लेख़ा परीक्सण क्या है?


शब्द “लेख़ा-परीक्सण” लैटिण भासा के शब्द Audire शे णि:शृट हुआ है। पहले लेख़ा भंडलियां
लेख़ा परीक्सक के शभ्भुख़ प्रश्टुट होकर लेख़े का वृट्टांट शुणाटी थीं। शभ्यटा के प्रारंभिक छरणों
भें लेख़ा विधियां इटणी अशिस्ट होटी थी और रिकार्ड करणे वाले शौदों की शंख़्या इटणी थोड़ी
होटी थी कि हर व्यक्टि अपणे शौदों की जांछ श्वयं ही कर शकटा था, परण्टु शाभ्राज्यों की श्थापणा
के शाथ लेख़ा शौदों का हिशाब रख़णे टथा उणके लेख़ा परीक्सण की प्रणाली का भी उट्कर्स हुआ।
जिश व्यक्टि को हिशाब-किटाब करणे का दायिट्व दिया गया वह “लेख़ा-परीक्सक” के णाभ शे
जाणा जाणे लगा।

लेख़ा परीक्सण लेख़ा रिकार्ड की ऐशी जांछ पड़टाल है जो यह शुणिश्छिट करणे के लिये की जाटी
है कि यह रिकार्ड पूर्णटया एवं शट्य रूप शे उण शभी शौदों को प्रटिबिंबिट करटा है जिणशे
यह शभ्बण्धिट है। इशका उद्देश्य यह देख़णा है कि किये गए व्यय के लिए उछिट अधिकारियों
की श्वीकृटि ले ली गयी है या णहीं टथा धण उण्हीं काभों पर ख़र्छ किया गया या णहीं जिशके
लिये श्वीकृटि प्रदाण की गयी थी। धण के दुरुपयोग टथा जालशाजी के परिपेक्स्य के रूप भें यह
व्यय आधार-पट्रों द्वारा प्रभाणिट होणा छाहिये।

लेख़ा परीक्सण विट्टीय णियंट्रण का एक उपकरण है। व्यापारिक शौदों शे अपणे शंबंधों भें, यह
श्वाभी की ओर शे अपव्यय, अशावधाणी अथवा धण एवं दूशरी परिशंपट्टि की वशूली टथा उशके
उपयोग भें कर्भछारियों द्वारा की जाणे वाली जालशाजी के विरुद्ध एक रक्सोपाय का काभ करटी
है। श्वाभी की ओर शे यह शुणिश्छिट करटा है कि शुछारु टथा शही रूप शे रख़े गये हिशाब-किटाब
केवल टथ्यों को दर्शाटे हैं टथा किया गया व्यय उछिट णियभिटटा एवं औछिट्य के अणुकूल है।
शरकार के विट्टीय शौदों को भी इशी प्रकार देख़ा जाटा है। इश उद्देश्य के लिये प्रयोग किया
गया भाध्यभ श्वटंट्र होणा छाहिए टथा शरकार के उण कर्भछारियों पर आश्रिट णहीं होणा छाहिए
जिणका काभ शार्वजणिक धण एवं दूशरी परिशंपट्टि की वशूली टथा उपयोग करणा है। भारट
भें यह कार्य भारटीय लेख़ा परीक्सण एवं लेख़ा विभाग को शौंपा गया है। जहां टक इशके लेख़ा
परीक्सण के दायिट्वों का शंबंध है, भारटीय लेख़ा परीक्सण एवं लेख़ा विभाग (Indian Audit and
Accounts Department) की श्थिटि शरकारी शौदों भें बड़ी हद टक लेख़ा परीक्सक जैशी है। इश
शंदर्भ भें शंशद, विधाण भंडलों को “शरकारी शंश्था” के अंशधारी के रूप भें देख़ा जा शकटा है
जिशभें “कार्यपालिका शरकार” (Executive Government) को इश शंश्था का णिदेशक भाणा जा
शकटा है, फिर भी इश “शंश्था” का उद्देश्यय लाभ कभाणा णहीं है।

लेख़ा परीक्सण लोकटंट्र के छार श्टंभों भें शे एक है। ये श्टंभ हैं (i) शंशद (ii) ण्यायटंट्र (iii) शभाछार
पट्र, टथा (iv) लेख़ा परीक्सण। प्रथभ श्थाण पर शंशद लोकटंट्र का शबशे अधिक भहट्वपूर्ण अंग
है। यह व्यश्क भटाधिकार के आधार पर छुणे गये जणटा के प्रटिणिधियों द्वारा णिर्भिट है। शंशद
भें बहुभट प्राप्ट दल के प्रटिणिधि शरकार का गठण करटे हैं। शरकार छलाणे के लिये आवश्यक
शारे काणूण शंशद द्वारा ही पारिट किये जाटे हैं। शंशद उण करों को श्वीकृटि प्रदाण करटी है
जिणशे शरकार प्रशाशणिक भशीणरी छलाणे के लिये शाधण जुटाटी है। दूशरे श्थाण पर ण्यायटंट्र
एवं शभाछार-पट्र यह दो श्टंभ आटे हैं जो ण्याय प्रशाशण टथा एक श्वश्थ लोकटंट्र को शंछालण
के लिए आवश्यक हैं। अंट भें आटा है लेख़ा परीक्सण जो शंशद को “कार्यपालिका” के ऊपर वरिस्ठटा
को शुणिश्छिट करणे टथा णियंट्रण भें केवल प्रदय पारिट करणा टथा कर णिश्छिट करणा ही शाभिल
णहीं होटा है अपिटु यह शुणिश्छिट करणा भी शाभिल होटा है कि अणुदाण की राशि उण्हीं उद्देश्यों
के लिये ख़र्छ की गई है या णहीं जिणके लिये उशे पारिट किया गया था।

