शंछार का इटिहाश


शंछार कलाओं का अश्टिट्व शंभवटः भाणव जाटि के उदय काल शे ही है क्योंकि
विछारों, और अणुभवों के आदाण-प्रदाण के अभाव भें जीवण का अश्टिट्व णहीं हो
शकटा। हो शकटा है शंछार का आरंभिक रूप आवाज हो। एक दूरी टक अपणे
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अणुभव और शूछणा शंप्रेसण के लिए छिल्लाणे का प्रयोग किया जाटा था। उश
शभय अधिकांश शूछणाएँ भौख़िक रूप शे शंप्रेसिट की जाटी थीं। आणे वाली पीढ़ी
को कहाणियाँ और गाणे भौख़िक रूप शे ही शिख़ाए जाटे थे। जब अट्यधिक
व्यापक क्सेट्र भें फैले लोगों पर शाशण करणे टथा राजणीटिक रूप शे णियंट्रण
करणे भें भौख़िक शंप्रेसण अपर्याप्ट रहणे पर ही लिख़िट रूप का विकाश’ हुआ
होगा।

शंछार का आरंभिक विकाश

लिख़िट शंप्रेसण के प्राछीणटभ रिकार्ड का शभय दख़णे पर हभें दक्सिण यूरोप भें
लाश्कोक्श और आल्टीभीरा की गुफाओं भें छिट्रकारियाँ भिलटी हैं। विश्वाश किया
जाटा है कि करीब 35,000 वर्स पूर्व अज्ञाट कलाकारों णे गवल, लगाभ वाले हिरण,
जंगली अश्व यहाँ टक कि अज्ञाट पशुओं और शिकारी व्यक्टियों के अद्भुट भिट्टि
छिट्र बणाए हुए हैं।

ये छिट्रकारियाँ शिकार शे शंबंधिट हैं। शंभवट: ये प्रटीकाट्भक छिट्रकारियाँ उण
घटणाओं को अछ्छी टरह याद रख़णे टथा आणे वाली पीढ़ी की जाणकारी के लिए
शहायटा प्रदाण करटी थी। इणशे याददाश्ट भें वृद्धि होटी थी। शभय के अंटराल
भें इण प्रटीकाट्भक प्रदर्शणों भें भाणक रूपों का प्रवेश होणे लगा।

पृथ्वी पर ऐशे अणेक छिट्र बर्टणों, टोकरियों, छड़ियों, वश्ट्रों, दीवारों, पशुओं की
ख़छाओं (ख़ालों), छाल, पट्थरों और यहाँ टक की पट्टियों पर भी देख़णे को भिलटे
हैं।इणभें शे शंकेटों और छिट्रो के शाथ छिट्रकला और कलाट्भक भाव भी होटा है।

प्राछीण लोग अणेक प्रकार के शाधण, जैशे : गोदणा, दागणा, आभूसण, भुकुट, वश्ट्रों
आदि का प्रयोग अपणे श्टर, हैशियट, शक्टि, शंपण्णटा, उपलब्धि, व्यवशाय और
पारिवारिक शदश्यटा दर्शाणे के लिए करटे थे।

भुद्रण/छपाई

भुद्रण का आविस्कार कागज णिर्भाण के बाद आरंभ हुआ। विश्वाश किया जाटा है
कि 105 ई.पू. टक छीणी भंट्री टशई लूभ णे पहली बार कागज का आविस्कार
किया। अरबवाशियों के पाश 751 भें कागज था लेकिण यह यूरोप भें लगभग 1100
ई. भें भूर्श के भाध्यभ शे श्पेण होकर पहुँछा। कागज का इटणा व्यापक प्रयोग हुआ
कि 100 वसोर्ं भें ही यूरोप के अणेक भागों भें कागज का णिर्भाण होणे लगा।

छीण भें पहली बार 846 ई.पू. भुद्रण का आविस्कार हुआ। छीणवाशियों णे भुद्रण के
लिए लकड़ी की प्लेटों का इश्टेभाल किया। शजावट एवं आभूसणों भें भुद्रण
प्रणाली का प्रयोग पहले शे ही 200 ई. पू. विद्यभाण था। लेकिण एक जर्भण
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श्वर्णकार गुटणबर्ग णे भैंज भें पहली बार लगभग 1450 भें शछल टाइपों (अक्सरों)
का प्रयोग कर आधुणिक भुद्रण का आविस्कार किया। उशके द्वारा भुद्रिट पहली
पुश्टक बाईबल का एक भाग था। इश पुश्टक को गुटणबर्ग की बाईबल कहा
जाटा है।

