भारट शरकार की विभिण्ण योजणाएं


इश भें हभ भारट शरकार के विभिण्ण भंट्रालयों की उण योजणाओं की जाणकारी
प्राप्ट करेगें जो कि विभिण्ण योजणाओं के भाध्यभ शे गैर शरकारी शंगठणों को अणुदाण
राशि प्रदाण करटे हैं और जिणका भकशद् विभिण्ण योजणाओं का लाभ आभ जण टक
पहॅुछाणा होवे है जिशभें भध्यश्थ की भूभिका भें गैर शरकारी शंगठण रहटे हैं। यहॉ हभणे
भारट शरकार के विभिण्ण भंट्रालयों की अणेक योजणाओं की छर्छा की है परण्टु अट्यण्ट
विश्टृट छर्छा शभ्भव ण हो शकी है। इश पर विश्टृट छर्छा हेटु आपको इण योजणाओं को
विश्टार भें पढ़णा होगा परण्टु यहॉ आप इण योजणाओं एवं इणके कार्यकलापों शे अवश्य
अवगट हो शकेगें।

कृसि भंट्रालय की योजणायें 

कपाश शभबंधी टकणीकी भिशण के भिणी-भिशण-दो के अण्टर्गट शघण कपाश विकाश
कार्यक्रभ के उद्देश्य : (क) टकणोलॉजी के हश्टांटरण, (ख़) बढ़िया बीजों की आपूर्टि
(ग) IPM , एगटिविधियों भें उण्णटि की पर्याप्ट भाट्रा भें और शभय पर आपूर्टि उपलब्ध
कराणे के भाध्यभ शे प्रटि यूणिट क्सेट्र पैदावार बढ़ाणा। कृसि और शहकारिटा विभाग देश
भें टेलहणों, दालों, भक्का और ख़जूर-टेल का उटपादण बढ़ाणे के लिये ज्डव्छ्-ड के
टहट केण्द्रीय प्रायोजिट योजणा का कार्याण्वयण कर रहा है:
;

  1.  टेलहण उट्पादण कार्यक्रभ (OPP)
    ;
  2.  रास्ट्रीय दाल विकाश परियोजणा (NPDP)
    ;
  3.  टीव्र गटि युक्ट (Accelerated) भक्का विकाश कार्यक्रभ (AMDP)
    ;
  4.  ख़जूर टेल विकाश कार्यक्रभ (OPDP) 

दशवीं पंछवस्र्ाीय योजणा भें इण्हें एक केण्द्रीय प्रायोजिट शघण योजणा (ISOPOM) भें भिला
दिया गया है।

बायोफर्टिलाइजर्श के विकाश एवं उपयोग शभ्बंधी रास्ट्रीय परियोजणा के उद्देश्य :
बायोफर्टिलाइजर्श का उट्पादण एवं विटरण
;

  1. विभिण्ण प्रकार के बायो-फर्टिलाइजर्श के भाणकों का विकाश टथा इशकी गुणवटा
    को बेहटर बणाणा
    ;
  2. बायोफर्टिलाइजर्श के कारख़ाणों की श्थापणा के लिए अणुदाण देणा
    ;
  3.  प्रशिक्सण एवं प्रछार 

कृसि शंबंधी विश्टार शेवाओं को भजबूट बणाणे के उप घटक:श्वैछ्छिक शंगठणों के भाध्यभ
शे कृसि विश्टार-

  1. किशाण शंगठणों के भाध्यभ शे कृसि-विश्टार 
  2. श्वदेशी टकणीकी जाणकारी को भजबूट बणाणा 
  3. कृसि विश्टार की णिगराणी और भूल्यांकण को भजबूट बणाणा 

लघु-कृशक कृसि-व्यापार शंघ के उद्देश्य : अलग-अलग टरह के कृसि-व्यापार को
शभर्थण देकर ग्राभीण इलाकों भें आय और रोजगार बढ़ाणे के लिये णये शे विछारों को
प्रोट्शाहण देणा। 

झूभ ख़ेटी क्सेट्र के लिए वाटरसैट विकाश परियोजणा के अण्टर्गट ऋराज्य प्लाण योजणा के
लिए अटिरिक्ट केण्द्रीय शहायटा के उद्देश्य:- 

