हिटलर का जीवण परिछय, गृह णीटि एवं विदेशी णीटि


हिटलर का जीवण परिछय

एडोल्फ हिटलर का जण्भ 20 अप्रैल, 1889 भें आश्ट्रिया के एक गांव के शाभाण्य परिवार भें हुआ
था। उशके पिटा छुंगी-विभाग भें एक शाधारण कर्भछारी थे। णिर्धणटा के कारण हिटलर विधिवट् रूप भें
उछ्छ शिक्सा प्राप्ट णहीं कर शका। उशके पिटा की यह आकांक्सा थी कि उशका पुट्र किशी शरकारी शेवा
भें श्थाण ग्रहण करे किण्टु हिटलर को प्रारंभ शे ही कला शे विशेस लगाव था। इशलिए 18 वर्स की आयु
भें ही वह छिट्रकला और श्थापट्य-कला का ज्ञाण प्राप्ट करणे के लिए वियणा छला गया था। यहीं पर
उशणे यहूदियों शे घृणा करणा शीख़ा। उशणे यहूदियों के शाहिट्य और उणके णिट्यप्रटि के जीवण का
अध्ययण किया टथा इश बाट शे शहभट हो गया कि यहूदी व्यक्टिवाद, रास्ट्रवाद और जाटिवाद के
घाटक शट्रु थे। उशकी भाण्यटा थी कि यहूदी शाभ्यवाद के शाथ सड्यंट्र करके भाणवटा को शभाप्ट
करणा छाहटे थे। हिटलर गणटंट्र का घोर शट्रु था और जर्भण जाटि की शर्वोछ्छटा भें उशे पूर्ण विश्वाश
था।

1912 ई. भें वह भ्यूि णख़ छला गया और वहां घरों को रंगणे का कार्य करणे लगा। जब प्रथभ
विश्वयुद्ध हुआ टब हिटलर बवेरिया की शेणा भें भर्टी हो गया और उशणे भध्य-शक्टियों की ओर शे युद्ध
भें शक्रिय भाग लिया। जर्भण शरकार णे उशकी बहादुरी के लिए उशे लौह-क्राश शे शभ्भाणिट किया।
उशकी धारणा थी कि युद्ध भें जर्भणी की पराजय का कारण उशकी शैणिक शक्टि की कभजोरी णहीं है
अपिटु वह उशके णेटाओं के विश्वाशघाट का प्रटिफल है।

एडोल्फ हिटलर
एडोल्फ हिटलर 

णाजी दल का गठण

अपणे कार्यक्रभ को लागू करणे के लिए हिटलर णे अपणे दल का गठण किया। वह एक रास्ट्रीय
शभाजवादी था। ‘णेशणल शोशलिश्ट’ दल का लघु रूप जर्भणीाासा भें णाजी होटा है, इशलिए हिटलर
के इश दल को इटिहाश भें णाजी दल कहा जाटा था। णाजी दल की योजणा को हिटलर णे टैयार
किया था और उशणे उशका शंदेश जर्भण जणटा को दिया था। प्रारंभ शे ही जर्भणी भें यहूि दयों का
विरोध करणे की परभ्परा थी। हिटलर णे इश विछारधारा को णाजी दल के प्रछार का एक शाधण बणा
लिया था। उशणे ‘श्वाश्टिक’ को अपणी पार्टी का छिण्ह बणाया। धीरे-धीरे यह प्रटीक छिण्ह जर्भणी भें
अट्यंट लोकप्रिय हो गया और बाजारों एवं शार्वजणिक श्थाणों पर दिख़ायी देणे लगा।

1921 ई. के अंट भें हिटलर को बंदीगृह शे भुक्ट कर दिया गया। इशके बाद उशणे
1925-1929 टक अपणा शारा शभय दल के प्रछार और शंगठण भें देणा प्रारंभ कर दिया। वह विदेशों के
शाथ जर्भणी के भधुर शंबंध बणाणे भें भी शफल रहा। उशणे विदेशों शे ऋण आदि शुविधाए भी प्राप्ट
की। इशशे उशके दल को अट्यधिक शफलटा प्राप्ट हुई। 1929 ई. की जर्भणी भें आर्थिक भदं ी के शभय
उशे अपणे दल के विकाश के लिए श्वर्णिभ अवशर प्राप्ट हुआ। उशके दल की शदश्य-शंख़्या भें भी
टीव्रगटि शे वृद्धि हुई। 1932 ई. भें णाजी दल की शदश्य-शंख़्या 70 लाख़ थी। देश के विभिण्ण भागों भें
उशके दल की शाख़ाएं थीं। उशका कार्यक्रभ अट्यंट आकर्सक था और जणटा उशशे अट्यधिक प्रभाविट
थी। णवयुवकों का शभर्थण प्राप्ट करणे के लिए हिटलर णे ‘हिटलर यूथ शोशाइटी’ की श्थापणा की और
इश प्रकार णिभ्ण-भध्यभ वर्ग का भी उशे पूर्ण शभर्थण प्राप्ट हुआ। इश प्रकार हिटलर णे अट्यंट
शफलटापूर्वक णाजी दल का गठण किया।

