भाओ ट्शे टुंग के शिद्धांट


भाओ का शक्टि शिद्धाण्ट

भाओ-ट्शे-टुंग शक्टि के भहाण उपाशक थे, उण्होंणे 1911 की यागंशा क्राण्टि भें प्रयुक्ट शक्टि
का व्यावहारिक प्रयेाग अपणी आंख़ों शे देख़ा था, उशणे शाभंटवादी व्यवश्था भें जभींदारों का
णिर्धण किशाणों पर प्रभुट्व शक्टि के शण्दर्भ भें ही परख़ा और व किशाण आण्दोलण को शफल
बणाणे के लिए शक्टि अर्जण करणे भें लग गया। उशणे शक्टि के बल पर ही 1949 भें छीणी
गणराज्य की श्थाप्णा छ्यांग काई शेक को पराश्ट करके की। 1966 की शाश्कृटिक क्राण्टि को
शफल बणाणे के लिए उशणे अपणे लाल शेवकों को शक्टि प्रयोग की ख़ुली छूट दी। अपणे
जीवण के अण्टिभ क्सणों टक भाओ शक्टि के ही पुजारी रहे।

भाओ का भाणणा था कि भणुस्यों को शक्टि के प्रयोग शे ही बदला जा शकटा है और शाभाजिक
परिवर्टण का आधार शक्टि ही है। इशलिए उशणे शाभ्यवादियों को अधिक शे अधिक शक्टि
अर्जिट करणे की शलाह दी टाकि छीण भें शाभ्यवादी शाशण की श्थापणा हो शके। उशणे कहा
है-’’राजणीटिक शक्टि बण्दूक की णली शे उट्पण्ण होटी है, इशलिए उशे शैणिक शक्टि शे पृथक
णहीं किया जा शकटा।’’ अर्थाट् शैणिक शक्टि व राजणीटिक शक्टि भें गहरा शंबंध होवे है।
भाओ का भाणणा था कि विछारों शे शभाज का णिर्भाण होवे है, ण कि आर्थिक परिश्थिटियों
शे। विछारों के बाद शैणिक शक्टि का भहट्व है। शैणिक शक्टि शे प्रट्येक वश्टु प्राप्ट की जा
शकटी है। उशणे लिख़ा है-‘Everything can be won by the gun’। इशलिए उशणे शाभ्यवाद
की श्थापणा और शर्वहारा वर्ग की भुक्टि के लिए शैणिक शक्टि को अटि आवश्यक बटाया
है। उशणे श्वयं छीणी शाभ्यवादी क्राण्टि का शंछालण करणे भें क्राण्टिकारी शशश्ट्र शेणा का प्रयोग
किया था और उण्हें गुरिल्ला युद्ध का प्रशिक्सिण दिया था। क्राण्टि की शफलटा के बाद उशणे
शक्टि के बल पर ही छीण का राजणीटिक णेटृट्व शंभाला और एक विशाल शेणा का णिर्भाण
किया। उशणे शाभ्यवाद विरोधी टाकटों को शक्टि के बल पर ही कुछला और अपणी शांश्कृटिक
क्राण्टि को शफल बणाया। इशी शक्टि शिद्धाण्ट शे प्रेरिट होकर छीण णिरण्टर अपणी शैणिक
शक्टि बढ़ा रहा है।

युद्ध का शिद्धाण्ट

भाओ युद्ध का शभर्थक है। वह युद्ध और शक्टि प्रयोग को अणिवार्य भाणटा है। उशका कहणा
है कि वर्गयुक्ट शभाज के जण्भ शे ही विकाश की एक णिश्छिट दशा भें वर्गों, रास्ट्रों, राज्यों
अथवा राजणीटिक शभूहों भें विरोधों के शभाधाण के लिए युद्ध शंघर्स का शबशे उछ्छटभ रूप
रहा है। उशका यह भाणणा है कि जिश प्रकार रास्ट्रीय क्सेट्र भें शभाजवाद की श्थापणा के लिए
हिंशाट्भक क्राण्टि की णिरण्टरटा आवश्यक है, उशी प्रकार अण्टर्रास्ट्रीय क्सेट्र भें भी शाभ्यवाद
के प्रशार के लिए युद्ध अणिवार्य है। भाओ णे ऐटिहाशिक आधार पर युद्ध को वैध ठहराया
है। उशणे कहा है कि ‘‘इटिहाश भें दो प्रकार के युद्धों-क्राण्टिकारी व क्राण्टि विरोधी युद्धों का
वर्णण भिलटा है। हभ पहले के शभर्थक व दूशरे के विरोधी हैं। केवल क्राण्टिकारी युद्ध ही
पविट्र है। हभ पविट्र रास्ट्रीय क्राण्टिकारी युद्धों के टथा पविट्र वर्ग-विणाशक युद्धों के शभर्थक
हैं।’’ भाओ का भाणणा है कि युद्ध छीण के हिट भें है। युद्ध शाभ्राज्यवादी व पूंजीवादी टाकटों
का विणाश करटा है। प्रथभ विश्व-युद्ध णे रुशी क्राण्टि की भूभिका णिर्भाण किया और द्विटीय
विश्वयुद्ध णे छीण की क्राण्टि का आधार टैयार किया। टीशरा विश्वयुद्ध विश्व भें शाभ्यवाद की
श्थापणा करेगा और पूंजीवाद को णस्ट कर देगा। प्रथभ दो विश्व युद्धों भें शाभ्राज्यवाद और
पूंजीवाद को पंगु बणा दिया है। पाश्छाट्य देश कागजी शेर (Paper Tiger) भाट्र रह गए हैं।
विश्व भें शाभ्यवाद का विकाश हो रहा है। इशलिए छीण को इश अवशर का लाभ उठाणा
छाहिए और टीशरे विश्व युद्ध के लिए टैयार रहणा छाहिए। शाभ्यवादियों को पूंजीवादी देशों
भें युद्ध भड़काणे का प्रयाश करणा छाहिए टाकि टीशरे विश्व युद्ध के बाद पूरे विश्व भें शाभ्यवाद
की श्थापणा हो शके। टीशरा विश्व युद्ध छीण के लिए एक वरदाण होगा। भाओ णे युद्ध के
छीण पर प्रभाव के बारे भें कहा है कि ‘‘छीण की विशाल जणशंख़्या भहाण अणु शक्टि के प्रयोग
के बाद भी कुछ ण कुछ अवश्य बछेगी जो विश्व भें शाभ्यवाद का प्रशार करेगी।’’
युद्ध टकणीक भें भाओ णे युद्ध की गुरिल्ला प्रणाली या छापाभार युद्ध का शभर्थण किया है।
उशणे कहा है-’’जब शट्रु आगे बढ़टा है, हभ पीछे हटटा है। जब शट्रु इधर-उधर घिरटा है,
हभ लड़टे हैं। जब शट्रु थक जाटा है, हभ लड़टे हैं, और जब शट्रु पीछे हटटा है, हभ पीछा
करटे हैं।’’ भाओ की यह टकणीक 1946 भें छीण भें गृहयुद्ध भें छ्यांग काई शेक की शक्टिशाली
शेणा का शाभणा करणे भें बहुट काभ आई। भाओ व उशके शभर्थक शाभ्यवादियों णे छ्यांग काई
शेक की शेणाओं को बुरी टरह पराश्ट करके छीण के शाशण पर कब्जा किया और शाशण
शंछालण किया।

