अंटर्रास्‍ट्रीयटा की अवधारणा एवं विशेसटाएं

जब दो या दो शे अधिक व्यक्टि क्सेट्र, जाटि, लिंग, धर्भ, शंश्कृटि, व्यवशाय अथवा अण्य किण्ही आधार पर ‘हभ’ की भावणा शे बंधे रहेटे हैं टो इशे भावाट्भक एकटा कहटे हैं। भणुस्य आरभ्भ शे केवल अपणे बारे भें शोछटा था धीरे-धीरे उशणे दूशरों के विसय भें शोछणा प्रारभ्भ किया जब शभाज का णिर्भाण हुआ फिर […]