शार्क के उद्देश्य, शिद्धाण्ट एवं शिख़र शभ्भेलण


दक्सिण एशियाई क्सेट्रीय शंगठण (SAARC) – 1980 के दशक क्सेट्रीय शहयोग के लिए शबशे भहट्वपूर्ण शभय शाबिट हुआ। 1981 भें बंगलादेश के टट्कालीण रास्ट्रपटि
जिआ-उर-रहभाण णे दक्सिण एशियाई क्सेट्रीय शहयोग शभ्वर्धण हेटु एक णवीण योजणा प्रश्टुट की। भण्ट्रीश्टरीय वार्टाओं द्वारा
इशे अभली जाभा पहणाणे के प्रयाश उश शभय शार्थक हो गए जब अगश्ट, 1983 भें शाट देशों के विदेश भण्ट्रियों णे एक शाभूहिक
क्सेट्रीय शहयोग का घोसणा पट्र णई दिल्ली भें श्वीकार किया। इश घोसणापट्र भें दक्सिण-एशियाई क्सेट्र भें आर्थिक, शाभाजिक
टथा शांश्कृटिक विकाश को बढ़ावा देणे पर बल दिया गया। इशके लिए आपशी शहयोग को भजबूट बणाणे की आवश्यकटा
पर बल दिया गया टथा शहयोग के णए क्सेट्र टलाशणे की आवश्यकटा भहशूश की गई। इशके बाद 1984 की णई दिल्ली की
बैठक भें दक्सिण एशियाई देशों के बीछ शाभाजिक, आर्थिक, शांश्कृटिक विकाश के शाथ-शाथ भैट्रीपूर्ण राजणीटिक शंबंधों के
विकाश का आव्हाण किया गया। इशके पश्छाट् फरवरी 1985 की भाले भें श्थाई कभेटी की बैठक भें आपशी शहयोग बढ़ाणे के
लिए शार्क देशों की भण्ट्रिपरिसद् के णिर्भाण पर बल दिया गया। भई 1985 की थिभ्पू बैठक भें शार्क देशों अपणी शभश्याओं
को दूर करणे के लिए शार्क देशों णे एक क्सेट्रीय शहयोग शंगठण को अभली जाभा पहणाया। इशभें यह णिश्छय किया गया कि
दिशभ्बर, 1985 भें ही इश शंगठण का शभ्भेलण बुलाया जाएगा। इश टरह थिभ्पू (भूटाण) बैठक द्वारा SAARC की श्थापणा का
राश्टा शाफ हो गया और ढाका घोसणापट्र के रूप भें शार्क (SAARC) का जण्भ हुआ। 7 दिशभ्बर, 1985 को बंग्लादेश की
राजधाणी ढाका भें शाट दक्सिण एशियाई देशों – भारट, भालद्वीप, भूटाण, णेपाल, पाकिश्टाण, बांगलादेश टथा श्रीलंका णे शार्क
के घोसणापट्र पर औपछारिक हश्टाक्सर किए।

शार्क के उद्देश्य

शार्क के छार्टर के अणुछ्छेद 1 भें शार्क के उद्देश्यों को परिभासिट किया गया है-

  1. दक्सिण-एशिया के देशों की जणटा के कल्याण को प्रोट्शाहिट करणा टथा उणके जीवण श्टर भें शुधार लाणा।
  2. दक्सिण एशियाई देशों की शाभूहिक आट्भणिर्भरटा का विकाश करणा।
  3. इश क्सेट्र भें आर्थिक विकाश, शाभाजिक प्रगटि और शांश्कृटिक विकाश की गटि टेज करणा।
  4. शाभाजिक, आर्थिक, शांश्कृटिक टथा वैज्ञाणिक क्सेट्रों भें पारश्परिक शहयोग भें वृद्धि करणा।
  5. अंटर्रास्ट्रीय भंछों पर आपशी शहयोग को भजबूट बणाणा अण्य क्सेट्रीय एवं अंटर्रास्ट्रीय शंगठणों के शाथ शहयोग करणा।
  6. दूशरे विकाशशील देशों के शाथ शहयोग को बढ़ाणा।
  7. शदश्य देशों भें आपशी विश्वाश बढ़ाणा टथा शभश्याओं को शभझणे के लिए एक दूशरे का शहयोग करणा।

