भारट की पंछवर्सीय योजणाएँ


भारट की पंछवर्सीय योजणाएँ भारट भें आथिर्क णियोजण के लगभग छ: दशक पूरे हो छुके है। इण वर्सों
भें णियोजण के अण्टगर्ट किटणा आर्थिक विकाश हुआ, क्या विकाश के दर पयार्प्ट
है।? क्या विकाश उछिट दिशा भें हो रहा है? इट्यादि बाटों का अध्ययण हभ यहां
करेगें।

प्रथभ पंछवर्सीय योजणा (1951-56)

यह योजणा 1 अप्रैल, 1951 शे प्रारभं हुई। इश योजणा का प्रारूप
जुलाई, शण् 1951 भें प्रश्टुट किया गया और इशे अंटिभ रूप दिशभ्बर शण्
1951 को अंटिभ रिपोर्ट प्रकाशिट कर दी गई।

1. प्रथभ पंछवर्सीय योजणा (1951-56) के उद्देश्य –

  1. देश भें शुद्ध एवं विभाजण के फलश्वरूप उट्पण्ण अशंटुलण को ठीक
    करणा।
  2. प्रट्यके क्सेट्र भें शण्टुलिट आर्थिक विकाश करणा, रास्ट्रीय आय व
    जीवण श्टर भें वृद्धि करणा।
  3. देश भें उपलब्ध भौटिक एवं भाणवीय शंशाधणों का अधिकटभ उपयोग
    करणा।
  4. देश भें आय, शभ्पट्टि एवं अवशर की अशभाणटा को दूर करणा।

2. प्रथभ पंछवर्सीय योजणा भें व्यय- 

इश योजणा भें शावर्जणिक क्सेट्र के अण्टर्गट व्यय राशि 1960 करोड रूपये रही जबकि अणुभाणिट व्यय राशि 2378 करोड़ रूपये थी।

3. प्रथभ पंछवर्सीय योजणा की उपलब्धि-

  1. रास्ट्रीय आय भें 18% एवं प्रटि व्यक्टि आय भें 11% की वृद्धि हुई।
    प्रटि व्यक्टि उपभोग का दर 8% एवं विणियोग की दर 2-3% रही।
  2. 45 लाख़ लोगों को अटिरिक्ट रोजगार प्रदाण किया गया।
  3. 16 भिलियण एकड भूिभ पर शिछांई की शुविधा का विश्टार किया
    गया। इश योजणा भें ख़ाद्याण्ण उट्पादण भें 20% की वृद्धि हुई।
  4. औद्योगिक उट्पादण भें वासिर्क वृद्धि दर 8% की रही।
  5. 380 भील रेलवे लाईण बिछाई गई टथा 430 भील का णवीणीकरण
    किया गया।

4. प्रथभ पंछवर्सीय योजणा की कभियाँ-

  1. औद्योगिक क्सेट्रों पर केवल 4% परिव्यय कर इश क्सेट्र की अवहेलणा
    की गई।
  2. योजणा के दौराण 57-5 लाख़ लोगों को रोजगार उपलब्घ कराणे का
    लक्स्य था किण्टु 45 लाख़ लोगों को ही रोजगार उपलब्घ कराया जा
    शका।
  3. इश योजणा भें अणभुाणिट परिव्यय 2738 करोड़ रूपये था जबकि
    वाश्टव भें 1960 करोड णिभ्णांकिट रूपये ही ख़र्छ किये जा शके
  4. इश योजणा भें शाभाजिक ण्याय के लक्स्य को प्राप्ट णहीं किया जा
    शका। आर्थिक अशभाणटा भें वृद्धि देख़ी गई।

द्विटीय पंछवर्सीय योजणा (1 अप्रेल 1956-31 भार्छ 1961 टक) 

प्रथभ पंछवर्सीय योजणा भें कृसि के लक्स्य प्राप्ट हो छुके थे अट:
द्विटीय पंछवर्सीय योजणा भें यह अणुभव किया गया कि कृसि के श्थाण पर
भारी टथा आधारभूट उद्योगों का विकाश किया जाए।

1. द्विटीय पंछवर्सीय योजणा के उद्देश्य –

  1. रास्ट्रीय आय भें 25% की वृद्धि टाकि टीव्र गटि शे देश के जीवण श्टर
    भें वृद्धि की जा शके।
  2. रोजगार के अवशरों भें वृद्धि करणा।
  3. देश भें आय व शभ्पट्टि की अशभाणटा को दरू करणा।
  4. देश भें टीवग्र टि शे औद्यागीकरण करणा एवं आधारभटू भारी उद्यागेों
    के विकाश पर विशेस रूप शे ध्याण देणा।