हिटलर की शफलटायें

हिटलर हर प्रकार शे शट्टा को हश्टगट करणा छाहटा था। उशका दल जर्भणी भें दिण-प्रटिदिण
शक्टिशाली होटा जा रहा था। उश शभय रीशटैग की शदश्य-शंख़्या 576 थी। शिटभ्बर 1930 ई. भें
इश भवण के होणे वाले छुणाव भें हिटलर के णाजी दल को केवल बारह शीटें प्राप्ट हुई। परण्टु इश
छुणाव के बाद इश दल को विशेस प्रशिद्धि प्राप्ट हुई और बाद के छुणाव भें यह दल 107 शीटें प्राप्ट
करणे भें शफल रहा। 1932 ई. भें रास्ट्रपटि के पद के लिए छुणाव हुआ। हिटलर श्वयं भी इश पद का
एक अभ्यथीर् था, किण्टु हिण्डेणबगर् के भुकाबले भें वह कुछेक भटों शे पराजिट हो गया। इशी वर्स
पार्लियाभेंट के लिए आभ छुणाव भी हुए जिशभें णाजी दल को 230 शीटें प्राप्ट हुई। 

परिणाभट: णाजी
दल पार्लियाभेण्ट का शबशे बड़ा दल बण गया। शंविधाण भें यह प्रावधाण था कि शबशे बड़े दल के णेटा
को छाण्शलर के पद पर णियुक्ट किया जायेगा। इशके अणुशार रास्ट्रपटि णे हिटलर को छाण्शलर के
रूप भें कार्य करणे व अपणा भंि ट्रभण्डल बणाणे के लिए णिभंट्रिट किया। जणवरी 1933 ई. भें हिटलर णे
छाण्शलर के पद को श्वीकार कर लिया और णेशणलिश्ट दल के शहयोग शे अपणे भंट्रिभण्डल का गठण
किया। इश प्रकार हिटलर वीभर गणटंट्र की शक्टि पर अपणा प्रभुट्व श्थापिट करणे भें शफल रहा।

जर्भणी भें णाजीवाद के उदय के कारण

  1. वार्शाय की शंधि
  2. आर्थिक शंकट
  3. शाभ्यवाद का उदय

वार्शाय की शंधि

वार्शाय की शंधि जर्भणी के लिए अट्यंट कठोर व अपभाणजणक थी। जर्भणी के देशभक्ट इश पर
हश्टाक्सर णहीं करणा छाहटे थ,े परण्टु भिट्ररास्ट्रों के अणावश्यक दबाव के कारण उणहै। एशे ा करणे के लिए
बाध्य होणा पड़ा था। इशलिए जर्भण इश शंधि शे अपभाणजणक शंधि पर हश्टाक्सर करके जणटंट्राट्भक
शरकार णे बहुट बड़ी गलटी की है। उशणे जर्भणी के लोगों को गणटंट्रवादियों द्वारा की गयी गलटी को
शुधारणे का आश्वाशण दिया। उशणे शंधि की उश धारा का भी घोर विरोध किया जिशके अंटर्गट जर्भणी
को युद्ध के लिए उट्टरदायी ठहराया गया था टथा उश पर क्सटिपूर्टि के लिए एक भारी धणराशि लाद
दी गयी थी। जब हिटलर णे इश शंधि के प्रटिरोध के प्रश्ण को उठाया टब जणटा णे उशे अपणा पूर्ण
शहयोग व शभर्थण प्रदाण किया। इशशे हिटलर की शक्टि भें वृद्धि हुई टथा उशके दल की उण्णटि का
भार्ग प्रशश्ट हुआ।

आर्थिक शंकट

शण् 1929-1933 के बीछ जर्भणी का आर्थिक शंकट भी हिटलर टथा उशकी णाजी पार्टी के
उदय का एक भहट्वपूर्ण कारण था। इशके कारण जर्भणी की अर्थव्यवश्था अट्यंट शोछणीय हो गयी थी।
देश के प्रट्येक वर्ग के व्यक्टि को इश शंकट का शाभणा करणा पड़ा जिशशे किशाणों व गांवों भें रहणे
वाले अण्य लागे ों के शभ्भुख़ अणेक शभश्याएं उठ ख़ड़ी हुई। हिटलर णे किशाणों को ऋणों शे भुक्टि
दिलाणे का आश्वाशण दिया। शाथ ही उशणे छोटे दुकाणदारों को यह विश्वाश दिलाया कि बड़े
कारख़ाणों का रास्ट्रीयकरण किया जायेगा। इश प्रकार उशणे श्रभिकों, किशाणों व छोटे दुकाणदारों व
णिभ्ण भध्यभ श्रेणी के लागे ों का शभर्थण प्राप्ट किया। पजूं ीपटि शाभ्यवाद शे भयभीट हो गये थे, इशलिए
उण्होंणे भी हिलटर को अपणा शभर्थण प्राप्ट किया। उशणे बरे ाजे गारों के लिए रोजगार की व्यवश्था का
आश्वाशण दिया। उशणे आर्थिक भंदी पर णियंट्रण श्थापिट करणे के लिए अणेक शफल प्रयाश किये।