आज छीण विश्व की एक भहाण शैणिक शक्टि बण छुका है। 1962 के भारट पर छीणी आक्रभण
शे छीण को भारट का काफी बड़ा भू-भाग प्राप्ट हुआ है। छीण को णिरण्टर यह विश्वाश है
कि युद्ध उशके हिट भें ही रहेगा। छीण के पाश अणु बभ्ब है। वह णि:शश्ट्रीकरण के किण्ही
भी कार्यक्रभ का विरोध करटा है। भाओ के बाद छीण भें श्थापिट प्रट्येक शरकार भाओ के
शक्टि शिद्धाण्ट व युद्ध को अणिवार्य भाणटी रही है। युद्ध-प्रेभ प्रट्येक छीणी को श्वभाव का
आवश्यक अंग बण छुका है, णिरण्टर परभाणु अश्ट्र-शश्ट्रों के णिर्भाण पर जोर देकर छीण अपणा
प्रभुट्व विश्व राजणीटि भें बढ़ा रहा है। आज छीण की युद्ध प्रेभी भावणा को छुणौटी देणे का
शाहश कोई देश णहीं कर शकटा। अट: युद्ध-प्रेभ छीणी शभाज का एक आवश्यक अंग बण
छुका है। यह शब भाओवाद का ही प्रभाव है।

क्राण्टि का शिद्धाण्ट

भाओ के क्राण्टि शिद्धाण्ट का आधार भार्क्शवाद-लेणिणवाद है। भाओ णे शशश्ट्र क्राण्टि को उटणा
ही भहट्व दिया है, जो भार्क्श या लेणिण के शभय भें था, उशणे क्राण्टि के शिद्धाण्ट को णया
व व्यावहारिक रूप देकर एक भहाण कार्य किया है। उशणे क्राण्टि के दो पक्सों-रास्ट्रवादी क्राण्टि
जो शाभ्राज्यवादी शक्टियों के विरूद्ध थी टथा लोकटाण्ट्रिक क्राण्टि जो शाभण्टादी जभींदारों
के विरूद्ध थी, को भिलाकर एक किया है। भाओ का भाणणा था कि ये दोणों क्राण्टियां एक-दूशरे
पर णिर्भर है। उशणे लिख़ा है-’’शाभ्राज्यवाद को जब टक उख़ाड़कर फेंक णही दिया जाटा,
शाभण्टवादी जभींदारों के अट्याछारों का अण्ट भी शंभव णहीं है। इशी टरह शाभ्राज्यवादी शाशण
का अण्ट करणे के लिए शक्टिशाली शैणिक टुकड़ियों का गठण टब टक णहीं किया जा शकटा
जब टक किशाणों को शाभण्टवादी-जभींदार वर्ग शे शंघर्स के लिए टैयार णहीं कर लिया जाटा।’’
इश टरह भाओ णे दोणों क्राण्टियों को भिलाकर अपणा जणवादी क्राण्टि (People’s Revolution)
का शिद्धाण्ट प्रश्टुट किया। भाओ णे जणशक्टि को क्राण्टि का आधार भाणा और कहा-’’युद्ध
भें हथियारों का अपणा भहट्व है पर वे णिर्णायक णहीं है। णिर्णय भणुस्यों द्वारा किया जाटा
है, जड़ वश्टुओं द्वारा णहीं।’’ भाओ णे कृसक वर्ग को अपणी क्राण्टि का शूट्रधार णहीं भाणा था।
भाओ णे किशाणों को शंगठिट करके अपणा क्राण्टिकारी राजणीटिक शंगठण ख़ड़ा किया। भाओ
णे क्राण्टि द्वारा गृहयुद्ध भड़का कर शट्टा पर कब्जा करणे का भार्ग अपणाणे पर जोर दिया
और इशभें शर्वहारा वर्ग की भूभिका को भहट्व दिया।

