भारत में सामंतवाद का उदय और विकास



भारत में मौर्योतर-काल और गुप्तकाल में कुछ राजनैतिक और प्रशासनिक प्रवृतियों के कारण और विशेष तौर पर गुप्तकाल में राज्य-व्यवस्था सांमतवादी ढांचे में ढ़लने लगी थी। प्रो0 रामशरण शर्मा के अनुसार इनमें सबसे महत्वपूर्ण प्रवृति ब्राÎह्यणों को भूमिदान देने की थी। मौर्यकाल एवम् मौर्यो से पूर्व पाली साहित्य में मगध और कोसल के शासकों द्वारा ब्राह्मणों को दान दिए गए गांवों का उल्लेख मिलता है। परन्तु उस काल

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