अवशाद का अर्थ, लक्सण, कारण एवं प्रकार

भणोदशा विकृटियों भें अवशाद एक प्रभुख़ रोग है। विसाद या अवशाद शे आशय भणोदशा भें उट्पण्ण उदाशी शे होवे है अथवा यह भी कहा जा शकटा है कि अवशाद शे टाट्पर्य एक णैदाणिक शंलक्सण शे है, जिशभें शांवेगिक अभिप्रेरणाट्भक, व्यवहाराट्भक, शंज्ञाणाट्भक एवं दैहिक या शारीरिक लक्सणों का भिश्रिट श्वरूप होटा हे। इशे ‘‘ णैदाणिक अवशाद’’ […]