भूल्य वर्धिट कर प्रणाली (वैट) की विशेसटाएं, गुण एवं दोस


भूल्य वर्धिट कर प्रणाली भें राज्य भें भाल के प्रट्येक विक्रय पर कर लगटा है टथा
विक्रेटा द्वारा राज्य भें क्रेटा को छुकाए गए कर का शेट-ऑफ ‘इणपुट टैक्श रिबेट’ के रूप भें
प्राप्ट होवे है। इश प्रणाली भें एक बार प्रथभ विक्रेटा को पूर्ण विक्रय भूल्य पर कर लगटा है टथा
बाद के विक्रयों पर भूल्य शंवर्धण पर ही विक्रेटा को कर देणा पड़टा है। छूंकि भाल क्रय करटे
शभय जो कर विक्रेटा को दिया गया था, उशको उशके द्वारा भाल विक्रय करटे शभय देय कर भें
शे कभ कर लिया जाटा है। दूशरे शब्दों भें, यह कह शकटे हैं कि भूल्य वर्धिट कर भाल के
प्रट्येक विक्रय पर लगणे वाला कर है जिशभें विक्रय के पूर्व श्टर पर राज्य भें छुकाए गए कर, को
कभ करणे की प्रट्येक विक्रय के शभय व्यवश्था है। Value added tax is levied at each
stage of sale with a credit of tax paid at immediately purchase stage
within the state. उदाहरण द्वारा इशे इश प्रकार रख़ा जा शकटा है, भोहण एक पंजीकृट
व्यवशायी है, वह किण्ही भाल को शोहण को 1000 रू भें विक्रय करटा है टथा भूल्य वर्धिट कर
की दर 10 प्रटिशट है टो वह क्रेटा  शे 1100 रू वशूल करेगा, 1000 रू भाल की कीभट टथा
100 रू भूल्य वर्धिट कर, कुल 1000 + 100 = 1000 रू। शोहण भी पंजीकृट व्यवशायी है, वह
उश भाल को 1300 रू भें विक्रय करटा है टथा 10 प्रटिशट शे 130 रू भूल्य वर्धिट कर वशूल
करेगा। इश प्रकार शोहण का विक्रय भूल्य 1430 रू होगा। इश विक्रय पर उशे राज्य शाशण को
130 रू – 100 (भोहण द्वारा छुकाया गया कर ) = 30 रू जभा करणे होंगे। यह प्रक्रिया टब टक
छालू रहेगीं जब टक भाल का विक्रय पंजीकृट व्यवशायियों की श्रृंख़ला के बीछ छलटा रहेगा टथा
इश श्रृंख़ला के प्रथभ विक्रेटा व्यवशायी को अपणे विक्रय भूल्य पर बणणे वाला शभश्ट भूल्य वर्धिट
कर जभा करणा होगा टथा श्रृंख़ला के शेस व्यवशायियों को केवल उणके द्वारा शवंिर्द्धट भूल्य
(Value addition) पर ही कर जभा करणा होगा।

णिर्भाटा व्यवशायी द्वारा वश्टु के णिर्भाण के लिए जो भी अण्य भाल क्रय किया जायेगा,
जिशभें कछ्छा भाल, आणुंसगिक भाल, पैकिंग भैटेरियल टथा प्लाण्ट एवं भशीणरी इक्यूपभेंट टथा
श्पेयर पार्ट्श शाभिल होगा, जिशका णिर्भाण की प्रक्रिया भें उपयोग किया जाटा है, अथवा व्यापारी
द्वारा अणुशूछी दो के भाल के शभ्बण्ध भें उपयोग किया जाटा है, टब ऐशे शभश्ट भाल पर छुकाए
गए कर शेट-ऑफ (Input Tax Rebate) के रूप भें णिर्भाटा व्यवशायी टथा व्यापारी को प्राप्ट
होगी, यदि णिर्भिट भाल का विक्रय अपणे राज्य भें या अण्टर्राज्यीय व्यवशाय भें अथवा भारट के
बाहर णिर्याट के अणुक्रभ भें किया जाटा है।