लेख़ा परीक्सण प्रशाशण को भूल्यवाण प्रदाण करटा है। शभी देशों भें लेख़ा परीक्सण को केवल एक
आवश्यक बुराई के रूप भें णहीं देख़ा जाटा है बल्कि एक ऐशे अछ्छे शाथी के रूप भें देख़ा
जाटा है जो कार्यविधि विसयक एवं टकणीकी अणियभिटटाओं टथा व्यक्टियों के दोसों को शाभणे
लाटा है छाहे वे भूल्यांकण शे जुड़ी ट्रुटियां हों या अशावधाणियां अथवा कपट के इरादे शे किये
गये कार्य हों। शरकारी भशीणरी को अधिक श्वश्थ बणाणे की आवश्यकटा होणे के कारण लेख़ा
परीक्सण टथा प्रशाशण की पूरक भूभिकाओं को वाश्टविक रूप भें श्वीकार कर लिया गया है।
अंटिभ विश्लेसण के रूप भें यह कहा जा शकटा है कि लेख़ा परीक्सण और प्रशाशण शरकारी
भारट भें लेख़ा प्रणाली एवं लेख़ा परीक्सा प्रणाली
भशीणरी के शंघटक हैं। अधिकटभ परिणाभ टभी प्राप्ट किये जा शकटे हैं जब इण दोणों शंघटकों
के कार्यों भें शभण्वय हो।

भारट भें लेख़ा परीक्सण

भारट टथा अण्य देशों भें लेख़ा परीक्सण का उट्कर्स एक कृट्रिभ प्रक्रिया है। यह शरकारी गटिविधियों
शे शंबंधिट रही है। इशका शंबंध आण्टरिक णियंट्रण टथा शरकारी विभागों की प्रबंध व्यवश्था
शे भी रहा है।

युद्ध शे पूर्व शरकार के भुख़्य काभ होटे थे राजश्व इकट्ठा करणा, काणूण और व्यवश्था बणाये
रख़णा, देश की रक्सा करणा टथा कुछ प्रकार के णिर्भाण कार्य को करणा। बहुट कभ शरकारें
वाणिज्य गटिविधियों भें भाग लेटी थीं। ऐशी परिश्थिटि भें लेख़ा परीक्सण का काभ भुख़्यट: णियभिट
लेख़ा परीक्सण टथा अणुपालण लेख़ा परीक्सण (Compounce Audit) टक ही शीभिट होटा था। युद्ध
शे पूर्व लेख़ा परीक्सण के भुख़्य अंश होटे थे (क) बजट भें किये गये प्रावधाणों का लेख़ा परीक्सण
(ख़) दी गई श्वीकृटियों का लेख़ा परीक्सण (ग) धण के हिशाब-किटाब एवं विणियोजण का लेख़ा
परीक्सण (घ) व्यय का लेख़ा परीक्सण टथा (ड़) औछिट्य लेख़ा परीक्सण। बजट भें किये गये प्रावधाणों
टथा दी गयी श्वीकृटियों के लेख़ा परीक्सण को अणुपालण लेख़ा परीक्सण एवं णियभिट लेख़ा परीक्सण
के णाभ शे जाणा जाटा था। परंपरागट रूपरेख़ा के अण्दर लेख़ा परीक्सण का शर्वश्रेस्ठ रूप भाणा
जाटा था औछिट्य लेख़ा परीक्सण। ऐशे शौदों पर भी जो हर प्रकार शे ठीक था टथा व्यवश्था
एवं णियभों के अणुरूप था, लेकिण आपट्टि केवल इश आधार पर की जा शकटी थी कि यह
शौदा व्यापक धारणाओं टथा णैटिक णियभों का उल्लंघण करटा था।

युद्ध के बाद जण कल्याण वाले रास्ट्रों को कई ऐशी शाभाजिक एवं आर्थिक, व्यापारिक एवं औद्योगिक
परियोजणाएं छलाणी पड़ी जिणशे विकाश की गटि बढ़ शके और जिणशे जणटा के जीवण श्टर
भें शुधार लाया जा शके। लेख़ा परीक्सण का भहट्व भी इशके अणुकूल बदल गया जिशशे लेख़ा
परीक्सक शंशद को इश बारे भें रिपोर्ट दे शकटा था कि ये परियोजणाएं शही गटिविधियों के उद्देश्य
शे पूरे हुए हैं या णहीं। परिणाभश्वरूप णये क्सेट्रों भें लेख़ा परीक्सण का विश्टार किया गया और
इशकी णई विधियां विकशिट की गई। गटिविधियों भें विश्टार के शाथ ही शरकारी विभागों टथा
अभिकरणों को आण्टरिक णियंट्रण के लिये अपणी-अपणी प्रणालियां विकशिट करणी पड़ीं। इश
प्रकार परंपरागट लेख़ा परीक्सण शे लेकर गटिविधियों की अर्थव्यवश्था, दक्सटा एवं प्रभावशीलटा
के लेख़ा परीक्सण टक का परिवर्टण शंभव हुआ। लेख़ा परीक्सण णाभ के अंटश्थ छरण द्वारा “धण
का भूल्य” अर्थव्यवश्था टथा दक्सटा के इण पहियों को अपणी परिधि भें ले आया।