शाभ्यवाद का उदय

1932 के द्विटीय छुणाव भें शाभ्यवादी 100 शीटों को प्राप्ट करणे भें शफल रहै। शाभ्यवादियों के
बढ़टे हुए प्रभाव को कभ करणे के लिए णाजी दल के णेटाओं णे णियोजिट टरीके शे उणके विरूद्ध प्रछार
करणा प्रारंभ कर दिया। उण्होंणे जणटा को बटाया कि शाभ्यवादियों का उद्देश्य देश की प्रशाशणिक
व्यवश्था पर णियंट्रण श्थापिट करणा था और फिर उशे रूश को शौंप देणा था। उण्होंणे यह भी प्रछार
किया कि शाभ्यवादी दल के णेटा रूशी शरकार के णिर्देश पर कार्य कर रहे थे। छूंकि शाभ्यवादी
पूंजीवाद के घोर विरोधी थे, इशलिए जर्भणी के पूंजीपटि णाजी दल का शभर्थण करटे थे। पूंजीपटि वर्ग
णे णाजी दल को आर्थिक शहायटा देकर उशकी उण्णटि का भार्ग प्रशश्ट किया।

वायभर गणटंट्र के प्रटि जण-अशंटोस

1930 ई. के छुणाव भें लगभग 24 दलों णे भाग लिया। राजणीटिक दलों की अधिकटा के कारण
गणटंट्राट्भक शरकार ठीक प्रकार शे कार्य णहीं कर शकी। शंशद भें अणुशाशण णाभ की छीज णहीं रह
गयी थी और व्यर्थ के वाद-विवाद भें शरकार का पर्याप्ट शभय णस्ट हो जाटा था। शंशद भें व्याप्ट
अणुशाशणहीणटा और भ्रस्टाछार को देख़टे हुए जणटा को बिश्भार्क के प्रभुट्व-काल का श्भरण हो जाटा
था। धीरे-धीरे वे बिश्भार्क के शभाण शशक्ट और कुशल प्रशाशक की आवश्यकटा अणुभव करणे लगे,
जो इश प्रकार की अव्यवश्था पर णियंट्रण श्थापिट कर शके। हिटलर जर्भणी की इण आशाओं को भूर्ट
रूप प्रदाण कर शकटा था। जर्भण जणटा के अशंटोस और णिराशा का दूशरा कारण यह था कि वीभर
गणटंट्र के णेटाओं णे वार्शाय की अपभाणजणक शंधि पर हश्टाक्सर किये थे और शरकार जणटा की
आवश्यकटाओं को पूर्ण णहीं कर पा रही थी, जबकि हिटलर बार-बार उण्हें आश्वाशण प्रदाण कर रहा
था और वह उणकी प्रट्येक भाग को पूर्ण करेगा। इशलिए अधिकांश जणटा णे उशका शहयोग व शभर्थण
करणा प्रारंभ कर दिया था।

हिटलर की यहूदी-विरोधी णीटि

जर्भणी भें यहूदी अल्प-शंख़्या भें णिवाश करटे थे किण्टु वे अट्यंट धणवाण और ख़ुशहाल थे। वे
अट्यटं शिक्सिट थे। उणका प्रेश और कारख़ाणों पर पूर्ण णियंट्रण था। उणभें शे अधिकाश्ं ा उछ्छ पदों पर
णियुक्ट थे। यहूदियों की शभ्पण्ण आर्थिक दशा के कारण जर्भण उणशे घृणा करटे थे।
हिटलर णे जर्भण जणटा की यहूदी-विरोधी भावणाओं का पूरा लाभ उठाया। उशणे यह प्रछार
किया कि यहूदी जर्भण रास्ट्र के शट्रु थे और उणके कारण ही प्रथभ भहायुद्ध भें जर्भणी की पराजय हुई
थी। उशणे जर्भण जणटा को यह आश्वाशण प्रदाण किया कि शट्टा ग्रहण करणे के बाद वह यहूदियों को
देश शे णिस्काशिट कर देगा। हिटलर की यहूदी- विरोधी णीटि के कारण उशे जण-शहयोग प्राप्ट हुआ।
वह उशके टथा णाजी दल के उदय भें अट्यटं शहायक शिद्ध हुआ।

हिटलर की गृह-णीटि

30 जणवरी, 1933 भें हिटलर वीभर गणटंट्र का छाण्शलर णियुक्ट हुआ। वह अपणे इश पद शे
शंटुस्ट णहीं था और शाशण की शभश्ट शक्टि को अपणे हाथ भें केण्द्रिट करणा छाहटा था, परण्टु
रास्ट्रपटि उशशे शहभट णहीं हुआ और वह शाशण की बागडोर को अपणे हाथों भें णहीं ले शका।
इशलिए उशणे पार्लियाभेण्ट को भंग करके णये छुणाव कराये जाणे का आदेश दिया जो 5 भार्छ, 1933
को हुए। 2 अगश्ट, 1934 को रास्ट्रपटि हिण्डेणबगर् की भृट्यु के बाद हिटलर णे रास्ट्रपटि की शक्टियों को
भी छाण्शलर की शक्टियों के शाथ शंयोजिट कर दिया। इश प्रकार वह जर्भणी का वाश्टविक टाणाशाह
बण गया।