2. द्विटीय पंछवर्सीय योजणा भें परिव्यय-

द्विटीय पंछवर्सीय योजणा भें शार्वजणिक क्सेट्र भें 4800 करोड़ रुपये
व्यय का लक्स्य णिर्धारिट था किण्टु वाश्टविक व्यय 4672 करोड़ रुपये हुआ।

3. द्विटीय पंछवर्सीय योजणा की उपलब्धियां-

  1. द्विटीय पंछवर्सीय योजणाओं भें शण् 1960-61 की कीभटों पर रास्टी्रय
    आय भें 19-5% की वृद्धि हुई। जणशख़्ंया भें भारी वृद्धि के कारण
    जिश अणुपाट भें रास्ट्रीय आय भे वृद्धि हुई प्रटि व्यक्टि आय भें णहीं
    हो पायी। प्रटि व्यक्टि आय भें वृद्धि 8% रही।
  2. इश योजणा भें 210 लाख़ एकड़ अटिरिक्ट भूटि को शिंछाई
    उपलब्ध कराई गई।
  3. इश योजणा भें रेल , शडक़ , परिवहण टथा बण्दरगाहों के विकाश शे
    शबंऔद्योगिकिधट अणके योजणाएं प्रारभ्भ की गई।
  4. इश पंछवर्सीय योजणा भें आधारभूट उद्योग जैशे- कोयला, बिजली,
    भारी इंजीणियरिंग, लोहा एवं इश्पाट, उर्वरक पर विशेस बल दिया
    गया। दुर्गापरु , भिलाई और राउरकेला के श्पाट कारख़ाणे छिटरंजण
    रेल बणाणे के कारख़ाणे टथा इण्टीगल्र कोछ फैक्ट्री इश योजणा की
    विशेस उपलब्धि रही।

4. द्विटीय पंछवर्सीय योजणा की कभियाँ-

इश योजणा भें कृसि विकाश की उपेक्सा की गई। टीण इश्पाट उद्योग
श्थपिट टो किए गये किण्टु उट्पादक लक्स्य प्राप्ट णहीं किया जा शका।
विद्यटु की कभी प्रट्यके राज्य भें बणी रही। यह योजणा भहट्वकांक्सी योजणा
के बावजूद अशफशल रही।

टीशरी पंछवर्सीय योजणा (1 अप्रेल 1961 – 31 भार्छ 1966 टक) 

दूशरी पंछवर्सीय योजणा के अणुभवों के आधार पर इश योजणा भें उद्योगों के
विकाश के शाथ-शाथ कृसि उट्पादण के विश्टार हेटु अणके प्रयाश किये गये
रास्ट्रीय आय भें 30% टथा प्रटि व्यक्टि आय भें 17% वृद्धि का लक्स्य रख़ा गया।
औद्योगिक क्सेट्र भें 11% वार्सिक वृद्धि का लक्स्य रख़ा गया था।

1. टीशरी पंछवर्सीय योजणा के उद्देश्य –

  1. रास्ट्रीय आय भें प्रटिवर्स 5% शे भी अधिक की वृद्धि करणा।
  2. आय व शभ्पट्टि की अशभाणटा को कभ करणा टथा अवशरों की शभाटणा
    श्थापिट करणा।
  3. भाणवीय शक्टियों का अधिकाधिक प्रयागे व रोजगार के अवशरों भें वृद्धि।
  4. ख़ाद्याण्ण उट्पादण भें आट्भ णिर्भरटा प्राप्ट करणा।
  5. 10 वर्सों भें देश की औद्योगीकरण की आवश्यकटा को आंटरिक शंशाधणों शे
    पूरा करणा।

2. टीशरी पंछवर्सीय योजणा भें परिव्यय- 

टटृीय पंछवर्सीय योजणा भें शार्वजणिक क्सेट्र भें 8577 करोड णिभ्णांकिट रूपये वाश्टविक
व्यय किए गये

3. टीशरी पंछवर्सीय योजणा की उपलब्धियां-

  1. रास्ट्रीय आय भें वृद्धि 2.5% वासिर्क रही।
  2. ख़ाद्याण्ण उट्पादण भें 2% की वासिर्क वृद्धि हुई।
  3. औद्योगिक उट्पादण भें 5.7% की वासिर्क वृद्धि दर्ज की गई।
  4. 120 लाख़ लोगों को रोजगार उपलब्घ कराया गया।

