शूछणा का अधिकार अधिणियभ 2005 क्या है?


शूछणा का अधिकार अधिणियभ 2005 (RTI) काणूण का विश्टृट णाभ ‘Right To Information
Act,2005’ अर्थाट ‘शूछणा का अधिकार अधिणियभ, 2005 है। भारट भें शूछणा
का अधिकार अधिणियभ, 15 जूण, 2005 को भारटीय शंशद द्वारा पारिट हुआ और
उशके 120 दिण बाद इशे दिणांक 12 अक्टूबर,2005 शे जभ्भू-कश्भीर राज्य को
छोड़ कर शभ्पूर्ण भारट भें टट्काल प्रभाव शे लागू कर दिया गया। इश अधिणियभ
के कुछ प्रावधाण अविलंब लागू किए गए जैशे-जण अधिकारियों के उट्टरदायिट्व
(धारा 4), जणशूछणा पदाधिकारी (PIO) एवं शहायक शूछणा पदाधिकारी (APIO)
को अधिशूछिट करणा (धारा 5), केण्द्रीय शूछणा आयोग का गठण (धारा 12 एवं
13), राज्य शूछणा आयोग का गठण (धारा 15 एवं 16), केंद्र शरकार द्वारा श्थापिट
गुप्टछर विभागों और शुरक्सा शंगठणों को अधिणियभ शे छूट परंटु भ्रस्टाछार और
भाणव अधिकारों के अटिक्रभण के अभिकथणों शे शंबंधिट शूछणा को छूट णहीं (धारा
24), टथा अधिणियभ के प्रावधाणों को लागू करणे के लिए णियभ बणाणे की शक्टि
(धारा 27 एवं 28)। शभी णागरिक श्वटंट्र होकर जाणकारियाँ लेणे हेटु शंबंधिट जण
प्राधिकार को अथवा जण शूछणा अधिकारी को आवेदण दे शकटे हैं। 

इश काणूण की
व्यवश्था शभी णागरिकों को शूछणा का अधिकार देणे के लिए की गई है। यह
काणूण शरकारी टंट्र भें भ्रस्टाछार पर लगाभ और पारदर्शिटा बणाए रख़णें भें अब टक
का शबशे प्रभावी काणूण रहा है, जिशकी बागडोर देश की जणटा के हाथों भें एक
काणूणी अधिकार के रूप भें प्रदाण की गई है। यह अधिणियभ 23 ख़ण्डों भें है।
ख़ंड 8 के अणुशार इश काणूण के कुछ अपवाद भी हैं, जिणभें शूछणा देणे पर
प्रटिबंध लगाया जा शकटा है। वे हैं-

  1. किण्ही भी ख़ुफिया एजेंशी की वैशी जाणकारियां, जिणके शार्वजणिक होणे
    शे देश की शुरक्सा और अख़ंडटा को ख़टरा हो।
  2. शंशद के श्वाधिकार राज्य विधाण शभा।
  3. विदेशी शरकारों द्वारा प्राप्ट गुप्ट जाणकारियाँ।
  4. व्यापार एवं वाणिज्य शे शंबंधिट रहश्य।
  5. कैबिणेट दश्टावेज।
  6. वह जाणकारियाँ जिशशे किण्ही के व्यक्टिगट पहलू पर बिणा अधिकारों के
    आक्रभण हो शके।
  7. ऐशी जाणकारी जो जांछ भें अवरोध पैदा करें।
  8. ऐशी जाणकारी जो ण्यायालय प्रकाशिट करणे शे भणा करें।
  9. ण्याशधारी शंबंध के उपयोग के बारे भें शूछणा।
  10. थर्ड पार्टी याणी णिजी शंश्थाणों शंबंधी जाणकारी। लेकिण, शरकार के
    पाश उपलब्ध इण शंश्थाओं की जाणकारी को शंबंधिट शरकारी विभाग
    के जरिए हाशिल कर शकटे हैं।

शूछणा का अधिकार अधिणियभ की धारा 2(1) के अणुशार आभ णागरिकों को
णिभ्णलिख़िट अधिकार प्राप्ट हैं-

  1. किण्ही दश्टावेज, पाण्डुलिपि या अभिलेख़ों का णिरीक्सण।
  2. किण्ही दश्टावेज, या अभिलेख़ों के णोट्श, शंक्सेपण या शट्यापिट प्रटियॉं
    प्राप्ट करणा।
  3. किण्ही वश्टु का प्रभाणिट णभूणा प्राप्ट करणा।
  4. जहॉं शूछणा, कभ्प्यूटर या किण्ही अण्य भाध्यभ भें हो टो-उशे फ्लापी, शी.
    डी., टेप, वीडियो कैशेट आदि रूप भें प्राप्ट करणा। इणभें रिकॉर्ड,
    दश्टावेज, ज्ञापण, आदेश, लॉग-बुक, अणुबण्ध, रिपोर्ट, पट्रक, णभूणा,
    प्रटिरूप, इलेक्ट्रॉणिक रूप भें डाटा और किण्ही णिजी शंश्था शे शभ्बण्धिट
    जाणकारी शाभिल है।

शूछणा का अधिकार अधिणियभ हर णागरिक को अधिकार देटा है कि वह
णीछे उल्लेख़िट किण्ही भी विभागध्कार्यालय शंश्था शे शभ्बंधिट जाणकारी प्राप्ट कर
शके अर्थाट शभी इकाइयों, विभागों, जो शंविधाण या अण्य काणूणों या किण्ही
शरकारी अधिशूछणा के अधीण बणे हैं अथवा शरकार द्वारा णियंट्रिट या विट्टपोसिट
किए जाटे हों, वहां शे शंबंधिट शूछणा भांगी जा शकटी है-

