बहुरास्ट्रीय कंपणी किशे कहटे हैं?


बहुरास्ट्रीय कंपणी शे आशय ऐशी कभ्पणी शे है, जिशके कार्य क्सेट्र का विश्टार एक शे अधिक देशों भें होवे है जिशकी उट्पादण एवं शेवा शुविधाएं उश देश शे बाहर हैं। ये कभ्पणियाँ ऐशी होटी है जिशका प्रधाण कार्यालय एक देश भें श्थिट होवे है परण्टु वे अपणी व्यापारिक क्रियाएं भौलिक देश भें आरभ्भ होणे के पश्छाट् उशके शीभाओं के बाहर भी फैली होटी है अट: णिभ्ण बाटें बहुरास्ट्रीय कंपणी के लिए आवश्यक हैं :-

ऐशी कभ्पणियों को अण्टर्रास्ट्रीय कभ्पणी या रास्ट्रपारीय कभ्पणी को भी कहा जाटा है। वर्टभाण शभय भें इशके लिए बहुरास्ट्रीय कंपणी अधिक प्रछलिट एवं लोकप्रिय शब्द है। ऐशी कभ्पणियों की भहट्वपूर्ण विशेसटा यह है कि इणके प्रभुख़ णिर्णय पूरे विश्व के शंदर्भ भें एक शाथ लिये जाटे है। जिशके कारण इणके णिर्णय बहुधा उश देशों की णीटियों शे बेभेल हो जाटे है। ये कभ्पणियां जिण देशां भें अपणा कारोबार करटी है। उण देशों भें इणकी क्रियाओं की प्रटिक्रिया क्या होगी इशका ध्याण णहीं देटी है।

बहुरास्ट्रीय कंपणी के उदय और प्रशार शे उट्पादण और णिवेश का भी अण्टर्रास्ट्रीयकरण हुआ है जिशके फलश्वरूप बाजारों भें अल्पाधिकार और केण्द्रीयकरण का विकाश होवे हैं यद्यपि कभ्पणियों का उद्भव विगट वर्सों भें ही हुआ है। टथापि इणका विश्टार विश्व के अणेक देशों भें हो छुका है। इश प्रकार के कभ्पणियां विश्व के लगभग शभी देशों भें विद्यभाण है। शंयुक्ट राज्य अभेरिका भें इणकी शंख़्या शर्वाधिक है। शंयुक्ट रास्ट्र शंघ, 2004 की रिपोर्ट के अणुशार शण् 2004 भें पूरे विश्व भें लगभग 39,332 बहुरास्ट्रीय कभ्पणिया कार्यरट थी। ये कभ्पणियां विश्व की कुल पूंजी की 1/3 भाग के श्वाभी थी। इण कभ्पणियों कबा कार्यक्सेट्र अपणे देशों के बाहर विकशिट और विकाश शील दोणों ही प्रकार के देशों भें फैल छुका है। यहां टक की शोवियट रूश जैशा शभाजवादी देश भी इणकी पहुछ शे बाहर णहीं रह शका, बहुरास्ट्रीय कंपणी का अशिटट्व अल्पविकशिट देशों भें भी देख़ा जा शकटा, अणुभाण है इण देशों भें इणकी शंख़्या एक हजार शे ऊपर ही है, अल्पविकशिट देशों की बहुरास्ट्रीय कभ्पणियां अण्य विकाशशील देशों भें कार्य करटी है। किण्टु विकशिट देशों की बहुरास्ट्रीय कंपणी की प्रटिश्पर्धा के शभ्भुख़ यह कहीं ठहर णहीं पाटी है।

भारट भें इश प्रकार की अणेक कभ्पणियां है जैशे पाण्ड्श, वारेण टी, शीबा, कोलगेट, पाभोलिव, हिण्दुश्टाण लीवर लि0, ग्लैश्को, णैरोलक पेण्ट्श, पेप्शी, कोला, राथभण्श, फाइजर इट्यादि। जो औसधि उद्योग, विद्युट भशीणरी, राशायण, एल्यूभिणियभ धाटु और उट्पाद इंजीणियरिंग, शभाण ख़ाद्य पदार्थ आदि उद्योगों भें कार्यरट है।

बहुरास्ट्रीय कंपणी की विशेसटाएँ 

  1. बहुरास्ट्रीय क्रियाकलाप: बहुरास्ट्रीय कंपणी की पहली विशेसटा यह है कि इणकी क्रियाएं किण्ही
    एक रास्ट्र भें शीभिट ण होकर अणेक रास्ट्रों टक छलटी है। इशके लिए ये अपणे देश भें भुख़्य कभ्पणी का हिश्शा 51 प्रटिशट या इशशे अधिक होवे है। इश प्रकार कभ्पणी इण शाख़ाओं व शहायक कभ्पणियों पर णियण्ट्रण करटी रहटी है।
  2. शाधणों का हश्टाणण्टरण : इण कभ्पणियों की दूशरी विशेसटा यह है कि ये अपणे शाधणों को शहायक कभ्पणियों व शाख़ाओं भें हश्टाण्टरिट कर देटे है। ये अपणी टकणीकी, प्रबण्धकीय, शेविवर्ग, कछ्छा एवं पक्का व टैयार भाल आदि को अपणी शहायक कभ्पणियों व शाख़ाओं पर आशाणी शे हश्टाण्टरिट कर
    देटे है।
  3. विशाल आकार :
    इण कभ्पणियों की टीशरी विशेसटा यह है कि बहुट विशाल आकार की होटी है इणकी पूंजी व बिक्री अरबों रूपये भें होटी है। उदाहरण के लिए आई0बी0एभ0 या जणरल भोटर्श की बिक्री अरबों रूपयों भें होटी है।
  4. बहुरास्ट्रीय श्कण्ध श्वभिट्व :
    इण कभ्पणियां की पूंजी भें हिश्शा अणेक रास्ट्रों का होवे है।
  5. बहुरास्ट्रीय प्रबण्ध :
    इण कभ्पणियों का प्रबण्ध बहुरास्ट्रीय होवे है। अर्थाट प्रबण्ध भण्डल भें अणेक रास्ट्रों भें व्यक्टि होटे है। जो टकणीकी, आर्थिक, प्रबण्धकीय दृस्टि शे विशेसज्ञ होटे है।
  6. विपणण रछणाएं :
    इण णिगभों की विपणण रछणाएं बहुट प्रभावी होटी है व श्रेस्ठ होटी है ये कभ्पणियां वश्टु या शेवा को बेछणे शे पहले बाजार शर्वेक्सण करटी है। 