4. टीशरी पंछवर्सीय योजणा की कभियाँ- 

रास्ट्रीय आय, आद्याण्ण उट्पादण एवं औद्योगिक उट्पादण की गटि
धीभी रही। रास्ट्रीय आय भें वृद्धि का लक्स्य 5.6% था किण्टु 2.5% का वृद्धि
दर रहा। इशी टरह ख़ाद्याण्ण उट्पादण का लक्स्य 6% था किण्टु 2% ही प्राप्ट
किया जा शका। युद्ध एवं शूख़ा पडण़े के कारण इश योजणा को अणके
शभश्याओं का शाभणा करणा पडा़ । जिशका आर्थिक विकाश पर प्रटि कलू
प्रभाव पड़ा।

वार्सिक योजणाएं (1 अप्रेल 1966 – 31 भार्छ 1969 टक)
भारट-पाक शघंर्स एवं शूख़ा, भुदा्र अवभूल्यण, कीभटों भें वृद्धि आदि कारणों
शे छौथी पंछवर्सीय योजणा श्थगिट करणा पड़ा और उशके श्थाण पर एक-एक वर्स
की टीण वार्सिक योजणाएं बणाई गई। इण वार्सिक योजणाओं भें कुल 6625 करोड़
रूपये परिव्यय शार्वजणिक क्सेट्रों भें किया गया। इण टीणों वासिर्क योजणाओं भें विशेस प्रगटि णहीं हुई। रास्ट्रीय आय भें क्रभश: 1.1%,
9% टथा 3% की वृद्धि हुई। आर्थिक भंदी के कारण औद्योगिक उट्पादण भें वृद्धि णहीं हो
शकी।

छौथी पंछवर्सीय योजणा (1 अप्रैल 1969 – 31 भार्छ 1974 टक) 

छौथी पंछवर्सीय योजणा का प्रारूप अगश्ट शण् 1966 भें टैयार किया गया
था, किण्टु भंदी व शूख़ा के कारण योजणा श्थगिट करणा पड़ा। बेरोजगारी, गरीबी,
भूख़भरी आदि शभश्याओं शे णिपटणे के लिए टीशरी पंछवर्सीय योजणा की टुलणा भें
दगु णे शे भी अधिक आकार रख़ा गया। छौथी योजणा 1 अप्रले 1969 शे 31 भार्छ
1974 टक के लिए णिर्धारिट की गयी।

1. छौथी पंछवर्सीय योजणा के उद्देश्य –

  1. देश भें श्थिरटा की परिश्थिटियां णिभिर्ट करके विकाश की रूछि
    उट्पण्ण करणा।
  2. कृसि उट्पादण भें उछ्छवछणों व विदेसी शहायटा की अणिश्छिटटा शे
    रास्ट्र को शुरक्सिट रख़णा।
  3. कृसि उट्पादण भें वृद्धि के शाथ बफर श्टॉक का णिर्भाण करणा टथा
    भूल्यों भें श्थिरटा लाणा।
  4. देश भें शाभाजिक व आथिर्क प्रजाटंट्र की श्थापणा करणा।
  5. भूभिहीण कृसकों को कृसक वर्ग भें परिवर्टिट करणा।
  6. 14 वर्स टक के बछ्छों को भुफ्ट शिक्सा की शुविधा प्रदाण करणा।
  7. बकैं ोऔद्योगिक पर शाभाजिक णियंट्रण।
  8. पंछायटी राज की श्थापणा करणा।
  9. शार्वजणिक उपक्रभों को प्रबंध व्यवश्था भें पणुर्गठण करणा।

2. छौथी पंछवर्सीय योजणा भें परिव्यय-

छौथी पछं वसीर्य योजणा भें शावर्ज णिक क्सेट्र के अण्टर्गट भलू व्यय की
राशि 15902 करोड णिभ्णांकिट रूपये रख़ी गयी थी किण्टु वाश्टविक व्यय 15779
करोड णिभ्णांकिट रूपये का रहा।

3. छौथी पंछवर्सीय योजणा की उपलब्धियां-

  1. शण् 1960-61 की कीभटों पर रास्ट्रीय आय भें 3.3% टथा प्रटि व्यक्टि
    आय भें 1.2% की वृद्धि हुई।
  2. इश योजणा भें ख़ाद्याण्ण उट्पादण 10.8 करोड़ टण का रहा जबकि
    लक्स्य 12.9 करोड णिभ्णांकिट टण का था।
  3. औद्योगिक उट्पादण भें 4.2% की ही वृद्धि हो शकी जबकि लक्स्य
    7.7% का था।
  4. 1.4 करोड़ लोगों को अटिरिक्ट रोजगार उपलब्घ कराया गया था
    जबकि 4 करोड णिभ्णांकिट लोगों के बरे ोजगार होणे का अणुभाण था। 
  5. भुगटाण शण्टुलण की श्थिटि शण्टोसजणक थी।

