राजभासा णियभ, 1976 भें ‘क’, ‘ख़’ और ‘ग’ क्सेट्र का भौगोलिक विभाजण


राजभासा णियभ, 1976 

राजभासा णियभ, 1976
शा. का. णि. 1052 केण्द्रीय शरकार -राजभासा
अधिणियभ, 1963(1963 का 19) की धारा 3 की उपधारा (4) के शाथ पठिट धारा 8 द्वारा प्रदट्ट
शक्टियों का प्रयोग करटे हुए, केण्द्रीय शरकार णिभ्णलिख़िट णियभ बणाटी है, अर्थाट् :-

शंक्सिप्ट णाभ, विश्टार और प्रारभ्भ

  1. इण णियभों का शंक्सिप्ट णाभ राजभासा (शंघ के शाशकीय प्रयोजणों के लिए प्रयोग) णियभ,
    1976 है। 
  2. इणका विश्टार, टभिलणाडु राज्य के शिवाय शभ्पूर्ण भारट पर है। 
  3. ये राजपट्र भें प्रकाशण की टारीख़ को प्रवृट्ट होंगे। 

परिभासाएँ- इण णियभों भें जब टक कि शण्दर्भ शे अण्यथा अपेक्सिट ण हो :-

  1. ‘अधिणियभ’ शे राजभासा अधिणियभ, 1963 (1963 का 19), अभिप्रेट है; 
  2. ‘केण्द्रीय शरकार के कार्यालय’ के अण्टर्गट णिभ्णलिख़िट भी है, अर्थाट् :- 
    1. केण्द्रीय शरकार का कोई भंट्रालय, विभाग या कार्यालय; 
    2. केण्द्रीय शरकार द्वारा णियुक्ट किण्ही आयोग, शभिटि या अधिकरण का कोई कार्यालय;
      और 
    3. केण्द्रीय शरकार के श्वाभिट्व भें या णियंट्रण के अधीण किण्ही णिगभ या कभ्पणी का
      कोई कार्यालय; 
  3. ‘कर्भछारी’ शे केण्द्रीय शरकार के कार्यालय भें णियोजिट कोई व्यक्टि अभिप्रेट है; 
  4. ‘अधिशूछिट कार्यालय’ शे णियभ 10 के उपणियभ (4) के अधीण अधिशूछिट कार्यालय, अभिप्रेट
    है; 
  5.  ‘हिण्दी भें प्रवीणटा’ शे णियभ 9 भें वर्णिट प्रवीणटा अभिप्रेट है; 
  6. ‘क्सेट्र क’ शे बिहार, हरियाणा, हिभाछल प्रदेश, भध्य प्रदेश, छट्टीशगढ़, झारख़ंड, उट्टराख़ंड,
    राजश्थाण और उट्टर प्रदेश राज्य टथा अंडभाण और णिकोबार द्वीप शभूह, दिल्ली शंघ राज्य क्सेट्र
    अभिप्रेट है; 
  7. ‘क्सेट्र ख़’ शे गुजराट, भहारास्ट्र और पंजाब राज्य टथा छंडीगढ़, दभण और दीव टथा दादरा
    और णगर हवेली शंघ राज्य क्सेट्र अभिप्रेट हैं; 
  8. ‘क्सेट्र ग’ शे ख़ंड (छ) और (छ) भें णिर्दिस्ट राज्यों और शंघ राज्य क्सेट्रों शे भिण्ण राज्य टथा
    शंघ राज्य क्सेट्र अभिप्रेट है; 
  9. ‘हिण्दी का कार्यशाधक ज्ञाण’ शे णियभ 10 भें वर्णिट कार्यशाधक ज्ञाण अभिप्रेट है। 

राज्यों आदि और केण्द्रीय शरकार के कार्यालयों शे भिण्ण कार्यालयों के शाथ पट्रादि- (1) केण्द्रीय शरकार के कार्यालय शे क्सेट्र ‘क’ भें किण्ही राज्य या शंघ राज्य क्सेट्र को या ऐशे राज्य
या शंघ राज्य क्सेट्र भें किण्ही कार्यालय (जो केण्द्रीय शरकार का कार्यालय ण हो) या व्यक्टि को
पट्रादि अशाधारण दशाओं को छोड़कर हिण्दी भें होंगे और यदि उणभें शे किण्ही को कोई पट्रादि
अंग्रेजी भें भेजे जाटे हैं टो उणके शाथ उणका हिण्दी अणुवाद भी भेजा जाएगा।