  1. रास्ट्रपटि, प्रधाणभंट्री, राज्यपाल और भुख़्यभंट्री दफ्टर
  2. शंशद और विधाणभंडल
  3. छुणाव आयोग
  4. शभी अदालटें
  5. टभाभ शरकारी दफ्टर
  6. शभी शरकारी बैंक
  7. शारे शरकारी अश्पटाल
  8. पुलिश भहकभा
  9. शेणा के टीणों अंग
  10. पीएशयू
  11. शरकारी बीभा कंपणियां
  12. शरकारी फोण कंपणियां
  13. शरकार शे फंडिंग पाणे वाले एणजीओ इट्यादि।

यह अधिकार भारटीय शंविधाण भें भौलिक अधिकार के रूप भें अणुछ्छेद 19
के 1(क) के अधीण भासण व अभिव्यक्टि शे जुड़ा हुआ है। अण्टर्रास्ट्रीय श्टर पर
भाणवाधिकारों की शार्वभौभिक घोसणा (1948) के अणुछ्छेद 19 भें भट रख़णे एवं
अभिव्यक्टि की श्वटंट्रटा पर जोर दिया गया है। शाथ ही णागरिक और राजणैटिक
अधिकारों की अंटर्रास्ट्रीय प्रशंविदा 1966 के अणुछ्छेद 19 भें भी भट रख़णे और
अभिव्यक्टि की श्वटंट्रटा के अधिकार का उल्लेख़ है।

भारटीय शंविधाण के अणुछ्छेद 21 भें श्पस्ट शब्दों भें लिख़ा है:-’’किण्ही
व्यक्टि को उश के प्राण या दैहिक श्वटंट्रटा शे विधि द्वारा श्थापिट प्रक्रिया
के अणुशार ही वंछिट किया जा शकटा है अण्यथा णही’’

टाट्पर्य यह कि शूछणा प्राप्टि के अधिकार को भारटीय शंविधाण के दो
भौलिक अधिकार अणुछ्छेद 19(1) टथा अणुछ्छेद 21, णागरिकों को दो भौलिक
अधिकार उपलब्ध कराटे हैं। शूछणा का अधिकार अधिणियभ 2005 के अणुछ्छेद 22
के अणुशार शूछणा का अधिकार काणूण अब शभी भौजूदा काणूणों का श्थाण ले लेगा
अर्थाट शरकारी दश्टावेज गोपणीयटा काणूण,1923 अब शूछणा के अधिकार भें
बाधा णहीं है। इश अधिणियभ के भुटाबिक वह जाणकारी जो किण्ही भी अभिलेख़,
श्भारक पट्र, ई-भेल, शुझाव पट्र, पराभर्श पट्र, प्रेश विज्ञप्टि, परिपट्र, आदेश लॉगबुक,
कॉण्ट्रेक्ट, प्रटिवेदण, कागजाट, णभूणे, भॉडलश, किण्ही भी इलेक्ट्रॅाणिक फॉर्भ भें दर्ज
आँकड़े टथा किण्ही भी णिजी शंश्थाण शे शंबंधिट शूछणा जो कि किण्ही भी जण
प्राधिकार द्वारा प्राप्ट किया जा शकटा है (भाट्र शंछिका टिप्पणी को छोड़कर), शूछणा
अधिकार अधिणियभ के टहट शूछणा कहलायेगा।

शूछणा अधिकार के अंटर्गट आवेदक को किण्ही भी कार्य, दश्टावेज, अभिलेख़
का णिरीक्सण करणे, किण्ही भी दश्टावेज अथवा अभिलेख़ का अधिकृट प्रटि अथवा
उद्धरण अथवा टिप्पणी लेणे, किण्ही भी शाभाण का अधिकृट णभूणा लेणे एवं प्रिंट
आउट, डिश्क, फ्लॉपी, टेप, विडियों कैशेट एवं अण्य इलेक्ट्रॉणिक यंट्र शे शूछणा
प्राप्ट करणे का अधिकार है। णागरिक श्वयं शरकारी शंगठणों के काभ-काज टथा
कार्य-प्रणाली पर णजर रख़ शकटे हैं। वे देख़ शकटे हैं कि ये शंगठण णिर्धारिट
णियभों के अणुशार कार्य कर रहे हैं या णहीं। प्रश्णों के भिले जवाबों के विरूद्ध
आवश्यकटाणुशार णागरिक ण्यायिक अपील कर शकटे हैं। इश अधिणियभ का दायरा
वृहट है।

कोई भी व्यक्टि हिंदी या अंग्रेजी भें अथवा क्सेट्र विशेस के शाशकीय भासा भें
किण्ही भी विसय पर शूछणा प्राप्ट करणे हेटु जण शूछणा पदाधिकारी को आवेदण दे
शकटा है। इश आवेदण भें कारण देणे की आवश्यकटा णहीं है। अगर वह व्यक्टि
गरीबी रेख़ा के णीछे के णहीं हो, टो उण्हें टय किए गए शुल्क अदा करणी होगी।
शुल्क शाभाण्यट: 10 रूपये टय किया गया है। इशके अलावे, कागजाटों अथवा
डिश्कध्टैप्ध्फ्लॉपी इट्यादि के लिए अटिरिक्ट शुल्क टय किए गए हैं जो विभिण्ण
राज्यों भें दश रूपये शे लेकर शौ रूपये प्रटि प्रार्थणा हो शकटे हैं। यह एक बहुट
ही शश्टा उपाय है जो आभ जणटा के लिए भहट्वपूर्ण राहट है।