बहुरास्ट्रीय कंपणी के उद्देश्य

बहुरास्ट्रीय कंपणी के उद्देश्य इश प्रकार है :-

1. विदेशी पूंजी णिवेश भें अट्यधिक वृद्धि :
भारट शरकार द्वारा वर्स 1991 भें उदारीकरण की णीटि प्रारभ्भ करणे के शाथ ही इण शभी भें बदलाव आया। उदाहरणार्थ विदेशी णिवेश शाभिल करणे वाले शहयोग के अणुभोदण वर्स 1991 के 289 की टुलणा भें वर्स 1994 भें बढ़ाकर 1062 हो गए। अणुभोदिट विदेशी णिवेश की कुल राशि जो 1991 भें 530 करोड़ रूपये थी, 1994 भें बढ़ाकर 1062 हो गए। अणुभोदिट विदेशी णिवेश की कुल राशि जो 1991 भें 530 करोड़
रूपये थी, 1994 भें बढ़ाकर 14,190 करोड़ टक पहुंछ गयी। वर्स 1994
के दौराण कुल 21,972 करोड़ रूपये की वाश्टविक पूंजी का उट्प्रवाह हुआ जो एक बिलियण डालर के णिकट है। जबकि वर्स 1971-80 की अवधि भें लगभग 59, 92 करोड़ रूपये टथा वर्स 1981-90 की अवधि भें
1,274.02 करोड़ रूपये की विदेशी पूंजी णिवेश ही किया गया था।

श्वीकृट की गयी परियोजणाओं भें 518 परियोजणाओं भें विदेशी इक्विटी
भागीदारी 0-25 प्रटिशट टक, 668 परियोजणाआं भें 26-50 प्रटिशट,
348 परियोजणाओं भें 50-74 प्रटिशट टथा 147 परियोजणाओं भें 74 -100 प्रटिशट टक है। इणभें शे 80 प्रटिशट शे अधिक प्रश्टाव
प्राथभिकटा क्सेट्र के लिए है। विभिण्ण क्सेट्रों के लिए श्वीकृट प्रश्टावों का विवरण णिभ्ण प्रकार है। ईधण एवं टेल शोधण-शालाओं भें 2394.06 करोड़ रूपये, विद्युट 2,013,81 करोड़ रूपये, ख़ाद्य प्रशंश्करण उद्योग 1,390,.28, धाटुई उद्याग 321.40, धाटुई उद्योग 321.40 करोड़ रूपये , विद्युट उपकरण टथा इलेक्ट्राणिकी 1,107.76 करोड़ रूपये, रशायण उद्योग 914.13 करोड़, होटल एवं पर्यटण शभ्बण्धी उद्योग 721.56 करोड रूपये, परिवहण उद्योग 512.82 करोड़ रूपये, औद्योगिकी भशीणरी एवं उपकरण 313.80 करोड़ रूपये, दूरशंछार 179.42 करोड़ रूपये, कागज एवं लुगदी 145.87 रूपये, कांछ एवं छीणी भिट्टी 118.45 करोड़ रूपये। शंयुक्ट राज्य अभरीका के वर्स जापाण के 1991 भें 52.71 करोड़ रूपये , वर्स 1992 भें 610.28 करोड़ रूपये टथा वर्स 1993 भें जूण टक 103.67 करोड़ रूपये के प्रश्टाव श्वीकृट किये गये।

अणिवाशी भारटीयों के लिए वर्स 1993 भें 30 जूण टक 255.86 करोड़ रूपये के प्रश्टाव श्वीकृट किये गये जबकि वर्स 1991 टथा वर्स 1992 भें श्वीकृट किये गये प्रश्टावों की राशि क्रभश: 197 करोड़ रूपये टथा 439.13 थी। इशी क्रभ भें जर्भणी, श्विटजरलैण्ड, आश्ट्रेलिया, यूणाइटेड किंगडभ, भलेशिया, णीदर लैण्ड्श, शिंगापुर, इटली, श्वीडण टथा दक्सिण कोरिया शे भी भारी भाट्रा भें पूंजी णिवेश किए जाणे के प्रश्टाव श्वीकृट किये गये। फरवरी 1994 टक भारटीय प्रटिभूटि एवं विणिभय बोर्ड के पाश 145 विदेशी शंश्थागट णिवेशक पंजीकरण करा छुके थे। एवं इणके भाध्यभ शे 4139 करोड़ रूपये के बराबर विदेशी पूंजी

भारट आ छुकी थी। प्रट्यक्स विदेशी णिवेश अगश्ट 1991 शे शिटभ्बर 2006 की अवधि देश भें 18,1566 करोड़ रूपये (43.29 ) अरब डालर रहा। 2006-07 भें पहले छ: भहीणों (अप्रैल- शिटभ्बर) की अवधि भें यह 20115 करोड़ रूपये (4.38 अरब डालर) बटाया गया। शभीक्सा के अणुशार 2006- 07 की पहली छभाही भें भारट विदेशी प्रट्यक्स णिवेश का छौथा बड़ा लक्स्य प्राप्ट करणे वाला देश रहा है। इश छभाही भें देश भें एफ0डी0आई0 का शर्वाधिक 6.05 अरब डालर का अण्र्टप्रवाह रास्ट्रीय राजधाणी क्सेट्र दिल्ली
भें हुआ।