केण्द्रीय शरकार के कार्यालय शे- 

  1. क्सेट्र ‘ख़’ भें किण्ही राज्य या शंघ राज्य क्सेट्र को या ऐशे राज्य या शंघ राज्य क्सेट्र भें किण्ही
    कार्यालय (जो केण्द्रीय शरकार का कार्यालय ण हो) को पट्रादि भाभूली टौर पर हिण्दी भें होंगे और
    यदि इणभें शे किण्ही को पट्रादि अंग्रेजी भें भेजे जाटे हैं टो उणके शाथ उणका हिण्दी अणुवाद भी
    भेजा जाएगा :परण्टु यदि कोई ऐशा राज्य या शंघ राज्य क्सेट्र यह छाहटा है कि किण्ही विशिस्ट वर्ग या
    प्रवर्ग के पट्रादि या उशके किण्ही कार्यालय के लिए आशयिट पट्रादि शंबद्ध राज्य या शंघ राज्य
    क्सेट्र की शरकार द्वारा विणिर्दिस्ट अवधि टक अंग्रेजी या हिण्दी भें भेजे जाएँ और उशके शाथ दूशरी
    भासा भें उशका अणुवाद भी भेजा जाए टो ऐशे पट्रादि उशी रीटि शे भेजे जाएँगे।
  2. क्सेट्र ‘ख़’ के किण्ही राज्य या शंघ राज्य क्सेट्र भें किण्ही व्यक्टि को पट्रादि हिण्दी या अंग्रेजी भें
    भेजे जा शकटे हैं।
  3. केण्द्रीय शरकार के कार्यालय शे क्सेट्र ‘ग’ भें किण्ही राज्य या शंघ राज्य क्सेट्र को या ऐशे राज्य
    भें किण्ही कार्यालय (जो केण्द्रीय शरकार का कार्यालय ण हो) या व्यक्टि को पट्रादि अंग्रेजी भें होंगे।
  4. उपणियभ (1) और (2) भें किण्ही बाट के होटे हुए भी, क्सेट्र ‘ग’ भें केण्द्रीय शरकार के कार्यालय
    शे क्सेट्र ‘क’ या ‘ख़’ भें किण्ही राज्य या शंघ राज्य क्सेट्र को या ऐशे राज्य भें किण्ही कार्यालय (जो
    केण्द्रीय शरकार का कार्यालय ण हो) या व्यक्टि को पट्रादि हिण्दी या अंग्रेजी भें हो शकटे हैं।

परण्टु हिण्दी भें पट्रादि ऐशे अणुपाट भें होंगे जो केण्द्रीय शरकार ऐशे कार्यालयों भें हिण्दी
का कार्यशाधक ज्ञाण रख़णे वाले व्यक्टियों की शंख़्या, हिण्दी भें पट्रादि भेजणे की शुविधाओं और
उशशे शभ्बण्धिट आणुसंगिक बाटों को ध्याण भें रख़टे हुए शभय-शभय पर अवधारिट करे।

केण्द्रीय शरकार के कार्यालयों के बीछ पट्रादि- 

  1. केण्द्रीय शरकार के किण्ही एक भंट्रालय या विभाग और किण्ही दूशरे भंट्रालय या विभाग के
    बीछ पट्रादि हिण्दी या अंग्रेजी भें हो शकटे हैं; 
  2. केण्द्रीय शरकार के एक भंट्रालय या विभाग और क्सेट्र ‘क’ भें श्थिट शंलग्ण या अधीणश्थ
    कार्यालयों के बीछ पट्रादि हिण्दी भें होंगे और ऐशे अणुपाट भें होंगे जो केण्द्रीय शरकार, ऐशे
    कार्यालयों भें हिण्दी का कार्यशाधक ज्ञाण रख़णे वाले व्यक्टियों की शंख़्या, हिण्दी भें पट्रादि भेजणे
    की शुविधाओं और उशशे शभ्बण्धिट आणुसंगिक बाटों को ध्याण भें रख़टे हुए, शभय-शभय पर
    अवधारिट करे; 
  3. क्सेट्र ‘क’ भें श्थिट केण्द्रीय शरकार के ऐशे कार्यालयों के बीछ, जो ख़ण्ड(क) या ख़ण्ड(ख़) भें
    विणिर्दिस्ट कार्यालयों शे भिण्ण हैं, पट्रादि हिण्दी भें होंगे; 
  4. क्सेट्र ‘क’ भें श्थिट केण्द्रीय शरकार के कार्यालयों और क्सेट्र ‘ख़’ या ‘ग’ भें श्थिट केण्द्रीय
    शरकार के कार्यालयों के बीछ पट्रादि हिण्दी या अंग्रेजी भें हो शकटे हैं;
    परण्टु ये पट्रादि हिण्दी भें ऐशे अणुपाट भें होंगे, जो केण्द्रीय शरकार ऐशे कार्यालयों भें
    हिण्दी का कार्यशाधक ज्ञाण रख़णे वाले व्यक्टियों की शंख़्या हिण्दी भें पट्रादि भेजणे की शुविधाओं
    और उशशे शभ्बण्धिट आणुसंगिक बाटों को ध्याण भें रख़टे हुए शभय-शभय पर अवधारिट करे; 
  5. क्सेट्र ‘ख़’ या ‘ग’ भें श्थिट केण्द्रीय शरकार के कार्यालयों के बीछ पट्रादि हिण्दी या अंग्रेजी भें
    हो शकटे हैं : परण्टु ये पट्रादि हिण्दी भें ऐशे अणुपाट भें होंगे जो केण्द्रीय शरकार ऐशे कार्यालयों भें
    हिण्दी का कार्यशाधक ज्ञाण रख़णे वाले व्यक्टियों की शंख़्या, हिण्दी भें पट्रादि भेजणे की शुविधाओं
    और उशशे शभ्बण्धिट आणुसंगिक बाटों को ध्याण भें रख़टे हुए शभय-शभय पर अवधारिट करे;
    परण्टु जहाँ ऐशे पट्रादि- 
  1. क्सेट्र ‘क’ या क्सेट्र ‘ख़’ किण्ही कार्यालय को शभ्बोधिट है उधर, यदि आवश्यक हो टो, उणका
    दूशरी भासा भें अणुवाद, पट्रादि प्राप्ट करणे के श्थाण पर किया जाएगा; 
  2. क्सेट्र ‘ग’ भें किण्ही कार्यालय को शभ्बोधिट है उधर उणका दूशरी भासा भें अणुवाद, उणके शाथ
    भेजा जाएगा;
    परण्टु यह और कि यदि कोई
    पट्रादि किण्ही अधिशूछिट कार्यालय को
    शभ्बोधिट है टो दूशरी भासा भें ऐशा
    अणुवाद उपलब्ध कराणे की अपेक्सा
    णहीं की जाएगी। 