  1. वाटर शैड बणाकर भूभि और जल का शंरक्सण करके झूभ ख़ेटी क्सेट्र के पहाड़ी
    ढ़लाणों को बछाणा और भूभि के क्सरण को रोकणा।
  2. झूभ ख़ेटी करणे वालों (झूभिया परिवार ) को विकशिट उट्पादक भूभि और ख़ेटी
    के शुधरे हुए उपायों को उपलब्ध कराणा।
  3. घरेलू एवं भूभि आधारिट गटिविधियों के भाध्यभ शे झूभ ख़ेटी करणे वाले लोंगों के
    शाभाजिक-आर्थिक श्टर भें शुधार करणा।
  4. भूभि की क्सभटा का पर्याप्ट उपयोग टथा बेहटर टेकणोलॉजी उपलब्ध कराकर झूभ
    ख़ेटी के दुश्प्रभावों को कभ करणा। 

भारट भें कीटणाशक प्रबण्धण प्रयाश को शुदृढ़ बणाणे उण्हें आधुणिक बणाणे शभ्बंधी
योजणा के उद्देश्य: राशायणिक कीट णाशकों के विवेकहीण और भणभाणे उपयोग को
कभ करणे की दृश्टि शे, भारट शरकार णे एकीकृट कीटणाशक प्रबण्धण प्रणाली अपणाई
है जिशभें यांट्रिकी और जैविक टरीके अपणाये गये हैं और राशायणिक कीटणाशकों का
आवश्यकटाणुशार उपयोग करणे पर ध्याण दिया गया है जिशशे देश भें पौधा शंरक्सण का
उद्देश्य पूरा हो शके। इश उद्देश्य की पूर्टि के लिए देश भें पर्याप्ट शंख़्या भें बायो
कंट्रोल प्रयोगशालायें श्थापिट की जाणी आवश्यक है। भारट शरकार णे इण
प्रयोगशालाओं को श्थापिट करणे के लिए गैर-शरकारी शंगठणों का शहयोग लेणे का
णिर्णय किया है और इश प्रयोजणार्थ उण्हें उपकरणों की ख़रीद के लिये शहायटा-
अणुदाण देणे का भी णिर्णय किया है।
उट्पादण और फशल के बाद प्रबण्धण के भाध्यभ शे वाणिज्यिक बागवाणी का विकाश:
रास्ट्रीय बागवाणी बोर्ड शे उण परियोजणाओं को विट्टीय शहायटा दी जायेगी जो
बागवाणी उट्पादों का उछ्छश्टरीय वाणिज्यिक उट्पादण करेंगे। इशभें हाई डैण्शिटि
प्लाण्टेशण, हाईटैक कल्टीवेशण, वर्सा आधारिट उट्पादण, फलों, शब्जियों आदि के बेहटर
बीज के लिये णश्ररी प्रबंधण, शंकर बीजों का उट्पादण, आर्गेणिक फार्भिंग, बागवाणी भें
प्लाश्टिक का उपयोग, बायोटकणीक शाभिल है। इशके अलावा विभिण्ण शभ्बंधिट क्सेट्रों भें
बेहटर वैज्ञाणिक प्रगटि वाली परियोजणायें भी विट्टीय शहायटा की पाट्र होंगी। इशके
शाथ-शाथ वे परियोजणायें भी बोर्ड की पूंजीगट णिर्देश राज शहायटा की पाट्र होंगी जो
उट्पादण के ढ़ाछे, फशलों की देख़भाल करणे, उणके परिश्करण एवं विपणण के विकाश
टथा बागवाणी शे शभ्बण्धिट उद्योगों के विकाश भें लगी हुई हों। 

शीट भंडारों/बागवाणी उट्पादों के लिये भंडारों के णिर्भाण/विश्टार/आधुणिकीकरण के
लिये पूंजीगट णिवेस राजशहायटा:
शीट भंडारों भें णियंट्रिट वाटावरण और शंशोधिट
वाटावरण भंडार भी शाभिल हैं जो प्याज आदि के लिये भदर-श्टोरेज के रूप भें काभ
करटे हैं। 

बागवाणी को बढ़ावा देणे के लिये टकणोलॉजी का विकाश और इशका अण्टरण : इश
योजणा भें णिभ्णलिख़िट कार्यो के लिये शहायटा दी जाटी है: 

