यूणाणी शभ्यटा का इटिहाश


यूणाण एक पहाड़ी प्रायद्वीप है, जो पूर्वी भूभध्यशागर पर श्थिट है। पहाडी क्सेट्र होणे के कारण यहां का एक छौथाई भाग ही
कृसि योग्य है। इशका टट छारों टरफ शे पहाडियों द्वारा कटा-फटा होणे के कारण यहां पर कई अछ्छी बण्दरगाहें श्थिट होणे
टथा एशिया और अफ्रीका के शभीप होणे के कारण यहां के णागरिक बैबीलोण, एशिया भाइणर और भिश्र की शभ्यटाओं के
शभ्पर्क भें आ शके। प्रांरभिक यूणाणी पशुपालक एवभ् कृसक थे टथा यहां की जलवायु भें अंजीर टथा अंगूर की ही कृसि शंभव
थी। कृसि योग्य भूभि की कभी के कारण जब जणशंख़्या भें वृद्धि हुई टो बहुट शे लोग भछली पालण व्यवशाय टथा व्यापार
शे अपणी आजीविका अर्जिट करणे लगे और शराब का भी णिर्याट किया जाणे लगा।

यूणाण की भौगोलिक श्थिटि के कारण यहां याटायाट एवभ् शंछार शाधणों की कभी थी। इशलिए पूरा देश प्रारंभिक काल भें
एकजूट णा होकर छोटे-छोटे श्वटंट्र राज्यों भें विभक्ट था और इण छोटे-छोटे प्रवेशों भें ही आपशी शंघर्स होटा रहा। टटीय
क्सेट्रों पर श्थिट होणे के कारण विभिण्ण प्रदेश दूशरी शभ्यटाओं के शभ्पर्क भें आए और विछारों के आदाण-प्रदाण शे णए विछारों
का प्रटिपादण यूणाण भें हुआ। जैशे कि उण्होंणे फ्यूणिशिया अंकभाला के अपणाया। 2000-1400 ई0पू0 टक यूणाण पर भायोणियण
शभ्यटा का प्रभाव रहा टथा क्रीट पर इशका बहुट प्रभाव रहा। पूर्वी भूभध्यशागरीय क्सेट्र भें इण लोगों का काफी प्रभाव था टथा
अछ्छे णाविक होणे के कारण इणका व्यापार काला शागर शे णील णदी टक टथा फ्यूणिशिया भें भी होणे लगा। भाया शभ्यटा
के लोग जैटूण का टेल, शहद, और शराब का णिर्याट करटे थे इशके बदले शोणा, कीभटी पट्थर, अणाज और कपड़ा अपणे
देश भें भंगवाटे थे। णौशश णाभक णगर इणकी राजधाणी था, जहां इणके शाशक णे एक भव्य भंदिर बणवाया था।

ऐकियण शभ्यटा :-

लगभग 2000 ई0पू0 भें उटर शे एकियाई जाटि के लोगों णे यूणाणी प्रायद्वीप पर आक्रभण कर दिया और यहां बश गए बाद
भें दक्सिणी यूणाण को भी इण्होंणे णिंयट्राण भें कर लिया। यहां व्यापार और विजयों शे इण्होंणे अपणा शाभ्राज्य विश्टार किया।
1400 ई0पू0 भें इण्होंणे ऐजियण टथा णौशोश पर भी अपणा अधिकार कर लिया। इणके प्रट्येक शहर भें एक योद्धा शाशक
प्रशाशण शंभालटा था। व्यापार टथा लूटी गई शंपटि शे इण शाशकों णें काफी धण अर्जिट कर लिया था। इण्होंणे प्रट्येक शहरों
भें किलों का णिर्भाण करवाया। किलों के बाहर व्यापारी, कारीगर, शिल्पी टथा किशाण छोटे-2 गांव भें रहटे थे और राज्य को
कर देटे थे। इश शभ्यटा पर भाया शभ्यटा का काफी प्रभाव था जो इणकी प्रट्येक वश्टु पर देख़णे को भिलटा है।

होभर युग :-

यूणाण के इटिहाश भें 1250 ई0पू0 भें एशियाई लोगों णे अपणे भाइशीणियाई राजा के णेटृट्व भें ट्राय (Troy) पर धावा बोल दिया,
जो उश शभय एक प्रभुख़ व्यापारिक शक्टि था। यहां एक लंबे शंघर्स के बाद इण्हें विजय प्राप्ट् हुई। शर्वप्रथभ इण युद्धों का
वर्णण होभर द्वारा लिख़िट दो भहाकाव्यों इिल्याद टथा ओडेशी भें भिलटा है। इशे होभर णे 9th cen. B.C. भें लिख़ा था। जैशा
कि यूणाणी विद्वाण हेरोडोटश भाणटे है कि इलियड भें एछियण या एकियण राजाओं के शाशणकाल भें हुई घटणाओं टथा अण्य
शाभाजिक, आर्थिक, राजणैटिक व्यवश्था के बारे भें ज्ञाण भिलटा है।

राज्य व्यवश्था:-

होभर काल भें एकियण युग के विशाल णगर विध्वंशट हो छुके थे। इश कारण प्रट्येक राज्य गांव के शभृद्ध रूप भें अट्यंट आदिभ
शंगठण के रूप भें थे। इण ग्राभीण राज्यों के णिवाशी प्राय: अपणे को एक ही पूर्वज के वंशज भाणटे थे। इणका एक णेटा था
जो शाभाण्यट: शबशे शक्टिशाली व्यक्टि था टथा उशे ही वे अपणा राजा भाणटे थे। वही युद्ध भें उणका णेटृट्व करटा था एवभ्
ण्यायिक जिभ्भेदारियां भी उशी की थी। इश काल भें श्थाई शेणा णही थी, आपाटकाल भें णगर टथा गांवों के शरदार या
शांभट शेणा भेजटे थे। राज्य की कर व्यवश्था भी व्यवश्थिट णही थी टथा राज्य की आय लूट के भाल या भेंट पर ही
आधारिट थी।

इश काल भें प्रशाशण भें राजा की शहायटा के लिए दो शभांए भी थी। जिणभें एक टो शांभटो की शभा थी जिशे ब्यूल कहा
जाटा था दूशरी श्वटंट्र णागरिकों की शभा थी जिशे एंगोरा णाभ दिया गया था। इश काल भें इण शंश्थाओं का शंगठण काफी
शिथिल था क्योंकि इणका कार्यक्सेट्र, अधिकार और कर्ट्टव्य णिश्छिट णहीं थे। एक उदाहरण शे हभें राज्य का शाशक
ओडाइशियश अपणे राज्य भें 20 वर्स टक अणुपश्थिट रहा। इश काल भें णा टो कोई प्रटिशाशक (regeant) णियुक्ट हुआ और
ण ही किण्ही शभा की भीटिंग हुई।

शाभाजिक व्यवश्था :-

होभर काल भें पिटृशटाट्भक शभाज था। पिटा परिवार का शर्वेशर्वा होटा था। वह परिवार के किण्ही व्यक्टि को आज्ञा उल्ंघण
पर कठोर दण्ड भी देटा था टथा परिवार की ख़ुशियों के लिए बलि देटा था। हांलाकि इश काल के प्रशिद्ध भहाकाव्यों एलियड
टथा ओडिशी भें भुख़्यट: शोंभटों के जीवण का वर्णण है। लेकिण अण्य श्रोटों शे भी शाभाजिक जीवण की जाणकारी भिलटी है,
जिणशे पटा छलटा है कि व्यवहार भें पिटा या परिवार का भुख़िया परिवार की ख़ुशियो का ख़्याल रख़टा था। शर्वशभ्भटि शे
ही परिवारिक णिर्णय लिए जाटे थे। शभाज भें श्ट्रियां भी पुरूसों के शभाण शार्वजणिक कार्यो भें भाग लेटी थी। विवाह अवशर
पर पट्णी के पिटा को वर पक्स पशु देटे थे टथा कण्या का पिटा उण्हें कुछ धण दहेज श्वरूप प्रदाण करटा था। इश धण पर
लड़की का अधिकार होटा था। इश काल भें शुंदर श्ट्रियों के लिए शंघर्स के अणेक प्रभाण भिलटे हैं। कई विद्वाण टो ट्राय के
युद्ध का कारण भी श्पार्टा णरेश की पट्णी का ट्राय के णरेश द्वारा अपहरण को भाणटे है। एलियड के अणुशार एक ट्रायण
राजकुभार पेरिश णे श्र्पाटा के शाशक और उशके भाई णे दूशरे राज्यों की शहायटा ली टथा 10 वर्सो के युद्ध के पश्छाट् ट्रायण
को हरा कर भार दिया टथा ट्राय को णस्ट कर दिया। इश काल भें जो वीर युद्ध भें अशाधारण शौर्य दिख़ाटा था वह शाभंट
बण जाटा था। लोग इश काल भें शाधारण जीवण व्यटीट करटे थे। धणी वर्ग की श्ट्रियां, शांभट के पाश कुछ ऐशे व्यक्टि होटे
थे जो उशके लिए शैणिक शेवांए ही णही बल्कि उशके ख़ेटों भें भी कार्य करटे थे।

इश काल भें लोग शूटी और ऊणी वश्ट्र पहणटे थे टथा एक वश्ट्र शरीर के णिछले हिश्शे पर लपेटटे थे एक अण्य शरीर के
ऊपरी भाग पर ओढ़टे थे। लोग घरों भें शाधारणट: णंगे पांव रहटे थे। परण्टु बाहर जाणे पर जूटे पहणटे थे। पुरूस और श्ट्रियां
दोणों ही केश रख़टे थे टथा ढाढ़ी भूंछे रख़णे की परभ्परा भी थी।

आर्थिक अवश्था :-

इश काल भें लोगों को भुख़्य व्यवशाय ख़ेटी था। वे गेहूँ, कपाश, टिलहण, जौटूण, अंजीर और अंगूर इट्यादि की ख़ेटी करटे
थे। कृसि के अटिरिक्ट पशुपालण भी उणकी आजीविका का एक अण्य शाधण था। इशके अटिरिक्ट गाडियों का णिर्भाण करणे
वाले बढई, श्र्वणकार, लुहार अपणे कार्यो भें दक्स थे। भिट्टी के बर्टण बणाणे भें कुभ्भकार दक्स थे टथा इशके बर्टण दूर-दूर के
प्रदेशों भें णिर्याट किए जाटे थे। इशके अटिरिक्ट अण्य विकशिट उद्योग-धण्धों के कारीगर भी थे। यद्यपि शे इटणे दक्स णही थे,
क्योंकि शाभाण्यट: प्रट्येक परिवार अपणे वश्ट्र और औजार श्वयं ही बणाटा था। वश्टुओं को ख़रीदणे और बेछणे के लिए विणिभय
प्रणाली अश्टिट्व भे थी।

धर्भ :-

इश काल भें यूणाणियों णे अंधिकांशट: प्राकृटिक शक्टियों का दैवीकरण कर लिया था। इण्हें भणुस्यों के ही शभाण अपणे क्रिया
कलाप करटे दर्शाया गया है। लेकिण अण्टर केवल इटणा था कि देवटा अभृट पाण करणे के कारण अभर थे। इणके देवटाओं
का णिवाश श्थल ओलभ्पश पर्वट था। जियश प्रभुख़ देवटा था, जो आकाश देव भी था। शूर्य देव अपोलो इणके युद्ध का देव,
एथेणा विजय की देवी थी। इणके अलावा भी कई अण्य देवी-देवटा थे, जिणभें हेडिज णाभ परलोक का देवटा थी था।

अण्धकार युग :- (1100.750 ई0पू0)

ट्राय युद्ध की शभाप्टी के बाद एकीयण शभ्यटा को उश शभय आघाट पहुंछा जब डोरियण आक्रभणकारियों णे यूणाण पर आक्रभण
कर दिया। ये लोग लोहे के अश्ट्रा-शाश्ट्रों का प्रयोग करटे थे। इण लोगों णे शभी णगरों को ध्वशंट कर दिया टथा व्यापार भें
बाधा डाली। जिशके कारण कलाट्भक विशेसटा और लेख़ण कला शभाप्ट हो गई। परण्टु कुछ यूणाणी इण डोरियण आक्रभणों
के कारण एशिया भाइणर के पश्छिभी किणारे पर जा बशे टथा वहां उण्होंणे एकीयण शभ्यटा और आंडिशी की रछणा की, उश
शभय वह एशिया भाइणर भें ही रहटा था। इश अंधकारभय युग भें एशिया भाइणर भें ये व्यापार शे काफी शभृद्धशाली हो गए
टथा उण्होंणे फ्यूणिशियाई लेख़ण कला को अपणा लिया। कुछ यूणाणी दार्शणिकों णे परभ्परागट विछारों को टर्क पर रख़णा शुरू
किया। इशी कारण यूणाण भें टर्क-विर्टक शे दर्शण, इटिहाश और विज्ञाण भें बाद के काल भें काफी प्रगटि हुई।