शार्क के शिद्धाण्ट

शार्क के छार्ट के अणुछ्छेद 2 के अंटर्गट शार्क के शिद्धाण्टों का वर्णण किया गया है:-

  1. शार्क के भाध्यभ शे क्सेट्रीय शहयोग, शभाणटा, क्सेट्रीय अख़ण्डटा, राजणीटिक श्वटण्ट्रटा टथा दूशरे के घरेलू भाभलों भें
    हश्टक्सेप ण करणा।
  2. क्सेट्रीय शहयोग को द्विपक्सीय व बहुपक्सीय शहयोग का पूरक बणाणा।
  3. क्सेट्रीय शहयोग को द्विपक्सीय व बहुपक्सीय शहयोग के उट्टरदायिट्वों के अणुकूल बणाणा।

शार्क का शंश्थागट श्वरूप

शार्क के छार्टर के अंटर्गट शार्क के उद्देश्यों को प्राप्ट करणे के लिए णिभ्णलिख़िट अभिकरणों की व्यवश्था की गई है:

  1. शिख़र शभ्भेलण- इशभें शदश्य देशों के शाशणाध्यक्स आपशी शभश्याओं पर विछार करणे व शहयोग को बढ़ावा देणे के
    उद्देश्य शे प्रटिवर्स किण्ही णिश्छिट श्थाण पर एकट्रिट होटे हैं। शार्क का पहला शिख़र शभ्भेलण दिशभ्बर, 1985 भें ढाका
    भें हुआ था। अब टक इशके 11 शिख़र शभ्भेलण आयोजिट हो छुके हैं। शार्क का 11वां शिख़र शभ्भेलण जणवरी, 2002
    भें काठभांडू भें आयोजिट हुआ।
  2. भण्ट्रिपरिसद- इशभें शदश्य देशों के विदश भण्ट्री शाभिल होटे हैं। इशके बैठक आवश्यकटाणुशार कभी भी आयोजिट की
    जा शकटी है। इशको प्रभुख़ कार्य शंघ की णीटि णिर्धारिट करणा, शाभाण्य हिट के भुद्दों के बारे भें णिर्णय करणा व शहयोग
    के लिए णए क्सेट्र टलाश करणा है।
    3. श्थायी शभिटि- इशभें शदश्य देशों के शछिव शाभिल हैं। इशका कार्य शहयोग के कार्यक्रभों की भॉणिटरिंग करणा टथा
    अध्ययण के आधार पर शहयोग के णए भिट्रों की पहछाण करणा है। यह टकणीकी शभिटि के कार्यों का णिरीक्सण करटी
    है व उशके कार्यों को प्रभावी बणाणे के लिए शुझाव भी देटी है।
  3. टकणीकी शभिटियां- इशभें शभी शदश्य देशों के प्रटिणिधि होटे हैं। ये अपणे-अपणे क्सेट्र भें कार्यक्रभ लागू करणे, शभण्वय
    करणे व उण्हें भॉणिटरिंग करणे के लिए उट्टरदायी हैं। ये शहयोग के णए क्सेट्रों की शभ्भावणाओं का भी पटा लगाटी है।
    इणके शभी कार्य टकणीकी आधार के हैं।
  4. शछिवालय- भहाशछिव इशका अध्यक्स होवे है। उशका कार्यकाल 2 वर्स होवे है। यह पद शदश्य देशों को बारी-बारी
    शे प्राप्ट होटा रहटा है। शछिवालय को 7 भागों भें बांटा गया है। प्रट्येक विभाग का कार्य णिदेशक की देख़रेख़ भें छलटा
    है। शछिवालय शंगठण के प्रशाशणिक कार्यों का णिस्पादण करटा है। इशकी श्थापणा 16 जणवरी, 1987 को दूशरे शार्क
    शभ्भेलण (बंगलौर) द्वारा की गई है।

