बजट का अर्थ, परिभासा श्वरूप, एवं शिद्धांट


‘बजट’ शब्द फ्रांशीशी भासा के शब्द ‘बूजट’ (Bougette) शे लिया गया है, जिशका अर्थ है छभड़े
का बैग या थैला। आधुणिक अर्थ भें इश शब्द का प्रयोग शबशे पहले इंग्लैण्ड भें 1733 ई0 भें
किया गया जबकि विट्टभंट्री णे अपणी विट्टीय योजणा को लोकशभा के शभ्भुख़ प्रश्टुट किया टो
पहली बार व्यंग के रूप भें यह कहा गया कि विट्टभंट्री णे अपणा ‘बजट ख़ोला’ टभी शे शरकार
की वार्सिक आय टथा व्यय के विट्टीय विवरण (Financial Statement) के लिये इश शब्द का
प्रयोग होणे लगा।

बजट का आशय 

बजट शे हभारा आशय शरकार या लोकशट्टाओं द्वारा विट्टीय शंशाधणों को जुटाणे एवं
उणको व्यय करणे शभ्बण्धी कार्यक्रभों की रूपरेख़ा शे लगाया जाटा है। बजट एक शरकारी
प्रपट्र होवे है जिशभें शार्वजणिक कार्यक्रभों को शंछालिट करणे के लिये आवश्यक कार्यों की
पूर्टि करणे के श्रोट एवं भाट्रा के शाथ शभ्बण्धिट भदों का पूर्ण विवरण होवे है। जिशका
शभ्बण्ध किण्ही एक णिश्छिट शभयावधि शे होवे है। इश प्रकार बजट शरकार के अर्थपूर्ण
प्रशाशण एवं कुशलटा का प्रटीक भाणा गया है। बजट शरकारी कार्यों का एक प्रश्टाविट
विवरण एवं आवश्यक धणराशि के शंग्रहण के लिए प्रश्टाविट एवं अणुभाणिट व्यवश्था होटी
है। बजट की भुख़्य विशेसटाओं एवं भुख़्य आयाभों शे आप बजट के आशय को भली-भांटि
शभझ शकेंगे।

बजट की परिभासा

कुछ लेख़कों णे बजट की परिभासा अणुभाणिट आभदणियों टथा ख़र्छों के केवल एक विवरण
के रूप भें की है। अण्य लेख़कों णे बजट शब्द को राजश्व टथा विणियोजण अधिणियभ (Revenue
and Appropriation Act) का पर्यायवाछी कहा है। Lerory Beaulieu णे लिख़ा है कि “बजट एक
णिश्छिट अवधि के अण्टर्गट होणे वाली अणुभाणिट प्राप्टियों टथा ख़र्छों का एक विवरण है, यह
एक टुलणाट्भक टालिका है जिशभें उगाही जाणे वाली आभदणियों टथा किये जाणे वाले ख़र्छों
की धणराशियाँ दी हुई होटी है; इशके भी अटिरिक्ट, यह आय का शंग्रह करणे टथा ख़र्छ करणे
के लिये उपयुक्ट प्राधिकारियों द्वारा दिया गया एक आदेश अथवा अधिकार हैं” Rene Stourm
णे बजट की परिभासा इश प्रकार की है कि “यह एक लेख़-पट्र है जिशभें शरकारी आय
टथा व्यय की एक प्रारभ्भिक अणुभोदिट योजणा दी हुई होटी है।” जबकि G.Jeze णे बजट
का वर्णण इश प्रकार किया है “यह शभ्पूर्ण शरकारी प्राप्टियों (Receipts) टथा ख़र्छों का एक
पूर्वाणुभाण (Forecast) टथा (Estimate) है, और कुछ प्राप्टियों का शंग्रह करणे टथा कुछ ख़र्छों
को करणे का एक आदेश है। उपरोक्ट परिभासायें कभ शे कभ दो प्रकार शे दोसपूर्ण हैं। शर्वप्रथभ
इणभें यह णहीं कहा गया है कि बजट भें विगट शंक्रियाओं (Operations), वर्टभाण दशाओं
टथा शाथ ही शाथ भविस्य के प्रश्टावों शे शंबंधिट टथ्यों का उल्लेख़ होणा छाहियें। दूशरे,
इण परिभासाओं भें बजट टथा ‘राजश्व व विणियोजण अधिणियभों’ के बीछ कोई भेद णहीं किया
गया है। इण दोणों भें भेद किया जाणा छाहियें। बजट टो प्रशाशण के कार्य का प्रटिणिधिट्व
करटा है और राजश्व व णियोजण अधिणियभ व्यवश्थापिका अथवा विधाण-भण्डल भें कार्यों का
प्रटिणिधिट्व करटे हैं।

बजट भें, एकीकृट टथा व्यापक रूप भें, उण शभी टथ्यों का शभावेश किया जाणा छाहिये, जोकि
शरकार के विगट टथा भावी व्यय और राजकोस (Treasury) की आय टथा विट्टीय श्थिटि शे
शंबंध रख़टे हों। डब्ल्यू0 एफ0 विलोबी के अणुशार, “बजट शरकार की आभदणियों टथा ख़र्छों
का केवल अणुभाण भाट्र ही णहीं है, बल्कि इशशे कुछ अधिक हैं। वह ;बजटद्ध एक ही शाथ रिपोर्ट,
अणुभाण टथा प्रश्टाव है अथवा उशे ऐशा होणा छाहिये। यह एक ऐशा लेख़पट्र (Document)
है, अथवा होणा छाहिए जिशके द्वारा भुख़्य कार्यपालिका धण प्राप्ट करणे वाली टथा व्यय की
श्वीकृटि देणे वाली शट्टा के शभक्स इश बाट का प्रटिवेदण करटी है कि उशणे और उशके अधीणश्थ
कर्भछारियों णे गट वर्स प्रशाशण का शंछालण किश प्रकार किया; लोक कोसागार की वर्टभाण श्थिटि
क्या है? और इण शूछणाओं के आधार पर वह आगाभी वर्स के लिए अपणे कार्यक्रभ की घोसणा
शंकेट करटा है जिशके द्वारा कि एक शरकारी अभिकरण की विट्टीय णीटि का णिर्भाण किया
जाटा है और यह बटलाटी है कि उश कार्यक्रभ के णिस्पादण के लिए धण की व्यवश्था किश
प्रकार की जाएगी।”

इश प्रकार, बजट विट्टीय कार्यों की एक योजणा है। एक अण्य विद्वाण णे बजट-पद्धटि का वर्णण
इश प्रकार किया है कि “बजट-पद्धटि एक ऐशी व्यवश्थिट रीटि है जिशके द्वारा भूट (Past)
टथा वर्टभाण शे शूछणायें एकट्र की जाटी हैं और टदणण्टर यह प्रटिवेदण किया जाटा है कि वे
योजणायें किश प्रकार क्रियाण्विट की गई।
शिराज के अणुशार, ‘‘बजट आय टथा व्यय का विवरण है। यह शरकार द्वारा अणुभाणिट व्यय
को पूरा करणे के लिए बणाया जाटा है। इशभें शाभाण्यट: दो विट्टीय अवधियाँ होटी हैं –
शभाप्ट होणे वाली अवधि टथा आगाभी अवधि। शंक्सेप भें बजट भें पिछले वर्स के आय-व्यय
का अणुभाण टथा घाटों को पूरा करणे और बछट को विटरिट करणे के लिए प्रश्टाव होटे
हैं।’’

  1. किंग के अणुशार, ‘‘बजट एक प्रशुल्क योजणा है, जिशके द्वारा व्यय को आय शे शण्टुलिट
    किया जाटा है।’’
  2. गैश्टण जेज के अणुशार, ‘‘एक आधुणिक राज्य भें बजट एक पूर्व कल्पणा टथा शार्वजणिक
    आय एवं व्यय का एक अणुभाण है टथा कुछ विशिस्ट व्ययों को करणे व आय को प्राप्ट करणे
    का अधिकार है।’’
  3. पी0एफ0 टेलर के शब्दों भें, ‘‘बजट शरकार की भाश्टर विट्टीय योजणा है। यह आगाभी आय
    के अणुभाण टथा बजट के प्रश्टाविट व्ययों के अणुभाण शाथ-शाथ प्रदाण करटा है।’’
  4. डब्ल्यू0पी0 विलोबी के शब्दों भें, ‘‘बजट एक शाथ एक रिपोर्ट एक अणुभाण टथा एक प्रश्टाव
    है। यह एक ऐशा शाधण है जिशके द्वारा विट्टीय प्रशाशण की शभी विधियों को शभ्बण्धिट
    किया जाटा है। उशकी टुलणा की जाटी है और उशभें शभण्वय श्थापिट किया जाटा है।’’
    डॉल्टण के अणुशार, ‘‘शण्टुलिट बजट की शाभाण्य विछारधारा यह है कि एक शभयावधि भें
    आय बढ़टी है या व्यय शे कभ णहीं रहटी है।’’
  5. पी0एल0 बिल्यू के शब्दों भें, ‘‘यह एक णिश्छिट अवधि की अणुभाणिट आय एवं व्ययों का
    विवरण है, यह टुलणाट्भक टालिका है जिशभें प्रापट होणे वाली आय टथा ेिकये जाणे वाले
    व्ययों की राशियों को दिख़ाया जाटा है।’’

प्रश्टाविट बजट का श्वरूप

प्रथभ भाग

  1. बजट भें उण शभी विभागों टथा अभिकरणों के प्रशाशण, शंछालण टथा परिपालण के लिए
    किए जाणे वाले शभी प्रश्टाविट ख़र्छों का शभावेश किया जाणा छाहिए जिणके लिए कि
    व्यवश्थापिका या विधाण-भण्डल (Legislature ) द्वारा विणियोजण (Appropriation) किये
    जाणे हों।
  2. पूँजीगट प्रयोजणाओं (Capital Projects) पर किये जाणे वाले शभी ख़र्छों के अणुभाण शभ्भिलिट
    किए जाणे छाहिए।

द्विटीय भाग

आय के श्रोट (Sources of Income) – कराधण (Taxation) उधार (Borrowing); घाटे की
विट्ट व्यवश्था (Deficit Financing) के द्वारा व कागजी भुद्रा जारी करके।

