Category Archives: अंकेक्षक

कंपनी अंकेक्षक की नियुक्ति कैसे होती है?

भारतीय कम्पनी अधिनियम, 1956 के अन्तर्गत प्रत्येक कम्पनी के लिए अपने लेखों का अंकेक्षण करना अनिवार्य है। यह अंकेक्षण ‘‘वैधानिक अंकेक्षण’’ कहलाता है। जो व्यक्ति इस कार्य के लिए नियुक्त किया जाता है उसे ‘‘वैधानिक अंकेक्षक’’ कहते हैं। भारतीय कम्पनी अधिनियम, 1 अप्रैल 1956 से लागू हुआ। इस अधिनियम की धाराएँ 224 से 233 तक… Read More »

कंपनी अंकेक्षक की नियुक्ति कैसे होती है?

भारतीय कम्पनी अधिनियम, 1956 के अन्तर्गत प्रत्येक कम्पनी के लिए अपने लेखों का अंकेक्षण करना अनिवार्य है। यह अंकेक्षण ‘‘वैधानिक अंकेक्षण’’ कहलाता है। जो व्यक्ति इस कार्य के लिए नियुक्त किया जाता है उसे ‘‘वैधानिक अंकेक्षक’’ कहते हैं। भारतीय कम्पनी अधिनियम, 1 अप्रैल 1956 से लागू हुआ। इस अधिनियम की धाराएँ 224 से 233 तक… Read More »

मनुस्मृति का रचनाकाल, संरचना एवं विषयवस्तु

वैदिक वाड़्मय में मानव जाति के आदि पिता प्रजापति के रूप में मनु का उल्लेख मिलता है। इसमें मनु का अर्थ मनुष्य से किया गया है। मनु में पिता शब्द जुड़ा हुआ है जिससे यह अनुमान किया गया है कि मनुष्य के पिता मनु हुये जिन्होंने सृष्टि को उत्पन्न किया तथा मनुस्मृति की रचना की।… Read More »