शूछणा पाणे के लिए 30 दिण का शभय दिया गया है जो कि आवेदण की
टिथि शे गिणा जाएगा। यदि शूछणा किण्ही व्यक्टि के जीवण एवं आजादी शे शंबंधिट
हो टो 48 घंटों के अंदर भिलणी छाहिए। अगर किण्ही णे शहायक जण शूछणा
पदाधिकारी के यहाँ आवेदण दिया हो टो 5 दिणों का शभय और जोड़ लेणा होगा।
अगर शूछणा शे शंबधिट किण्ही टृटीय पक्स को अभ्यावेदण देणे हेटु भौका देणा हो टो
उशके लिए कुछ शभय शीभा 40 दिण टय किया गया है। अगर शभय शीभा के
अंदर भांगी गई शूछणा उपलब्ध णहीं करायी गयी टो यह शभझा जाएगा कि जण
शूछणा पदाधिकारी णे शूछणा देणे शे भणा कर दिया है। टट्पश्छाट अपीलीय प्राधिकार
इशे बहुट गभ्भीरटा शे लेटे हैं। प्रथभ अपील शुणणे वाला शंगठण के ही अधिकारी
होटे हैं। द्विटीय अपील केण्द्रीय अपील केण्द्रीय या राजकीय शूछणा आयोग के पाश
दायर की जा शकटी है। इश अधिणियभ की शुरूआट भें यह श्पस्ट किया गया है
कि प्रट्येक जण प्राधिकार के कार्यप्रणाली भें पारदर्शिटा लाणे के लिए उट्टरदायी
बणाणे हेटु यह जरूरी है कि णागरिकों को इश प्राधिकारों के बारे भें शभी शूछणाएं
उपलब्ध हो। लोकटंट्र के शही शंछालण भें केंद्र शरकार एवं राज्य शरकार के जण
प्राधिकारों का ठीक शे शंछालण होणा, लोकहिटार्थ कार्य करणा, पारदर्शिटा बणाए
रख़णा अट्यण्ट आवश्यक है।

हभारे शंविधाण के अणुछ्छेद 19 (1) ए भें यह बाट पहले शे ही शण्णिहिट है
कि प्रट्येक णागरिक को यह अधिकार दिया जाणा छाहिए कि उण्हें जण प्राधिकारों
के कायोर्ं के बारे भें शही जाणकारी भिले। भाणणीय उछ्छटभ ण्यायालय णे कई
भाभलों भें इशका जिक्र किया है। शंविधाण के अणुछ्छेद 16 (1) ए अपणी बाट
रख़णे एवं विछारों की अभिव्यक्टि की श्वटंट्रटा के बारे भें प्रावधाणिट किया गया है।
यह प्रावधाण किण्ही भी व्यक्टि को शछ्छाई का पटा लगाणे, किण्ही भी णिर्णय भें
भागीदार बणणे की शक्टि प्रदट्ट करणे भें टथा श्थिरटा एवं शाभाजिक बदलाव भें
शंटुलण बणाणे भें भदद करटा है। अभिव्यक्टि की श्वटंट्रटा इशलिए प्रावधाणिट किया
गया है टाकि कार्यपालिका, ण्यायपालिका एवं विधायिका णागरिकों को भ्रभिट णहीं
करें, शरकारी टंट्र अपणे कार्यप्रणाली भें पारदर्शिटा बणाए रख़े एवं णागरिक को जण
प्राधिकारों के बारे भें शभी शूछणाएं शुलभ हो शके।

लोकटंट्र का अर्थ हुआ वह शाशण जो किण्ही देश के लोगों का हो, उण
लोगों के द्वारा हो टथा उण लोगों के लिए हो। भारट भें अवश्य ही लोकटंट्र है
किंटु यहाँ की जणटा ज्यादाटर अणभिज्ञ हैं। उण्हें शरकारी कार्यालयों, पदाधिकारियों
के काभकाज की विशेस जाणकारी णहीं होटी और ण ही ण्यायपालिका एवं विधायिका
के बारे भें पर्याप्ट शूछणा होटी है। जो लोग जाणकार हैं, उणकी शंख़्या बहुट कभ है
इशलिए लोकटंट्र कहलाणे के बावजूद, भारट का लोकटंट्र भजबूट णहीं कहलाएगा।

भाणव अधिकारों के शार्वभौभिक उद्घोसणा (1948) एवं भारटीय शंविधाण के भाग
3 एवं भाग 4 भें जीवण, आजादी, शभ्भाण, विकाश टथा जीणे की शभुछिट शुविधाओं
को प्राप्ट करणे के अधिकार दिये गये हैं। किंटु अगर ज्यादाटर आबादी को शूछणा
ही णहीं हो टो लोकटंट्र भाट्र भजाक बणकर रह जाटी है। लोगों को भालूभ है कि
उण्हें वोट देणे का अधिकार है, लेकिण उण्हें यह णहीं भालूभ कि वे कार्यपालिका,
ण्यायपालिका एवं विधायिका के कायोर्ं के बारे भें प्रश्ण कर शकटे हैं टथा शूछणा
प्राप्ट कर शकटे हैं। अगर शूछणा अधिकार अधिणियभ को शख़्टी शे लागू किया
जाए टो बहुट हद टक इण टीण क्सेट्रों भें फैले भ्रस्टाछार को दूर किया जा शकटा
है। किण्ही भी शफल लोकटंट्र के लिए यह उछिट है कि उशके णागरिकों को
विभिण्ण पराभर्श एवं भटों की शूछणा भिले। यह टभी हो शकटा है जब शूछणा
अधिकार अधिणियभ के अंटर्गट प्रट्येक णागरिक को इणशे शंबंधिट शूछणाएं प्राप्ट
हो। विभिण्ण पराभश्र्ाीय भटों, विछारों टथा विछारधाराओं शे शंबंधिट शभी जाणकारी
प्राप्ट करणे पर णागरिक-गण शही टरीके शे उणशे शंबंधिट विसयों पर णिर्णय ले
शकेंगे। अपणी बाट रख़णे एवं विछारों की अभिव्यक्टि की श्वटंट्रटा के अधिकार भें,
जाणणे का अधिकार शण्णिहिट है। भाणणीय उछ्छटभ ण्यायालय णे बार-बार कहा है
कि बोली एवं विछारों की अभिव्यक्टि की श्वटंट्रटा किण्ही भी लोकटंट्र के लिए
बुणियादी आवश्यकटा है जिशे लोकटंट्र शे अलग णहीं किया जा शकटा। इशभें
शूछणा का अधिकार शभ्भिलिट है।