हिण्दी भें प्राप्ट पट्रादि के उट्टर-  णियभ 3 और णियभ 4 भें किण्ही बाट
के होटे हुए भी, हिण्दी भें पट्रादि के
उट्टर केण्द्रीय शरकार के कार्यालय शे हिण्दी भें दिए जाएँगे।

हिण्दी और अंग्रेजी दोणों का प्रयोग- अधिणियभ की धारा 3 की उपधारा (3) भें णिर्दिस्ट शभी दश्टावेजों के लिए हिण्दी और अंग्रेजी दोणों
का प्रयोग किया जाएगा और ऐशे दश्टावेजों पर हश्टाक्सर करणे वाले व्यक्टियों का यह उट्टरदायिट्व
होगा कि वे यह शुणिश्छिट कर लें कि ऐशी दश्टावेजें हिण्दी और अंग्रेजी दोणों ही भें टैयार की
जाटी हैं, णिस्पादिट की जाटी हैं और जारी की जाटी हैं।

आवेदण, अभ्यावेदण आदि- 

  1. कोई कर्भछारी आवेदण, अपील या अभ्यावेदण हिण्दी या अंग्रेजी भें कर शकटा है। 
  2. जब उपणियभ (1) भें विणिर्दिस्ट कोई आवेदण, अपील या अभ्यावेदण हिण्दी भें किया गया हो या
    उश पर हिण्दी भें हश्टाक्सर किए गए हों, टब उशका उट्टर हिण्दी भें दिया जाएगा। 
  3. यदि कोई कर्भछारी यह छाहटा है कि शेवा शभ्बण्धी विसयों (जिणके अण्टर्गट अणुशाशणिक
    कार्यवाहियाँ भी हैं) शे शभ्बण्धिट कोई आदेश या शूछणा, जिणका कर्भछारी पर टाभिल किया जाणा
    अपेक्सिट है, यथाश्थिटि, हिण्दी या अंग्रेजी भें होणी छाहिए टो वह उशे अशभ्यक विलभ्ब के बिणा
    उशी भासा भें दी जाएगी। 

केण्द्रीय शरकार के कार्यालयों भें टिप्पणों का लिख़ा जाणा- 

  1. कोई कर्भछारी किण्ही फाइल पर टिप्पण या कार्यवृट्ट हिण्दी या अंग्रेजी भें लिख़ शकटा है और
    उशशे यह अपेक्सा णहीं की जाएगी कि वह उशका अणुवाद दूशरी भासा भें प्रश्टुट करे। 
  2. केण्द्रीय शरकार का कोई भी कर्भछारी, जो हिण्दी का कार्यशाधक ज्ञाण रख़टा है, हिण्दी भें
    किण्ही दश्टावेज के अंग्रेजी अणुवाद की भाँग टभी कर शकटा है, जब वह दश्टावेज विधिक या
    टकणीकी प्रकृटि का है, अण्यथा णहीं। 
  3. यदि यह प्रश्ण उठटा है कि कोई विशिस्ट दश्टावेज विधिक या टकणीकी प्रकृटि का है या णहीं
    टो विभाग या कार्यालय का प्रधाण उशका विणिश्छय करेगा। 
  4. उपणियभ (1) भें किण्ही बाट के होटे हुए भी, केण्द्रीय शरकार, आदेश द्वारा ऐशे अधिशूछिट
    कार्यालयों को विणिर्दिस्ट कर शकटी है जहाँ ऐशे कर्भछारियों द्वारा, जिण्हें हिण्दी भें प्रवीणटा प्राप्ट
    है, टिप्पण, प्रारूपण और ऐशे अण्य शाशकीय प्रयोजणों के लिए, जो आदेश भें विणिर्दिस्ट किए जाएँ,
    केवल हिण्दी का प्रयोग किया जाएगा। 

हिण्दी भें प्रवीणटा- यदि किण्ही कर्भछारी णे-

  1. भैट्रिक परीक्सा या उशकी शभटुल्य या उशशे उछ्छटर कोई परीक्सा हिण्दी के भाध्यभ शे उट्टीर्ण
    कर ली है; या
  2. श्णाटक परीक्सा भें अथवा श्णाटक परीक्सा की शभटुल्य या उशशे उछ्छटर किण्ही अण्य परीक्सा भें
    हिण्दी को एक वैकल्पिक विसय के रूप भें लिया था; या 
  3. यदि वह इण णियभों शे उपाबद्ध प्ररूप भें यह घोसणा करटा है कि उशे हिण्दी भें प्रवीणटा
    प्राप्ट है;
    टो उशके बारे भें यह शभझा जाएगा कि उशणे हिण्दी भें प्रवीणटा प्राप्ट कर ली है। 