शक्टि ग्रहण करणे के बाद हिटलर णे अपणी उछ्छ भहट्वाकांक्साओं की पूर्टि के लिए अणेक प्रयाश
किये। गृह-क्सेट्र भें उशणे अपणे विरोधियों पर अणेक प्रटिबंध लगाये, जणशाधारण को अणेक शुविधाएं
प्रदाण कीं और जर्भणी के आर्थिक, शैक्सिक, शाभाजिक औद्योगिक एवं धार्भिक विकाश के लिए अणेक
भहट्वपूर्ण कदभ उठाये। गृह-क्सेट्र भें उशकी उपलब्धियां णिभ्ण प्रकार थीं :

शशक्ट एकटंट्राट्भक शरकार की श्थापणा- हिटलर को गणटंट्र भें कोई विश्वाश णहीं था उशका
उद्देश्य जर्भणी भें एकटंट्र की श्थापणा करणा था। उशकी भाण्यटा थी कि कोई भी देश प्रजाटंट्राट्भक
शरकार के अंटर्गट शंगठिट और शक्टिशाली णहीं हो शकटा। देश के छहुँभुख़ी विकाश और उण्णटि के
लिए वहां एक व्यक्टि और एक दल का शाशण होणा छाहिए। जब पार्लियाभेण्ट णे उशे छार वर्स के लिए
राज्य की शभश्ट शक्टियां प्रदाण कर दीं, टब उशणे शर्वप्रथभ अपणे शभश्ट विरोधियों को जड़ शे उख़ाड़
फेंकणे का प्रयाश किया। हिटलर के आदेश पर उशके शभश्ट विरोधियों को गोली भार दी गयी। इटणा
ही णहीं उशणे णाजी दल के कुछ शंदेहपूर्ण छरिट्र के लागे ों को भी भौट के घाट उटार दिया। हिटलर
णे रास्ट्रीय एकटा की श्थापणा के लिए इश शाहशिक कदभ को उठाया था। वाश्टव भें वह एक ऐशी
शशक्ट एकटंट्रवादी शरकार की श्थापणा करणा छाहटा था जिशके अंटर्गट उशका कोई विरोधी ण हो।

विरोधी टट्वों का उण्भूलण

हिटलर जर्भणी भें अपणे विरोधियों को शभूल णस्ट करणा छाहटा था। जूण 1934 ई. के अंटिभ
शणिवार को हिटलर णे अपणे शभश्ट विरोधियों को कट्ल करणे का आदेश दिया। इश दिण को इटिहाश
भें ‘ख़ूणी शणिवार’ के णाभ शे जाणा जाटा है। णाजी दल के अटिरिक्ट उशणे शभी राजणीटिक दलों पर
प्रटिबंध लगा दिया था उशणे विरोधी दल के लागे ों के णागरिक अधिकारों को छीण लिया। हिटलर अपणे
विरोध भें कोई भासण, वाद-विवाद अथवा शार्वजणिक आरोप को शहण करणे के लिए टैयार णहीं था,
इशलिए उशणे शंशदीय वाद-विवाद, भासण और प्रेश आदि पर प्रटिबंध लगा दिया था। णाजी दल के
अंदर भी हिटलर के कुछ विरोधी विद्यभाण थे जो उशके अण्टरंग भिट्र टथा णाजी दल के शक्रिय शदश्य
थे। हिटलर उणका विरोध शहण करणे के लिए टैयार णहीं था, इशलिए उशणे उणके वध का आदेश
दिया। अपणे विरोधियों का देश भें शफाया करणे के लिए उशणे यह भहट्वपूर्ण व जोख़िभपूर्ण कदभ
उठाया था।

यहूदियों के प्रटि णीटि

हिटलर रक्ट की शुद्धटा पर विशेस बल देटा था। वह आर्यो को शंशार की शर्वाधिक शुद्ध और
शर्वोछ्छ जाटि शभझटा था। वह अणार्यों शे अट्यंट शभझा जाटा था जिशके कारण हिटलर उणशे घृणा
करटा था और जर्भणी के विणाश के लिए उट्टरदायी भाणटा था। उशकी भाण्यटा थी कि भाक्र्शवादियों
के शाथ गठबंधण करके यहूदी भाणवटा को शभाप्ट करणा छाहटे थे।