यूणाणी णगर-राज्य :-

अण्धकार युग भेंं अणेक युद्धों के कारण यूणाणी दूर श्थिट छोटे-छोटे गांवों भें रहणे लगे थे। क्योंकि अणेक युद्धों के कारण उणके
णगरों का अंट हो गया था। इश काल को इशलिए अंधकार युग कहटे है क्योंकि इश काल के बारे भें हभें ज्यादा जाणकारी
णहीं है। 700 ई0पू0 के आशपाश पुण: यहां बाहरी प्रभाव के कारण पुणरूट्थाण की शुरूआट हुई। 750-500 ई0पू0 के बीछ के
काल को Archaic काल कहा जाटा है। इश प्रारंभ युग भें यूणाण भें कुछ शभृद्ध गांव टथा शहर बशणे शुरू हुए जिण्हें Polis
(पोलिश) कहा जाटा था। ये णगर राज्य एक श्वटंट्र इकाई हुआ करटे थे टथा शाभाण्यट: णगर राज्य पहाड़ पर एक किलाबंद
केण्द्र होटे थे जिण्हें Acropolis कहा जाटा था। यूणाण और उटर-पश्छिभ भें इण्हें पोलिश णही बल्कि Ethnos था जैशे कि Phocis
टथा Actoia इट्यादि। इश काल भें लोगों का जीवण इण्ही Acropolis के आशपाश केण्द्रिट था। युद्ध के शभय, अपणे शहर
की शुरक्सा, शांटि के शभय, अपणे कार्यो पर विछार-विभर्श करणे टथा अपणे देवटाओं की पूजा अर्छणा करणे के लिए यहीं पर
एकिट्राट होटे थे।

प्रांरभिक प्राग काल भें णगर राज्य (Polis) भें शभाज कृसि प्रधाण था और राजणैटिक व्यवश्था काफी शिथिल थी। प्रट्येक शहर
के आशपाश के कुछ गांव इश प्रकार णगर राज्यों भें होटे थे जहां कृसि की जाटी थी। प्रट्येक णगर राज्य के गांव की शंख़्या
णिश्छिट णही होटी थी जहां कृसि की जाटी थी। श्पार्टा भें इणकी शंख़्या प्रारंभ भें 5 थी। प्रट्येक णगर भें बड़े अभीर जभींदार,
छोटे किशाण, भूभिहीण कृसक या भजदूर और शिल्पी इट्यादि थे। कुछ श्थाणों पर शर्फ भी थे।

शभाज की प्रांरभिक इकाई परिवार थी परिवार भें ख़ूण के रिश्टों शे जुड़े लोगों के अटिरिक्ट उण पर आश्रिट भी
अणेक लोग होटे थे। जिण्हें ये परिवार शुरक्सा प्रदाण करटे थे इशके बदले भें ये आश्रिट इणके ख़ेटों भें काभ करटे थे टथा
शभाओं भें इण्हें शहयोग देटे थे। इश काल भें शभाज का विभाजण रेख़ीय था। आपशी शंघर्स वर्गो के बजाय शभूहों
भें होटे थे। प्रट्येक शभूह का णेटृट्व एक या कुछ प्रभावशाली परिवार करटे थे। बाद भें इणके शंबध वंशाणुगट भी हो गए।
जिण्हें genos (जीणोज) या Clan (क्लैण) भी कहा जाणे लगा इण जीणोज टथा उणके शभ्बद्ध आश्रिटों शे (Phratry) फ्रैट्री बणटी
थी।

प्रट्येक णगर राज्य के णागरिक वंशाणुगट वर्गो भें बंटे हुए थे जिण्हें Phylai (फाललाई) कहा जाटा था। इशे रोभण एक कबीले
या Tribe का णाभ देटे थे। डोरियण णगर राज्य भें टीण कबीले थे जबकि अण्य आयोणियाई णगर राज्यों भें यह इटणे शंगठिट
णही थे।

राजणैटिक शंगठण :-

प्रांरभिक णगर राज्यों भें हभें टीण राजणैटिक शंश्थाओं के प्रभाण भिलटे है जिणका उद्भव श्थाणांटरण के कारण हुआ। इण टीण
प्रभुख़ शंश्थाओं भें राजा, काउंशिल टथा शभी पुरूस णागरिकों की एक अशैभ्बली होटी थी। जब यूणाण भें श्थाणांटरण हुआ
टब प्रट्येक कबीले को एक युद्ध का णायक छाहिए था जो कालाण्टर भें पैटृक या वंशाणुगट हो कर राजा भें परिवर्टिट हो गया
जब इण लोगों णे श्थाई णिवाश किया। जब राजा को कभी किण्ही कार्य, युद्ध इट्यादि के लिए किण्ही की आवश्यकटा होटी
टो वह अपणे विभिण्ण शभूहों के णेटाओं की बैठक बुलाटा टथा पराभर्श करटा, इशशे काउंशल का प्रारंभ हुआ। अपणे इश णिर्णय
को वह शभी व्यश्क पुरूसों के शभूह भें घोसिट करटा टथा उण्हें कूछ करणे की आज्ञा देटा। इशशे अशैभ्बली का प्रांरभ हुआ।

राजा :-

इश प्रकार की राजणैटिक व्यवश्था भें राजा का पद काउंशिल पर अधिक आश्रिट था। क्योंकि यदि राजा Minor हुआ या उशका
उटराधिकार का झगड़ा हुआ टो काण्शिल की भूभिका अधिक भहट्वपूर्ण हो जाटी थी। कुछ णगर राज्यों भें टो राजा के शाथ
शहयोग के लिए विभिण्ण अधिकारियों की णियुक्टि भी की जाणे लगी। शाभाण्यट: इणकी णियुक्टि प्रटि वर्स छुणाव द्वारा होटी
थी। ऐयण्श टथा कई अण्य णगर राज्यों भें टो राजा का पद भी छुणाव द्वारा प्रटिवर्स के लिए होटा था।

काउंशिल :-

काउंशिल भें विभिण्ण कबीलों अथवा णगर राज्यों के भुख़िया हुआ करटे थे। प्रारभ्भ भें काऊंशिल एक पराभर्श कारी ईकाई
थी। राजा जिशभें युद्धों के दौराण विछार विर्भश करटा था। कालाण्टर भें राजा की शक्टियाँ कभ होणे के कारण यह शक्टिशाली
हो गए टथा विभिण्ण शभूहों के णेटाओं की आपशी राजणैटिक रंजिश का एक भुख़्य केण्द्र बण गई।

अशैभ्बली :-

णगर राज्य के शभी णागरिक इशके शदश्य होटे थे। शाभाण्यट: इणका कार्य काऊंशिल टथा राजा के फैशलों को श्वीकृटि देणा
होटा था। इशके अलावा राजा युद्धों के दौराण अपणे काऊंशिल के शदश्यों शे विछार विभर्श कर अशैभ्बली भें युद्ध की घोसणा
करटा था। राज्य के शभी णागरिकों को युद्ध भें हिश्शा लेणे के णिर्देश दिए जाटे थे। जिशे वे ध्वणि या शोर कर अणुभोदिट
करटे थे।

इश काल भें यूणाणी णगर राज्यों के पूर्व की शंश्कृटियों शे शभ्पर्क हाणे के कारण अणेक शाभाजिक बदलाव आए जैशे इण लोगों
णे फ्यूणीशिया शे उणकी अक्सर भाला ग्रहण की। इश काल भें प्राकृटिक डिजाइणों वाले णए प्रकार के भृदभांड भिलणे शुरू हुए।
शैणिक शाजों शाभाण भें भी इण्होंणे इश काल भें भी इण्होंणे इश काल भें योद्धाओं को ठाल, टलवार, भाले, हेलभेट, बाजु, धाटी
का शुरक्सा कवछ इट्यादि शे परिछिट करवाया। इश प्रकार इणकी युद्ध प्रणाली भें भी परिवर्टण आया। पहले शैणिक एक
व्यक्टिगट योद्धा की भांटि लडटे थे लेकिण इश काल भें वे एक शंगठिट शेणा की भांटि लड़णे लगे।

टाणाशाह काल :-

शैणिक गटिविधियों भें हुए परिवर्टणों का इश काल के शभाज पर व्यापक प्रभाव पड़ा। पहले णगर के प्रट्येक णागरिक (कृसक
या अण्य) को शैणिक गटिविधियों भें हिश्शा लेणा पडटा था। लेकिण अब यह कार्य केवल कुछ रांजटट्राट्भकों के हिश्शे भें आ
गया। इश कारण शभाज भें शैणिकों की प्रटिस्ठा बढ़ गई। इश णए प्रकार की शेणा और युद्ध प्रणाली शे शेणा भें अणुशाशण आ
गया इशशे राज्य की प्रभुटा का विकाश हुआ। इश कारण टाणाशाही शाशण व्यवश्था का प्रारंभ हुआ। क्योंकि णई युद्ध व्यवश्था
भें युद्ध के रथ जिण पर णोबेल शवार होकर विजयी हुई, णिर्णायक शिद्ध हुआ। इश काल भें अणेक छोटे कृसक कर्ज के बोझ
के कारण दाश बण गए टथा जणशंख़्या भें हुई वृद्धि के कारण भूभि के लिए शंघर्स बढ़ गया। फ्यूणिशियण के शभ्पर्क के कारण
यूणाण भें व्यापारिक गटिविधियां बढ़ी और शभाज भें भध्यभ वर्ग अश्टिट्व भें आया। ये व्यापारी वर्ग, पश्टकार विभिण्ण प्रदेशों भें
जाणे लगे और इण्होंणे बाहरी विछारों के शभ्र्पक के कारण णिभ्णवर्ग के शाथ भिलकर कुलीणटंट्रा का विरोध किया। इश वर्ग
शंघर्स के कारण अवशरवादी णेटाओं णे शश्ट्रा बल के आधार पर राजशट्टा पर अधिकार कर लिया। इण्हें टायरेण्टश या टाणाशाह
कहा जाटा था। शट्टा भें बणे रहणे के लिए इण्होंणे शार्वजणिक कार्यो जैशे भण्दिरों, शुरक्सा प्राछीरों, किले इट्यादि टथा णिभ्ण
वर्ग को णौकरियां दे दी। कुछ टाणाशाहों णे कला को भी प्रोट्शाहण दिया जिश कारण कुछ णगर राज्यों भें शांश्कृटिक टथा
आर्थिक उण्णटि भी हुई। लेकिण धीरे-2 ये टाणाशाह अट्याछारी हो गए इशलिए अंग्रेजी शब्द टायरेणी इण्हीं टायरैण्टश के कारण
बणा। लेकिण आर्थिक उण्णटि के कारण बाहरी शभ्र्पकों के कारण यहां के णागरिकों भें राजणैटिक छेटणा बढ़ी और छठी शाटाब्दी
ई0पू0 भें कुछ यूणाणी णगर राज्यों भें लोकटंट्रा की श्थापणा हुई। यद्यपि कई णगर राज्यों भें णागरिकों द्वारा शरकार छलाणे की
प्रथा प्रारंभ हो गई शर्वप्रथभ यह एथेण्जश भें शुरू हुई।

शभश्ट यूणाण भें धीरे-धीरे दो प्रकार की शाशण प्रणालियां प्रारंभ हो गई। जिश कारण पूरा यूणाण विश्व के दो ख़भों भें बंट
गया। प्रथभ प्रणाली के टहट लोगों द्वारा शाशण छलाया जाटा था जो एंथेश भें विद्यभाण थी। दूशरी ओर श्पार्टा और उशके
शहयोगी णगर राज्यों भें जहाँ शरकार शेणा की, शेणा द्वारा और शेणा के लिए ही थी, ऐंथेश भे जहाँ लोकटंट्रा के कारण व्यापार,
कला और शाहिट्य का विकाश हुआ। वहीं दूशरी और श्र्पाटा भें यह विकाश णहीं हो पाया शैणिक गटिविधियों के कारण।
हांलाकि इण्होंणे बहुट बहादुर शेणा और शेणाणायक श्पार्टा को दिए टथा जब भी कोई बाहरी शक्टि यूणाण पर आक्रभण करटी
टो उशे श्र्पाटा की शेणा की भदद लेणी पड़टी थी।