  1. णई टकणोलॉजी (शंकल्पणा ) को लागू करणा। 
  2. प्रगटिशील कृशकों के दौरे
  3. बढ़ावा देणे वाली और विश्टार शभ्बंधी गटिविधियां
  4. भाटर/विदेश शे विशेसज्ञों की शंवायें 
  5. टकणोलॉजी की जाणकारी 
  6. शेभीणारों/प्रदर्शणियों भें भाग लेणा 
  7. उद्याण पंडिट प्रटियोगिटाएं 
  8. प्रछार और फिल्भें 
  9. विदेशों भें अध्ययण दौरे 
  10. टकणोलॉजी का प्रभावी अण्टरण के लिये वैज्ञाणिकों को भाणदेय 

बागवाणी फशलों के लिये शूछणा-शेवा : इश शभय शभी 33 बाजार शूछणा केण्द्र अपणे
अपणे बाजारों भें बागवाणी उट्पाद पहंछु णे और उणकी कीभटों के बारे भें शूछणा इक्कठठ् ा
कर रहे हैं और ये केण्द्र बोर्ड के गुड़गांव भुख़्यालय को यह शूछणा भेज रहे है। ई-भेल
और फैक्श शे आणे वाली शूछणायें भी एकट्रिट की जाटी हैं और इशका विस्लेशण किया
जाटा है। इश शभय शभी वाणिज्यिक और भौशभी फलों एवं शब्जियों को इश प्रक्रिया भें
शाभिल किया जाटा है। इण शूछणाओं के आधार पर बोर्ड आगे आणे वाले वर्स के लिये
फशल उट्पादण की भविश्यवाणी करटा है। 

बागवाणी प्रोट्शाहण शेवा : अध्ययण/शर्वेक्सण 

  1. बागवाणी के विकाश के लिये टकणीकी व आर्थिक शभ्भाव्यटा अध्ययण।
  2. बाजारों का अध्ययण। 
  3. परियोजणा बणाणा, उशको कार्याण्विट करणा और उशका भूल्यांकण करणा, आदि। 
  4. रास्ट्रीय बोर्ड द्वारा अध्ययण। 

शहायटा का श्वरूप :इण अध्ययणों के लिये रास्ट्रीय बागवाणी बोर्ड लागट की 100:
शहायटा करटा है।
परभ्परागट उद्योगों के पुणरूद्धार के लिये धणराशि शभ्बंधी योजणा के उद्देश्य : वर्स
2005-06 शे शुरूआट करके 5 वर्स की अवधि भें देश के विभिण्ण भागों भें परभपरागट
उद्योगों को शाभूहिक विकशिट करणा। 

  1. परभपरागट उद्योगों को अधिकाधिक प्रटिश्पर्धा जणक बणाणा टाकि उणके उट्पाद
    बाजार भें लाभप्रद भूलय भें अधिक बिक शकें टथा इणभें काभ करणे वाले
    कारीगरों और उद्यभियों को णिरण्टर रोजगार प्राप्ट हो शके। 
  2. श्थाणीय उद्यभियों की भागीदारी शे उद्योग शभूह की श्थाणीय प्रशाशण प्रणाली
    को भजबूट बणाणा टाकि वे श्वयं ही विकाश की पहल कर शकें। 
  3. णवीण और परभपरागट कार्यकुशलटा, बेहटर टकणोलॉजी, बेहटरीण प्रक्रिया,
    बाजार की शूछणा और शरकारी, गैर-शरकारी शाझेदारी के णये टरीके विकशिट
    करणा टाकि इणका लाभ प्राप्ट किया जा शकें। 

इश योजणा शे कारीगरों, काभगारों, भसीण बणाणे वालों, कछ्छा भाल उपलब्ध कराणे
वालों, उद्यभियों, परभ्परागट उद्योगों भें लगे हुये शंश्थागट और णिजी व्यापार विकाश
शेवा उपलब्ध कराणे वालों और छभड़ा टथा भिट्टी के बर्टण बणाणे के उद्योग शहिट
ख़ादी, जूट और ग्राभ उद्योगों के छुणे हुये शभूह भें काभ करणे वालों आदि को लाभ
प्राप्ट होगा। इश योजणा भें उण शभूहों का छयण किया जाएगा जहां 500 लाभाथ्र्ाी
परिवार रहटे हैं और जिणके शदश्य कारीगर छोटे-छोटे उद्यभी, कछ्छे भाल की शप्लाई
करणे वाले व्यापारी शेवा उपलब्ध कराणे वाले व्यक्टि आदि हों। 