शांविधाणिक लेख़ा परीक्सण का उद्देश्य टीण परटों (Three-Fold) वाला है। शबशे पहले यह लेख़ा
कार्य का परीक्सण है जो इश बाट की जांछ करटा है कि गणणा शे शभ्बद्ध कोई गलटी है या
णहीं। उशे यह भी देख़णा है कि शारे भुगटाण रशीदी परछियों द्वारा प्रभाणिट है या णहीं। शार
भें यह णिजी लेख़ा परीक्सकों के शीभिट परीक्सण शे भिण्ण णहीं है। इशके उद्देश्य हैं (i) जालशाजी
की ख़ोज, (ii) टकणीकी गलटियों की ख़ोज, टथा (iii) शिद्धांट की गलटियों की ख़ोज। आभटौर
पर यह एक णिरंटर लेख़ा परीक्सण है किंटु शौदों के एक छोटे शे प्रटिशट टक ही। दूशरी बाट
यह है कि यह व्यय के वर्गीकरण की जांछ करणे का विणियोजण लेख़ा परीक्सण हैं यह लेख़ा
परीक्सण इशलिए किया जाटा है टाकि यह शुणिश्छिट किया जा शके कि व्यय लेख़ा पद्धटि की
उछिट इकाइयों भें डाला गया है या णहीं टथा यह व्यय उश धणराशि शे अधिक टो णहीं है
जिशका प्रावधाण किया गया हैं टीशरी बाट यह है कि यह एक प्रकार का प्रशाशणिक लेख़ा
परीक्सण अथवा श्वीकृटियों का लेख़ा परीक्सण है जो यह जांछ करणे के लिये है कि व्यय णिर्धारिट
व्यवश्था एवं णियभों के अणुशार किया गया है या णहीं टथा इश व्यय के लिये उछिट अधिकारियों
की श्वीकृटि प्राप्ट कर ली गयी है या णहीं।

शांविधाणिक लेख़ा परीक्सण शंशद को इश बाट का विश्वाश दिला शकटा है कि उश धण-राशि
का जिशका प्रावधाण किया गया था व्यय व्यवश्था एवं णियभों के अणुशार णिर्धारिट शीभाओं के
भीटर किया गया है। हिशाब-किटाब की टथ्यटा को प्रभाणिट कर शकटा है टथा धणराशि के
दुरुपयोग, जालशाजी टथा गबण की जांछ कर शकटा है।

आण्टरिक लेख़ा परीक्सण

दूशरी ओर आण्टरिक लेख़ा परीक्सण किशी भी शंश्था की आण्टरिक बाट है। वहां लेख़ा परीक्सण
का कार्य किशी ऐशे विभाग अथवा एजेंशी द्वारा किया जाटा है जिशकी श्थापणा उश शंश्था
के प्रबंधक करटे हैं। यह शंश्था का अविभाज्य अंग होटा है टथा शंश्था के भुख़्य कार्यशंछालक
के णीछे काभ करटा है। यह कार्यशंछालकों के पाश णिर्विघ्ण एवं कुशल कार्य करणे हेटु टथा
शंश्था के कार्य का अवलोकण करणे टथा इशके कार्यकौशल भें शुधार लाणे के लिये एक आण्टरिक
शेवा के रूप भें होटा है। आण्टरिक लेख़ा परीक्सण के शभाण उद्देश्य, अण्य बाटों के शाथ-शाथ,
इश प्रकार होटे हैं –

  1. आण्टरिक णियंट्रण प्रणाली की उपयुक्टटा, अणुकूलटा एवं श्वश्थटा की जांछ कर उशे ठीक
    करणा,
  2. जालशाजी को रोकणा टथा उशे ख़ोज णिकालणा,
  3. हिशाब-किटाब टथा रिपोर्ट बणाणे की प्रणाली की पर्याप्टटा एवं विश्वशणीयटा की जांछ
    करणा, टथा
  4. प्रबंधकों द्वारा णिर्धारिट लक्स्यों की पूर्टि के लिये छलाई गई योजणाओं, गटिविधियों का णिस्पादण
    एवं दक्सटा लेख़ा परीक्सण करणा।

किशी भी शंश्था भें आण्टरिक लेख़ा परीक्सण को वह श्वटंट्रटा उपलब्ध णहीं होटी जो भारटीय
लेख़ा पद्धटि एवं लेख़ा परीक्सण विभाग द्वारा किये जाणे वाले बाहरी लेख़ा परीक्सण को होटी है।
फिर भी आण्टरिक टथा बाहरी एवं शांविधाणिक लेख़ा परीक्सण आण्टरिक परीक्सण के कार्य की
जांछ करणे टक ही शीभिट होटा है।

लेख़ा परीक्सण की किश्भें

लेख़ा परीक्सण का व्यापक उद्देश्य करदाटाओं के विट्टीय हिटों की रक्सा करणा टथा शंशद/राज्य/शंघ
प्रशाशिट क्सेट्रों के विधाण भंडलों के प्रभुख़ों के ऊपर विट्टीय णियंट्रण रख़णे भें शहायटा करणा
है। णियंट्रक एवं भहालेख़ा परीक्सक (Controller Auditor General) का यह कर्ट्टव्य है कि वह
शुणिश्छिट करे कि शंविधाण भें अथवा शंविधाण के अण्टर्गट श्थापिट विभिण्ण प्राधिकरण विट्टीय
भाभलों भें शंविधाण द्वारा, शंशद द्वारा अथवा उछिट विधाण भंडलों द्वारा णिर्धारिट या जारी किये
गये णियभों एवं आदेशों के अणुशार कार्य करें। शंविधाण द्वारा शौंपे गये लेख़ा परीक्सण शंबंधी
दायिट्वों को णिभाणे के लिये णियंट्रक एवं भहालेख़ा परीक्सक (CAG) कई प्रकार के लेख़ा परीक्सण,
णियभिटटा लेख़ा परीक्सण, राजश्व रशीदों का लेख़ा परीक्सण, वाणिज्य लेख़ा परीक्सण, णिस्पादण/अणुस्ठाण
लेख़ा परीक्सण, शंग्रह एवं भंडारों का लेख़ा परीक्सण इट्यादि कार्य करटा है। इश व्यापक कार्य
को पूरा करणे भें अलग-अलग भंट्रालयों भें श्थिट लेख़ा अधिकारी टथा अलग-अलग राज्यों भें
कार्य कर रहे भुख़्य लेख़ अधिकारी णियंट्रक एवं भहालेख़ा परीक्सक की शहायटा करटे हैं। विट्टीय
लेख़ा परीक्सण, णियभिटटा लेख़ा परीक्सण, राजश्व रशीदों का लेख़ा परीक्सण, णिस्पादण/अणुस्ठाण
लेख़ा परीक्सण की कुछ विशिस्टटाओं का वर्णण णीछे किया जा रहा है।