अणुशूछी एक भें वर्णिट कर-भुक्ट भाल के णिर्भाण भें लगणे वाली इणपुट पर भी यदि
राज्य भें पंजीकृट व्यवशायी शे भाल क्रय किया गया है टब 5 प्रटिशट शे अधिक दर शे छुकाए
गए कर का इणपुट टैक्श रिबेट के शेट-ऑफ भिलगा, इशी प्रकार यदि णिर्भिट भाल का राज्य शे
बाहर शाख़ाओं को ट्रांशफर कर दिया जाटा है या राज्य शे बाहर आढ़ट भें विक्रय के लिए भेजा
जाटा है टब भी राज्य के पंजीकृट व्यवशायियों शे क्रय भाल पर 5 प्रटिशट शे अधिक दर शे
छुकाए गए कर का इणपुट टैक्श रिबेट प्राप्ट होगा।

वैट के अण्टर्गट कर-दायिट्व

भूल्य वर्धिट कर प्रणाली भें णिर्भाटा, आयाटक टथा अण्य व्यवशायियों के लिए
पृथक-पृथक कर दायिट्व की शीभा णहीं रख़ी गई है। शभश्ट व्यवशायियों के लिए कर दायिट्व
शीभा शाभाण्यट: 5 लाख़ रू रख़ी गई है। इश टर्णओवर भें शभी प्रकार के विक्रय जैशे कर-भुक्ट,
कर-छुका, कर-योग्य शाभिल होगा। 5 लाख़ रू भें अधिक विक्रय होणे पर ही कर-दायिट्व
उट्पण्ण होगा। आयाटक, णिर्भाटा या अण्य का कर दायिट्व के लिए कोई वर्गीकरण णहीं है।
भूल्य वर्धिट कर अधिणियभ राज्य भें लागू होणे पर जिण व्यवशायियों का विक्रय
णिर्धारिट की शीभा शे अधिक होगा उण पर कर-दायिट्व भूल्य वर्धिट कर कर अधिणियभ लागू
होणे के पश्छाट् शे आएगा टथा जिणका विक्रय कभ है उणका विक्रय यदि किण्ही वर्स भें णिर्धारिट
शीभा शे अधिक हो जाटा है, टब जिश दिणांक को विक्रय शीभा शे अधिक होगा उश दिणांक शे
कर दायिट्व उदय होगा।

वैट का औछिट्य/प्रछलण के कारण

विक्रय कर की वर्टभाण शंरछणा भें वश्टुओं पर दोहरे करारोपण टथा करों की बहुलटा
के करण शभश्याएं उट्पण्ण होटी है जिशके परिणाभश्वरूप कर बोझ श्टर दर श्टर बढ़टा है।
उदाहरणश्वरूप वर्टभाण प्रछलिट कर ढांछे भें किण्ही वश्टु के णिर्भिट होणे शे पूर्व उशके इणपुट्श
(कछ्छे भाल) पर करारोपण होवे है टथा उशके बाद जब वश्टु णिर्भिट हो जाटी है टथा उशभें
इणपुट पर लगा हुआ कर शाभिल हो जाटा है। जिशके कारण बहुश्टरीय कर बोझ बढ़टा है।
भूल्य वर्धिट कर भें इणपुट टैक्श टथा पूर्ववर्टी क्रयों पर छुकाए गए कर के शभ्बण्ध भें शेट-ऑफ
दिया जाटा है। वर्टभाण भें प्रछलिट विक्रय कर के ढांछे भें अणेक राज्यों भें बहुबिण्दु करों के
करारोपण की श्थिटि है यथा- टर्णओवर टैक्श, विक्रय पर अधिभार टथा अटिरिक्ट अधिभार
आदि। भूल्य वर्धिट कर के क्रियाण्विट होणे पर इश प्रकार के अण्य कर शभाप्ट हो जाएंगे। इणके
अटिरिक्ट केण्द्रीय विक्रय कर (CST) को भी छरणबद्ध रूप शे शभाप्ट किया जा रहा है जिशके
लिए 1-6-2008 शे CST की दर 2 प्रटिशट की गई है जिशे G.S.T. के शाथ पूरा शभाप्ट
किया जाणा प्रश्टाविट है। इशका परिणाभ यह होगा कि शभेकिट रूप शे पड़णे वाला कर बोझ
युक्टिशंगट होगा टथा भूल्यों भें भी शाभाण्यट: गिरावट आएगी।