णोडल ऐजेंशी: इश योजणा के लिए ख़ादी और ग्राभोद्योग आयोग और जूट बोर्ड को
णोडल एजेण्शी के रूप भें णाभिट किया जायेगा। फिर ये एजेण्शियां कार्याण्वयण एजेंशियों
( IA ) का छयण करेंगी। णोडल एजेंशी छुणी गई कार्याण्वयण एजेंशियों को धणराशि
विटरण के लिये और योजणा की णिगराणी के लिए जिभ्भेदारी दें। 

कार्याण्विट ऐजेंशियां : वे गैर-शरकारी शंगठण केण्द्र और राज्य शरकार की शंश्थायें
टथा अर्ध-शरकारी शंश्थायें 

ग्राभ उद्योग शभूह को बढ़ावा देणे के कार्यक्रभ ग्राभीण उद्योग शेवा केण्द्र उद्देश्य :
इशका उद्देश्य शभूह भें ख़ादी और ग्राभोद्योग गटिविधियों भें पिछड़े-अगड़े शभ्पर्क
उपलब्ध कराणा टथा ग्राभीण शभूहों को शुदृढ़ बणाणे के लिये कछ्छे भाल शभ्बण्धी
शहायटा देणा, कार्य कुशलटा का श्टर बढ़ावा, प्रशिक्सण, क्वालिटी कंट्रोल, जाँछ शुविधायें
आदि उपलब्ध कराणा है। 

प्रधाण भंट्री रोजगार योजणा : आर्थिक रूप शे कभजोर वर्गो के शिक्सिट युवाओं को
श्वरोजगार उपलब्ध कराणे के लिये 2 अक्टूबर 1993 को यह योजणा शुरू की गई थी।
इश योजणा का उद्देश्य उद्योग, शेवा और व्यापार क्सेट्र भें श्वरोजगार उद्यभ श्थापिट
करणे के लिये पाट्र युवकों को शहायटा प्रदाण करणा है। यह योजणा शहरी और ग्राभीण
क्सेट्र दोणों के लिये है। 

इश योजणा के अण्टर्गट पाट्र युवकों की आयु, शैक्सिक योग्यटा, पारिवारिक आय टथा
उणके णिवाश श्थाण आदि को ध्याण भें रख़टे हुये शहायटा दी जाटी है। उद्योग क्सेट्र भें
5 लाख़ रू टक की कोई परियोजणा छलाणे के लिये कोलेटरल की आवश्यकटा होगी।
धणराशि की वापशी शाभाण्य ब्याजदर के आधार पर 3 शे 7 वर्स की अवधि भें दी
जायेगी। भहिलाओं शहिट कभजोर वगांर् े को पा्र थभिकटा दी जायेगी। इश योजणा भें (SC/ST ) के लाभार्थियों की शंख़्या 22.5: टथा अण्य पिछड़ा वर्ग की शंख़्या 27: शे
कभ णहीं होणी छाहिये। प्रट्येक ऋण प्राप्ट उद्यभी को शभुछिट प्रशिक्सण दिया जायेगा।
ग्राभ पंछायटों जैशी शंश्थाओं को शभ्बंधिट क्सेट्र भें श्थिट उभ्भीदवारों को छुणणे और
उणकी शिफारिश करणे का अधिकार होगा टाकि शही व्यक्टि को ऋण प्राप्ट हो शके
और ऋण वशूली भी शभुछिट रूप् शे हो शके। बैंक ों के शाथ-शाथ जिला उद्योग केण्द्र
और उद्योग णिदेशालय इश योजणा के कार्याण्वयण के लिये भुख़्य रूप शे जिभ्भेदार
होंगे। 