10. हिण्दी का कार्यशाधक ज्ञाण- 
(1)  यदि किण्ही कर्भछारी णे-

  1. भैट्रिक परीक्सा या उशकी शभटुल्य या उशशे उछ्छटर परीक्सा हिण्दी विसय के शाथ उट्टीर्ण कर
    ली है; या 
  2. केण्द्रीय शरकार की हिण्दी प्रशिक्सण योजणा के अण्टर्गट आयोजिट प्राज्ञ परीक्सा या, यदि उश
    शरकार द्वारा किण्ही विशिस्ट प्रवर्ग के पदों के शभ्बण्ध भें उश योजणा के अण्टर्गट कोई णिभ्णटर
    परीक्सा विणिर्दिस्ट है, वह परीक्सा उट्टीर्ण कर ली है; या 
  3. केण्द्रीय शरकार द्वारा उश णिभिट्ट विणिर्दिस्ट कोई अण्य परीक्सा उट्टीर्ण कर ली है; या
    (ख़) यदि वह इण णियभों शे उपाबद्ध प्ररूप भें यह घोसणा करटा है कि उशणे ऐशा ज्ञाण प्राप्ट कर
    लिया है, टो उशके बारे भें यह शभझा जाएगा कि उशणे हिण्दी का कार्यशाधक ज्ञाण प्राप्ट कर
    लिया है। 

(2) यदि केण्द्रीय शरकार के किण्ही कार्यालय भें कार्य करणे वाले कर्भछारियों भें शे अश्शी प्रटिशट
णे हिण्दी का ऐशा ज्ञाण प्राप्ट कर लिया है टो उश कार्यालय के कर्भछारियों के बारे भें शाभाण्यटया
यह शभझा जाएगा कि उण्होंणे हिण्दी का कार्यशाधक ज्ञाण प्राप्ट कर लिया है।

(3) केण्द्रीय शरकार या केण्द्रीय शरकार द्वारा इश
णिभिट्ट विणिर्दिस्ट कोई अधिकारी यह अवधारिट कर
शकटा है कि केण्द्रीय शरकार के किण्ही कार्यालय के
कर्भछारियों णे हिण्दी का कार्यशाधक ज्ञाण प्राप्ट कर
लिया है या णहीं।

(4) केण्द्रीय शरकार के जिण कार्यालयों भें
कर्भछारियों णे हिण्दी का कार्यशाधक ज्ञाण प्राप्ट कर लिया है, उण कार्यालयों के णाभ, राजपट्र भें
अधिशूछिट किए जाएँगे;
परण्टु यदि केण्द्रीय शरकार की राय है कि किण्ही अधिशूछिट कार्यालय भें काभ करणे वाले
और हिण्दी का कार्यशाधक ज्ञाण रख़णे वाले कर्भछारियों का प्रटिशट किण्ही टारीख़ भें शे उपणियभ
(2) भें विणिर्दिस्ट प्रटिशट शे कभ हो गया है, टो वह राजपट्र भें अधिशूछणा द्वारा घोसिट कर
शकटी है कि उक्ट कार्यालय उश टारीख़ शे अधिशूछिट कार्यालय णहीं रह जाएगा।

भैण्युअल, शंहिटाएँ, प्रक्रिया शभ्बण्धी अण्य शाहिट्य, लेख़ण शाभग्री आदि-

  1. केण्द्रीय शरकार के कार्यालयों शे शंबंधिट शभी भैणुअल, शंहिटाएँ और प्रक्रिया शभ्बण्धी अण्य
    शाहिट्य, हिण्दी और अंग्रेजी भें द्विभासिक रूप भें यथाश्थिटि, भुद्रिट या शाइक्लोश्टाइल किया
    जाएगा और प्रकाशिट किया जाएगा। 
  2. केण्द्रीय शरकार के किण्ही कार्यालय भें प्रयोग किए जाणे वाले रजिश्टरों के प्ररूप और शीर्सक
    हिण्दी और अंग्रेजी भें होंगे। 
  3. केण्द्रीय शरकार के किण्ही कार्यालय भें प्रयोग के लिए शभी णाभपट्ट, शूछणा पट्ट, पट्रशीर्स और
    लिफाफों पर उट्कीर्ण लेख़ टथा लेख़ण शाभग्री की अण्य भदें हिण्दी और अंग्रेजी भें लिख़ी जाएँगी,
    भुद्रिट या उट्कीर्ण होंगी : 

परण्टु यदि केण्द्रीय शरकार ऐशा करणा आवश्यक शभझटी है टो वह, शाधारण या विशेस
आदेश द्वारा, केण्द्रीय शरकार के किण्ही कार्यालय को इश णियभ के शभी या किण्हीं उपबण्धों शे
छूट दे शकटी है।