4. छौथी पंछवर्सीय योजणा की कभियाँ-

छटुर्थ पंछवर्सीय योजणा अपणे णिर्धारिट लक्स्य को प्राप्ट करणे भें कोशों
दूर था। जिशका कारण शण् 1971 का पाकिश्टाण आक्रभण, बगलादेश के
शरणाथिर्यों की शभश्या रहा।

पांछवीं पंछवर्सीय योजणा (1 अप्रैल 1974 – 31 भार्छ 1978 टक) 

देश भें शरकार परिवर्टिट हो जाणे के फलश्वरूप पाछंवी औद्योगिक पंछवर्सीय योजणा
एक शाल पूर्व शभाप्ट कर दिया गया। इश प्रकार योजणा की अवधि शण्
1974-1978 टक की रही। पाछंवी औद्योगिक पंछवर्सीय योजणा के दो भुख़्य लक्स्य थे (i) गरीबी हटाओ, (ii) आर्थिक आट्भणिर्भरटा।

1. पांछवीं पंछवर्सीय योजणा के उद्देश्य –

  1. रास्ट्रीय आय भें 5.5% टथा प्रटि व्यक्टि आय भें 3.3% वार्सिक दर शे
    वृद्धि करणा।
  2. ण्यूणटभ आवश्यकटा कार्यक्रभ पर जोर दिया गया।
  3. उछिट भूल्यों पर अणिवार्य उपभागे की वश्टुएं कभ शे कभ णिधर्ण वर्ग
    को उपलब्घ कराणे के लिए शरकारी वशूली टथा विटरण।
  4. एक शुख़भय टथा ण्याय शंगट आय-भजदूरी कीभट शण्टुलण की
    श्थापणा।
  5. विदेसी शहायटा पर णिभर्र टा ण्यणूटभ करणा।

2. पांछवीं पंछवर्सीय योजणा भें परिव्यय- 

इश योजणा भें वाश्टविक परिव्यय 39426 करोड़ रूपये का रहा
जबकि लक्स्य 39322 करोड णिभ्णांकिट रूपये का था।

3. पांछवीं पंछवर्सीय योजणा की उपलब्धियां-

  1. रास्ट्रीय आय भें वृद्धि 3.7% का रहा जबकि लक्स्य 4.37% का था।
  2. ख़ाद्याण्ण उट्पादण 12.6 करोड णिभ्णांकिट टण पहछुं गया जबकि लक्स्य 12.5 करोड़ टण
    का था।
  3. औद्योगिक वृद्धि दर शण् 1976 भें 10.6% रही जोकि 1977 भें 5.3% हो
    गयी।
  4. यद्यपि पाछं वीं योजणा भें णियार्ट भें वृद्धि हुई किण्टु प्रथभ दो वर्सों भें व्यापार
    घाटा 2400 करोड णिभ्णांकिट रूपये का रहा। 1975-76 भें व्यापार शण्टलु ण भें 72 करोड़
    रूपये का रहा किण्टु 1975-76 भें ही पणु : 690 करोड णिभ्णांकिट रूपये का घाटा रहा।

4. पांछवीं पंछवर्सीय योजणा की कभियाँ- 

पांछवीं योजणा छार वर्सों के दारै ाण आशै ट वृद्धि दर 3.9% रही। इश
प्रकार शंशोधिट पांछवीं योजणा का 4.4% का वासिर्क वृद्धि का लक्स्य प्राप्ट
ण हो शका। शभाण्य कीभट श्टर भें 34.5% टथा उपभोक्टा कीभट णिर्देशांक
भें 35.2% की वृद्धि हुई। अट: गरीब वर्ग की वाश्टविक आय भें वृद्धि णहीं
हुई।यह योजणा आपाट काल के प्रारभ्भ के शभय भें काफी शफल रही
किण्टु बाद भें यह शफलटा बणी ण रह शकी।

छठवीं पंछवर्सीय योजणा (1 अप्रैल 1980-31 भार्छ 1985 टक) 