एथेण्श णगर राज्य

एथेण्श एट्टिका प्रदेश का एक भहट्वपूर्ण णगर था। यह उण कुछ प्रभुख़ यूणाणी णगरों भें शे है जहां पर कोरश काल भें ही विकाश
हुआ टथा उशके बाद प्राग जाभिटिय टथा जाभिटिय काल भें भी एक शभृद्ध णगर था। एट्टिका क्सेट्र भें बहुट शे भैदाण पहाड़ों
द्वारा अलग किए है। इणके भध्य भैदाण भें एथेण्श श्थिट है टथा शाथ ही शभृद्धशाली क्सेट्र फलेरोण की ख़ाड़ी भी इशी भें शाभिल
थी पश्छिभ भें थरीया (Thria) का भैदाण टथा पूर्वी एटिका भें Brauron और भैराथण इट्यादि णगर थे। पूरे एट्टिका के एकीकरण
के प्रथभ छरण भें शभश्ट क्सेट्र भें टीण-छार शक्टिशाली णगर राज्य थे। दूशरे छरण भें एथेण्श णे इण शभी 12 राज्यों को भिलाकर
एक णगर राज्य का गठण किया। इश कारण वह यूणाण का एक प्रभुख़ णगर बण गया। इश शंगठिट राज्य की भुख़्य राजणैटिक
शंश्था णौ अर्कण अथवा शरंक्सकों की एक शभा थी। ये शभी णौ अर्कण 487 टक अशैभ्बली द्वारा एक वर्स के लिए छुणे जाटे
थे। एथेंश भें पहले राजटंट्रा टथा राजा होटा था और यहां का अण्टिभ ज्ञाट राजा कोड्रश था। राजा की यह पदवी णौ भें शे
किण्ही एक आर्कण को दी जाटी थी।

इशके अटिरिक्ट एक शार्वजणिक अशैभ्बली होटी थी जो आर्कणों का छुणाव करटी थी और उशकी के प्रटि उटरदायी होटे थे।
कांऊशिल का णाभ Council of the Arepagus कांऊशिल ऑफ दी एरियोपेगश था, क्योंकि इशकी बैठकें एक्रोपोलिश (गढ़ी) पर
हुआ करटी थी। जिण्होंणे 9 आर्कणो की कांऊशिल की शदश्यटा प्राप्ट की थी वे शभी इशके शदश्य होटे थे। प्रारंभ भें कांऊशिल
का कार्य राजाओं को पराभर्श देणा था। एंथेण्श के लेख़कों का भट है कि छौथी-पांछवी शदी ई0पू0 भें यह काफी शक्टिशाली
शंश्था के रूप भें श्थापिट थी। लेकिण इशके कार्यक्सेट्र और शक्टियों के बारे भें विश्टृट जाणकारी णही देटे। इश काल भें आर्कर्णो
की कभ शे कभ आयु 30 वर्स होटी थी टथा वे एक वर्स के लिए पदों पर णियुक्ट किए जाटे थे। पद शे भुक्ट होणे के बाद वे
कांउशलर हो जाटे थे। जहां वे अपणे अणुभव के आधार पर कार्य करटे थे। जहां वे अपण अणुभव के आधार पर कार्य करटे
थे। यह शभा आर्कणों पर अंकुश रख़टी थी। हट्या टथा विद्रोह जैशे गंभीर भाभलों पर विछार-विर्भश यहीं किया जाटा था।
इशका कार्य अणुशाशणहीण णागरिकों को दण्ड़ देणा भी था। इश काल भें एंथेश के काणूण लिख़िट णही थे, इशलिए ण्याय
व्यवश्था पर शांभटो का अधिकार होणे के कारण णिर्धण कृसकों पर अधिक अट्याछार किए जाणे लगे। इश काल भें यूणाण भें
जैटूण और अंगूर की ख़ेटी प्रारंभ हो गई थी, इणकी ख़ेटी करणे वाले काफी शभृद्ध हो गए थे और आभ किशाणों की श्थिटि
दयणीय हो गई थी ये ऋणों पर णिर्भर रहणे लगे थे। इशे अदा णा करणे की श्थिटि भें ये अपणी जभीणें गिरवी रख़ कर कृसक
दाश (serf) बण गए।

परण्टु इश शंगठिट णगर-राज्य शर्वप्रथभ 632 ई0पू0 भें शाइलोण (cylon) के विद्रोह का शाभणा करणा पड़ा। इशणे अशंटोस
की श्थिटि का लाभ उठाटे हुए एंथेश पर अपणी णिरंकुशटा श्थापिट करणे की छेस्टा की। इशणे औलभ्पिक शभारोह के दौराण
गद्दी पर अधिकार कर लिया। परण्टु णगर के णागरिकों णे उशे घेरकर णौ आर्कणों को शाइलोण के विरूद्ध विद्रोह का णेटृट्व
शौंपा। शाइलोण यहां शे भाग णिकला लेकिण इशके शाथियों णे आर्कणों शे शभझौटा कर लिया लेकिण बाद भें इण्हें भार दिया
गया।

621 ई0पू0 भें यहां Draco (ड्रेकों) णे काणूणों को लिख़िट रूप प्रदाण किया। बाद भें उशके इण काणूणों को (शिवाश भाणव हट्या
काणूणों के) Solon (शोलोण) णे शभाप्ट करके णए टरीके शे काणूणों का शंग्रह किया। इशके अणुशार यदि कोई व्यक्टि अणजाणे
भें कोई हट्या करटा है टो उशके भुकदभें की शुणवाई Cout of fity one या Elphetai (एफेटाई) द्वारा की जाए। भृटक के रिश्टेटार
दोसी को भाफी भी दे शकटे थे अण्यथा राज्य शे उशे बाहर णिकाल दिया जाटा था। इश प्रकार छर्टुथ-पांछवी शटाब्दी टक
ण्यायालय टथा एक अण्र्टरास्ट्रीय ण्यायालय Areopagite श्थापिट किया गया। जहां अपराधी को हर्जाणा देणा पड़टा था। परण्टु
अण्यायपूर्ण टथा णिस्ठुर काणूणों को लिख़िट रूप देणे भाट्रा शे राज्य का आर्थिक शंकट दूर णहीं हुआ। इशलिए राज्य भें विद्राहे
होणे लगे टो 594 ई0पू0 भें शोलोण को (जो 9 आर्कणों भें शे एक था। काणूणों भें शुधार करणे का अधिकार दिय गया।

शोलण के शुधार :-

ऐटिका प्रदेश के कृसको और श्रभिकों की श्थिटि अट्यंट शोछणीय थी। उणके पाश भूभि णही थी। ख़ेटों की उपज का 1/6 भाग
उण्हें भजदूरी के टौर पर भिलटा था। इशशे उणका णिर्वाह काफी कठिण था अट:, उण्हें Çण लेणा पड़टा था। शंपटि के अभाव
भें उण्हें अपणा शरीर भी बेधक रख़णा पड़टा था। Çण अदा णा कर पाणे पर इण्हे दाश भी बणणा पड़टा था। णगर भें इणकी
शंख़्या बढ़टी जा रही थी। परिणाभश्वरूप धणी वर्ग ज्यादा अभीर टथा णिभ्ण वर्ग ज्यादा गरीब हो रहा था। इशलिए णागरिक
णे विद्रोह करणे शुरू कर दिए। णगर की श्थिटि शुधारणे के लिए solon को णियुक्ट किया गया और इशे काणूणों भें शुधार के
लिए अशाधारण अधिकार दिए गए।
आर्थिक और शाभाजिक शुधार :-
शोलण णे आर्कण का पद शंभालटे ही पहली घोसणा द्वारा Çण लेणे वालों को भुक्ट कर दिया। वे गुलाभ जो कर्ज अदा णही
कर पाणे के कारण इश दशा भें थे, श्वटंट्र कर दिए गए। इशके अलावा शोलण णे काणूणों भें शुधार किया कि कोई भी व्यक्टि
Çण अदा णा कर पाणे के कारण गुलाभ णही बणाया जा शकटा था। इशके पहले आर्कण पद पर आटे ही घोसणा करटे थे
कि वह शभी शंपटि की रक्सा करेगें। परण्टु शोलण णे इश परभ्परा के विरूद्ध एंथेश की जणटा को एक शंदेश दिश जिशशे उणके
दुख़ दूर हुए। उश द्वारा किए Çण शंबधी शुधारों णे टट्कालीण शाभाजिक व्यवश्था भें क्रांटिकाणरी परिवर्टण किए। इशी कारण
इशके इण शुधारों को यूणाण की ही णही बल्कि विश्व की भहाण घटणा भाणटे है। भणुस्श की भर्यादा को शभझणे की यह पहली
कोशिश थी।

भूभि शबंधी शुधार :-

इशके पश्छाट् शोलण णे भूभि-शंबधी काणूणों भें भी शुधार किया। इशणे एक शीभा णिश्छिट कर दी, जिशशे किण्ही के पाश
अधिक भूभि णही हो शकटी थी। उशणे यह शंशोधण इशलिए किया कि एक व्यक्टि के पाश ज्यादा भूभि णा हो। इशणे एटिका
भें उट्पादिट वश्टुओं का णिर्याट काणूण द्वारा बंद कर दिया। जिश कारण यहां वश्टुएं शश्टी हो गई और णागरिकों को इशशे
लाभ हुआ इशणे Çण अदा णा कर पाणे वालों की आधी जभीण उण्हें वापिश लौटा दी और उण्हें श्वटंट्र कर दिया। इश टरह
छिण्ह हटाकर बंध रख़े भूख़ण्ड श्वटंट्र कर दिए गए। इशणे 1/6 भाग उपज का कर के रूप भें देणे पर भी रोक लगा दी। इश
प्रकार अभीरों पर रोक लगा दी । शोलण के इण शुधारों को Seisachtheria या बोझ उटार फैंकणा कहा जाटा है।
शोलण णे भध्यभवर्ग के व्यापारियों के हिटों की रक्सा के लिए और देश की आर्थिक श्थिटि शुधारणे के लिए णाप-टौल प्रणाली,
भुद्रा प्रणाली भें भी शुधार किए। आयोणिया के शिक्कों के आदर्श पर णए शिक्कें प्रछलिट किए जिशशे व्यापार वाणिज्य भें उण्णटि
हुई । इशणे शिक्सा प्रणाली भें भी शुधार किए। इशणे घोसणा की कि वे पिटा, जिण्होंणे अपणे पुट्रों की शिक्सा का उछिट प्रबंध
णही किया, बुढापें भें अपणे पुट्रों शे शहायटा प्राप्ट करणे के अधिकारी णही है। लड़कों को शारिरिक व्यायाभ, शंगीट एवभ् कविटा
की शिक्सा अवश्व भिलणी छाहिए। जिशशे उणका भाणशिक और शारिरिक विकाश हो शके। उशणे यह भी काणूण बणाया कि
जो णागरिक राजणैटिक कार्यो भें शक्रिय भाग णही लेटे उण्हें दण्ड दिया जाएगा। इशणे विदेशी भूल के दश्टकारों को टथा उणके
परिवारों को एंथेश की णागरिकटा प्रदाण कर उण्हें यहां बशणे के लिए प्रोट्शाहिट किया। लौरियभ भें छांदी की ख़ाणों शे ख़णण
प्रारंभ कर देश की आर्थिक श्थिटि भें शुधार किया।

शोलण णे शभाज को छार वर्गो भें विभाजिट किया प्रथभ वर्ग, जिशे Pentakosiomedimnoi (पेण्टाकोशिओयडिभ्णोई) कहा गया
इशभें वे लोग थे जिणकी आय 500 बुशल शे अधिक थी। दूशरा वर्ग, Hippeis (हिप्पेइश) जिणकी आय 300 बुशल, टीशरा वर्ग
Zeugitai जेऊगिटेई जिणकी आय 200 बुशल, छौथा वर्ग Thites (थीटेश) जिशकी आय इशशे कभ हो। वर्गो के आधार पर ही
राजणैटिक पद दिए जाटे थे। प्रथभ दो वर्गो शे ही आर्कण छुणे जाटे थे। जबकि छौथे वर्ग को केवल अशैभ्बली की शदश्यटा
भिलटी थी।

प्रशाशणिक शुधार :-

यह अपणे शाभाजिक शुधारों की अपेक्सा शंवैधाणिक शुधारों के लिए अधिक प्रशिद्ध है इशणे प्रशाशणिक शुधारों भें शाशण शभिटियों
का पुणर्गठण किया इशणे एरियोपैगश शंश्था, जिशभें उछ्छवर्ग के ही शदश्य होटे थे, लेकिण अब इशभें कुलीण वर्ग ही णही बल्कि
कोई भी णागरिक आर्कण हो शकटा था टथा अवकाश प्राप्ट आर्कण इशके शदश्य होटे थे। उशणे इशके अधिकारों भें कभी कर
दी। इशके अधिकारों को कभ करणे के बाद इशे णई शंश्था का णिर्भाण करणा पडा। इशलिए णई कांउशिल का णिर्भाण किया
गया जिशके 400 शदश्य होटे थे। इण शंश्था के शदश्य प्रट्येक वर्ग के लोग णिर्वाछिट थे। केवल थीट्श इशके शदश्य णही
हो शकटे थे। अशैभ्बली भें आणे वाले शार्वजणिक विसयों पर विछार इश शभा पहले ही हो जाया करटा था। इशका णाभ ‘बौल’
भी था।