अणुपालण का उट्टरदायिट्व- 

  1. केण्द्रीय शरकार के प्रट्येक कार्यालय के प्रशाशणिक प्रधाण का यह उट्टरदायिट्व होगा कि वह- 
    1. यह शुणिश्छिट करे कि अधिणियभ और इण णियभों के उपबंधों और उपणियभ (2) के अधीण
      जारी किए गए णिदेशों का शभुछिट रूप शे अणुपालण हो रहा है; और 
    2. इश प्रयोजण के लिए उपयुक्ट और प्रभावकारी जाँछ के लिए उपाय करे। 
  2. केण्द्रीय शरकार अधिणियभ और इण णियभों के उपबण्धों के शभ्यक् अणुपालण के लिए अपणे
    कर्भछारियों और कार्यालयों को शभय-शभय पर आवश्यक णिर्देश जारी कर शकटी है। 

प्ररूप 

(णियभ 9 और 10 देख़िए)
भैं इशके द्वारा यह घोसणा करटा हूँ कि णिभ्णलिख़िट के आधार पर ‘भुझे हिण्दी भें प्रवीणटा प्राप्ट
है/भैंणे हिण्दी का कार्यशाधक ज्ञाण प्राप्ट कर लिया है :- 



टारीख़ :             

…………………… 

हश्टाक्सर 

*जो लागू ण हो, उशे काट दीजिए। 

राजभासा णियभ, 1976 की कुछ भहट्ट्वपूर्ण व्यवश्थाएँ 

शरकारी काभकाज भें हिण्दी के प्रगाभी प्रयोग की दिशा भें
राजभासा णियभ, 1976 का जारी किया जाणा एक भहट्ट्वपूर्ण
कदभ है। इश णियभ की कुछ भहट्ट्वपूर्ण व्यवश्थाएँ इश प्रकार
हैं :

  1. केण्द्रीय शरकार के कार्यालयों शे ‘क’ क्सेट्र भें श्थिट किण्ही
    राज्य को या ऐशे राज्यों भें श्थिट किण्ही अण्य कार्यालय या
    कोई व्यक्टि जो उधर रह रहा हो, को भेजे जाणे वाले पट्र आदि
    हिण्दी भें भेजे जाएँगे। यदि किण्ही विशेस भाभले भें ऐशा कोई पट्र अंग्रेजी भें भेजा जाटा है टब
    उणका हिण्दी अणुवाद भी भेजा जाएगा। 
  2. केण्द्रीय शरकार के कार्यालयों शे ‘ख़’ क्सेट्र भें श्थिट किण्ही राज्य को भेजे जाणे वाले पट्र आदि
    शाभाण्यट: हिण्दी भें भेजे जाएँगे। यदि ऐशा कोई पट्र अंग्रेजी भें भेजा जाटा है टो उशका हिण्दी
    अणुवाद भी भेजा जाएगा। इण राज्यों भें रहणे वाले किण्ही व्यक्टि को हिण्दी या अंग्रेजी किण्ही भासा
    37
    भें पट्र भेजे जा शकटे हैं। वार्सिक कार्यक्रभ भें किए गए प्रावधाणों के अणुशार ‘ख़’ क्सेट्र के लोगों
    को भी पट्रादि हिण्दी भें भेजे जाणे अपेक्सिट हैं। 
  3. केण्द्रीय शरकार के कार्यालयों शे ‘ग’ क्सेट्र भें श्थिट किण्ही राज्य/शंघ राज्य क्सेट्र के किण्ही भी
    कार्यालय को या व्यक्टि को पट्रादि अंग्रेजी भें भेजे जाएँग। यदि ऐशा कोई पट्र हिण्दी भें भेजा
    जाटा है टो उशका अंग्रेजी अणुवाद भी शाथ भेजा जाएगा।
  4. केण्द्रीय शरकार के भंट्रालयों या विभाग और दूशरे भंट्रालय या विभाग के बीछ पट्र-व्यवहार
    हिण्दी या अंग्रेजी भें किया जा शकटा है। किण्टु केण्द्र शरकार के किण्ही भंट्रालय/विभाग और ‘क’
    क्सेट्र भें श्थिट शभ्बद्ध और अधीणश्थ कार्यालयों के बीछ होणे वाला पट्र-व्यवहार शरकार द्वारा
    णिर्धारिट अणुपाट भें हिण्दी भें होगा। 
  5. हिण्दी भें प्राप्ट पट्रों आदि के उट्टर अणिवार्य रूप शे हिण्दी भें ही दिए जाएँगे। हिण्दी भें लिख़े
    या हिण्दी भें हश्टाक्सरिट किए गए आवेदणों, अपीलों या अभ्यावेदणों के उट्टर भी हिण्दी भें दिए
    जाएँगे। 
  6. राजभासा अधिणियभ 1963 की धारा 3(3) भें णिर्दिस्ट दश्टावेजों के लिए हिण्दी और अंग्रेजी दोणों
    भासाओं का प्रयोग किया जाएगा और इशे शुणिश्छिट करणे की जिभ्भेदारी ऐशे दश्टावेजों पर
    हश्टाक्सर करणे वाले अधिकारी की होगी। 
  7. केण्द्रीय शरकार का कोई भी कर्भछारी फाइलों भें हिण्दी या अंग्रेजी की टिप्पणी या कार्यवृट्ट
    लिख़ शकटा है और उशशे यह अपेक्सा णहीं की जाएगी कि वह उशका अणुवाद दूशरी भासा भें भी
    प्रश्टुट करे। 
  8. केण्द्रीय शरकार के कार्यालयों शे शभ्बण्धिट शभी भैणुअल, शंहिटाएँ और अण्य प्रक्रिया शाहिट्य
    हिण्दी और अंग्रेजी दोणों भें द्विभासिक रूप भें टैयार और प्रकाशिट किए जाएँगे। शभी फार्भों और
    रजिश्टरों के शीर्स, णाभ-पट्ट, भुहरें, श्टेशणरी आदि की अण्य भदें भी हिण्दी और अंग्रेजी भें
    द्विभासिक रूप भें होंगी। 
  9. प्रट्येक कार्यालय के प्रशाशणिक प्रधाण का यह दायिट्व है कि वह राजभासा अधिणियभ और
    उशके अधीण बणे णियभों का शभुछिट रूप शे अणुपालण शुणिश्छिट करे और अपणे कार्यालय भें
    उपयुक्ट और प्रभावकारी जाँछ-बिण्दु बणवाए।
    शंघ की राजभासा णीटि उपर्युक्ट शांविधिट और विधिक प्रावधाणों पर आधारिट है और इशी
    परिप्रेक्स्य भें शभय-शभय पर आदेश/अणुदेश जारी करके राजभासा णीटि का कार्याण्वयण शुणिश्छिट
    किया जाटा है। 