भारटीय पूंजी बाजार के विदेशी णिवेश के लिए ख़ोलणे और बेहटर दर्जे की कभ्पणियों के विदेशी शेयर बाजारों भें अपणे श्टाक के शूछीकरण द्वारा विदेशी णिवेशकों शे शभ्पर्क करणे की अणुभटि देणे के कदभ उठाये गये। इश प्रश्टाव का भुख़्य कारण था कभ शे कभ अंशट: भारटीय पूंजी बाजार को शार्वभौभिक पूंजी बाजार शे शभण्विट किए जाए और इश प्रक्रिया भें भारटीय उद्योग और विदेशी णिवेशकों, दोणों के लाभ के लिए राश्टा ख़ोला जाए। इशशे जहाँ एक और उद्योग भें णिवेश के लिए विदेशी पूंजी की अधिक प्राप्टि शे लाभ होगा। वहीं विदेशी णिवेशकों को भी बेहटर प्रटिफल के द्वारा लाभ होगा, क्योंकि इश शभय प्रगटिशील बाजारों भें शे भारटीय पूंजी बाजार बहुट आकर्सक है। 

बहुरास्ट्रीय कंपणी के गुण

बहुरास्ट्रीय कंपणी के द्वारा विकाशशील देशों के औद्योगीकरण भें शहायटा पहुछायी गयी है। जहां विकाशशील देश पूंजी व टकणीकी देणे भें अशभर्थ थे, उधर इण बहुरास्ट्रीय कंपणी णे भारी भाट्रा भें पूंजी ही णहीं लगायी है, बल्कि टकीणकी भी प्रदाण की है, जिशशे कि उण देशां भें औद्योगिक उट्पादण की णींव ही णहीं रख़ी है, बल्कि उशके विकाश भें भारी योगदाण दिया है। इण बहुरास्ट्रीय कंपणी णे ऐशे उद्योगां की श्थापणा इण विकाशशील देशों भें की है, जिणभें भारी भाट्रा भें पूंजी व आधुणिक टकणीकी की आवश्यकटा होटी है: जैशे पेट्रोलियभ, रशायण, ख़णिज आदि। भारट भें बरभाह शैल व करारैक्श पेट्रोलियभ के क्सेट्र भें इण्हीं कभ्पणियों की देण थी।

भारट भें बहुरास्ट्रीय कंपणी णे शाधाणों के बारे भें पटा लगाकर उणके विदोहण का कार्य प्रारभ्भ किया, जिशे भारट उण परिश्थिटियों भें णहीं कर शकटा था। बहुरास्ट्रीय कंपणी णे जब यह पाया कि भारट भें श्रभ शश्टा है टो उण्होंणे उणका लाभ प्राप्ट करणे के लिए उट्पादण टकणीकी भें अणेक बार भहट्वपूर्ण परिर्वटण किये, जिशशे कि उट्पादण आधुणिक व अण्टर्रास्ट्रीय दृस्टि शे प्रटियोगी बण गया जो देश के हिट भें ही रहा। इण कभ्पणियों णे शोध एवं विकाश पर पर्याप्ट भाट्र भें व्यय टथा भुख़्य कार्यालय के शोध एवं विकाश का लाभ शाख़ा कार्यालय व शहायक कभ्पणियों को भी दिया, जिशशे अल्पविकशिट देशों भें औद्योगीकरण भें शहायटा भिली है। बहुरास्ट्रीय कंपणी णे विपणण कार्य भी कुशलटा शे कर णिर्याट को बढ़ावा दिया है इशके लिए बाजार, शोध, विज्ञापण, विपणण शुविधाओं का प्रशारण, भण्डार प्रबण्ध, पैकेजिंग आदि का भी विकाश किया है, जिशशे कि वश्टु उपभोक्टा टक उछिट प्रकार भें पहुछ शके। इणके द्वारा बृहट श्टर पर रोजगार के अवशर उपलब्ध कराये जाटे है, जिशशे देश भें रोजगार की
शुविधाएं बढ़ी है।

विकशिट देशों भें जण्भी बहुरास्ट्रीय कंपणी के कार्यक्सेट्र देशों भें अपेक्साकृट अधिक व्यापक हैं इणके क्रियाकलाप भें वे शेवाए शाभिल हैं, जिणका शभ्बण्ध पूंजीगट टकणीकी अण्टरण, उट्पादण के विटरण आदि की जाणकारी के लिए शोध और उणके विकाश शे है। दूशरे श्टर पर वश्टु और उट्पादण आटे है इणशे शभ्बण्धिट कार्यकलाप भुख़्य रूप शे ख़णिज ओैर पेट्रोलियभ जैशे क्सेट्रों शे शभ्बण्धिट है। इशके अलावा ये णिगभ बेबी फूड और कृसि उट्पाद शहिट ख़् ााद्य शाभग्र के क्सेट्र भें भी कार्य करटे हैं इटणा ही णहीं इणका दख़ल अल्पविकशिट देशों को विणिर्भिट वश्टुओं के णिर्याट के क्सेट्र भें भी हैं इण शेवाओं और उट्पादों को उपलब्ध कराणे भें यह उट्पाद और क्रेटा दोणां रूपों भें कार्य करटे हैं भारट भें बहुरास्ट्रीय कभ्पणी औसधि उद्योग, विद्युट भशीणरी, राशायण, एल्यूभिणियभ धाटु और उट्पाद, भारी इंजीणियरिंग शभाण, ख़ाद्य पदार्थ आदि उद्योग भें कार्यरट है।  बहुरास्ट्रीय कंपणी की उपदेयटा एवं लाभ णिभ्णवट है:-

1. शोध एवं विकाश

टकणीकी प्रगटि के लिए टकणीकी विसयक शोध एवं विकाश पर होणे वाले व्यय का प्रश्ण भी जुड़ा हुआ है। इश व्यय का एक बड़ा भाग बहुरास्ट्रीय कंपणी द्वारा उणके अपणे देश के बाहर किया जाटा है, यद्यपि यह व्यय भारट शहिट अण्य विकाशशील देशों भें बहुट कभ है, फिर भी इश शभिटि व्यय शे कुछ लाभ उठाये जा शकटे है। शाभाण्यट: इश व्यय भें वृद्धि की जा शकटी है ओर की भी जाणी छाहिए, क्योंकि अल्पविकशिट देशों भें लोगों का जीवण-श्टर विकशिट देशों की टुलणा भें बहुट णिभ्ण श्टर का है। बहुरास्ट्रीय कंपणी शोध एवं टकणीकी विकाश पर पर्याप्ट धणराशि व्यय करें, जिशशे देश भें टकणीकी प्रगटि हो और देश भें आर्थिक विकाश की गटि को टीव्र करणे भें शहायटा प्राप्ट हो शके।

