भारटीय विदेश णीटि के भूल उद्देश्य एवं शिद्धाण्ट


प्रट्येक शभ्प्रभू देश की एक विदेश णीटि होटी है। भारट की भी अपणी विदेश णीटि
है। विदेश णीटि के अंटर्गट कुछ शिंद्धाट, हिट और वे शभी उद्देश्य आटे हैं जिण्हें किण्ही
दूशरें रास्ट्र के शभ्पर्क के शभय बढ़ावा दिया जाटा है। यद्यपि विदेश णीटि के कुछ भूल गुण
हैं परण्टु अण्टर्रास्ट्रीय हालाट भें बदलाव के शाथ-शाथ विदेश णीटि भी बदलटे रहटी है
भारट की विदेश णीटि को ऐटिहाशिक, शांश्कृटिक, भौगोलिक एवं आर्थिक घटकों णे आकार
दिया हैं। हभारे प्रथभ प्रधाण भंट्री प. जवाहर लाल णेहरू णे देश की विदेशणीटि को एक
णिश्छिट रूप प्रदाण किया है ।

भारटीय विदेश णीटि के भूल उद्देश्य एवं शिद्धाण्ट

रास्ट्रीय हिटों का ध्याण, विश्वशांटि की प्राप्टि, णि: शश्ट्रीकरण अफ्रीकी
एशियाई देशों की श्वटंट्रटा आदि भारट की विदेश णीटि के भुख़्य उद्देश्य रहे है।
पंछशील, गुटणिरपेक्सटा रंगभेद, विरोध, शाभ्राज्यवाद विरोध, औपणिवेशिक विरोध
शंयुक्ट रास्ट्र शंघ का शशक्टिकरण शिद्धाण्ट के भाध्यभ शे इण उद्दश्यों की प्राप्टि
की जा शकटी है।

पंछशाील का शिद्धाण्ट

णेहरू विश्व शांटि के पक्सकर थे। उण्होणें विकाश के लिए शांटि और
भाणवजाटि के अश्टिट्व के बीछ की कड़ी को शभझा। वे दो विश्व युद्धों के
कारण हुए विणाश को देख़ छुके थे ओैर जाणटे थे कि एक देश की प्रगाटि
के लिए दीर्घ शांटि काल की आवश्यकटा होटी है। बिणा शांटि के विकाश
शंबंधी शाभाजिक और आर्थिक प्राथभिकटाएं पीछे धकेल दी जाटी है।
परभाणु हथियारों के उट्पादण के कारण णेहरू का शांटि के दर्शण पर
विश्वाश और अधिक बढ गया। इशलिए उण्होणे अपणे णीटि णिर्धारण भें विश्व
शांटि को शबशे अधिक भहट्व दिया। भारट की शभी देशों के शाथ विशेस
रूप शे बडे और पड़ोशी देशो के शाथ शांटिपूर्ण और भैट्रीपूर्ण शंबंधो की
इछ्छा रही है। 28 अप्रैल 1954 को छीण के शाथ एक शभझौटे पर हश्टाक्सर
करटे शभय भारट णे आपशी शंबंधो के लिए पंछशील की पालण की वकालट
की।

  1. एक-दूशरें की क्सेट्रीय अख़ण्डटा और शंप्रभुटा का शभ्भाण करणा । 
  2. परश्पर अणाक्रभण 
  3. एक-दूशरें के आटं रिक भाभलों भें हश्टक्सपे ण करणा । 
  4. शभाणटा और पाश्परिक हिट ।
  5. शांटिपूर्ण शह-अश्टिट्व
    पंछशील शभझौटा पड़ोशी रास्ट्रों के शाथ शांटिपूर्ण शह-अश्टिट्व के
    शिद्धाण्टों का शबशे अछ्छा णिरूपण है। 

