Category Archives: अधिनियम

प्रेस परिषद अधिनियम 1978 क्या है?

भारत में अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता मौलिक अधिकार है तथा यहाँ पर प्रेस भी स्वतन्त्र है। ऐसे में विचारों की अभिव्यक्ति के लिये प्रेस एक महत्वपूर्ण व सशक्त माध्यम है। अभिव्यक्ति की स्वतन्ता के कारण अनेक अवसरों पर ऐसी स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है जब इसका दुरुपयोग किसी व्यक्ति की मानहानि, झूठे दोषारोपण आदि के… Read More »

कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम, 1923 क्या है?

अस्थायी आंशिक अशक्तता- अस्थायी आंशिक अशक्तता वह अषक्कतता है, जिससे कर्मकार की उस नियोजन में उपार्जन क्षमता अस्थायी अवधि के लिए कम हो जाती है, जिसमें वह दुर्घटना के समय लगा हुआ था। स्थायी आंशिक अशक्तता – स्थायी आंशिक अशक्तता वह अशक्तता है, जिससे कर्मकार की हर ऐसे नियोजन में उपार्जन-क्षमता स्थायी रूप में कम… Read More »

शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की विशेषताएं

संयुक्त राष्ट्र संध ने शिक्षा के अधिकार को ‘मानवाधिकार’ की मान्यता प्रदान की है। शिक्षा के अधिकार को मानवाविधार के सार्वभौमिक घोशणापत्र (Universal Declaration of Human Rights) के अनुच्छेद 26 में, आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक अधिकारों पर अन्तराष्ट्रीय प्रसंविदा की धारा 14 में स्थान दिया गया। संयुक्त राष्ट्र संघ के यूनेस्को एवं अन्य अंग शिक्षा… Read More »

मजदूरी भुगतान अधिनियम 1936

प्रारंभ में यह अधिनियम कारखानों और रेलवे-प्रशासन में काम करने वाले ऐसे कर्मचारियों के साथ लागू था, जिनकी मजदूरी 200 रुपये प्रतिमाह से अधिक नही थी। बाद में इसे कर्इ अन्य औद्योगिक प्रतिष्ठानों तथा नियोजनों में लागू किया गया। इनमें मुख्य हैं – (1) ट्राम पथ सेवा या मोटर परिवहन-सेवा, (2) संघ की सेना या… Read More »

प्रेस एवं पुस्तक रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1867 क्या है?

प्रेस एवं पुस्तक रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1867  समाचार पत्रों, पत्रिकाओं, पुस्तक आदि के प्रकाशन में प्रेस यानि प्रिटिंग मशीन की प्रमुख भूमिका है। इसके साथ ही समाचार पत्र आदि के प्रकाशन में संपादक, प्रकाशक व मुद्रक की महत्वपूर्ण भूमिका है। यदि किसी पत्र पत्रिका में को अवांछित सामग्री प्रकाशित हो जाती है तो ऐसे में प्रेस… Read More »

आक्षेपणीय विज्ञापन अधिनियम 1954 क्या है?

भारत में यद्यपि आज शिक्षा का प्रचार प्रसार बहुत हो चुका है और शिक्षा की दर (Literacy rate) भी बढ़ गया है किन्तु इसके बावजूद अवैज्ञानिक उपचार, तंत्र-मंत्र, जादू-टोने इत्यादि के प्रति लोगों में अन्धविश्वास की कमी नहीं है। ऐसे में लोग तमाम लाईलाज रोगों के उपचार के लिये ऐसे उपायों पर आसानी से विश्वास… Read More »