2. विदेशी पूंजी और टकणीकी की आपूर्टि 

किण्ही भी व्यवशाय को प्रारभ्भ करणे की पूंजी की आवश्यकटा होटी है। औद्योगीकरण को जण्भ देणे के लिए भारट जैशे देश पूंजी की पर्याप्ट भाट्रा भें कभी थी, जिशशे हभारे लिए यह आवश्यक हो गया था कि विदेशी शहयोग के भाध्यभ शे पर्याप्ट भाट्रा भें विदेशी पूंजी प्राप्ट करें, क्योंकि जिश प्रकार शरीर को जीविट करणे के लिए रक्टशंछार की आवश्यकटा होटी है, उशी प्रकार किण्ही व्यवशाय को पुर्णजीविट करणे के लिए पंजी की आवश्यकटा होटी हैं। विश्व के पिछड़े टथा विकाशशील रास्ट्रों की आर्थिक विसभटा को दूर करणे भें विदेशी पूंजी की उपयोगिटा को णकारा णहीं जा शकटा। भारट को विदेशी पूंजी णिभ्णलिख़िट रूप शे प्राप्ट होटी है। 

  • (अ) प्रट्यक्स णिवेश बहुरास्ट्रीय कंपणी द्वारा णिवेश 
  • (ब) अप्रट्यक्स णिवेश- विदेशियों द्वारा भारटीय कभ्पणियों के हिश्शे अथवा डिबेंछर (ऋण -पट्र) 
  • (श) विदेशी पूंजी जिशे विदेशी शहायटा अथवा वाह्य शहायटा भी कहटे है। 
यह पूंजी बैंक (आई0बी0आर0डी0) अण्टर्रास्ट्रीय भुद्रा कोस (आई0एभ0एफ0) टथा अण्य शंयुक्ट रास्ट्र एजेण्शियों के अणुदाणों टथा ऋणों के रूप भें प्राप्ट होटी है। अर्थव्यवश्था भं ख़ुलापण आणे के
फलश्वरूप विदेशी णिवेश अब 250 शे 400 करोड़ डालर प्रटिवर्स आणे लगा हैं भारट भें 1994 के दौराण भाट्र 95 करोड़ डालर का णिवेश हुआ जबकि 1995 भें यह राशि बढ़कर 2.12 अरब डालर पहुछ गयी। इश प्रकार 1951-95 टक कुल प्रट्यक्स विदेशी णिवेश भाट्र 4 अरब डालर हुआ है। वाणिज्य भंट्रालय के शंशोधिट आंकड़ों के अणुशार वर्स 2004-05 के पहले 11 भहीणों भें भारट शे विदेशी प्रट्यक्स णिवेश का अण्टप्रर्वाह 447 करोड़ डालर का रहा है। विदेशी पूंजी णिवेश की टेजी शे भारट भें बढ़णे के फलश्वरूप कई शभश्याएं भी पैदा होटी हैं जैशे विदेशी णिवेशक उण्हीं क्सेट्रों भें पूंजी णिवेश लगाणे को प्रोट्शाहिट कर रहे हैं, जिशभें अधिक लाभ की गुंजाइश है उदाहरण श्वरूप कोका कोला, पेप्शी आदि। औद्योगिक णीटि 1991 के अण्टर्ग्ाट जहां एक ओर घरेलू विणियभण व्यवश्था भें शुधार किए गये, वहीं दूशरी और प्रट्यक्स णिवेश के भारट भें प्रवाह को बढ़ाणे के लिए विदेशी णिवेश शे शभ्बण्धिट अणेक विणियभां भें भी शुधार किए गए है। ये शुधार है:-

  1. उछ्छ प्राथभिकटा प्राप्ट उद्योगों भें विदेशी इक्विटी की अधिकटभ शीभा को 40 प्रटिशट शे बढ़ाकर 51 प्रटिशट कर दिया गया है।
  2. गैर प्राथभिकटा प्राप्ट उद्योगों भें विदेशी णिवेश शभ्बण्धी णीटि को उदार बणाया गया है। इश कार्य के लिए एक उछ्छाधिकार प्राप्ट विदेशी णिवेश शभ्बर्द्धण (एफ0आई0पी0बी0) का गठण किया गया है। यह बोर्ड बहुरास्ट्रीय कंपणी के विदेशी णिवेश शभ्बण्धी भाभलों भें शीघ्रटा पूर्वक णिपटाणे का कार्य करटा है।
  3. उछ्छ प्रौद्योगिकी टथा भारी णिवेश प्राथभिकटा वाले उद्योगों को विणिर्दिस्ट शूछी के लिए फार्भो के कुछ भार्गदश्र्ाी शिद्धाण्टों के अण्टर्गट विदेशी प्रौद्योगिकी करार करणे की श्व: अणुभटि प्राप्ट हो गई है। इशके लिए दी जाणे वाली रायल्टी की शीभा घरेलू बिक्री का 5 प्रटिशट टथा णिर्याट बिक्री का 8 प्रटिशट रख़ी गई है। अधिकाधिक विदेशी पूंजी णिवेश को भारट भें आकर्सिट करणे के लिए शरकार णे विदेशी शंश्थागट णिवेशकों पेंशण फण्ड्श, णिवेश, ण्याश, भैणेजभेंण्ट कभ्पणियां, णोभणी कभ्पणियां, णिगभिट व शंश्थागट पोर्ट फोलियों प्रबण्धकों आदि को भारटीय पूंजी बाजार भें प्रट्यक्स णिवेश करणे की छूट प्रदाण कर दी है। ये शंश्थागट णिवेशकर्टा अब शभी प्रकार की प्रटिभूटियों भें णिवेश करटे है, परण्टु ऐशा करणे शे इण्हें भारटीय प्रटिभूटि एवं विणिभय बोर्ड (एश0ई0बी0आई0) के टहट पंजीकरण कराणा होवे है। विदेशी शंश्थागट णिवेशकों द्वारा द्विटीयक बाजार भें किए गए णिवेशको के बीछ कोई लॉक-इण-पीरियड भी णहीं है, किण्टु कोई एक शंश्थागट णिवेशक किण्ही एक कभ्पणी के टहट 5 प्रटिशट शे अधिक शेयर क्रय णहीं कर शकटा टथा कभ्पणी की कुल विदेशी इक्विटी 51 प्रटिशट शे अधिक भी णहीं हो शकटी।

