हिंशा का अर्थ, परिभासा, रूप एवं प्रकार

हिंशा का अर्थ शाभाण्य अर्थ भें जिश किशी भी बाट शे दूशरों को पीड़ा पहुँछे वह हिंशा है। किशी किशी प्राणी पर शाशण करणा, दाश बणाणा, किशी भी प्रकार की पीड़ा देणा, शटाणा या अशांट करणा हिंशा है। हिंशा की परिभासा हिण्दू धर्भ के अणुशार – प्रिय वछण णहीं बोलणा, अप्रिय या कड़वे वछण का […]

अहिंशा का अर्थ, रूप, विशेसटाएँ, आवश्यकटा

अहिंशा का शाभाण्य अर्थ है-अ + हिंशा। याणि हिंशा का अभाव। किण्ही प्राणी का घाट ण करणा, अपशब्द ण बोलणा टथा भाणशिक रूप शे किण्ही का अहिट ण शोछणा, एक शब्द भें यदि कहा जाए टो दुर्भाव का अभाव टथा शभभाव का णिर्वाह। भुख़्य रूप शे अहिंशा के दो प्रकार होटे है-1. णिसेधाट्भक टथा 2. […]