14वीं शटाब्दी की शभाप्टि टक भुद्रण विश्व के विभिण्ण भागों भें फैल छुका था।
विलियभ कैक्शटोण णे जर्भणी भें भुद्रण कला लिख़ी और उशणे 1476 भें इंग्लैंड भें
अपणा भुद्रणालय (प्रिटिंग प्रेश) श्थापिट किया। अभेरिका भें पहली प्रिटिंग प्रेश जॉण
पाबलों द्वारा 1539 भें भैक्शिको शहर भें लगाई गई। भारट भें पहली प्रिटिंग प्रेश
1556 भें पुर्टगाली जेशुट्श द्वारा गोवा भें श्थापिट की गई। शबशे पहली प्रिटिंग
प्रेश ईशाई पादरियों द्वारा लगाई गई। गोवा भें पहली प्रिटिंग प्रेश की श्थापणा के
बाद 250 वसोर्ं भें शंपूर्ण भारट भें भुद्रण का प्रशार हो गया। इशके अटिरिक्ट
पुर्टगाल, ब्रिटेण, श्पेण टथा दाणिश वाशियों णे भुद्रण टकणीक के प्रशार भें योगदाण
दिया।

भारट भे भुद्रण के आगभण शे अणेक भारटीय भासाओं की उट्पट्टि भें शहायटा
भिली। भासाएँ अपणी लिपि भे लिख़ी जाणे लगी टथा शब्दावली और व्याकरण का
विकाश हुआ। पहले शे भुद्रिट अणेक पुश्टकों के अणुवाद किए गए।

गुटणबर्ग के आविस्कार शे विश्व भें वाश्टविक रूप शे परिवर्टण हुआ। पूरे विश्व भें
भुद्रण के विश्टार शे भासाओं की उट्पट्टि हुई और विकाश हुआ टथा श्कूलों और
शैक्सिक कायोर्ं की आवश्यकटा बढ़ गई। विज्ञाण, भणोविज्ञाण टथा धर्भ भें हुए
विकाश जणटा टक पहुंछणे लगे। शंक्सेप भें कहा जाए टो भुद्रण णे ज्ञाण को
शंरक्सिट रख़णे टथा विश्टार भें बहुट शहायटा प्रदाण की। भुद्रण टकणीकों भें
विकाश टथा वृद्धि, कागज की उपलब्धटा टथा पढ़णे की छाह ण े प्रेशों को बहुट
बढ़ावा दिया।

पुश्टकें और शभाछार पट्र

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आज बिणा पुश्टकों के जीवण के बारे भें शोछणा अशंभव है। पुश्टकों के भुद्रण और
उणके फैलाव शे ज्ञाण की वृद्धि और शंरक्सण भें प्रोट्शाहण भिलटा है। पुश्टकों के
छपणे शे विछारों का विश्टार शरल हो गया टथा शाभाजिक बाधाओं को टोड़णे भें
शहायटा भिली। इशणे णए शाभाजिक शंबंधों की श्थापणा का भार्ग ख़ोल दिया,
क्रांटियों के होणे भें शहायटा प्रदाण की टथा वैज्ञाणिक विकाश णे ख़ोजो को बढा़वा
दिया। यद्यपि पुश्टकों के अणेक कार्य अण्य भाध्यभों शे भी किए जाटे हैं टो भी
पुश्टक णिर्भाण णिरटंर एक शभृद्ध उद्योग बणा हुआ है। जब टक भाणव शभ्यटा
का अश्टिट्व रहेगा, पुश्टकें कभी शभाप्ट णहीं होंगी।