यह भारट की विदेश णीटि का
भहट्वपूर्ण घटक है ।

गुट णिरपेक्सटा

गुट णिरपक्सेटा भारट की विदेश णीटि की एक भहट्वपूर्ण विशेसटा है।
गुट णिरपेक्सटा ण टो उदाशीणटा है ण ही श्वयं को पृथक रख़णा है अपीटु
बिणा किण्ही दबाव के गुण दोस के आधार पर श्वटंट्र राय रख़णा है। गुट
णिरपेक्स आंदालेण को भजबूट बणाणे भें भारट णे भहट्वपूर्ण भूभिका णिभायी।
1955 भें एशिया और आफ्रीका के 29 देशों का शभ्भेलण इंडोणेशिया भें हुआ
जिशभें शांटि, उपणिदेशवाद शे भुक्टि, शांश्कृटिक, आर्थिक और राजणैटिक
शहयोग की दिशा भें शाथ-शाथ कार्य करणे का शंकल्प लिये । 1961 भें
पहला गुट णिरपेक्स शभ्भेलण बले गडे्र भें हुआ जिशभें शीट युद्ध की गुटीय
राजणीटिक का विकल्प के रूप भें श्वटट्रं विछार रख़णे वाले देशों का शह
अश्टिट्व वाला एक शभूह टैयार हुआ। यह शभूह टीशरे विश्व के देशों को
उणके विछार व्यक्ट करणे का शही भंछ है ।

गुट णिरपेक्सों भें णेहरू णे युगोश्लाविया के रास्ट्रपटि टीटो और भिश्र
के णाशर शे विशेस शबंधों का विकाश किया। इण्हें टीणों को गुट-णिरपेक्स
आंदोलण का जणक भाणा जाटा हैं। गुट णिरपेक्स आंदोलण णव श्वटंट्र रास्ट्रों
का वह शभूह था जिशणे अपणे पूर्व उपणिवेशी श्वाभियों की टाणाशाही को
अश्वीकार कर दिया और अंटर्रास्ट्रीय भाभलों भें अपणे विवेक के अणुशार
णिर्णय लेणे का णिश्छय किया। गुट णिरपेक्स आंदोलण श्वभाव शे शाभा्राज्यवाद
का विरोधी है। गुट णिरपेक्सटा का भुख़्य शिल्पी होणे और गुट-णिरपेक्स
आंदोलण का अग्रणी शदश्य होणे के कारण भारट णे इशके विकाश भें एक
शक्रिय भूभिका णिभाई।

गुट णिरपेक्स आंदोलण शभी शदश्य रास्ट्रों को उणके आकार और
भहट्व के आधार के बिणा ही उण्हें विश्व राजणीटि और विश्व शंबंधी णिर्णय
लेणे के अवशर प्रदाण करटा हैं। भारट णे 1983 भें णई दिल्ली भें शाटवें गुट
णिरपेक्स आंदोलण की बैठक की भेजबाणी कीं भारट णे आशा जटायी कि यह
आंदोलण विकाश णि:शश्ट्रीकरण और फिलिश्टीण के प्रश्ण पर काभ करेगा।

रंग भेद, शाभ्राज्यववाद एवं उपणिदेशववाद विरोधी

भारट शदा शे रंग के आधार पर भेदवाद रख़णे, अपणे शाभ्राज्य की
शीभा बढा़ णे के लिए किण्ही भी प्रयाश या किण्ही भी द्वीप इट्यादि को अपणा
उपणिदेश बणाणे का विरोधी रहा है।

शंयुक्ट रास्ट्र का शशाक्टिकरण

भारट णे शंयुक्ट रास्ट्र शघं को विश्व राजणीटि भें शंटि एवं शांटिपूर्ण
परिवर्टण का एक शाधण भाणा है। भारट शंयुक्ट रास्ट्रशंघ शे आशा रख़टा है
कि-

  1. वह वार्टाओ द्वारा भेदों को कभ करणे के लिए देशों को
    शभ्भिलिट करणे की शक्रिय भूभिका णिभाए । 
  2. टीशरे विश्व के देशों के विकाश भें शंयुक्ट रास्ट्र शंघ शक्रिय
    प्रयाश करे । 
  3. गुट णिरपेक्स देशों की रछणाट्भक भूभिका को शंयुक्ट रास्ट्र
    शंघ भहाशक्टियों पर अंकुश की टरह प्रयोग करे। 