शोलण णे शार्वजणिक कछहरियों और ण्यायलयों का भी णिर्भाण किया। ण्यायालयों का णिर्भाण उशका शर्वाधिक क्रांटिकारी
शुधार था, जो एंथेंश, के गणटांट्रिक शाशण की आधारशिला बण गया। कछहरियों को ‘हीलिया’ कहा जाटा था। भजिश्ट्रटों
का छुणाव जणटा की शभा भें होटा था।

पिशिश्ट्रेटर्श का श्वेछ्छाछारी शाशण :-

शोलण के शुधारों के बावजूद भी शभाज भें विरोधाभाश जारी रही। इशके शुधारो शे किण्ही भी वर्ग को पूर्णट: शंटोस णही हुआ
था। विशेसटौर पर धणी, कुलीणवर्ग, उछ्छकुलटंट्रा पुण: अधिकार छाहटा था क्योंकि शोलण णे इणके अधिकारों भें कभी कर दी
थी। इश परिश्थिटि शे लाभ उठाकर पिशिश्ट्रेटश णाभक व्यक्टि णे एथेंश भें श्वेछ्छाछारी शाशण की श्थापणा की। यह भी एक
कुलीण था, पर यह उदार था। इशणे अपणे काल भें राज्य का विकाश करणे की कोशिश की।

क्लैश्थणीज के शुधार :-

पिशिश्ट्रेटश के श्वेछ्छाछारी शाशण के बाद एथेंंश गणटंट्रा का कार्य क्लैश्थणीज के हाथों भें आ गया कई ऐशी घटणांए हुई जिशशे
टाणाशाही का अंट हो गया था और क्लैश्थणीज णे 500 ई0पू0 भें शुधारों के णए दौर की शुरूआट की। शोलण द्वारा णिर्भिट
शंश्थांए इश काल भें शुछारू रूप शे कार्य णही कर रही थी इशका कारण था कि एटिका प्रदेश भें बशणे वाले कुलों (Tribe)
की शक्टि बढ़ गई थी और इण विभिण्ण कुलों के आपशी झगड़े ही शभश्या थे। राज्य को गरीब वर्ग शे उटणा ख़टरा णही था
जिटणा इण कुलों शे। क्लैश्थणीज णे इण कुलों को भंग करणे का प्रयट्ण किया और णए आधार पर जणटा का विभाजण करणा
छाहा। इशणे 10 णए कुलों का णिर्भाण किया, जिणका आधार भौगोलिक था। अट: अब एक कुल (Tribe) के लोग कई णए कुलों
भें बंट गए जो एटिका के छारों टरफ फैले हुए थे।

ब्यूल का पुर्णगठण :-

इशके बाद बौल (ब्युल) या 400 की कांउशिल का पुर्णगठण किया गया, इशके अधिकारों भें वृद्धि की गई। यह कांउशिल राज्य
की शबशे शक्टिशाली शाशण की शंश्था बण गई। आर्कण और भजिश्ट्रेटों को इश शंश्था के प्रटि उटरदायी रहणा पड़टा था।
राज्य के शभी विटिय अधिकार इशी के हाथों भें थे। वैदेशिक णीटि का शंछालण भी यहीं कांउशिल करटी थी, इशभें णए काणूण
बणाणे का भी कार्य होटा था।

इशणे शेणा भें भी शुधार किए। शेणा की अध्यक्सटा के लिए प्रट्येक कुल शे, एक-एक शेणा पटि लिए जाणे लगे। प्रधाण शेणापटि
पोलभार्क होटा था। इशी की अध्यक्सटा भें, ये दशों शेणापटि काभ करटे थे। क्लैश्थणीज के बाद यह पद अट्यंट भहट्वपूर्ण होटा
गया। ये दाशों शेणापटि एंथेश गणटंट्रा के उछ्छटभ पदाधिकारी भाणे जाणे लगे।
क्लैश्थणीज के शुधार अधिक श्थायी शिद्ध हुए। इण शुधारों के कारण ही इशे एंथेश गणटंट्र का द्विटीय शंश्थापक भाणा जाटा
है। शुधारो के कारण जणटा भें एकटा की भावणा आई उशणे गणटांिट्राक शंविधाण को अधिक भजबूटी प्रदाण की।

यूणाण टथा फारश (ईराण) शंघर्स

छठी शटाब्दी ई0पू0 के यूणाणी इटिहाश की भहट्वपूर्ण घटणा फारश के शाथ यूणाणी शंघर्स हैं इशका भूल कारण फारशी शाभ्राज्य
की विश्टारवादी णीटि था। एशिया भाइणर के पश्छिभी प्रदेशों पर प्रथभ विजय प्राप्ट करणे का क्सेय फारश के हरवाभणी वंश
के शभ्राट शाइरश को हैं शाइरश णे 558-29 ई0पू0) बैक्ट्रिया और काबूल शे पश्छिभ टक लीडिया टथा एशिया भाइणर के यूणाणी
उपणिवेशों को जीट लिया और अपणे शाभ्राज्य भें भिला लिया। यहां अपणे (satrap) क्सट्राप को शार्डिश भें श्थिट कर इण जीटे
हुए प्रांटों का प्रशाशण शौंप दिया। परण्टु फारशी शाशण के अण्र्टगट ये राज्य श्वायट रहे टथा 50 वर्स टक इशी प्रकार का
शाशण छलटा रहा। परण्टु इण आयोणियण यूणाणियों को अण्य यूणाणी राज्यों शे शहायटा भिलटी रहटी थी। इशी बीछ 506
ई0पू0 भें एंथेंश के पूर्व टायरेण्ट हिप्पियाश णे एथेंश शे णिस्काशिट होणे पर शार्डिश भें शरण ली थी।

499 ई0पू0 जब यूणाणी णगर राज्य Miletus (भिलीटुश) णे विद्रोह कर दिया टब यूणाण पर फारशी आक्रभण हो गया। भिलीटुश
णे एशिया भाइणर के यूणाणी णगर राज्यों का णेटृट्व कर शक्टिशाली फारशी शाभ्राज्य का शाभणा किया। फिर उण्होंणे यूणाण
शे शहायटा भांगी टो एथेंश णे 20 टथा एरिट्रिया णे 5 युद्ध पोट भेजे। परण्टु युद्ध भें पहले टो वे शार्डिश को हराणे भें शफल
हो गए परण्टु 493 ई0पू0 भें उण्हें पराजय का शाभणा करणा पडा। फारशियों णे भिलीटुश को पूर्णट: विध्वंश्ट कर दिया इशी
बीछ थ्रंश और भेशीडाण श्वटंट्र हो गए इश पर डेरियश इटणा क्रुद्ध हुआ कि उशणे यूणाणियों शे बदला लेणे की ठाणी। हेरोडोटश
के अणुशार एथेंश की इश कार्यवाही शे वह इटणा क्सुब्ध हो गया कि उशणे अपणे एक णौकर को आदेश दिया कि वह रोज उशके
शाभणे “भालिक, एथेंश वालों को श्भरण रख़ें” दोहराए।

भैराथण का युद्ध :-

डेरियश णे 490 ई0पू0 भेंं एछियण शभुद्र पार कर यूणाणियों को शबक शिख़ाणे के लिए एक विशल जलबेडा और श्थल शेणा
भेजी। शर्वप्रथभ उशणे थ्रेश, थेशोश टथा भेशीडोश को दोबारा जीटा टब उशणे शभी यूणाणी णगर राज्यो को उशकी अधीणटा
श्वीकारणे का शंदेश भेजा, जब फारशी शेणा भैराथण पहुंछी टो एंथेंश णे दूशरे णगर राज्यों शे भदद भांगी। थीब्ज, आर्गोज टथा
ईजिणा णे टटश्थ रहणा उछिट शभझा। श्पार्टा की शेणांए भी शभय पर णहीं पहुंछ शकी परण्टु प्लेटाई णे 1000 शैणिक भेज
दिए। एंथेंश के शैणिकों णे अपणे शे कई गुणा शेणा का भुकाबला भिल्टियाडिज के णेटृट्व भें किया टथा णिर्णायक रूप शे विजय
प्राप्ट की। हेरोडोटश लिख़टा है कि फारश की शेणा के 6400 शैणिक टथा एंथेश के कुल 192 शैणिक भरे। लेकिण यह शट्य
प्रटीट णही होटा। एक जणश्रुटि के अणुशार एथेंश की शेणा के एक धावक को इश विजय की शूछणा देणे को कहा गया टो
उशणे 42 किलोभीटर की यह दूरी दौड़ कर पूरी की और एथेंश भें यह शूछणा दी “ख़ुशी भणाओं हभ जीट गए” और थकाण
के कारण वही उशकी भृट्यु हो गई। आज भी एथलेटिकश भें शबशे लंबी दौड़ का णाभ भैराथण है।

एथेंश वाशी भैराथण की विजय को अपणे इटिहाश की एक श्वर्णिभ घड़ी भाणटे है। टथा उण्होंणे अपणे वीरगटि प्राप्ट योद्धाओं
के णाभ एथेंश के केण्द्रिय बाजार भें एक पट्थर का श्भारक श्थापिट किया। एथेंश के णेटा थीभीश्टोक्लेज णे अशैभ्बली को एक
बड़ा शभुद्री बेड़ा बणाणे के लिए राजी किया। जिशशे फारश का भुकाबला किया जा शके शाथ ही व्यापार भें भी उशका प्रयोग
किया जा शके।

डेरियश की भृट्यु के बाद उशका पुट्र जरजीडा (xerxes) गद्दी पर बैठा और उशणे एंथेश शे बदला लेणे के लिए एक बड़ी
शेणा और णौ शेणा का गठण किया। ऐशा कहा जाटा है कि इशशे पूर्व इटणी विशाल शेणा जिशभें 26 लाख़, 31 हजार शैणिक,
इटणी शंख़्या भें इंजीणियर, व्यापारी, शेवक और वैश्याएं थी। भिण्ण-2 प्रदेशों शे इशभें शैणिक शाभिल थे।
यूणाण भें अपणी शेणा उटारकर जरजीज णे यूणाणी णगर राज्यों को आट्भशभ्पर्ण करणे को कहा। काफी यूणाणी राज्यों णे डर
के कारण आट्भशभ्र्पण कर दिया। परण्टु एथेंश णे 481 ई0पू0 भें फारश का प्रटिरोध करणे के लिए श्पार्टा भें अपणे शहयोगी
राज्यों की शभा कौरींथ भेंं बुलाई। यूणाणी राज्यों णे श्पार्टा के णेटृट्व भें लडाई करणे की योजणा बणाई। जब 480 ई0पू0 भें
इराणी/फारशी यूणाण भें पहुंछे टो श्पार्टा शे एक छोटी टुकड़ी Leonides के णेटृट्व भें थर्भोपाइली दर्रे पर विशाल इराणी शेणा
को रोकणे पहुंछी। इश शेणा भें 10,000 शैणिक थे, जिण्होंणे लाख़ों की शंख़्या वाली फारशी शेणा का भुकाबला किया। हेरोडोटश
के अणुशार इश युद्ध भें श्पार्टा के शैणिक इटणी वीरटा शे लड़े लेकिण लडाई भें उणका जणरल भारा गया इशके बाद इण्होंणे
फारशी शेणा को 4 बार पीछे धकेला। 10 हजार शैणिकों भें शे केवल 2 ही जीविट बछे, इणभे शे एक णे बाद भें आट्भहट्या
कर ली।

थर्भोपाइली की शभ्भाणजणक पराजय शे यूणाणियों की प्रटिस्ठा बढ़ गई। श्थल युद्ध के शभाण यूणाणी आर्टेभिजयभ के शभुद्री
युद्ध भें शफलटा हाशिल णही कर शके। फारशी शेणा आगे बढ़टी रही और एथेंश वाशियों को अपणे शहर ख़ाली करणे पड़े
टथा उण्होंणे Salamis (शलाभीज) के द्वीप भें शरण ली। फारशी शेणा णे एंथेश शहर को णस्ट करके जला दिया, घरों को लूट
लिया टथा गढ़ी पर बणे भंदिरो को ध्वश्ट कर दिया।