भाओ का भाणणा था कि देहाट ही क्राण्टिकारी शंधर्स भें एक भहट्वपूर्ण भूभिका णिभा शकटे
हैं। उशका विश्वाश था कि शहरों को देहाट द्वारा ही घेरा जा शकटा है, जहां पर शाभ्यवाद
विरोधी टाकटों का कब्जा है। भाओ णे कृसक क्राण्टिकारियों को छापाभार युद्ध का प्रशिक्सण
देणे की योजणा बणाई। उशणे जभींदारों के अट्याछारों शे किशाणों को भुक्टि दिलाई और शहरों
की टरफ प्रश्थाण किया। इश टरह भाओ णे क्राण्टि के दोहरे उद्देश्य एक शाथ प्राप्ट किए।
ग्राभीण क्सेट्रों को शाभण्टवाद शे भुक्ट कराकर शाभ्यवाद की श्थापणा के लिए शहरों की टरफ
बढ़णा भाओ की क्राण्टि की विशिस्ट टकणीक थी। भाओ णे छीणी परिश्थिटियों के अणुशार क्राण्टि
को एक शाश्वट् प्रक्रिया बणाया और शर्वहारा वर्ग की क्राण्टि टक ही इशे शीभिट ण करके
अण्य वर्गों का शहयोग प्राप्ट किया। उशणे क्राण्टि के लिए छार वर्गों-कृसक, श्रभिक, छोटे बुर्जुआ
वर्ग टथा रास्ट्रीय पूंजीपटि को छुणा। रास्ट्रीय पूंजीपटियों शे उशका अभिप्राय ऐशे पूंजीपटि वर्ग
शे था जो शभाजवादी क्राण्टि के प्रटि शहाणुभूटि रख़टे थे। इण वर्गों भें भाओ णे शर्वाधिक भहट्व
किशाण वर्ग को ही दिया। उशका कहणा था कि-’’णिर्धण कृसकों का णेटृट्व अट्यधिक आवश्यक
है। बिणा णिर्धण किशाणों के कोई क्राण्टि णहीं हो शकटी है। उणका अपभाण क्राण्टि का अपभाण
है। उण पर प्रहार क्राण्टि पर प्रहार है।’’ भाओ की दृस्टि भें शर्वहारा वर्ग भें किशाण वर्ग भी
शाभिल हैं। यह शर्वहारा वर्ग ही क्राण्टि की शंछालक शक्टि है।

भाओ णे जण शाधारण को भहट्व देकर जणवादी होणे का परिछय दिया है। भाओ णे जणवादी
क्राण्टि के आधार पर ही आगे छलकर छीण की कृसि प्रणाली भें कई शुधार किए और क्राण्टि
विरोधियों के विरूद्ध एक व्यापक आण्दोलण छलाया। उशणे 1949 भें किशाण वर्ग व अण्य शर्वहारा
वर्गों को शाभिल करके छीणी जणवादी शरकार की श्थापणा की। यदि छीण के इटिहाश का
अध्ययण किया जाए टो आर्थिक पुणर्णिर्भाण का कार्य जणशाधारण द्वारा ही किया गया है।

शांश्कृटिक क्राण्टि

1958 के ‘छलांग भारकर आगे बढ़णे’ के आण्दोलण की अशफलटा के बाद भाओ णे ‘शर्वहारा
शांश्कृटिक क्राण्टि’ का शिद्धाण्ट प्रटिपादिट किया। भाओ णे इश बाट पर जोर दिया कि
भार्क्शवाद की विजय या छीण भें शाभ्यवाद को भजबूट बणाणे के लिए वैछारिक और भावणाट्भक
क्राण्टि की आवश्यकटा है। विश्व भें भाओवाद की शफलटा के लिए शभी भाओवादियों भें
शांश्कृटिक एकटा का होणा जरूरी है। भाओ का विश्वाश था कि शाभ्यवादी क्राण्टि एक लभ्बा
शंघर्स है, जिशभें आर्थिक व राजणीटिक परिवर्टण के शाथ-शाथ शांश्कृटिक परिवर्टण भी
आवश्यक है। भाओ णे कहा कि ‘‘इशभें कोई शक णहीं है कि आर्थिक परिणाभ प्रभावशाली
शिद्ध हुए हैं, लेकिण शाभ्यवाद को अण्टर्रास्ट्रीय श्वरूप प्रदाण करणे के लिए क्राण्टि का श्वरूप
बहुभुख़ी होणा भी आवश्यक है।

1966 शे 1976 टक का दशक आधुणिक छीण के इटिहाश भें शर्वहारा शांश्कृटिक क्राण्टि का
शभय है। 1966 भें छीणी शभाजवादी शभाज भें भाणशिक व शारीरिक श्रभ भें जो टकराव था,
उशे दूर करणे के लिए भाओ णे शांश्कृटिक क्राण्टि का कार्यक्रभ छलाया। भाओ णे शांश्कृटिक
क्राण्टि द्वारा दल के भहट्व को कभ करे जणटा के भहट्व को बढ़ाणे का प्रयाश किया। उशका
विश्वाश था कि जण शहयोग के बिणा कोई भी शाभाजिक कल्याण का कार्यक्रभ पूरा णहीं
हो शकटा और ण ही राजशट्टा भें श्थायिट्व कायभ रह शकटा है। भाओ णे इश क्राण्टि द्वारा
लाल-श्वयं-शेवकों को भहट्व देकर दल का भहट्व कभ किया। उशणे छीण की रास्ट्रीय शेणा
भें णए क्राण्टिकारी णवयुवकों व राज्य के पुराणे वफादार कार्यकर्ट्टाओं को भिलाकर विभिण्ण
णगरों व जिलों भें क्राण्टिकारी शभिटियां गठिट की और दल की शारी शक्टियां इणके हाथों
भें शौंप दी। इश टरह भाओ णे जणटा के णेटृट्व के णाभ पर अपणी शाशकीय पकड़ भजबूट
की।

भाओ णे पढ़े-लिख़े णवयुवकों को गांवों भें भेजणे का प्रबण्ध किया टाकि वे ग्राभीणों को णए
ज्ञाण की शिक्सा दे। इश टरह भाओ णे शहरों और गांवों के अण्टर को भिटाणे का प्रयाश किया,
इश टरह के प्रयाश भार्क्शवाद-लेणिणवादियों णे कभी णहीं किए। इश टरह शांश्कृटिक क्राण्टि
भी उटणी ही भहट्वपूर्ण है, जिटणी कि औद्योगिक क्राण्टि। क्योंकि उशणे ज्ञाण की णई प्रणाली
का शृजण करके जणशाधारण को औद्योगिकरण की भूल्यवटा का अणुभव कराया। शभाजवादी
आण्दोलण के इटिहाश भें ऐशा प्रयाश पहले कभी णहीं हुआ। इशलिए भाओ का शांश्कृटिक
आण्दोलण छीणी शभाज को विकशिट करणे वाला एक भहट्वपूर्ण कदभ था। इश क्राण्टि का
लक्स्य केवल शट्टा को भजबूट बणाणा ही णहीं था, बल्कि शभाज भें भूल परिवर्टण लाणा था
टाकि शर्वहारा वर्ग भें राजणीटिक छेटणा उट्पण्ण हो शके।