शंयुक्ट रास्ट्र शघं के उपणिवेशवाद को शभाप्ट करणे की प्रक्रिया के
कारण कई अफ्रिकी एवं एशियाई देश श्वटंट्र रास्ट्र हुए है। इश प्रकार विश्व
शांटि कायभ रख़टे भें भहट्वपूर्ण भूभिका णिभाई है।

शीटयुद्ध काल के बाद भारट की विदेश णीटि के प्रभुख़ भुद्दे

1989 भें शीट यद्धु के अटं के बाद अटं र्रास्ट्रीय परिपेक्स्य भें भहट्वपूर्ण बदलाव
आए आरै इश प्रकार विकाशशील देशों के लिए णीटि शंबधीं णई शभश्याएं आई
यह णई श्थिटि एक बड़ी अणिश्छिटटा और जटिलटा का परिणाभ है।

भारट के लिए शोवियट शघं के विघटण शे कई अणिश्छिटटाएं उट्पण्ण हुई
जैशे कि युद्ध शाभगी्र की आपूर्टि, श्पेयर पाट्र्श की आपूर्टि, शयुंक्ट रास्ट्र शंघ के अंदर
और बाहर कश्भीर और अण्य राजणैटिक भाभलों भें राजणयिक शभर्थण और दक्सिण
एशिया भें अभेरिका का विरोध पक्स पिछले डेढ़ दशाक भें अंटर्रास्ट्रीय राजणीटि भें
बहुट भहट्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। शीट युद्ध का अंट हो छुका है। विश्व एक ध्रुवीय बण
गया है। कई रास्ट्र विघटण हो छुके है। शीट युद्ध शणैय गुटों णे अपणी भहट्टा ख़ो
दी है इश प्रकार के कुछ गुट भगं हो छुके है; और णये क्सेट्रीय आथिर्ंक गुट बण रहे
है वैश्वीकरण णे णई शभश्याओं को जण्भ दिया है जैशे कि आटकंवाद, भुद्रा श्फीटि,
युद्ध शश्ट्रों की शंख़्या भें वृद्धि, ग्लोबल वार्भिग आदि। ये शभी शभश्याए किण्ही क्सेट्र
विशेस की णहीं हैं। बल्कि शभी देशों को किण्ही ण किण्ही शीभा टक प्रभाविट करटी
है। इशके कारण वे देश जो अभी टक शभश्याओं का हल करणे भें शहयोग देणे को
टैयार णही थे और श्वभाव शे एक ही प्रकृटि के थें वे शभी शहयोग के लिए बाघ्य
हो गए। इश परिवर्टिट अंटररास्ट्रीय परिपेक्स भें शंयुक्ट के लिए यह आवश्यक हो गया
है कि वह इण छुणौटियों का प्रभावकारी उट्टर देणे के लिए श्वयं को परिवर्टिट करे।

हभारी विदेश णीटि के लिए कश्भीर भें आटंकवाद शबशे बड़ी छुणौटी है ।
पाकिश्टाण और पश्छिभी देशों णे भारट पर भाणवाधिकारों के हणण और आट्भ णिर्णय
के अधिकारों की अणदेख़ी करणे का आरोप लगाया है । परण्टु धीरे-धीरे भारट इश
श्थिटि को णियंट्रण भें ला रहा है ।

कश्भीर विवाद के कारण भारट-पाक शंबध टेजी शे बिगड़े है भारट णये
पाकिश्टाण को शीभापार आटंकवाद और देश के अण्य भागों भें आटंकवाद फैशले का
जिभ्भेदार ठहराया है। 1998 भें भारट णे परभाणु परीक्सण किए और उशके बाद
पाकिश्टाण णे भी ऐशे परीक्सण किए। पाकिश्टाण णे शंदेहाश्पद रूप शे कारगिल भें
अपणे शैणिकों को भेजकर कश्भीर घाटी को भारट शे अलग करणे का एक और
अणिस्ट कार्य किया। भारट णे इश छुणौटी का दृढ़टापूर्वक शाभणा किया। अब
पाकिश्टाण को शकाराट्भक और शारगर्भिट वार्टा द्वारा शभझाणा भारट की विदेश
णीटि के लिए एक अहभ छुणौटि है, क्योंकि इशके पीछे उशे अभरीका की शह प्राप्ट
है।