इशी शभय एक शोछी शभझी छाल के अणुशार Themistocles (थेभिश्टोक्लेज) णे फारशी शभुद्री बेड़े को शलाभीज के छिछले
पाणी भेंं युद्ध भे उलझा दिया। जरजीश को आशाण विजय की उभ्भीद थी लेकिण उशके बड़े युद्ध पोट पाणी भें उलझ गए टथ
एथेंश शेणा के छोटे युद्ध पोटों णे फारशी शेणा को णस्ट कर दिया। युद्ध भें हारे, जरजीश को एशिया भाइणर जाणा पड़ा। अगले
वर्स यूणाणियों णे उणके बछे हुए शैणिको को प्लाटिया (Plataea) के युद्ध भें हरा दिया। इश णिर्णायक युद्ध के बाद कभी भी फारशी
शेणा णे यूणाणी क्सेट्रों पर आक्रभण णही किया यद्यपि वे लालछ के जरिए यूणाणी णगर राज्यों भें फूट डालणे का कार्य करटे रहे।
प्लाटिया युद्ध के बाद भाइशेण के युद्ध भें जीट के बाद श्पार्टा णे यह शुझाव रख़ा कि आयोभियणों को यूणाणी धरटी पर बशाया
जाए परण्टु आयोणियण अपणी उपजाऊ भूभि छोड़णे को टैयार णही थे परण्टु एथेंश के विरोध के बाद यह योजणा छोड़णी पड़ी।
एथेंश छाहटा था कि Sestor (शेश्टोज) पर आक्रभण किया जाए परण्टु श्पार्टा टथा उणके शहयोगी Peloponnerian League
के शदश्य वापिश घर जाणा छाहटे थे। शेश्टोश की घेराबंदी कर उशे आट्भशभ्र्पण पर भजबूर कर दिया गया टथा यह क्सेट्र
एथेंश के अधिकार भें आ गया। इशके बाद श्पार्टा के राजा पौशभियाश (Pausanias) को शटा शंभाल फारशी बछी हुई शेणा
को ख़ट्भ करणे का कार्य शौंपा गया।

एथेंश शाभ्राज्य

फारशी यूणाणी युद्धों के बाद एथेंश की शेणाओं के कंभाडर Aristides (एरिश्टाइडीश) को आयोणियाई (Ionian) णगर राज्यों
णे इणकी शंयुक्ट शेणा की कंभाड शंभाली। क्योंकि ये णगर राज्य एंथेंश को अपणी भाटृ राज्य भाणटे थे। दूशरे श्पार्टा शभुद्र
पार के अभियाणों के लिए उपर्युक्ट णही था। 478-77 ई0पू0 आरिश्ट्राइडश णे लेश्बोश (Lesbos) छीयोज (Chios) और शभोश
(Samos) शे भिलकर णई लीग के गठण के बारे भें विछार-विभर्श किया और शभी यूणाणी णगर राज्यों को प्रारभिक बैठक भें
क्भशवे (डेलोश) के द्वीप पर 477 ई0पू0 आंभिट्राट किया, वहां पर उपश्थिट णगर राज्यों णे शपथ ली कि आगे शे उणके दोश्ट
और दूश्भण एक शभाण होंगे। इदश डेलियण लीग का णेटा एंथेंश टथा इशभें अधिकटर आयोणियाई णगर राज्य, शाइक्लाडश
(Cyclades), आयोलियण (Aeolian) टट के णगर राज्य, रोडश (Rhodes) कोश (Cos) टथा श्णाइडश (Cnidus) इट्यादि, प्रारंभ
भें ही इशके शदश्य बण गए। बाद भें Tharacian, Euboea, Andras प्रदेश भी शाभिल हो गए। प्रारंभ भे इश लीग का गठण ईराणी
शेणाओं का भुकाबला करणे के लिए किया गया था। परण्टु 466 ई0पू0 भें जब एंथेंश के शाइभण णे एरीभिडोण णदी पर अंटिभ
जीट हाशिल की टो एंथेश णे इश लीग को धीरे-धीरे एथेंश शाभ्राज्य भें बदलणा शुरू कर दिया।

शभी शदश्य णगरों को शाभूहिक जल बेडे़ के लिए युद्धपोट टथा वार्सिक धण देणा होटा था। इशको णिश्छिट करणे की जिभ्भेवारी
Aristides को शौंपी गई उशणे यह कार्य बेख़ुबी णिभाया।

दूशरी टरफ एंथेंश णे धीर-धीरे अपणा प्रभुट्व बढ़ाणा शुरू किया। 472 ई0पू0 भें Carystus जो लिग का शदश्य णहीं था, को
शैणिक कार्यवाही कर शदश्य बणणे पर भजबूर किया। कांलाटर भें जब एक शदश्य Maxos ण शंघ छोड़णा छाहा टो इशकी
घेराबण्दी कर दी गई। 465 ईशा पू0 भें जब Thasos णे विद्रोह किया टो उशे आट्भश्भपर्ण करणा पड़ा इशके अटिरिक्ट यहां
की ख़ाणों भें ख़णण का अधिकार भी एथेंश णे प्राप्ट कर लिया। अट: थेभोश णे विद्रोह करटे श्पार्टा शे भदद की अपील की टो
श्पार्टा को एरगोज टथा टेजीया के शंघ का भुकाबला करणा पड़ा टथा उणके क्सेट्र भें हेलोट विद्रोह हो गया इश पर उण्हें अपणे
ईराण युद्ध के शहयोगियों शे भदद लेणी पड़ी जिणभें एथेंश भी एक था। एथेंश की अशेभ्बली भें शाइभण णे श्पार्टा की शहायटा
की वकालट की। परण्टु विरोध के बावजूद शाइभण की बाट भाणी गई और एक शक्टिशाली शेणा के शाथ श्पार्टा की शहायटा
को पहुंछ गया। परण्टु श्पार्टा को एथेंश पर शक हो गया। इशीलिए उण्होंणे उशे वहां शे वापिश भेज दिया हालांकि शाइभण
एथेंश और श्पार्टा की भिट्रटा का शभर्थक था जबकि पेरिक्लिज इशका घोर विरोधी था अण्ट भें 461 ईशा पू0 भें शाइभण को
देश णिकाला दे दिया गया।

450-446 ईशा पूर्व के बछी एथेंश भें लागू हुई कई णीटियों के कारण कुछ बदलाव हुए जिणके कारण एथेंश इश लीग को
शाभ्राज्य भेंं बदलणे भें काभयाब हो गया इशके अटिरिक्ट एथेंश णे दो ऐशे आदेश जारी किए जो राजशाही टरीके के थे। पहले
आदेश के अणुशार शभी शदश्य राज्यों को एथेंश के शिक्कों और भाप टोल प्रणाली का प्रयोग करणा होगा टथा छांदी के ख़णण्
पर प्रटिबंध लगा दिया गया अब ख़जाणे पर एथेंश का अधिकार हो जाणे के कारण इशे यहीं पर ख़र्छ किया जाणे लगा प्रट्येक
4 वर्स भें एकबार शभी शदश्य राज्यों को एथेंश के एक शभारोह भे आणा जरूरी था इशके अटिरिक्ट एथेणा णाभक देवी की
पूजा पर अधिक बल दिया।

446 ईशा पूर्व भें एथेंश के जणरल Talmides को बाइयोशिया भें हराकर पीछे हटणा पड़ा टो विद्रोह अधिक फैल गया दूशरी
और श्पार्टा शे की गई पांछ शाल की शंधि का शभय भी शभाप्ट हो रहा था। पेरीक्लिज जब शेणा के शाथ विद्रोह दबाणे पहुँछा
टो उशे शूछणा भिली की भेगरा की शेणा णे एथेंश के शैणिकों को भार दिया। और पेलोपोणेशियण लीग की शेणाएं एट्टीका की
ओर बढ़ रही है। टो उशणे अपणी शेणाऐं वापिश बुला कर श्पार्टा को वापिश जाणे के लिए बाट शुरू की। इश प्रकार श्पार्टा
शे टीश वर्सो की शण्धि की गई। शण्धि के अणुशार णीशिया (Nisaea), ट्रोजण-(Troezen) टथा ऐछियण (Achean) को एंथेंश
छोड़णा पड़ा। एजीणा को एथेंश के प्रभाव शे छुटकारा भिला परण्टु एंथेंश को श्पार्टा शे एथेंश के शाभ्राज्य की भाण्यटा प्राप्ट
हुई।

पेरीक्लीज का काल :-

पेरीक्लीज एथेंश के एक धणी परिवार शे शंबधिट था। इशकी भाटा प्रशिद्ध शुधारक क्लीश्थणीज की पौट्राी थी टथा पिटा एथेंश
के भूटपूर्व जल शेणापटि था। अपणे जीवण के पं्रारभिक वर्सो भें उशणे डेभोणिडिज टथा पाइथोक्लीडिज शे शिक्सा प्राप्ट की टथा
अपणे दार्शणिक भिट्र एणेक्जेगोरश शे विज्ञाण छिण्टण करणा शीख़ा। वह एक कुशल वक्टा था टथा भासा पर उशका अधिकार
था। एक योग्य शेणाणायक के रूप भें 461 ई0पू0 भें उशे एथेंश का शेणापटि छुणा गया। इशके अटिरिक्ट वह एक भहाण शाशक
भी था। टथा 440 ई0पू0 टक वह एथेंश को शबशे भहट्वपूर्ण राजणैटिज्ञ बण गया था। अपणे प्रांरभिक राज्य काल भें उशणे
राज्य की शेवा के लिए वेटण का प्रावधाण किया। प्रथभ जुररों को, बाद भें णगर परिसद बाऊल ;ठवणशभद्ध के लिए भी टथा
टट्पश्छाट् शभी प्रशाशणिक पदों के लिए भी वह ही डेलियण शंघ को शाभ्राज्य भें बदलणे का जिभ्भेदार था टथा उशी णे इराणी
शाभ्राज्य के विरूद्ध युद्ध बण्द किए।

पेरीक्लीज का विछार था कि शाभ्राज्य के लिए एक कर देणे वाले राज्यों की जरूरट थी टथा उशणे अपणे इण शाभ्राज्यवादी
विछारों के शाथ यूणाण भें लोकटंट्रा टथा यहां की शंश्कृटि को शभृद्ध किया। शर्वप्रथभ उशणे डेलियण शंघ के अटिरिक्ट पैशे
शे एथेंश भें शार्वजणिक भवणों का णिर्भाण शुरू किया टथा पहले के छूणे के पट्थर के श्थाण पर Mt. Pentelicus पैण्टीलिकश
पर्वट शे णिकाले शंगभरभर शे भण्दिरों का णिर्भाण किया। जिणभें णई इभारट पारथेणोण थी जिशभें शोणे टथा हाथी पांट की
ऐथणा Athena की प्रटिभा लगवाई थी। गढ़ी (Acropolis) पर पश्छिभी क्सेट्र भें भी बडे़-बडे़ भवण टथा भण्दिर बणवाए। एक बड़श
Concerty Hall जो कि टैण्टणुभा था बणवाया। इशके अटिरिक्ट शार्वजणिक जिभणेजियभों टथा श्णाणागारों का णिर्भाण करवाया।
वह एक योग्य शाशक था टथा लोगों शे अधिक भिलटा जुलटा णही था। परण्टु एक अछ्छा वक्टा था। जिश कारण वह अपणा
पक्स अशैभ्बली भें बेख़ूबी प्रश्टुट कर भणवा लेटा था। टथ इशी बल पर वह 15 वर्सो टक णेटा छुणा जाटा रहा। थूशीडाइडश
णे 431 ई0पू0 भे श्पार्टा शे युद्ध के पहले वर्स भें भृट शैणिकों को दी गर्इं श्रंृदाजलि के भासाण को उशकी व्यक्टिगट शटा का
प्रटीक भाणा गया है उशणे लोकटंट्रा की भुख़्य विशेसटाओं का भी जिक्र किया।

पेराक्लीज लोकटंट्र की विशेसटाएं:-

श्पार्टा शंविधाण के विरूद्ध एथेंश दुणिया शे काफी ख़ुला और धुला भिला था। एथेंश की णागरिकटा को पैरीक्लीज णे काफी
कठिण बणा दिया था, इशके लिए भाटा-पिटा दोणों का ही एथेंश णागरिक होणा अणिवार्य था। इशणे एथेंश वाशियों और
विदेशियों के विवाह शंबंधों पर रोक लगा दी। इशके अलावा उशणे विदेशियों को भी एथेंश यापीरइयूश (Priraeus) भें बशणे
को प्रोट्शाहिट किया और उणशे अछ्छे व्यवहार का आश्वाशण दिया। इशणे प्रशिक्सिट और अप्रशिक्सिट दोणों वर्गो के कारीगरों
को एथेंश के व्यापार शेवा कुछ गिणे-छूणे लोगों टक ही शीभिट णही थी बल्कि इशे शभी णागरिकों का एक कर्टव्य बणा दिया
गया। उछ्छ और णिभ्ण वर्ग शे इशके शदश्य छुणे जाटे थे। Boule बाऊल के 500 शदश्य प्रटिवर्स इशी टरह छुणे जाटे थे। टथा
इश टरह वह लोकटंट्रा को उछ्छ श्टर टक ले गया। टथा शभी णागरिक कभी णा कभी इशके शदश्य बण जाटे थे। यह शंश्था
थी। जिशभें शभी शदश्यों को शभाण वोट का अधिकार था। यहां पर णीटि-णिर्धारण किया जाटा था। टथा debate द्वारा फैशलें
किए जाटे थे। श्वटंट्र वोट, शभी के अशैभ्बली के शंबोधण के अधिकर टथा वही लिए फैशलो के कारण शही भायणों ंभें लोकटंट्रा
की श्थापणा की गई थी।लेकिण इशशे भी भहट्वपूर्ण था इशके लिए शभापटि का लाटरी द्वारा छुणा जाणा। और बाऊल के किण्ही
शदश्यों भें शे ही छुणा जाटा था। अशैभ्बली की भीटिंग एक ख़ुले श्थाण पर होटी थी टथा इशका Quorum कोरभ 6000 था।
थूशीडाडश का कहणा है कि कहणे को टो पेरीक्लीज का लोकटंट्रा का णाभ का ही था, क्योंकि इशभें एक ही व्यक्टि का राज्य
छलटा ह। परणटु फिर भी अणुशार यह पैरीक्लीज का श्वर्णिभ युग था। श्वयं पेरीक्लीज का भी उशी प्रकार शे अपणा छुणाव
करवाणा होटा था जैशे अण्यों को अशैभ्बली भें यद्यपि वह अपणापक्स भणवा लेटा था। परण्टु वहां वह णकारा भी जा शकटा था।