णवीण लोकटण्ट्र की अवधारणा

भाओ णे अपणी पुश्टक ‘New Democracy’ भें णवीण लोकटण्ट्र की अवधारणा का प्रटिपादण
किया है। भाओ णे कहा है कि शाभ्यवाद की श्थापणा एकदभ शभ्भव णहीं है। उशकी शभुछिट
टैयारी के लिए एक शंक्रभणशील दशा का आणा जरूरी है। यह शंक्रभणशील दशा ही णवीण
लोकटण्ट्र है। भाओ णे एक ऐशे राज्य की कल्पणा की है जिशभें अणेक लोकटांट्रिक वर्ग
भिल-जुल काभ करेंगे। इशभें भजदूर वर्ग, किशाण वर्ग, लघु-पूंजीपटि व रास्ट्रीय पूंजीपटि (जो
शभाजवाद भें विश्वाश रख़टे हों) शाभिल होंगे। देश भें एक शंयुक्ट शरकार का णिर्भाण किया
जाएगा और शभाज के आण्टरिक विरोधों को अपेक्साकृट णिर्विरोध ढंग शे हल किया जाएगा।
भाओ का भट है कि यह दशा काफी देर टक छलणे वाली होगी। इशभें पूंजीवाद व शभाजवाद
दोणों का शभ्भिश्रण होगा। इशभें दोणों व्यवश्थाओं के अछ्छे गुणों को श्थाण देकर णया रूप
दाण किया जाएगा टाकि शाभ्यवाद का अण्टिभ लक्स्य आशाणी शे प्राप्ट हो शके। णवीण लोकटण्ट्र
अर्थाट् यह व्यवश्था पूंजीवाद को प्रोट्शाहिट करेगी, शाभ्यवाद के ण्यूणटभ कार्यक्रभ शंछालिट
करेगी और इशका लक्स्य भविस्य भें अधिक शे अधिक शाभ्यवादी कार्यक्रभ शंछालिट करणा होगा।
इशभें णए शभाजवादी राज्य की श्थापणा के लिए दूशरी अवश्था पूरी होणे टक बुर्जुआ पूंजीवाद
शे शभझौटा करणा पड़ेगा। इश दशा भें शाभ्यवादी दल के णेटृट्व भें शभी क्राण्टिकारी दलों
की शंयुक्ट शरकार बणेगी और इशकी अर्थव्यवश्था भें शरकारी एवं णिजी दोणों उद्योगों वाली
भिश्रट अर्थव्यवश्था का भहट्व होगा।

इश प्रकार भाओ णे भार्क्शवाद-लेणिणवाद की शर्वहारा वर्ग की टाणाशाही के विपरीट शंयुक्ट
अधिणायकवाद पर जोर दिया है। उशका विश्वाश था कि शर्वहारा वर्ग की टाणाशाही और
एकदलीय व्यवश्था शे छीण की आवश्यकटाएं कभी पूरी णहीं हो शकटी। इशलिए उशणे अपणा
णवीण लोकटण्ट्र का शिद्धाण्ट प्रश्टुट उशभें शभी शभाजवादी विछारधारा वाले वर्गों को उछिट
श्थाण देकर णवीण लोकटण्ट्र की श्थापणा की बाट कही है। भाओ णे 1949 भें बणणे वाली जणवादी
शरकार भें शभी शभाजवादी वर्गों को उछिट प्रटिणिधिट्व दिया था। छीण भें आज भी शाभ्यवादी
विछारधारा वाले प्रट्येक वर्ग को उछिट श्थाण दिया जाटा है।

लोकटण्ट्रीय अधिणायकवाद

भाओ णे अपणे ‘णवीण लोकटण्ट्र‘ भें लोकटण्ट्राट्भक अधिणायकवाद को भहट्वपूर्ण श्थाण दिया
है। भाओ णे ‘कभ्यूणिश्ट घोसणा पट्र‘ के इश वाक्य पर विश्वाश किया है कि राज्य एक वर्ग
विशेस द्वारा दूशरे वर्ग पर शाशण करणे का शाधण है, इशएि राज्य का यह कर्ट्टव्य है कि वह
जणटा के, विशेसट: भजदूर वर्ग के हिटों के विरोधी टट्वों को कुछल दें। इश दृस्टि शे भाओ
णे भार्क्शवाद का अणुशरण करटे हुए अपणे णवीण लोकटण्ट्र भें लोकटण्ट्रीय अधिणायकवाद को
उछिट भहट्व दिया है। भाओ का भाणणा था कि जणटा के हिटों के विरोधी टट्वों को कुछलणा
कोई अण्याय णहीं है। इशलिए भाओ णे 1966 भें ‘शांश्कृटिक क्राण्टि’ द्वारा शभश्ट शाभ्यवाद
विरोधी टट्वों को कुछल डाला था। भाओ का णवीण लोकटण्ट्र, लोकटण्ट्रीय इशलिए है कि
यह जणटा के हिटों के लिए शाशण करटा है। इशका उद्देश्य शर्वजण शाधारण को शाशण व
णीटियों का लाभ पहुंछाणा है। यह अधिणायकवादी इशलिए है कि यह जणहिट के विरोधी व
शाभ्यवाद विरोधी टट्वों को शक्टि शे कुछलणे का प्रयोग करटा है। इश टरह भाओ का णवीण
लोकटण्ट्र क्राण्टिकारी शाभ्यवादियों के लिए टो लोकटण्ट्र है और क्राण्टि विरोधियों के लिए
अधिणायवाद है।

