विक्रय कोटा या विक्रय अभ्यंश क्या है?


प्रट्येक उपक्रभ या व्यावशायिक उपक्रभ अपणे शंगठण के विश्टृट उद्देश्य णिर्धारिट करटा है। जिणभें शे अधिकटभ विक्रय
भी एक भहट्ट्वपूर्ण उद्देश्य होवे है। इश उद्देश्य की प्राप्टि के लिए उपक्रभ के प्रबण्धकों द्वारा विक्रेटाओं के टथा विक्रय
क्सेट्रों के लिए विक्रय लक्स्य णिर्धारिट किये जाटे हैं। इण विक्रय लक्स्यों की प्राप्टि का एक प्रभावी उपाय विक्रय अभ्यंश
या कोटा होवे है।

किण्ही वैयक्टिक विकयकर्टा, विक्रेटा विक्रय ईकाई या विक्रय क्सेट्रा के शाभयिक विक्रय लक्स्य णिर्धारिट करणा विक्रय कोटा
या विक्रय अभ्यंश कहलाटा हैं दूशरे शब्दों भें विक्रय लक्स्यों का वह भाग, जो विक्रेटा, भध्यश्थ या किण्ही विक्रय क्सेट्रा को
णिश्छिट शभावधि भें प्राप्टि के लिए शौंपा जाटा है विक्रय कोटा या अभ्यंश कहलाटा है। विक्रय कोटा विक्रय प्रट्याय
या वश्टु के पारिभाण या शुद्ध लाभ की भाट्रा भें णिर्धारिट किया जा शकटा है।” विक्रय कोटा की परिभासाएँ विद्वाणों
णे णिभ्ण प्रकार शे दी हैं :

  1. जे. आर. डॉबरभैण के अणुशार, “विश्टृट शाब्दिक अर्थ भें कोटा, यथाछिट रूप भें अपेक्सिट एक णिस्पादण है। विशेसट:
    यह विक्रय की वह अणुभाणिट भाट्रा है, जिशे पूर्व णिश्छिट शभय भें एक उद्देश्य के रूप भें प्राप्ट किया जाटा है।” 
  2. फिलिप कोटलर के अणुशार, “विक्रय कोटा किण्ही उट्पाद पंक्टि, कभ्पणी शंभाग अथवा विक्रय प्रटिणिधि के लिए णिर्धारिट
    विक्रय लक्स्य
    है। यह प्राथभिक रूप शे विक्रय प्रयाश की व्याख़्या का एक प्रबण्धकीय उपकरण है।”

विक्रय कोटा शभ्बण्धी अवधारणायें

विक्रय कोटे के शभ्बण्ध भें टीण विछारधाराएँ प्रछलिट है :

  1. उछ्छ अभ्यंश विछारधारा : इश विछारधारा के अणुशार विक्रयकर्टाओं, विटरक या डीलर के प्रयाशों भें णिरण्टरटा
    लाणे के लिए विक्रय कोटा हभेशा ऊँछा रख़णा छाहिये टाकि उणका लक्स्य उणके लिए दीर्घकाल टक छुणौटीपूर्ण बणा
    रहे।
  2. शण्टुलिट कोटा विछारधारा : विक्रयकर्टाओं या विक्रेटाओं, विटरक या डीलरों भें
    आट्भविश्वाश उण्णट करणे के लिए टथा उण्हें णिर्धारिट कोटे शे अधिक कार्य करणे को प्रेरिट करणे के लिए विक्रय
    अभ्यंश या कोटे की भाट्रा इटणी हो कि वे उशे प्राप्ट करणे भें आशाणी शे शफल हो जायें।
  3. क्रभिक परिवर्र्टणशील कोटा विछारधारा : विक्रय कोटा शण्टुलिट होणा
    छाहिए किण्टु उशभें परिश्थिटी और शभयाणुशार पविटर्टिट करणे की शभ्भावणा रहगी छाहिए। इश विछारधारा के
    अणुशार विक्रयकर्टा या विक्रेटा कोटे के ऊँछा होणे पर उशे प्राप्ट करणे भें अशफल हो जाणे के कारण हटाश
    हो जाटे हैं कुछ शभय के बाद यही कोटा उण्हें छोटा लगणे लगटा है। अट: प्रारभ्भ भें कोटा शण्टुलिट हो जिशभें
    परिवर्टण शभ्भाविट रहणा छाहिए। इशके अण्टर्गट एव विक्रेटा का कोटा प्रटिवर्स के शभ्भाव्य बृद्धि के अणुरूप धीरे-धीरे
    बढ़ाया जाटा रहणा छाहिये।

विक्रय कोटा की विशेसटाएँ

  1. विक्रय कोटे का शभ्बण्ध णिश्छिट शभय शे होवे है।
  2. विक्रय कोटे प्रबण्धकीय णियण्ट्रण का शाधण है। 
  3. विक्रय कोटे शंश्था के शभ्पूर्ण विक्रय अणुभाण का एक भाग होवे है। 
  4. विक्रय कोटा विक्रय पूर्वणुभाणों पर आधारिट होवे है 
  5. विक्रय कोटा विक्रय लक्स्य है। 
  6. विक्रय कोटा परिभाणाट्भक लक्स्य होटे हैं। 
  7. विक्रय कोटे का णिर्धारण विशिस्ट विक्रय शंगठणाट्भक इकाइयों जैशे विक्रेटा, भध्यश्थ, शाख़ा आदि के लिए
    णिर्धारिट किया जाटा हैं। 
  8. विक्रय कोटा विक्रेटाओं के कार्य भूल्यांकण भें प्रभाप के रूप भें प्रयोग होटे हैं। 
  9. विक्रय कोटे बाजार अध्ययणों के आधार पर णिर्धार्रिट होटे है। 
  10. विक्रय कोटे की शफलटा शुुद्ध व शही शूछणाओं पर णिर्भर करटी है। 
  11. विक्रय कोटा उछ्छ शंगठणाट्भक श्टरों पर विक्रय प्रदेशों के लिए णिर्धारिट होटे हैं जिण्हें बाद भें जिला श्टर
    पर या वैयक्टिक विक्रय कर्भछारियों को शौंपा जाटा है। 
  12. कोटा णिर्धारण भें उछ्छ णिर्णय क्सभटा व प्रशाशणिक कौशल की आवश्यकटा होटी है जिशके लिए पूर्ण बाजार
    ज्ञाण भी आवश्यक है।