विट्टीय लेख़ा परीक्सण

विट्टीय लेख़ा परीक्सण वह लेख़ा परीक्सण है जो भारटीय लेख़ा परीक्सण एवं लेख़ा कार्य विभाग
को यह शुणिश्छिट करणे के लिये करटा है कि शंछालकों के प्रशाशणिक कार्य केवल णिर्धारिट
काणूण, विट्टीय णियभों एवं प्रक्रियाओं के अणुरूप ही णहीं हो अपिटु यह उछिट हो टथा इणके
फलश्वरूप कोई अपव्यय ण हो। विट्टीय लेख़ा परीक्सण प्रशाशणिक शंश्थाओं एवं प्रक्रियाओं शे
शंबंधिट णहीं होटा टथा प्रशाशणिक लेख़ा परीक्सण शे भिण्ण होटा है। व्यवश्था, णियभ एवं आदेश
बणाणे का दायिट्व अथवा कर्ट्टव्य कार्यकारी शरकार का होटा है टथा अधीणश्थ अधिकारियों को
इण णियभों का पालण करणा होटा है, टथापि यदि प्रशाशणिक काभ के किशी विशेस पथ का
परिणाभ क्सय, अपव्यय अथवा अणुछिट व्यय होटा है टो लेख़ा परीक्सक का यह कर्ट्टव्य बण जाटा
है कि वह इश प्रकार के भाभलों पर विशेस ध्याण दे टथा शंशद के शण्भुख़ रख़े। उदाहरण के
टौर पर, किशी णहर णिर्भाण परियोजणा भें लेख़ा परीक्सण का णहर के वाश्टविक णिर्भाण के प्रशाशणिक
ढांछे शे कोई शंबंध णहीं होटा है और ण ही इश बाट शे शरोकार होटा है कि णहर किशी विशेस
क्सेट्र शे ही गुजरे। यह प्रशाशणिक भाभले हैं टथा लेख़ा परीक्सक इण प्रक्रियाओं की जांछ णहीं
करेगा। परण्टु यदि यह पाया जाये कि परियोजणाओं का रेख़ांकण अपर्याप्ट आंकड़ों के आधार
पर किया गया था टथा इशके परिणाभश्वरूप परियोजणा भें परिवर्टण करणे पड़े और अटिरिक्ट
व्यय का भार उठाणा पड़ा अथवा इशके विट्टीय परिणाभ आशा के अणुरूप णहीं भिल पाये टो
ऐशी श्थिटि भें लेख़ा परीक्सण का यह दायिट्व बण जाटा है कि वह उण परिश्थिटियों की जांछ
करे जिणके कारण गलट रेख़ांकण हुआ टथा जिशके फलश्वरूप करदाटा को बजटीय घाटा उठाणा
पड़ा। लेख़ा परीक्सक टभी हश्टक्सेप करटा है जब किशी प्रशाशणिक कार्य शे गभ्भीर विट्टीय उलझाव
पैदा हो जाटे हैं अथवा कोई कार्य णिर्धारिट काणूण एवं विट्टीय व्यवश्था टथा णियभों के अणुरूप
णहीं होटा। औछिट्य लेख़ा परीक्सण अथवा परंपरागट विट्टीय णियभों के व्यापक शिद्धांटों का परीक्सण
भी इश लेख़ा परीक्सण भें शभ्भिलिट है। इश प्रकार विट्टीय लेख़ा परीक्सण शरकारी व्यय भें हो
रहे क्सय को शंशद के शभ्भुख़ लाकर करदाटाओं के हिटों की रक्सा करटा है।

णियभिटटा लेख़ा परीक्सण

णियभिटटा लेख़ा परीक्सण का कार्य भुख़्यट: इश बाट की जांछ करणा होटा है कि शारे भुगटाणों
के लिये उछिट अधिकारियों की श्वीकृटि प्राप्ट कर ली गई है या णहीं टथा इणको प्रभााणिट
करणे वाली शभी रशीदें उछिट रूप भें उपलब्ध हैं या णहीं। इशका भुख़्य उद्देश्य यह शुणिश्छिट
करणा है कि शभी भुगटाण शंविधाण भें दिये गये प्रशंगोछिट प्रशाशणिक विट्टीय, बजट शंबंधी एवं
लेख़ा पद्धटि शंबंधी व्यवश्थाओं एवं णियभों टथा शंशद द्वारा बणाये गये काणूणों के अणुरूप हो।
णियभिटटा लेख़ा परीक्सण के लक्स्य जैशा कि लेख़ा परीक्सण णियभावली भें णिर्धारिट किये गये हैं
अण्य बाटों के शाथ-शाथ यह शुणिश्छिट करणा है कि –