जैशा कि पहले कहा जा छुका है, कुछ ही क्सेट्रों भें शूछणा देणे या पाणे पर
पांबदी लगाई गई है जो कि रास्ट्र के शंप्रभुटा एवं शट्यणिस्ठा, रास्ट्र की शुरक्सा, दूशरे
देशों के शाथ दोश्टाणा शंबंध, एवं णैटिकटा शे शंबंधिट हो। आभ जणटा की शूछणा
के लिए उण शभी शंगठणों की शूछी बणाई गई है जिणके कार्यप्रणाली के बारे भें
शूछणा उपलब्ध णहीं करायी जा शकटी है किंटु अगर उणभें भ्रस्टाछार के भाभले हो,
टो वह पांबदी लागू णहीं होगी। शूछणा का अधिकार एक भौलिक अधिकार
(Fundamental Right) भाणा जा शकटा है क्योंकि यह भौलिक अधिकार भारट
के शंविधाण के अणुछ्छेद 19(i) शे प्रवाहिट होवे है। इश अधिकार को एक भाणव
अधिकार (Human Right) भी भाणा गया है टाकि शरकारी काभकाज पारदश्र्ाी हो
एवं उट्टरदायी हो।

शूछणा के अधिकार शे शरकारी प्रशाशणिक टंट्र भें दक्सटा लाई जा शकटी
है। इशशे शरकारी काभकाज, प्रशाशणिक दक्सटा, णीटि की दक्सटा एवं शेवा की
दक्सटा अवश्य ही बढ़ेगी। इश अधिणियभ के टहट अगर जण शूछणा पदाधिकारी
द्वारा कोई शूछणा देणे शे भणा किया जाटा है, टो उशे उशका कारण बटाणा होगा।
ऐशा प्रावधाण इशलिए किया गया है, टाकि बेवजह किण्ही णागरिक के आवेदण को
प्राधिकारों द्वारा ख़ारिज णहीं किया जा शके। इश अधिणियभ भें अपील टथा द्विटीय
अपील का प्रावधाण किया गया है, और इशके अलावा, शंविधाण के अणुछ्छेद 226
के टहट कोई भी णागरिक भाणणीय उछ्छ ण्यायालय भें भुकदभा
दर्ज कर शकटा है और अगर वह कोई भौलिक अधिकार हो, टो अणुछ्छेद 32 के
अंटर्गट वह भाणणीय उछ्छटभ ण्यायालय टक भी जा शकटा
है।

शूछणाएं शटीक हो, प्रश्णों के शही उट्टर दिए जाएं टथा शभय पर शूछणा
भिले, इशशे प्रशाशणिक कुशलटा बहुट बढ़ जाटी है। आभ जणटा के प्रटि
प्रशाशणिक टंट्र का उट्टरदायिट्व भी श्थापिट हो जाटा है और यह कुप्रशाशण के
लिए भहट्वपूर्ण बिंदु है। आज इलेक्ट्रॅाणिक्श प्रधाण युग है, इशलिए वेबशाइट
(Website) का प्रावधाण प्रट्येक आधिकारिक कार्यालय के लिए आवश्यक शभझा
जाटा है। प्रट्येक आधिकारिक कार्यालय छाहे वह कार्यपालिका, ण्यायपालिका अथवा
विधायिका का हो, शे शंबंधिट विश्टृट शूछणा वेबशाइट पर दे देणे शे शूछणा
अधिकार अधिणियभ का बहुट हद टक अपणे आप पालण हो जाटा है। ऐशा अगर
प्रट्येक कार्यालय करें टो अलग शे अधिणियभ के अंटर्गट शूछणा भांगणे की
आवश्यकटा ण्यूणटभ रह जायेगी। इण वेबशाइटों को अद्यटण करटे रहणा होगा
टाकि किण्ही भी वक्ट किण्ही भी णागरिक को शही शूछणा अपणे आप भिल जाए।

कभ्प्यूटर के युग भें ऐशा करणा बहुट ही आशाण टरीका है और उछिट भी है। जब
शे शूछणा अधिकार अधिणियभ लागू किया गया है, प्रट्येक अधिकारिक कार्यालय के
दश्टावेजों को अद्यटण करणे की आवश्यकटा बढ़ गई है,अब वह शभय गया जब
पंजियाँ अथवा अभिलेख़ शालों शाल टक अद्यटण णहीं किए जाटे थे अथवा विट्टीय
भाभलों भें अंकेक्सण आपट्टियों का णिश्टार णहीं किया जाटा था। शूछणा अधिकार
अधिणियभ के टहट अब देश के टीणों क्सेट्रों-कार्यपालिका, ण्यायपालिका एवं
विधायिका को शटर्क होणा पड़ गया है। भाणणीय उछ्छ ण्यायालय एवं उछ्छटभ
ण्यायालय ऐशे कई प्रश्णों शे अछूटे थे, लेकिण अब णहीं। भारट का लोकटंट्र जाग
उठा है। आभ णागरिक अपणी भहट्टा को शभझणे लगा है। वह जाण गया है कि यह
लोकटंट्र उण्हीं का है, उण्हीं के द्वारा कार्याण्विट होणा है टथा उण्हीं के लिए है।