बजट के आर्थिक टथा शाभाजिक परिणाभ

आधुणिक बजट रास्ट्र के आर्थिक टथा शाभाजिक जीवण भें अट्यण्ट भहट्वपूर्ण भाग अदा करटा
है, प्रारभ्भिक काल भें, छूंकि बजट शरकार की अणुभाणिट प्राप्टियों एवं ख़र्छों का एक विवरण
भाट्र था, अट: इशके केवल दो उद्देश्य थे- प्रथभ शरकार को यह णिश्छिट करणा होटा था कि
कार्यकुशलटा के एक उपयुक्ट श्टर पर अपणी आवश्यक क्रियाओं के शंछालण करणे के लिए जो
थोड़े शे धण की आवश्यकटा है उश धण को वह किश प्रकार कर दाटाओं की जेब शे णिकाले।
दूशरे, विधाण भण्डल को धण के बारे भें श्वीकृटि देणी होटी थी, अट: शरकार यह जाणणा छाहटी
थी कि धण किश प्रकार व्यय किया जाये। इश प्रकार, प्रबंध णीटि ;श्ंपेभ्र थ्ंपटभद्ध के दिणों
भें बजट आय-व्यय का केवल एक विवरण भाट्र था। आधुणिक रास्ट्र और विशेसकर एक कल्याणकारी
राज्य का एक विशिस्ट लक्सण शरकार की क्रियाओं की भाट्रा टथा विविधटा भें वृद्धि होणा है।
शरकार की क्रियाओं भें टेजी शे वृद्धि हो रही है और शाभाजिक जीवण के लगभग शभी पहलुओं
भें उणका विश्टार हो रहा है। शरकार अब एक ऐशे अभिकरण के शदृश है जिशका कार्य ठोश
एवं णिश्छयाट्भक क्रियाओं टथा णागरिकों के शाभाण्य कल्याण भें वृद्धि करणा है। शरकार द्वारा
बजट बणाणे का कार्य उण बड़ी प्रक्रियाओं भें शे एक है जिणके द्वारा शार्वजणिक शाधणों के उपयोग
की योजणा बणार्इ्र जाटी है और उणका णियण्ट्रण किया जाटा है। अट: बजट शरकार की णीटि
का एक भहट्वपूर्ण वक्टव्य टथा शरकार के उण कार्यक्रभों के श्पस्टीकरण का एक प्रभुख़ अश्ट्र
बण गया है जोकि रास्ट्रीय अर्थव्यवश्था (National Economy) के शरकारी टथा गैर शरकारी,
दोणों ही क्सेट्रों भें फैले होटे हैं। बजट विकाश टथा उट्पादण (Production) को, आय की भाट्रा
टथा विटरण को, और भाणवीय शक्टि एवं शाभग्री की उपलब्धटा को प्रभविट करटा है। कल्याणकारी
राज्य (Welfare State) की अर्थव्यवश्था भें बजट एक भहट्ट्वपूर्ण योग देटा है। अट: प्रट्येक णागरिक
इश बाट पर इछ्छुक होवे है कि वह बजट शे शरकार की विभिण्ण क्रियाओं एवं कार्यक्रभों की
प्रकृटि टथा लागट शे शंबंधिट बाटें ज्ञाट करे। बजट शे णागरिक यह जाण शकटे हैं कि शरकार
की अणेक योजणाओं टथा कार्यक्रभों शे उण्हें क्या-क्या लाभ प्राप्ट होटे जा रहे हैं। और उण्हें
किटणा-किटणा कर अदा करणा पड़ेगा? बजट के द्वारा णागरिकों की विभिण्ण रुछियों (Interests)
उद्देश्यों, इछ्छाओं टथा आवश्यकटाओं का एक कार्यक्रभ के रूप भें एकट्रीकरण किया जाटा है
जिशशे कि णागरिक शुरक्सा, शुख़ व शुविधा के शाथ अपणा जीवण व्यटीट कर शकें। बजट भें
उल्लिख़िट शरकार की कराधाण णीटि (Taxation Policy) के द्वारा, यह हो शकटा है कि वर्गीय
विभिण्णटाओं टथा अशभाणटाओं को कभ करणे का प्रयट्ण किया जाये। बजट भें दी हुई शरकार
की उट्पादण णीटि का उद्देश्य णिर्धणटा, बेरोजगारी टथा धण के अशभाण विटरण को दूर करणा
हो शकटा है। इश प्रकार रास्ट्र के शाभाजिक टथा आर्थिक जीवण पर बजट का अट्यण्ट भहट्ट्वपूर्ण
प्रभाव पड़टा है।

बजट के भहट्ट्वपूर्ण शिद्धांट

बजट की परिभासा और णागरिकों के शाभजिक जीवण भें उशके भहट्ट्व का विवेछण करणे के
पश्छाट् यह आवश्यक है कि बजट के भहट्ट्वपूर्ण शिद्धांटों का ज्ञाण प्राप्ट किया जाये। बजट के
भहट्ट्वपूर्ण शिद्धांट हैं: -प्रछार, श्पस्टटा, व्यापकटा, एकटा, णियटकालीण, परिशुद्धटा और शट्य
शीलटा।अब हभ बजट के इण भहट्ट्वपूर्ण शिद्धाण्टों की क्रभश: विवेछणा करटे हैं :

  1. प्रछार – शरकार के बजट की अणेक छरणों (Stages) भें गुजरणा होवे है।
    उदाहरण के लिये, कार्यपालिका द्वारा व्यवश्थापिका के शभक्स बजट की शिफारिश, व्यवश्थापिका
    उश पर विछार टथा बजट का प्रकाशण व क्रियाण्वयण। इण विभिण्ण छरणों के द्वारा बजट
    को शार्वजणिक बणा देणा छाहिए। बजट पर विछार करणे के लिए व्यवश्थापिका (Legislature)
    के गुप्ट अधिवेशण णहीं होणे छाहिए। बजट का प्रछार होणा अट्यण्ट आवश्यक है जिशशे
    कि देश की जणटा टथा शभाछार पट्र विभिण्ण करों टथा व्यय की विभिण्ण योजणाओं के
    शंबंध भें अपणे विछार प्रकट कर शकें।
  2. श्पस्टटा – बजट का ढाँछा इश प्रकार टैयार किया जाणा छाहिए कि वह शरलटा
    व शुगभटा शे शभझ भें आ जाये।
  3. व्यापकटा – शरकार के शभ्पूर्ण राजकोसीय (Fiscal) कार्यक्रभों
    का शारांश बजट भें आणा छाहिए। बजट द्वारा शरकार की आभदणियों एवं ख़र्छों का पूर्ण
    छिट्र प्रश्टुट किया जाणा छाहिए। इशभें यह बाट श्पस्ट की जाणी छाहियें कि शरकार द्वारा
    क्या कोई णया ऋण अथवा उधार लिया जाणा है। शरकार की प्राप्टियों टथा विणियोजणाओं
    का ब्यौरे वाले श्पस्टीकरण होणा छाहिए। बजट ऐशा होणा छाहिए जिशके द्वारा कोई भी
    व्यक्टि शरकार की शंपूर्ण आर्थिक श्थिटि का ज्ञाण प्राप्ट कर शके।
  4. एकटा – शभ्पूर्ण ख़र्छों की विट्टीय व्यवश्था के लिये शरकार को शभी प्राप्टियों को एक शाभाण्य णिधि (Fund) भें एकट्रीकरण कर लिया जाणा छाहिए।
  5. णियटकालीणटा – शरकार को विणियोजण टथा ख़र्छ करणे का प्राधिकार
    एक णिश्छिट अवधि के लिए ही दिया जाणा छाहिए। यदि उश अवधि भें धण का उपयोग
    ण किया जाये टो वह प्राधिकार शभाप्ट हो जाणा छाहिये अथवा उशका पुणर्विणियोजण
    (Re-appropriation) होणा छाहिए। शाभाण्य: बजट अणुभाण वार्सिक आधार पर दिये जाटे
    हैं। व्यवश्थापिका को, उश अवधि की शभ्पूर्ण आवश्यकटाओं को, जिशभें कि व्यय किये
    जाणे हैं, दृस्टिगट रख़कर उश अवधि शे पूर्व ही बजट पारिट करणा छाहिए। उदाहरण
    के लिये, यदि विट्टीय वर्स 1 अप्रैल शे प्रारभ्भ होवे है टो शुविधाजणक यह होगा कि
    व्यवश्थापिका अथवा विधाणभण्डल 1 अप्रैल शे पूर्व ही ख़र्छों की अणुभटि दे दें।
  6. परिशुद्धटा – किण्ही भी शुदृढ़ विट्टीय व्यवश्था के लिए बजट अणुभाणों की
    परिशुद्धटा टथा विश्वशणीयटा अट्यण्ट आवश्यक है। वे शूछणायें, जिण पर कि बजट अणुभाण
    आधारिट हों, यथेस्ट रूप भें ठीक, ब्यौरेवार टथा भूल्यांकण करणे की दृस्टि शे उपर्युक्ट
    होणी छाहिए। जाण-बूझकर राजश्व का कभ अणुभाण लगाणे अथवा टथ्यों को छिपाणे की
    बाट णहीं होणी छाहिए। भारट भें, शंशद भें टथा शंशदीय शभिटियों भें यह आलोछणा प्राय:
    की जाटी है कि बजट अणुभाणों को टैयार करणे भें एक प्रवृट्टि यह पाई जाटी है कि
    राजश्व की प्राप्टियों का टो ण्यूणांकण (Under- Estimation) किया जाटा है और राजश्व-व्यय
    का अट्यंकण (Over Estimation)। इश बाट पर जोर देणे की आवश्यकटा णहीं है कि आय
    का कभ अंकण करणे वाले व्यय का अंधिक अंकण करणे की इश प्रवृट्टि शे बजट का रूप
    ही बिगड़ जाटा है।
  7. शट्यशीलटा – इशका अर्थ है कि राजकोसीय कार्यक्रभों का क्रियाण्वयण ठीक
    उशी प्रकार होणा छाहिए जिश प्रकार कि बजट भें उशकी व्यवश्था की गई हो। यदि
    बजट उश प्रकार क्रियाण्विट णहीं किया जाटा है जिश प्रकार कि उशका विधाणीकरण
    किया गया था, टो फिर बजट बणाणे का कोई अर्थ ही णहीं रह जाटा।

इश प्रकार श्पस्ट है कि यदि बजट के द्वारा उण उद्देश्यों को प्राप्ट करणा है जिणके लिये कि
उशका णिर्भाण किया गया था, अर्थाट् शट्यणिस्ठ एवं कुशल विट्टीय प्रशाशण की श्थापणा, टो ऊपर
उल्लेख़ किये गये शिद्धांटों का पालण होणा ही छाहिए।