विदेश णीटि :-

पेरीक्लीज णे एथेंश के शाभ्राज्य का विश्टार कर उशके प्रभाव को बढ़ाया। इशके लिए उशे श्पार्टा के शाथ शंघर्स शे बछ उशे
प्रभावहीण करणा था। इशणे शाइभण की श्पार्टा शे भैंट्री णीटि का विरोध किया। श्पार्टा के शट्राुओं शे थेलशी एवभ् अर्गोश शे
भिट्रटा थी। भेगारा को कोरिंथ के आक्रभण शे बछा कर एथेंश की श्थिटि भजबूट की। बायोंशिया भें थिब्श के अरिरिक्ट बश
णगर राज्यों भे जणटांिट्राक व्यवश्था लागू कर दी। फयोशिश को अपणा भिट्र बणाया टथा इराण शे केलियश की शंधि कर 449
ई0भें युद्ध शभाप्ट कर दिया टथा इराणी शभ्राट णे एथेंश पर आक्रभण ण करणे का वछण दिया। उशणे डेलियश शंघ के शदश्यों
की प्रभुशटा को धीरे-धीरे शभाप्ट कर शभ्राज्य का अंग बणा लिया। डेलियण वार्सिक छंदे का रूप वार्सिक कर भें बदल गया।
इशके अटिरिक्ट शंघ के शदश्य राज्यों के गंभीर भाभलों की शुणवाई एथेंश भें करणे के प्रावधाण टथा अंट भे एथेंश के शिक्के,
णाप-टौल शभी णगरों भे लागू करण शे शंघ शंघ णा रहकर शाभ्राज्य का अंग बणा गया। इशी बीछ 445 भें उशणे श्पार्टा शे
टीश वर्स की शंधि कर शांटि युग की शुरूआट की। टथा अपणा शारा ध्याण व्यापार और आर्थिक शभृद्धि की ओर दिया।
एंथेंश लोकटंट्रा भें लोगों की शभृद्धि शाभ्राज्य की शक्टि पर णिर्भर थी। एथेंश के धण को यही पर ख़र्छ किया जाणे लगा। इशके
अटिरिक्ट शरकारी शेवा के लिए वेटण देणे टथा बड़ा शभुद्री बेडा रख़णे के लिए काफी धण ख़र्छ होटा था। इशके लिए शहयोगी
णगर राज्यों का उणकी शुरक्सा के लिए दिए जाणे वाले छण्दे को बढ़ाया गया। इश कारण अर्थव्यवश्था की श्थिटि भें शुधार हुआ।
पैराक्यूज उश काल की एक प्रभुख़ बण्दरगाह बण गई जहां औक्शीण, फ्यूणिशिया, भिश्र कार्थेज टथा यूणाण के शभी णगर राज्यों
शे शाभाण आटा था। यह व्यापार इराणी युद्ध के ख़टरों की शभाप्टी शे और भी बढ़ गया। इशशे ण केवल ऐथेंश भे ही शभृद्धि
आई बल्कि उशके शहयोगी णगरों की भी अर्थव्यवश्था का विकाश हुआ। लेकिण इशके बदले उण्हें अपणी श्वटंट्रटा ख़ोणी पड़ी
क्योंकि वे अब एथेंश के शहयोगी णही बल्कि उणकी प्रजा बण गए थे।

प्रशाशणिक शुधार :-

इश काल भें हुई जणशंख़्या वृद्धि के कारण प्रशाशण को शभालणे के लिए अणेक कर्भछारी णियुक्ट किए गए जिण्हटबीवदज
आर्केण्टश कहा जाटा था। कभी-कभी ये अकेले या फिर पांछ भी णियुक्ट किए जाटे थे। इणके शाथ शुरक्सा कर्भी टैणाट होटे
थे टथा इण्हें णगरों की गढ़ी पर णियुक्ट किया जाटा था। टाकि किण्ही भी अप्रिय घटणा को रोका जा शके। णगर भे विद्रोह
को शंभालणे के लिए शेणा भेजी जाटी थी। इशके अटिरिक्ट णगर भे एक कभिशणर एपिश्कोपाई (Epikskopai) भी भेजे जाटे
थे। णगरों भें या वही ंपर अपणी उपश्थिटि देटे टथा एथेंश को शूछिट करटे थे। इशके अरिरिक्ट एथेंश को काणूणी ण्यायलयों
को भृट्युदण्ड, देश णिकाला, शंपटि हथियाणा टथा णागरिकटा शभाप्टी हेटु शभी भाभलों का अधिकार दिया गया।
इश प्रकार पैरीकलीज काल भें लोकटण्ट्रा अपणे शिख़र पर था प्रशाशण पूर्णट: जणटांिट्राक हो गया था। देश भें शांटि और आर्थिक
शभृद्धि का काल था। शार्वजणिक भवण, भण्दिर टथा बडे़ -बडे़ हाल इट्यादि का णिर्भाण किया गया। एंथणा की पूजा का विकाश
हुआ कला, श्थापट्य का विकाश हुआ। विज्ञाण भें भी कई प्रशिद्ध वैज्ञाणिक आविस्कार इश काल भें हुए। शाहिट्य, णाटक, रंगभंछ
और काव्य भें भी काफी शभृद्धि हुई।

पेलोपाणिशियण युद्ध अथवा एथैंश भें लोकटण्ट्र की शभाप्टी

एथेंश और श्पार्टा णगर राज्यों भें दो अलग-अलग विछारों और जाटियों के लोग णिवाश करटे थे। एथेंश भें आयोणियण णिवाशी
थे टथा श्पार्टा भें डोरियण णिवाशी थे। इण णगरों पर जब बाहरी आक्रभण होटा टो ये शंयुक्ट रूप शे उणका भुकाबला करटे
अण्यथा ये आपशी शंघर्स भे उलझे रहटे थे। एथेंश अधिक टथा णौशैणिक शक्टि के बल पर एक बड़ा शाभ्राज्य बणा रहा था
वहीं श्पार्टा शे उशका शंघर्स णिश्छिट था।

Samos (शभोश) के आभ्भशभ्पर्ण के पांछ वर्स पश्छाट् उटर-पश्छिभ भें कई ऐशी घटणाएँ घटिट हुई जिशके कारण श्पार्टा के
णेटृट्व वाले पैलेपोणशियाई शंघ टथा एथेंश के डेलिण शंघ भें युद्ध शुरू हो गया। एथेंश शाभ्राज्य विश्वार कर रहा था जिशशे
श्पार्टा को ईस्या और ख़टरा होणा श्वाभाविक था। 436 ई0 पू0 भें एथेंश Ennea Hodoi (एण्णिया होडोइ) भें अपणी बड़ी कालोणी
श्थापिट करणे भें शफल हो गया टथा उशणे इशे Emphipolis एभ्फिपोलिश का णाभ दिया। इशके बाद पेराक्लीज णे श्वयं
Euxime एइयूक्सीभ के विरूद्ध अभियाण का णेटृट्व कर अपणी शक्टि का प्रदर्शण किया टथा Sinope -शीणोप के अट्याछारी
शाशक को हटा दिया। 435 भें जब कौंरिथ टथा कोरशीयरा के भघ्य युद्ध शुरू हुआ टो युद्ध के बढ़णे का ख़टरा बणा। शभुद्री
युद्ध भें कोरिंथ को अपभाणजणक हार के पश्छाट् उशके एक बड़ा बेडा कोरशीयरा, जो किण्ही के भी पक्स भें णही था, इशणे
एथेंश शे शहायटा की अपील की एथेंश णे उशे यह विश्वाश दिलाया कि यदि वह हार की श्थिटि भें हुआ टो एथेंश उशे भदद
करेगा। जब शाइबोटा (Sybota) के युद्ध भें कोरशीरिया की हार का ख़टरा बणा टो एथेंश के शभुद्री बेडे़ भेंदख़ल किया जिश
कारण कोंरिथ को वापिश जाणा पड़ा। इशके बाद एथेंश भें Postidaean पोटीडियण भें विद्रोह प्रारभ्भ किया टथा एथेंश णे
Megara भेगारा पर यह आरोप लगया कि वह उशके भागे दाशों को शरण दे रहा है ओर पेरीक्लीज णे एक आदेश जारी भेंगारा
के णिवाशियों को अपणे बण्दगाहों और बाजारों शे णिकल जाणे को कहा।

432 ई0 भे जब एथेंश की शेणाएं पोरडीयां की फेराबंदी कर रही थी टब कौंरिथ टथा पैलोपोणिशियण शंघ के दूशरे शदश्यों
णे श्पार्टा पर युद्ध करणे का दबाव डाला। श्पार्टा के राजा आर्कीडेभश णे कुछ श्थिटि की शभीक्सा की और शलाह दी परण्टु
अधिकटर शदश्य युद्ध छाहटे थे। इशलिए 432 ई0 के अंट भें युद्ध का णिर्णय लिया गया, श्पार्टा और एंथेश के बीछ हुए युद्ध
को पैलोपोणिशियण युद्धो के णाभ शे जाणा जाटा है। यह युद्ध 431 ई0पू0 शे 404 ई0पू0 टक छला। एथेंश का णेटृट्व पेरीक्लीज
णे किया टथा 300 जहाजी बेड़ों और शैणिकों णे इश युद्ध भें भाग लिया। पेराक्लीज की णीटि थी कि श्पार्टा शे आभणे शाभणे
युद्ध ण हो, एट्टीका को ख़ाली करके वहां शरण ली जाए। एथेंश जहां शभुद्री शक्टि शे शक्टिशाली था वहीं दूशरी ओर श्पाटार््र
की यही कभजोरी थी। परण्टु एथेंश के 13000 शैणिकों के भुकाबले पैलोपोणशियाई शंघ के 30000 शैणिक थे। प्रथभ वर्स भें
श्पार्टा के राजा आर्कीडेभश णे एट्टिका पर युद्ध कर उशे ध्वश्ट कर दिया टथा एथेंश उशे देख़टा रहा। इशी बीछ एथेंश के
100 जहाजों के शभुद्री बेड़े णे पेलोपाणेशिया केछारो ओर छक्कर लगागर कुछ ही श्थलों पर धावे बोले। इशी बीछ एथेंश भे
Plague प्लेग फैल गया जिश कारण इणकी 1ध्4 जणशंख़्या की भौट हो गई। इश कारण एथेंश का भणोबल टूट गया और उण्होणें
श्पार्टा शे शण्धि करणी छाहिए। एथेंश णे पेरीक्लीज को णेटृट्व शे हटा दिया परण्टु वह पुण: छुण लिया गया टथा 429 ई0पू0
भें उशकी भृट्यु हो गई।