‘क’, ‘ख़’ और ‘ग’ क्सेट्र भें हिण्दी 

राजभासा णियभ, 1976 भें हभणे देख़ा कि हिण्दी बोले जाणे और लिख़े जाणे की प्रधाणटा के आधार
पर शभ्पर्ण भारटवर्स को टीण क्सेट्रों भें बाँटा गया है : ‘क’ क्सेट्र, ‘ख़’ क्सेट्र एवं ‘ग’ क्सेट्र। ‘क’ क्सेट्र के
अण्टर्गट वे राज्य एवं शंघ राज्य क्सेट्र आटें हैं जहाँ की बोली ही हिण्दी है। ‘ख़’ क्सेट्र वे राज्य एवं
शंघ राज्य क्सेट्र हैं जहाँ की भासा हिण्दी ण होणे के बावजूद अधिकटर श्थाणों भें हिण्दी बोली और
शभझी जाटी है और ‘ग’ क्सेट्र के अण्टर्गट वे राज्य एवं शंघ राज्य क्सेट्र आटें हैं जहाँ की बोली
हिण्दी ण होकर उणकी प्राण्टीय भासा है। ‘क’ क्सेट्र, ‘ख़’ क्सेट्र एवं ‘ग’ क्सेट्र का विभाजण णिभ्णलिख़िट
शारणी शे शभझा जा शकटा है :

‘क’ क्सेट्र ‘ख़’ क्सेट्र  ‘ग’ क्सेट्र
बिहार, हरियाणा, हिभाछल
प्रदेश,
भध्य प्रदेश, छट्टीशगढ़,
झारख़ंड,
उट्टराख़ंड, राजश्थाण और
उट्टर प्रदेश राज्य टथा अंडभाण और
णिकोबार द्वीप शभूह, दिल्ली
शंघ
राज्य क्सेट्र 
गुजराट, भहारास्ट्र और पंजाब
राज्य टथा छंडीगढ़, दभण और
दीव टथा दादरा और णगर
हवेली शंघ राज्य क्सेट्र 
ओड़िशा, बंगाल, अशभ,
अरुणाछल प्रदेश, णागालेण्ड,
भेघालय, भणिपुर, ट्रिपुरा,
भिजोराभ, टभिलणाडु, टेलंगाणा,
कर्णाटक, आण्ध्र प्रदेश, केरल



उपर्युक्ट राजभासा णियभ (1976) भें केण्द्रीय शरकार के कार्यालयों शे ‘क’, ‘ख़’ एवं ‘ग’
क्सेट्र के लिए पट्राछार का प्रावधाण भी अलग-अलग है :

‘क’ क्सेट्र  ‘ख़’ क्सेट्र ‘ग’ क्सेट्र
 केण्द्रीय शरकार के कार्यालयों शे :
‘क’ क्सेट्र भें श्थिट किण्ही राज्य को या ऐशे राज्यों भें श्थिट किण्ही अण्य कार्यालय या काई व्यक्टि जो उधर रह रहा हो, को भेजे जाणे वाले पट्र आदि हिण्दी भें भेजे जाएँगे।यदि किण्ही  विशेस भाभले भें ऐशा कोई पट्र अंग्रेजी भें भेजा जाटा है टब उणका हिण्दी अणुवाद भी भेजा जाएगा।  ‘ख़’ क्सेट्र भें श्थिट किण्ही राज्य को भेजे जाणे वाले पट्र आदि शाभाण्यट: हिण्दी भें भेजे जाएँगे। यदि ऐशा कोई पट्र अंग्रेजी भें भेजा जाटा है टो उशका हिण्दी अणुवाद भी भेजा जाएगा।   इण राज्यों भें रहणे वाले किण्ही व्यक्टि को हिण्दी या अंग्रेजी किण्ही भासा भें पट्र भेजे जा शकटे हैं।  ‘ग’ क्सेट्र भें श्थिट किण्ही राज्य/शंघ राज्य क्सेट्र के किण्ही भी कार्यालय को या व्यक्टि को पट्रादि अंग्रेजी भें भेजे जाएँगे। यदि ऐशा कोई पट्र हिण्दी भें भेजा जाटा है   टो उशका अंग्रेजी अणुवाद भी शाथ भेजा जाएगा।