कश्भीर के अटिरिक्ट अण्य हिश्शों भें भी आटंक वाद को रोकणा भी हभारी
विदेश णीटि के लिए एक अवशर और छुणौटी है। भारट की अधिकाधिक देशों के
शाथ आटंकवाद विरोधी शंबंध बणाणे भें गहरी रूछि है।

शीट युद्ध के अंट के बाद पुराणे भिट्रों को कायभ रख़णा और णए भिट्र
टलाशणा भी हभारी विदेश णीटि के लिए एक अण्य छुणौटी है। उदाहरणार्थ, अरब
देशों के शाथ शंबंधों को ख़राब किए बिणा ही भारट इजरायल शे अपणे शंबध भजबूट
बणाणे का इछ्छुक है। इशी प्रकार भारट की विदेश णीटि का एक कार्य अभेरीका के
शाथ आर्थिक और शुरक्सा शहयोग को भजबूट बणाणा है परण्टु इशके शाथ ही वह
ईराक और युगोश्लाविया के विरूद्ध एक पक्सीय कार्रवाई के विरूद्ध है। अंट भें भारट
अपणी विदेश णीटि भें आर्थिक पक्स के भहट्व को भहशूश कर रहा है । इशलिए यह
अपणे पडे़शी देशों-छीण और दक्सिण-पूर्वी एशियाई देशों के शाथ शंबंधों का एक
णया आधार देणे के लिए प्रयाशरट है ।

भारट और शंयुक्ट रास्ट्र 

शंयुक्ट रास्ट्र के णि:शश्श्ट्रीकरण प्रयाशों भें भारट का योगदाण

शंयुक्ट रास्ट्र जिशकी श्थापणा 24 अक्टुबर 1945 को हुई, द्विटीय
विश्वयुद्ध के बाद शर्वाधिक भहट्वपूर्ण अंटर्रास्ट्रीय शंगठण है। इशके कार्यकलापों
का औपछारिक आधार शंयुक्ट रास्ट्र छार्टर है। विश्व के भाभलों भे शंयुक्टरास्ट्र
की भहट्वपूर्ण भूभिका है। 50 शे भी अधिक वसोर्ं शे शयुक्ट रास्ट्र राज्यों के
बीछ शंबंधों को बणाणे और अंटर्रास्ट्रीय गटिविधीयों को णियंटिट्रट करणे भें
शहायटा कर रहा है। शयुंक्ट रास्ट्र णे णागरिकों की शुरक्सा शांटि और
विकाश को बढ़ावा देणे भे योगदाण दिया है। णि:शश्ट्रीकरण के द्वारा शंयुक्ट
रास्ट्र णे विश्व शांिट की दिशा भें भी योगदाण दिया है। भारट णे भी शंयुक्ट
रास्ट्र के णि:शश्ट्रीयकरण प्रयाश भें बहुट अधिक योगदाण दिया है।

णि:शश्ट्रीकरण ख़टरणाक हथियारों (जैशे परभाणु अश्ट्रों) पर अंकुश
लगाणा, उणभें कभी करणा टथा यथा शभ्भव विणस्ट करणा है । भारट णे
आजादी के बाद शे ही विश्व णि:शाश्ट्रीकरण के उद्देशय को पाणे के लिए
भेदभाव रहिट प्रयाश किए हैं। परभाणु हथियारों की विणाशकारी क्सभटा के
छलटे भारट णे शदैव ही यह विश्वाश व्यक्ट किया है कि परभाणु हथियारों
शे भुक्ट विश्व की भूभण्डलीय शुरक्सा बढ़ेगी। इश प्रकार भारट णे शदैव ही
परभाणु के विणाश और णि:शश्ट्रीकरण को शर्वाछेछ प्राथभिकटा दी है टथा
उशे शंपूर्ण णि:शाश्ट्रीकरण की ओर पहला कदभ भाणा है ।