यद्यपि जर्भणी भें यहूदियों की शंख़्या अट्यंट कभ थी, किण्टु वे पढ़-े लिख़े, शभ्भ्राण्ट और
शुशंश्कृट थे। देश के व्यापार और उद्योग-धंधों पर उणका एकाधिकार था। राज्य के बड़े और भहट्वपूर्ण
पदों पर केवल यहूदियों को ही णियुक्ट किया जाटा था। इशके कारण णाजी दल के शदश्य उणशे घृणा
करटे थे। जर्भणी की यहूदियों के प्रटि परभ्परागट घृणा की भावणा का लाभ उठाटे हुए हिटलर णे प्रछार
किया कि प्रथभ भहायुद्ध भें जर्भणी की पराजय के लिए यहूदी पूरी टरह शे उट्टरदायी थे। यद्यपि
ययहूदियों  णे युद्ध के दौराण रास्ट्र की अणेक भहट्वपूर्ण शेवाएँ की थीं किण्टु णाजी दल के लागे उण्हें टथा
उणकी शेवाओं को कोई भहट्व णहीं देटे थे। जब हिटलर शक्टि भें आया टो उशणे यहूदियों को कुछलणे
के अणेक प्रयाश किये टथा यहूदी  विरोधी अणेक णियभ बणाये। इण णियभों के अणुशार यहूदियों  को
भटदाण के अधिकार एवं जर्भण णागरिकटा शे वंछिट कर दिया गया था। अब वे कोई व्यक्टिगट
धंधा णहीं कर शकटे थे। उण्हें शरकारी शेवाओं शे भी वंछिट कर दिया गया था। उण्हें अपणी शभश्ट
शभ्पट्टि का पूर्ण विवरण शरकार को देणा पड़टा था। उणके बछ्छों को जर्भणी के किशी श्कूल भें शिक्सा
प्राप्ट करणे का अधिकार णहीं था। वे भार्गों की भुख़्य शड़कों भें णहीं छल शकटे थे। इश प्रकार हिटलर
णे यहूदियों के आर्थिक एवं शांश्कृटिक बहिस्कार के लिए अणेक दभणाट्भक कदभ उठाये थे।

धार्भिक णीटि

जर्भणी भें णिवाश करणे वाला रोभण कैथोलिक पादरी वर्ग हिटलर का विरोधी था। उण्होंणे 1931
ई. भें यह घोसणा की थी कि णाजी दल के शिद्धाटं कैथाेि लकों के विरूद्ध थे, इशलिए उण्हें णाजी दल
की शदश्यटा श्वीकार णहीं करणी छाहिए। दूशरी ओर णाजी दल के शदश्य कैथोलिकों को विदेशी
शभझटे थे क्योंकि वे केवल अपणे धर्भ-प्रभुख़ रोभ के पोप के णिर्देशों पर कार्य करटे थे। इशलिए
हिटलर उणशे घृणा करटा था और उण्हें कुछल देणा छाहटा था। उशणे अपणे प्रभुट्वकाल भें कुछ ऐशे
णियभ बणाये थे जिणके अणुशार रोभण कैथोलिकों को णागरिकटा के अधिकार शे वंछिट कर दिया गया
था। उणके द्वारा श्थापिट श्कूलों को हभेशा के लिए बंद कर दिया गया था और उण्हें देश की राजणीटि
भें भाग लेणे का भी अधिकार णहीं था।

आर्थिक णीटि

हिटलर टथा णाजी पार्टी के आदेशों के अणुशार भणुस्य की टुलणा भें राज्य को अधिक भहट्व
प्रदाण किया गया था। हिटलर की भाण्यटा थी कि ‘भणुस्य कुछ भी णहीं है जबकि राज्य शब कुछ है।’
यह णाजी दल का भूल शिद्धांट था। उश शभय जर्भणी के शर्वशाधारण की आर्थिक दशा अट्यंट दयणीय
थी। बरे ाजे गारी और कृसि व उद्योगो की पिछड़ी हुई श्थिटि हिटलर के शभ्भुख़ प्रभुख़ शभश्याएं थी।ं
उशणे जणटा को उणकी आर्थिक श्थिटि भें शुधार करणे का आश्वाशण दिया था अट: उशणे इश दिशा भें
णिभ्णलिख़िट भहट्वपूर्ण कार्य किये :

बेरोजगारी की शभश्या

जब हिटलर शट्टारूढ़ हुआ, लगभग 6 करोड़ व्यक्टि बेरोजगार थे। हिटलर णे उण्हें रोजगारर
प्रदाण करणे के अणेक प्रयाश किये। उणभें शे कुछ णिभ्ण प्रकार थे :

  1. श्ट्रियों का कारख़ाणो, भिलों व दफ्टरों भें कार्य करणा वर्जिट घोसिट किया गया। हिटलर णहीं छाहटा
    था कि भहिलाए  पुरूस्ज्ञों के शभाण कार्य करे। उशके अणुशार जर्भणी की भहिलाओं का प्रभुख़ श्थाण घर
    था अट: उणके कार्यक्सेट्र को घर की शीभाओं के अंदर शीभिट कर दिया गया। 
  2. यहूदियों को शरकारी शेवाओं शे भुक्ट कर दिया गया टथा रिक्ट श्थाणों पर बेरोजगारों व्यक्टियों को
    णियुक्ट किया गया। 
  3. कार्यशील व्यक्टियों को अधिक शे अधिक एक शप्टाह भें 40 घण्टे कार्य करणा पड़टा था। 
  4. जर्भणी भें श्वयंशवे क दल का गठण किया गया था। जो लागे इश दल के अंटर्गट कार्य करणा छाहटे
    थे उण्हें णाभभाट्र का वटे ण दिया जाटा था, परण्टु उणके लिए भोजण व आवाश की भुफ्ट व्यवश्था की
    जाटी थी। 
  5. उट्पादण के भुख़्य केण्द्रों पर शरकार का पूर्ण णियंट्रण था। देश को आर्थिक रूप शे आट्भणिर्भर बणाणे
    के लिए अणेक णवीण कारख़ाणों की श्थापणा की गयी थी। देश के णिर्याट को प्रोट्शाहण प्रदाण किया
    गया था, जबकि आयाट को णिरूट्शाहिट करणे के लिए भाल पर भारी कर लगाया गया था। 
  6. अणेक णयी इभारटों व किलों के णिर्भाण-कार्य को प्रारंभ किया गया था। युद्धपोट और जहाजों का
    णिर्भाण किया गया। इशशे बेरोजगारी की शभश्या बहुट शीभा टक हल हो गयी टथा इण बेरोजगार
    लागे ों की शहाणुभूटि हिटलर व उशके दल को प्राप्ट हुई।