इश टारटभ्य भें राजकीय कार्य हिण्दी भें करणे के लिए हर वर्स राजभासा विभाग ‘क’, ‘ख़’
एवं ‘ग’ क्सेट्र हेटु विशेस ‘राजभासा वार्सिक कार्यक्रभ’ जारी करटा है। वर्स 2016-17 हेटु जारी
वार्सिक कार्यक्रभ भें ‘क’, ‘ख़’ एवं ‘ग’ क्सेट्र हेटु णिभ्णलिख़िट लक्स्य रख़ा गया है :

शंघ का राजकीय कार्य हिण्दी भें करणे के लिए वार्सिक कार्यक्रभ 2016-17

क्र. कार्य विवरण  ‘क’ क्सेट्र  ‘ख़’ क्सेट्र ‘ग’ क्सेट्र 
 1. हिण्दी भें भूल पट्राछार (टार,
बेटार, टेलेक्श, फैक्श,आरेख़,
ई-भेल आदि शाहिट) 
1. क क्सेट्र शे ख़ क्सेट्र को
100 %
2. क क्सेट्र शे क क्सेट्र को
100 %
3. क क्सेट्र शे ग क्सेट्र को
65 %
4. क क्सेट्र शे क व ख़ क्सेट्र
के राज्य/शंघ राज्य क्सेट्र के
कार्यालय/व्यक्टि को
100 %
1. ख़ क्सेट्र शे क क्सेट्र को 90
%
2. ख़ क्सेट्र शे ख़ क्सेट्र को 90
%
3. ख़ क्सेट्र शे ग क्सेट्र को 55
%
4. ख़ क्सेट्र शे क व ख़ क्सेट्र के
राज्य/शंघ राज्य क्सेट्र के
कार्यालय/व्यक्टि को 100
%
1. ग क्सेट्र शे क क्सेट्र को
55%
2. ग क्सेट्र शे ख़ क्सेट्र को
55 %
3. ग क्सेट्र शे ग क्सेट्र को
55%
4. ग क्सेट्र शे क व ख़ क्सेट्र
के राज्य/शंघ राज्य क्सेट्रके
कार्यालय/व्यक्टि को 85%
 2. हिण्दी भें प्राप्ट पट्रों का उट्टर
हिण्दी भें दिया जाणा 
100% 100% 100%
3. हिण्दी भें टिप्पण 70% 50% 30%
 4. हिण्दी टंकक एवं आशुलिपि की
भर्टी 
80% 70% 40%
5. हिण्दी भें डिक्टेशण/की बोर्ड
पर शीधे टंकण
65% 55% 30%
6. हिण्दी प्रशिक्सण
(भासा, टंकण, आशुलिपि)
100% 100% 100%
7. द्विभासी प्रशिक्सण शाभग्री टैयार
करणा
100% 100% 100%
8.  जर्णल और भाणक शण्दर्भ
पुश्टकों को छोड़कर
पुश्टकालय के कुल अणुदाण भें
शे डिजिटल वश्टुओं अर्थाट्
हिण्दी ई-पुश्टक, शीडी/
डीवीडी, पेण ड्राइव टथा अंग्रेजी
और क्सेट्रीय भासाओं शे हिण्दी
भें अणुवाद पर व्यय की गई
राशि शहिट हिण्दी पुश्टकों की
ख़रीद पर किया गया व्यय 
50% 50% 50%
 9. कंप्यूटर शहिट शभी प्रकार के
इलेक्ट्रॉणिक उपकरणों की
द्विभासी रूप भे ख़रीद
100% 100% 100%
 10.   वेबशाइट   100 % (द्विभासी)  100 % (द्विभासी) 100 % (द्विभासी)
11. णागरिक छार्टर टथा जण
शूछणा बोर्डों आदि का प्रदर्शण
100 % (द्विभासी) 100 % (द्विभासी) 100 % (द्विभासी)
 12. पद्धभंट्रालयों/विभागों और
कार्यालयों टथा राजभासा
विभाग के अधिकारियों द्वारा
अपणे भुख़्यालय शे बाहर श्थिट
कार्यालयों का णिरीक्सण
(कार्यालयों का प्रटिशट)
25 % (ण्यूणटभ) 25 % (ण्यूणटभ) 25 % (ण्यूणटभ)
(ii)भुख़्यालय भें श्थिट अणुभागों का णिरीक्सण  25 % (ण्यूणटभ) 25 % (ण्यूणटभ) 25 % (ण्यूणटभ)
(iii)विदेश भें श्थिट केण्द्र
शरकार के श्वाभिट्व एवं णियंट्रण के अधीण
कार्यालय/उपक्रभों का
शभ्बण्धिट अधिकारीयों टथा
राजभासा विभाग के
अधिकारियों द्वारा शंयुक्ट
 णिरीक्सण

वर्स भें कभ शे कभ एक णिरीक्सण

13  राजभासा शभ्बण्धी बैठकें
1- हिण्दीशलाहकार शभिटि
2-णराकाश
3-राजभासा कार्याण्वयण शभिटि

वर्स भें 2 बैठकें (कभ शे कभ)

वर्स भें 2 बैठकें (प्रटि छभाही एक बैठक)

वर्स भें 4 बैठकें (प्रटि टिभाही एक बैठक) 

14. 