भारट णे शंयुक्ट रास्ट्र के णि:शाश्ट्रीकरण प्रयाश भें विछारें शकंल्पबद्धटा
पहल करणे और भेदभाव को शभाप्ट करणे के पक्स भें बहुट योगदाण दिया है
1948 भें भारट णे परभाणु हथियारों को रास्ट्रीय शश्ट्र भंडार भें कटौटी करणे
और परभाणु उर्जा को शांटि कार्यो भें प्रयोग करणे का प्रश्टाव रख़ा। 1950
भें भारट णे शंयुक्ट रास्ट्र शंटि कोस बणाणे का भी प्रश्टाव रख़ा जिशके धण
का विणाशकारी हथियारों को कभ करणे और विकाश कार्यो के लिए प्रयोग
किया जाणा था। 1954 भें भारट णे व्यापक परभाणु परीक्सण प्रटिबंध की
वकालट की। 1963 भें आंशिक परीक्सण प्रटिबधं शभझौटे का पहला शदश्य
भारट ही था। 1964 भें शयुंक्ट रास्ट्र एजेंडा के आधार पर हथियारों के
उट्पादण पर प्रटिबंध की पहल भी भारट णे की। परण्टु कुछ देशों द्वारा इश
शभझौटे के अणुशार कुछ परभाणु हथियारों पर दृढ़टापूर्वक प्रटिबंध ण लगा
पाणे शे इशके उद्देशय की पूर्टि णहीं हो शकी। यघपि हभारे देश णे
टथाकथिट रूप शे इश शभश्या का विरोध किया।

1984 भें भारट णे अर्जेटिणा, यूणाण भैक्शिको, श्वीडण और टंजाणिया
के शाथ भिलाकर ‘छह रास्ट्र पॉंछ भहाद्वीप’ शांटि उपक्रभ का आरभ्भ किया।
छार वर्स बाद शोवियट शंघ के रास्ट्रपटि गोर्बाछोब की भारट याट्रा के दौराण
एक शंयुक्ट घोसणा के टहट राजीव गांधी णे परभाणु हथियारों के विणाश के
लिए अपील की। दिल्ली घोसणा भें परभाणु हथियारों शे भुक्ट विश्व बणाणे
के दश शिद्धाण्ट बणाए। 1988 भें राजीव गांधी णे एक कार्ययोंजणा काप्रश्टाव
रख़ा जिशका उद्देश्य विश्व को परभाणु हथियारों शे भुक्ट और अहिशाट्शक
बणाणा था। इश प्रश्टाव के टहट शभी रास्ट्रों को 2010 टक विभिण्ण छरणों
भें परभाणु हथियारों को णस्ट करणे के लिए वछणबद्ध होणा था। भारट जैविक
हथियारों के शभ्भेलण भें हश्टाक्सर करणे वाला भूल शदश्य था और 14
जणवरी 1993 को इश पर हश्टाक्सर एवं पुस्टि करणे वाले 65 देशों भें पहला
देश था। 1993 भें भारट णे परभाणु णि:शश्ट्रीकरण की दिशा भे अभेरीका के
शाथ ही शंकल्पबद्धटा को शभर्थण दिया। जब व्यापक परीक्सण प्रटिबंध
शभझौटा बिणा शर्वशभ्भटि के अशफल हो गया टो भारट इशशे बहुट आहट
हुआ। 1998 भें भारट द्वारा किए गए परभाणु परीक्सणों को व्यापक परीक्सण
प्रटिबंध शंधि के ण्यायविहिण ढांछे शे जोड़ा जा शकटा है यघपि कुछ रास्ट्रो
णे प्रारभ्भ भें इशे णि:शश्ट्रीकरण के विपरीट भाणा। भारट णे बिणा भेदभाव के
परभाणु णि:शश्ट्रीकरण के लिए शंकल्प दोहराया।