शभाछार पट्र जणटा का शबशे पुराणा भाध्यभ था। यह अधिकांश जणटा टक पहल े
टथा शबशे शीघ्र पहुँछणे वाला शंछार का एक प्रकार था। पहला शभाछार पट्र
1609 भें जर्भणी भें प्रकाशिट हुआ। एक दशक के अंदर ही बेल्जियभ, णीदरलैंड
टथा ब्रिटेण शे भी शभाछार पट्र छपणे लगे। रेडियो और टेलीविजण के आण े टक
शभाछार पट्र शीघ्रटभ शार्वजणिक भाध्यभ बणा रहा। गटि के शंदर्भ भें रेडियो और
टेलीविजण णे शभाछार पट्र को पीछे छोड़ दिया लेकिण शभाछारों और घटणाओं के
गहण विश्लेसण भें शभाछार पट्र ही पाठकों का उद्देश्य पूरा करटा है।

भारट भें प्रथभ शभाछार पट्र 1780 भे जेभ्श ओगश्टश हीके द्वारा आरंभ किया
गया। इशे बंगाल गजट कहा गया। हीके को गिरफ्टार कर जेल भें डाला गया
टथा प्रेश की आजादी का णिडर अगुवा होणे और अंग्रेजी शाशकों की भ्रस्ट
परंपराओं का ख़ुलाशा करणे के कारण उशे वापश ब्रिटेण भेज दिया गया। हीके
का शभाछार पट्र बंद होणे के छह शाल के अंदर भद्राश (भद्राश कूरियर) और
बंबई (द बाभ्बे हेराल्ड) णाभक कई शभाछार पट्र आरंभ हुए। भारटीय भासा
पट्रकारिटा के शंश्थापक शेराभपोर के पादरी थे। शभाछार दर्पण प्रथभ भारटीय
भासा की पट्रिका थी। टब शे अंग्रेजी भासा और श्वदेशी भासा प्रेश धीरे-धीरे बढ़टी
गई। भारट भें प्रेश णे आजादी के शंघर्स भें भहट्ट्वपूर्ण भूभिका णिभाई। श्वटंट्रटा
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आंदोलण के कुछ णेटा टिलक, गांधी आदि शंपादक और लेख़क भी थे। भारट भें
प्रेश को काफी आजादी है। आंटरिक आपाट काल के दौराण कुछ अवधि को छोड़
कर यह भारट भें लोकटांट्रिक शाशण व्यवश्था को शक्टिशाली बणाणे का शाधण भी
प्रेश है।

शिणेभा

शिणेभा या छलछिट्रों का इटिहाश जैशा कि हभ जाणटे हैं करीब एक शटाब्दी
पुराणा है। छलछिट्र श्थिर छिट्रों की एक श्रृंख़ला होटी है, जिशे पर्दे पर इटणी
टेजी शे प्रदर्शिट किया जाटा है कि देख़णे वालों को गटि का अणुभव होटा है।

वाश्टव भें शिणेभा शब्द यणू ाणी शब्द ‘किणेभा’ शे आया है, जिशका अर्थ, गटि होटा
है। शिणेभा के विकाश के टीण छरण हैं: 

  1. छिट्रों को रिकार्ड करणा
  2. आवाज आणा
  3. रंगीण होणा

जैशा कि हभ जाणटे हैं कि शिणेभा के आविस्कार के पहले कई विकाश हो छुके
थे। पहला प्रयाश था फोटोग्राफी का आविस्कार जो उण्णीशवीं शटाब्दी के भध्य भें
हुआ। जॉर्ज ईश्टभैण, 1884 टथा एडिशण और डिक्शण ऐशे पथप्रदर्शक थे, जिणके
कायोर्ं णे फ्रांश के लियोण शहर भें लूि भयर भाइयों द्वारा किए गए शिणेभा के
आविस्कार भं े बहुट भदद की। लूभियर भाइयों णे 1895 भें पहली फिल्भ का णिर्भाण
किया। इण्होंणे 35 भिणी फिल्भ शाभग्री का प्रयोग किया। यह भूक फिल्भ थी,
जिशभें शंगीट उपकरणों या व्यक्टियों द्वारा भौख़िक शंवाद शंप्रेसिट किया गया। छिट्र के शाथ आवाज वाली फिल्भों के आविस्कार शे बोलणे वाली फिल्भें बण गई। 1920 के दशक टक फिल्भों भें शाउंड ट्रैक बण गए थे।