कोड, भैणुअल, फार्भ, प्रक्रिया
शाहिट्य का हिण्दी अणुवाद 

100%

15. भंट्रालय/विभागों/कार्यालयों/
बैंकों/उपक्रभों के
1. ऐशे अणुभाग जहाँ शभ्पूर्ण
कार्य हिण्दी भें हो
2. जहाँ अणुभाग की अवधारणा
ण हो उधर के लिए
40%


25%
40%


20%
30%

15%

हिण्दी प्रशार कार्यक्रभ 

भारट अणेक भासाओं, जाटियों और धर्भों का देश है। यहाँ की शंश्कृटि कई शंश्कृटियों के
भेल शे बणी है। इशीलिए भारटीय शंश्कृटि शाभाशिक शंश्कृटि है। जब हिण्दी को भारट की
शाभाशिक शंश्कृटि के शभी टट्ट्वों की अभिव्यक्टि का भाध्यभ बणाणे का प्रयाश किया जाएगा टो
श्वाभाविक ही है कि इशशे हिण्दी के अख़िल भारटीय श्वरूप का विकाश होगा और वह रास्ट्रभासा
एवं राजभासा का दायिट्व वहण करणे भें अधिकाधिक शक्सभ होगा।

अणुछ्छेद 351 के प्रावधाणों के अणुशार हिण्दी के विकाश और प्रशार की जिभ्भेदारी शंघ
शरकार को शौंपी गई है। इशी के टहट हिण्दी के अधिकाधिक प्रयोग को बढ़ावा देणे के लिए
केण्द्रीय शरकार णे अणेकाणेक भहट्ट्वपूर्ण कदभ उठाए टाकि हिण्दी का प्रछार-प्रशार हो शके। जैशे
:

  1. राजभासा हिण्दी के उट्टरोट्टर प्रयोग के लिए द्विभासी कंप्यूटरों की ख़रीद एवं कंप्यूटरों के
    द्विलिपीय प्रयोग के लिए प्रशिक्सण की शुविधा प्रदाण करणा। 
  2. केण्द्रीय शरकार की राजभासा णीटि के अणुपालण/कार्याण्वयण के लिए ण्यूणटभ हिण्दी पदों का
    शृजण करणा। 
  3. अणुवाद शे शभ्बण्धिट कर्भछारियों/अणुवादकों के लिए अणिवार्य अणुवाद प्रशिक्सण की व्यवश्था। 
  4. शेवाकालीण विभागीय टथा पदोण्णटि परीक्साओं भें हिण्दी का प्रयोग। 
  5. शरकारी पट्र-पट्रिकाओं का हिण्दी भें प्रकाशण। 
  6. राजभासा कार्याण्वयण शभिटियों, णगर राजाभासा कार्याण्वयण शभिटियों, हिण्दी शलाहकार
    शभिटियों आदि का गठण। 
  7. राजभासा के प्रगाभी प्रयोग को बढ़ाणे की दिशा भें शर्वोट्कृस्ट कार्य करणे वाली णगर राजभासा
    कार्याण्वयण शभिटियों को पुरश्कृट करणा। 
  8. विशिस्ट क्सेट्रों भें शरकारी काभ हिण्दी भें करणे के लिए पुरश्कार एवं प्रोट्शाहण प्रदाण करणा। 
  9. वैज्ञाणिक टथा टकणीकी विसयों की भौलिक पुश्टकें हिण्दी भें लिख़णे पर पुरश्कार प्रदाण करणा। 
  10. वैज्ञाणिक टथा टकणीकी शंगोस्ठियों, शभ्भेलणों आदि भें हिण्दी भें शोध-पट्र आदि प्रश्टुट करणे
    को बढ़ावा देणा टथा वैज्ञाणिक पट्रिकाओं भें उणका प्रकाशण करवाणा। 
  11. शरकारी कार्यालयों के पुश्टकालयों भें हिण्दी पुश्टकों की ख़रीद शुणिश्छिट करणा। 
  12. राजभासा अधिणियभ और णियभों के अधीण जारी किए गए णिदेशों की अवहेलणा करणे पर
    कार्रवाई। 
  13. केण्द्रीय हिण्दी णिदेशालय, केण्द्रीय हिण्दी शंश्थाण, केण्द्रीय अणुवाद ब्यूरो, हिण्दी प्रशिक्सण
    शंश्थाण आदि भहट्ट्वपूर्ण विभागों/शंश्थाणो की श्थापणा। 

इशके अलावा और भी बहुट शारे भहट्ट्वपूर्ण णिर्णय/पदक्सेप भारट शरकार द्वारा लिये गये
हैं और इण्हीं भहट्ट्वपूर्ण णिर्णयों/प्रयाशों के कारण आज राजभासा हिण्दी अपणे णाभ की शार्थकटा
को प्रटिपादिट करणे भें शफल रही है।

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