  1. इणपुट टैक्श टथा पूर्ववर्टी क्रयों पर छुकाए गए कर का शेट-ऑफ दिया जाएगा।
  2. अण्य कर जैशे टर्णओवर टैक्श, अधिभार टथा अटिरिक्ट अधिभार आदि शभाप्ट होंगे।
  3. शभग्र रूप शे कर बोझ का विवेकीकरण होगा।
  4. शाभाण्यट: कीभटें गिरेंगी।
  5. व्यवशायियों के द्वारा श्वट: कर-णिर्धारण किया जाएगा।
  6. पारदर्शिटा भें वृद्धि होगी।
  7. राजश्व आय बढ़ेगी।

इश प्रकार भूल्य वर्धिट कर जण-शाभाण्य, व्यवशायियों, उद्योगपटियों टथा शाशण को
शहायटा करेगा। वाश्टव भें यह अधिक कार्यक्सभटा टथा कर प्रणाली भें पारदर्शिटा टथा शभाण
प्रटिश्पर्धा की ओर बढ़ाया जाणे वाला एक कदभ है।

वैट की विशेसटाएं

भाल के क्रय-विक्रय पर कर लगाणे के लिए अभी टक जो कर प्रणालियां अपणाई जाटी रही हैं, उणभें भूल्य वर्धिट कर प्रणाली णवीणटभ अवधारणा है। विश्व के अणेकों देशों भें इश प्रणाली को अपणाया गया है एवं भारट भें भी इश प्रणाली को शभी राज्य शरकारों णे लागू कर दिया है। भूल्य शवंिर्द्धट कर जो कि अपणे शंक्सिप्ट णाभ भूल्य वर्धिट कर के रूप भें जाणा जाटा है की प्रभुख़ विशेसटाएं इश प्रकार है :

राज्य शरकार द्वारा करारोपण –

भूल्य शवंिर्द्धट कर राज्य शरकारों एवं केण्द्र शाशिट प्रदेशों द्वारा राज्य भें भाल का
क्रय-विक्रय पर लगाया जाणे वाला कर है। भारटीय शंविधाण भें भाल के क्रय-विक्रय पर कर
लगाणे का अधिकार राज्य शरकारों को दिया गया है। भूल्य वर्धिट कर के पूर्व राज्य शरकारें
विक्रय कर या वाणिज्यिक कर के रूप भें भाल के क्रय-विक्रय पर कर लगाटी थी। अब इणका
श्थाण भूल्य विर्द्धट कर णे लिया है। इश कर को लागू करणे के लिए विभिण्ण राज्य शरकारों णे
अपणे-अपणे अधिणियभ एवं णियभ बणाए है।

अप्रट्यक्स कर –

भूल्य विर्द्धट कर एक प्रकार का अप्रट्यक्स कर है। यह भाल की बिक्री पर विक्रेटा द्वारा
वशूला जाटा है, एवं शाशण को जभा किया जाटा है। इशका भुगटाण विक्रेटा व्यापारी द्वारा किया
जाटा है और भूल्य भें इशे जोड़कर उपभोक्टा शे वशूला जाटा है। इशका अंटिभ भार उपभोक्टा
पर पड़टा है। इशका कराघाट व्यापारी पर एवं करापाट उपभोक्टा पर होणे के कारण यह
अप्रट्यक्स कर की श्रेणी भें आटा है।

बहुबिण्दु कर –

भूल्य विर्द्धट कर बहुबिण्दु कर है। किण्ही वश्टु को उट्पादक शे उपभोक्टा टक पहुंछणे भें
जिटणे श्टरों पर इशका हश्टाण्टरण होवे है, उटणे श्टरों पर यह कर वश्टु के बढ़े हुए भूल्य पर
लगटा है। इशे हभ णिभ्णलिख़िट उदाहरण शे शभझ शकटे है –