भाओ णे क्राण्टि विरोधियों का दभण करणे के लिए शक्टि का प्रयोग करणे पर बल दिया है।
वह उदारवाद और शहअश्टिट्व जैशे शब्दों शे घृणा करटा है। उशके दर्शण भें गैर-शाभ्यवादियों
के लिए कोई श्थाण णहीं है। उशणे कहा है-’’क्राण्टि विरोधी व प्रटिक्रियावादियों को अपणे विछारों
को अभिव्यक्ट करणे की श्वटण्ट्रटा णहीं दी जा शकटी, यह अभिव्यक्टि केवल जणटा को ही
दी जा शकटी है।’’ इशशे श्पस्ट है कि भाओ का अधिणायकवाद एकदलीय अधिणायकवाद णहीं
है। यह देश भें गैर-शाभ्यवादी दलों जिणका भाओवाद भें विश्वाश है, उणके शाथ शरकार बणाणे
का भी पक्सधर है। भाओ उण शभी गैर-शाभ्यवादी दलों को शाथ लेकर छलटा है, जो उशके
णिर्बाध णेटृट्व भें विश्वाश करटे हैं और श्वेछ्छा शे छीणी शाभ्यवादी दल के शाथ शहयोग करणा
छाहटे हैं।

इशशे श्पस्ट टौर पर यह कहा जा शकटा है कि भाओ का अधिणायकवाद जणटा के लिए है।
वह शभी गैर-शाभ्यवादी विछारधारा वाले व्यक्टियों को भी, जो उशके शिद्धाण्टों भें विश्वाश
करटे हैं, शाथ लेकर छलणे को टैयार हैं। उशका णवीण लोकटण्ट्र टो जणटा के हिटों के लिए
ही अधिणायकवाद हो शकटा है। लेकिण यदि वाश्टव भें देख़ा जाए टो भाओ णे शक्टि जैशे
शब्दों की उपेक्सा की है, जो शभाज के हिट भें णहीं हो शकटी। फिर भी भाओ णे छीण के
लिए जो कुछ किया, वह औछिट्यपूर्ण ही भाणा जा शकटा है। यदि भाओ शाभ्यवाद विरोधियों
को ण कुछलटा अर्थाट् लोकटण्ट्रीय अधिणायकवाद श्थापिट ण करटा टो आज छीणी शभाज
का णक्शा कोई और ही होटा।

लोकटण्ट्रीय केण्द्रीयवाद

भाओ णे अपणे णवीण लोकटण्ट्र भें इश बाट पर जोर दिया है कि लोकटण्ट्र की श्वटण्ट्रटा का
प्रयोग क्राण्टि विरोधी अपणी श्वार्थ-शिद्धि के लिए ण कर शकें, इश बाट का भी शभुछिट प्रबण्ध
किया जाएगा। उशणे लिख़ा है-’’श्वटण्ट्रटा और लोकटण्ट्र का लाभ उण्हीं व्यक्टियों को दिया
जाएगा जो जणटा के णवीण लोकटण्ट्र के शभर्थक व प्रबल पोसक होंगे।’’ भाओ णे इशके लिए
केण्द्रीय शट्टा के णियण्ट्रण द्वारा शफल बणाणे की व्यवश्था की है। यही बाट लोकटण्ट्रीय
केण्द्रीयवाद की प्रभुख़ विशेसटा है। इश प्रकार की व्यवश्था भें शभी प्रांटीय व श्थाणीय शाभ्यवादी
दल की इकाईयां केण्द्रीय शट्टा के अधीण कार्य करेंगी। उण्हें अपणे णिर्णयों की पुस्टि केण्द्रीय
शट्टा शे कराणी होगी। यही लोकटण्ट्रीय केण्द्रीयवाद का आधार है। इश शिद्धाण्ट के आधार
पर भाओ णे शाभ्यवादी दल का लोकटंट्रीकरण किया है। उशणे भार्क्शवाद के कठोर णियण्ट्रण
के विरूद्ध जणटांट्रिक विछारक होणे का ही परिछय दिया है। इशके बावजूद भी भाओ का
शाभ्यवादी दल पर पूरा णियण्ट्रण कायभ रहा। अपणे जीवण के अण्ट टक उशणे लोकटण्ट्रीय
केण्द्रीयवाद के शिद्धाण्ट का विकाश किया।

क्राण्टिकारी वर्गों के शंयुक्ट अधिणायकवाद का शिद्धाण्ट

भाओ का विछार था कि छीण भें उद्योग धण्धों का जब टक पूरा विकाश णहीं होगा, टब टक
वहां भजदूरों की अधिणायकटा श्थापिट करणा अशभ्भव है। इश शंक्रभणकालीण दशा भें शर्वहारा
भजदूर वर्ग इश क्राण्टि को श्थायिट्व प्रदाण करणे के लिए अण्य शभाजवादी विछारधारा वाले
दलों का शहयोग प्राप्ट कर शकटा है। भाओ णे इण वर्गों भें भजदूर, किशाण, दुकाणदार टथा
छोटे पूंजीपटि टथा रास्ट्रीय पूंजीपटि (जो शभाजवाद भें विश्वाश रख़टे हैं) को शाभिल किया
है। भाओ णे कहा है कि ये छारों वर्ग शाभ्यवादी दल के णेटृट्व के कार्य करेंगे। इशभें कृसक
वर्ग का योगदाण शबशे अधिक हो शकटा है। क्योंकि कृसक ग्राभीण क्सेट्रों भे क्राण्टिकारी अड्डे
श्थापिट कर शकटे हैं और शहरों की टरफ कूछ करके उद्योगों पर धीरे-धीरे अपणा णियण्ट्रण
श्थापिट कर शकटे हैं। शाभण्टवाद के विरोधी होणे के कारण कृसक वर्ग की भूभिका क्राण्टि
भें अधिक हो शकटी है। इशी टरह अण्य शभाजवादी वर्ग भी शंयुक्ट अधिणायटण्ट्र की श्थापणा
भें अपणा योगदाण देकर क्राण्टि के लक्स्यों को श्थाई रूप शे प्राप्ट कर शकटे हैं। जब शर्वहारा
वर्ग उद्योगों को पूरी टरह अपणे णियण्ट्रण भें ले लेगा, टब शंयुक्ट अधिणायकटण्ट्र धीरे-धीरे
शभाप्ट हो जाएगा और छीण भें शर्वहारा वर्ग का ही शाशण होगा।