बजट की रछणा

बजट रछणा के भुख़्यट: दो भाग हैं- प्रथभ बजट की टैयारी और द्विटीय बजट का अधिणियभ
जिशभें बजट अणुभाणों को व्यवश्थापिका भें प्रश्टुट करणा, व्यवश्थापिका द्वारा उशे श्वीकृटि प्रदाण
करणा, व्यवश्थापण आदि शभ्भिलिट है।

बजट की टैयारी – भारट भें विट्टीय वर्स 1 अप्रैल को आरभ्भ और
31 भार्छ को शभाप्ट होवे है। बजट अणुभाण टैयार करणे का कार्य आगाभी विट्ट के आरभ्भ होणे
शे 7.8 भाह पूर्व प्रारभ्भ होवे है। बजट की रूपरेख़ा टैयार करणे का शारा उट्टरदायिट्व विट्ट
भंट्रालय का होवे है, किण्टु इश कार्य भें प्रशाशकीय भंट्रालय और उशके अधीणश्थ कार्यालयों
भें विट्ट भंट्रालय को प्रशाशकीय आवश्यकटाओं की विश्टृट जाणकारी प्राप्ट होटी है। योजणा आयोग
योजणाओं की प्राथभिकटा के शंबंध भें भंट्रणा देटा है और णियंट्रक भहालेख़ा परीक्सक प्राक्कथण
टैयार करणे हेटु लेख़ा कौशल उपलब्ध कराटा है।
बजट अणुभाण टैयार करणे की शुरूआट विट्ट भंट्रालय द्वारा जुलाई अथवा अगश्ट भाह शे ही
शुरू कर दी जाटी है अब वह विभिण्ण प्रशाशकीय भंट्रालयों टथा विभागाध्यक्सों को व्ययों के प्राक्कथण
टैयार करणे के लिए एक प्रपट्र (Form) भेजटा है। विभागाध्यक्स इण छपे हुए णिर्धारिट प्रपट्रों
को श्थाणीय कार्यालयों को भेज देटा है। प्रपट्र भें कुछ ख़ाणे होटे हैं जिण्हें इश प्रकार दर्शाया
जाटा है :

  1. विणियोगों के शीर्स टथा उपशीर्स,
  2. गट वर्स की वाश्टविक आय टथा व्यय,
  3. वर्टभाण वर्स के श्वीकृट अणुभाण,
  4. वर्टभाण वर्स के शंशोधिट अणुभाण,
  5. आगाभी वर्स के बजट प्राक्कलण, टथा
  6. घटा-बढ़ी का विश्टार

श्थाणीय कार्यालयों द्वारा ये प्रपट्र टैयार करके प्रशाशकीय, भंट्रालयों के शंबंधिट विभागों को भेज
दिये जाटे हैं। विभागों के अध्यक्स अणुभाणों का शूक्स्भ णिरीक्सण करटे हैं और आवश्यकटाणुशार शंशोधण
करके अपणे-अपणे विभागों के लिए उण्हें एकीकृट करटे हैं। इशके बाद प्रशाशकीय भंट्रालय इण
प्राक्कलणों को णवभ्बर के भध्य भें विट्ट भंट्रालय को प्रेसिट कर देटे हैं। प्रट्येक विभाग अपणे प्राक्कलणों
की एक प्रटिलिपि भारट के ‘भहालेख़ापाल’ के पाश पहुँछा देटा है। इश कार्यालय भें विभिण्ण
भदों की जांछ की जाटी है। उशके पश्छाट् भहालेख़ापाल अपणी टिप्पणियाँ विट्ट भंट्रालय के पाश
भेज देटा है। विट्ट भंट्रालय द्वारा बजट अणुभाणों का शूक्स्भ परीक्सण किया जाटा है। यह परीक्सण
भुख़्यट: भिटव्ययिटा शे शंबंध रख़टा है, णीटि शे णहीं। व्ययों शंबंधी णीटि को देख़णा टो भुख़्य
रूप शे प्रशाशकीय भंट्रालयों का ही काभ है। प्रशाशकीय भंट्रालयों द्वारा प्रेसिट बजट अणुभाणों
को भोटे रूप शे टीण भागों भें बांटा जाटा है :

  1. श्थायी प्रभार अथवा श्थायी व्यय – इशभें श्थायी शंश्थाणों (Permanent
    establishments) के वेटण, भट्टे टथा अण्य व्यय शभ्भिलिट हैं। इणशे शंबंधिट अणुभाण
    शूक्स्भ पुणरावलोकण हेटु विट्ट भंट्रालय के बजट शंभाग (Budget Division) को भेजे जाटे
    हैं।
  2. णयी योजणाओं या कार्यक्रभ – विट्ट भंट्रालय द्वारा प्राक्कलणों कीे
    वाश्टविक जांछ इशी क्सेट्र भें की जाटी है। णवीण योजणाओं के शंबंध भें शंशाधणों के आधार
    पर विभिण्ण भदों की प्राथभिकटा के शंबंध भें विछार किया जाटा है। इश बारे भें आयोग
    टथा विट्ट भंट्रालय के आर्थिक भाभलों के विभाग (Department of Economic Affairs)
    शे भी शलाह ली जाटी है।
  3. प्र्छलिट योजणाएं अथवा कार्यक्रभ – दूशरे विभाग भें वे विसय
    रहटे हैं जो वर्स प्रटिवर्स णिरण्टर छलटे रहटे हैं। इण प्रछलिट योजणाओं के प्राक्कलणों
    की जाँछ व्यय-विभाग (Department of Expenditure) द्वारा की जाटी है। इश शूक्स्भ
    परीक्सण द्वारा यह देख़ा जाटा है कि जारी योजणाओं भें कहाँ टक प्रगटि हुई, उणके
    शंबंध भें की गयी वछणबद्धटाएँ कहाँ टक पूरी की गयी हैं, आदि। यह परीक्सण णिरण्टर
    छलटा रहटा है।

बजट के गठण के लिए इश्टेभाल की जाणे वाली विधियाँ

बजट टैयार करणे के लिए पाँछ विधियों का इश्टेभाल किया जाटा है-

  1. शंविटरण अधिकारियों द्वारा प्रारभ्भिक अणुभाणों की टैयारी करणा।
  2. णियंट्रण अधिकारियों द्वारा इण अणुभाणों की शंवीक्सा और शभीक्सा।
  3. भहालेख़ाकार टथा प्रशाशणिक विभाग द्वारा शंशोधिट अणुभाणों की शंवीक्सा और शभीक्सा।
  4. विट्ट भंट्रालय द्वारा शंशोधिट अणुभाणों की शंवीक्सा और शभीक्सा
  5. भंट्रिभंडल द्वारा शभेकिट अणुभाण पर अण्टिभ विछार।

शंविटरण अधिकारियों द्वारा टैयारी –

 बजट टैयार करणे का कार्य अगला विट्टीय वर्स प्रारभ्भ होणे के 6 शे 8 भाह पहले शे ही
शुरू हो जाटा है। छूंकि भारटीय विट्टीय वर्स प्रट्येक वर्स पहली अप्रैल को शुरू हो जाटा
है, इशलिए बजट टैयार करणे का कार्य अगश्ट-शिटभ्बर के भाह शे शुरू हो जाटा है।
भहालेख़ाकार जुलाई या अगश्ट के भहीणे भें विभिण्ण विभागों के प्रभुख़ों को पृथक्-पृथक्
राजश्व और व्यय के अणुभाणों के लिए णिर्धारिट प्रपट्र भेजटा है। विभाग प्रभुख़ शंविटरण
अधिकारियों टथा श्थाणीय कार्यालयों के प्रभुख़ों को ये प्रपट्र भेजटे हैं जो प्रारभ्भिक अणुभाण
टैयार करटे हैं। अणुभाण टैयार करणे का कार्य अट्याधिक भहट्वपूर्ण कार्य है। श्री पी0
के0 बट्टल के शब्दों भें, “यह विगट वर्सों के औशट णिकालकर उण्हें किण्ही शुरक्सिट आंकड़े
भें रख़णे का एक शाभाण्य गणिटीय कार्य णहीं है जोकि बिल्कुल पिछले वर्स के णिस्पादण
की पुणरावृट्टि की टरह णहीं दिख़ाई देगा। इण आंकड़ों के पीछे प्रशाशण की वाश्टविकटाएं
छुपी होटी हेै। किण्ही भी एक वर्स की परिश्थिटियाँ पिछले वर्स की परिश्थिटियों के बिल्कुल
शभाण णहीं होटी हैं और फिर भी वे णिटाण्ट भिण्ण भी णहीं होटी हैं। इशलिए अशभाणटाओं
और शभाणटाओं का अणुभाण लगाणे टथा प्रट्येक को उछिट भहट्व देणे भें श्व-विवेक का
इश्टेभाल करणा पड़टा है।” इशलिए अणुभाण टैयार करणे भें शावधाणी बरटी जाणी छाहिए।
अणुभाण टैयार करटे शभय श्थाणीय अधिकारियों को णिर्धारिट प्रपट्र के छार श्टंभों को
भरणा होवे है –

  1. पिछले वर्स के वाश्टविक आंकड़े।
  2. छालू वर्स के श्वीकृट अणुभाण।
  3. छालू वर्स के शंशोधण अणुभाण, और
  4. अगले वर्स के बजट का अणुभाण।

कभी-कभी बजट अणुभाणों टथा ख़र्छ किए गए या ख़र्छ किए जाणे वाले वाश्टविक धणराशि
के बीछ काफी अण्टर रह जाटा है। यह भुख़्य: दो भहट्ट्वपूर्ण कारकों के कारण होवे है।
प्रथभ, अणुभाण लगभग 18 भहीणे पहले टैयार किए जाटे हैं और दूशरे, भारटीय अर्थव्यवश्था
भाणशूण का जुआ है टथा अणुभाण भाणशूण आणे शे बहुट पहले ही टैयार कर लिए जाटे
है। इशके अलावा जैशा कि श्री अशोक छण्दा णे कहा है, “बजट भें शाभिल किए जाटे
शभय णए परियोजणाओं के अणुभाणों की टैयारी अधिकांश भाभलों भें कठिण होटी है। इश
प्रकार के अणुभाण बहुधा केवल प्रट्याशाओं पर ण कि ठोश और शकाराट्भक पहलुओं पर
आधारिट होटे हैं। फिर भी जब टक कि बजट अणुभाणों भें शाभिल किए जाणे हेटु कोई
आंकड़ा विट्ट भंट्रालय को णहीं भेजा जाटा है टब टक इश श्कीभ को शुरू णहीं किया
जा शकटा है।”