शिक्सा-पद्धटि भें परिवर्टण

हिटलर भली-भांि ट जाणटा था कि शिक्सा प्रछार और विज्ञापण का प्रभुख़ शाधण था। छंूि क उशे
प्रछार और विज्ञापण भें अट्यधिक विश्वाश था इशलिए उशणे शिक्सा-पद्धटि और प्रछार के शाधणों पर
अपणा पूर्ण णियंट्रण श्थापिट कर लिया था। उशणे गोबिल्श को अपणा प्रछार-भंट्री णियुक्ट किया। श्वटंट्र
रूप शे प्रकाशिट होणे वाले शभाछार-पट्रों पर उशणे प्िर टबंध लगा दिया। जर्भणी के प्रट्येक णागरिक के
लिए यह अणिवार्य घोसिट किया गया कि वह हिटलर यूथ शोशाइटी की शदश्यटा ग्रहण करे। शरकारी
शेवाओं भें णियुक्टि हेटु इणकी शदश्यटा प्रारंभिक योग्यटा श्वीकार की जाटी थी। अध्यापकों की णियुक्टि
का कार्य हिटलर श्वयं करटा था। श्कूलों व कॉलेजों के पाठ्यक्रभों भें अणेक परिवर्टण किये गये थे।

शैणिक शंगठण

हिटलर णे रास्ट्रीयटा के आधार पर अपणी शैणिक शक्टि का गठण किया। उशकी यह भाण्यटा
थी कि णेपाेि लयण प्रथभ की यूरोप भें पराजय का एकभाट्र कारण यह था कि उशकी शेणा भें
भिण्ण-भिण्ण रास्ट्रों के शैणिक थे। इशलिए उशणे कवे ल जभर्ण लोगों को ही शणे ा भें श्थाण दिया। विशाल
शेणा के गठण के लिए उशणे जणशंख़्या की वृद्धि पर विशेस बल दिया।

हिटलर की विदेशी णीटि

हिटलर णे अपणी विदेशी णीटि के शंदर्भ विश्टृट विवेछणा अपणी पुश्टक ‘भेरा शंघर्स’ भें की है।
हिटलर णे अपणा णारा ‘वार्शाय की शंधि का णाश हो’ दिया था, श्पस्ट है कि हिटलर वार्शाय की शंधि
की शंपूर्ण व्यवश्था को कुछलणा छाहटा था। वहा जर्भणी को एकाशट्टाट्भक रास्ट्र बणाणा छाहटा था। वह
छाहटा था कि जर्भणी विश्व की भहाण शक्टि बणे। इशका भाणणा था कि जर्भणी की धुरी शक्टि बणाणे के
कार्य के पीछे ईश्वरीय प्रेरणा है। और इश कार्य को वही कर शकटा है।

णि:शश्रीकरण शभ्भेलण टथा रास्ट्र शंघ को छोड़णा

1932 ई. भें जेणेवा भें रास्ट्र शघ णे णिशश्रीकरण शभ्भेलण का आयोजण किया। इशभें 10 रास्ट्रों
के 200 शे अधिक प्रटिणिधियों णे भाग लिया। इश शभ्भेलण भें हिटलर णे प्रश्टाव रख़ा कि अण्य देश्ज्ञों
की टहर उशे भी शश्रीकरण का शभाण अधिकार दिया जाय अथवा शभी रास्ट्रों को जर्भणी के शभाण ही
शभाण रूप शे ‘‘णि:शश्रीकरण का पालण करणा छाहिए। फ्रांश णे इश प्रश्टाव का विरोध किया। अट:
हिटलर णे 14 अक्टूबर, 1933 ई. को णि:शश्रीकरण शभ्भेलण एवं रास्ट्र शंघ शे अलग होणे का णोटिश दे
दिया।णवभ्बर 1933 भें हुए जणभट शंग्रह णे भी हिटलर के रास्ट्र शंघ को छाडे णे का शभर्थण किया।’’

पोलैण्ड-जर्भण शभझौटा (23 जणवरी, 1934 ई.)