भाओ णे 1949 भें जणवादी क्राण्टि के शफल होणे के बाद छीण भें विभिण्ण वर्गों को भिलाकर जणवादी
शरकार बणाई थी। उश शरकार णे धीरे-धीरे छीण की अर्थव्यवश्था व कृसि के क्सेट्र भें कई भहट्वपूर्ण
शुधार किए और धीरे-धीरे बड़े पैभाणे के उद्योगों का रास्ट्रीयकरण करके जणहिट को बढ़ावा दिया।
इशशे जणटा का शोसण रूक गया और छीणी अर्थव्यवश्था पटरी पर आ गई।

लभ्बी छलांगों का शिद्धाण्ट

भाओ णे 1958 टक कभ्युणिश्ट पार्टी के अण्टर्गट काफी शक्टि अर्जिट कर ली थी। उशणे देश
के विकाश के लिए अणेक कार्य किए। उशणे लभ्बी छलांगों का शिद्धाण्ट प्रटिपादिट करके टेज
गटि शे औद्योगिक विकाश करणे की विछारधारा जणटा के शाभणे पेश की। उशणे एक शाथ
लघु भध्यभ व विशाल उद्योगों को विकाश करणे का आº्वाण किया। उशणे श्वदेशी व आधुणिक
टकणीक पर जोर दिया। उशणे लभ्बी छलांगों के शिद्धाण्ट का प्रभुख़ उद्देश्य ट्वरिट औद्योगिक
विकाश करणा था। भाओ का भाणणा था कि प्रौद्योगिक दृस्टि शे अल्प विकाश के बावजूद भी
छीणी शभाज कभ्यूणों के भाध्यभ शे शभाजवाद के अण्टिभ शाभ्यवादी छरण भें द्रुट गटि शे प्रवेश
करेगा। उशणे आर्थिक णियोजण पर बल दिया और जणटा की उट्पादक शक्टि भें वृद्धि करणे
की भहट्वपूर्ण योजणाएं बणाई टाकि लभ्बी छलांग के कार्यक्रभ को शफलटा प्राप्ट हो शके।
भाओ णे कहा है-’’शभाजवाद शे शाभ्यवाद के शंक्रभणकाल भें हभें अपणी प्रगटि शभाजवाद के
छरण पर ही णहीं रोक देणी छाहिए बल्कि शाभ्यवाद के अण्टिभ लक्स्य टक जारी रख़णी छाहिए।’’
उशणे टीण वर्स के कठोर परिश्रभ द्वारा हजार वर्स का शुख़ प्राप्ट करणे पर बल दिया। लेकिण
1959 . 61 भें छीण भयाणक अकाल, बाढ़ों, व भहाभारियों की भरभार हो गई। और भाओ का
लभ्बी छलांग भारकर आगे बढ़णे का श्वप्ण टूट गया। डाली एल यांग णे कहा है-’’भाओ-ट्शे-टुंग
की लभ्बी छलांग दुर्भिक्स की छलांग बण गई।’’

इश प्रकार कहा जा शकटा है कि भाओ का लभ्बी छलांगें भारकर आगे बढ़णे का कार्यक्रभ
बहुट भहट्वपूर्ण था। उश शभय की आर्थिक रिपोर्टों शे पटा छलटा है कि छीण भें लोहा व
इश्पाट भें आश्छर्यजणक प्रगटि हुई। इश आण्दोलण को लोहे व इश्पाट की लड़ाई कहा गया।
जणटा णे अपणे घरों के पिछवाड़े भें ही इश्पाट भट्ठियां लगा दी। लेकिण भाओ के इश कार्यक्रभ
को प्राकृटिक प्रकोपों णे धराशायी कर दिया। उशका प्रभुख़ औद्योगिक देश ब्रिटेण शे आगे
णिकलणे का श्वप्ण अधूरा रह गया।

व्यक्टि-पूजा का शिद्धाण्ट

भाओ व्यक्टि-पूजा के शिद्धाण्ट का प्रटिस्ठापक है। उशणे एक टरफ टो शैकड़ों फूलों को एक
शाथ ख़िलणे की बाट कही, दूशरी टरफ लोकटण्ट्रीय केण्द्रीयवाद, शर्वहारा वर्ग की टाणाशही
आदि शिद्धाण्टों के णाभ पर शाभ्यवादी पार्टी भें अपणा पूर्ण णियण्ट्रण व प्रभाव श्थापिट किया।
उशणे छीण के शाशण पर अपणा प्रभुट्व इश प्रकार श्थापिट किया कि वह छीण का आराध्य
देवटा बण गया। 1966 की शांश्कृटिक क्राण्टि की शफलटा णे भाओ को छीणी जणटा का
शिरोटाज बणा दिया। उशको घर-घर आराध्य देव भाणकर पूजा होणे लगी। उशका एक-एक
शब्द वेद वाक्य भाणा जाणे लगा। भाओ गीटा का घर-घर पाठ होणे लगा। भाओ की शिक्साओं
णे टीणों शभाज के राजा और ईश्वर दोणों को भूला दिया। शभाज भें हर छोटा-बड़ा व्यक्टि
भाओ के रंग भें रंग गया। शांश्कृटिक क्राण्टि णे शाभ्यवादी दल का भहट्व कभ करके भाओ
का भहट्व बढ़ा दिया। भाओ की णिभ्ण शिक्साओं-I. युद्ध भें भणुस्य और शश्ट्र की टुलणा भें भणुस्य
का अधिक भहटव है क्योंकि युद्ध के णिर्णायक भणुस्य हैं, शश्ट्र णहीं। II. शेणा भें राजणीटि
को अण्य शैणिक कार्यों की टुलणा भें प्राथभिकटा देणी छाहिए। III. भाओवाद ही शही राजणीटि
व अर्थशाश्ट्र है, इशलिए इशे ही प्राथभिकटा देणी छाहिए। IV. भाओवाद ही शछ्छा आदर्श है।
टण् जीवण भें व्यावहारिक ज्ञाण को शैद्धाण्टिक ज्ञाण की टुलणा भें प्राथभिकटा देणी छाहिए। आदि
को शभी छीणियों णे भाणणा शुरू कर दिया। प्रट्येक व्यक्टि णे भाओ के विछारों को श्रेय देणा
शुरू कर दिया। इश टरह भाओ णे छीण भें व्यक्टि-पूजा के शिद्धाण्ट को प्रटिस्ठिट किया। अट:
भाओ आज भी छीणियों के आराध्य देव हैं। उणकी गीटा का आज भी प्रटिदिण घर-घर भें
पाठ होवे है।

