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गोपालदास नीरज का जीवन परिचय

गोपालदास नीरज का जन्म 4 जनवरी, 1925 को उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के पुरावली नामक ग्राम में एक साधारण कायस्थ परिवार में बाबू ब्रज किशोर शर्मा के यहाँ एक बालक का जन्म हुआ। ‘गोपालदास नीरज’ का प्रारम्भिक जीवन दुखों के संघर्षमय तूफान से गुजरा है। अपने अबोध बचपन में ही जीवन की कठोर परिस्थितियों… Read More »

गैसीय अवस्था के गुण, नियम एवं विशेषताएँ

पदार्थ की तीन भौतिक अवस्थाएँ होती है-ठोस, द्रव तथा गैस। आधुनिक अनुसन्धानों द्वारा एक अवस्था और ज्ञात की गयी है जिसे प्लाज्मा कहते है। ताप तथा दाब की परिस्थितियों के अनुसार पदार्थ एक समय में किसी एक भौतिक अवस्था में पाया जाता है। इन तीनों अवस्थाओं में कोई सुस्पष्ट सीमांकन रेखा नहीं होती, किसी भी… Read More »

गृह व्यवस्था का अर्थ, परिभाषा, महत्व एवं क्षेत्र

साधारण शब्दों में गृह व्यवस्था का अर्थ है घर का रखरखाव या घर को सुचारू रूप से चलाने के लिये इसकी स्वच्छता, उचित रखरखाव व व्यवस्था की देख-रेख। जब आप अपने घर को स्वच्छ और व्यवस्थित रखते हैं तब आप इसे अधिक से अधिक सुंदर भी रखना चाहते हैं। आप यह कैसे सुनिश्चित करें कि… Read More »

न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण का नियम

यह हमारा दैनिक जीवन का अनुभव है कि पृथ्वी की सतह से ऊध्र्वाधरत: ऊपर की ओर फेंके गए पिंड पुन: पृथ्वी पर लौट आते हैं। यदि किसी पिंड को कुछ ऊँचाई से भी गिराया जाए, तो वह भी पृथ्वी की ओर गिरती है। इसी तरह वृक्षों की शाखाओं से पत्तियाँ एवं फल अलग होते हैं,… Read More »

गुटनिरपेक्षता का अर्थ एवं परिभाषा

प्रथम विश्व युद्ध में हुई जन-धन की हानि के कारण दुनिया के देश शांति व्यवस्था स्थापित करने के लिए चिंतित थे। अमेरिका के राष्ट्रपति वुडरो विल्सन के सहयोग से 1920 में राष्ट्रसंघ नामक अन्र्तराष्ट्रीय संस्था की स्थापना की गई। शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए कुछ शर्ते भी रखी गई। परन्तु कुछ स्वाथ्री देशों में… Read More »

गिरवी क्या है?

भारतीय अनुबंध अधिनियम की धारा 172 के अनुसार ‘‘किसी श्रेणी के भुगतान अथवा किसी वचन के निष्पादन के लिये जमानत के रूप में निक्षेप को गिरवी कहते हैं। इस दशा में जो व्यक्ति गिरवी रखता है अर्थात् निक्षेपी को गिरवी रखने वाला (Plege or Pawnee) कहते हैं, एवं जिस व्यक्ति के पास वस्तु रखी जाती… Read More »

गांधीवाद क्या है?

महात्मा गांधी के विचारो को गांधीवाद कहा जाता है। गांधीवाद के सम्बन्ध मे सर्वप्रथम प्रश्न यह है कि क्या गांधीवाद नाम की कोई वस्तु है तो निश्चित रूप से गांधीवाद जैसी कोई वस्तु नही हे। क्योंकि गांधीजी ने राजनीति सम्बन्धी क्रमबद्ध सिद्धांत प्रस्तुत नही किया है और न किसी वाद का संस्थापन ही किया। गांधी जी… Read More »

गाँव का अर्थ, परिभाषा, प्रकार एवं विशेषताएँ

विभिन्न विद्वानों ने गाँव या ‘ग्रामीण’ शब्द की अनेक व्याख्याएं प्रस्तुत की हैं। कुछ व्यक्तियों का मत है कि जहाँ आर्थिक एवं सामाजिक दृष्टि से पिछडे़ हुए लोग रहते हो, उस क्षेत्र को गॉव कहा जाए। दूसरी ओर कुछ विद्वानों ने गाँव या ‘ग्रामीण’ शब्द उनके लिए उपयुक्त माना है, जहां कृषि को मुख्य व्यवसाय… Read More »

न्यूटन का गति का प्रथम नियम, द्वितीय एवं तृतीय नियम

आपने देखा होगा कि यदि पेड़ की डालियों को तेजी से हिलाया जाए तो उस पर लगे पत्ते और फल झड़ते हैं। इसी तरह, कालीन को डंडे से पीटने पर धूल के कण कालीन से अलग हो जाते हैं। क्या आप जानते हैं कि ऐसा क्यों होता है? इन सभी का कारण जड़त्व है। जड़त्व… Read More »

व्यावसायिक पर्यावरण का अर्थ, परिभाषा, घटक एवं महत्व

व्यावसायिक पर्यावरण दो शब्दों-व्यवसाय एवं पर्यावरण के संयोग से बना है। व्यवसाय, विद्यमान पर्यावरण में रहकर अपनी क्रियाओं को संचालित करता है। व्यवसाय को पर्यावरण प्रभावित करता है और व्यवसाय पर्यावरण को प्रभावित करता है। अत: दोनों ही अन्तर्सम्बन्धित हैं। वास्तव में व्यावसायिक पर्यावरण उन सभी परिस्थितियों, घटनाओं एवं कारकों का योग है जो व्यवसाय… Read More »