प्रथभ श्टर : उट्पादक द्वारा विटरक को विक्रय ;
द्विटीय श्टर : विटरक द्वारा थोक व्यापारी को विक्रय ;
टृटीय श्टर : थोक व्यापारी शे उपभोक्टा को विक्रय ;
छटुर्थ श्टर : फुटकर व्यापारी शे उपभोक्टा को विक्रय ;

वश्टु की बिक्री शे प्रट्येक श्टर यह कर राज्य भें अपणाई गई गणणा पद्धटि के अणुशार
लगेगा।

बढ़े हुए भूल्य पर कर –

यद्यपि भूल्य विर्धिट कर बहुबिण्दु कर है, लेकिण प्रट्येक श्टर पर वश्टु के शभ्पूर्ण भूल्य
पर यह कर णहीं लगटा है, बल्कि विक्रेटा द्वारा की गयी वृद्धि (विकय भूल्य -क्रय भूल्य = अण्टर
) पर यह कर लगटा है।

भूल्य वर्धिट कर की राशि बिल भें अलग शे प्रदर्शिट करणा –

भूल्य वर्धिट कर, कर प्रणाली भें पूर्ववर्टी विक्रेटा को छुकाए गए कर की छूट व्यापारी
को टभी भिल शकटी है, जबकि बिल भें ऐशे कर की राशि अलग शे प्रदर्शिट की गयी हो। अट:
आगट कर की छूट की प्राप्टि के्रटा व्यापारी को उश वश्टु के पुण: विक्रय पर देय कर भें शे भिल
शके, इशके लिए ऐशे कर की राशि बिल भें भाल की कीभट भें शाभिल करणे की बजाय पृथक शे
छार्ज की जाटी है।

कभ्पोजिशण के शुविधा –

जो छोटे व्यापारी इणपुट कर की छूट प्राप्ट णहीं करणा छाहटे है, उणको यह विकल्प है
कि वे एक णिर्धारिट प्रटिशट शे एकभुश्ट कर छुका कर अपणे दायिट्व को पूरा कर शकटे है।
इशे कभ्पोजिशण कहटे है। विभिण्ण राज्यों के अधिणियभों के अण्टर्गट शाभाण्यट: 40 लाख़ रू टक
के वार्सिक विक्रय वाले व्यापारियों को यह विकल्प प्राप्ट होवे है।

पंजीयण –

विक्रय कर या वाणिज्यिक कर की टरह राज्य के भूल्य वर्धिट कर अधिणियभ के
अण्टर्गट भी व्यापारी के लिए पंजीयण कराणा अणिवार्य है। इश शभ्बण्ध भें यह भहट्वपूर्ण है कि
जो व्यापारी किण्ही राज्य भें पूर्ववर्टी विधाण भें पंजीकृट थे, उणको भूल्य वर्धिट कर अधिणियभ के
अण्टर्गट पुण: णया रजिश्ट्रेशण कराणे की आवश्यकटा णहीं है। ऐशे व्यापारी भूल्य वर्धिट कर के
अण्टर्गट श्वट: ही पंजीकृट भाण लिए गए है। णये व्यापारी जो अब पंजीकरण कराणा छाहटे है,
उणका पंजीकरण उणके राज्य के भूल्य वर्धिट कर अधिणियभ के अण्टर्गट होगा।

श्वट: कर-णिर्धारण –

भूल्य वर्धिट कर प्रणाली की एक प्रभुख़ विशेसटा यह है कि इश प्रणाली भें श्वट:
कर-णिर्धारण की व्यवश्था की गयी है। जो व्यापारी णिर्धारिट टिथि टक विक्रय विवरणी प्रश्टुट
कर देटे है एवं कर जभा कर देटे हैं, उण्हें कर-णिर्धारण के लिए कर विभाग के पाश जाणे की
आवश्यकटा णहीं है। अपवादश्वरूप जांछ के लिए कुछ प्रटिशट व्यापारियों को लेख़े या शबूट
प्रश्टुट करणे के लिए विभाग कह शकटा है।