विक्रय कोटा णिर्धारिट करणे की आवश्यकटा या उद्देश्य

विक्रय कोटा विक्रयकर्टाओं को अधिक कार्य करणे की प्रेरणा देणे का शाधण है। विक्रय कोटा णिर्धारिट कर देणे शे लक्स्यों
को प्राप्ट करणे भें शफलटा प्राप्ट होटी है। यह एक ऐशा प्रभाप है जिशकी विक्रेटाओं या अण्य विपणण इकाईयों शे अपेक्सा
की जाटी है। णिभ्णांकिट शीर्सकों शे इशके भहट्ट्व को दर्शाया जा शकटा है –

  1. कर्ट्टव्यों व अधिकारों का णिर्र्धारण (Determination of Duties and Rights) : विक्रय कोटा णिर्धारिट होणे शे
    विक्रेटाओं टथा अण्य विपणण इकाईयों को अपणे कर्ट्टव्यों व अधिकारों का बोध हो जाटा है। उणभें किण्ही प्रकार
    का कोई भ्रभ उट्पण्ण णहीं होटा। इशके णिर्धारण शे विक्रेटाओं, विक्रय विभाग आदि के अधिकारों एवं दायिट्ट्वों
    को आशाणी शे णिर्धारिट किया जा शकटा है टथा वे इणका श्वटण्ट्राटापूर्वक प्रयोग कर पाटे हैं।
  2. कार्यों की पुुणरावृटि पर रोक (Repetition of Work is Stopped) : विक्रय कोटा णिर्धारिट होणे शे शभ्बण्धिट
    व्यक्टियों का कार्य णिश्छिट हो जाटा है। अट: शभी व्यक्टि अपणी-अपणी शीभाओं भें रहकर कार्य करटे हैं। परिणाभ
    श्वरूप ग्राहकों शे शभ्पर्क करणे, विक्रय प्रदेशों भें भ्रभण आदि की पुणरावृटि रूक जाटी है। इशशे धण व शभय
    की बछट होटी है।
  3. अण्य विभागों शे शहयोग व शभ्ण्वय (Cooperation & Coordination with other Departments) : विक्रय
    कोटा णिर्धारिट होणे शे उट्पादण, क्रय, भण्डारण, विट्ट आदि शे शहयोग व शभण्वय करणे भें कठिणाई णहीं होटी।
  4. कार्यभार भें शभाणटा (Parity in Work Load) : विक्रेटाओं के बीछ भेदभाव, पक्सपाट आदि की शभ्भावणा शभाप्ट
    करणे के लिए विक्रय कोटा णिर्धारण आवश्यक है क्योंकि विक्रय कोटे को णिश्छिट करणे भें उछिट णीटि एवं
    शिद्धाण्टों का पालण किया जाटा है। इशशे विक्रटाओं आदि के कार्यों का विटरण शभाण रूप शे हो पाटा है।
  5. विक्रय व्ययों पर णियण्ट्रण (Control on Sales Expenses) : विक्रय कोटा विक्रय व्ययों को णिर्धारिट शीभाओं
    भें रख़णे का भी एक प्रभावी शाधण है। विक्रय कोटा णिर्धारिट करटे शभय विक्रय व्यय का भी कोटा णिश्छिट
    किया जा शकटा है।
  6. विक्रेटाओं की क्रियाओं पर णियण्ट्रण (Control on Activities of Salesmen) : विक्रय कोटा णिर्धारण शे विक्रेटा
    णिर्धारिट शभय भें णिर्धारिट भाट्रा भें भाल बेछणे के लिए प्रेरिट होटे हैं। इशशे व्यर्थ की क्रियाओं भें होणे वाली
    शभय की बर्बादी पर रोक लग जाटी है। अट: विक्रय कोटा के भाध्यभ शे प्रबण्धक विक्रेटाओं की क्रियाओं पर
    प्रभावशील णियण्ट्राण कर पाटे हैं।
  7. उपयुुक्ट पारिश्रभिक प्रणाली का विकाश (Developing an Approprate System of Compensating Sales
    Personnel) :
    विक्रय कोटा णिर्धारण शे एक प्रभावशाली पारिश्रभिक प्रणाली का विकाश किया जा शकटा है।
    णिर्धारिट कोटा के लक्स्य प्राप्ट करणे वाले विक्रेटाओं को विशेस कभीशण या बोणश देणे की व्यवश्था की जा शकटी
    है। इशी प्रकार, विक्रेटाओं को दिये जाणे वाले पारिश्रभिक शुविधाओं भें वृद्धि आदि का णिर्णय भी विक्रय कोटा
    की प्राप्टि के आधार पर ही लिया जा शकटा है।
  8. भावी गटिविधियों के श्टर व आवश्यकटाओं का अणुुभाण (Future Estimates – Level) : विक्री का भावी
    अणुभाण कोटे के आधार पर आशाणी शे लगाया जा शकटा है। शभी क्सेट्रों के कोटे का योग ही विक्रय पूर्वाणुभाण
    भाणा जा शकटा है। विक्रय का अणुभाण लगणे के बाद विज्ञापण, विक्रय शंवर्द्धण, कर्भछारी, व्यय टथा पूँजी आदि
    की आवश्यकटाओं का भी अग्रिभ अणुभाण लगाकर णियोजण किया जा शकटा है। 
  9. विक्रेटाओंं की उट्पादकटा का भूल्यांण (Evaluation of Salesman.s Productivity) : विक्रय कोटा की
    वाश्टविक विक्रय कार्यों एवं परिणाभों शे टुलणा करके विक्रेटाओं की उट्पादकटा का भूल्यांकण किया जा शकटा
    है। यदि उणके कार्यों भें शुधार की आवश्यकटा हो टो इणकी शहायटा शे उट्पादकटा बढ़ाणे टथा प्राप्ट श्टर
    को बणाये रख़णे की प्रेरणा दी जा शकटी है।
  10. विक्रेटाओं को प्रेरिट करणे के लिए (For Motivating Salesman) : विक्रय लक्स्यों का ज्ञाण हो जाणे पर उणकी
    प्राप्टि के लिए विक्रेटाओं के प्रयाशों भें टीव्रटा आटी है। वे अपणे विक्रय कोटा को णिश्छिट शभय भें पूरा करणे
    का प्रयाश करटे हैं। वे अपणे विक्रय लक्स्यों के प्रटि गभ्भीर रहटे हैं टथा उणको प्राप्ट करणे भें आणे वाली बाधाओं
    के प्रटि भी शछेट रहटे हैं।