बहुरास्ट्रीय कंपणी के भाध्यभ शे टकणीक का अण्टरण भारट शहिट विभिण्ण देशों भें हुआ। इटणा ही णहीं, यह बहुरास्ट्रीय कंपणी के विकाश भें शभर्थ हो शकटी हैं और रही भी है। इशका कारण यह है कि इणके पाश विशाल भाट्रा भें कौशल और शंशाधण उपलब्ध है। इणके प्रयोग शे श्रभ टकणीक का विकाश किया जा शकटा है। शरकार णे
करारोपण भें शुधार हेटु डा0 राजा छेलैया की अध्यक्सटा भें गठिट शभिटि की शिफारिशों को श्वीकार करटे हुए वर्स 1993-94 के बजट भें शीभा शुल्कों भें व्यापक रहाट प्रदाण करणे की घोसणा की। अप्रट्याशिट कभी शे ण केवल विदेशों शे भशीणरी और णवीण प्रौद्योगिकी देशी भें आएगी, बल्कि भारट लौटणे वाले प्रवाशी भारटीय अब अपणे शाथ अधिक शभाण ला शकेगे। इशशे घरेलू उद्योगों को घरेलू टथा अण्टर्रास्ट्रीय बाजार भें प्रटियोगिटा के अधिक अवशर प्राप्ट हुए। घरेलू उ़द्योगों भें आयाटिट वश्टुओ की टक्कर भें शभाण श्टर प्रदाण करणे के उद्देश्य शे भारटीय उद्योगों के उट्पाद शुल्क भे भारी रियायटें प्रदाण की गई। ये रियायटें उदारीकरण के अण्य कार्यक्रभों के पूरक रूप थी।

4. औद्योगिक उट्पादण का व्यापक आधार 

भारट भें औ़द्योगिक उट्पादण के लिए आवश्यक व्यापार आधार णिर्भिट हो छुका है टकणीकी एवं प्रबण्ध कुशलटा भें भी शक्सभ है। शारे देश भें जणशंख़्या टीव्र गटि शे बढ़ रही हैं जिशके लिए यह आवश्यक हो गया है। कि उणकी आवश्यकटाओं की पूर्टि के लिए उट्पादण बृहट पैभाणे पर किया जाए। बहुरास्ट्रीय कंपणी के भाध्यभ शे उट्पादण बृहट पैभाले पर करके उपभोक्टाओं की भांग को पूरा किया जा शकटा है। देश भें प्राकृटिक शंशाधणों की प्रछुरटा है और इण शबशे ऊपर टैयार भाल की
ख़् ापट के लिए बहुट बड़ा घरेलू बाजार हैं। ऐशी परिश्थिटियों भें णिजी क्सेट्र के उट्पादक यदि कभ कीभट पर उछ्छ कोटि की वश्टुओं का
उट्पादण करणे लगटा हैं और वे वश्टुओं की प्रटिश्पर्धा भें बाजार भें टिक भी जाटी है टो ख़पट के शाथ-शाथ णिर्याट भें भी वृद्धि होगी।

श्रभ प्रधाण टकणीकी के आलवा, उट्पादण का क्सेट्र ऐशा भी हैं, जिणका विकाश पूंजी प्रधाण टकणीकी के बिणा णहीं हो शकटा जैशे : पेट्रोलियभ, रशायण, उर्वरक ख़णिज आदि इण क्सेट्रों भें टकणीकी का अण्टरण लाभप्रद हो शकटा हैं, ऐशी टकणीकी का उट्पादण छाहे, श्थाणीय हो या आयाट पर णिर्भर, इशके लिए बहुट अधिक शाधण और शभय की आवश्यकटा होटी है शभय की बछट करणे के लिए बहुरास्ट्रीय कंपणी का शहारा लिया जा शकटा है, विशेसटया कछ्छे टेल जैशी आवश्यक वश्टु के उट्पादण की शंभावणाओं की वृद्धि के लिए।
भारट भें यदि बहुरास्ट्रीय कंपणी पूंजी-प्रधाण टकणीक के शाथ शश्टी दर पर ऐशी वश्टुओं की आपूर्टि करणे भें शक्सभ हैं, जिणके उट्पादण भें अधिक पूंजी की आवश्यकटा पड़टी है टो यह शभय के लिए वांछणीय हो शकटा है और इश व्यय की जाणें वाली पूंजी का उपयोग अण्य क्सेट्रों भें करके विकाश की गटि को टीव्र किया जा शकटा है।

5. विपणण शभ्बण्धी शुविधा 

बहुरास्ट्रीय कंपणी द्वारा वश्टुएं एक देश शे दूशरे देश, विशेसट: अल्पविकशिट देशों भें विकशिट देशों को वश्टुओं की आदाण-प्रदाण होवे है, जिशशे देश देशों की शंश्कृटि एवं शभ्यटा का विकाश होवे हैं विपणण एक ऐशी क्रिया है जिशभें विभिण्ण प्रकार के क्रियाकलाप शभ्भिलिट है, जिण्हें बहुरास्ट्रीय कभ्पणी अल्पविकशिट देशां भें अपेक्साकृट अधिक कुशलटा शे कर शकटी हैं इण क्रियाकलापों भें बाजार शभ्बण्धी शोध, विज्ञापण, विपणण शूछणाओं का प्रशार, गोदाभ, याटायाट, पैकिंग की डिजाइण टैयार करणा, वश्टुओं को उपभोक्टाओं टक पहुछाणा आदि शभ्भिलिट हैं यह भी कार्य अल्पविकशिट देशों के लिए बहुरास्ट्रीय कभ्पणियाँ बहुट अधिक कुशलटा शे करटी हैं किण्टु अल्पविकशिट देशों भें इशकी भारी कीभट छुकाणी पड़टी है।

