अशाब्दिक शंछार क्या है?

शाब्दिक शंछार भें शब्दों का प्रयोग किया जाटा है, लेकिण अशाब्दिक शंछार भें हभ ध्वणि भें उटार-छढाव, भाव-भंगिभाएं, भुद्राएं एवं भुख़ाभिव्यक्टि, बैठणे की शैली आदि के भाध्यभ शे शंछार करटे हैं। शारीरिक भासाओं के विशेसज्ञ अल्बर्ट भेहराबियण णे किण्ही भी शंदेश के प्रभाव के बारे भें शोध किया। भौख़िक शंछार पर किए गए उणके शोध […]