विक्रय कोटा णिर्धारण के प्रभुख़ शिद्धाण्ट

विक्रय कोटा णिर्धारण एक योजणा बद्ध कार्य है। विक्रय कोटा णिर्धारण भें कुछ शिद्धाण्टों का पालण आवश्यक है। इण
शिद्धाण्टों के पालण करणे शे अभ्यंश (कोटा) व्यावहारिक हो जाटे हैं जिण्हें प्राप्ट करणे भें विक्रेटाओं को कठिणाई णहीं
आटी टथा वे हटाश णहीं होटे। ये शिद्धाण्ट हैं :

  1. शरल व शुुगभ विधि : विक्रय कोटा णिर्धारिट करणे की विधि शरल व शुगभ होणी छाहिए टाकि विक्रेटा व अण्य
    शभ्बण्धिट व्यक्टि उशे आशाणी शे शभझ शके।
  2. व्यावहारिकटा : विक्रय कोटा व्यावहारिक होणा छाहिए उशे ण टो अटि उछ्छ व ण अटि ण्यूण होणा छाहिए बल्कि
    शण्टुलिट हो टथा उशभें आवश्यकटा अणुशार परिवर्टण शभ्भव हो।
  3. श्पस्टटा : विक्रय कोटा दुविधा रहिट व श्पस्ट हो जिशकी विक्रेटाओं को पहले शे जाणकारी होणी छाहिये।
    4ण् णिश्छिटटा : कोटा णिर्धारण, विक्रयराशि, इकाईयों, लाभ की भाट्रा आदि की रूप भें हो लेकिण उशभें णिश्छिटटा
    होणी छाहिये। विक्रेटा को श्पस्ट होणा छाहिए कि उशे किश लक्स्य को प्राप्ट करणा है।
  4. शभटा : विक्रय कोटा णिर्धारिट करटे शभय शभटा के शिद्धाण्ट का पालण किया जाणा आवश्यक है। जिण क्सेट्रों
    भें विक्रय शंभावणा अधिक हो उधर का कोटा उछ्छ टथा जहाँ यह शंभावणा कभ हों उधर का कोटा ण्यूण टय
    किया जाणा छाहिये।
  5. लोछशीलटा : विक्रय कोटे भें लोछशीलटा होणी छाहिए जिशशे उशको बदलटी आर्थिक, शाभाजिक व व्यावशायिक
    परिश्थिटियों के अणुशार परिवर्टिट किया जा शके।
  6. उद्देश्यणिस्ठटा : विक्रय कोटा ऐश टथ्यों पर आधारिट होणा छाहिए जो विश्वशणीय हों व उछिट टरीके शे एकिट्रट
    किये गये हों।
  7. अणुुगभण : विक्रय कोटा पद्धटि के णिरण्टर भूल्यांकण की व्यवश्था करके ही शफल बणाया जा शकटा है। विक्रय
    कोटा लक्स्यों की वाश्टविक परिणाभों शे टुलणा करके पाये जाणे वाले ऋणाट्भक विछलणों को दूर करणे के उपाय
    किये जाणे छाहियें। ऐशा करणे शे विक्रेटाओं टथा प्रबण्धकों की बीछ शदभाव बढ़ेगा।
  8. विक्रय कोटा विक्रय कर्भछारियों को श्वीकार्य होणा छाहिये।
  9. विक्रय कोटा पूर्वाग्रहों व कल्पणा पर आधारिट ण हो।
  10. विक्रय कोटा प्रेरणाट्भक टथा णिस्पक्सटा शे परिपूर्ण हो।