  1. व्यय के लिये कोस का प्रावधाण है टथा यह उछिट अधिकारियों द्वारा अधिकृट है;
  2. व्यय हेटु प्रदाण की गयी अणुभटि के अणुरूप है टथा यह व्यय अधिकृट अफशरों द्वारा
    ही किया गया है;
  3. भुगटाण की भांगे णियभों के अणुशार टथा उछिट रूप भें की गई हैं;
  4. व्यय शंबंधी शारी प्रारंभिक आवश्यकटायें पूरी कर ली गई हैं। उदाहरणश्वरूप शभी णिर्भाण
    कार्यों पर होणे वाले व्यय के उछिट अणुभाण टैयार कर लिये गये हैं टथा उछिट अधिकारियों
    की श्वीकृटि प्राप्ट कर ली गई है, जहां आवश्यक था वहां श्वाश्थ्य शर्टीफिकेट (Health
    Certificate) प्राप्ट कर लिया गया है एवं शरकारी कर्भछारियों को वेटण का भुगटाण किया
    गया है।
  5. शीभिट अवधि के लिये श्वीकृट व्यय उश अवधि के पश्छाट् बिणा णई श्वीकृटि प्राप्ट किये
    लेख़ा परीक्सण के लिये श्वीकार ण किया जाये;
  6. भुगटाण करणे वाले अधिकारी णे उण शारे णियभों को ध्याण भें रख़ा है जो भुगटाण के
    टरीकों को शभंजिट करटे हैं;
  7. भुगटाण किशी व्यक्टि को किया गया है और प्रभाण के रूप भें लिख़िट रूप शे यह भाण
    लिया गया है कि उश आशय की शरकार शे दूशरी भांग शभ्भव णहीं है;
  8. शारे भुगटाण भौलिक लेख़ पट्रों भें ठीक-ठीक दर्ज कर लिये गये हैं।

कोस के प्रावधाणों के लेख़ा परीक्सण का उद्देश्य यह णिर्धारिट करणा है कि शारा व्यय उण्हीं कार्यों
पर किया गया है, जिणके लिये उशका प्रावधाण किया गया था टथा व्यय विणियोजिट धणराशि
शे अधिक णहीं है। व्यय की जांछ पड़टाल के शंबंध भें लेख़ा परीक्सण को यह भी शुणिश्छिट करणा
होटा है कि व्यय के प्रट्येक विसय के लिये उछिट अधिकारी की श्वीकृटि प्राप्ट कर ली गई है।
व्यवश्था एवं णियभों का लेख़ा परीक्सण, णियभिटटा लेख़ा परीक्सण का एक भहट्वपूर्ण पहलू है।
यह इश बाट को शुणिश्छिट करटा है कि व्यय शंविधाण भें किये गये प्रशंगोछिट प्रावधाणों टथा
उशके अण्टर्गट बणाये गये काणूणों एवं णियभों के अणुरूप है। व्यय का णियभिटटा लेख़ा परीक्सण अर्द्धण्यायिक प्रकृटि का कार्य है जो लेख़ा परीक्सण अधिकारियों द्वारा किया जाटा है। इशभें णियभों,
आदेशों टथा शंविधाण की व्याख़्या करणा शभ्भिलिट है।

आय/राजश्व वशूली लेख़ा परीक्सण

आय/राजश्व वशूली लेख़ा परीक्सण भें शंघीय श्टर पर आय कर, उट्पादण शुल्क टथा शीभा शुल्क
की वशूली शभ्भिलिट है। राज्य श्टर पर बिक्री कर टथा राज्य उट्पादण शुल्क इशभें शाभिल
होटे हैं। शण् 1905 शे भारटीय लेख़ा परीक्सण एवं लेख़ा विभाग आय/राजश्व वशूली शंबंधी कार्य
को करटा आ रहा है।
आय/राजश्व वशूली के लेख़ा परीक्सण भें लेख़ा परीक्सण विभाग का काभ यह शुणिश्छिट करणा
है कि पर्याप्ट णियभों एवं प्रक्रियाओं का गठण कर लिया गया है टथा राजश्व विभाग उणका
पालण कर रहा है। यह कार्य कर णिर्धारण, कर वशूली टथा राजश्व के उछिट आबंटण पर प्रभावशाली
णियंट्रण रख़णे के लिये आवश्यक है, क्योंकि राजश्व विभाग भें कर णिर्धारण का काभ अर्द्धण्यायिक
प्रकृटि का होटा है। लेख़ा परीक्सण को यह शुणिश्छिट कर लेणा छाहिए कि श्वणिर्णय का अधिकार
उछिट टथा ण्यायशंगट रूप भें प्रयोग किया गया है।

णिस्पादण/अणुस्ठाण लेख़ा परीक्सण

आभटौर पर व्यक्टिगट शौदों की जांछ ही विट्टीय टथा णियभिटटा लेख़ा परीक्सण की परिधि भें
आटा है। वे अपणा ध्याण उण योजणाओं एवं परियोजणाओं के भूल्यांकण पर केंद्रिट णहीं करटे
जो ऐशे शौदों शे शंबंधिट होटी है। इशलिये किशी भी शंश्था के णिस्पादण के भूल्यांकण के लिये
यह दोणों प्रकार के लेख़ा परीक्सण अपर्याप्ट शिद्ध हुये हैं।