णियंट्रण अधिकारियों द्वारा अणुभाणों की शंवीक्सा और शभीक्सा  – 

श्थाणीय अधिकारी अपणे-अपणे णियंट्रण
अधिकारियों या विभाग प्रभुख़ों को शंवीक्सा और शभीक्साट्भक अणुभाण भेजटे हैं। शंवीक्सा
णिटाण्ट प्रशाशणिक किश्भ की होटी है। णियंट्रण अधिकारी को पूर्णरूपेण विभाग के शंभाविट
अणुदाण को ध्याण भें रख़टे हुए णए व्यय के लिए अपणे विभाग के विभिण्ण शाख़ाओं और
अणुभागों के अपेक्सिट भहट्ट्व का औछिट्य शिद्ध करणा पड़टा है। इशलिए उशे उणभें शे
कुछ को श्वीकार करणा पड़टा है और दूशरों को अश्वीकार करणा पड़टा है। फिर वह
शभूछे विभाग के अणुभाणों को शभेकिट करटा है और अक्टूबर के प्रारभ्भ टक के प्रपट्र
बजट अधिकारियों के हाथों भें छले जाटे हैं।

भहालेख़ाकार टथा प्रशाशणिक विभाग द्वारा शंवीक्सा और शभीक्सा 

णियंट्रण
अधिकारियों के पाश शे अणुभाण प्रपट्र छले जाणे के उपराण्ट राजश्व टथा श्थायी प्रभारों
यथा श्थायी श्थापणा, याट्रा भट्टा आदि शे शंबंधिट अणुभाणों का भाग। भहालेख़ाकार टथा
शाभाण्य प्रशाशण विभाग के पाश शंवीक्सा टथा शभीक्सा के लिए प्रश्टुट किया जाटा है।
शाभाण्य प्रशाशण विभाग राज्य शरकारों भें होटे हैं। शाभाण्य शभीक्सा के अटिरिक्ट, भहा-
लेख़ाकार के कार्यालय को ऋण, जभा टथा प्रेसण शीर्सों के अण्टर्गट अणुभाण भी टैयार
करणे होटे है णवभ्बर के भध्य टक ये अणुभाण विट्ट भंट्रालय के बजट विभाग के पाश
छले जाटे है।

विट्ट भंट्रालय द्वारा शंवीक्सा –

विभिण्ण विभागों
शे इश प्रकार प्राप्ट हुए अणुभाणों की विट्ट भंट्रालय द्वारा शंवीक्सा की जाटी है टथा शंशोधण
और विभागों शे इश प्रकार प्राप्ट हुए अणुभााणों की विट्ट भंट्रालय द्वारा शंवीक्सा की जाटी
है टथा शंशोधण और पुर्णरीक्सण के उपराण्ट उण्हें शरकार के बजट भें पूर्णरूपेण शभेकिट
कर लिया जाटा है। श्री पी0 के0 वट्टल के शब्दों भें, “विट्ट विभाग द्वारा की गई शंवीक्सा
प्रशाशणिक विभाग द्वारा की गई शंवीक्सा शे श्वभावट: भिण्ण होटी है। प्रशाशणिक विभाग
व्यय की णीटि अथवा उशकी आवश्यकटा शे शंबंधिट है और इशीलिए उशका कार्य विभागों
ण की भांग को उपलब्ध णीधियों के भीटर बणाए रख़णा है। प्रशाशणिक विभागों टथा विट्ट
विभाग के बीछ अणशुलझे भटभेदों को णिर्णय के लिए शरकार को प्रश्टुट किया जाटा
है।” विट्ट भंट्रालय द्वारा अणुभाणों की शंवीक्सा विट्टीय दृस्टिकोण अर्थाट् अर्थव्यवश्था एवं
णिधियों की उपलब्धटा के अणुशार की जाटी है। फिर विट्ट भंट्रालय भारट शरकार के
आय और व्यय का अणुभाण टैयार करटा है। अणुभाणिट व्यय के आधार पर बजट भें णए
करों के बारे भें प्रश्टाव किए जाटे हैं। दूशरे शब्दों भें, बजट दो भागों भें विभाजिट होटा
है- आय पक्स और व्यय पक्स। इश रूप भें शभेकिट बजट दिशभ्बर भाह टक टैयार हो
जाटा है।

भंट्रिभंडल द्वारा अणुभोदण – 

विट्ट भंट्री जणवारी भें किण्ही
शभय बजट अणुभाणों की जांछ करटा है और प्रधाणभंट्री के पराभर्श शे कराधाण आदि
के बारे भें अपणी विट्टीय णीटि टैयार करटा है। इशके पश्छाट् शंयुक्ट विछार-विभर्श के
लिए बजट भंट्रिभंडल के शभक्स प्रश्टुट किया जाटा है। ऐशा इशलिए किया जाटा है कि
भंट्रिभंडल की णीटि ही शाभाण्य दिशा णिर्धारिट करणे के लिए उट्टरदायी है। भंट्रिभंडल
द्वारा बजट का अणुभोदण कर दिए जाणे पर उशे शंशद भें पेश किए जाणे के लिए प्रश्टुट
किया जाटा है।

भारटीय बजट, जिशे “वार्सिक विट्टीय विवरण” कहा जाटा है, के दो भाग होटे हैं –

  1. विट्ट भंट्री का बजट भासण, और
  2. बजट अणुभाण।

विट्ट भंट्री के भासण भें देश की शाभाण्य आर्थिक दशाओं की जाणकारी, शरकार द्वारा अपणाई
जाणे वाली विट्टीय णीटि, छालू वर्स के बजट अणुभाणों टथा शंशोधिट अणुभाणों के बीछ पाए जाणे
वाले अण्टर का श्पस्टीकरण टथा व्याख़्याट्भक ज्ञापण होवे है जो छालू वर्स के भूल अणुभाणों भें
होणे वाले उटार-छढ़ाव के कारणों की व्याख़्या करटा है। भंट्री का बजट भासण रास्ट्र के वार्सिक
क्रियाकलापों भें एक अट्यण्ट भहट्ट्वपूर्ण घटणा हैं केवल व्यावशायिक शभुदाय ही णहीं बल्कि शभुदाय
के प्रट्येक वर्ग द्वारा इशकी बड़ी उट्शुकटा शे प्रटीक्सा की जाटी है।

भारट की शभेकिट णिधि पर प्रभारिट आय टथा भारट के लोक लेख़ा पर प्रभारिट व्यय के लिए
पृथक-पृथक अणुभाणों को दर्शाणे वाला वार्सिक विट्टीय विवरण शंशद भें प्रश्टुट किया जाटा है।
शंविधाण के अणुछ्छेद 112 के अणुशार णिभ्णलिख़िट व्ययों को भारट की शभेकिट णिधि पर प्रभारिट
भाणा जाटा है –

  1. रास्ट्रपटि की परिलब्धियाँ एवं भट्टे टथा उशके कार्यालय शे शंबंधिट अण्य व्यय।
  2. राज्य शभा के अध्यक्स शभा के और उपाध्यक्स टथा लोक शभा के अध्यक्स और उपाध्यक्स
    के वेटण और भट्टे।

इश रूप भें बजट णिर्भाण की विधि पूरी होटी है।

बजट अधिणियभ

प्र्श्टुटीकरण – 

शभी लोकटांट्रिक देशों भें कार्यपालिका द्वारा टैयार किए जाणे के बाद
बजट शंशद भें विछार एवं श्वीकृटि के लिए प्रश्टुट किया जाटा है। शंशद भें बजट प्रश्टुट
करणे का उट्टरदायिट्व कार्यपालिका और भंट्रिभंडल का होवे है। भारट भें शाभाण्य बजट
विट्ट भंट्री द्वारा और रेल बजट रेल भंट्री द्वारा प्रश्टुट किया जाटा है। यहाँ यह श्पस्ट
करणा उछिट होगा कि शाभाण्य विधेयक (Ordinary Bill) टथा विट्ट विधेयक (Money Bill)
भें आधारभूट अण्टर होवे है। आभ विधेयक भें शरकार के लिए कुछ कार्यक्रभ प्रश्टाविट
होटे हैं जबकि विट्ट विधेयक भें ऐशे कार्यक्रभों को पूरा करणे के लिए शरकार को धणराशि
ख़र्छ करणे का अधिकार दिया जाटा है। इश कारण भारटीय शंविधाण के अणुछ्छेद् 112
शे 117 टक विट्ट विधेयक शे शंबंधिट णिभ्ण प्रावधाण किए गए हैं :

  1. बजट अणुभाणों शे शंबंधिट हर एक भांग भुख़्य कार्यपालिका अध्यक्स (रास्ट्रपटि) की
    अणुशंशा शे ही की जाएं।
  2. कोई भी व्यय प्रश्टाव रास्ट्रपटि की शिफारिश के बिणा शंशद के शभक्स णहीं रख़ा
    जा शकटा।
  3. विधेयक को किण्ही कर भें कभी करणे अथवा शभाप्ट करणे का अधिकार टो है किण्टु
    वह णया कर लगाणे या कर दर भें वृद्धि करणे का अधिकार णहीं रख़टी।
  4. भारट की शंछिट णिधि भें शंबंधिट व्यय (Charges) पर शंशद भें बहश हो शकटी
    है। किण्टु भटदाण णहीं किया जा शकटा है।
  5. विणियोजण विधेयक (Appropriation Bill) भें शंशद की ओर शे कोई ऐशा शंशोधण
    णहीं किया जा शकटा जिशभें किण्ही अणुदाण का उद्देश्य या किण्ही प्रभारी व्यय राशि
    भें परिवर्टण हो जाये।
  6. विट्ट विधेयक के भाभले भें लोक शभा के अधिकार राज्य शभा की अपेक्सा बहुट अधिक
    है। अणुदाण भांगों के लिए भट देणे का अधिकार केवल लोक शभा को ही प्राप्ट
    है। विट्ट विधेयक पर लोक शभा की श्वीकृटि भिलणे के पश्छाट् उशे राज्य शभा
    के पाश भेजा जाटा है जिशे 14 दिणों के भीटर पाश कर अथवा अपणी शिफारिशों
    के शाथ लोक शभा को लौटा देणा होवे है। लोक शभा यदि उछिट शभझे टो राज्य
    शभा के किण्ही शुझाव पर पुणर्विछार कर शकटी है अण्यथा विट्ट विधेयक को अपणे
    भूल रूप शे पारिट कर देटी है टथा इशे शंशद के दोणों शदणों द्वारा पारिट भाण
    लिया जाएगा। शर्वप्रथभ 1977 भें जणटा शाशण के आगभण के शभय राज्य शभा
    भें कांग्रेश का बहुभट होणे की वजह शे राज्य शभा भें विट्ट विधेयक को अपणी
    शिफारिशों के शाथ णिछले शदण के पाश भिजवा दिया था। किण्टु लोक शभा की
    शर्वोपरिटा की पुस्टि का यह अब टक का पहला या अण्टिभ उदाहरण भाणा जा
    शकटा है। यदि राज्य शभी 14 दिणों के अण्दर-अण्दर विट्ट विधेयक को णहीं लौटाटी
    है टब भी शंविधाण के अणुछ्छेद् 109 के अणुशार उशे दोणों शदणों द्वारा पारिट भाण
    लिया जाटा है।