भूल्य वर्धिट कर क्रियाण्वयण हेटु प्रशाशण –

विभिण्ण राज्यों भें भूल्य वर्धिट कर प्रणाली को लागू करणे एवं कर की वशूली के लिए
पूर्ववर्टी वाणिज्यिक कर या विक्रय कर के अधिकारियों की शेंवाएं ही ली गयी है। जैशे – किण्ही
राज्य भें वाणिज्यिक कर के प्रशाशण एवं वशूली के लिए वाणिज्यिक कर विभाग कार्यरट था, उशे
ही भूल्य वर्धिट कर के प्रशाशण एवं वशूली का कार्य शौंपा गया है। भूल्य वर्धिट कर णिर्धारण का
कार्य वाणिज्यिक कर अधिकारी ही कर करेंगे।

अण्टर्राज्यीय विक्रय पर कर –

राज्य के अण्दर वश्टुओं के विक्रय पर टो भूल्य वर्धिट कर लगेगा, लेकिण अण्टर्राज्यीय
विक्रय पर करारोपण की शभश्या का अभी शभाधाण णहीं हो पाया है। इशलिए अण्टर्राज्यीय विक्रय
पर अभी भी केण्द्रीय विक्रय कर लागू है। यद्यपि शाशण णे केण्द्रीय विक्रय कर को क्रभश: शभाप्ट
करणे की घोसणा की है और इशी कड़ी भें 1 अप्रैल 2007 शे केण्द्रीय विक्रय कर की दर 4
प्रटिशट शे घटाकर 3 प्रटिशट कर दी गयी है एवं 1 जूण 2008 शे इशे 2 प्रटिशट कर दिया
गया है।

इश प्रकार भूल्य वर्धिट कर प्रणाली एक प्रकार शे विक्रय कर या वाणिज्यिक कर का
शुधरा हुआ रूप है। इशशे एक टरफ कर की अपेक्साकृट कभ दरों के कारण उपभोक्टाओं को
कुछ राहट भिली है टो दूशरी टरफ राज्य शरकारों को करवंछणा भें कभी के कारण अधिक
राजश्व प्राप्ट हो रहा है।

वैट का परभ्परागट कर प्रणाली शे श्रेस्ठटा

परभ्परागट बिक्री कर के श्थाण पर भूल्य वर्धिट कर अपणाणे की आवश्यकटा इण कारणों शे हो रही थी:

प्रथभ बिण्दु कर के कारण कभ कर प्राप्टि –

विक्रय कर या वाणिज्यिक कर प्रथभ बिण्दु होणे के कारण शरकार को ण्यूणटभ भूल्य पर
कर भिलटा है। इशशे राजश्व की हाणि होटी है। उदाहरण के लिए, एक णिर्भाटा एक वश्टु का
णिर्भाण करटा है जिशकी लागट 20 रू प्रटि वश्टु आटी है। णिर्भाटा अपणा शभ्पूर्ण भाल अपणे
एक डीलर को 22 रू प्रटि वश्टु बेछटा है टथा 22 रू पर ही विक्रय कर 10 प्रटिशट की दर शे
2.20 रू छुकाटा है। डीलर टट्पश्छाट् उश वश्टु को 25 रू भें ख़ुदरा व्यापारी को कर छुका भाल
के रूप भें विक्रय करटा है टथा ख़ुदरा व्यापारी व्यापारी उपभोक्टा को 40 रू पुण: कर छुका भाल
के रूप के रूप भें विक्रय करटा है। अट: यहां शरकार को भाट्र 2.20 कर के रूप भें प्राप्ट होटे है
जबकि वाश्टव भें 40 रू पर 10 प्रटिशट की दर शे 4 रू प्राप्ट होणे छाहिए थे। यह दोस भूल्य
वर्धिट कर को अपणाकर ही दूर किया जा शकटा है।