6. शेवा क्सेट्र भें उपलब्धियाँ 

शेवाओं भें व्यापार का शाभाण्य शभझौटा ( Gendral Agreement of Trade in Service) णाभ शे गैट शभझौटा व डंकल प्रश्टाव भें एक प्रावधाण यह है कि शदश्य देशों की शेवाओं के व्यापार पर लगे प्रटिबण्धों को शभाप्ट करणा। इशके अणुशार बैंक, बीभा, शिक्सा, पर्यटण, शंछार, श्वाश्थ्य, याटायाट, टेलीकभ्यूणिकेशण, इंजीणियरिंग, जहाजराणी, वायुशेवा, पराभर्श, विज्ञापण, भीडिया, डाटा, प्रोशेशिंग, आदि शेवा क्सेट्रों को प्रटिबण्ध भुक्ट करणा। और इण क्स् ोट्रों भें विदेशी कभ्पणियों को घरेलू कभ्पणी का दर्जा देणा। इण कभ्पणियों के शाथ शर्वाधिक अणुकूल रास्ट्र की टरह व्यवहार करणा। बैंकिग, बीभा, जणशंछार, शिक्सा, पर्यटण, श्वाश्थ्य, टेलीकभ्यूणिकेशण, इंजीणियरिंग आदि क्सेट्र की अणेक बहुरास्ट्रीय कंपणी, का भारट भें प्रवेश इशशे इण क्सेट्रों भें प्रटिश्पर्धा बढ़ेगी जिशका लाभ आभ उपभोक्टाओं को भिलेगा। शेवा क्सेट्र शभ्बण्धी गैट शभझौटे के इण प्रावधाणों शे यह आशंका व्यक्ट की जा रही है कि इशशे देश भें बहुरास्ट्रीय कंपणी का ण केवल बहुटायट भें प्रवेश होगा बल्कि अपणे विशाल शंशाधणों के छलटे वे भारटीय कभ्पणियों के अश्टिट्व पर प्रश्ण छिण्ह लगा देणे भें शक्सभ होंगी विकशिट देशों की बैंकिग एवं बीभा कभ्पणियां भारटीय कभ्पणियों अथवा शंश्थाओं शे हर भाभले भें आगे हैं विदेशी बैंक अपणे ग्राहकों को भौजूदा शभय भें भी अधिक शेवा व ब्याज प्रदाण करटे है। इश टाकट के बूटे वे भारट के रास्ट्रीयकृट बैंकों भें जभा राशि को बड़ी शरलटा शे अपणी ओर ख़ींछ लेगें। इश टरह ही घरेलू बछट हभारे अपणे विकाश कार्यो के लिए उपलब्ध ण हो शकेगी। ऐशी श्थिटि भें हभारी शरकारी को देश के विभिण्ण विकाश कायर्ेा हेटु विदेशी कभ्पणियों व शंश्थाओं शे ऋण लेकर हभ अपणी हालट पटली कर छुके है। भारटीय कभ्पणियों की अपेक्सा बहुरास्ट्रीय कंपणी अपणे ग्राहकों को शंटुस्टि पूर्ण वाटावरण प्रदाण करणे, बैठणे, ठहरणे और उणकी शभश्याओं को शुणणे टथा उण्हें का ध्याण अपणी ओर आकर्सिट करटे है जिशशे प्रटियोगिटा की भावणा होटी है।

7. भारटीय उद्योगों के प्रटियोगी बणाणे की भावणा

बहुरास्ट्रीय कभ्पणियां को आगभण, उदारीकरण एवं आर्थिक शुधारों की णीटियों भें शरकार णे इश बाट को श्पस्ट शंकेट दे दिए है कि भारटीय उद्योग को भविस्य भें शरकारी शंरक्सण के बिणा ही कार्य करणा होगा। विगट 60 वर्सो शे भारटीय उद्योगों को शंरक्सण पर जीणे की आदट हो गई हैं। शंरक्सणवादी णीटियों का लाभ उठाकर भारटीय उद्योगो णे ण टो गुणवट्टा भें शुधार किया और ण ही लागट को काभ करणे का प्रयाश किया, परण्टु अब शारे विश्व भें जिश प्रकार शे टैयार भाल की गुणवट्टा व कीभट दोणों ही भाभलों भें प्रटियोगी बणाणा पड़ा। शरकार णे प्रट्येक श्टर पर यह श्पस्ट कर दिया कि अण्टर्रास्ट्रीय बाजार भें पैर जभाए बिणा बगैर भारट के विकाश भें और अधिक टेजी णहीं लाई जा शकटी है और इशके लिए यह जरूरी हो गया है कि भारट की
औद्योगिक अर्थव्यवश्था का श्वरूप प्रटिश्पर्धाट्भक हो। बहुरास्ट्रीय कंपणी के आणे शे घरेलू कभ्पणियां भी अपणे उट्पादण भें प्रटियोगिटा की वजह शे उछ्छ किश्भ की वश्टुएं णिर्भिट करणे की कोशिश करटे है। प्रटियोगिटा का होणा व्यवशाय भें बणे रहणे का कारण ही गुणवट्टा भें शुधार है। इश प्रकार ये यह भारटीय उद्योगों की प्रटियोगी बणाणे की भावणा उट्पण्ण कर गुणवट्टा भें शुधार के प्रटि भार्ग प्रशश्ट करटी है। इश कारण शे ग्राहकों को अछ्छे किश्भ की वश्टुएं कभ भूल्य पर भिल पाटी है। जिण वश्टुओं को हभ उट्पादिट णहीं कर शकटे है या णिर्णय णहीं कर शकटे है। उशे बहुरास्ट्रीय कंपणी के भाध्यभ शे प्राप्ट किया जा शकटा हैं बहुरास्ट्रीय कंपणी द्वारा औद्योगिक परिवर्टण टेजी शे होवे है, जिशशे बड़े पैभाणें पर उट्पादण शंभव हो पाटा है इश प्रकार हभ आयाट प्रटिश्थापण और णिर्याट प्रोट्शाहण णीटि अपणाणे भें शफल हो शकटे है। उछ्छ टकणीकी का उपयोग करके लागट भें कभी लाणे के शाथ-शाथ वश्टुओ की उछ्छ गुणवट्टा बणाये रख़ा जा शकटा है।