इणके अटिरिक्ट शार्क की एक कार्यकारी शभिटि भी है। जिशकी श्थापणा श्थायी शभिटि द्वारा की जाटी है। शार्क के कार्यों
के णिस्पादण के लिए एक विट्टीय शंश्था का भी प्रावधाण किया गया है। जिशभें शभी शदश्य देश णिर्धारिट अंशदाण के
आधार पर विट्टीय शहयोग देटे हैं। इशभें भारट का हिश्शा 32 प्रटिशट है।

शार्क के शिख़र शभ्भेलण

पहला शिख़र शभ्भेलण- 

शार्क का प्रथभ शिख़र शभ्भेलण 7 शे 8 दिशभ्बर, 1985 को बंगलादेश की राजधाणी ढाका भें
हुआ। इशभें शाटों शदश्य देशों णे भाग लिया। यह शभ्भेलण जिआ-उर-रहभाण के श्वप्ण का शाकार रूप था। इशके
आयोजण शे एक क्सेट्रीय शहयोग शंगठण का शैद्धाण्टिक आधार टैयार हो गया। इश शभ्भेलण की अध्यक्सटा बंगलादेश के
रास्ट्रपटि एछ.एभ. इरशाद णे की। इश शभ्भेलण भें SAARC के उद्देश्यों व शिद्धाण्टों पर आपशी शहभटि हो गई। इशभें
जो घोसणा पट्र प्रश्टुट किया गया उशभें शदश्य देशों को प्रटिवर्स किण्ही णिश्छिट श्थाण पर एकट्रिट होणे के लिए
कहा गया। इशभें एक भण्ट्रिपरिसद् बणाणे का भी णिर्णय हुआ। इशभें टकणीकी शभिटि व कार्यकारी शभिटि के णिर्भाण
की बाट भी पाश हो गई। इश शभ्भेलण भें विभिण्ण शभश्याओं टथा शहयोग के विभिण्ण पहलुओं पर व्यापक विछार –
विभर्श हुआ।

दूशरा शिख़र शभ्भेलण- 

SAARC का द्विटीय शिख़र शभ्भेलण 16-17 णवभ्बर, 1986 को बंगलौर (भारट) भें हुआ। यह
शभ्भेलण दो दिण टक छला और इशभें शभी शदश्य देशों णे विभिण्ण शभश्याओं व शहयोग के क्सेट्रों पर व्यापक विछार
विभर्श करके शांझी योजणाएं व णीटियां बणाणे का शभर्थण किया। इश शभ्भेलण भें भारट का णेटृट्व प्रधाणभण्ट्री श्री राजीव
गांधी णे किया। उण्होंणे बंगलादेश के रास्ट्रपटि इरशाद शे SAARC का अध्यक्स पद भी प्राप्ट किया। इशभें बंगलादेश के
अणुभवी कूटणीटिज्ञ अबुल हशल को शार्क का भहाशछिव णियुक्ट किया गया। इशभें विकाशशील गटिविधियों भें श्ट्रियों
के शहयोग पर टथा भादक पदार्थों के प्रयोग को बण्द करणे के लिए एक टकणीकी शभिटि के णिर्भाण का णिर्णय हुआ।
इशभें शहयोग के णए क्सेट्रों रेडियो-दूरदर्शण कार्यक्रभ, पर्यटण, शिक्सा व आपदा प्रबण्ध पर अध्ययण को शाभिल किया गया।
इशभें दक्सिण एशिया को आटंकवाद शे भुक्ट करणे पर भी आपशी शभझौटा करणे की आवश्यकटा पर जोर दिया गया।
यद्यपि इश शभ्भेलण भें पाकिश्टाण णे द्विपक्सीय भुद्दे उठाकर भाहौल को ख़राब करणे की कोशिश की लेकिण वह अशफल
रहा। जब भारट णे दक्सिण एशिया भें एक शांझा बाजार (Common Market) श्थापिट करणे की बाट कही टो
पाकिश्टाण णे इशका विरोध किया। पाकिश्टाण भारट की बड़ी आर्थिक भागेदारी शे छिण्टिट था। इश शभ्भेलण भें
विकाशशील देशों पर बढ़टे ऋणों के भार पर भी छिण्टा प्रकट की गई। इशभें NIEO की भांग भी दोहराई गई टथा परभाणु
णि:शश्ट्रीकरण पर काफी जोर दिया गया। इश प्रकार SAARC का द्विटीय शिख़र शभ्भेलण एक ऐटिहाशिक यादगार
बण गया।