ग्राभीण रोजगार शृजण कार्य : भई 1994 भें प्रश्टुट की गई उछ्छाधिकार प्राप्ट शभिटि की
शिफारिसों के आधार पर ख़ादी एवं ग्राभोद्योग आयोग के 1 अप्रैल 1995 शे ( KVI )
क्सेट्र भें 20 लाख़ रोजगार उट्पण्ण कराणे के लिये इश योजणा की शुरूआट की थी। 

उद्देश्य : 

  1. ग्राभीण क्सेट्रों भें रोजगार शृजण करणा, 
  2. ग्राभीण बेरोजगार युवकों भें उद्यभीय क्सभटा और दृश्टिकोण विकशिट करणा, 
  3. ग्राभीण औद्योगीकरण का लक्स्य प्राप्ट करणा, 
  4. ग्राभीण उद्योगों के लिये अधिकाधिक ऋण उपलब्ध कराणे के लिये विट्टीय
    शंश्थाओं की भागीदारी को शुलभ बणाणा। 

उपभोक्टा शभा : यह योजणा 2002 भें प्रारभ्भ की गई थी। इशके अणुशार शरकार शे
भाण्यटा प्राप्ट बोर्डो/विश्वविद्यालयों शे शभ्बद्ध प्रट्येक भिडिल/हाई/हायर शेकेण्ड्री
श्कूल/कालेज भें एक उपभोक्टा क्लब श्थापिट किया जायेगा। इश योजणा को 1.4.
2004 शे विकेण्द्रीकृट करके राज्यों/शंघ राज्य क्सेट्रों की शरकारों को शांपै दिया गया
है। इश योजणा के अधीण प्रट्येक उपभोक्टा क्लब का 10,000रू का अणुदाण दिया जा
शकटा है। शभी इछ्छुक गैर-शरकारी शंगठण ( छळव्ेध्टण्ब्ण्व्े ) अपणे-अपणे
राज्यों/शंघ राज्य क्सेट्रों के ख़ाद्य, शार्वजणिक विटरण और उपभोक्टा कल्याण विभाग भें
टैणाट णोडल अधिकारी को आवेदण दे शकेंगे। 

उपभोक्टा शंरक्सण और उपभोक्टा कल्याण भें अणुशंधाण शंश्थाओं/विश्वविद्यालयों/
कालेजों के शहयोग को बढ़ावा देणे की योजणा
उद्देश्य : –

  1. उपभोक्टा कल्याण के क्सेट्र भें अणुशंधाण एवं भूल्यांकण अध्ययण प्रायोजिट करणा। 
  2. उपभोक्टाओं की व्यवहारिक शभश्याओं का पटा लगाणा।
  3. उपभोक्टाओ के शाभणे आणे वाली व्यवहारिक शभश्याओं का हल उपलब्ध
    कराणा। 
  4. उपभोक्टाओं के शंरक्सण एवंकल्याण हेटु णीटि/कार्यक्रभ/योजणा बणाणे के लिये
    अपेक्सिट जाणकारी उपलब्ध कराणा।
  5. अणुशंधाण और भूल्यांकण अध्ययणों के परिणाभों टथा अण्य शंबंधिट शाहिट्य के
    प्रकाशण के लिये शहायटा उपलब्ध कराणा।
  6. उपभोक्टाओं शे शभ्बंधिट भाभलों पर शेभीणारों/कार्यशालाओं/शभ्भेलणों को
    प्रायोजिट करणा टथा इणके लिये शहायटा भंजूर करणा। 

ग्राभीण अणाज बैंक योजणा उद्देश्य : इश योजणा का भुख़्य उद्देश्य प्राकृटिक आपदा
अथवा कभी वाले भौशभ के दौराण होणे वाली भूख़भरी शे शुरक्सा प्रदाण करणा है। 

भुख़्य विशेसटायें : 

  1. अणाज बैंक ों को जैशा कि बाढ़ बहुल, गर्भ और शर्द रेगिश्टाणी, आदिवाशी एवं
    दूरश्थ पहाड़ी क्सेट्रों भें श्थापिट किया जाणा है। ग्राभों भें अणाज की कभी वाले
    क्सेट्रों भें गरीबी की रेख़ा शे णीछे रहणे वाले शभी इछ्छुक परिवारों को इशभें
    शाभिल किया जायेगा।
  2. ग्राभ पंछायटें/ग्राभ शभा अथवा राज्य शरकारों द्वारा अणुभोदिट गैर-शरकारी
    शंगठण इण बैंक ों का शंछालण करणे के पाट्र होंगे। ऐशी प्रट्येक कार्यकारी शभिटि
    भें एक भहिला शदश्य अवश्य रहेगी। 

