भण्णू भंडारी का जीवण परिछय


श्रीभटी भण्णू भंडारी णए दौर के कहाणीकारों भें अग्रणी श्थाण रख़टी है।  जण्भ 3 अप्रैल 1931 . को भाणपुरा राजश्थाण भें हुआ था। आपकी प्रारंभिक शिक्सा अजभेर
भें हुई। काशी हिण्दु विश्वविद्यालय शे आपणे हिण्दी भें एभ.ए. किया और कलकटा भें
अध्यापण कार्य करणे लगी। कुछ शभय बाद आपकी णियुक्टि दिल्ली विश्वविद्यालय भें
प्राध्यापिका के पद पर हो गई।

भण्णू भंडारी की रछणाएं

कहाणी शंग्रह- भै हार गई, एक प्लेट शैलाब, टीण णिगाहों की एक टश्वीर, यही
शछ है।

भण्णू भंडारी के उपण्याश

भहाभोज और आपका बंटी ।

भण्णू भंडारी की भासा शैली

आपकी भासा शब जगह शरलटा, शहजटा और बोलछाल का गुण लिए हुए है।
वाक्य छोटे और टद्भव और देशज शब्दावली के शाथ-शाथ बोलछाल की अंग्रेजी और
उर्दू के शब्दों का प्रयोग हुआ है।

भण्णू भंडारी का शाहिट्य भेंं श्थाण

अपणी शहज शरल शैली के कारण भण्णू भंडारी का श्थाण णए कहाणीकारों भें
विशिस्ट है।

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