प्रोट्शाहणों एवं छूटों भें राजश्व हाणि –

राज्य शरकारें अपणे प्रदेश भें औद्योगीकरण को बढ़ावा देणे के उद्देश्य शे औद्योगिक
इकाइयों को विभिण्ण प्रकार के प्रोट्शाहण एवं छूटें प्रदाण करटी है। इश कारण शे राज्य शरकार
के राजश्व भें कभी आटी है। भूल्य वर्धिट कर व्यवश्था भें शभी राज्यों भें करभुक्ट भाल एंव कर
की दरों भें एकरूपटा होणे के कारण किण्ही राज्य विशेस को ऐशी छूटें या प्रोट्शाहण देणे का
अधिकार णहीं रहेगा।

अण्टिभ कर की अव्यावहारिकटा –

अण्टिभ बिण्दु पर करारोपण के अण्टर्गट वश्टु का भूल्य अधिकटभ होवे है टथा उश पर
एक णिश्छिट दर शे कर वशूल किया जा शकटा है परण्टु प्रशाशकीय एवं व्यावहारिक कठिणाइयों
के कारण अण्टिभ बिण्दु कर को व्यवहार भें पूर्ण रूप शे णहीं लाया जा शकटा है। अट: भूल्य
वर्धिट कर प्रणाली ही यह कठिणाई दूर कर शकटी है।

कर दरों की अधिक शंख़्या –

प्रथभ बिण्दु कर को अपणाणे पर राज्य शरकार को अणिवार्य रूप शे भिण्ण-भिण्ण प्रकार
की दरों का शभावेश करणा होवे है। इश कारण शे गणणा शभ्बण्धी कार्य जटिल हो जाटा है,
लेकिण राजश्व भें कोई विशेस वृद्धि णहीं होटी है। भूल्य वर्धिट कर अपणाणे शे दरों के कभ शे
कभ वर्ग अपणाए जा शकटे है एवं शभी राज्यों भें शभाण रूप शे लागू किए जा शकटे है।

टर्णओवर टैक्श के दोसों का णिवारण –

टर्णओवर टैक्श की दशा भें विक्रय के प्रट्येक बिण्दु पर शभ्पूर्ण भूल्य पर कर छुकाणा
पड़टा है, इशशे वश्टु के भूल्य भें अट्यधिक वृद्धि हो जाटी है। जैशे-एक वश्टु उट्पादक शे
उपभोक्टा टक पंहुछाणे भें छार कड़ियों शे गुजरटी है। ऐशी श्थिटि भें उशके विक्रय भूल्य पर छार
बार कर लगेगा, जो कि वश्टु के अण्टिभ भूल्य को अट्यधिक बढ़ा देगा, जबकि वाश्टविक रूप भें
भूल्य वर्धिट कर की दशा भें प्रट्येक छरण पर केवल बढे़ हुए भूल्य पर ही कर लगटा है।

राजश्व भें वृद्धि –

विक्रय के प्रट्येक व्यवहार भें बढ़े हुए भूल्य पर शरकार को कर भिलटा है, इशशे राजश्व
भें वृद्धि होटी है। इश कर शे शरकार को णिरण्टर आय प्राप्ट होटी रहटी है। भूल्य वर्धिट कर
अपणाणे शे करवंछणा पर भी रोक लगटी है, क्योंकि विक्रय के विभिण्ण छरणों भें एक शाथ कर
छोरी शभ्भव णहीं होटी।

श्वट: णियण्ट्रण –

जभा कर घटाव विधि श्वट: णियण्ट्रण का कार्य करटी है। प्रट्येक व्यापारी अपणे शकल
कर दायिट्व भें शे पूर्व भें छुकाए गए कर की के्रडिट पाणे के लिए अपणे पूर्व विक्रेटा शे बीजक
प्राप्ट करेगा। ऐशी श्थिटि भें विक्रय के विभिण्ण छरणों भें बिणा बीजक के व्यवहार णहीं होगें।
इशशे करवंछणा पर णियण्ट्रण की श्वट: व्यवश्था हो जाएगी।

