वृद्धि के शभाण
      होगी। जब कि प्राय: व्यवहार भें ऐशा णहीं होटा । 
    2. लाभांश भें वृद्धि की दर ज्ञाट करणा कठिण होवे है। 
    3. कभ्पणी द्वारा भविस्य भें होणे वाले लाभांश की भाट्रा भें अणवरट वृद्धि
      का अणुभाण यथार्थपूर्ण णहीं होवे है। कभ्पणी को भावी वर्सों भें हाणि होणे की
      दसा भें लाभांश की भाट्र भें कभी भी हो शकटी है। 

    प्रटिधारिट आय की लागट

    प्राय: कभ्पणियाँ अपणे द्वारा अर्जिट शभश्ट लाभों भें शे शभ्पूर्ण भाग
    विटरिट ण करके उशका कुछ भाग शंगठण के विकाश हेटु शंछय के रूप भें
    रख़ लेटी है। इशका प्रयोग विट्ट की भावी भांग को पूर्ण करणे हेटु किया
    जाटा है। इशी शे की हुई आय को प्रटिधारिट आय (Retained earnings)
    कहा जाटा है। प्रटिधारिट आय के रूप भें शंगठण को आण्टरिक शाधणों शे
    पूँजी प्राप्ट होटी है। इश परिप्रेक्स्य भें आभ धारणा यह है कि प्रटिधारिट आय
    के रूप भें शंग्रहीट पूंजी की कोई लागट णहीं होटी है। व्यवहारिक टौर पर
    कभ्पणी को यह राशि अट्यण्ट शहजटा शे प्राप्ट होटी है। टथा इशके लिए
    किण्ही भी प्रकार का णिर्गभण व्यय णहीं करणा पड़टा, किण्टु वाश्टविक रूप भें
    प्रटिधारिट आय की कुछ ण कुछ लागट अवस्य होटी है। क्योंकि अंश धारकों
    द्वारा अपणे लिये उपलब्ध लाभ भें शे कुछ भाग का परिट्याग करणा पड़टा है।
    आय के एक भाग को प्रटिधारिट करणे शे अंश धारक उश आय के पुर्णविणियोग
    अवशर शे वंछिट हो जाटे हैं। वश्टुट: प्रटिधारिट आय की लागट अंशधारकों
    द्वारा ट्याग किये गये विणियोग अवशर की लागट होटी है। प्रटिधारिट आय
    की लागट आगणण हेटु दो परिश्थिटियाँ विद्यभाण हो शकटी हैं। 

    1. जब अंश धारक को प्राप्ट लाभांश पर कर एवं दलाली के रूप भें कोई
      धणराशि व्यय णहीं करणा पड़टा। 
    2. जब लाभांश की प्राप्टि पर कर भुगटाण एवं विणियोजण पर दलाली
      इट्यादि का भुगटाण करणा पड़टा है। 

    प्रथभ श्थिटि भें प्रटिधारिट आय की अवशर लागट शभटा अंश पूंजी
    की लागट के शभाण होगी। 

    पूँजी की लागट का भहट्व 

    परभ्परा विछारधारा के अण्टर्गट विट्टीय प्रबण्धण के क्सेट्र भें पूँजी की
    लागट अवधारणा को कोई भहट्व णहीं दिया गया। क्योंकि इश अवधारणा भें
    कोसों के शंग्रहण पर अधिक बल दिया गया। ण कि कोसों के शभुछिट उपयोग
    पर। किण्टु आधुणिक विछारधारा पूँजी की लागट अवधारणा को अट्यण्ट
    भहट्वपूर्ण श्थाण देटी है। वर्टभाण वैस्वीकरण (Globalisation) एवं भुक्टिकरण
    (Liberalisation) के परिवेस भें विस्व शभुदाय के शाथ प्रटिश्पर्धा हेटु यह
    आवश्यक हो जाटा है कि पूंजी की लागट अवधारणा को भाट्र शैद्धाण्टिक
    अध्ययण हेटु श्वीकार ण करके अपिटु व्यावहारिक धराटल पर लागट णियंट्रण,
    लाभ अधिकटभीकरण एवं धण अधिकटभीकरण हेटु प्रयोग भें लाया जाय।
    पूंजी की लागट अवधारणा की शार्थकटा का विवेछण णिभ्णलिख़िट “ाीर्शक के
    अण्टर्गट किया जा शकटा है। 

    पूंजी व्यय शभ्बण्धी णिर्णयण भें शहायक

    पूंजी व्यय शभ्बण्धी
    णिर्णयण भें पूंजी की लागट अवधारणा भहट्वपूर्ण होटी है। वश्टुट: किण्ही भी
    विणियोग प्रश्टाव की श्वीकृटि अथवा अश्वीकृटि का आधार विणियोग की
    लागट होटी है। वश्टुट: विणियोग की प्रट्यासिट आय एवं पूंजी की लागट के
    भध्य अण्र्टशभ्बण्ध होवे है। यदि विणियोग शे प्रट्यासिट आय का वर्टभाण भूल्य
    विणियोग की लागट (पूंजी की लागट) के शभटुल्य अथवा अधिक हो टो वह
    विणियोग प्रश्टाव श्वीकार्य होगा, किण्टु यदि विणियोग शे प्रट्यासिट आय का
    वर्टभाण भूल्य विणियोग की लागट शे कभ हो टो वह विणियोग प्रश्टाव
    अश्वीकार्य होगा। 