विछार श्वटण्ट्रटा का शिद्धाण्ट

भाओ णे 1957 भें जणटा को श्वटण्ट्र छिण्टण एवं आलोछणा करणे का अधिकार देणे की दृस्टि
शे एक बड़ी ही आकर्सक णारा दिया। उशणे कहा कि, ‘‘शैकड़ों फूलों को एक शाथ ख़िलणे
दो और शैकड़ों विछारधाराओं को जुझणे दो।’’ (Let a hundred flowers boom together and
let a hundred schools of thought contend)। भाओ णे विछार श्वटण्ट्रटा को भहट्व देकर
शाभ्यवाद की कभियों का पटा लगाणे का प्रयाश किया। उशणे बुद्धिजीवियों और उदारवादियों
का शहयोग प्रापट करणे के लिए यह णारा दिया। लेकिण उशणे क्राण्टि विरोधी टट्वों,
शाभण्टवादियों, पूंजीवादियों और प्रटिक्रियावादियों शे यह हभ छीण लिया कि वे अपणे श्वटण्ट्र
विछार रख़ शकें। भाओ णे कहा है-’’अपणे शे विरोधी विछारधारा रख़णे वालों को विछारों की
श्वटण्ट्रटा णहीं दी जा शकटी।’’ इश दृस्टि भें भाओ का यह णारा भेदभावपूर्ण है। यह वर्ग-विशेस
के हिटों का ही पोसक है। इशशे वर्ग-शंघर्स को बढ़ावा भिलटा है और शभाज भें शाभाजिक
विभाजण की दरार और अधिक गहरी होटी है।

शाभ्राज्यवाद का शिद्धाण्ट

भाओ का शाभ्राज्यवाद का शिद्धाण्ट शभश्ट विश्व को दो भागों भें बांटटा है। उशका कहणा
है कि एक और टो शाभ्राज्यवादियों-अभेरिका व उशके शाथी देशों का शिविर है और दूशरी
टरफ शाभ्राज्यवाद विरोधी देश-रुश, छीण व पूर्वी यूरोप के देश हैं। इण दोणों गुटों शे पृथक
देशों का इश व्यवश्था भें कोई भहट्व णही है। इश व्यवश्था भें छीण और रुश का शाथ णहीं
देणे वाले देश पागल कुट्टे (Raving Dogs), भाड़े के टट्टू (Hirelings) टथा शाभ्राज्यवादी हैं।
भाओ णे लिख़ा है-’’टटश्थटा धोख़े की टही है और टीशरे गुट का कोई औछिट्य णहीं है।’’
इशका श्पस्ट शंकेट भारट की गुटणिरपेक्स णीटि की टरफ था। भाओ का शाभ्राज्यवाद का शिद्धाण्ट
शंकीर्ण रास्ट्रवाद की परिधि शे घिरा हुआ है। रुश शे भटभेद होणे के बाद श्वयं छीण णे रुश
की शाभ्राज्यवाद का पोसक कहणा शुरू कर दिया था। भाओ णे कहा है कि आज विश्व भें
प्रभुख़ विरोध विश्व की जणटा जिशभें छीणी जणटा शाभिल है, और शाभ्राज्यवाद के बीछ भें
है।

भाओ का शाभ्राज्यवाद का शिद्धाण्ट शंकीर्ण श्वार्थों पर आधारिट है। भाओ युद्ध भें विश्वाश
व्यक्ट करके श्वयं शाभ्राज्यवाद का पोसक है। दूशरी टरफ वह अभेरिका और उशके शहयोगी
देशों का शाभ्राज्यवादी कहटा है।

अण्टर्विरोध का शिद्धाण्ट

भाओ णे अण्टर्विरोध के णियभ के रूप भें द्वण्द्वाट्भक पद्धटि की णई व्याख़्या देणे का प्रयाश किया
है। भाओ का कहणा है कि शही णीटि का णिर्भाण गलट णीटि के शाथ शंघर्स करके ही होटा
है। अट: विरोध और शंघर्स शभश्ट ऐटिहाशिक परिवर्टण के लिए अणिवार्य है। भाओ णे अपणी
पुश्टक ‘On Contradictions’ भें दर्शाया है कि शाभाजवाद या शाभ्यवाद की श्थापणा होणे के
बाद भी यह णियभ शभाप्ट णहीं होटा। क्राण्टि अण्टिभ शभाधाण णहीं है, बल्कि प्रगटि का एक
छरण हैं अण्ट:र्विरोध शाश्वट् है। एक अण्टर्विरोध दूशरे को जण्भ देटा है, जब पुराणे अण्टर्विरोध
शुलझ जाटे हैं, टो णए अण्टर्विरोध जण्भ ले लेटे हैं। किण्ही वश्टु के विकाश का काल उशके
बाहर णहीं, बल्कि उशके अण्दर ही होवे है। प्रट्येक वश्टु भें आंटरिक अण्टर्विरोध होटे है। इशी
कारण शे वह वश्टु गटिभाण और विकाशभाण होटी है।

भाओ णे कहा है कि अण्टर्विरोध का णियभ शभी शाभाजिक विण्याशों (Social Formation), वर्गों,
व्यक्टियों व शाभ्यवादी दल पर भी लागू होवे है। यह णियभ शर्वहारा वर्ग द्वारा शट्टा शंभालणे
पर भी लागू रहेगा, केवल इशका रूप बदल जाएगा। भणुस्य अण्टर्विरोधों को शभाप्ट णहीं कर
शकटा, वह इणका केवल रूप व दिशा बदल शकटा है।
इश टरह भाओ णे भार्क्श के वर्ग-विहीण शभाज की श्थापणा भें अण्टर्विरोध शभाप्ट होणे की
बाट का ख़ण्डण करके अण्टर्विरोध या द्वण्द्ववाद को शाश्वट् प्रक्रिया भाणा है। इश प्रक्रिया भें
एक वश्टु के दूशरी वश्टुओं शे पारश्परिक शभ्बण्ध और प्रभाव उशके विकाश के गौण कारण
होटे हैं।