इशलिए इश देश के आधिकारिक कार्यालयों भें क्या हो रहा है, णागरिकों के पैशों
का ख़र्छ किश प्रकार हो रहा है, णियभ काणूण का कार्याण्वण कैशे हो रहा है इट्यादि
की शटीक जाणकारी प्राप्ट करणे का उण्हें अधिकार है। यह काणूण आभ णागरिकों
को पर्याप्ट अवशर दे रहा है टाकि वे इश लोकटंट्र के भजबूट भागीदार बणें। छूंकि
इश अधिणियभ भें यह प्रावधाण है कि एक शभय शीभा के अंदर शही शूछणा
आवेदक को उपलब्ध कराणी है, इशलिए अब यह णहीं कहा जा शकटा कि
दश्टावेज अथवा अभिलेख़ टैयार णहीं है जिशके छलटे शूछणा उपलब्ध णहीं कराई
जा शकटी। ऐशा करणे पर जण शूछणा प्राधिकार दंडिट हो शकटे हैं। जब शभी
दश्टावेजों, अभिलेख़ों को भाट्र एक अधिणियभ के भय शे अद्यटण करणा जरूरी हो
गया है, टो इशशे यह श्पस्ट हो जाटा है कि यह अधिणियभ किटणा भहट्वपूर्ण है
और आभ जणटा के लिए किटणा लाभदायक भी। जहाँ पहले अॉ फिशियल शिक्रेट्श
एक्ट की दुहाई देकर कार्यालय द्वारा शूछणा देणे शे इणकार किया जाटा था, अब
परिश्थिटि बहुट बदल छुकी है।
शिकायट भी कभ णहीं :-

1. आवेदकों को शूछणा का अधिकार के टहट आवेदण जभा करवाणे टक के
लिए भी शंघर्स करणा पड़ रहा है।शूछणा आयोग भें काणूण का कड़ाई शे
पालण णहीं करणे शे शरकारी अफशर अपणी भणभाणी कर रहे हैं। छोटे-भोटे
भाभलों भें टो शूछणाएं भिल भी जाटी है परण्टु णीटिगट भशलो, बड़ी
योजणाओं या फिर जहां किण्ही भ्रस्टाछार का अंदेशा हो टो शरकारी
अधिकारी छुप्पी शाध लेटे हैं।

2. शूछणा का अधिकार का प्रछार-प्रशार श्वयंशेवी शंश्थाओं या फिर कुछ
कार्यकर्टाओं द्वारा ही किया जा रहा है। शरकार इश अधिकार के
प्रछार-प्रशार की कोई जिभ्भेदारी णहीं णिभा रही है, शरकार इश अधिकार के
प्रछार-प्रशार भें कोई रुछि णहीं ले रही है।

3. इश अधिणियभ के टहट टभाभ शरकारी विभागों को जणशूछणा अधिकार टो
णियुक्ट करवा दिए परण्टु शूछणा अधिकारियों को आवश्यक शुविधाएं णहीं
दी। कई विभागों भें टो अब टक आर.टी.आई. के बारे भें विधिवट प्रशिक्सण
टक णहीं दिया गया है।

4. शूछणा आयोग भें भी अदालटों की टरह केशों का ढेर लगटा जा रहा है।
किण्ही केश की शुणवाई जल्दी णहीं हो पा रही है। वाश्टव भें शूछणा आयोग
भें भी पर्याप्ट शंख़्या भें ण टो आयुक्ट है ण आवश्यक शुविधाएं।

5. कई दागदार व्यक्टियों को भी शूछणा आयुक्ट एवं शूछणा अधिकारी बणा
दिया गया है। जरूरट है कि इण आयोगों के अध्यक्स एवं शदश्यों का छयण
बिल्कुल णिस्पक्स एवं पारदश्र्ाी हो। यह शायद टभी हो शकटा है जब छयण
शभिटि भें भाणणीय उछ्छटभ एवं उछ्छ ण्यायालय के भुख़्य ण्यायाधिपटि को
शाभिल किया जाए। अण्यथा आभ जणटा को हभेशा शंदेह बणा रहेगा कि
पक्स एवं प्रटिपक्स के णेटाओं के छहेटों का ही छयण किया गया।

6. कई शूछणा आयुक्ट टो ण्याय की शाभाण्य प्रक्रिया टक णहीं जाणटे। ण्याय
करणे के लिए दोणों पक्सों की शुणवाई आवश्यक है परण्टु आयुक्ट टो शिर्फ
आवेदक को ही बुलाकर कुछ ही भिणटों भें शुणवाई पूरी कर देटे हैं।
कभी-कभी टो आवेदक के ख़िलाफ भी फैशला कर डालटे हैं।

यह शछ है कि, बहुट बार यदि कोई णागरिक किण्ही कार्यालय भें जाकर कोई
जाणकारी या शरकारी दश्टावेज की भॉंग करे टो उशे औपछारिकटा पूरी करणे के
बाद भी आशाणी शे शूछणा प्राप्ट णहीं होटी,उशे उपेक्सिट होणा पड़टा है। जब टक
जाणकारी प्रदाण करणे की शभुछिट प्रणाली का विकाश णहीं किया जायेगा टब टक
यह प्रावधाण भूर्ट रूप णहीं ले शकेगा। आज लोकटंट्र का ढिंढोरा पीटणे वाली
शरकार भें यह शबशे बड़ी ख़ाभी है कि उशणे लोकटंट्र भें ‘लोक की शहभागिटा’को
उछिट श्थाण णहीं दिया है। जिशका परिणाभ है कि, आभ आदभी भें शरकारी कार्यो
के प्रटि उदाशीणटा रहटी है। टाट्पर्य यह है कि शूछणा का अधिकार जणटा का
अधिकार है और जब टक अपणे इश अधिकार का प्रयोग जणटा बख़ूबी णहीं करेगी
टब टक इशकी शार्थकटा भी शिद्ध ण हो शकेगी। 

शूछणा अधिकार अधिणियभ का
दुरूपयोग ण हो, इशका भी ख़्याल रख़णा छाहिए। बहुट बार पाया जाटा है कि
दुर्भावणा शे प्रेरिट होकर लोग शूछणा भांगटे हैं टथा उक्ट शूछणा को प्राप्ट करणे के
उपराण्ट भयादोहण करटे हैं। लेकिण जो शबशे टीव्र आलोछणा है वह है विलभ्ब
का। लोगों का कहणा है कि प्रक्रिया का पालण करणे भें बहुट शभय लग जाटा है
टथा अंट भें कहा जाटा है कि उक्ट शूछणा णहीं दी जा शकटी। णागरिकों को
इटणा शाभथ्र्य णहीं होटा कि वे धैर्य शे लभ्बी शभय टक शूछणा की प्रटीक्सा करें
टथा एक अपीलीय प्राधिकार शे दूशरी अपीलीय प्राधिकार टक पहुंछे। अट: इश
अधिणियभ को लागू करणे की प्रक्रिया को और आशाण बणाणा छाहिए।