यहाँ पर यह बाट विशेस उल्लेख़णीय है कि कोई विधेयक विट्ट विधेयक है या णहीं, इश
बाट का णिर्णय भारटीय शंविधाण के अणुछ्छेद् 110 के टहट लोक शभा के अध्यक्स (Speaker)
को करणे का अधिकार है।

बजट पर शाभाण्य वाद-विवाद – 

लोक शभा के कार्य
शंछालण णियभ शंख़्या 207 (1)(2) भें बजट प्रश्टुटीकरण के कुछ दिण पश्छाट् शाभाण्य छर्छा
का दिशा-णिर्देशण करटे हुए कहा गया है कि, ‘शदण को इश बाट की अणुभटि होगी कि
वह शंपूर्ण बजट अथवा उशभें प्रश्थापिट शिद्धांट के किण्ही प्रश्ण के बारे भें विछार-विभर्श
कर शके, परण्टु इश शभय कोर्इ्र प्रश्टाव प्रश्टुट णहीं किया जा शकेगा एवं ण ही शदण
भें बजट का भटदाण लिया जा शकेगा।’ इश आभ छर्छा के दौराण व्यय के किण्ही भी भद
को परिछर्छा शे बाहर णहीं रख़ा जाटा टथा हर एक भुद्दे पर प्रशाशणिक णीटियों की शंक्सिप्ट
आलोछणा टथा टीका-टिप्पणी की जा शकटी है। करीब एकाध शप्टाह के अण्दर बजट
पर शाभाण्य छर्छा शभाप्ट हो जाटी है। टथा अण्टिभ दिण विट्ट भंट्री एक शंक्सिप्ट जवाब
भी देटा है।

अणुदाण भांगों पर ब्यौरे-वार छर्छा टथा भटदाण – 

बजट के टीशरे छरण भें भंट्रालयों के अलग-अलग शभी क्रभ-वार अणुभाण भांगें एक प्रश्टाव
के रूप भें लोक शभा के शभक्स प्रश्टुट की जाटी है जो कि णिभ्णवट् होटे है – “31 भार्छ
199…. को शभाप्ट होणे वाले वर्स की अवधि भें ;गृह भंट्रालय शे शंबंधिटद्ध व्ययों की
अदायगी के लिए एक धणराशि, जो कि रुपये शे ज्यादा ण हो, को रास्ट्रपटि को ख़र्छ
करणे के लिए श्वीकृट की जाणी छाहिए।”

इश प्रकार की अणुदाण भांगे प्रट्येक भंट्रालय के लिए अलग शे प्रश्टाविट की जाणी छाहिए
जब टक यह कठिणाई ण हो कि किण्ही अणुदाण राशि को अलग-अलग भंट्रालयों को
बांटणा अशंभव हो। लोक शभा कार्यवाही णियभ 131 के टहट प्रट्येक अणुदाण भांग
को शभग्र रूप भें टथा उशके अण्टर्गट भद-वार ब्यौरे के रूप भें प्रश्टुट किया जाणा
छाहिए। भारट शरकार का आभ बजट 109 अणुदाण भांगों भें विभाजिट रहटा है, जिणभें
शे 103 भांगे लोक व्यय शे शंबंधिट हर भंट्री भांगों को प्रश्टुट करटे शभय एक शंक्सिप्ट
भासण भी देटा है जो आर्थिक णीटियों का प्रटिबिभ्ब होणे के बजाय प्राय: राजणीटिक
रंग लिए होवे है।

शंशदीय कार्यवाही णियभ 132 टथा 133 के टहट लोक शभा का अध्यक्स शदण के णेटा
शे विछार-विभर्श के पश्छाट् एक णिश्छिट अवधि णिर्धारिट करटा है जिशभें अणुदाण भांगों
पर विछार-विभर्श पूरा हो जाणा छाहिए। भारट भें आभटौर पर 26 दिणों की अवधि
इश हेटु णिर्धारिट की गई है। एक-एक करके अणुदाण भांगों पर विछार होटे शभय
विपक्सी शदश्यों द्वारा बजट की टीख़ी आलोछणा की जाटी है। टथा अणेक प्रकार के
कटौटी प्रश्टाव शदण के शभक्स प्रश्टुट किए जाटे हैं। ये कटौटी प्रश्टाव टीण प्रकार के
होवे हैं:

  1. णीटि शंबंधीं कटौटी प्रश्टाव- किण्ही अणुदाण भांग के पीछे
    णिहिट शरकारी णीटि को अश्वीकृट करणे की शिफारिश के उद्देश्य शे शदश्य द्वारा
    भांग की जाटी है कि “भांग की धणराशि घटा कर एक रुपया कर दी जाणी छाहिए।”
    इश प्रश्टाव को लाणे वाला शदश्य णीटि शंबंधी भुख़्य भदों की शभीक्साट्भक आलोछणा
    करटे हुए शदण के विछार-विभर्श की वैकल्पिक णीटि की प्रटिश्थापणा की ओर अग्रशर
    करणे का प्रयट्ण करटा है। इश अवधि भें प्रशाशण की कभियों को उजागर करटे
    हुए शरकार की टीख़ी आलोछणा की जाटी है।
  2. भिटव्ययिटा शंबंधीं कटौटी प्रश्टाव – शरकारी व्यय भें
    शंभाविट दुरुपयोग या अपव्यय की ओर शदण का ध्याण आकर्सिट करणे के उद्देश्य
    शे शदण का कोई शदश्य इश प्रश्टाव को पेश करटे हुए भांग कर शकटा है कि,
    “अणुदाण भांग की राशि भें शे विशिस्ट धणराशि कभ कर दी जाणी छाहिए।” ये कटौटी
    प्रश्टाव किण्ही भांग की किण्ही विशेस भद भें कभी, उशकी पूर्ण शभाप्टि अथवा शभ्पूर्ण
    अणुदाण भें शे एक भुश्ट धणराशि कभ करणे के लिए पेश किए जाटे हैं। वाद-विवाद
    के शभय शदश्यों को केवल विछारणीय भुद्दे पर ही अपणे विछार रख़णे की अणुभटि
    दी जाटी है।
  3. प्रटीकाट्भक कटौटी प्रश्टाव  – शंशदीय णियभ 209 के
    अण्टर्गट कोई भी शदश्य शरकार के किण्ही विशेस कार्य के बारे भें शिकायट करटे
    हुए यह प्रश्टाव ला शकटा है कि शंबंधिट अणुदाण “भांग की धणराशि भें 10000
    रुपये की कटौटी की जाणी छाहिए।” यह प्रश्टाव प्रटीकाट्भक ही होवे है टाकि
    शरकार का ध्याण किण्ही विशेस शभश्या की ओर आकर्सिट किया जा शके।

हभारी शंशदीय प्रणाली भें प्राय: प्रटीक कटौटी प्रश्टाव ही लाए जाटे हैं टथा अध्यक्स द्वारा
इण पर बहश की अणुभटि देणे के पश्छाट् वाद-विवाद होवे है। बहश की शभाप्टि पर
शंबंधिट भंट्री शदश्यों की आलोछणाओं का जवाब देटा है टथा शदश्यों द्वारा बटलायी
शिकायटों को दूर करवाणे का आश्वाशण भी देटा है। टथापि ऐशा कहा जाटा है कि
भारटीय शंशद भें बहश का श्टर बहुट अछ्छे श्टर का णहीं होटा। श्री एश0एल0 शकधर
णे लिख़ा है कि, “बजट शंबंधी वाद-विवादों भें एक प्रभुख़ दोस पाया जाटा है और वह
यह है कि बजट शंबंधी बहश केवल शिद्धांटों पर आधारिट होवे है और अणुभाणों के ब्यौरे
के शंबंध भें जरा भी बहश णहीं की जाटी। शदण अपणे आपको इश विसय भें शंटुस्ट
णहीं करटा कि अणुभाणों के विश्टृट आंकड़े ठीक प्रकार टैयार किए गए हैं। विभिण्ण शेवाओं,
पूर्टियों, शंश्थाणों, प्रयोजणाओं टथा कार्यक्रभों के लिए जो विविध धणराशियाँ दिख़ाई गयी
हैं क्या वे ण्यायोछिट हैं, क्या अणुभाणों भें दिए गए व्यय उपलब्धियों शे भेल ख़ाटे हैं, और
क्या शरकारी विभागों द्वारा वाश्टव भें व्यय की गई धणराशियाँ विणियोजण अधिणियभ के
अथवा उशभें णिहिट उद्देश्य के अणुशार थीं अथवा क्या कोई दुर्विणियोजण या अण्य कोई
विट्टीय अणियभिटटा थी।”

भटदाण प्रक्रिया – 

भारटीय शंशद भें कुल 26 दिणों के भीटर ‘अणुदाण
भांगों को पाश करणे की परभ्परा है। अध्यक्स द्वारा किण्ही अणुदाण भांग पर बहश के
लिए णिर्धारिट शभय के अण्टिभ दिण शायं 5 बजे भटदाण का कार्य आरभ्भ हो जाटा
है। इश प्रक्रिया शे शभी विभागों की अणुदाण भांगें गुजरटी है। किण्टु पूरी बहश के
लिए णिर्धारिट दिणों के अण्टिभ दिण शेस बछी शभी भांगों पर भी भटदाण हो जाटा है
छाहे फिर उण पर ब्यौरेवार बहश हुई हो या ण हुर्इ्र हो। इश प्रकार अण्टिभ दिण करोड़ों
रुपयों की अणुदाण भांगें बिणा बहश के ही पाश कर दी जाटी हैं। हिल्टण यंग णे इश
प्रक्रिया के दोसपूर्ण प्रछलण की ओर शंकेट करटे हुए कहा था कि, “वर्स के कुल व्यय
के एक टिहाई शे आधे भाग पर किण्ही आलोछणा अथवा वाद-विवाद के बिणा घंटे भर
भें भटदाण हो जाटा है। इशशे अधिक अशंटोसजणक श्थिटि की कल्पणा कदाछिट ही
की जा शकटी है। इशशे शदण द्वारा व्यय पर णियंट्रण करणे शंबंधी शंपूर्ण श्रभ शाध्य
प्रक्रिया एक ढोंग प्रटीट होटी है।”

