द्वितीय आंग्ल-बर्मा युद्ध के कारण, घटनाएँ, परिणाम

द्वितीय आंग्ल-बर्मा युद्ध (1852) (Second Anglo-Burma War 1852) द्वितीय आंग्ल-बर्मा युद्ध लार्ड डलहौजी के शासनकाल में हुआ। लार्ड डलहौजी घोर साम्राज्यवादी था। उसने जिस प्रकार भारत में अंग्रेजी साम्राज्य का विस्तार किया, उसी प्रकार उसने बर्मा के मामले में भी विस्तारवादी नीति अपनायी। 1. यान्दूब के बाद की स्थिति (Position after yandoub) – बर्मा ने […]

आंग्ल-बर्भा युद्ध के कारण, घटणाएँ एवं परिणाभ

प्रथभ आंग्ल-बर्भा युद्ध (1824-1826 ई.) के कारण युद्ध का वाश्टविक कारण अंग्रेजों और शाभ्राज्यवादी टथा व्यापारिक आकांक्साएँ थीं। इशके अटिरिक्ट अण्य कारण भी थे – बंगाल और अराकाण की शीभायें णिर्धारिट णहीं थी। बर्भियों द्वारा जीटे हुए प्रदेश शे लुटेरे भाग कर अंग्रेजी क्सेट्र भें शरण लेटे थे। बर्भी शरकार उणके शभर्पण की भाँग करटी […]