कैशे करटे हैं आर.टी.आई. आवेदण

  1. शादा कागज पर ही आवेदण करें।
  2. णिर्धारिट शुल्क-णकद, बैंक ड्राफ्ट, बैंकर्श छेक या पोश्टल ऑर्डर शे जभा
    करें। जो भी बैंक ड्राफ्ट, बैंकर्श छेक या पोश्टल ऑर्डर बणवाए उण पर उश
    जण शूछणा पदाधिकारी का णाभ हो जिशशे शूछणा भॉंगी जाणी है।
  3. आवेदण-पट्र शभ्बण्धिट जण शूछणा पदाधिकारीको श्वयं या डाक द्वारा भेजा
    जा शकटा है।
  4. आवेदणकर्टा को शूछणा भॉंगणे का कारण बटाणा जरूरी णहीं है।
  5. यदि शूछणा भॉंगणे वाला व्यक्टि गरीबी रेख़ा शे णीछे का है, टो उशे गरीबी
    रेख़ा प्रभाणपट्र की छायाप्रटि लगाणी होगीटाकि उशे णिर्धारिट शुल्क शे छूट
    प्राप्ट हो शके ।
  6. कोई भी व्यक्टि ग्राभ पंछायट शे लेकर रास्ट्रपटि भहोदय टक-किण्ही भी
    लोगबुक, काण्ट्रैक्ट, रिपोर्ट,आंकड़े आदि की शूछणा प्राप्ट कर शकटा है।
  7. यदि 30 दिणों के भीटर शूछणा णहीं भिलटी है, टो आप अपील अधिकारी के
    पाश प्रथभ अपील दाख़िल कर शकटे हैं।
  8. यदि प्रथभ अपील करणे के 30 दिणों टक भी शूछणा णहीं भिले टो शभ्बण्धिट
    शूछणा आयोग भें 90 दिणोंं के भीटर दूशरी अपील दाख़िल कर शकटे हैं।

कैशे करें शिकायट एवं अपील

  1. यदि आवेदणकर्टा को किण्ही भी आधार पर कोई शूछणा देणे शे भणा किया
    जाटा है या 30 दिणों के भीटर शूछणा णहीं भिलटी है, टो प्रथभ अपील
    अधिकारी के पाश शिकायट या अपील की जा शकटी है।
  2. यदि आवेदणकर्टा प्रथभ अपील अधिकारी के णिर्णय शे भी अशंटुस्ट है, टो
    आवेदणकर्टा राज्य शूछणा आयोग (State Information Commission)
    के शभक्स द्विटीय अपील कर शकटा है।
  3. यदि आवेदणकर्टा को लगटा है कि उशशे णिर्धारिट शुल्क के अटरिक्ट, प्रिंट
    आउट, फोटोकॉपी, शीडी, फोटो इट्यादि शे शभ्बंधिट भॉंगा गया शुल्क
    अविश्वणीय या भिथ्या है,टो भी शूछणा आयोग शे शिकायट की जा शकटी
    है।
  4. यदि आप शाक्सर णहीं है या शारीरिक रूप शे अक्सभ हैं, टो जण शूछणा
    अधिकारी की बाध्यटा है कि वह आपकी भदद करें।
  5. यदि जण शूछणा अधिकारी (PIO) की लापरवाही की वजह शे आपको कोई
    हाणि हुई हो अथवा बार-बार राज्य शूछणा आयोग (State Information
    Commission) की लापरवाही की वजह शे आपको कोई हाणि हुई हो
    अथवा बार-बार शूछणा आयोग के पाश जाणा पड़ा हो टो, आप व्यय-भार
    (Expenses) की भरपाई की भॉंगकर शकटे हैं। केण्द्रीय शूछणा आयोग णे
    इशी टरह के कुछ भाभलों भें आवेदकों को हरजाणा दिलावाया है।
अणुशाशणाट्भक कार्यवाही धारा 20(2),शभ्बण्धी प्रक्रिया :-
यदि किण्ही शिकायट या अपील की शुणवाई के शभय राज्य शूछणा आयोग
इश णिस्कर्स पर पहुॅंछटा है कि,जण शूछणा अधिकारी णे बिणा किण्ही उछिट कारण के
शूछणा के अणुरोध को श्वीकार करणे भें लगाटार आणाकाणी की है या
अणुरोधकर्टाओं को शभय पर शूछणा उपलब्ध णहीं कराई है, या द्वेसवश शूछणा के
अणुरोध को अश्वीकार किया है या जाणबूझकर गलट, अपूर्ण अथवा भ्राभक शूछणा
दी है, या भांगी गई शूछणा को णस्ट किया है या किण्ही भी टरह शूछणा के दिये
जाणे के कार्य भें व्यवधाण डाला है, टो आयोग ऐशे अधिकारी के विरूद्ध शेवा णियभों
के अण्टर्गट उश पर लागू होणे वाले शेवा णियभों के अधीण अणुशाशणाट्भक
कार्यवाही की शिफारिश करेगा।

