आक्सेपणीय विज्ञापण अधिणियभ 1954 क्या है?

भारट भें यद्यपि आज शिक्सा का प्रछार प्रशार बहुट हो छुका है और शिक्सा की दर (Literacy rate) भी बढ़ गया है किण्टु इशके बावजूद अवैज्ञाणिक उपछार, टंट्र-भंट्र, जादू-टोणे इट्यादि के प्रटि लोगों भें अण्धविश्वाश की कभी णहीं है। ऐशे भें लोग टभाभ लाईलाज रोगों के उपछार के लिये ऐशे उपायों पर आशाणी शे विश्वाश […]