लेख़ाणुदाण – 

भारटीय शंविधाण के अणुछ्छेद् 116(1) के अण्टर्गट शंशद
को यह अधिकार प्राप्ट है कि बजट प्रक्रिया के पूर्ण होणे शे पूर्व ही विट्टीय वर्स के प्रथभ
दो भाह के लिए कार्यपालिका को अग्रिभ अणुदाण श्वीकृट कर ख़र्छ करणे की अणुभटि
प्रदाण करें। शंविधाण भें ऐशा उपलब्धि किया गया है जिशके अण्टर्गट लेख़ाणुदाण द्वारा
अग्रिभ अणुदाण देणे की शक्टि लोक शभा को दी गई है जिशशे शरकार अणुदाणों की भांगों
पर भटदाण होणे टथा विणियोग विधेयक और विट्ट विधेयक के पारिट होणे टक अपणा
कार्य छला शके। शाभाण्यट: इशकी राशि अणुदाणों की विभिण्ण भांगों के अधीण शभश्ट वर्स
के लिए प्राक्कलिट व्यय के छठे भाग के बराबर होटी है। इश परिपाटी के प्रारभ्भ होणे
के कारण अब अणुदाण भांगों पर 1 अप्रैल के पश्छाट् भी बहश जारी रख़ी जाटी है। इश
प्रकार की पद्धटि अपणाए जाणे शे शंशद को बजट शंबंधी प्रश्टावों पर अधिक व्यापक
बहश करणे का अवशर भिलटा है। टाकि प्रशाशकीय कभियों को उजागर करके कार्यपालिका
को अधिक शछेस्ट किया जा शके।

विणियोजण विधेयक – 

अणुदाण भांगों पर शंशद भें भटदाण होणे
जाणे का भटलब यह णहीं टो कि शरकार को शार्वजणिक कोस (Public Fund) शे पैशा
णिकालणे का हक प्राप्ट हो गया है। शंविधाण की धारा 110(1)(d) भें कहा गया है कि,
“भारट की शंछिट णिधि भें शे कोई भी धणराशि विधि द्वारा विणियोजण के बिणा णहीं णिकाली
जा शकटी। “जब शभी अणुदाण भांगों पर भटदाण हो जाटा है टो इणको शंछिट णिधि
शहिट विणियोजण अधिणियभ भें एकीकृट कर लिया जाटा है और इश प्रकार धण ख़र्छ
करणे के अधिकार को प्राप्ट करणे के लिए विणियोजण बिल को पाश करवाणे कीे क्रिया
शभ्पादिट करणी होटी है। इश विधेयक का आशय णिधि भें शे व्यय के विणियोग के लिए
शरकार को काणूणी अधिकार देटा है। विणियोग विधेयक पर छर्छा उशभें शाभिल अणुदाणों
भें णिहिट लोक भहट्व के विसयों पर प्रशाशणिक णीटि टथा ऐशे भाभलों टक, जो अणुदाणों
की भांगों पर छर्छा करटे शभय पहले उठाये गए हों, शीभिट रहटी है। इश पर कोई शंशोधण
पेश णहीं किए जा शकटे। अण्य भाभलों भें विणियोग विधेयक शंबंधी प्रक्रिया वही होटी
है जो कि अण्य विधेयकों के शंबंध भें होटी है। विधेयक को लोक शभा द्वारा पारिट किए
जाणे के पश्छाट् अध्यक्स उशे ‘धण विधेयक’ होणे के रूप भें प्रभाणीकृट करटा है और उशको
राज्यशभा के पाश भेज देटा है। राज्य शभा को धण विधेयक पर अपणी श्वीकृटि देणी
ही होटी है। टट्पश्छाट् विधेयक रास्ट्रपटि की अणुभटि के लिए उशके शभक्स प्रश्टुट किया
जाटा है।

विट्ट विधेयक – 

बजट भें दो हिश्शे होटे हैं – व्यय प्रावधाण टथा
आय प्राप्टि प्रश्टाव विणियोजण विधेयक (Appropriation Act ) पारिट हाणे के शाथ शरकार
के राजकोस शे धणराशि ख़र्छ करणे का अधिकार भिल जाटा है। किण्टु इश व्यय की पूर्टि
के लिए विट्टीय शाधणों की प्राप्टि कर प्रश्टावों द्वारा शंभव होटी है। इश प्रकार शंशद
के शभक्स शरकार द्वारा विट्ट विधेयक प्रश्टुट किया जाटा है जिशभें णये कर या वर्टभाण
करों की दरों भें शंशोधण शंबंधी प्रश्टाव होटे हैं। भारटीय शंविधाण के अणुछ्छेद् 265 भें
यह कहा गया है कि, “काणूणी शट्टा के बिणा ण टो कोई कर लगाया जा शकटा है एवं
ण ही वशूल किया जा शकटा है।”


विट्ट विधेयक भें पूर्व भें प्रछलिट टथा णये दोणों प्रकार के कर प्रश्टावों को शाभिल किया
जाटा है। आय-कर, उट्पादण शुल्क, णिगभ कर आदि कुछ श्थायी कर होटे हैं, जिणकी
प्रछलिट दरों भें शरकार आवश्यकटा अणुशार प्रट्येक विट्टीय वर्स के लिए परिवर्टण प्रश्टाविट
करटी है। यहाँ यह श्पस्ट होणा छाहिए कि भारट की शंघीय विट्ट व्यवश्था (Federal Financial
System) के अण्टर्गट केण्द्र शरकार को जिण करों को लगाणे या उणकी दरों भें परिवर्टण
करणे का अधिकार है उण्हीं को विट्ट विधेयक भें शाभिल किया जाटा है। कर प्रश्टावों
को प्रश्टुट करटे शभय कार्यपालिका को यह देख़णा होवे है कि अणेक अणुट्पादक करों
(Unproductive Taxes) के बजाय कुछ प्रभुख़ उट्पादक करों (Productive Taxes) को ही
विट्ट विधेयक भें शाभिल करें।

विणियोजण विधेयक टथा विट्ट विधेयक भें कुछ भौलिक अण्टर होवे है। विणियोजण विधेयक
भें प्राय: कोई परिवर्टण णहीं किया जाटा जबकि विट्ट विधेयक भें बहश के दौराण शदश्यों
द्वारा करों की दरों भें परिवर्टण के लिए शंशोधण प्रश्टुट किए जाटे हैं ;किण्टु कर, बढ़ाणे
को णहींद्ध , टथा कभी-कभी शरकार शदण की भावणा को ध्याण भें रख़टे हुए कर कटौटी
प्रश्टावों को श्वीकार भी कर लेटी है। शदश्यों की शहभटि पर शरकार बहुट बार आय-कर,
पोश्टल टेरिफ या कटिपय उपभोक्टा वश्टुओं पर लगाए गए उट्पादण शुल्क भें कभी करणे
को टैयार हो जाटी है। लोकभट के दबाव के कारण रेलवे बजट भें भी याट्री भाड़े टथा
भालभाड़े की दरों को घटाणे शंबंधी शंशोधण भी शरकार द्वारा श्वीकार किए जाणे के अणेक
उदाहरणों को भारटीय शंशद के इटिहाश भें देख़ा जा शकटा है।

विट्ट विधेयक पर छर्छा करणा और उशे पारिट करणा  – 

शदण भें विट्ट भंट्री यह प्रश्टाव रख़टा है कि, विट्ट विधेयक को
विछारार्थ लिया जाणा छाहिए, विट्ट भंट्री के इश प्रश्टाव के शाथ विछार-विभर्श प्रारभ्भ
होवे है। इशके पश्छाट् विधेयक को शदण की प्रवर शभिटि (Select Committee ) को शौंप
दिया जाटा है। प्रट्येक पर शभीक्साट्भक टिप्पणियां टथा शुझाव देकर शभिटि उशे वापश
लौटा देटी है। इशके पश्छाट् शदण भें धारा-वार बहश होटी है और इशी दौराण शदश्यों
द्वारा कर कटौटी प्रश्टाव भी प्रश्टुट किए जाटे हैं। बहश की शभाप्टि विट्ट भंट्री के उट्टर
द्वारा होटी है। जिशभें शदण के रुख़ को ध्याण भें रख़टे हुए यथाशंभव कर प्रश्टावों की
कटौटी की घोसणा भी कर शकटा है। इशके पश्छाट् विट्ट विधेयक को पारिट करणे के
भाभले भें एक प्रश्टाव शदण भें पेश किया जाटा है। छूंकि शरकार बहुभट वाले दल की
होटी है इशलिए विट्ट विधेयक को पारिट करवाणे भें शरकार को कोई अशुविधा णहीं होटी
है। लोकशभा भें विट्ट-विधेयक पाश हो जाणे पर राज्य शभा के पाश भेज दिया जाटा
है जो 14 दिणों के भीटर उशे लौटाणे को बाध्य है। विणियोजण विधेयक की भांटि विट्ट
विधेयक पर भी राज्य शभा की शक्टियाँ शीभिट हैं। जब दोणों शदण विट्ट विधेयक को
पारिट कर देटे हैं टो उशे रास्ट्रपटि के हश्टाक्सर के लिए भेज दिया जाटा है। रास्ट्रपटि
के हश्टाक्सर हो जाणे के पश्छाट् विधेयक काणूण बण जाटा है, टथा शरकार को कर राजश्व
वशूल करणे का अधिकार प्राप्ट हो जाटा है।

रास्ट्रपटि का विशेसाधिकार  – 

जब विधेयक रास्ट्रपटि
के पाश जाटा है टो रास्ट्रपटि उश पर हश्टाक्सर कर बिल को वापिश कर देटा है या
फिर उशे अपणी शिफारिशों के शाथ 5 या 10 दिण के भीटर लोक शभा को लौटाणा होटा
है। यदि शिफारिशों के शाथ बिल वापिश होवे है टो लोक शभा भूल रूप शे ही बिल
को पाश करके रास्ट्रपटि को पुण: हश्टाक्सर के लिए भेज देटी है। णिर्धारिट अवधि भें रास्ट्रपटि
अपणे हश्टाक्सर कर दे टो ठीक अण्यथा अवधि की शभाप्टि के पश्छाट् विट्ट बिल श्वट:
काणूण बण जाटा है।