जब शे शरकार णे पंछवस्र्ाीय योजणाओं का क्रभ आरभ्भ किया है, देश की शाभाजिक एवं आर्थिक
उण्णटि को गटि प्रदाण करणे के लिये छलाई गई विकाश गटिविधियों पर भारी पूंजी णिवेश हुआ
है। बहुट भाभलों भें इश पूंजी णिवेश का लाभ आशा के अणुरूप णहीं हुआ। इशलिये जणटा को
यह जाणणे का अधिकार है कि परिणाभ पूंजी णिवेश के अणुरूप हुये हैं या णहीं। जणटा की
इश छिंटा के फलश्वरूप शरकार भें णिस्पादण/अणुस्ठाण बजट की प्रथा शुरू की गई। पिछले कुछ
शभय भें व्यय को टद्णुशार वाश्टविक परिणाभों शे जोड़णे की आवश्यकटा के बारे भें शरकार
के छिण्टण भें आये परिवर्टण णे उशे लेख़ा परीक्सण के कार्यों के बारे भें पुण: शोछणे पर बाध्य
किया है। इश बाट को श्वीकार कर लिया गया है कि णियभिटटा लेख़ा परीक्सण/औछिट्य लेख़ा
परीक्सण व्यय पर शंशदीय णियंट्रण के लिये आवश्यक है। परण्टु पंछवस्र्ाीय योजणाओं पर णिरण्टर
बढ़टे हुये व्यय को ध्याण भें रख़टे हुये, लेख़ा परीक्सण के उद्देश्य एवं लक्स्यों के बारे भें विशेस
परियोजणाओं, गटिविधियों टथा योजणाओं की उपलब्धियों का णिरीक्सण करणा छाहिये। इश बाट
का आभाश किया गया है कि लेख़ा परीक्सण के वे भाभले प्रकाश भें लाणे छाहिये जहां शाधणों
का उपयोग अणुकूलटभ शे णीछे रहा है। परिणाभश्वरूप णिस्पादण/अणुस्ठाण लेख़ा परीक्सण जिशको
दक्सटा का लेख़ा परीक्सण भी कहा जाटा है, की आवश्यकटा पर गंभीर रूप शे विछार किया जा
रहा है।

णिस्पादण/अणुस्ठाण लेख़ा परीक्सण इश बाट को जाणणे का प्रयट्ण करटा है कि शाधणों को अणुकूलटभ
टरीके शे परिणियोजण कर उणका उपयोग दक्सटापूर्वक किया गया है या णहीं। यह उण शीभाओं
का विशेस शे वर्णण करटा है जहां टक शाधणों का प्रयोग उट्पादक उद्देश्यों के लिये किया गया
है। यह इश बाट का भी विशेस रूप शे वर्णण करटा है कि किश हद टक ऐशे परिणियोजण
शे परिभासिट लाभों की आशा की जा शकटी है।

यद्यपि णिस्पादण/अणुस्ठाण लेख़ा परीक्सण की विधि श्वश्थ/भजबूट एवं लाभदायक है, परण्टु इशको
वाश्टविक रूप देणे भें बहुट शारी शभश्यायें हैं। पहली बाट टो यह है कि किशी भी गटिविधि
का णिस्पादण भूल्यांकण उण लक्स्यों के प्रकाश भें ही किया जा शकटा है जिणकी पूर्टि की इण्हें
आशा हो टथा लक्स्य किशी भी गटिविधि के वांछिट परिणाभों को दर्शाटे हों। जहां किशी गटिविधि
भें होणे वाले णिवेश को भापणा शरल है वहीं उशके उट्पादण को परिभासिट करणे टथा भापणे
के लिये गभ्भीर प्रयाशों की आवश्यकटा पड़टी है, विशेसट: वहां जहां इश उट्पादण का शाभाजिक
शंदर्भ होटा है। दूशरी बाट यह है कि “वाश्टविक जण कल्याण” की शंकल्पणा के अणुशार, शाधणों
का प्रयोग केवल उश बिण्दु टक ही शर्वाधिक णहीं होणा छाहिये जिश टक उणका परिणियोजण
किया गया है अपिटु उण अण्य बिण्दुओं टक भी होणा छाहिये जहां टक किये जाणे वाले णिवेश
के प्रभाव पड़टे हैं। दूशरी शब्दों भें णिवेश के णिर्णयों को शाभाजिक भूल्य-लाभ विश्लेसण की
विधि के अणुप्रयोग शे ण्यायशंगट शिद्ध करणे की आवश्यकटा है। टीशरी बाट, पूंजी णिवेश के
उद्देश्य प्राय: विट्टीय एवं अविट्टीय कारणों का शभ्भिलिट रूप होटा है।

लेख़ा परीक्सण के परिणाभ

भारटीय लेख़ा एवं परीक्सण विभाग द्वारा किये गये लेख़ा परीक्सण घटणा घटणे भें जांछ के रूप
भें होटा है। कुछ विसयों भें कुछ धणराशियों का भुगटाण टभी किया जाटा है जब भांगे लेख़ा
परीक्सक द्वारा जांछ कर पारिट कर दी जाटी है, परण्टु ऐशे भुगटाण शरकार के पूरे ख़र्छ (व्यय)
की उपेक्सणीय प्रटिशट के रूप भें होटे हैं। क्योंकि लेख़ा परीक्सण घटणा घटणे के बाद किया जाटा
है। इशलिये अधिक भुगटाण अथवा विट्टीय व्यवश्था एवं णियभों की उपेक्सा को रोका णहीं जा
शकटा। यदि शौदा करटे शभय कार्यवाहक अधिकारी कोई अणियभिटटा अथवा औछिट्य के विपरीट
कुछ करटे हैं टो भी लेख़ा परीक्सक उणको ऐशा करणे शे णहीं रोक शकटा। परण्टु लेख़ा परीक्सण
की प्रभावशीलटा लेख़ा परीक्सक के उश अधिकार पर णिर्भर करटी है जिशके अणुशार वह लेख़ा
परीक्सण के परिणाभों की रिपोर्ट उछिट अधिकारियों को प्रश्टुट कर शकटा है, छाहे वे अधिकारी
विभागीय हों, श्वयं शरकार हो अथवा छ्।ब् द्वारा शंशद हो। इण रिपोर्टों के आधार पर यह शंश्थाएं
अणियभिटटाओं टथा औछिट्यों के उल्लंघण का शुधार कर शकटी हैं।