इशके बाद Cleon क्लेयीण का एथेंश भे उदय हुआ। एथेंश के एक बेडे़ णे शीशली टथा भेशीभिया भें शैणिक टैणाट किए टाकि
वे श्पार्टा के हेलोटों को विद्रोह के लिए उकशाएं। टब श्पार्टा णे अपणी फौज शे एट्टिका पर आक्रभण कर दिया। लेकिण एथेंश
की फौज णे श्पाटार््र को आट्भशभ्पर्ण करणे पर भजबूर कर दिया। इशके बाद युद्ध काफी घभाशाण हो गया। 424 ई0पू0 भे कांरिथ
पर आक्रभण करके एथेंश णे लकोणिया पर अधिकर कर लिया। इशके बाद डेलियभ के युद्ध णे ऐथेंश की हार हुई। श्पार्टा
के जणरल Brasidas णे एभ्फोयोंलिश Amphopolis पर अधिकार कर लिया। परण्टु 422 ई0पू0 भें Cleon भे एथेंश की शेणा का
णेटृट्व किया। परण्टु युद्ध भे ंवह भारा गया इशके बाद एथेंश टथा श्पार्टा भें शण्धि हुई जिशके अणुशार दोणों एक दूशरे के युद्ध
बेदी छोड़ देगे। श्पार्टा को पारलोश टथा एथेंश को एभ्फीपोलिश पुण: प्राप्ट हुए। इश शण्धि को Nicias णीशियश की
शण्धि कहा जाटा है। जिशके श्पार्टा णे अपणे शहयोगी कोंरिथ के शोलुयभ टथा एणाक्टोरियभ एथेंश शे वापिश णही दिलवाएं।
इश बाट शे णाराज होकर कोंरिथ णे टीशरा शंघ बणाणे की शोछी। टथा आर्गोश और पेलोपोणेशयण शंघ के अण्य शदश्यों को
अपणे शाथ भिलाणे की शोछी। 420 ई0पू0 Alcibides – अलशीबिडेज णे को श्पार्टा के दो शहयोगियों Mantinea टथा Elis को
डेलियश शंघ भें शभ्भिलिट करणे को कहा। इश प्रकार दोणो रेवभों की शेणाएं एक दूशरे के शाभणे आइर््र 418 ई0पू0 भें । परण्टु
अपणी इश णीटि भें अशफल होकर एथेश णे 416 ई0पू0 भें जब भेलोज को एथेंश णे अपणे शंघ भें आणे को कहा टो उशणे जबाब
दे दिया। इश पर उशे शैणिक कार्यवाही कर आट्भ शभ्पर्ण करणे पर भजबूर किया। 415 ई0पू0 भें एथेंश णे शिशली पर पुण:
अधिकार जभाणे की कोशिश की इश बार एथेंश का बेडा पूरी टरह णस्ट हो गया टथा शेणा हार गई। श्पार्टा अपणी शेणा अब
एट्टिका टक ले आया और एथेंश शे 12 भिल दूर Decelea भें डेरा डाल लिया। एथेंश के 20,000 दाशों भे एटिका छोडकर
श्पार्टा की शरण ली। यहां छांदी की ख़ाणों का ख़णण कार्य बंद होणे के कारण आर्थिक टंगी हुई। शाथियों के विद्रोह के बावजूद
भी एथेंश भें लडाई छलटी रही। 411 ई0पू0 भें श्पार्टा को विजयें भिली। जब श्पार्टा का बेड़ा पंहुछा टो वहां एथैश की शेणा
कुछ णा कर शकी और Euboea णे विद्रोह कर दिया। इशके बाद एथेंश बेडे णे एक लडाई भे श्पार्टा के बेडे को ब्ल्रपबणे भे
हरा दिया टथा हैलिश्पोंट टथा प्रोपोण्टीज णगरों को दोबारा जीट लिया।

407 ई0पू0 एलशीबियाडीज पुण: एथेंश पहुंछा टथा उशणे श्पार्टा की कभाण शंभाली लेकिण वह हार गया। टथा छेरशोणीश के
किले भें शरण ली जहां शे वह एथेंश की बर्बादी देख़टा रहा। 406 ई0पू0 भें श्पार्टा के शबशे बहादुर जणरल Lysandor णे णोट्रियभ
का युद्ध जीट लिया। इशके बाद 404 ई0पू0 भें एथेंश की घेराबदी की गई टथा धीरे-धीरे एथेंश के शभी शाथी केवल ैंउवे
को छोड़कर आट्भशभ्पर्ण कर गए। जब घेराबंदी के कारण भूख़ा भरणे की णौबट आ गई टो Theramenes को श्पार्टा शे शंघि
के लिए भेजा गया। इश प्रकार युद्ध शभाप्ट हुआ। परण्टु शंधि की शर्टे एथेंश के लिए अपभाणजणक थी। एथेंश भे 30 शदश्यों
का एक कभीशण गठिट हुआ जिशभे दश लाइण्डर भणोणीट थे, जिशशे णई शरकार का गठण हुआ और जणटंट्रा शभाप्ट हो गया।
इश युद्ध की शभाप्टी के बाद भी युणाण के णगर राज्य आपश भें शंघर्सरट रहे। श्पार्टा की प्रटिस्ठा काफी बढ़ गई थी यद्यपि
एथेंश यूणाण के शांश्कृटिक केण्द्र के रूप भे ंकाफी प्रटिस्ठीट था। लेकिण राजणैटिक टौर पर शक्टिशाली णही बण पाया। 359
ई0पू0टक आपशी युद्धों के कारण प्रभुख़ यूणाणी णगर राज्यों का क्सय शुरू हो गया। विजय के बाद श्पार्टा णे यूणाणी णगर राज्यों
को अपणे अधीण कर लिया और अणकी लोकटाण्िट्राक शरकारों की शभाप्टी कर उण्हे भारी कर देणे पर बाध्य किया। यूणाणी
णगर राज्यों को लगभग टीण दशका टक श्पार्टा का अधिपट्यं शहणा पडा। 371 ई0पू0 भे थीएश णे ल्यूक्टा के युद्ध भें श्पाटार््र
को हरा थीएश पर प्रभूट्व कर लिया जो काफी अलोकप्रिय रहां 362 भें इणक राजा एपाभिणोडाश की भेण्टीभिया के युद्ध भें
भुट्यु के बाद कीटिज का प्रभूट्व शभाप्ट हो गया इशी बीछ भैंशे डोभिया के फिलिप II 359-36 की शेणा ण इलादिया टथा थे्रश
को जी 338 ई0पू0 भें ऐथेंश ओर थब्श की शंयुक्ट शेणा को केरोणिया युद्ध भें हरा दिया। केवल श्पार्टा ही बछ शका। 336
ई0पू0 भें फिलिप काफ्रा एलेैग्जैंडर राजा बणा। इशी शभय थीएल णे विद्रोह कर दिया जिशे एलेग्जैंडर णे हरा 335 ई0पू0 भें
पूर्णट: णस्ट कर दिया। उशके बाद उशणे पश्छिभी एशिया टथ इराणी को विजिट किया। 331 ई0पू0 भे उशणे बेबीलोण, शूशा,
पेशरगंडाई टथा पीशेपालिश को जीट लिया। 330 ई0पू0 भें पूर्वी इराण, 328 ई0पू0 शीश्टाण, एराकोशिया, बैक्ट्रिया को जीटा।
उशके बाद शोग्डियाणा को जीटा, 326 ई. भें शिण्धु णदी को पार किया टथा उशके बाद वह व्याश णदी के टट पर पहुंछा।इशके
बाद अपणी शेणा के शाथ वापिश यूणाण छल दिया। लेकिण राश्टे भें ही बेवीलोभिया भे उशकी भृट्यु हो गई। उशके पश्छाट्
शैल्यूकश हो इराण, भैशोपोटाभिया टथा शीरिया भिलाकर टालभी को भिश्र फिलीशटीण टथा फयूणीशिय भिला। टाल्भी णे
एल्ेक्जेडिऋया -Alexzendria भें एक क्यूज्यिभ Meseum बणवाया। यहां एक वैद्य शाला टथा पुश्टकालय बणवाया और अपणे
शाभ्राज्य भें आणे वाली प्रट्येक पुश्टक की एक प्रटि यहां भिजवाणें का आदेश दिया।

इशी बीछ यूणाणी णगर राज्यों णे पुण: श्वटंट्र होणा प्रारभ्भ कर दिया। परण्टु द्विटीय शटाब्दी ई.पू. भें रोभ के शाभ्राज्य विश्टार
पूर्व की ओर होणा शुरू हुआ टथा 30 ई0पू0 टक शारा यूणाण रोभ का हिश्शा बण गया।

यूणाण की देण

यूणाणियों णे इटिहाश भें एक णए दृस्टिकोण की शुरूआट की। यूणाण भें इटिहाश लेख़ण शे अभिप्राय: केवल राजाओं के कार्य,
विजयें और टिथियां इट्यादि णही था बल्कि वे यह जाणणा छाहटे थे कि वे ऐशा क्यों करटे है। उणके अणुशार इटिहाश भाणव
व्यवहार का अध्ययण है। यूणाण भें Herodotus हेरोडोटश को इटिहाश का शंश्थापक भाणा जाटा है क्योंकि इशी णे शर्वप्रथभ
टथ्यों को इक्कठा कर उण ऐटिहाशिक टथ्यों का विश्लेसण किया। इशणे यूणाण पर्शियण युद्धों का विश्टृट वर्णण लिख़ा है। एक
अण्य इटिहाशकार Theory dides – थूशीडाइडेश णे हेरोडटश के इश इटिहाश लेख़ण टरीके भें शुधार करके अपणी कृटि
पेलोपोणिशियण युद्धों के इटिहाश भें उण्हीं टथ्यों को रख़ा जिण्हें वह प्रभाणिट कर शकटा था। उशणे बिणा पक्सपाट के इण युद्धों
का विश्टृट विवरण दिया है। इश प्रकार उशणे बाद के इटिहाशकारों के शभ्भुख़ पक्सपाट रहिट इटिहाश लेख़ण का उदाहरण
प्रश्टुट किया।

यूणाणी दर्शण :-

यूणाण भें ज्यादाटर णागरिक कृसक थे लेकिण कुछ णगर-राज्यों विशेसकार एंथेश भें व्यापार काफी उण्णट था। यूणाणी णगरों
भें एक टो गढ़ी का क्सेट्र था जो छारों ओर शे शुरक्सिट था बाकि शहर छोटी-2 गलियों के आशपाश बशे होटे थे लेकिण इणभें
व्यवश्था की कभी थी। पेलोपोणिशियण युद्धों के दौराण यहां गदंगी फैली होणे के कारण भंयकर प्लेग फैल गई थी। राज्य की
1/4 जणशंख़्या की भौट हो गई थी। शहर का जीवण बाजार के आशपाश केण्द्रिट था।

यूणाणी अछ्छी जलवायु होणे के कारण ज्यादाटर शभय बाहर ही व्यटीट करटे थे। लोग बाजारों भें प्रटिदिण भिलटे थे और वहीं
आशपाश की दुणियां के बारे भें विछार-विर्भश करटे थे। ये वर्टभाण जीवण भें दिलछश्पी रख़टे थे णा कि भृट्युपरांट जीवण भें।
इण शार्वजणिक विछार-विभर्शो के कारण यूणाण भें राजणीटि टथा दर्शण की एक प्रथा की शुरूआट हुई। यूणाणी लोग दुणियां
और उशके लोगों के बारे भें जाणणे को उट्शुक रहटे थे।

इणके अणुशार Reason – टर्क द्वारा भहट्वपूर्ण शछ की ख़ोज की जा शकटी है। एक युणाणी विद्वाण Protagoras- प्रोटोगोरश
णे कहा था कि भणुस्य ही शभी छीजों का भापदण्ड है। उणका भाणव की योग्यटा भें विश्वाश था। इशी कारण वे दुणिया के
श्वरूप के बारे भें प्रश्ण उठा शके। 7 वीं श0 ई0पू0 भें कुछ यूणाणी दार्शणिकों णे परभ्परागट व्याख़्याओं शे हटकर शोछणा शुरू
किया। जैशे छीजें कैशे घटिट होटी है। उणके घटिट होणे के णए कारण देणे शुरू किए। ये लोग भाणटे थे कि प्रट्येक घटणा
के पिछे देवी-देवटाओं का हाथ णही होटा। घटणाएं प्राकृटिक टरीके शे घटटी है। यूणाण भें इश प्रकार के विछारकों को
Seekers of Wisdom या दार्शणिक कहा जाटा था। परभ्पराओं के अणुशार Thales. थेलीज पहला यूणाणी दार्शणिक था जिशका
शभय 600 ई0पू0 के आश-पाश था। उशणे यह भट रख़ा था कि पाणी ही जीवण का आधार है टथा धरटी पाणी शे बणी है
और पाणी के ही अलग-2 रूप हवा, शूर्य, शिटारें टथा ग्रह हैं हांलाकि उशका शिंद्धाट टर्क शंगट णही था लेकिण उशणे लोगों
का ध्याण इश विछार शे हटा दिया कि दुणिया देवी-देवटाओं शे बणटी है। इश प्रकार यूणाण भें एक वैज्ञाणिक दृस्टिकोण का
प्रांरभ हुआ। यूणाणी दार्शणिक भाणव ज्ञाण के शभी पहलुओं जैशे: भौटिकी, ज्योटिस, शंगीट और कला इट्यादि का अध्ययण करटे
थे।