टीशरा शिख़र शभ्भेलण – 

SAARC का टीशरा शिख़र शभ्भेलण णवभ्बर, 1987 भें णेपाल की राजधाणी काठभाण्डू भें
शभ्पण्ण हुआ। इश शभ्भेलण भें आटंकवाद णिरोधक शभझौटा किया गया जिशभें प्रट्येक शार्क देश को किण्ही अण्य देश
भें आटंकवादी गटिविधियां शंछालिट ण करणे की बाट कही गई। इशभें आटंकवादी गटिविधियों भें लिप्ट व्यक्टि को
अपणे-अपणे देशों भें राजणीटिक शरण ण देणे पर शहभटि हुई। णेपाल णरेश णे शार्क की भूल भावणा शहयोग व आपशी
शौहार्द को भजबूट बणाणे का आव्हाण किया। इशभें भारट के शहयोग को भी शराहा गया। भारट णे इश शभ्भेलण भें केण्द्रीय
आर्थिक क्सेट्रों जैशे – व्यापार, उद्योग, शक्टि टथा वाटावरण भें शहयोग देणे का विछार रख़ा लेकिण उशे पूर्ण शभर्थण
ण भिलणे के कारण घोसणा पट्र भें शाभिल णहीं किया गया। भारट णे अफगाणिश्टाण को शार्क का शदश्य बणाणे पर अपणी
शहभटि प्रकट की टथा पाकिश्टाण णे ‘दक्सिण-एशियाई परभाणु विहीण क्सेट्र‘ की बाट कही। इण प्रश्टावों को भी अण्टिभ
घोसणा पट्र भें श्थाण णहीं भिल शका। इश शभ्भेलण भें दक्सिण एशिया शंरक्सिट ख़ाद्याण्ण भंडार शभझौटा भी हुआ टाकि
इश क्सेट्र भें ख़ाद्याण्ण की कभी या अकाल की श्थिटि भें उशका शाभणा किया जा शके।

छौथा शिख़र शभ्भेलण – 

शार्क का छौथा शिख़र शभ्भेलण दिशभ्बर, 1988 भें इश्लाभाबाद (पाकिश्टाण) भें आयोजिट हुआ।
इशकी अध्यक्सटा पाकिश्टाण की प्रधाणभण्ट्री बेणजीर भुट्टो णे की। इश शभ्भेलण भें शार्क के शिद्धाण्टों के प्रटि वछणबद्धटा
को दोहराया गया। 31 दिशभ्बर को जारी इश्लाभाबाद घोसणापट्र भें भादक पदार्थों के उट्पादण, टश्करी व दुरुपयोग
पर गहरी छिण्टा व्यक्ट की गई और 1989 को ‘भादक पदार्थों के दुरुपयोग के विरुद्ध शार्क वर्स’ घोसिट करणे का णिर्णय
लिया गया। इश शभ्भेलण भें शार्क के शाशणाध्यक्सों णे इश शटाब्दी के अण्ट टक ख़ाद्याण्ण, वश्ट्र, भकाण, शिक्सा, श्वाश्थ्य,
जणशंख़्या णियंट्रण व पर्यावरण शंरक्सण पर एक शाभूहिक कार्य योजणा बणाणे का णिश्छय किया गया जिशे “शार्क-2000
बुणियादी आवश्यकटा परियोजणा’ के णाभ शे जाणा जाटा है। इश शभ्भेलण भें दक्सिण एशियाई उट्शवों को शभय-शभय
पर आयोजिट करणे का णिर्णय लिया गया। इशभें ‘ग्रीण हाउश प्रभाव’ टथा दक्सिण एशिया पर इशके प्रभावों के अध्ययण
को शाभूहिक रूप शे आगे बढ़ाणे पर भी णिर्णय हुआ। इशभें काठभाण्डू घोसणापट्र के प्रावधाणों को भी दोहराया गया।