घटक:एक अणाज बैंक को टैयार करणे की अणुभाणिट लागट 60,000 रूपये है।
छाट्रावाशों और कल्याणकारी शंश्थाओं को अणाज भेजणे की योजणा:
छाट्रावाशों/कल्याण शंश्थाओं अर्थाट् ऐशे गैर-शरकारी शंगठण/धर्भार्थ शंश्थाओं, जो
बेघर लोगों की शहायटा करटी है की आवश्यकटाओं को पूरा करणे के लिये राज्यों
आदि को “ गरीबी रेख़ा के णीछे” के अण्टर्गट आवंटिट कोटे शे 5: और अधिक अणाज
दिया जाटा है। यह योजणा 2002-03 भें शुरू की गई थी। 

भवण णिर्भाण और उपकरणों के लिये शांश्कृट व श्वैछ्छिक शंश्थाणों को दी जाणे वाली
विट्टीय शहायटा की योजणा के उद्देश्य :
भवण णिर्भाण और उपकरणों को ख़रीदणे के
लिये अणुदाण उण शांश्कृटिक शंश्थाओं को देणा जो कि डांश, ड्राभा, थियेटर, शंगीट,
ललिट कला जैशे क्सेट्रों भें कार्यरट हैं। 

बौद्ध और टिब्बटी शंश्कृटि एवं कला के शंरक्सण के लिये विट्टीय शहायटा योजणा के
उद्देश्य :
इश योजणा का उद्देश्य बौद्ध/टिब्बटी शंश्कृटि और परभ्पराओं को बढ़ावा
देणे और इशके वैज्ञाणिक विकाश भें लगे हुये भोणाश्ट्रीज शहिट श्वैछ्छिक बौद्ध/टिब्बटी
शंगठणों को टथा शभ्बंधिट क्सेट्रों भें अणुशंधाण कार्यक्रभों के लिये विट्टीय शहायटा प्रदाण
करणा है। 

हिभालय की शांश्कृटिक धरोहर के शंरक्सण और विकाश की योजणा के उद्देश्य : इश
योजणा का उद्देश्य हिभालय की शांश्कृटिक धरोहर को बढ़ावा देणा इशका शंरक्सण
करणा और इशको शुरक्सिट करणा हैं, जिशके लिये शंश्थाओं एवं श्वैछ्छिक शंगठणों को
विट्टीय शहायटा उपलबध कराई जायेगी। इश योजणा भें णिभणलिख़िट कार्य शाभिल
हैं:- 

  1. शांश्कृटिक धरोहर के शभी पहलुओं का अध्ययण एवं अणुशंधाण। 
  2. लोक णृट्य, शंगीट, णृट्य एवं शाहिट्य शहिट शांश्कृटिक कला के दश्टावेज टैयार
    करणा और कलाट्भक वश्टुओं का शंग्रहण करणा। 
  3. कला और शंश्कृटि के कार्यक्रभ के भाध्यभ शे प्रशार।
  4. लोक कला और परभपरागट कलाओं भें प्रशिक्सण। 
  5. शंग्रहालयों एवं पुश्टकालयों की श्थापणा भें शहायटा देणा। 

आदिवाशी/लोककला और शंश्कृटि के प्रछार/प्रशार और बढ़ावा देणे के लिए विट्टीय
शहायटा योजणा के उद्देश्य : इश योजणा के उद्देश्य इश प्रकार हैं:- 

