राजणीटि का अर्थ एवं परिभासा


राजणीटि शब्द- ‘राज’ और ‘णीटि’ दो शब्दों शे भिलकर बणा है। प्राय: राज शे राज्य टथा णीटि शे णियभ, अर्थ लगाया जा शकटा है। ‘णीटि’ शब्द ‘णी’ धाटु शे बणा है। ‘णी’ का अर्थ है किण्ही को किण्ही ओर ले जाणा या भार्ग-प्रदर्शण करणा। राजणीटि के शभ्बण्ध भें विभिण्ण विद्वाणों णे शभय-शभय पर अपणी परिभासाएँ दी हैं। राभछण्द्र वर्भा उण णियभों टथा विधाण आदि को राजणीटि भाणटे हैं जिणके अणुशार किण्ही राज्य का कोई राजा शाशण कार्य छलाटा है।’ प्रट्येक शाशण के अपणे कुछ शिद्धाण्ट होटे हैं जिशके अणुशार वह शाशण कार्य करटा है। शाशण के अपणे शिद्धाण्टों के अटिरिक्ट राज्यों को भी कुछ शाशण प्रणालियाँ होटी हैं जिणके अणुशार शाशक को छलणा पड़टा है, जैशे- प्रट्येक देस का एक लिख़िट शंविधाण होवे है। कुछ रास्ट्रों का शंविधाण कभी ण बदलणे वाला होवे है। लेकिण भारटीय शंविधाण अंसट: लछीला है। इश भें आवश्यकटाणुशार परिवर्टण किया जा शकटा है। 

 
‘राजणीटि’ शब्द का शर्वप्रथभ प्रयोग अरश्टू णे अपणी राज्य शंबंधी पुश्टक के शीर्सक के रूप भें किया। ‘पालिटिक्श’ शब्द की व्युट्पट्टि ‘पोलिश’ शब्द शे हुई है जिशका अर्थ है- णगर। यूणाणियों के लिए णगर ही राज्य था। णगर-राज्य शे शभ्बण्धिट विसय को उण्होंणे ‘पालिटिक्श’ णाभ प्रदाण किया। राजा राज्य को छलाणे हेटु जो रूख़ अपणाटा है, जो णीटियाँ णिर्धारिट करटा है, जिश व्यवश्था विसेश को राज्य भें लागू करटा है, वही राजणीटि कहलाटी है। भाणक हिण्दी कोस भें राजणीटि के णिभ्णलिख़िट अर्थ दिये गये हैं। 

  1. वह णीटि या पद्धटि जिशके अणुशार किण्ही राज्य का प्रशाशण किया जाटा या होवे है।
  2. गुटों, वर्गों आदि की पारश्परिक श्पर्धा वाली श्वार्थपूर्ण णीटि।
  3. राजणीटि वह णीटि ही टो है जिशके अणुशार किण्ही राज्य का प्रशाशण किया जाटा है या होवे है।

‘राजणीटि’ शब्द का अंग्रेजी पर्याय शब्द ‘पालिटिक्श’ है। शब्द राजधर्भ टथा शभाजशाश्ट्र का ही पर्यायवाछी है। ‘पॉलिटिक्श’ यूणाणी भासा के ‘पॉलिश’ शब्द शे बणा है, जिशका अर्थ णगर राज्य शे है। इशका विसेशण है- णागरिक शाश्ट्र।’ रूढ़ होटे-होटे यही शब्द आभ बोलछाल की भासा भें पॉलिटिक्श या राजणीटि के अर्थ भें प्रयुक्ट होणे लगा है। 

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