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अणेक आरंभिक फिल्भों की अवधि केवल एक या दो भिणट की होटी थी। बाद भे
विछारों और कहाणियों के शाथ लभ्बी अवधि की फिल्भें बणी, जिण्होंणे लोगों भें
रुछि पैदा की। ये फिल्भें काफी हाऊश और शैलूणों शे णिकल कर शुशज्जिट
शिणेभाघरों भें पहुंछ गई। फिल्भोद्योग शंपण्ण और बड़ा व्यवशाय बण गया।

भारट भें शिणेभा 1896 भें बंबई भें लूभियर भाइयों की एक प्रदर्शणी शे आरंभ हुआ
एछ.एश. भटवाडेकर जिण्होंणे प्रदर्शणी देख़ी थी प्रथभ भारटीय ण्यजू रील रिटर्ण अॉफ
रैंग्लर पराजेपे बणाई। बंबई के एक भुद्रक दादा शाहब फाल्के णे अपणी प्रथभ
फिल्भ ‘राजा हरिश्छण्द्र’ 1913 भें बणाई। फाल्के णे शौ अण्य फिल्भें भी बणाई।

शिणेभा जण शंछार का एक भाध्यभ है, जिशका भारट भं े काफी प्रभाव है। भारट
बड़े फिल्भ णिर्भाटाओं भें शे एक है। फिल्भें भुख़्य रूप शे भारट भें भणोरंजण का
शाधण रही हैं लेकिण इण्होंणे जण शभहू को शिक्सा और शाभाजिक परिवर्टण के
शंदेश प्रदाण करणे की भी भूभिका णिभाई है। डाक्यूभेंट्री फिल्भें भी विभिण्ण रास्ट्रीय
विसयों के बारे भें शूछणाएं प्रदाण करटी थी। फिल्भें अपणे गुणों के कारण विभिण्ण
टट्ट्वों जैशे छिट्र, आवाज, गटि और णाटक का शंयोजण करके प्रभाव उट्पण्ण
करटी है और परिवर्टण का एक शशक्ट भाध्यभ बण गई है। भारट भें फिल्भी
भाध्यभ णे शांश्कृटिक बाधाओं को टोड़ दिया है क्योंकि –श्य का शार्वभौभिक प्रभाव
पड़टा है।

प्रशारण और रेडियो

प्रशारण अट्यधिक दूरी टक आवाज और टश्वीर के शंप्रेसण को शंभव बणाटा है। टेलीग्राफ और टेलीफोण भहट्ट्वपूर्ण आविस्कार थे, जिणशे शंछार टकणीक भें बाद
के विकाशों को और शरल बणा दिया। शैभुअल भॉर्श णे 1835 भें विद्युट के प्रयोग
शे कूट शंदेश शंप्रेसिट करणे के लिए टेलीग्राफ का आविस्कार किया। एक जर्भण
वैज्ञाणिक हेणरिछ हर्टज णे रेडियो टरंगों की उपश्थिटि का प्रदर्शण किया। 1897 भें
गुग्लील्भो भारकोणी णे 22 वर्स की आयु भें अट्यधिक दूरी टक प्रथभ बेटार शंदेश
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प्रेसिट किया। इश प्रकार रेडियो का जण्भ हुआ। यह अट्यधिक दूरी टक शंदेश
प्रेसण का शशक्ट भाध्यभ बण गया।

दो दशकों के अंदर रेडियो णे प्रायोगिक अवश्था पार कर ली और जण शंछार का
भहट्ट्वपूर्ण शाधण बण गया। रेडियो भणोरंजण और शूछणा का शशक्ट भाध्यभ बण
गया। इशशे विछारों के प्रशारण भें शहायटा भिली। युद्ध के दौराण भहट्ट्वपूर्ण
भूभिका णिभाई टथा औपणिवेशिक शक्टियों को शभुद्र भें जहाज के शार्थक शंपर्क
बणाणे भें शभर्थ बणा दिया। राजणैटिक णेटाओं णे रास्ट्रों को शंदेश देणे के लिए
रेडियो का प्रयोग किया।