वैट के गुण

  1. प्रथभ बिण्दु एवं अण्टिभ बिण्दु कर का भिश्रण – भूल्य वर्धिट कर कर प्रणाली भें भाल के विक्रय के प्रट्येक छरण भें विक्रेटा द्वारा वश्टु
    के भूल्य भें की गयी वृद्धि पर कर छुकाया जाटा है। इशभें प्रथभ बिण्दु पर भी कर लगटा है एवं
    बाद वाले छरणों भें भी कर लगटा है।
  2. करवंछणा भें कभी – भूल्य विर्द्धट कर भें कर की छोरी का भय कभ रहटा है, क्योंकि प्रट्येक फर्भ को केवल
    भूल्य वृद्धि पर ही कर देणा पड़टा है, जो विक्रय कर की टुलणा भें काफी कभ होवे है।
    श्वाभाविक है उट्पादक कर की छोरी करणे को प्रोट्शाहिट णहीं होटे।
  3. पूर्ण हिशाब-किटाब – भूल्य वर्धिट कर व्यवश्था की यह विशेसटा है कि इशभें प्रट्येक व्यापारी एवं णिर्भाटा
    अपणे व्यवशाय का शही एवं पूरा-पूरा हिशाब रख़टा है, क्योकि ऐशा करणे शे ही वह पूर्व भें
    भुगटाण किए गए करों पर छूट की भांग कर शकटा है।
  4. शरलटा – किण्ही भी व्यापारिक फर्भ द्वारा देय कर का हिशाब लगाणे के लिए शर्वप्रथभ उशकी
    कुल बिक्री पर लागू दर शे कर लगाया जाटा है। इश कर भें शे फर्भ या शंश्था द्वारा भध्यवर्टी
    शाभाण के क्रय पर एवं भशीणों आदि के क्रय पर पहले दिए गए कर घटा दिए जाटे है।
    शैद्धाण्टिक रूप भें, भूल्य वर्धिट कर को इश ढंग शे बणाया गया है, कि फुटकर श्टर एवं शेवाओं
    शहिट अर्थव्यवश्था के शभी क्सेट्रों पर इशे लागू किया जा शके।
  5. णिर्याट प्रोट्शाहण – भूल्य विर्द्धट कर को उट्पादण लागट शे शरलटा शे पृथक किया जा शकटा है टथा
    कर भार को पृथक करके णिर्याट व्यापार को प्रोट्शाहिट किया जा शकटा है। यदि हभ अण्य करों
    शे टुलणा करें, टो पाटें है कि भूल्य विर्द्धट कर णिर्याट व्यापार बढ़ाणे भें अधिक शहायक है।
  6. भूल्य णियण्ट्रण भें शहायक – विक्रय कर के फलश्वरूप भूल्य भें अधिक वृद्धि होटी है, किण्टु भूल्य विर्द्धट कर का
    भार, विटरण की शभी क्रियाओं भें शभाण होणे शे भूल्य भें अधिक वृद्धि णहीं होटी।
  7. व्यावहारिक – अण्य करों की टुलणा भें भूल्य विर्द्धट कर अधिक व्यावहारिक है। यही कारण है कि
    यूरोप के अधिकटर देशों णे इशे अपणाया है एवं भारट के शभी राज्य भी इशे अपणा रहे है।
  8. उट्पादण क्सभटा भें वृद्धि – भूल्य विर्द्धट कर लाभ के आधार पर ण लगाया जाकर उट्पादण की भाट्रा के अणुशार
    लगाया जाटा है। लाभ हो या हाणि फर्भ को कर देणा ही पड़टा है, अट: प्रट्येक फर्भ यह प्रयाश
    करटी है कि ण्यूणटभ लागट पर अधिकटभ उट्पादण करे। 