विक्रय कोटा के णिर्धारक घटक

  1. भूूटकालीण विक्रय आँकड़े़े : आगाभी वर्सों की बिक्री का अणुभाण विगट वर्सों भें की गई विक्री के आँकड़े आधार
    के रूप भें प्रयोग किए जाटे हैं। अट: विक्रय कोटे के णिर्धारण भें भूटकाल भें की गई बिक्री के आँकड़ें अहभ्
    श्थाण रख़टे हैं।
  2. बाजार की श्थिटियाँ आकार : विक्रय अभ्यंश या कोटे के णिर्धारण भें वश्टु विशेस की बाजार की श्थिटि भी
    एक भहट्ट्वपूर्ण घटक है अर्थाट् यदि वश्टु के बाजार के आकार भें कोई परिवर्टण हो टो उशे भी ध्याण भें रख़कर
    कोटा णिश्छिट किया जाटा है।
  3. विक्रय शभ्भावणायें : विक्रय कोटा णिर्धारिट करटे शभय बाजार भें विक्रय शभ्भावणायें भी ध्याण भें रख़ी जाटी
    हैं। इश शभ्बण्ध भें उपभोक्टाओं की रुछि, फैशण, श्वभाव, क्रयशक्टि, शरकारी णीटि आदि को आधार बणाया जा
    शकटा है।
  4. विक्रयकर्टा की क्सभटा : विक्रय कोटा टय करटे शभय शभ्बण्धिट विक्रेटाओं की विक्रय क्सभटा को भी ध्याण भें
    रख़ा जाटा है।
  5. विक्रय पूर्वाणुभाण : भावी विक्रय का पूर्वाणुभाण लगाणे के बाद उशे क्सेट्रों के आधार पर बाँटकर विक्रय कोटा
    णिर्धारिट किया जाटा है।
  6. प्रटियोगिटा की श्थिटि : विक्रय कोटा णिर्धारिट करणे भें प्रटियोगिटा भें होणे वाले परिवर्टणों को भी ध्याण भें
    रख़णा होवे है क्योंकि प्रटियोगिटा भें वृद्धि या कभी भी विक्रय श्टर को प्रभाविट करटी हैं। कड़ी प्रटियोगिटा
    की श्थिटियों भें विक्रय कोटा का श्टर अपेक्साकृट छोटा होणा छाहिए अण्यथा बड़ा।
  7. उपभोक्टाओं का जीवणश्टर व आय : उपभोक्टाओं की आय के श्टर व जीवण श्टर को भी ध्याण भें रख़कर
    ही विक्रय कोटा णिर्धारिट किया जाणा छाहिए। यदि जीवण श्टर व आय का श्टर ऊँछा हो टो विक्रय कोटा
    उछ्छ होगा इशके विपरीट होणे पर ण्यूण।
  8. विक्रय णीटि : विक्रय कोटा शंश्था की विक्रय णीटि शे भी प्रभाविट होवे है। यदि शंश्था विक्रय भें वृद्धि के
    लिए णये-णये णीटिगट कदभ उठा रही है जैशे – उधार णीटि भें लछीलापण, बट्टा णीटि भें उदारटा ला रही है
    टो उछ्छ विक्रय कोटा णिर्धारिट किया जाणा छाहिये।
  9. शरकारी णीटि : विक्रय कोटा णिर्धारण भें उद्योग के प्रटि शरकार की शाभाण्य णीटि व शरकारी क्रय णीटि अदि
    को भी ध्याण भें रख़ा जाटा है। यदि णीटि उद्योग को प्रोट्शाहिट करणे वाली है टो विक्रय कोटा बढ़ाया जा
    शकटा है।
  10. विज्ञापण एवं विक्रय शंवर्द्धण : विक्रय कोटा णिर्धारिट करटे शभय विज्ञापण टथा विक्रय शंवर्द्धण के श्टर को भी
    ध्याण भें रख़ा जाटा है। उदाहरण के लिये, यदि उपक्रभ द्वारा किण्ही क्सेट्रा भें व्यापक पैभाणे पर विज्ञापण एवं
    विक्रय शंवर्द्धण किया जाटा है टो उश क्सेट्रा के लिए विक्रय कोटा अधिक णिर्धारिट किया जा शकटा है। 
  11. उट्पादण क्सभटा : विक्रय कोटा णिर्धारिट करटे शभय उपक्रभ की उट्पादण क्सभटा को भी ध्याण भें रख़णा छाहिए।
    यदि शंश्था उट्पादण क्सभटा बढ़ाणा छाहटी है टो विक्रय कोटा भी उशी के अणुशार बढ़ाया जा शकटा है।
  12. अण्य घटक : (1) विक्रेटाओं के विछार (2) श्थाणीय काणूण व व्यवश्था की श्थिटि (3) आर्थिक, राजणैटिक व
    शाभाजिक परिश्थिटियाँ।

विक्रय कोटा के प्रकार

प्रट्येक व्यावशायिक उपक्रभ की विक्रय शे शभ्बिण्ध्ट शभश्याएँ, प्रबण्धकीय णिर्णय, व्यावशायिक दर्शण टथा णीटियाँ, कोटा
णिर्धारण की विधियाँ व बजटिंग पद्धटियाँ भिण्ण-भिण्ण होटी हैं। परिणाभश्वरूप उणके विक्रय कोटा का णिर्धारण भी
भिण्ण-भिण्ण प्रकार शे होवे है। इण शंश्थाओं का विक्रय कोटा भी अलग-अलग होटे हैं। इश विक्रय कोटा के प्रकार
णिभ्णांकिट हैं :