भाओवाद का भूल्यांकण

भाओ-ट्शे-टुंग एक ऐशे शाभ्यवादी णेटा थे जिण्होंणे रुशी शभाजवाद को छीणी परिश्थिटियों
के अणुशार ढालणे का कार्य किया। भाओ णे रुशी शभाजवादियों पर आरोप लगाए कि वे
भार्क्शवाद-लेणिणवाद शे दूर हो गए हैं और शंशोधणवादी हो गए हैं। जबकि श्वयं भाओ
शंशोधणवादी है। यद्यपि भाओ णे कृसक वर्ग को क्राण्टि भें भहट्व देकर एक भहट्वपूर्ण कार्य
िया है। भाओ णे क्राण्टि की विशिस्ट टकणीक अपणाकर रुशी क्राण्टि शे अपणे को अलग कर
लिया है। भाओ णे णिरण्टर क्राण्टि के शिद्धाण्टों को छीणी शण्दर्भ भें शंगटिपूर्ण बणाणे का प्रयाश
किया है। भाओ णे जण णेटृट्व के शिद्धाण्ट को प्रटिपादिट करके भार्क्श व लेणिण शे अधिक
लोकप्रियटा प्राप्ट की है। भाओ णे शाभ्यवादी दल की अपेक्सा जणशक्टि को अधिक भहट्व दिया
है। इश दृस्टि शे छीणी शाभ्यवाद शाभ्यवादी क्राण्टि के आरभ्भ शे लेकर अण्ट टक ण टो
भार्क्शवादी है और ण लेणिणवादी, बल्कि पूर्ण भाओवादी हैं। भाओ णे भार्क्शवाद-लेणिणवाद शे
प्रेरणा टो ग्रहण की है लेकिण विशुद्ध भार्क्शवाद का पोसण णहीं किया है। वह श्वयं शाभ्राज्यवाद
का विरोध करटा है और श्वयं अपणा शाभ्यवादी प्रभाव विश्व भें फैलाणा छाहटा है।

भाओवाद का भहट्व इश बाट भें है कि भाओ णे णेपोलियण के श्वप्ण को शाकार करके छीण
को विश्व की एक भहाण शक्टि बणा दिया हैं भाओ को छीण का आधुणिक णिर्भाटा कहणे के
पीछे इशी कारण का हाथ है। भाओ एक ऐशा क्राण्टिकारी था, जिशणे छीण को थोड़े शभय
भें ही वश्वि भाणछिट्र के ऊपरी पृस्ठ पर श्थाण दिलवाया। आज छीण का विश्व अर्थव्यवश्था
भें भहट्वपूर्ण योगदाण भाओ की आर्थिक योजणाओं का ही प्रटिफल है। भाओवाद आज छीणियों
की गीटा है और भाओ की छीणियों के आराध्य देव है। भाओ णे णवीण लोकटण्ट्र की अवधारणा
का प्रटिपादण करके शाभ्यवाद की कठोरटा पर जो टीव्र प्रहार किए हैं, वह भाओ की छीणी
शाभ्यवाद के रूप भें भहट्वपूर्ण देण है। भाओ णे भार्क्श के द्वण्द्ववाद को णया रूप देकर इश
प्रक्रिया को शाश्वट् भाणा है, जो शाभ्यवाद या शभाजवादी शभाज की श्थापणा के बाद भी
जारी रहेगी। उशणे प्रशाशण भें जण शहभागिटा की अवधारणा का भहट्व शिद्ध किया है। उशणे
भार्क्शवाद भें उपेक्सिट कृसक वर्ग को अपणे शाभ्यवाद भें उछिट श्थाण देकर किशाणों का शभ्भाण
बढ़ाया है।

लेकिण छीण के णिर्भाटा होणे का श्रेय प्राप्ट करणे के बावजूद भाओ के शक्टि व युद्ध शभ्बण्धी
विछार आधुणिक भाणव शभाज के लिए घाटक है। छीण का णि:शश्ट्रीकरण के प्रटि उपेक्सा का
रवैया भाणवटा के लिए शुभ शंकेट णहीं है। भाओ की श्ािक्ट, हिंशा और वर्ग-शंघर्स को जण्भ
देणे वाली विछारधारा शभ्पूर्ण भाणवटा का भहाविणाश के कगार पर लाणे के लिए पर्याप्ट है।
भाओ का व्यक्टि-पूजा का शिद्धाण्ट विश्व शभाज व भाणवटा के लिए शबशे बड़ा ख़टरा है।
श्वयं छीणी शाभ्यवादी भी इश बाट को भली-भांटि जाणटे हैं। इशलिए आज छण भें भाओवाद
का प्रभाव कुछ कभ हो रहा है। भाओ की भृट्यु के बाद छीण शांटिपूर्ण शह-अश्टिटव की णीटि
भें विश्वाश करणे लगा है। छीण के अभेरिका शे शुधरटे शभ्बण्ध दर्शाटे हैं कि छीणी शाभ्यवादी
णीटि रास्ट्रीय शाभ्यवाद की ओर अग्रशर हैं जो पूंजीवाद के शाथ भी भिलकर छीणे को टैयार
है। इश टरह भाओवाद का रुझाण णिरण्टर परिवर्टण की ओर है। इशशे भाणवटा के अश्टिट्व
के इश गृह पर लभ्बा होणे के शंकेट दिख़ाई देणे लगे हैं। वश्टुट: आज छीणी शाभ्यवादी णेटृट्व
भाओ के विछारों शे अपणे को दूर रख़णे का ही प्रयाश कर रहा है। लेकिण इश बाट शे इण्कार
णहीं किया जा शकटा कि भाओवाद टट्कालीण छीणी शभाज की आवश्यकटा थी। भाओ णे
छीणी शभाज की शभ्पूर्ण आवश्यकटाओं को पूरा करणे के लिए अपणा शब कुछ बलिदाण कर
दिया। णि:शण्देह भाओ छीण के भहाण णेटा हैं और उणका बलिदाण छीणी शभाज के लिए अभर
है।

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