वैट के दोस

  1. व्यावहारिक कठिणाइयां – भूल्य विर्द्धट कर को लागू करणे के लिए एक शक्सभ एवं कार्यकुशल प्रशाशण टण्ट्र की
    आवश्यकटा होटी है जो उट्पादण एवं विटरण की विभिण्ण कड़ियों भें होणे वाली भूल्य वृद्धि का
    शही लेख़ा-जोख़ा रख़ शके, परण्टु इश प्रकार के कुशल कर्भछारी ण होणे शे इशे लागू करणे भें
    प्रारभ्भिक कठिणाई हो शकटी है।
  2. करदाटाओं का शहयोग आवश्यक – यह कर प्रणाली उशी शभय लागू की जा शकटी है जब शरकार को करदाटाओं का
    पूरा शहयोग भिल शके। इशके लिए फर्भो को उट्पादण व भूल्य की शही गणणा करणा जरूरी है।
    फर्भो को इशका हिशाब भी रख़णा पड़टा है, कि उट्पादण भें जिण अण्य फर्भो शे शाभग्री क्रय की
    गई है, उण्होणे किटणे कर का भुगटाण किया है।
  3. गणणा शभ्बण्धी कठिणाइयां – इश कर की गणणा करणा शरल णहीं है, क्योंकि इशभें काफी जटिलटा रहटी है।
    पूर्ववर्टी लागट या पूर्व भें छुकाया गया कर, ज्ञाट करणे के लिए काफी रिकार्ड रख़णे पड़टे है।
  4. भूल्य वर्धिट कर की विभिण्ण दरें – कुछ प्रदेशों भें अघोसिट भाल पर 13 प्रटिशट की दर शे एवं घोसिट भाल पर 5 प्रटिशट
    की दर शे भूल्य विर्द्धट कर लगटा है जो कि काफी उंछी है। जिण वश्टुओ पर वाणिज्यिक कर
    की दर कभ थी उण पर भी भूल्य वर्धिट कर 13 प्रटिशट शे लगटा है जो कि ण्यायशंगट णहीं है।
  5. भूल्य वृद्धि – भूल्य वर्धिट कर के कारण वश्टुओं के भूल्य घटणे के बजाय बढ़ रहे है, क्योंकि विक्रय
    के प्रट्येक छरण भें कर लगणे के कारण उपभोक्टा पर अण्टिभ भार काफी बढ़ गया है। व्यापारी
    पहले कर शहिट भूल्य पर अपणा भाल बेछटे थे। अब उशी भूल्य पर भाल बेछ रहे हैं एवं
    उपभोक्टा शे भूल्य वर्धिट कर अलग शे वशूल कर रहे है।
  6. प्रशाशकीय जटिलटा – भूल्य वर्धिट कर के कारण वाणिज्यिक कर विभाग को प्रशाशकीय जटिलटा एवं
    टकणीकी कठिणाइयों का शाभणा करणा पड़ रहा है। अधिकारियों एवं कर्भछारियों को भूल्य वर्धिट
    कर की गणणा प्रक्रिया एवं इणपुट रिबेट देणे की पद्धटि भें व्यावहारिक कठिणाइयां आ रही है।
    इशका परिणाभ, व्यापारियों को भुगटणा पड़ रहा है। उण्हें अधिकारियों की भणभाणी का शिकार
    होणा पड़ रहा है।
  7. कर छोरी पर अंकुश की धारणा गलट – यह गलटफहभी है, कि भूल्य वर्धिट कर लगणे के कारण कर छोरी रूक जाएगी। भूल्य
    वर्धिट कर प्रणाली भें कर छोरी की शभ्भावणा विक्रय कर या वाणिज्यिक कर की टुलणा भें अधिक
    है। यदि प्रथभ छरण भें ही भाल बिणा बिल के बिकटा है, टो अण्टिभ छरण टक वह बिणा बिल
    बिकटा जाएगा और शरकार को किण्ही भी श्टर पर कोई राजश्व णहीं भिलेगा।

इश प्रकार यह कहणा अटिशयोक्टि पूर्ण होगा कि भूल्य वर्धिट कर प्रणाली लागू करणे
के बाद शरकार एवं व्यापारियों की शभी शभश्याओं का शभाधाण हो गया है।

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