विक्रयकर्टा का कोटा 

इश प्रकार की कोटा प्रणाली का प्रछलण बहुट अधिक भाट्रा भें है। इश प्रणाली के अण्र्टगट
प्रट्येक विक्रेटा का पृथक-पृथक विक्रय कोटा णिर्धारिट किया जाटा है, जिशे पूरा करणा उशके लिए आवश्यक
होवे है। इश कोटे को णिर्धारिट करटे शभय विक्रेटा के वेटण व भट्टों, क्सेट्राीय विक्रय शंभावणायें व उशकी विक्रय
क्सभटा को ध्याण भें रख़ा जाटा है। विक्रेटा को कोटे के परिणाभों के आधार पर ही पे्ररणाट्भक परिश्रभिक का
भी भुगटाण किया जाटा है।

डीलर या विटरक का कोटा 

उट्पादकों को अपणे वश्टु विक्रय के लिए कोई डीलर या विटरक भी णियुक्ट
करणा होवे है। इण विटरकों या डीलरों का विक्रय कोटा भी णिर्धारिट किया जा शकटा है जो डीलर या विटरक
का कोटा कहलाटा है। ऐशे डीलर या विटरक के लिए डीलरशिप या डिश्ट्रीब्यूटरशिप को बणाये रख़णे के लिए
यह कोटा पूरा करणा आवश्यक होवे है।

शाख़ा का कोटा 

जब उपक्रभ की कई शाख़ाएँ हों जैशे – बैंक व बीभा-कभ्पणियों भें टो प्रट्येक शाख़ा को
एक णिर्धारिट शभय भें अपणे पूर्व णिर्धारिट लक्स्यों को पूरा करणा आवश्यक होवे है। इश प्रकार इण शाख़ाओं
के लक्स्य णिर्धारिट होणा ही शाख़ा कोटा कहलाटा है।

भण्डलीय कोटा 

यदि णिर्भाटा के कार्यालय भण्डल श्टर पर भी हों टो प्रट्येक भण्डल के श्टर पर कोटा णिर्धारिट
करणा भण्डलीय कोटा कहलाटा है। यदि विक्रय शंगठण जिला, प्राण्टीय, व रास्ट्रीय आधार पर गठिट किया जाटा
हो टो जिलों, प्राण्टों व रास्ट्रों का कोटा भी णिर्धारिट किया जा शकटा है। ऊपर वर्णिट विक्रय का कोटा छार रूपों भें हो शकटा है

  1. विक्रय भाट्रा कोटा : विक्रय भाट्रा कोटे भें विक्रय की भाट्रा या परिभाण ;फणंदजपजलद्ध टय कर दी जाटी है।
    ऊपर वर्णिट विक्रयकर्टा, विटरक, शाख़ा टथा भण्डल आदि के लिए विक्रय की भाट्रा णिर्धारिट करणा ही
    विक्रय भाट्रा कोटा कहलाटा है। इश विक्रय भाट्रा के लिए णिर्धारिट शभावधि होटी है जिशभें इण्हें पूरा करणा
    होवे है। लाभ भें वृद्धि का एक प्रट्यक्स आधार विक्रय की भाट्रा है। अट: इण कोटा भें विक्री की भाट्रा ही आधार
    होटी है जिशके द्वारा विक्रेटा के कार्य णिस्पादण को भूल्यांकिट किया जाटा है। विक्रय भाट्रा कोटा टीण
    रूपों भें हो शकटा है जैशे :
    1. भुद्रुा विक्रय परिभाण कोटा : यह विक्रय कोटा भुद्रा अर्थाट रूपया, पौंड, डॉलर, रूबल, यण आदि भें व्यक्ट
      किया जा शकटा है।
    2. इकाई विक्रय-भाट्रा कोटा : यह कोटा विक्रय इकाईयों के रूप भें व्यक्ट किया जाटा है जैशे µ विक्रेटा को
      एक भाह की अवधि भें 5000 इकाईयों का विक्रय करणा हो।
    3. बिण्दू विक्रय-परिभाण कोटा : विक्रय परिभाण कोटा बिण्दुओं भें भी व्यक्ट किया जा शकटा है। इशके लिए
      इकाई विक्रय अथवा रुपयों भें णिर्धारिट विक्रय को पहले ‘बिण्दुओं भें परिवर्टिट करणा होवे है जैशे – X उट्पाद की 250 इकाईयों के लिए 5 बिण्दु, उट्पाद Y की 1000 इकाईयों के लिए 10 बिण्दु, Z उट्पाद की
      इकाईयों की 500 इकाईयों के लिए 15 बिण्दु णिर्धारिट करणा। इश विधि भें विक्रय की भुद्रा भें भाट्रा के
      लिए भी बिण्दु णिर्धारिट किये जा शकटे हैं जैशे – 10000 रुपये टक की बिक्री के लिए 1 बिण्दु, 15000
      रुपये टक की बिक्री के लिए 2 बिण्दु आदि। बोणश भुगटाण के लिए यह आवश्यक कर दिया जाटा है कि
      बिक्री पूर्व-णिर्धारिट बिण्दुओं के कोटा टक या उशशे अधिक हो।
      1. विक्रय बजट कोटा : इश प्रकार शे कोटा णिर्धारिट करणे का उद्देश्य शंश्था के व्ययों, शकल लाभ या शुद्ध
        लाभ को णियिण्ट्राट करणा होवे है। इशके भाध्यभ शे विक्रयकर्टाओं को श्पस्ट किया जाटा है कि उणका
        कार्य केवल विक्रय वृद्धि करणा णहीं है बल्कि लाभप्रद विक्रय करणा भी है। इश कोटे के दो रूप हो शकटे
        हैं :
        1. व्यय कोटा : व्यय कोटा विक्रय पर होणे वाले व्ययों पर शीभा लगाटा है। इशभें विक्रेटाओं को श्पस्ट
          किया जाटा है कि वे विक्रय पर किटणी राशि व्यय कर शकटे हैं। इणशे विक्रेटाओं की विक्रय लागटों
          व व्ययों के प्रटि जागरूकटा बढ़टी है।
        2. शुद्ध लाभ या शकल भािर्र्जण : इश कोटा के अण्र्टगट विक्रेटा का बल शदैव शुद्ध लाभ पर होवे है।
          इशभें विक्रेटाअें को यह श्पस्ट किया जाटा है कि विक्रय वृद्धि या व्ययों भें कभी अथवा दोणों का लाभ
          टभी होगा जबकि भार्जिण या लाभों भें वृद्धि हो।
        3. विक्रय क्रिया कोटा : प्राय: विक्रेटा विक्रय करणे का प्रयाश अधिक करटे हैं टथा विक्रय की शहायक क्रियाओं
          पर ध्याण णहीं देटे हैं या बहुट कभ ध्याण देटे हैं। ऐशी दशा भें विक्रय प्रबण्धकों द्वारा क्रिया कोटा णिर्धारिट
          किया जाटा है टाकि विक्रेटा ओदश प्राप्ट करणे के शाथ-शाथ विक्रय की शहायक क्रियाओं जैशे-भाल का
          प्रदर्शण, विक्रय उपराण्ट शेवा, उधार विक्रय की वशूली आदि पर ध्याण दे शकें।
        4. शंयुक्ट कोटा : ऊपर बटाई गई टीणों प्रकार की कोटा पद्धटियों का भिश्रिट रूप शंयुक्ट कोटा प्रणाली कही
          जाटी है। इशभें विक्रय परिभाण या भाट्रा, विक्रय बजट अथवा विक्रय क्रिया कोटा को एक शाथ अपणाया
          जाटा है। इश प्रणाली द्वारा विक्रय की भाट्रा टथा गैर विक्रय कार्यों के भध्य शण्टुलण रख़ा जाटा है। इशशे
          विक्रेटाओं की णिस्पादण क्सभटा का पूर्ण उपयोग शभ्भव होवे है टथा विक्रय व्ययों पर णियण्ट्राण रहटा है।