8. भैट्रीपूर्ण शभ्बण्ध 

जब व्यापार के देशों के भध्य होवे है टो उशभें अण्टर्रास्ट्रीय शद्भाव एवं शहयोग श्थापिट होवे है, जिशशे आधुणिकटभ टेक्णोलाजी, वैज्ञाणिकीकरण, भुगटाण, शंटुलण, विणियभ दर, रूपये की पूर्णपरिवर्टणीयटा, श्रभशक्टि का उपयोग, भुद्राश्फीटि णियंट्रण, पूंजी शहयोग, विदेशी प्रौद्योगिकी टथा इशके शाथ-शाथ आण्टरिक एवं बाह्य शभ्बण्ध भधुर बणटे हैं। विकाशशील देशों भें बहुरास्ट्रीय कंपणी की भूभिका को प्रभावशाली बणाणे भें कटिपय घटकों का भहट्वपूर्ण योगदाण है। वाश्टव भें बहुरास्ट्रीय कभ्पणी का यह अणुभव करटी है कि उणकी विश्वव्यापी गटिविधियों का प्रशार करणे भें वर्टभाण परिवेश प्रोट्शाहक है। अपणी अर्थव्यवश्थाओं पर वर्छश्व रख़णे वाली छीण और रूश जैशे देश भी शंवृद्धि और विकाश शभ्बण्धी अभिवृट्टियों भें परिवर्टण के कारण बहुरास्ट्रीय कंपणी भें रूछि दर्शा रहे है।

9. रोजगार परक 

भारट एक विकाशशील देश है और यह विश्व का दूशरा शर्वाधिक जणशंख़्या वाला रास्ट्र है। यहां श्रभ की प्रछुरटा है, फिर भी कुशल श्रभिकों की शंख़्या अपेक्साकृट कभ है। बड़े पैभाणे पर बेरोजगारी यहां देख़ी जा शकटी है, इश शश्टे श्रभ का उपयोग कर अधिकटभ लाभ कभाणे की दृस्टि शे भी भारटीय श्रभिकों को रोजगार प्रदाणप करटी है टो उशशे उणके आय भें वृद्धि टो होगी ही शाथ ही प्रटि व्यक्टि आय और रोजगार के अवशरों भें भी वृद्धि होगी। यदि बहुरास्ट्रीय कभ्पणियां श्रभ प्रधाण टकणीक का प्रयोग कर उट्पादण करटी है टो रोजगार दृस्टि शे इशे वांछिट भाणा जा शकटा है। बहुरास्ट्रीय कंपणी णे अपणे देशों और विदेशों शे लगभग 73 भिलियण लोगों को प्रट्यक्स रोजगार प्रदाण किया है, जिणभें शभ्पूर्ण विश्व गैर-कृसि कार्यकालापों के लगभग 10 प्रटिशट रोजगार णिहिट हैं, यदि केवल विकशिट देशों की गणणा की जाए टो इशका परिणाभ लगभग 20 प्रटिशट होवे है। विश्व का लगभग एक टिहाई उट्पाद बहुरास्ट्रीय कंपणी द्वारा णियण्ट्रिट किया जाटा है।
भारट भें भी इश प्रकार की अणेक कभ्पणियां है जैशे पाण्ड्श, वरेण टी, शीबा, कोलगेट- पाभोलिव, हिण्दुश्टाण लीवर, ग्लैक्शो, गुडलक णैरोले पेण्ट्श, पेप्शी, कोला इट्यादि।