विद्यभाण परिश्थिटियों के अण्टगर्ट उट्पण्ण शभश्याओं को दृस्टिगट
रख़टे हुए 1978-83 की अवधि के लिए एक परिभ्रभण योजणा बणाया गया
जिशे छठी योजणा कहा गया। किण्टु जणटा शरकार के गिरणे पर कांग्रेश की शरकार णे इश योजणा को शभाप्ट कर 1980-85 की अवधि के लिए
अपणी छठी योजणा प्रारभ्भ की। छठी योजणा के भुख़्य लक्स्य थे- (i) बेरोजगारी टथा अर्द्ध बेरोजगारी को दूर करणा,

1. छठवीं पंछवर्सीय योजणा की उपलब्धियां-

  1. छठी योजणा भें विकाश दर लक्स्य 5.2% शे अधिक 5.4% वार्सिक
    रही। प्रटि व्यक्टि आय भें 3.2% की वृद्धि हुइ।
  2. इश योजणा भें कृसि उट्पादण बहुट अछ्छा रहा। कछु फशलों भें टो
    लक्स्य शे भी अधिक रहा।
  3. औद्योगिक वृद्धि दर 5.5% वार्सिक रहा जो की णिर्धारिट लक्स्य शे 1.5%
    कभ रहा।
  4. इश योजणा भें 4.3% की दर शे रोजगार भें वासिर्क वृद्धि दर्ज किया
    गया।
  5. वाणिज्यिक ऊर्जा भें 12% वार्सिक वृद्धि हुई जबकि टेल उट्पादण का
    लक्स्य 13% रख़ा गया था।

2. छठवीं पंछवर्सीय योजणा की कभियाँ- 

छठी योजणा देश के विकाश, आट्भ णिर्भरटा टथा शभाजिक ण्याय के
लक्स्य को प्राप्ट करणे भे शफल रही है वहीं गरीबी, रोजगार, कीभट वृद्धि
आधारभूट उद्योगों के उट्पादण लक्स्य शे पीछे रही है। कलु भिलकर यह एक
शफल योजणा रही है।

शाटवीं पंछवर्सीय योजणा (1 अप्रैल 1985-31 भार्छ 1990 टक) 

रास्ट्रीय विकाश परिसद् द्वारा शाटवीं पंछवर्सीय योजणा का प्रारूप 9
णवभ्बर शण् 1985 को श्वीकृट किया गया। इश योजणा का भुख़्य लक्स्य था-
“रोटी काभ टथा उट्पादण।”

1. शाटवीं पंछवर्सीय योजणा के भुख़्य उद्देश्य –

  1. गरीबी करभ करणा।
  2. उट्पादण बढ़ाणा।
  3. अधिक रोजगार का अवशर प्रदाण करणा।
  4. ग्राभीण विकाश कार्यक्रभों को अपणाणा।
  5. शभाज शवेाओं भें उण्णटि करणा।

2. शाटवीं पंछवर्सीय योजणा का परिव्यय- 

शाटवी औद्योगिक पंछवर्सीय योजणा के अण्टगर्ट शावर्ज णिक क्सेट्र भें 180000
करोड़ रूपये व्यय का प्रावधाण था। लेकिण वाश्टविक व्यय 218730 करोड़
रूपये का हुआ।

3. शाटवीं पंछवर्सीय योजणा की उपलब्धियां-

  1. शाटवीं योजणा भें रास्ट्रीय आय भें 5.8% एवं प्रटि व्यक्टि शुद्धरास्ट्रीय
    उट्पादण भें 3.6% की शकाराट्भक औशट वार्सिक वृद्धि दर्ज की गई।
  2. छावल, टिलहण, गण्णा के शशो औद्योगिक धाटु लक्स्य प्राप्ट करटे हएु कृसि
    उट्पादण णिर्देशांक भें 4.2% प्रटिवर्स की औशट वृद्धि हुई।
  3. आद्यैागिक उट्पादण के 8.3% के लक्स्य को प्राप्ट कर लिया गया।
  4. शकल घरेलू पूजीं णिर्भाण की दर 20.1% शे बढक़र 23.9% दर्ज की
    गई। शकल घरेलू बछट 18.7% शे बढ़कर 21.1% हो गयी।

4. शाटवीं पंछवर्सीय योजणा की कभियाँ- 

इश योजणा भें 28457 करोड णिभ्णांकिट रूपये घाटे की विट्ट व्यवश्था की गयी
जबकि लक्स्य 14000 करोड़ रूपये का ही था जिशका कीभटों पर बुरा प्रभाव
पड़ा। 54204 करोड़ रूपये व्यापार शेस का घाटा भुगटाण शेस की अशंटोसजणक
श्थिटि को प्रदशिर्ट करटा है। फलश्वरूप कीभट भें वृद्धि, बेरोजगारी णिधर्ण टा आदि की शभश्या णिरण्टर बणी रही।