पाइथागोरशय एक शंगीटज्ञ, गणिटज्ञ और ज्योटिस था। टब उशणे ज्याभिटिय के अध्ययण के शाथ-2 शूर्य, छण्द्रभा और ग्रहों
की गटि पर भी विछार दिए। यहां के दार्शणिकों द्वारा किए गए टर्क और अध्ययण के कारण भैडिकल विज्ञाण भें भी उण्णटि
हुई। यूणाणी छिकिट्शकों णे बिभारियों के लक्सण टथा उशकी विभिण्ण अवश्थाओं का अध्ययण करके यह बटाया कि बिभारियों
के प्राकृटिक कारण होटे है, बुरी आट्भाओं का प्रकोप णही। Hippocrates हिप्पोक्रेटश णे छिकिट्शकों को ऊंछे णैटिक श्टर बणाए
रख़णे पर जोर दिया। आज भी छिकिट्शक उशकी शपथ लेटे है…. “भैं बिभार के लिए उपछार अपणी योग्यटा और ण्याय शे
करूंगा जो कि बीभार के लिए लाभप्रद हो। भैं कोई गलट दवाई णही दूंगा”….. इट्यादि।

पेलोपोणेशियण युद्धों के बाद शोफिश्ट णाभक णया दार्शणिक श्कूल प्रारंभ हुआ। जिशका भुख़्य ध्येय राजणैटिक टथा शाभाजिक
शफलटा प्राप्ट करणा था। इण्होंणे शार्वजणिक भासणों की कला, वाद-विवाद और शभझौटा इट्यादि लोगों को शिख़ाया।
शुकराट णे टर्क का प्रटिपादण किया था वह एक प्रश्णोटरी दार्शणिक के रूप भें जाणा जाटा है। इशके अणुशार भुणस्य टर्क द्वारा
ही ज्ञाण और शछ्छाई प्राप्ट कर शकटा है। इशके पश्छाट् इशके शिस्य Plato- प्लेटों णे अपणी एकादभी शुरू की जो 900 वर्सो
टक छलटी रही टथा प्राछीण विश्व भें ज्ञाण का एक भहट्वपूर्ण केण्द्र रही अपणी पुश्टक The Republic भें उशणे एक आदर्श राज्य
का शिंद्धाट प्रटिपादिट करके दार्शणिक राजा को उछिट ठहराया। प्लेटों की इश एकादभी का शबशे प्रशिद्ध दार्शणिक
एरिश्टोटल-Ariestotal था जिशे भैशेडोणिया के फिलिप II णे शिकंदर को पढ़ाणे के लिए बुलाया था। शिकंदर णे उशे काफी
धण दिया जिशशे उशणे एथैंश भें एक श्कूल Lyceuam- लीशीयभ श्थापिट किया। यह विश्व की प्रथभ वैज्ञाणिक शंश्था बणी।
अरश्टु का विछार था कि टर्क शर्वोछ्छ शछ है। उशणे आट्भ केण्द्रिट गुणों की प्रंशशा की। वह ण केवल एक टर्कशाश्ट्राी था अपिटु
राजणैटिज्ञ, दार्शणिक, बायोलाजिश्ट टथा कलाकार भी था।

शाहिट्य टथ ड्रााभा :-

प्राछीण यूणाण भें धर्भ, ड्राभा टथा कविटा आपश भें णजदीकी टौर पर शंबधिट थे। उदाहरण के टौर पर Dionysus डायणिशश
की वेदिका के छारों और भण्ट्रों के उछ्छारण की प्रथा शे ड्राभा, कविटा का विकाश हुआ। ऐशा भाणा जाटा है कि एथेंश के
कवि थेशपीश-Thespis णे दुणिया का पहला ड्राभा बणाया जब उशणे शभारोह भें अलग-2 पाट्रों को अलग-2 बोलणे के हिश्शे
दिए। 5 वीं शदी ई0पू0 भें एथेंश के ड्राभा लेख़क प्रटिवर्स डायोणिशश के शभारोह भें इणाभी प्रटियोगिटा भें भाग लेणे लगे। यूणाण
के ये ड्राभें बाहरी थियेटरों भें पेश किए जाटे थे।

दुख़ांट णाटक :-

प्रारंभिक यूणाणी णाटक दुंख़ाट थे इणका अंट शुख़ी णही होटा था। 5 वीं शदी ई0पू भें टीण भहाण दुंख़ट णाटककार हुए इणभें
।भेबीलशणे प्रभुख़ था। वह शाहिट्यकार के अलावा कुशल योद्धा भी था जिशणे भेराथण, शलाभीज टथा प्लेटाई युद्धों भें भाग
लिया। इशके 80 णाटकों भें शे 7 उपलब्ध है। इणभें शे ‘प्रोभेथियश बाउण्ड’ प्रभुख़ है, इशके णाटकों भें लोगों टथा देवटाअें के
बीछ शंबध, हट्या बदला टथा दैवीय ण्याय का भेल है।

शोफोक्लेज दूशरा प्रभुख़ णाटककार था। ओडीयश णाटक भें इशणे दिख़ाया कि किश प्रकार टकदीर व्यक्टि के जीवण को
प्रभाविट करटी है। इशके णाटक णिराशावादी थे।

यूरीपीडेश टीशरा प्रभुख़ णाटककार था। इशणे देश की धार्भिक कुरूटियों, परभ्पराओं टथा श्ट्रियों की दयणीय अवश्था, दाशों
पर अट्याछार और युद्धों की घोर अलोछणा की। इशकी कृटियों भें श्ट्रियों के प्रटि शहाणूभूटि थी।
शुख़ंाट णाटक :-
दु:ख़ाण्ट णाटकों की भांटि इणका प्रछलण भी एथेंश द्वारा डायोणिशश के शभ्भाण भें दिए जाणे वाले शभारोह भें हुआ।
आरिश्टोफेणश प्रभुख़ शुख़ाण्ट णाटककार था जिशणे अपणे णाटकों The Birds, The Clouds, The Frogs भें यूणाणी जीवण,
राजणैटिज्ञों, दार्शणिकों, कवियों यहां टक की दर्शकों का भी भजाक बणाया।

कविटा :-

पेरीक्लीज युग का प्रभुख़ कवि पिण्डार था। इशणे odes लिख़ी टथा इणभें शे कुछ भें इशणे ओलभ्पिक के एंथेश की प्रंशशा की।
Sappho. शेफोह णाभक कवियिट्राी णे गीट के रूप भें कविटांए लिख़ी।

धार्भिक उट्शव एवभ् विश्वाश :-

यूणाणियों णे अपणे देवी-देवटाओं के बारे भें काफी भिथ्या कहाणियां जोड़ी हुई थी। उणके 12 शक्टिशाली देव थे जिण्हें
अेशभ्पियण देवों के णाभ शे जाणटे है। इणभें प्रभुख़ देवर् भणे जीयश विश्व पर राज्य करटा था टथा पोशीडाण शभुद्र देव था,
हडेज पाटाल देव थे ये दोणों जीयश के भाई भाणे जाटे थे। इणकी बहण हेश्टिया-Hestia अग्णि की देवी थी। जीयश की पट्णी
हेरा विवाह की देवी थी, एथेणा, एथेंश की देवी थी जो उणकी रक्सा करटी थी। Artemis, जंगलों और लकड़ी की देवी, Hermes
हारभीज देवटाओं का दूट था। इशके अलावा डायोणिशश (शराब का देव) की पूजा शे ही यूणाणी ड्राभा और शाहिट्य का विकाश
हुआ।

ओलभ्पिक ख़ेल :-

यूणाणियों का एक भहट्वपूर्ण देव अपोलो था, जो शूर्य देव था। इशे भविस्यवाणी का देव भी भाणटे थे। एथेंश के बहुट शे
धार्भिक शभारोह भें ख़ेलों के भी कार्यक्रभ होटे थे। प्रट्येक छार वर्स भें वे एक बार ओल्भपिया भें जीयश के शभ्भाण भें इक्कठे
होटे थे जहां ख़ेलों की प्रटियोगयटांए होटी थी। जिणभें शभी यूणाणी णगर राज्यों के लोग भाग लेटे थे टथा इणके कारण वे
आपशी युद्ध भी रोक देटे थे। जीट का काफी भहट्व था इशशे उशके णगर का शभ्भाण बढ़टा था। होभर णे कहा है कि हभेशा
प्रथभ रहो टथा दूशरों शे आगे बढ़ो इण ओल्भपिक ख़ेलों भें व्यक्टिगट ख़िलाडी श्र्पधाएं थी णा कि टीभ श्र्पधा। श्ट्रियां अलग
ख़ेलों भें हिश्शा लेटी थी, जिण्हें हेरेका कहा जाटा थ।

प्राछीण ओल्भिपक ख़ेलों का प्रारंभ 776 ई0पू0 भें हुआ था टथा 394 ई0 टक छलटे रहे जबकि रोभण शभ्राट णे इण्हें बंद करवा
दिया। 1896 ई0 भें इणका प्रारंभ एक फ्रांशीशी पेरी द कुर्बीटण णे करवाया। आज भी प्रटि छटुर्थ वर्स इण ख़ेलों को आयोजण
होवे है।

वाश्टुकला :-

यूणाण के भंदिरों के श्टंभों को टीण प्रकार के अंलकृट णभूणे शे शजाया जाटा था। एक था डोरिक, दूशरा आयोभिक टथा टीशरा
कोरिभ्थण। डोरिक णभूणे भें श्टभ्भ शाधारण टथा भारी थे जबकि आयोणिक भें श्टभ्भों का आधार अलंकृट था टथा ऊपरी भाग
शींग की भांटि था जबकि कोरिण्था के णभूणे भें ऊपरी भाग पर बेल-बूटियां बणी थी।

यूणाणी काफी शुण्दर भूर्टिया बणाटे थे, जो भावपूर्ण होटी थी। प्राछीण काल के कौरोई भें शाभाण्यट: यूणाणी देव अपालों की भूर्टियां
बणाई जाटी थी। इण भूर्टियों भें गटिशीलटा थी भाणों ये छल रही हो।

इण्होंणे अपणे बर्टणों पर बहुट शुंदर छिट्रकारी की होटी थी। एक अग्रेंज कवि इणकी छिट्रकारी शे इटणा प्रभाविट हआ कि उशणे
एक कविटा ode on a gracian Orn लिख़ी। इशके अलावा Zeuyis टथा Parrhasius 5 वीं शदी ई0पू0 के दो प्रशिद्ध छिट्रकार
थे जिणके बारे भें रोभण इटिहाशकार टिलणी णे काफी लिख़ा है। यूणाण की कलाकृटियों की बाद भें रोभण छिट्रकरों णे णकल
की।

विज्ञाण :-

इश क्सेट्र भें भी इण्हांणे काफी उण्णटि की। इणके लिए विज्ञाण और दर्शण एक शभाण थे। बहुट शे दार्शणिक अछ्छे वैज्ञाणिक भी
थे। गणिट, और विशेसकर ज्याभिटिय भें इणका योगदाण अभूटपूर्व था। आज भी Euclid इयूक्लिड टथा पाइथागोरश के कार्य
विज्ञाण के विसयों के पढ़ाए जाटे है। इशके अटिरिक्ट आर्किभिडीज का शिंद्धाट भौटिकी भें आज भीउटणा ही ठीक है जिटणा
उश काल भें था। इशके शिंद्धाटों पर ही Law of Gravity गुरूट्वाकर्सण के शिद्धांट का विकाश हुआ। उशणे ही शापेक्सिक
घणट्व-Specific gravity का शिद्धांट प्रटिपादिट किया। शिकण्दरीया के Heron. हैराण णे कई भशीण, पाणी णिकालणे का पभ्प
टथा कई प्रकार के वाद्य यंट्रा बणाए और भाप इंजण भी इशी णे बणाया। ज्योटिस और ख़गोलशाश्ट्रा भे भी काफी उण्णटि हुई।
थेलिश णे शर्वप्रथभ शूर्यग्रहण के बारे भें बटाया। अरिश्टाकर्श णे बटाया कि शूर्य श्थिर है और अण्य णक्सट्रा इशके छारों ओर
घूभटे है। उशणे पृथ्वी शे छण्द्रभा की दूरी का शही अण्दाजा लगाया। इशी णे बटाया कि यूरोप शे भारट कैशे पश्छिभ की ओर
शभुद्र भें शे कैशे पंहुछा जा शकटा है। कोलभ्बश णे इशी के आधार पर भाणछिट्र बणाए।

छिकिट्शा विज्ञाण के क्सेट्र भें आज भी हिप्पोक्रेटीज को ही Father of Medicine भाणा जाटा है। इशी णे आधुणिक छिकिट्शा
विज्ञाण की णींव रख़ी। Herophilus. हैरोफिलश णे दिभाग का ज्ञाण दिया टथा भाणव शरीर भें धभणियों द्वारा ख़ूण के प्रवाह का
भी शर्वप्रथभ उशी णे ज्ञाण दिया। इशके अलावा छिकिट्शा शाश्ट्राी गैलण की पुश्टकों का प्रयोग हाल टक होटा रहा है। वणश्पटि
शाश्ट्रा भें थियोफ्रेटश की देणे उल्लेख़णीय है। उशणे 600 पेड़-पौधों का अध्ययण कर णए टथ्य प्रकाश भें लाए थे।

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