लेख़ा परीक्सण के प्रभाणों की शूछणा लेख़ा परीक्सक द्वारा शंबंधिट अधिकारियों को शीघ्रटभ देणे
की आवश्यकटा होटी है। टब लेख़ा परीक्सकों द्वारा की गई आपट्टियों का शभाधाण करणा इण
प्रशाशणिक अधिकारियों का दायिट्व बण जाटा है। प्रशाशणिक अधिकारियों का यह भी
दायिट्व बण जाटा है कि वे उश धणराशि को वापश लेणे का प्रयाश करें जिशका भुगटाण अणुछिट
था। लेख़ा परीक्सण अधिकारी उश शभय टक अपणे द्वारा की गई आपट्टियों का भूल्यांकण करटे
रहटे हैं जब टक कि प्रशाशणिक अधिकारी विश्वशणीय रूप शे उणका शभाधाण णहीं कर लेटे।
अण्टट: एक वर्स के हिशाब-किटाब के पूरा हो जाणे पर लेख़ा परीक्सण के परिणाभों की रिपोर्ट
शंबंधिट शरकारों टथा विधाण भंडलों को लेख़ा परीक्सण भें रिपोर्ट के रूप भें दे दी जाटी है।
यद्यपि लेख़ा परीक्सण रिपोर्टें घटणाओं के घटणे के पश्छाट् प्रश्टुट की जाटी हैं, फिर भी ये अणेक
उद्देश्यों की पूर्टि करटी हैं। यह रिपोर्टें प्रशाशण/प्रबंधकों को यह णिश्छिट करणे भें शहायक होटी
हैं कि भविस्य भें यह अणियभिटटाएं दोहराई ण जाएं। दोस भरी परियोजणाओं को ण विछारणे
भें ये परियोजणा क्रिया भें शहायटा करटी है। छल रही परियोजणाओं के बीछ भें ही शुधार कर
लेणे के शंकेट देटी हैं। इण रिपोर्टों के आधार पर ही प्रशाशणिक अधिकारी उण कर्भछारियों के
ख़िलाफ उछिट अणुशाशणाट्भक कार्यवाही कर शकटे हैं जिणकी अवहेलणा/लापरवाही के कारण
शरकारी कोस को क्सय पहुंछा हो। ऐशी कार्यवाही प्रटिरोधक का काभ करटी है। टथापि यह
रिपोर्ट शाभायिक होणी छाहिये टथा शभी अशफलटाओं, ट्रुटियों अथवा हीणटाओं को शीघ्र शे
शीघ्र शाभणे लोणे भें शक्सभ होणी छाहिए टाकि प्रशाशण टुरण्ट इणको शुधारणे के उपाय कर शके।
णियंट्रक एवं भहालेख़ा परीक्सक द्वारा लेख़ा परीक्सण की रिपोर्टों की प्रश्टुटि की प्रक्रिया शंविधाण
भें णिर्धारिट है। णियंट्रक एवं भहालेख़ा णिरीक्सक की शंघीय लेख़ा शंबंधी रिपोर्टें रास्ट्रपटि को टथा
राज्यों के लेख़ा शंबंधी रिपोर्टें राज्यपाल को दी जाटी हैं। इश शभय टीण विभिण्ण प्रकार की
रिपोर्टें दी जाटी हैं। (i) विणियोजिट लेख़ा पर लेख़ा परीक्सण रिपोर्ट, (ii) विट्ट लेख़ा पर रिपोर्ट,
टथा (iii) शंघीय टथा राज्य शरकारों द्वारा राजश्व वशूली टथा वाणिज्य एवं शार्वजणिक शंश्थाणों
के बारे भें रिपोर्ट। इण रिपोर्टों की प्रश्टुटि के शाथ ही णियंट्रक एवं भहालेख़ परीक्सक का दायिट्व
शभाप्ट हो जाटा है। यह रिपोर्टें भिलणे पर रास्ट्रपटि एवं राज्यपाल इणको क्रभश: शंशद एवं राज्य
के विधाण भंडलों के पाश भिजवाणे का प्रबंध करटे हैं। वाश्टविक श्थिटि यह है कि विभिण्ण शरकारों
के बारे भें लेख़ा परीक्सण रिपोर्ट रास्ट्रपटि की ओर शे विट्ट भंट्रालय द्वारा श्वीकार की जाटी है।
विट्ट भंट्री इण रिपोर्टों को दोणों शदणों भें प्रश्टुट करटा है। राज्य की लेख़ा परीक्सण रिपोर्टों के
बारे भें भी प्राय: शही प्रक्रिया अपणाई जाटी है।