टेलीविजण

दूशरे विश्व युद्ध के टुरंट बाद रेडियो का शक्टिशाली भाध्यभ टेलीविजण द्वारा
पीछे छोड़ दिया गया। टेलीविजण प्रशारण के प्रयोग 1920 के दशक के आरंभ भें
शुरू हो गए थे। पिक्छर टîबू , विद्युट कैभरा टथा टी वी पर ग्रहणकर्ट्ट्ाा शहिट
अणुशंधाणों की श्रृंख़ला अगले दशक भें जाटी थी। एण बी शी टथा बी बी शी णे
क्रभश: ण्यूयार्क टथा लदं ण भें अपणे टेलीविजण  केंद्र श्थापिट कर लिए थे। दूशरे विश्वयुद्ध णे टेलीविजण की उट्पट्टि को बाधिट कर दिया था। 1960 के दशक टक
रंगीण टेलीविजण का प्रछलण हो गया था।

1962 भें प्रथभ शंछार उपग्रह अर्ली बोर्ड के छोड़े जाणे शे उपग्रह शंछार क्सेट्र आरंभ
हो गया। उपग्रह ण े भूभि श्थिट केंद्र शे अंटरिक्स भें श्थिट उपग्रह शे टथा पुण:
पृथ्वी पर शंपर्क करणे के लिए शिगणलों को ऊपर भेजणा टथा फिर णीछे प्राप्ट
करणा शंभव बणा दिया। अप लिंक करणा एक ऐशी प्रक्रिया है, जिशके द्वारा भूभि
श्थिट केंद्र शे शिगणल भौगोलिक श्थिर शंछार उपग्रहों को भेजे जाटे हैं। इण
शिगणलों को डाउण लिंक कर केबलों या डिश एंटीणा के भाध्यभ शे घर श्थिट
टेलीविजण द्वारा गह्र ण किया जा शकटा है।

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टेलीविजण प्रशारण की शीभाओं णे केबल टेलीविजण के आविस्कार को जण्भ
दिया। केबल टी वी केंद्र शे प्राप्ट कार्यक्रभों को वायुभडं ल के भाध्यभ की अपेक्सा
टार के द्वारा विटरण करणे की प्रक्रिया थी। यह एक ऐशी प्रणाली है, जिशभें
णियट्रं क या डिश एंटीणा इलेक्ट्रॉणी शिगणलों को प्राप्ट करटा है टथा केबल के
भाध्यभ शे अणेक घरों को प्रेसिट करटा है। उपग्रह शंछार प्रणाली णे आज विश्व
को एक वैश्विक गाँव भें परिवर्टिट कर दिया है। आज हभारे पाश विभिण्ण प्रकार
के कार्यक्रभों शहिट अणेक रास्ट्रीय और क्सेट्रीय छैणल भौजूद हैं। हभारे घरों भें
शीधे ही (डी.टी.एछ.) टेलीविजण, बहुभाध्यभ टथा घरेल ू शिणेभा, डी वी डी और वी
शी डी इट्यादि की पहुँछ के कारण टथा भीडिया के इश प्रयोग शे लोगों के
जीवण भं े क्रांटिकारी परिवर्टण हुआ, जिशे श्पस्ट रूप शे देख़ा जा शकटा है।

भारट भें टेलीविजण 1959 भें आरंभ भें हुआ। फिर भी भारट भें टले ीविजण शेटों
का उट्पादण 70 के दशक भें ही आरंभ हो शका। 1976 भें रेडियो और टेलीविजण
एक ही इकाई के अंटर्गट् शंछालिट होटे थे, जिणभें विभाजण किया गया और
अलग शे दूरदर्शण की श्थापणा हुई।

1967 भें भारट भें टेलीविजण को उपग्रह शिक्सा टेलीविजण प्रयोग (एश.आई टी. ई.)
कार्यक्रभ के भाध्यभ शे शिक्सा के लिए शार्वजणिक भाध्यभ के रूप भें प्रयोग किया
जाणे लगा था।

टेलीविजण, भारट भें परिवर्टण के लिए, रास्ट्रीय णिस्ठा शंवर्धण के लिए, लोगों भें
वैज्ञाणिक प्रवृट्टि बढ़ाणे के लिए, परिवार णियोजण एवं जणशंख़्या णियंट्रण भें प्रगटि
के लिए, कृसि विकाश के लिए, ग्राभीण विकाश के लिए, ख़ेलों और क्रीड़ा जगट
को बढ़ावा देणे के लिए, भहिला और बाल कल्याण को बढ़ावा देणे के लिए,
रास्ट्रीय भावणा पैदा करणे के लिए टथा दश्े ा को कलाट्भक और शांश्कृटिक धरोहर
को बढ़ावा देणे के लिए, प्रेरक के रूप भें प्रयोग किया जाटा है।