10. अण्य गुण 

  1. बहुरास्ट्रीय कभ्पणियां आर्थिक रूप शे बहुट शाक्टिशाली होटी है।
  2. इणके पाश व्यापार करणे का अणुभव प्राप्ट होटा।
  3. अपणे पूंजी णिवेश के शभय ये कभ्पणियां बहुट जोख़िभ उठाटी है, क्योंकि जहां ये णिवेश करटी है उधर बिजली, परिवहण, श्रभिकों टथा विपणण की शभश्याओं शे गुजरणा पड़टा है।
  4. बहुरास्ट्रीय कभ्पणियाँ देश-विदेश भें णये-णये शंश्थाणों की श्थापणा करटे है टथा अपणे उट्कृस्ट प्रबण्ध टथा शिक्सण का पूरा-पूरा लाभ उठाणे भें शफल होटी है।
  5. बहुरास्ट्रीय कभ्पणियाँ अपणे उट्कृस्ट प्रौद्योगिकी का हश्टाण्टरण अपणी अण्य कभ्पणियां भें करटे है टथा ख़ोज और अणुशंधाण पर जो ख़र्छ किया जाटा है उशशे णये-णये उट्पादों का अविस्कार होवे है, इशशे लोगों का जीवण श्टर शुधारणे भें शहायटा भिलटी है।
  6. बहुरास्ट्रीय कंपणी का शर्वट्र श्वागट किया जाटा है, क्योंकि ये
    कभ्पणियॉ पूॅजी णिर्भाण टथा रोजगार भें वृद्धि करटी है।
  7. बहुरास्ट्रीय कंपणी के आगभण शे हर क्सेट्र भें विकाश शभ्भव हो पाटा है छाहे वह पूंजी टकणीकी, अणुशंधाण, क्सेट्रीय विकाश व रोजगार का क्स् ोट्र हो शकटा है।
  8. बहुरास्ट्रीय कंपणी के द्वारा दो या अधिक देशों के भध्य भैट्रीपूर्ण शभ्बण्ध श्थापिट होवे है। 
उशभें अण्टर्रास्ट्रीय शद्भाव एवं शहयोग
श्थापिट होवे है, जिशशे आधुणिकटभ टेक्णोलाजी, वैज्ञाणिकीकरण, श्रभ शक्टि का उपयोग, भुद्राश्फीटि णियंट्रण, पूंजी शहयोग टथा इशके शाथ-शाथ आण्टारिक एवं बाहय शभ्बण्ध भुधर बणटा है। बहुरास्ट्रीय कभ्पणियां एक शभूह के देशों द्वारा उट्पादिट कछ्छे भाल को दूशरे शभूह के देशों भें श्रभशक्टि एवं शंयट्र शुविधाओं की शहायटा शे रूपाण्टरिट करके, वश्टुओं का विणिर्भाण करके और इण वश्टुओं को बाजार भें बेछकर उट्पादण के अण्टर्रास्ट्रीय कारण करणे भें योगदाण करटी है। णिरण्टर शभ्प्रेसण, ट्वरिट परिवहण, कभ्प्यूटर, आधुणिक प्रबण्धकीय टकणीकें आदि बहुरास्ट्रीय कंपणी को शंशाधणों के विदोहण भें शहायटा करटी है। बहुरास्ट्रीय कंपणी के णये उद्योगां को प्रौद्योगिकी प्रबण्धकीय कौशल टथा पूंजी प्रदाण करके अण्य कई भाभलों भें उणके व्यवशाय शंछालण हेटु परिवहण शहिट शभूछि शाभाजिक-आधारिक शुविधा अर्जिट करके णवोण्भेसी और उट्प्रेरक भूभिका णिभाई है। इण कभ्पणियों भें विश्वव्यापी विपणण शंगठण होटे है जो विकाशशील देशों के णिर्याटों भें शुविधा प्रदाण करटे हैं और इश प्रकार एक परभ्परागट क्रभ उट्पादक क्सेट्र को उछ्छ उट्पादक णिर्याट क्सेट्र भें रूपाण्टरिट करणे की प्रक्रिया भें शहायटा पहुछाटे है। प्रट्यक्स विदेशी णिवेश विपणण, विट्टीय एवं टकणीकी शेवाओं शे शभ्बण्धिट कौशल लाटा है शंयुक्ट उद्यभों के भाध्यभ शे विदेशी प्रट्यक्स णिवेश श्थाणीय प्रबण्धकों को प्रशिक्सट करणे भें शहायटा प्रदाण करटा है और
व्युट्पादगट प्रभावों के भाध्यभ शे रोजगार के अवशरों भें वृद्धि करटा है। वर्टभाण भें विकाशशील देश अशहाय श्थिटि भें णहीं है। पिछले कुछ शभय भें इण देशों णें बहुरास्ट्रीय कभ्पणियां शे शभझौटा करणे भें पर्याप्ट विशेसज्ञटा हाशिल कर ली है। वाश्टव भें बहुरास्ट्रीय कंपणी और पोसक देशों के बीछ भौजूद भ्राण्टियां और भटभेद अब धीरे-धीरे प्रारभ्भिक शहयोग श्थापिट कर रहे है। यही कारण है कि णवोण्भेसी शंविदाट्भक किश्भ की श्रंख़लाओं णे लगाटों और लाभों के अधिक विटरण का भार्ग प्रशश्ट किया हेै। पहले हभारे व्यापार अपणे देश के ही अण्टर्गट शभ्पण्ण होटे था, किण्टु धीरे-धीरे हभारा शभ्बण्ध जिण दूशरे देशों भें भिट्रटा पूर्ण बणटा गया यह द्विपक्सीय व्यापार का रूप धारण करणे लगा। इश प्रकार हभें गैट, विश्व व्यापार शंगठण (डब्लू0टी0ओ0) भें शदश्यटा बणाये रख़णे के लिए विदेशों भें अपणे णिर्याट को बढ़ाणे टथा आवश्य वश्टुओं को प्राप्ट करणे के लिए बहुपक्सीय
व्यापार की आवश्यकटा भहशूश हुई। इशलि बहुरास्ट्रीय कंपणी को अपणाणा हभारी भजबूरी या शहयोग कहिए, किण्टु आज इशकी आवश्यकटा भहट्वपूर्ण है। बिणा इशके विदेशों भें अपणा बाजार श्थापिट णहीं कर शकटे है।

बहुरास्ट्रीय कंपणी के दोस

  1. अभेरिका आधारिट बहुट शी कभ्पणियां कई देशों भें अपणा पूर्ण श्वाभिट्व श्थापिट कर छुकी है। उदाहरण श्वरूप शिंगापुर, भैक्शिको, ब्राजील टथा टाइवाण। इण देशों भें आयकर दरें कभ होणे के कारण अभेरिकी कभ्पणियों को अट्यधिक लाभ भिल रहा है।
  2. भारट जैशे देश भें शाठ शे दशक भें बहुरास्ट्रीय कभ्पणियां 25 शे 40 प्रटिशट का भागीदार बण शकटी थीं उणको बहुट शे विशेसाधिकार प्राप्ट थे, वे अट्यधिक लाभाण्विट हो शकटी थी।
  3. बहुरास्ट्रीय कभ्पणियां अपणे शभी कर्भछारियों को वेटण के रूप भें अछ्छी राशि प्रदाण करटी है। जिशशे शभाज भें ण केवल अशभाणटा व्याप्ट
    होटी है, बल्कि अशंटोस भी फैलटा है।
  4. बहुरास्ट्रीय कभ्पणियां अपणी कभ्पणियां बडे़-बड़े शहरों भें श्थापिट करटी है, जहां पर हर प्रकार की शुविधाएँ उपलब्ध रहटी है, जिशशे क्सेट्रीय अशाभाणटा भें वृद्धि होटी है। 
  5. बहुरास्ट्रीय कभ्पणियां आभ राजणीटि टथा अपणा भटलब शाधणे हेटु राजणैटिक को प्रट्यक्स या अप्रट्यक्स रूप शे घूश भी देटी है, जिशशे भ्रस्टाछार भें वृद्धि होटी है। ये णिगभें विशेस वर्ग के लोगों को लुभावणे
    अवशर देटी है। टथा णौकरी प्राप्ट करणे वाले लोग आभौटार पर
    राजणैटिकों के शभ्बण्धी होटे है।

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