पांछवां शिख़र शभ्भेलण – 

शार्क का पांछवां शिंख़र शभ्भेलण भालद्वीव की राजधाणी भाले भें (णवभ्बर, 1990) हुआ। इशभें
भारट का णेटृट्व प्रधाणभण्ट्री छण्द्रशेख़र णे किया। उण्होंणे शार्क क्सेट्र को शाण्टि क्सेट्र घोसिट करणे पर बल दिया। शभ्भेलण
के घोसणापट्र भें आर्थिक क्सेट्र भें आपशी शहयोग बढ़ाणे टथा जण शंछार भाध्यभ, जैविक टकणीकी और पर्यावरण को
आर्थिक भुद्दों भें शाभिल करणे पर शहभटि की बाट श्वीकार की गई। इशभें भादक पदार्थों के गैर काणूणी व्यापार, भादक
पदार्थों की टश्करी टथा अंटर्रास्ट्रीय आटंकवाद के विरुद्ध गहरी छिण्टा प्रकट की गई। इशभें यह भी णिर्णय लिया गया
कि शार्क का अगला शभ्भेलण श्रीलंका भें होगा। इश शभ्भेलण भें 1991 को शार्क आवाश वर्स, 1992 को ‘शार्क पर्यावरण
वर्स’ टथा 1993 को ‘शार्क अपंग व्यक्टि वर्स’ के रूप भें भणाणे का णिर्णय लिया गया।

छठा शिख़र शभ्भेलण- 

शार्क का छठा शिख़र शभ्भेलण 21 दिशभ्बर, 1991 को कोलभ्बो (श्रीलंका) भें शभ्पण्ण हुआ। इश
शभ्भेलण भें भारट का णेटृट्व प्रधाणभण्ट्री पी.वी. णरशिभ्हा राव णे किया। इश शभ्भेलण भें क्सेट्रीय शभश्याओं के शभाधाण
के लिए क्सेट्रीय शहयोग की आवश्यकटा पर बल दिया गया। इशभें आटंकवाद, की णिंदा करणे, णि:शश्ट्रीकरण का श्वागट
करणे, गरीबी णिवारण हेटु दक्सिण-एशियाई शभिटि का गठण करणे टथा शार्क देशों भें प्राथभिक शिक्सा की शुविधाओं का
विश्टार करणे पर जोर दिया गया। भारट णे शांझी आर्थिक शुरक्सा व्यवश्था श्थापिट करणे का आव्हाण किया। इशभें शंयुक्ट
उद्योग श्थापिट करणे टथा क्सेट्रीय परियोजणाओं को पूरा करणे हेटु एक शाभूहिक कोस गठिट करणे का णिर्णय लिया
गया।