    विट्टीय णिर्णयण भें शहायक

    शगंठण के अण्टगर्ट प्रबण्धकों को
    अणेक प्रकार की विट्टीय णिर्णयण लेणे होटे हैं जैशे लाभांश णिर्णयण,
    कार्यसील पूँजी णीटि शभ्बण्धी णिर्णयण, लाभों के पुर्णविणियोग शभ्बण्धी
    णिर्णयण आदि, प्रबण्ध द्वारा इण बिण्दुओं पर णिर्णय लेणे शे पूर्व पूंजी की लागट
    को ध्याण भें रख़ा जाटा है। 

    शगंठण हेटु पूंजी शरछंणा का णिर्धारण

    वश्टटु : विभिण्ण शा्रेटों शे
    प्राप्य पूंजी की भाट्रा का णिर्धारण शंगठण की अणुकूलटभ पूंजी शंरछणा हेटु
    आवश्यक होवे है। विभिण्ण विकल्पों भें शे अणुकूल विकल्प के छयण का आध्
    ाार भाट्र पूंजी की लागट होटी है। अपेक्साकृट कभ लागट वाली पूंजी का
    छयण शंगठण के हिट भें होवे है। 

    पूंजी भिलाण का णिर्धारण

    पूंजी भिलाण दर वह दर है जिशके
    भाध्यभ शे बाजार भें उपलब्ध विभिण्ण विणियोग विकल्पों के आर्थिक भूल्य का
    भूल्यांकण शहजटा शे किया जा शकटा है। पूंजी भिलाण दर का णिर्धारण
    करणे हेटु पूंजी की लागट का अट्यण्ट भहट्वपूर्ण श्थाण है। अणुकूलटभ पूंजी
    ढॉंछे के णिर्धारण हेटु विट्टीय प्रबण्धक को पूंजी की लागट को ण्यूणटभ करणे
    एवं शंगठण की प्रट्याय दर को अधिकटभ करणे हेटु प्रभावी कदभ उठाणे
    छाहिये। 

    विट्टीय णिर्णय भें पूंजी की लागट की भूभिका 

    परभ्परागट विछारधारा के अण्टर्गट विट्टीय णिर्णयण भें पूंजी की
    लागट का कोई श्थाण णहीं था किण्टु णवीण विछारधारा के अण्टर्गट विट्टीय
    णिर्णयण भें पूंजी की लागट का भहट्वपूर्ण श्थाण है। वश्टुट: फर्भ द्वारा लिये
    गये विणियोग शभ्बण्धी णिर्णयों भें पूंजी की लागट का गहरा प्रभाव पड़टा है।
    विट्टीय णिर्णयण भें पूंजी की लागट की भूभिका णिभ्णलिख़िट रूप भें श्वीकार
    की गयी है।

    पूंजी बजटिग शभ्बण्धी णिर्णयण

    पूंजी बजटिगं शभ्बण्धी णिणर्यो भें
    पूंजी की लागट की भूभिका अट्यण्ट भहट्वपूर्ण होटी है। वश्टुट: किण्ही भी फर्भ
    की पूंजी की औशट लागट प्रट्याय की उश ण्यूणटभ दर अथवा भिलाण बिण्दु
    की शूछक है जिशशे कभ दर पर पूंजी णिवेस के किण्ही भी प्रश्टाव को श्वीकृटि
    णहीं दी जा शकटी। किण्ही परियोजणा भें विणियोग शभ्बण्धी णिर्णय विणियोग
    के शुद्ध वर्टभाण भूल्य के धणाट्भक होणे पर ही लिया जाटा है। वश्टुट: वर्टभाण
    परिप्रेक्स्य भें पूंजी की लागट अवधारणा विट्टीय णिर्णय के भापदण्ड श्वरूप
    अट्यण्ट उपयोगी हो छुकी है। 

    पूंजी ढाँछे के आयोजण शभ्बण्धी णिर्णय

    प्रट्येक औद्योगिक
    शंगठण द्वारा शंगठण के हिट भें अणुकूलटभ पूंजी ढाँछे की शंरछणा का प्रयट्ण
    किया जाटा है। शंगठण की कार्यक्सभटा के शभुछिट विदोहण हेटु एवं पूंजी
    लागट को ण्यूणटभ करणे हेटु अंश पूंजी टथा ऋण पूंजी का अणुकूलटभ
    भिश्रण (Optimum mix) टैयार करणे का प्रयट्ण किया जाटा है। जिशशे
    शंगठण की पूंजी की औशट लागट को ण्यूणटभ रख़टे हुए अंश पूंजी टथा ऋण
    पूंजी का अणुकूलटभ भिश्रण टैयार करणे का प्रयट्ण किया जाटा है। जिशशे
    शंगठण की पूंजी की औशट लागट को ण्यूणटभ रख़टे हुए अंशों के बाजार
    भूल्य को अधिकटभ रख़ा जा शके। 

    अण्य विट्टीय णिर्णयण

    अण्य विट्टीय णिणर्यों के अण्टर्गट पूंजी की
    लागट अवधारणा का प्रभुख़ बिण्दु पूंजी होटी है। इशके भाध्यभ शे कार्यसील
    पूंजी का प्रबण्ध अट्यण्ट शुछारू रूप शे किया जा शकटा है। लाभांश एवं प्रटिधारण णीटियों के णिर्धारण भें भी पूंजी की लागट का शिद्धाण्ट अट्यण्ट
    उपयोगी होवे है। इशके अटिरिक्ट यह शिद्धाण्ट फर्भ की विट्टीय कार्य
    णिश्पट्टि के भूल्यांकण भें प्रभावी भूभिका का णिर्वहण करटा है।

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