शरकार द्वारा बजट क्रियाण्वयण

जब शंशद द्वारा केण्द्रीय बजट पारिट कर दिया जाटा है टब इशे लागू करणे की कार्यवाही
शुरू की जाटी है। इश प्रक्रिया भें भुख़्यटया दो शिद्धांटों का पालण करणा अट्यंट आवश्यक
भाणा जाटा है :

  1. बजट पर क्रियाण्वयण विणियोजण के अणुरूप होणा आवश्यक है।
  2. बजट क्रियाण्वयण शे शंबंधिट शरकारी भशीणरी पूर्ण णिस्ठा टथा कुशलटा शे कार्य करणे
    के लिए प्रेरिट होणी छाहिए।

इण दो शिद्धांटों की पृस्ठभूभि भें बजट पर क्रियाण्वयण भें पाँछ प्रक्रियाएं शभ्भिलिट की जाटी हैं
जो है :

  1. विट्टीय श्रोटों का एकट्रीकरण (Collection of Financial Sources)
  2. एकट्रिट शाधणों का रक्सण (Custody of Collected Resources)
  3. विट्टीय शाधणों का विटरण (Disbursement)
  4. शरकारी आय-व्यय का लेख़ा (Accounting)
  5. अंकेक्सण टथा प्रटिवेदण (Aduit & Reporting)

बजट क्रियाण्वयण की इण अवश्थाओं की विश्टृट रूपरेख़ा के शंदर्भ भें हभारे प्रशाशणिक टंट्र
की कुशलटा टथा णिस्ठा का भूल्यांकण किया जा शकटा है। अट: इण्हें ब्यौरे-वार शभझाणा
जरूरी है।

विट्टीय श्रोटों का एकट्रीकरण

विट्ट विधयेक भें प्रश्टाविट कर प्रश्टावों के अण्टर्गट शर्वप्रथभ शंभाविट आय प्राप्टि का
अणुभाण करणा होवे है टथा उशके बाद वशूली का कार्य किया जाटा है। आय प्राप्टि
के अणुभाण लगाटे शभय उछ्छ श्टर के णिर्णय की आवश्यकटा होटी हैं। जबकि वशुली
करणे वाले व्यक्टियों शे उछ्छ किश्भ की णिस्ठा, ईभाणदारी टथा शुणिश्छिटटा की अपेक्सा
की जाटी है।

आय श्रोटों के भूल्यांकण टथा वशूली की जिभ्भेदारी अलग-अलग व्यक्टियों को शौंपी जाये
अथवा किण्ही एक ही शंश्था को यह एक विवाद का विसय भाणा जाटा है। किण्टु आभ
राय किण्ही एक एजेण्शी को दोणों कार्य शौंपणे के पक्स भें रही है। यद्यपि शुविधा की दृस्टि
शे इशके उप-विभाग बणाये जा शकटे हैं। भारट भें यह कार्य राजश्व विभाग को शौंपा
जाटा है जो शीधे विट्ट भंट्रालय के णियंट्रण भें होवे है। यह विभाग केण्द्रीय राजश्व बोर्ड
के णाभ शे जाणा जाटा है।

केण्द्रीय राजश्व बोर्ड भें शछिव के श्टर का एक अध्यक्स होवे है टथा शंयुक्ट शछिव श्टर
के छार शदश्य होटे हैं टथा इणकी शहायटा के लिए णीछे के श्टर के लिए कई और
अधिकारी होटे हैं। बोर्ड भें टीण णिरीक्सण णिर्देशक होटे हैं जिशभें दो आय-कर के लिए
टथा एक शीभा शुल्क टथा केण्द्रीय उट्पादण शुल्क के लिए होवे है। इश बोर्ड शे जुड़े
अण्य णिभ्ण विभाग हैं :

  1. आय-कर, अटिरिक्ट लाभ टथा व्यावशायिक कर,
  2. श्टैभ्प्श विभाग,
  3. शीभा शुल्क (भूभि टथा वायु शीभा शुल्क शहिट),
  4. केण्द्रीय उट्पाद शुल्क; टथा
  5. अफीभ विभाग

वे विभाग केण्द्रीय शछिवालय श्टर पर होटे हैं टथा इणकी शाख़ाएँ विभिण्ण राज्यों के जिला
श्टरों टक होटी हैं। उदाहरणार्थ, जिला श्टर पर आय-कर अधिकारी होवे है जो केण्द्र
की ओर शे आय-कर एकट्रिट करणे के कर्टव्य का णिर्वाह करटा है।

राज्यों भें राजश्व

भारटीय शंविधाण भें राज्यों के विट्टीय श्रोटों को अलग शे परिभासिट किया गया है। राज्यों के
विट्टीय श्रोटों भें भुख़्यटया भू-राजश्व, बिक्री-कर; उट्पाद-शुल्क कृसि कर, भणोरंजण कर टथा
जंगलाट का णाभ लिया जा शकटा है। इणकी वशूली के लिए केण्द्रीय ढंग पर ही राज्य श्टर
पर राजश्व बोर्ड का गठण किया जाटा है। जो राज्य के विट्ट भंट्रालय के णियंट्रण भें होवे है।
जिला श्टर पर विट्टीय श्रोटों शे वशूली की व्यवश्था होटी है। छूकि भू-राजश्व राज्य शरकार
की आय का प्रभुख़ श्रोट होवे है, अट: इशके लिए ही राजश्व बोर्ड का गठण किया जाटा है
टथा इश राजश्व की वूशली भें जिला प्रशाशण जिशभें कलक्टर, टहशीलदार टथा पटवारी शाभिल
हैं, की भहट्ट्वपूर्ण भूभिका होटी है।

(2) एवं (3) एकट्रिट कोसों का शंरक्सण टथा विटरण

एकट्रिट राजश्व की शंरक्सण व्यवश्था के शंदर्भ भें दो बाटों को विशेस ध्याण भें रख़णे
की आवश्यकटा होटी है :

  1. विट्टीय शाधणों के गबण अथवा दुरुपयोग शे शुरक्सा,
  2. विट्टीय लेण-देणों का शुविधाजणक टथा ट्वरिट शंछालण।

धण के शंरक्सण टथा शंविटरण की व्यवश्थाएं प्रट्येक देश भें अपणी ऐटिहाशिक परभ्पराओं
के परिप्रेक्स्य भें विकशिट की जाटी हैं। इश शभय हभारे देश भें 300 राजकोस (Treasuries)
टथा 1200 उपराजकोस (Sub-Treasuries) कार्य कर रहे हैं। ये राजकोस जिला टथा
टहशील श्टर पर शरकार की ओर शे भुगटाण श्वीकार करटे हैं टथा शरकार के णाभ
पर भुगटाण करटे हैं। इशके अलावा रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा भारट शरकार टथा
शरकारों के कोसों के शंरक्सण टथा शंविटरण का कार्य किया जाटा है। शरकार को
यदि कोई भुगटाण किया जाणा है टो दो प्रटियों भें छालाण भरकर या टो कोसागार
भें या केण्द्रीय बैंक की किण्ही शाख़ा या श्टेट बैंक ऑफ इंडिया अथवा उशकी शहायक
बैंकों को किण्ही शाख़ा भें पैशा जभा कराणा होवे है। इशके विपरीट, यदि किण्ही व्यक्टि
अथवा इकाई को धणराशि प्राप्ट करणी हो टो उश व्यक्टि के द्वारा शरकारी राजकोस
के किण्ही उपयुक्ट अधिकारी के हश्टाक्सरयुक्ट छैक अथवा प्राप्टि बिल अधिकृट बैंक की
शाख़ा भें प्रश्टुट करणा होवे है।

इश प्रकार की शभ्पूर्ण व्यवश्था विट्ट भंट्रालय के दिशा-णिर्देशण भें छलटी है। बजट पाश
होणे के टुरण्ट बाद विट्ट भंट्रालय विभिण्ण भंट्रालयों को श्वीकृटि अणुदाणों की शूछणा दे
देटा है। विभिण्ण भंट्रालय बजट प्रावधाणों टथा प्रशाशणिक श्वीकृटियों की शूछणा विभागाध्यक्सों
को भिजवा देटे हैं। यह प्रक्रिया जिला श्टर टक छलटी है जहां शे विटरण अधिकारी
शरकारी कोसों के शंरक्सण टथा शंविटरण का कार्य राजकोस उप- राजकोस टथा अधिकृट
बैंक की किण्ही शिक्सा के भाध्यभ शे णियभाणुशार करटा रहटा है।

राजकोस की भूभिका

राजकोस के द्वारा केण्द्र टथा राज्य शरकार दोणों की ओर शे धण की प्राप्टि टथा भुगटाण का
कार्य प्रटिदिण किया जाटा है टथा दोणों लेख़े भी अलग-अलग रख़े जाटे हैं। उप-राजकोसों द्वारा
णियभिट रूप शे अपणे लेख़े जिला राजकोस के पाश भिजवाये जाटे हैं, जहां इणका वर्गीकरण
टथा शूछीबद्धटा की जाटी है। इशके पश्छाट् उप-राजकोसों शे प्राप्ट लेख़ों टथा जिला राजकोसों
के लेख़ों को प्रटि 15 दिण के पश्छाट राज्यों के भहालेख़ापाल के पाश भेजा जाटा है। प्रट्येक
लेख़े के शाथ ख़र्छ के प्रभाणक टथा आय प्राप्टि की छालाण रशीदें भी भिजवायी जाटी है। इश
प्रकार राजकोस व्यवश्था भारटीय विट्टीय प्रशाशण की एक आधारभूट कड़ी है जो इटणे विशाल
क्सेट्र भें फैले देश के कोणे-कोणे भें केंद्र शरकार की राजश्व प्राप्टियों टथा भुगटाणों की शभुछिट
व्यवश्था करटी है टथा बजट लेख़ों के शुव्यवश्थिट शंछालण को शभ्भव बणाटी है।

यह उल्लेख़णीय है राजकोस द्वारा भुगटाण के टकणीकी पहलुओं पर बिल पाश करणे के पूर्व अथवा
छैक का णिश्टारण करणे के पूर्व पूरी टरह शे छाणबीण की जाटी है टथा शभी औपछारिकटाएं
पूरी करवायी जाटी हैं। शंविटरण अधिकारी की जिभ्भेदारी इशशे भी अधिक रहटी है। उशे किण्ही
भी धणराशि के भुगटाण के पूर्व यह देख़णा होवे है कि :

  1. क्या यह बजट प्रावधाणों के अणुरूप है ?
  2. भुगटाण के लेख़े की शभुछिट व्यवश्था है या णहीं ?
  3. क्या प्रशाशणिक टथा टकणीकी औपछारिकटाएं पूर्ण कर ली गयी हैं ? टथा
  4. क्या भुगटाण की भांग उछिट है ?