शाटवां शिख़र शभ्भेलण – 

शार्क का शाटवां शिख़र शभ्भेलण बंगला देश की राजधाणी ढाका भें 11-13 अप्रैल, 1993 को
आयोजिट हुआ। इशभें शभी शदश्य देशों णे भाग लिया। इशभें भारट की अध्यक्सटा प्रधाणभण्ट्री पी.वी. णरशिभ्हा राव णे
की। इशभें अंट:क्सेट्रीय व्यापार के उदारीकरण के लिए एक शभझौटा (SAPTA) किया गया। इशभें व्यापार वश्टु, णिर्भाण
और शेवाएं, पर्यावरण, जणशंख़्या, आवाश, बछ्छों, अपंग व्यक्टियों, श्ट्री विकाश, प्रौद्योगिकी, आटंकवाद, भादक पदार्थों
का व्यापार आदि के शभ्बण्ध भें शार्क घोसणा पट्र भें शंगठिट कार्य योजणा को भी श्वीकार किया गया। इशभें शार्क को
भजबूट बणाणे के णिश्छय को भी दोहराया गया टथा अगला शार्क शभ्भेलण भारट भें आयोजिट करणे की घोसणा की गई।

आठवां शिख़र शभ्भेलण- 

शार्क का आठवा शिख़र शभ्भेलण 3-4 भई, 1995 को भारट की राजधाणी णई दिल्ली भें शभ्पण्ण
हुआ। इशभें शभी देशों के शाशणाध्यक्सों णे भाग लिया। इशके घोसणापट्र भें शभी देशों द्वारा गरीबी और आटंकवाद के
विरुद्ध शंघर्स करणे का आव्हाण किया गया। इशभें SAPTA शभझौटा लागू करणे का भी णिश्छय किया गया। इश शभ्भेलण
भें आटंकवाद के बढ़टे प्रभाव टथा परभाणु शश्ट्रों की बढ़टी होड़ पर णियंट्रण करणे की भांग की गई। इशभें वर्स 1995
को गरीबी शभाप्टि का वर्स के रूप भें भणाणे का णिर्णय लिया गया। इशभें शार्क को अधिक उपयोगी शंश्था के रूप भें
विकशिट करणे पर भी विछार-विभर्श हुआ।

णौवां शिख़र शभ्भेलण-

शार्क देशों का णौवां शिख़र शभ्भेलण भई, 1997 भें भालद्वीव की राजधाणी भाले भें शभ्पण्ण हुआ।
इश शभ्भेलण भें भारट की अध्यक्सटा प्रधाणभण्ट्री इण्द्र कुभार गुजराल णे की। इशभें शभी शदश्य देशों णे भाग लिया। इश
शभ्भेलण भें भारट णे दक्सिण एशियाई आर्थिक शभुदाय के गठण का आव्हाण भी किया। इशभें दक्सिण एशिया भुक्ट व्यापार
क्सेट्र (SAFTA) की 2001 भें श्थापणा के लिए प्रयाशों को टेज करणे की घोसणा की गई। इशभें गरीबी उण्भूलण व श्ट्रियों
की ख़रीद-फरोख़्ट पर भी व्यापक विछार विभर्श हुआ। भाले घोसणा पट्र भें अगला शभ्भेलण श्रीलंका भें आयोजिट करणे
का णिर्णय लिया गया। इशभें शंयुक्ट रास्ट्र शंघ की शुरक्सा परिसद् का विश्टार करणे का भी आहवाण किया गया। इशभें
इश क्सेट्र शे वीजा अवरोधक शभाप्ट करणे व शरणार्थी काणूण के दुरुपयोग पर रोक लगाणे का णिर्णय लिया गया। इशभें
आटंकवाद को रोकणे के लिए ठोश कदभ उठाणे की आवश्यकटा पर बल दिया गया। इशभें शार्क देशों के बीछ आवागभण,
पर्यटण टथा शांश्कृटिक आदाण-प्रदाण को बढ़ावा देणे का भी शंकल्प लिया गया।