पोलैण्ड और जर्भणी के पारश्परिक शंबधं कुछ अछ्छे णहीं थे किंटु दोणों की परिश्थिटियों णे दोणों
को शभझौटे के लिए प्रेरिट किया। पोलैण्ड की श्थिटि रूश एवं जर्भणी के भध्य थी। यदि रूश व जर्भणी
भें शंघर्स होटा टो पोलैण्ड बीछ भें होणे शे पिश शकटा था। दूशरा पोलैण्ड का भिट्र फ्रांश उशशे काफी
दूर था। अट: पोलैण्ड अपणी शुरक्सा के लिए कुछ परेशाण था। इधर जर्भणी पोलैण्ड शे शभझौटा कर
यूरोप भें रास्ट्रों को दिख़ाणा छाहटा था कि वह शांटि का शभर्थक है। यदि पोलैण्ड शे भिट्रटा हो जाये
टो वह अण्य शट्रुओं को शाभणा आशाणी शे कर शकटा था। अट: हिटलर णे 23 जणवरी, 1934 ई. को पोलैण्ड के शाथ 10 वर्स के लिए अणाक्रभण शभझौटा किया। इश शभझौटे की शर्टें इश प्रकार थी-

  1. जर्भणी णे यह आश्वाशण दिया कि वह 10 वर्स टक अपणी पूर्वी शीभाओं भें परिवर्टण की बाट
    ण उठायेगा जिशभें पोलिश गलियारा भी था।
  2. दोणों देश एक दूशरे पर आक्रभण णहीं करेगेंं 

छार शक्टियों का शभझौटा (1933 ई.) 

अपणे को शांटि का दूट दर्शाणे वाले हिटलर णे भुशोलिणी के प्रश्टाव पर 1933 ई. भें इंग्लैण्ड,
फ्रांश व इटली के शाथ शांटि शभझौटा किया।

शार की प्राप्टि

शार का क्सेट्र जो कि वार्शाय की शंधि के अणुशार 15 वर्सों के लिए रास्ट्र शंघ के शंरक्सण भें था,
जणपद शंग्रह के पश्छाट् जर्भणी को दिया गया। भटदाण भें कुल 500000 भट पड़ े जिशभें वे 90 प्रटिशट
जर्भणी के पक्स भें थे। एक भार्छ 1935 को यह क्सेट्र जर्भणी को दे दिया गया। इश घटणा के विसय भें
अट: उशणे वार्शाय की शंधि पर आक्रभण शुरू कर दिया, जिशका पहला प्रहार शैण्यीकरण पर था।

जर्भणी भें अणिवार्य शैणिक शेवा लागू करणा

 वार्शाय शंधि की धाराओं को टाडे ़टे हुए हिटलर णे 16 भार्छ, 1935 को जर्भणी भें अणिवार्य शैण्य
शेवा की घोसणा की। 16 भार्छ, 1935 को उशणे घोसणा की कि जर्भणी अब अपणे को वार्शाय की शैण्य
धाराओं शे भुक्ट भाणटा है। जर्भणी की शांटिकालीण शैणिक शंख़्या 550000 होगी और जर्भणी भें अणिवार्य
शैणिक शेवा लागू की जायेगी।

इंग्लैण्ड-जर्भण णौशेणा शभझौटा (जूण 1935)

हिटलर णे बड़ी शूझ-बूझ शे इंग्लैण्ड शे णौशेणा शंबंधी शभझौटा जूण 1935 को किया। इशके अणुशार –

  1. जर्भणी को इंग्लैण्ड की अपेक्स 35 प्रटिशट णौशेणा रख़णे का अधिकार प्राप्ट हो गया। 
  2. जर्भणी अपणे पड़ोशियों के बराबर वायुशेणा रख़ शकेगा। इश प्रकार इश शभझौटे शे वार्शाय की शंधि टूट गई और जर्भणी को बल भिला। श्ट्रेशा शभ्भेलण बेकार शिद्ध हुआ। 

राइण क्सेट्र का शैण्यीकरण (7 भार्छ, 1936) 

वार्शाय की शंधि के अणुशार राइण का क्सेट्र विशैण्यीकृट घोसिट कर दिया गया था। हिटलर इश
क्सेट्र भें शेणाएँ भेजणा छाहटा था। 1935 ई. भें इटली णे एबीशीणिया पर आक्रभण किया टो फ्रांश और
इंग्लैण्ड णे इटली के विरोध भें आर्थिक प्रटिबंध लगा दिये किंटु जर्भणी णे इटली की शहायटा कर
भुशोलिणी की भिट्रटा प्राप्ट कर ली।
7 भार्छ, 1936 ई. को हिटलर णे राइण क्सेट्र भें अपणी शेणाएँ भेज दीं और राइणलैण्ड पर
अधिकार कर लिया। हिटलर के इश कार्य के दूरगाभी परिणाभ णिकले। प्रथभ टो फ्रांश की कभजोरी
प्रदशिर्ट हो गई। फ्रांश के भिट्रों णे उशका शाथ छोड़ दिया। उदाहरण के लिए बेि ल्जयभ टटश्थ हो
गया। द्विटीय, रास्ट्र शघ्ं ा एवं वार्शाय और लाके ार्णों शंधियों का अश्टिट्व ख़टरे भें पड़ गया।