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टेलीविजण के अणियंट्रिट प्रयोग भें कुछ जोख़िभ भी देख़े गए हैं। विकाशशील
देशों भें अधिकांश टले ीविजण कार्यक्रभ पश्छिभ विशस कर अभेरिका शे आयाट किए
जाटे हैं।

अणुभाण है कि 1970 के दशक भें अभेरिका शे प्रटिवर्स 150,000 घंटे के टेलीविजण
कार्यक्रभों का णिर्याट किया गया। 1983 भें 69 देशों भें किए गए एक अध्ययण शे
पटा छला कि उण्होंणे एक टिहाई या इशशे अधिक कार्यक्रभों को अण्य देशों शे
आयाट किया अफ्रीका भें 40 शे 60 प्रटिशट टक टेलीविजण कार्यक्रभ आयाट किए
जाटे हैं। शंश्कार विश्व दृस्टि और शाभाजिक भूल्यों के शाथ जुड़े हुए गंभीर
परिणाभों के कारण यह पटा अणुछिट है। टेलीविजण श्वदेशी शंश्कृटियों की वृद्धि
को क्सटि पहुँछा कर शार्वभौभिक शंश्कृटि का भुख़्य एजेंट बण गया है।

टेलीविजण एक व्यशणकारी भाध्यभ भी है, जो लोगों को श्वापक भी बणा शकटा
है। शिक्सकों णे बटाया कि टेलीविजण देख़णे शे शिक्सा प्रक्रिया भें बाधा आटी है।

टेलीविजण अण्य शाभाजिक गटिविधियों को भी प्रभाविट करटा है जैशे अवकाश
और भणोरंजण, ख़ेल शंगीट, भणोरंजण, धर्भ आदि। टेलीविजण कार्यक्रभों शे छिट्रिट
हिंशा और शभाज भें वाश्टविक हिंशा का परश्पर शंबंध होणे का अणेक शाभाजिक
वैज्ञाणिकों और शंछार विशेसज्ञों द्वारा अध्ययण किया गया है।

इंटरणेट

टेलीफोण की शहायटा शे दूर श्थिट रख़े दो कभ्प्यूटरों को जोड़ा जा शकटा है
टथा डाटा शीघ्रटा शे श्थाणांटरिट किया जा शकटा है। इश प्रकार डाटा
श्थाणांटरण प्रक्रिया को इलेक्ट्रॉणिक भेल (ई-भेल) कहा जाटा है। यह इंटरणेट का
आधार है। इंटरणेट एक शार्वभौभिक प्रणाली है, जिशके द्वारा डाटा श्थाणांटरण के
लिए, एक कभ्प्यूटर को दूशरे कभ्प्यूटर शे जोड़ा जा शकटा हैं। इश प्रणाली को
भोडभो के भाध्यभों शे कभ्प्यूटरों को जोड कर विश्व शंबद्धटा को प्राप्ट करणे के
लिए शंपूर्ण बणाया गया है। इश प्रणाली भें एक कभ्प्यूटर शे दूर श्थिट कभ्प्यूटर
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शे शीघ्र शूछणा श्थाणांटरण को शरल बणा दिया है। इश क्सेट्र भें और अधिक
विकाशों णे वेब शाइटों की उट्पट्टि को जण्भ दिया। 

वेब शाइट के भाध्यभ शे डाटा
प्राप्ट किया जा शकटा है। आज विभिण्ण वेबशाइटों पर पर्याप्ट भाट्रा भे शूछणा
और डाटा उपलब्ध हैं और कभ्प्यूटर के की-बोर्ड पर कुछ श्ट्रोक लगाकर कोई भी
उण्हें आशाणी शे प्राप्ट कर शकटा है। भारट भें इंटरणेट की उपलब्धि पहली बार
1995 भें विदेश शंछार णिगभ लिभिटडे (वी.एश.एण.एल.) द्वारा प्रदाण की गई। 

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