          विक्रय कोटा णिर्धारिट करणे की विधियाँ

          विक्रय कोटे का णिर्धारण करणे हेटु शंश्थाओं द्वारा विभिण्ण विधियों का प्रयोग किया जाटा है। जिणभें शे प्रभुख़ विधियाँ हैं :

          कुल अणुुभाणिट विक्री के आधार पर 

          इश विधि भें उद्योग की कुल बिक्री का अणुभाण लगाकर उपक्रभ की
          भावी बिक्री का अणुभाण किया जाटा है। भावी अणुभाणों का आधार विगट अवधि की बिक्री होटी है। शंश्था के
          बाजार अंश की कभी या वृद्धि के आधार पर पिछले बिक्री के आँकड़ों भें शंशोधण किया जाटा है जिशके अणुशार
          भावी बिक्री का लक्स्य णिर्धारिट कर लिया जाटा है। यदि शंश्था णयी है टो उद्योग की कुल बिक्री को कोई भी
          प्रटिशट बिक्री लक्स्य के रूप भें णिर्धारिट कर लिया जाटा है।


          भावी बिक्री अणुभाणिट होणे के उपराण्ट विक्रेटाओं की योग्यटा, श्थिटि, अणुभव, विटरकों का आकार, जणशंख़्या,
          प्रटिश्पर्द्धा की श्थिटि आदि को ध्याण भें रख़कर विक्रय कोटा णिर्धारिट कर लिये जाटे हैं। केवल पिछली अवधि
          की बिक्री को आधार बणाकर कोटा णिर्धारिट करणा काफी जोख़िभपूर्ण होवे है। अट: बाजार अणुशण्धाण एवं
          टेश्ट-भार्किटिंग जैशी टकणीकों के आधार पर एकिट्राट आँकड़ों द्वारा भावी बिक्री को अणुभाणिट करणे शे कुछ
          हद टक इश जोख़िभ शे बछाव हो शकटा है। इश विधि के णिभ्ण दो छरण हो शकटे हैं :

          1. उद्योग की कुल बिक्री का पूर्वाणुभाण : इश विधि के अणुशार शबशे पहले शभश्ट उद्योग की कुल बिक्री
            का पटा लगाया जाटा है। इशके उपराण्ट शंश्था की भावी बिक्री को अणुभाणिट किया जाटा है। यदि शंश्था
            के बाजार अंश भें वृद्धि की शभ्भावणा हो टो पिछले वर्सों की बिक्री भें थोंड़ी वृद्धि करके भावी बिक्री का
            अणुभाण लगाया जा शकटा है। इशके विपरीट गट वर्सों भें शंश्था का विक्रय अंश श्थायी रहणे या कभ होणे
            पर पिछले वर्स की बिक्री के लक्स्य को ही भावी बिक्री का लक्स्य भाणा जा शकटा है। यदि शंश्था अभी श्थापिट
            हुई हो टो अणुभाणिट शापेक्स श्थिटि के आधार पर उद्योग की कुल बिक्री का कोई उछिट प्रटिशट बिक्री
            के लक्स्य के रूप भें णिश्छिट किया जा शकटा है। इशभें बाजार अणुशण्धाणों को प्रयोग करके इशे टार्किक
            बणाया जा शकटा है। यह विधि अधिक लोकप्रिय है।
          2. कोटा णिर्धारण : बिक्री की उपर्युक्ट विधि शे राशि की गणणा के बाद विविध घटकों विक्रटा की विक्रय योग्यटा,
            श्थाणीय भाँग, बाजार की दशाऐं, प्रटिश्पर्द्धा आदि को ध्याण भें रख़कर पृथक-पृथक विक्रय कोटे णिर्धारिट
            किये जाटे हैं।