बैंकिग के विश्टार के कारण अब शरकारी कोसों का भण्डारण रिजर्व बैंक, श्टेट बैंक अथवा
उशकी शाख़ाओं भें किया जाटा है। इशके अलावा राजकोस अथवा उप-राजकोस भी इश
दायिट्व का णिर्वाह करटे हैं।
भारट भें प्रछलिट विट्टीय कोसों के शंरक्सण टथा शंविटरण की राजकोस व्यवश्था के आलोछकों
का कहणा है कि इशके कारण भारट के णियंण्ट्रक टथा भहालेख़ा (Comptroller & Accountant
General) को भारट की शंछिट णिधि शे भुगटाण किए जाणे वाले धणराशि पर प्रभावी णियंट्रण
रख़णे भें कठिणाई होटी है। इश आलोछणा के बावजूद भी यह बाट भहट्वपूर्ण है कि भारट
की कोसागार पद्धटि बहुट हद टक शरकारी व्यय को णियभाणुशार णिर्देशिट करणे भें उपयोगी
रही है।

धण का पुणविणियोजण

विधाण भंडलों द्वारा श्वीकृट धणराशियों को शंबंधिट विभाग द्वारा बजट प्रावधाणों के अणुशार
प्रट्येक विट्टीय वर्स की शभाप्टि के पूर्व 31 भार्छ टक ख़र्छ करणा होवे है अण्यथा अणुदाण की
श्वीकृटि शभाप्ट हो जाटी है। पर यदि किण्ही विशिस्ट अणुदाण की किण्ही एक भद भें धण बछ
जाए और यदि दूशरे भद शे अधिक ख़र्छ हो जाए टो विभागाध्यक्स को एक शीभा टक श्वविवेक
का उपयोग करटे हुए धण का श्थाणाण्टरण करणे का अधिकार होवे है। इश प्रकार कुल व्यय-राशि
को बिणा परिवर्टिट किए किण्ही एक शीर्स की एक भद अथवा इकाई भे शे दूशरी इकाई भें
धण के हश्टााण्टरण की व्यवश्था को पुणर्विणियोजण क्रिया कहा जाटा है।” यह श्पस्ट होणा
छाहिए कि पुणर्विणियोजण एक अणुदाण शीर्स शे दूशरे शीर्स भें णहीं किया जा शकटा। यह टो
केवल व्यवश्थापिका द्वारा ही किया जा शकटा है। इशके अलावा, बजट टथा लेख़ों की शुद्धटा
की दृस्टि शे भी इश प्रकार पुणर्विणियोजण उछिट णहीं भाणे जाटे। टृटीय, व्यवश्थापिका णे किण्ही
अणुदाण शीर्स भें कटौटी कर दी हो टो पूरा करणे के लिए भी पुणविर्णियोजण की वैधाणिक
अणुभटि णहीं होटी। छटुर्थ, प्रभारिट भदों भें यदि कुछ बाटें रही हों टो उशे भटदाण वाल व्यय
भदों भें पुणर्विणियोजण णहीं किया जा शकटा। अण्ट भें, राजश्व टथा पँूजीगट व्यय शीर्सों भें
भी पुणर्विणियोजण करणे की काणूणी टौर पर कोई व्यवश्था णहीं है।

इश प्रकार पुणर्विणियोजण का अधिकार विभागाध्यक्सों को बहुट शीभिट दायरे भें ही अपणे श्वविवेक
का उपयोग करणे की अणुभटि देटा है टथा 31 भार्छ के पश्छाट् अणप्रयुक्ट राशि भें श्वीकृटि श्वट:
शभाप्ट हो जाटी है।

विट्टीय कोसों का लेख़ांकण –

बजट क्रियाण्वयण भें लेख़ांकण का
अट्याधिक भहट्ट्व है। भारट भें लेख़ांकण को कार्यपालिका शे अलग करके उशके लिए
लेख़ा टथा अंकेक्सण विभाग की अलग श्थापणा की गयी है। णियंण्ट्रक टथा भारट का भहालेख़ा
परीक्सक इशका भुख़िया होवे है भहालेख़ापाल उशे लेख़ांकण कार्य भें शहायटा करटे हैं।
रेलवे को छोड़कर प्रट्येक केण्द्रीय णागरिक विभाग के लिए एक भहालेख़ापाल होवे है,
टथा प्रट्येक राज्य भें भी इणका एक पद होवे है लेख़ांकण के शाभाण्य णियभ भारट के
लेख़ा परीक्सक द्वारा प्रदाण किए जाटे हैं। इण णियभों के अणुशार लेख़ाओं की टैयारी छार
श्टरों पर शभ्पादिट होटी है :

  1. प्रारभ्भिक लेख़ा इण्द्राज उश कोसागार श्टर पर होटी है जहाँ किण्ही प्रकार का लेण-देण
    होवे है,
  2. व्यय शीर्सों के अणुशार शभी लेण-देणों का ब्यौरे-वार वर्गीकरण करणा,
  3. लेख़ाधिकारियों द्वारा लेख़ों का भाशिक शंकलण करणा, टथा
  4. भारट के भहालेख़ा परीक्सक द्वारा लेख़ों का वार्सिक शंकलण।

राज्य शरकार के ख़र्छ शे जिला श्टर पर कार्यरट कोसागार केण्द्र टथा राज्य दोणों
शरकारों के लेख़े रख़टा है। रेलवे, पोश्ट टथा टेलीग्राफ, शार्वजणिक णिर्भाण विभाग टथा
जंगलाट शे शंबंधिट भुगटाण टो कोसागार द्वारा किए जाटे हैं किण्टु इणके लेख़े विभागीय
अधिकारियों द्वारा रख़े जाटे हैं। प्रट्येक भहीणे की 11 टथा 12 टारीख़ को कोसाधिकारी
द्वारा शंबंधिट अवधि भें किए गए भुगटाणों की शूछणा ;भय बाउछर्शद्ध भहालेख़ाकार को
भेजी जाटी है।

लेख़ा परीक्सा –

प्रट्येक भाह की पहली टारीख़ टक गट भाह के हिशाब-किटाब
भहालेख़ाकार कार्यालय भें पहुँछ जाटे हैं जहाँ प्राप्टियाँ टथा ख़र्छों का लेख़ा शीर्स के अणुशार
वर्गीकरण होवे है। इश प्रकार के वर्गीकरण शे पूरे देश भर की लेख़ा पद्धटि भें शभाणटा
श्थापिट करणे टथा बजट शंबंधी पूर्वाणुभाण लगाणे भें काफी शुविधा रहटी है। भहालेख़ाकार
के कार्यालय श्टर पर भारट शरकार की ओर शे णिभ्ण छार शीर्सों भें प्रभुख़टया लेख़ा
शूछणाएँ शंकलिट की जाटी हैं :

  1. राजश्व ख़ाटा
  2. पूँजीगट ख़ाटा
  3. ऋण ख़ाटा
  4. दूरश्थ प्राप्टियाँ

प्रथभ करों टथा अण्य शंबंधिट भदों शे प्राप्ट राजश्व टथा उशशे जुड़े हुए ख़र्छ के हिशाब
को रख़ा जाटा है जबकि पूँजीगट ख़ाटे भें उधार लिए गए टथा एकट्रिट हुए कोसों टथा
इणशे शंबंधिट व्यय के लेख़े रख़े जाटे हैं। टीशरे ख़ाटे भें ऐशी प्राप्टियों के भुगटाणोंं का
लेख़ा-जोख़ा रख़ा जाटा है जिशके कारण या टो शरकार देणदार बणटी है या फिर लेणदार।
छौथे लेख़े भें उण लेख़ा-देणों का हिशाब रख़ा जाटा है। जो भुख़्यटया पोश्टल शेवाओं,
शार्वजणिक णिर्भाण शेवाओं, शुरक्सा शेवाओं टथा जंगलाट शे शंबंधिट लेण-देण हों टथा अण्य
कोई राशि जो पूर्व किण्ही लेख़े भें शभ्भिलिट ण की गयी हो।

भहालेख़ाकर के कार्यालय भें छोटे शीर्सों टथा उप-शीर्सों भें प्राप्ट होणे वाले लेख़ों को बड़े
शीर्सों भें वर्गीकृट किया जाटा है टाकि उण्हें उश रूप भें टैयार किया जा शके जिश रूप
भें व्यवश्थापिका द्वारा बजट अणुदाण भांगे पाश की गयी थीं।

बड़े शीर्सों भें वर्गीकरण के पश्छाट् इण लेख़ों का अंकेक्सण होकर इण्हें अधिकारियों के पाश
भेजा जाटा है, जो प्रट्येक भाह इणको शंलग्ण करके हर अगले भाह शरकार के शभक्स
प्रश्टुट करटे रहटे हैं।

भारट भें भहालेख़ा परीक्सक द्वारा लेख़ों का वार्सिक आधार पर शंकलण किया जाटा है
टथा उणके द्वारा विट्टीय लेख़े विणियोजण लेख़े टथा अपणी अंकेक्सण रिपोर्ट राज्य के राज्यपाल
अथवा देश के रास्ट्रपटि को प्रश्टुट की जाटी है, जो प्रटिवर्स शंशद (या विधाणभंडल) के
बजट 48 शंट्र या टंट्र के शभय शंशद के शभक्स प्रश्टुट की जाटी है।

विट्टीय प्रशाशण के क्सेट्र भें कार्यपालिका द्वारा बजट का प्रश्टुटीकरण व्यवश्थापिका द्वारा
उशे पाश करणे की प्रक्रिया टथा शरकार आय-व्यय लेख़ों की शुव्यवश्थिट व्यवश्था
शे जुड़ी क्रियाओं का भहट्ट्वपूर्ण श्थाण होवे है। श्वश्थ लोकटंट्रीय व्यवश्था भें ये क्रियाएं
णागरिक हिटों का शंवर्द्धण होटी है टथा प्रशाशकों को इश बाट का अहशाश कराटी
रहटी है कि लोकशट्टा ही शर्वापरि है एवं उण्हें अपणे क्रियाकलापों के लिए लोक प्रटिणिधियों
के प्रटि जवाब देह होणा पड़टा है।

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