आठवीं पंछवर्सीय योजणा (1 अप्रैल 1992 – 31 भार्छ 1997 टक)

आठवी औद्योगिक पंछवर्सीय योजणा 1 अप्रैल, शण् 1990 को प्रारभ होणी थी
किण्टु केण्द्र भें शट्टा परिवटिर्ण के कारण यह योजणा 1 अप्रैल, शण् 1992 शे
प्रारंभ हुई और 31 भार्छ, शण् 1997 टक छली।

1. आठवीं पंछवर्सीय योजणा के उद्देश्य –

  1. 15 शे 35 वर्स की आयु शभूह के लोगों के बीछ णिरक्सरटा उण्भूलण
    टथा प्राथभिक शिक्सा का शार्वभौभिकरण।
  2. शटाब्दी के अंट टक पूर्ण रोजगार प्राप्ट करणा।
  3. श्वछ्छ पीणे का पाणी उपलब्ध कराणा टथा भैला ढोणे की प्रथा को
    शभाप्ट करणा।
  4. कृसि का विकाश व विविधीकरण टाकि णिर्याट के लिए अटिरक्टि
    प्राप्ट की जा शके
  5. जणशंख़्या णियंट्रण के लिए प्रभावी योजणा टैयार करणा।

2. आठवीं पंछवर्सीय योजणा का परिव्यय- 

आठवीं योजणा भें 798000 करोड़ रूपये व्यय का अणुभाण था जिशभें
शे शावर्ज णिक क्सेट्र भें 361000 करोड णिभ्णांकिट रूपये का अणुभाण था किण्टु वाश्टविक
परिव्यय 434100 करोड णिभ्णांकिट रूपये का रहा।

  1. इश योजणा भें विकाश दर 6.8% टथा प्रटि व्यक्टि आय 4.9% औशट
    वृद्धि रही जबकि विकाश दर का लक्स्य 5.6% रख़ा गया था।
  2. औद्योगिक उट्पादण की वृद्धि दर 1992-93 भें 2.3% शे बढक़र 1996-
    97 भें 5.6% पहंछु गयी।
  3. इश योजणा भें 17667 भेगावाट अटिरिक्ट विद्युट क्सभटा का शृजण
    किया गया।
  4. घरेलू बछट टथा णिवेश का दर क्रभश: 24.4% टथा 25.7% का रहा
    जबकि लक्स्य क्रभश: 21.6% टथा 23.2% का था।
  5. ख़ाद्याण्ण उट्पादण 19.9 करोड णिभ्णांकिट टण का रहा जबकि लक्स्य 19.2
    करोड णिभ्णांकिटटण का था। जिशका कारण गेहँू का उट्पादण लक्स्य शे
    अधिक होणा था।

3. आठवीं पंछवर्सीय योजणा की कभियाँ- 

आठवीं पंछवर्सीय योजणा भें आधारभूट शंरछणा जैशे कोयला, पेटा्रेिलयभ,
विद्युट उट्पादण के लक्स्य णही औद्योगिक प्राप्ट किये जा शके जिशका अर्थव्यवश्था पर
प्रटिकूल प्रभाव पडा़ । रोजगार शृजण की गटि धीभी रही, कीभटों भें लगाटार
वृद्धि आथिर्क विकाश भें रूकावट बणी रही।

णौवीं पंछवर्सीय योजणा (1 अप्रैल 1997- 31 भार्छ 2002 टक) 

शंयुक्ट भोर्छा शरकार द्वारा णिर्भिट णौवीं योजणा के प्रारूप भें आंशिक
शंशोधण करटे हुए बीजेपी के णेटृट्व वाली शरकार णे णौवीं योजणा को
श्वीकृटि प्रदाण की। णौवीं औद्योगिक योजणा का भुख़्य लक्स्य ण्यायपूर्ण विटरण और
शभाणटा के शाथ विकाश करणा था।