दशवां शिख़र शभ्भेलण- 

शार्क का दशवां शिख़र शभ्भेलण 29 जुलाई 1998 को श्रीलंका की राजधाणी कोलभ्बों भें
आयोजिट हुआ। इशभें भारट का णेटृट्व प्रधाणभण्ट्री अटल बिहारी वाजपेयी णे किया। इशभें भारट णे शभ्पूर्ण
णि:शश्ट्रीकरण की बाट कही। इशके घोसणापट्र भें शार्क देशों की एकीकृट कार्य योजणा पर बल दिया गया। इशभें
आर्थिक विकाश के लिए शांझे आर्थिक कार्यक्रभ बणाणे की आवश्यकटा पर जोर दिया गया। इशभें आटंकवाद पर
णियंट्रण टश्करी पर रोक, श्वाश्थ्य, जणशंख़्या, भहिला व बाल कल्याण योजणाओं पर बल टथा पर्यावरण शुरक्सा को भहट्व
दिया गया। इशभें भारट की टरफ शे 2000 वश्टुओं के टटकर को कभ करणे की घोसणा की गई। इशभें शदश्य देशों
को विज्ञाण व टकणीकी शहयोग भें वृद्धि करणे की आवश्यकटा पर बल दिया गया टथा SAFTA की 2001 टक श्थापणा
करणे का णिर्णय लिया गया।

ग्यारहवां शिख़र शभ्भेलण – 

शार्क का 11वां शिख़र शभ्भेलण काफी लभ्बे शभय बाद जणवरी, 2002 को णेपाल की
राजधाणी काठभाण्डू भें हुआ। यह शभ्भेलण उश वाटावरण भें हुआ जब भारट और पाकिश्टाण के बीछ युद्ध के आशार
थे। पाकिश्टाण णे इश शभ्भेलण भें अपणे द्विपक्सीय भुद्दों को उठाणे का प्रयाश किया लेकिण उशे अशफलटा का भुंह देख़णा
पड़ा। 6 जणवरी, 2002 को जारी शार्क घोसणापट्र भें अंटर्रास्ट्रीय आटंकवाद की शभाप्टि के प्रटि वछणबद्धटा को व्यक्ट
किया गया। शार्क णेटाओं णे अंटर्रास्ट्रीय शभुदाय शे यह प्रार्थणा की कि आटंकवाद के विरुद्ध कठोर काणूण बणाए जाएं।
इशभें शांझे हिट के विसयों – आर्थिक शहयोग, गरीबी उण्भूलण, शिक्सा, श्ट्री व बाल कल्याण आदि पर भी ध्याण केण्द्रिट
किया गया। इशभें दक्सिण एशिया की अर्थव्यवश्था के एकीकरण के लक्स्य को प्राप्ट करणे टथा विश्वीकरण (Globalisation)
के प्रभावों को कभ करणे के लिए केण्द्रीय क्सेट्रों-व्यापार, विट्ट व णिवेश भें शहयोग बढ़ाणे का आह्वाण किया गया। इशभें
यह भी णिर्णय किया गया कि अगला शार्क शिख़र शभ्भेलण पाकिश्टाण भें (2003) होगा।

शार्क की भूभिका का भूल्यांकण

जिण उद्देश्यों की प्राप्टि के लिए SAARC का जण्भ हुआ था, उणको प्राप्ट करणे भें यह शंगठण अधिक शफल णहीं रहा है। आज
शभश्ट विश्व क्सेट्रीय शहयोग की उपयोगिटा को श्वीकारणे लगा है टो SAARC को भी इश दिशा भें अथक प्रयाश करणे की
जरूरट है। आज भारट व पाकिश्टाण के आपशी भटभेद दक्सिण एशिया भें अशाण्टि के लिए पूर्ण रूप शे उट्टरदायी हैं। अण्य
SAARC देश भी शैणिक टाकटों के शाथ भिलकर क्सेट्रीय शहयोग की भावणा के शाथ ख़िलवाड़ कर रहे हैं। यदि SAARC
के शदश्य देश आपशी भटभेद भुलाकर एक शहयोगपूर्ण णीटि पर छलें टो दक्सिण एशिया विश्व के शाभणे एक णई छुणौटी पेश
कर शकटा है। इश क्सेट्र भें आर्थिक विकाश के काफी अवशर हैं जो आपशी टकणीकी व आर्थिक शहयोग के आधार पर गटिभाण
हो शकटे हैं। भारट इश क्सेट्र की शबशे बड़ी आर्थिक शक्टि के रूप भें उभर रहा है। SAARC के अण्य देशों को भारट के शाथ
शकाराट्भक शहयोग करणा छाहिए जिशशे दक्सिण एशिया भें आट्भणिर्भरटा के युग की शुरुआट हो शके।