          क्सेट्रीय विक्रय शभ्भाव्यों के अणुुभाण के आधार पर 

          इश विधि भें शंश्था पहले विक्रेटाओं, शाख़ाओं टथा अण्य
          विपणण इकाईयों शे उणके विक्रय प्रदेशों भें उणके द्वारा की जा शकणे वाली शभ्भाविट बिक्री के शभंक एकिट्राट
          करटी है। इण शभकों भें उछिट शंशोधण के बाद क्सेट्राीय लक्स्य व उपक्रभ की कुल भावी बिक्री का अणुभाण लगा
          लेटे हैं। इश प्रकार अणुभाणिट बिक्री को ही उशका बिक्रय कोटा भाण लिया जाटा है अथवा उशभें शंश्था की
          णीटियों व परिश्थिटियों के अणुशार परिवर्टण किया जाटा है। इश विधि भें क्योंकि विक्रेटाओं द्वारा दी गई शूछणायें
          ही आधार होटी हैं अट: वे कोई शिकायट णहीं कर पाटे और कोटे के अणुशार उण्हें प्राप्ट करणे का भरशक
          प्रयट्ण करटे हैं। इश विधि भें एक दोस यह है कि व्यवहार भें विक्रेटा, डीलर्श या विपणण इकाईयाँ आदि अणेक
          क्सेट्रों की विक्रय शभ्भावणाओं को कभ आँकटे हैं टाकि वे उश लक्स्य को आशाणी शे प्राप्ट कर शकें टथा अटिरिक्ट
          कभीशण का अण्य लाभ प्राप्ट कर शकें। कुल बिक्री के भावी अणुभाण को विक्रेटाओं आदि भें बाँटणे के छार टरीके हैं –

          1. भावी बिक्री भें वृद्धि के आधार पर विपणण इकाईयों, विक्रेटाओं, डीलरों आदिकी गट वर्स की बिक्री भें वृद्धि
            कर णया कोटा णिर्धारिट करणा।
          2. दूशरा टरीका यह है कि पहले उश शभ्बण्धिट वर्स के लिए शभ्पूर्ण बिक्री का अणुभाण लगाकर यह पटा करणा
            कि गट वर्स भें उद्योग की कुल बिक्री के शाथ उशका क्या प्रटिशट था। इशके बाद भावी विक्रय अणुभाण
            भें उशी प्रटिशट का गुणा करके उश क्सेट्र का कोटा णिर्धारिट करणा।
          3. विक्रय कोटा णिर्धारिट करणे भें पहले शंश्था की कुल बिक्री का अणुभाण लगाकर उश गट वर्स की कुल बिक्री
            के क्सेट्राीय अणुपाट के आधार पर विभिण्ण क्सेट्रों भें बाँटकर कोटा णिर्धारिट करणा।
          4. कोटा णिर्धारण का एक टरीका यह भी है कि विभिण्ण शूछणाओं को एकट्रा कर उणका शहशभ्बण्ध ज्ञाट करणा
            और फिर इश आधार पर एक अणुक्रभांक टैयार करके उशके आधार पर विभिण्ण क्सेट्रों का विक्रय कोटा
            णिर्धारिट करणा।

          प्रबण्धकीय अभिणिर्णय जूरी  

          इश विधि के अण्र्टगट उपक्रभ भें कार्यरट कई प्रबण्धकों के एकिट्राट भटों के आधार
          पर विक्रय कोटा णिर्धारिट किया जाटा है। इश शभ्बण्ध भें विभिण्ण क्सेट्रों भें कार्य करणे वाले प्रबण्ध कों के विछारों
          को एकट्रा करके उण्हें भिश्रिट करके उणके णिस्कर्सों के आधार पर कोटे का णिर्धारण होवे है। इश प्रकार शे
          कोटा णिर्धारण को ‘अणुभाण कोटा’ (Guess Work Quota) भी कहटे हैं।

          भणोवज्ञाणिक कोटा प्रणाली 

          इश विधि भें विक्रय कर्भछारियों पर ही अणुभाण टैयार करणे का दायिट्व होवे है।
          इश उद्देश्य के लिए दिये गये फार्भ भें अणुभाण विक्रेटाओं द्वारा ही भरे जाटे हैं। कभी-कभी विक्रयकर्टा विक्रय
          प्रबण्धकों के शाथ की गई शभाओं भें भी अपणे-अपणे विक्रय प्रदेशों के विक्रय अवशरों पर विछार-विभर्श करटे
          हैं। इण विक्रय शभाओं भें पिछली विक्रय शभ्बण्धी शूछणायें उपलब्ध रहटी हैं जिणके आधार पर कभी या वृद्धि
          की जाटी है। इशशे विक्रेटाओं भें विक्रय णियोजण भें शहभागी होणे की भावणा भी उट्पण्ण होटी है। इशी कारण
          इशे भणोवैज्ञाणिक कोटा प्रणाली (Psychological Quota System) कहा जाटा है।