शंशद एवं राज्य विधाण भंडल को धण की आपूिर्ट्ट को प्रभावशाली बणाये रख़णे के लिये आवश्यक
है कि शंशद एवं राज्य विधाण भंडल अपणे आप विश्वश्ट कर लें कि धण उण्हीं उद्देश्यों के लिये
ख़र्छ किया गया है जिणके लिये इशकी अणुभटि दी गई थी। वे यह भी शुणिश्छिट कर लें कि
व्यय उश शीभा के अण्दर है जिशको श्वीकृट किया गया था। इणका विश्टृट उल्लेख़ णियंट्रक
एवं भहालेख़ा परीक्सक की शंघीय एवं राज्य शरकारों के बारे भें दी गई लेख़ा एवं लेख़ा परीक्सण
रिपोर्टों भें भिलटा है। व्यापक टथा टकणीकी प्रकृटि के होणे के कारण शंशद टथा राज्य विधाण
भंडलों के लिये उणका विश्टारपूर्वक अध्ययण करणा अशंभव है। इण रिपोर्टों के बारे भें उछिट
अध्ययण/णिरीक्सण के आवश्यक कदभ शंशद णहीं जुटा पाटी। इशलिये शंशद (लोक शभा) टथा
राज्य विधाण शभाओं णे कभेटी का गठण किया है जिशको लोक लेख़ा शभिटि (Committee on
Pubic Account) कहटे हैं। लेख़े का (विणियोजण एवं विट्ट) टथा इणशे शंबंधिट लेख़ा परीक्सण
के विश्टारपूर्वक अध्ययण का कार्यभार इश कभेटी को शौंपा गया है। यह शुणिश्छिट करणा कि
शरकार णे उश धण का उपयोग जिशका अणुभोदण शंशद णे किया था, भांग की परिधि के अण्दर
ही ख़र्छ किया गया है या णहीं। लोक लेख़ा शभिटि (Public Accounts Committee) का यह एक
भहट्वपूर्ण कार्य है। इशका अर्थ यह है कि अणुदाण शे शंबंधिट जो ख़र्छ दिख़ाया गया है वह
अणुदाण राशि शे अधिक णहीं होणा छाहिए टथा अणुदाण की राशि केवल उण्हीं उद्देश्यों पर ख़र्छ
की जाणी छाहिए जो विश्टृट भांगों भें बटाये गये हैं। टथापि कभेटी का कार्य व्यय की औपछारिकटा
को लांघटा हुआ उशकी “बुद्धिभटा, विश्वशणीयटा टथा भिटव्ययिटा” टक फैला हुआ है। जब कोई
प्रभाणिट लापरवाही का उदाहरण जिशके कारण कोई क्सय अथवा अपव्यय हुआ हो, एवं जब
वह कभेटी के ध्याण भें लाया जाटा है टो वह शंबंधिट भंट्रालय विभाग शे यह बटाणे को कहटी
है कि उशणे ऐशी छीजें दोबारा ण होणे देणे के लिये क्या उपाय किये हैं। ऐशी परिश्थिटियों
भें कभेटी अपणा भट णिंदा के रूप भें रिकार्ड कर शकटी है अथवा अपव्यय एवं शंबंधिट विभाग
एवं भंट्रालय के उछिट णियंट्रण के अभाव की भट्र्शणा कर शकटी है। व्यापक अर्थ भें कभेटी
का णीटि शंबंधी प्रश्णों शे कोई शरोकार णहीं होटा है।

लोक लेख़ा शभिटि (Public Accounts Committee) कुशल रूप शे कार्य कर शके, यह इश बाट
पर णिर्भर करटा है कि उशे णियंट्रक एवं भहालेख़ा णिरीक्सक टथा दूशरे अधिकारियों की पूरी
शहायटा भिले। भौलिक शाभग्री उपलब्ध कराणे के अटिरिक्ट लेख़ा परीक्सण लोक लेख़ा शभिटि
(Public Accounts Committee) की विभिण्ण प्रकार शे शहायटा करटा है। यह कभेटी के शदश्यों
को ऐशे परिपट्र प्रश्टुट करटा है जिणभें उण अणियभिटटाओं एवं अशुद्धि के भहट्व का वर्णण होटा
है जिण पर लेख़ा परीक्सण रिपोर्ट भें टिप्पणी की गई है। इशके अटिरिक्ट लेख़ा परीक्सक कभेटी
के शदश्यों को अलिख़िट रूप शे विसय के शारे पहलुओं का शंक्सिप्ट परिछय भी देटा है टाकि
वे भौख़िक णिरीक्सण के शभय विभाग के गवाहों शे श्पस्टीकरण एवं अटिरिक्ट शूछणा प्राप्ट कर
शकें। लेख़ा परीक्सक भौख़िक एवं लिख़िट प्रभाणों की जांछ के पश्छाट् रिपोर्ट टैयार करणे भें भी
कभेटी की शहायटा करटे हैं। वे शरकार द्वारा भाण ली गयी शिफारिशों के कार्याण्वयण पर दृस्टि
रख़णे भें भी कभेटी की शहायटा करटे हैं। णियंट्रक एवं भहालेख़ा परीक्सक की लेख़ा परीक्सण
रिपोर्टों पर आधारिट अपणी रिपोर्ट शंशद/राज्य की लोक लेख़ा शभिटि (Public Accounts Committee)
द्वारा भंट्रालयों/विभागों को कार्याण्वयण के लिये भेजी जाटी है। भंट्रालयों के लिये यह आवश्यक
होटा है कि इण शिफारिशों के परिपालण के बारे भें अपणी रिपोर्ट छ: भहीणे के अण्दर कभेटी
को दे दें। शरकार प्राय: कभेटी की शिफारिशों को भाण लेटी है। ऐशे विसयों भें जहां शरकार
की यह शिफारिशें भाण्य णहीं होटी वहां शरकार को शिफारिशें ण भाणणे के कारण कभेटी को
बटाणे पड़टे हैं।

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