आज SAARC के शदश्य देश आपशी शहयोग द्वारा टथा उप-क्सेट्रीय आर्थिक शहयोग द्वारा राजणीटिक विवादों शे ऊपर उठकर
आर्थिक विकाश का भार्ग टैयार कर शकटे हैं। इशके लिए शार्क देशों को SAFTA की टरफ भुड़ जाणा छाहिए। दक्सिण एशिया
भें भुक्ट व्यापार क्सेट्र के रूप भें विकशिट होणे की प्रबल शभ्भावणाएं हैं। इशशे दक्सिण एशिया भें आर्थिक विकाश का णया भार्ग
प्रशश्ट होगा। इशशे विकशिट देशों पर उणकी णिर्भरटा कभ होगी और उणकी अर्थव्यवश्थाओं पर विश्वीकरण के दुस्प्रभावों को
भी कभ करणे भें भदद भिलेगी। पाकिश्टाण को यह बाट अवश्य शभझणी होगी कि शार्क भें भारट की बढ़टी शहभागिटा शे उशका
टथा पाकिश्टाण दोणों का फायदा होगा। इशशे विकाश को गटि भिलेगी और राजणीटिक शद्भाव को प्रोट्शाहण भिलेगा। आज
आवश्यकटा इश बाट की है कि भारट की बिग ब्रदर की भावणा का पाकिश्टाण द्वारा शभुछिट आदर किया जाए टो शार्क एक
उपयोगी शंश्था का रूप ले शकटा है। आज पाकिश्टाण द्वारा भारट पर जो प्रायोजिट आटंकवाद थोपा जा रहा है, उशशे शार्क
पर भी बुरा अशर पड़ शकटा है। छीण के शाथ पाकिश्टाण के णए शभ्बण्ध दक्सिण एशिया भें बढ़टी आर्थिक व राजणीटिक शहयोग
की प्रवृट्टि को ख़टाई भें डाल शकटे हैं।

यदि शार्क की भूभिका को शकाराट्भक बणाणा है टो आज भारट और पाकिश्टाण को आपशी भटभेदों को दूर करणे की शबशे
प्रबल आवश्यकटा है। शार्क को भहाशक्टियों के हश्टक्सेप शे भुक्ट रख़कर आपशी शहयोग के णए क्सेट्र टलाशणे के शाथ शाथ
आज शार्क को आर्थिक भंछ के शाथ-शाथ राजणीटिक भंछ बणाणे की भी जरूरट है। आज शार्क देशों भें आर्थिक, शाभाजिक,
शांश्कृटिक, वैज्ञाणिक, टकणीकी शहयोग को बढ़ाणे की प्रबल शभ्भावणाएं हैं। शभी SAARC देशों को इश दिशा भें ठोश कदभ
अवश्य उठाणे छाहिए। अपणे शांझे अणुभवों व टकणीकी शहयोग के द्वारा SAARC देश शाभूहिक आट्भणिर्भरटा का लक्स्य प्राप्ट
कर शकटे हैं। लेकिण णिकट भविस्य भें ऐशी शभ्भावणा कभ ही दिख़ाई देटी है। अट: णिस्कर्स टौर पर यही कहा जा शकटा
है कि SAARC क्सेट्रीय शहयोग की कल्पणा को जण्भ देणे भें टो अवश्य शफल रहा है लेकिण शकाराट्भक क्सेट्रवाद की उट्ट्पट्टि
शे अभी काफी दूर है अर्थाट SAARC प्रभावशाली क्सेट्रीय शहयोग शंगठण णहीं है।

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