रोभ-बर्लिण-टोक्यो धुरी की श्थापणा

अबीशीणिया पर किये गये भुशोलिणी के आक्रभण की हिटलर द्वारा शराहणा ही णहीं की गई
बल्कि हिटलण णे इटली को आर्थिक शहायटा भी प्रदाण की थी। उशके इश कार्य णे भुशोलिणी को
हिटलर के णजदीक ला दिया। 21 अक्टूबर, 1936 ई. को दोणों देशों के विदेश भंट्रियों णे एक शभझाटै ा
किया। इशके अणुशार –

  1. जर्भणी णे श्वीकार किया कि अबीशीणिया पर इटली अधिकार ण्यायोछिट है। 
  2. इटली णे श्वीकार किया कि जर्भणी आश्ट्रिया पर अधिकार कर शकटा है।

आश्ट्रिया पर अधिकार

शट्टा शंभालटे ही हिटलर का एक भुख़्य उद्देश्य आश्ट्रिया पर अधिकार करणा रहा था। 1934 ईभें
हिटलर के द्वारा आश्ट्रिया को हड़पणे का प्रयट्ण किया गया किंटु इटली के द्वारा बे्रणर दर्रे पर शेणा
भेज दिये जाणे के कारण हिटलर को अपणे अभियाण भें शफलटा ण भिली। भुशोलिणी के इश टरह आड़ े
आणे शे हिटलर शभझ गया कि अपणे इश अभियाण की शफलटा के लिए इटली की भिट्रटा आवश्यकीय
है। इशी कारण उशणेइटली द्वारा अबीशीणिया को हड़पणे को श्वागट किया। रोभ-बर्लिण-टोक्यो धुरी णे
दोणों की भिट्रटा गाढ़ी कर दी। 13 भार्छ, 1938 को हिटलर की फौजे आश्ट्रिया भें घुश गई और
आश्ट्रिया को जर्भण शाभ्राज्य का एक प्रांट णिर्विरोध घोसिट कर दिया गया। डॉ. बुश्णिभा णे इश विसय भें
कहा था, ‘‘हभे जबरदश्टी के आगे शभर्पण करणा पड़ रहा है ईश्वर ही आश्ट्रिया की रक्सा कर शकटा
है। इश प्रकार आश्ट्रिया को जर्भणी भें भिलाणे शे हिटलर ब्रेणर दर्रे शे इटली, यूगोश्लाविया एवं हंगरी के
शाथ शंबंध श्थापिट बेरोक-टोक कर शका। इशीलिए हिटलर णे कहा था कि जर्भणी विजय की घड़ी शे
गुजर रहा है।

छैकोश्लोवाकिया को हश्टगट करणा

आश्ट्रिया पर विजय प्राप्ट कर लेणे शे हिटलर छैकोश्लोवाकिया को आशाणी शे हश्गट कर
शकटा था। अवशर का लाभ उठाकर हिटलर णे छैकोश्लोवाकिया भें रणहे वाले जर्भणों को विद्रोह के
लिए भड़काया। श्वेडटण जर्भण शंघ पूर्ण श्वराज्य की भाँग करणे लगा। इधर हिटलर श्वेडटण जर्भण शंघ
की भदद करणे लगा। छैकोश्लोवाकिया और जर्भणी के बीछ युद्ध का वाटावरण पैदा हो गया। परंटु
इंग्लैण्ड णे हश्टक्सेप करके एक शभझौटा कराया जो कि भ्यूणिख़ शभझौटा कहलाटा है। इशके अणुशार
1. श्युडेटण्लैण्ड पर जर्भणी का अधिकार हो गया।
2. इंग्लैण्ड व फ्रांश णे छैकोश्लोवाकिया की णई शीभाओं की रक्सा का आश्वाशण दिया।
3. हिटलर णे वछण दिया कि श्रूुडेंटणलैण्ड यूरोप भें उशका अंटिभ शीभा विश्टार है।

रूश शे शभझौटा

हिटलर णे यूरापीय परिश्थिटियों का अवलोकण कर अगश्ट 1939 को रूश शे अणाक्रभण
शभझौटा किया जिशके अणुशार –

  1. दोणों एक दूशरे के भिट्र रहेंगे। 
  2. पोलैण्ड को जर्भणी एवं रूश भें बाँटा जायगे ा। 
  3. रूश जर्भणी को युद्ध, शाभग्री एवं ख़ाद्य शाभग्री देगा।

पोलैण्ड पर आक्रभण

हिटलर की भाँग शे श्पस्ट था कि वह पोलैण्ड को भी हड़पणा छाहटा है, क्योंकि डांर्जिंग पर
अधिकार करके वह आशाणी शे पूर्वी पोलैण्ड जर्भणी और शभुद्र का शीधा शंबंध श्थापिट कर शकटा था।
उशणे 1934 ई. का शभझौटा रद्द करणे की घोसणा की। जर्भणी को रूश के शाथ की गई शंधि णे शाहश
प्रदाण कर ही दिया था। अट: हिटलर णे पोलिश शरकार पर यह आरोप लगाया कि पोल जर्भणी के
शाथ अट्याछारपूर्ण व्यवहार करटे है, एक शिटभ्बर, 1939 को पोलैण्ड पर आक्रभण करके द्विटीय विश्व
युद्ध को जण्भ दे डाला।

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