शंयुक्ट रास्ट्र शघं के शांटि प्रयाश भें भारट का योगदाण

शंयुक्ट रास्ट्र शंघ के शांटि प्रयाश भें भारट के योगदाण का इटिहाश
बहुट लंबा है। कई राजणैटिक प्रेक्सकों णे भारट के इश योगदाण की शराहणा
की है। अटं रार्स्ट्रीय शभुदाओं के शदश्यों द्वारा भारट के इश योगदाण को
श्वीकार किया गया है। शांटि कायभ करणे का अर्थ है बहुरास्ट्रीय शैणिकों,
पुलिश और आभ जणटा की शक्टि द्वारा टथा शंयुक्ट रास्ट्र की शलाह शे
किण्ही भी देश के आंटरिक अथवा अण्य देशों के शाथ शंघर्स को रोकणा, कभ
करणा टथा शभाप्ट करणा होवे है। शांटि कायभ करणे वाले देशों की
भूभिका शंघर्स और विवाद की श्थिटि के अणुरूप बदल जाटी है। शांटि
कायभ रख़णे वाले इण रास्ट्रों का कार्यक्सेट्र एक विरोधी श्थिटि के कारण
बदल गया।

भारट णे शंयुक्ट रास्ट्र द्वारा छार भहाद्वीपों भें छलायी जा रही शांटि
णिर्भाण को 35 गटिविधियों भें भाग लिया है।

इशका शबशे भहट्वपूर्ण योगदाण अफ्रीका और एशिया भें शांटि और
श्थिरटा लाणे भें है। वर्टभाण भें भारट शंयुक्ट रास्ट्र को शबशे अधिक शैण्य
शक्टि का योगदाण देणे वाला देश है।

शंयुक्ट रास्ट्र भें भारट के योगदाण की भूभिका 1956 भें टब प्रारभ्भ
हुई, जब इशा्रइल णे भ़िश्र के शाथ युद्ध के बाद शंयुक्ट रास्ट्रआपाटकालीण
बल (यूएणइर्ए फ) की गाजा पट्टी और शिणाय भें श्थापणा हुई । अफ्रीका भें
कांगो को भारटीय शैणिकों की उपश्थिटि का लाभ हुआ। 1960 के दशक भें
एकटा और अख़ण्डटा कायभ भें भारट बहुट शहायक रहा।

शीट युद्ध के बाद भी शयुंक्ट रास्ट्र भें भारट का योगदाण उटणा ही
भहट्वपूर्ण है और शैणिक अधिकारी शंयुक्ट रास्ट्र के भहाशछिव के णिवेदण पर
अंगोला, कभ्बोडिया, शोभालिया, अल शैण्वाडोर और शियराणियोण आदि भें
भेज गए है। अणेक देश गृह युद्धों के कारण उट्पण्ण अव्यवश्था के शिकार
थे। भारट ण केवल शेणा ही भेजी बल्कि पुलिश, डॉक्टर, इंजीणियर और
प्रशाशक भी भेजे।

शुरक्सा परिसद् भे भारट की श्थायी शदश्यटा का भाभला 

जैशा कि आप जाणटे है कि विश्वशंटि कायभ करणें की क्सभटा शुरक्सा
के प्रभाव पर णिर्भर करटी है, परण्टु यह शुरक्सा परिसद् अपणे रूढिवादी और
पुराणे शदश्यों के कारण कस्ट भें रही है। वर्टभाण भें शरु क्सा परिसद् के 5
श्थायी शदश्य अभेरिका, रूश, ग्रेट, ब्रिटेण, फ्रांश और छीण हैं। परण्टु शुरक्सा
परिसद् के इश गठण का वर्टभाण विश्व की शाक्टि शंरछणा शे कोई टालभेल
णहीं है, क्योकि आज विश्व 1945 की टुलणा भें बिल्कुल बदल छुके है। भारट
शबशे बड़ी छौथी अर्थव्यश्था बणणे की ओर अग्रशर है और अंटर्रास्ट्रीय
शभाओं भें इशका णेटृट्व, विश्व भें शंयुक्ट रास्ट्र द्वारा शांटि बणाणे के प्रयाश
भें इशके योगदाण और टृटीय विश्व के लिए इशके योगदाण को देख़णे हएु
शुरक्सा परिसद् भें श्थायी शदश्यटा का यह एक प्रबल दावेदार है और कई
भिट्र रास्ट्र इशे अपणा शभथर्ण भी दे रहे है। इश भाभले की जटिलटा के
कारण इश पर अंटिभ णिर्णय लेणे भें कुछ और शभय लगेगा।

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