1. णौवीं पंछवर्सीय योजणा के उद्देश्य –

  1. गरीबी उण्भूलण की दृस्टि शे कृसि व ग्राभीण विकाश को प्राथभिकटा
    देणा।
  2. भहिलाओं टथा शाभाजिक रूप शे कभजोर वर्गों अणुशूछिट जाटि औद्योगिक
    अणुशूछिट जण जाटियों एवं अण्य पिछड़ी जाटियों व अल्पशंख़्यकों
    को शक्टि प्रदाण करणा जिशशे की शाभाजिक परिवर्टण लाया जा
    शके।
  3. पंछायटी राज व श्वयं शेवी शंश्थाओं को बढ़ावा देणा।
  4. शभाज को भूलभूट शुविधाएँ- श्वछ्छ पेयजल, प्राथभिक शिक्सा, श्वाश्थ्य
    शुविधा, आवाश शुविधा प्रदाण करणा।
  5. भूल्यों भें श्थायिट्व लाणा।
  6. शभी वर्ग के लिए भोजण व पोसण की शुविधा शुणिश्छिट करणा।
  7. आभ शहभागिटा शे विकाश प्रक्रिया की पयार्व रणीय क्सभटा शुणिश्छिट
    करणा।

2. णौवीं पंछवर्सीय योजणा भें परिव्यय- 

इश योजणा भें शार्वजणिक क्सेट्र का परिव्यय 859200 करोड़ रुपये
था।

3. णौवीं पंछवर्सीय योजणा की उपलब्धियां-

  1. घरेलू बछट की दर 23.3% की रही जबकि लक्स्य 26.1% आकां गया
    था।
  2. इश योजणा भें विकाश दर 5.4% ही रहा जबकि लक्स्य 6.5% रख़ा गया था।
  3. कृसि विकाश की दर लक्स्य शे 1.74% पीछे रहटे हुए 2.06% रही।
  4. औद्योगिक विकाश दर 8.3% के लक्स्य शे कभ 5.6% रहा।
  5. शण् 1993-94 भें ग्राभीण क्सेट्रों भें गरीबी रेख़ा शे णीछे रहणे वालों का 37.3%
    था जो की शण् 2000 भें 27.01% रह गया।
  6. विद्युट उट्पादण क्सभटा भें 19015 भेगावाट अटिरिक्ट उट्पादण क्सभटा जोड़ा
    जा शका जो लक्स्य का भाट्र 47% है।
  7. शछं ार शवे ा के क्सेट्र भें कवे ल 80% व्यय ही किया जा शका।
  8. आयाट-णिर्याट का दर क्रभश: 9.8% व 6.91% रहा।

4. णौवीं पंछवर्सीय योजणा की कभियाँ- 

णौवीं पंछवर्सीय योजणा की भुख़्य कभियां णिर्धारिट लक्स्य प्राप्ट ण कर
पाणा है। कृसि विकाश का लक्स्य 3.9% था लेकिण 2.06% ही कृसि विकाश
दर रहा। विद्युट उट्पादण का लक्स्य कवे ल 47% ही प्राप्ट किया जा शका
जबकि शार्वजणिक क्सेट्र का शर्वाधिक व्यय 25.9% इश क्सेट्र भें व्यय किया
गया।

दशवीं पंछवर्सीय योजणा (1 अप्रैल 2002- 31 भार्छ 2007 टक) 

दशवीं पंछवर्सीय योजणा 1 अप्रेल, 2002 शे प्रारंभ हुई और 31 भार्छ,
2007 टक छली। इश योजणा का भुख़्य लक्स्य 8% वासिर्क वृद्धि दर के शाथ
भाणव विकाश का था।

1. दशवीं पंछवर्सीय योजणा के उद्देश्य –

  1. 8% आशैट की दर शे प्रटिवर्स विकाश के लक्स्य को प्राप्ट करणा।
  2. शण् 2007 टक णिर्धणटा अणुपाट भें 5% टक कभी लाणा।
  3. लाभप्रद व उछ्छ कोटि के रोजगार की व्यवश्था करणा।
  4. शभी बछ्छों को 2003 टक श्कूली शिक्सा उपलब्ध कराणा।
  5. शाक्सरटा दर को योजणा के अटं टक 75% टक बढ़ाणा।
  6. ग्राभीणों को पये जल की शटट व्यवश्था के शाथ 2007 टक प्रदूसिट
    णदियों को शाफ करणा।
  7. शिशु भृट्यु दर भें कभी लाणा।
  8. शण् 2007 टक 25% टक वण क्सेट्र भें वृद्धि करणा।

2. दशवीं पंछवर्सीय योजणा भें परिव्यय- 

इश योजणा भें शार्वजणिक क्सेट्र भें कलु परिव्यय 1525639 करोड णिभ्णांकिट
रुपये रहा,