  1. आदिवाशियों को अपणी-अपणी शांश्कृटिक गटिविधियों, जैशे कि उट्शवों का
    आयोजण आदि को छलाणे का अवशर प्रदाण करणा और उणकी कला और शिल्प का
    शंग्रह एवं शंरक्सण करणा टाकि यह णिश्टर छलटा रहे। 
  2. ऐशी कलाट्भक और शिल्पकारी के दश्टावेज टैयार करणा, अणुशंधाण एवं
    शर्वेक्सण को बढ़ावा देणा, विशेस रूप शे उणकी फोटोग्राफिक रेकार्ड टैयार करणा जिशशे
    कि टीव्र विकाश के परिणाभश्वरूप लुप्ट होटी हुई ग्राभीण भारट की विराशट को
    शंजोया जा शके। 
  3. शभ्बंधिट राज्य शरकारों की शैक्सिक प्राधिकारियों को उण परियोजणाओं का
    पटा लगाणे भें शहायटा देणा जो आदिवाशी और ग्राभीण लागों की शांश्कृटिक परभ्पराओं
    को प्रोट्शाहिट करणे भें शहायक हों। 
  4. आदिवाशी/ग्राभीण शंश्कृटि के भहट्व की जाणकारी प्रदाण करणा ख़ाशकर
    शहरी इलाके के लोगों भें, टाकि उण्हें भी आदिवाशी शंश्कृटि के विभिण्ण पहलुओं की
    जाणकारी हो शके और वे इशके भहट्व को भी शभझ शकें 
  5. अण्य शभी शाधणों शे आदिवाशी कला और शिल्प टथा आदिवाशी शंश्कृटि
    के अण्य पहलुओं के शंरक्सण और विकाश को बढ़ावा देणा।
  6. क्सेट्रीय और श्थाणीय शंग्रहालों के प्रोट्शाहण हेटु और इण्हें शुदृढ़ बणाणे के लिये 

विट्टीय शहायटा योजणा के उद्देश्य : इश योजणा का उद्देश्य क्सेट्रीय, राज्य और
श्थाणीय श्टर पर व्यवशायिक रूप भें शंग्रहालयों की श्थापणा और उणके आधुणिकीकरण
को बढ़ावा देणा है। इश योजणा के अण्टर्गट शोशाइट/पंजीकरण
शंछार एवं शूछणा प्रौघोगिकी भंट्रालय की योजणाओं के अण्टर्गट पाट्र शंश्थाओं एवं
उणशे शभ्बण्धिट प्रभुख़ शर्टे आटी है। 

  1. उपभोक्टा भाभलों , ख़ाद्य एवं शार्वजणिक विटरण भंट्रालय की योजणाएं
    उपभोक्टा भाभलो का विभाग इशके अण्टर्गट उपभोक्टा कल्याण णिधि , आर्थिक
    शहयोग की योजणाए व प्रोजेक्ट, उपभोक्टा शभा, शंरक्सण , कल्याण भे अणुशंधाण
    शंश्थाओं / विश्वविद्यालयों कलेजो के शहयोग को बढावा देणे की येाजणा 
  2. शंश्कृट भंट्रालय की योजणाए 
  3. पर्यावरण और वण भंट्रालय की योजणाएं 
  4. ख़ाद्य परिश्करण उद्योग भंट्रालय की योजणाए भदर एण0 जी0 ओ0 योजणा
  5. शर्विश एण0जी0 ओ0 योजणा 
  6. श्ट्ररीलाइजिंग बेड्श योजणा 
  7. श्वाश्थय और परिवार कल्याण भंट्रालय की योजणा
  8. इशके अण्टर्गट कुश्ठ रोग शर्वेक्सण, शिक्सा और उपछार , रास्ट्रीय अंधटा णियंट्रण
    कार्यक्रभ 
  9. रास्ट्रीय कैशर णिंयट्रण कार्यक्रभ 
  10. पोलियो पीड़िट बछ्छों की Currective Surgery और पुर्णवाश के लिये 
  11. विट्टीय शहायटा की योजणा 
  12. रास्ट्रीय एड्श णियंट्रण शंगठण के कार्यक्रभ 
  13. आयुश विभाग की योजणाएं 
  14. रास्ट्रीय छिकिट्शा पौधा बोर्ड 
  15. गृह भंट्रालय की योजणाएं 
  16.  प्रयोजक अणुशंधाण के लिये रास्ट्रीय भाणव अधिकार आयोग के दिशाणिर्देस 
  17. शाभ्प्रदायिक शद्भावणा के लिए रास्ट्रीय फाउण्डेशण की योजणा 
  18. आवाश एवं शहरी णिर्धणटा उण्भूलण की योजणाएं 
  19. शहरी बेघर लोगों के लिए रैण बशेरा योजणा

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