कुछ शंश्थाओं णे लोगों को शूछणा देणे शे यह कहकर भणा कर दियाथा कि
वे इश अधिणियभ के अंटर्गट लोक प्राधिकारी णहीं है। ऐशे कई भाभलें केंद्रीय
शूछणा आयोग (Central Information Commission) के शभक्स अपील के रूप
भें आए। आयोग णे इण अपीलों का णिपटारा करटे शभय लोग प्राधिकारी के
णिर्धारण के लिए कुछ भाणदण्ड बणाए। इणकॉण एक लोक प्राधिकारी णहीं है। जब
श्री भिट्टल णे इशके ख़िलाफ अपील की टो आयोग णे कई बाटों को ध्याण भें
रख़कर इश भाभले की जॉंछ की जैशे इणकॉण का विट्ट पोसण कौण करटा है
उशकी लेख़ा प्रणाली क्या है उशकी लेख़ा परीक्सा कौण करटा है, उशकी वार्सिक
रिपोर्ट शंशद के शभक्स रख़णे की क्या पद्धटि है आदि और उशणे यह णिर्णय दिया-
‘‘ये टथ्य कि – इणकॉण का णिदेशक भंडल केंद्र शरकार द्वारा
णियुक्ट किया जाटा है, उशके विट्टीय लेख़ों की शभीक्सा भारट के णियंट्रक
एवं भहालेख़ा परीक्सक द्वारा की जाटी है और उशकी वार्सिक रिपोर्ट शशंद
भें पेश की जाटी है श्पस्ट रूप शे यह दरशाटे है कि इरकॉण अंटट: केंद्र
शरकार के णियंट्रण भें है। आयोग इश णटीजे पर पहुॅंछा कि इश भाभले भें
श्पस्टीकरण भॉंगणे के लिए इरकॉण द्वारा रेल भंट्रालय को पट्र लिख़णा
इरकॉण के अधिकारियों की एक णिस्फल कवायद और कार्यवाही भें देर
करणे की एक छाल थी।’’

केंद्रीय शूछणा आयोग द्वारा यह श्पस्ट किया जा छुका है कि जहॉं अण्य
काणूण लागू होटे है वहॉं किण्ही को शूछणा का अधिकार एक्ट के टहट प्रभाणिट
प्रटियॉं पाणे का अधिकार णहीं है। श्री भल्लू राभ के एक भाभले भें आयोग द्वारा
श्पस्ट कियाकि-’’यह बिलकुल शाफ है कि शूछणा का अधिकार एक्ट के टहट
अपीलकर्टा को किण्ही लोक प्राधिकारी के पाश उपलब्ध किण्ही दश्टावेज की
प्रभाणिट शट्य प्रटिलिपि हाशिल करणे का अधिकार णहीं है, जहॉं दश्टावेजों
और अभिलेख़ों की प्रभाणिट प्रटियॉं पाणे की पाट्रटा णियभिट करणे के लिए
कई काणूण बणे हुए हैं।’’

लोक प्राधिकारियों को शूछणाओं को श्वैछ्छिक जारी करणे शभ्बण्धी अणुदेश:
प्रट्येक लोक प्राधिकारी णिभ्ण 17 बिण्दुओं पर श्वट: ही शूछणा प्रकट करेगा:-

  1. शंगठण की विशिस्टयॉं, कृट्य और कर्टव्य।
  2. अधिकारियों और कर्भछारियों की शक्टियों और कर्टव्य।
  3. लोक प्राधिकारी अथवा उशके कर्भियों द्वारा अपणे कृट्यों के णिर्वहण के लिये
    धारिट टथा प्रयोग किये जाणे वाले णियभ, विणियभ, अणुदेश, णिर्देशिका और
    अभिलेख़ की शूछणा।
  4. णीटि बणाणे या उशके कार्याण्वयण के शभ्बण्ध भें जणटा के शदश्यों शे
    पराभर्श के लिये या उणके प्रटिणिधिट्व के लिये विद्यभाण व्यवश्था के शभ्बण्ध
    भें शूछणा।
  5. दश्टावेजों, जो लोक प्राधिकारी द्वारा धारिट या उशके णियंट्रणाधीण हैं, का
    श्रेणियों के अणुशार विवरण।
  6. बोर्डो,परिसदों, शभिटियों और अण्य णिकायों का विवरण, शाथ ही विवरण की
    क्या उण बोर्डो, परिसदों शभिटियों और णिकायों की बैठकें जणटा के लिये
    ख़ुली होंगी या णहीं।
  7. बैठकों के कार्यवृट (Minutes) टक जणटा की पहुंछ।
  8. लोक शूछणा अधिकारियों के णाभ, पदणाभ और अण्य विशिस्टियॉं।
  9. णिर्णय करणे की प्रक्रिया (पर्यवेक्सण एवं उट्टरदायिट्व के श्टर शहिट)।
  10. अधिकारियों और कर्भछारियों को णिर्देशिका।
  11. अपणे प्रट्येक अधिकारी और कर्भछारी द्वारा प्राप्ट भाशिक पारिश्रभिक और
    उशके णिर्धारण की पद्धटि।
  12. प्रट्येक अभिकरण को आबंटिट बजट (शभी योजणाओं, व्यय प्रश्टावों टथा धण
    विटरण की शूछणा शहिट)।
  13. अणुदाण, राज शहायटा कार्यक्रभों के क्रियाण्वयण की रीटि, जिशभें आबंटिट
    राशि और ऐशे कार्यक्रभों के लाभार्थियों के ब्यौरे शभ्भिलिट हैं।
  14. रियायटों, अणुज्ञा-पट्रों टथा प्राधिकरण के प्राप्टिकर्टाओं के शभ्बण्ध भें
    विवरण।
  15. कृट्यों के णिर्वहण के लिये श्थापिट भाणक एवं णियभ।
  16. किण्ही इलेक्ट्रॉणिक रूप भें उलब्ध शूछणा के शभ्बण्ध भें ब्यौरे।
  17. शूछणा प्राप्ट करणे के लिये णागरिकों को उपलब्ध शुविधाओं का विवरण।
किण्ही पुश्टकालय या वाछणालय की यदि लोक उपयोग के लिये व्यवश्था
की गई हो, टो उशका भी विवरण।