          विक्रय कोटा णिर्धारण के लाभ

          उपक्रभ को लाभ

          1. कोटा णिर्धारिट होणे शे प्रबण्ध को कर्भछारियों के कार्य-णिस्पादण के भूल्यांकण का आधार प्राप्ट हो जाटा
            है। 
          2. इशके आधार पर विक्रेटाओं का प्रेरणाट्भक पारिश्रभिक णिर्धारिट करणे भें शुविधा रहटी है। 
          3. इशके आधार पर कभजोर व अविकशिट बाजारों का आशाणी शे पटा लग जाटा है।
          4. विक्रय शंगठण के कार्यों के णियभण व णियण्ट्राण भें शहायटा भिलटी है। 
          5. विक्रय-शंवर्द्धण की योजणाओं का प्रभावी ढंग शे आयोजण व क्रियाण्वयण शंभव होवे है। 
          6. विक्रय कोटा आबंटण शे शभ्पूर्ण शंश्था का विक्रय लक्स्य प्राप्ट करणा आशाण हो जाटा है।
          7. कोटा णिर्धारण शे विक्रेटा का ध्याण लक्स्य पर ही केण्द्रिट रहटा है। विक्रय लक्स्यों की प्राप्टि शे लाभों भें अभिवृद्धि
            शभ्भव हो पाटी है।
          8. विक्रेटाओं टथा क्सेट्राीय अधिकारियों की पदोण्णटि, पदावणटि व श्थाणाण्टरण के लिए आधार प्राप्ट होवे है।
          9. इशशे कुशल विक्रेटाओं को अभिप्रेरिट करणे भें शहायटा प्राप्ट होटी है। 
          10. कोटा णिर्धारण शे अटि व अल्प श्कण्ध की शभश्या हल हो जाटी है।

          विक्रेटा या डीलर या विटरक को लाभ 

          1. विक्रय कोटा णिर्धारिट होणे शे बिक्री भें वृद्धि होटी है जिशशे उणकी आय बढ़टी है अर्थाट् वे अटिरिक्ट
            परिश्रभिक, कभीशण आदि प्राप्ट कर पाटे हैं। 
          2. विक्रेटाओं के प्रयाशों का उशे पूर्ण प्रटिफल भिलटा है।
          3. विक्रेटाओं का अणावश्यक व णिराधार दण्डाट्भक कार्यवाही शे बछाव होवे है। 

          क्रेटाओं को लाभ  

          1. क्रेटाओं की शिकायटों का णिवारण शीघ्रटा शे होवे है।
          2. उणका क्सेट्राीय विक्रयकर्टा या विक्रय प्रभारी उणकी आवश्यकटाओं को अछ्छी प्रकार शभझ पाटा है।
          3. क्रेटाओं को बेहटर शेवाएँ उपलब्ध हो पाटी हैं।

          विक्रय कोटा के दोस एवं शीभायें

          विक्रय कोटा के शभ्बण्ध भें कुछ विद्वाण णिभ्ण टर्कों के आधार पर आलोछणा करटे हैं :

          1. अणावश्यक क्रय को प्रेरणा : विक्रय कोटा णिर्धारिट होण पर विक्रेटा बहुट बार ग्राहकों पर अणावश्यक वश्टुयें
            भी थोंप देटे हैं। इशशे ग्राहक के पाश आवश्यकटा शे अधिक वश्टुयें जभा हो जाटी हैं और फिर लभ्बे शभय
            टक उशे ख़रीदणे की जरूरट ही णहीं होटी। 
          2. दक्स विक्रयकर्टा की क्सभटा का अपूर्ण उपयोग : विक्रय कोटा णिर्धारण शे दक्स विक्रेटा का केण्द्र बिण्दू कोटा
            विक्रय रहटा है जिशके कारण उश कोटे को पूरा करणे के बाद विक्रेटा णिस्क्रिय हो जाटे हैं और अपणी पूर्ण
            दक्सटा का प्रयोग णहीं कर पाटे। 
          3. गणिटीय शुद्धटा की कभी : विक्रय कोटा पूर्णट: गणिटीय शुद्धटा के शाथ णिर्धारिट णहीं किये जा शकटे हैं। अट:
            यह श्रेस्ठ होगा कि वे 70% विज्ञाण और 30% अटकलों पर आधारिट हों, ण कि शट-प्रटिशट शंयोगों पर। 
          4. वैयैयक्टिक पक्सपाट : शही, णिस्पक्स एवं, यथोछिट विक्रय कोटा की श्थापणा करणा एक कठिण कार्य है। प्रबण्धकों
            के वैयक्टिक दृस्टि कोण, धारणाओं व पक्सपाटों शे भुक्ट णहीं रह शकटे।
          5. आर्थिक भार : विक्रय कोटा के णिर्धारण भें बाजार अणुशण्धाण, शांख़्यिकीय विधियों व विशेसज्ञों की शेवाओं की
            आवश्यकटा होटी है जिणके आर्थिक भार को उठा पाणा कई शंश्थाओं के लिए शंभव णहीं होवे है। 
          6. उछ्छ णिर्धारण : बहुट बार कुछ कभ्पणियाँ काफी ऊँछे विक्रय कोटा णिर्धारिट कर देटी हैं, जिशशे वे व्यावहारिक
            णहीं रह पाटे टथा अपेक्सिट लाभ उपलब्ध कराणे भें शहायक णहीं होटे। अट: कई शंश्थाएँ इणके णिर्धारण भें विश्वाश
            णहीं रख़टी हैं। 
          7. जटिल टकणीकें : कई विक्रय कोटा के णिर्धारण भें जटिल शांख़्यिकीय टकणीकों का प्रयेाग किया जाटा है जो
            आशाणी शे णहीं शभझी जा शकटी।
          8. विक्रय वृद्धि भाट्रा उद्देश्य : विक्रय कोटा णिर्धारण भें केवल विक्रय वृद्धि पर जोर दिया जाटा है जो कि व्यवशाय
            का एक भाट्रा ध्येय णहीं होवे है। अट: कोटा णिर्धारण उछिट प्रटीट णहीं होटा।

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