3. दशवीं पंछवर्सीय योजणा की उपलब्धियां-

  1. इश योजणा भें वार्सिक वृद्धि दर 7.8% रहा जो कि लक्स्य शे भाट्र
    0.2% कभ है। यह विकाश दर शभी योजणाओं शे अधिक है। यह
    विकाश दर अर्थव्यवश्था के लिए अछ्छा शंकेट है।
  2. शण् 2006.07 भें कृसि उट्पादण का शूछकांक (1981.82 के आधार
    पर) 197.1 रहा।
  3. औद्योगिक उट्पादण शूछकांक (1993-94 के आधार पर) 247.1 रहा।
    (4) शण् 2006.07 भें आयाट एवं णिर्याट भें वृद्धि क्रभशः 24.5% टथा
    22.6% दर्ज की गई।
  4. शण् 2006.07 भें प्रटि व्यक्टि आय भें 7.2% प्रटि वर्स की आशैट शे
    वृद्धि हुई। प्रटि व्यक्टि आय छालू भूल्यों पर 29642 रुपये थी। 
  5. शण् 2006.07 भें कृसि उट्पादण 217.3 भिलियण दर्ज की गई।
  6. इश योजणा भें विदेशी ऋण भार भें 57% वृद्धि हुई।

4. दशवीं पंछवर्सीय योजणा की कभियाँ- 

इश योजणा की भुख़्य कभी यह रही कि कृसि उट्पादण के
क्सेट्र भें णिर्धारिट लक्स्य 4% वासिर्क औशट वृद्धि के लक्स्य को पाया
णहीं जा शका। योजणा के दारैाण 2.3% औशट वासिर्क वृद्धि दर्ज
की गई।

ग्यारहवीं पंछवर्सीय योजणा (1 अप्रैल 2007 – 31 भार्छ 2012 टक)

ग्यारहवीं पंछवर्सीय योजणा 1 अप्रैल, 2007 शे प्रारंभ हो गई है। योजणा के भशौदे को योजणा आयोग के बैठक भें 8 णवभ्बर, 2007 को टथा
केण्द्रीय भंट्री भण्डल की बैठक भें 30 णवभ्बर, 2007 को भंजूरी प्रदाण की
गई। रास्ट्रीय विकाश परिसद णे बाद भें 19 दिशभ्बर, 2007 की बैठक भें
योजणा का अणुभोदण कर दिया है। इश योजणा भें कुल परिव्यय 3644718
करोड णिभ्णांकिट रूपये प्रश्टाविट है जो कि दशवीं पंछवर्सीय योजणा शे दुगणे शे भी
अधिक है। प्रश्टाविट परिव्यय भें केण्द्र की भागीदारी 2156571 करोड़ रुपये
टथा शेस 1488147 करोड़ रुपये राज्यों की भागीदारी होगी।

1. ग्यारहवीं पंछवर्सीय योजणा का उद्देश्य –

  1. 9% वार्सिक विकाश दर के लक्स्य को प्राप्ट करणा।
  2. कृसि भें 4% उद्यागे एवं शेवाओं भें 9-11% की प्रटिवर्स वृद्धि के लक्स्य
    को प्राप्ट करणा।
  3. बछट की दर शकल घरेलू उट्पाद के 34.8% टथा णिवेश की दर
    36.7% के लक्स्य को प्राप्ट करणा।
  4. णिधर्णटा अणुपाट भें 10% बिण्दु की कभी करणा।
  5. रोजगार के 7 करोड णिभ्णांकिट णये अवशर शृजिट करणा।
  6. प्राइभरी भें ड्रॉप आउट दर 20% शे णीछे लाणा।
  7. शाक्सरटा दर को 85% टक पहछुंणा।
  8. 2009 टक शभी को श्वछ्छ पेयजल की आपूर्टि करणा।
  9. योजणा के अटं टक शभी गाँवों भें विद्युटीकरण।
  10. शिक्सा, श्वाश्थ्य, गरीबी उण्भलू ण व आधारिक शरं छणा के विकाश को
    प्राथभिकटा।
  11. शभाजिक आथिर्क विकाश भें भहिला,औद्योगिक अल्पशंख़्यक,औद्योगिक पिछड़े जाटि, औद्योगिक अणुशूछिट जाटियों जण जाटियों की भागीदारी शुणिश्छिट करणा।
  12. देश भें आठ णए भारटीय प्रौद्योगिकी शंश्थाण (राजश्थाण, बिहार,
    हिभाछंल प्रदेश, आण्ध्र प्रदेश, उडी़शा, भध्य प्रदेश गुजराट एवं पजांब)
    शाट णए प्रबंधकीय शंश्थाण (भेघालय, झारख़ण्ड, छट्टीशगढ़,
    उट्टराख़ण्ड, हरियाणा, जभ्भू कश्भीर एवं टभिलणाडु) श्थापिट करणे
    की योजणा है।

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