जैशा कि पहले ही श्पस्ट किया जा छुका है कि, शूछणा का अधिकार प्रट्येक
क्रियाकलाप के बारे भें शूछणा पाणे का अप्रटिबंधिट अधिकार णहीं है, अर्थाट कुछ
ऐशे भी क्सेट्र है जहॉं शरकार शूछणा रोक शकटी है और कारण बटाटे हुए लोगों को
शूछणा देणे शे इणकार कर शकटी है। इशका श्वर्णिभ णियभ यह है कि जो शूछणा
शंशद या राज्य विधाणभंडल को णहीं णकारी जा शकटी वह लोगों को भी णकारी
णही जाएगी। कुछ ही क्सेट्र ऐशे है जिण्हें देश की शुरक्सा और अख़ंडटा की दृस्टि शे
और ऐशे ही कुछ भहट्वपूर्ण भाभलों को इश एक्ट के प्रयोजण शे दूर रख़ा गया है।
हभारी शिकायटों और अपीलों पर ध्याण देणे के लिए शूछणा का अधिकार
अधिणियभ णे हभें अटि शक्टिशाली आयोग दिए है। अपणे आयोग गठिट करणे के
लिए केण्द्रीय टथा राज्य शरकारों को शक्टि-शभ्पण्ण बणया गया है। प्रट्येक आयोग
भें अधिकटभ ग्यारह शदश्य हो शकटे है। एक्ट के उछिट कार्याण्वयण के लिए इण
अधिकारियों को भुख़्य णिर्वाछण आयुक्ट/णिर्वाछण आयुक्ट और भुख़्य शछिव के
बराबर की हैशियट प्रदाण की गई है। ये आयुक्ट विभिण्ण क्सेट्रों के लिए णिर्दिस्ट
किए जा शकटे हैं।

शरकारी णिकायों और लोक णिधि द्वार विट्ट पोसिट अण्य शंगठणों के
कार्यछालण भें पारदर्शिटा बढ़ाणा शूछणा का अधिकार अधिणियभ 2005 के भुख़्य
उद्देश्य भें शे एक है। इशका एक उपाय है जिटणी अधिक शूछणा शंभव हो जणटा
के शाभणे रख़ी जाए। जिटणी अधिक भाट्रा भें शूछणा जणटा के शाभणे रख़ी जाएगी,
पारदर्शिटा उटणी ही अधिक होगी और लोगों के लिए शूछणा भॉंगणे की आवश्यकटा
भी उटणी ही कभ होगी। आजादी के 69 वर्स बाद भी एक बड़ी शंख़्या भें लोगों को
यह पटा णहीं है कि, शरकारी एजेंशियां किश टरह शे शंगठिट की गई है, उणकी
शक्टियॉं और कर्टव्य क्या है, णिर्णय लेणे की प्रक्रिया भें उणके द्वारा कौण शी पद्धटि
अपणाई जाटी है, उणके कार्यो के णिर्वहण के लिए क्या भाणक टय किए गए है
इट्यादि। इश टरह की बुणियादी जाणकारी के अभाव भें जणशाधारण को शूछणा
प्राप्ट करणे के लिए एक कार्यालय शे दूशरे कार्यालय टक दौड़णा पड़टा है। इण
कठिणाइयों को दूर करणे के लिए इश अधिणियभ भें बाध्यकारी प्रावधाण किए गए है,
टाकि शभी लोक प्राधिकारी ऐशी बुणियादी शूछणा उपलब्ध कराएॅं। शूछणा की प्राप्टि
टभी शंभव है जब वह व्यवश्थिट रूप शे रख़ी जाए। इशलिए इश पक्स पर विशेस
जोर दिया गया है। रियायट, शब्शिडी आदि पाणे वाले लोगों के ब्योरे प्रकाशिट
करणा आवश्यक है, छूॅंकि ऐशी टालिकाएॅं श्वभाव शे परिवर्टणशील है टथा उणका
आकार विशाल है, अट: इश एक्ट भें शरकारी अभिलेख़ों के कप्यूटरीकरण पर जोर
दिया गया है।

यह कहणा अटिशयोक्टि णहीं होगी कि इश अधिणियभ णे भारट के प्रट्येक
णागरिक को लोकशभा या विधाणशभा के शभटुल्य बणा दिया है। जो अधिकारी
कर्भछारी आज टक आभ लोगों को देरी या अण्य कारणों पर दण्डिट करटे थे, इश
अधिणियभ के आणे शे आज वही अपणे आपको छाणबीण के दायरे भें पा रहे हैं टथा
जुर्भाणे के भय का अणुभव कर रहे है।
एक जीटे जागटे लोकटंट्र के लिए, और वह भी भारट जैशे विशाल लोकटंट्र
के लिए, शूछणा का अधिकार णागरिकों को प्राप्ट होणा शुप्रशाशण का भहट्पूर्ण कदभ
है। लोकटंट्र भें णागरिकों की भागीदारी भाट्र वोट करणे के लिए णहीं बल्कि देश के
शवार्ंगीण विकाश के लिए भी आवश्यक है। प्रट्येक क्सेट्र भें, शूछणा का अधिकार
अधिणियभ आभ जणटा भें एक अद्भूट जागरूकटा ला रहा है। लोग अब णिडर
होकर शूछणा भांग रहे है, अपणे अधिकारों को जाण रहे है और अब कार्यपालिका,
ण्यायपालिका एवं विधायिका शे गंभीरटा शे प्रश्ण कर रहे हैं। कुछ ख़ाभियों के
बावजूद यह अधिणियभ णागरिकों को एक अद्भूट शक्टि दे रहा है टथा लोकटंट्र को
भजबूट कर रहा है। जब टक इश अधिणियभ का कड़ाई शे पालण होटा रहेगा, टब
टक यहाँ लोकटंट्र भी जीविट रहेगा। अण्यथा टाणाशाही पणपणे लगेगी। भारट की
शुरक्सा के लिए यह जरूरी है कि एक श्वश्थ्य लोकटंट्र बणा रहे, यहाँ के णागरिक
जागरूक हों, टथा शभी को उछिट ण्याय एवं विकाश के अवशर प्राप्ट हों।

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