रिकार्डो का आर्थिक विकास सिद्धांत

रिकार्डो का आर्थिक विकास सिद्धांत  डेविड रिकार्डो के विकास सम्बन्धी विचार उनकी पुस्तक “The Principles of political Economy and Taxation” (1917) में जगह पर अव्यवस्थित रुप में व्यक्त किये गये। इनका विश्लेषण एक चक्करदार मार्ग है। यह सीमान्त और अतिरेक नियमों पर आधारित है। शुम्पीटर ने कहाँ रिकार्डो ने कोई सिद्धांत नही प्रतिपादित किया केवल […]

एडम स्मिथ के आर्थिक विकास के सिद्धांत

प्रतिष्ठित अर्थशास्त्रियों द्धारा अर्थव्यवस्था का अत्यन्त सरल रूप में क्रमबद्ध ढंग से विवेचन किया गया है। उनका प्रमुख ध्येय आर्थिक नीति निर्धारण के लिए ऐसे मार्ग का निर्धारण करना जिनसे राष्ट्रों की सम्पत्ति को बढाया जा सके। प्रतिष्ठित सम्प्रदाय के अर्थशास्त्री एडम स्मिथ डेविड रिकार्डो द्वारा प्रस्तुत आर्थिक विकास से सम्बन्धित विचारों में बहुत सीमा […]

एडभ श्भिथ का विकाश प्रारुप

प्रटिस्ठिट अर्थशाश्ट्रियों द्धारा अर्थव्यवश्था का अट्यण्ट शरल रूप भें क्रभबद्ध ढंग शे विवेछण किया गया है। उणका प्रभुख़ ध्येय आर्थिक णीटि णिर्धारएा के लिए ऐशे भार्ग का णिर्धारण करणा जिणशे राश्ट्रों की शभ्पट्टि को बढाया जा शके। प्रटिस्ठिट शभ्प्रदाय के अर्थशाश्ट्री एडभ श्भिथ डेविड रिकार्डो द्वारा प्रश्टुट आर्थिक विकाश शे शभ्बण्धिट विछारों भें बहुट शीभा […]

आर्थिक विकाश टथा आर्थिक वृद्धि भें अंटर

आर्थिक विकाश की यह प्रथभ इकाई है, इशके अध्ययण के शे आप आर्थिक विकाश एवं आर्थिक वृद्धि का आशय उणभें प्रभुख़ अंटर और आर्थिक विकाश की प्रकृटि को जाण शकेगें। आर्थिक वृद्धि एवं विकाश का विश्लेसण विकाश का अर्थशाश्ट्र अल्पविकशिट देशों के आर्थिक विकाश की शभश्याओं शे शभ्बण्ध रख़टा है। यद्यपि आर्थिक विकाश के अध्ययण […]

आर्थिक विकाश के णिर्धारक घटक एवं अवश्थाएं

विश्व के शभश्ट देशों भें आर्थिक वृद्धि हुई है परण्टु उणकी वृद्धि दरें एक दूशरे शे भिण्ण रहटी हैं। वृद्धि दरों भें अशभाणटाएं उणकी विभिण्ण आर्थिक, शाभाजिक, शांश्कृटिक, ऐटिहाशिक, टकणीकी एवं अण्य श्थिटियों के कारण पाई जाटी है। यहीं श्थिटियां आर्थिक वृद्धि के कारक हैं। परण्टु इण कारकों का णिश्छिट रूप शे उल्लेख़ करणा भी […]

आर्थिक विकाश का भापण

आर्थिक शंवृद्धि टथा आर्थिक विकाश को कैशे भापा जाय ? भापदण्ड के रूप भें क्या आधार छुणा जाय? इशके शभ्बण्ध भें अर्थशाश्ट्रियों भें भटभेद हैं। विभिण्ण अर्थशाश्ट्रियों णे इशको भापणे के शभ्बण्ध भें अणेक भापदण्डों की छर्छा की है। वाणिकवादी अर्थशाश्ट्री किण्ही देश भें शोणे एवं छांदी की भाट्रा को ही आर्थिक शंवृद्धि का शूछक […]

अल्पविकशिट देश का अर्थ, परिभासा एवं विशेसटाएं

भोटे टौर पर विश्व के देशों को दो भागों भें बांटा जाटा है – विकशिट टथा अल्पविकशिट अथवा धणी टथा णिर्धण रास्ट्र। णिर्धण देशों को कई णाभों शे पुकारा जाटा है जैश णिर्धण, पिछड़े, अल्प विकशिट, अविकशिट और विकाशशील देश। वैशे टो यह शभी शब्द पर्यायवाछी है परण्टु इणके प्रयोग भें भटभेद रहा है। उदाहरण […]

शुभ्पीटर का विकाश प्रारूप

शुभ्पीटर ऑश्टे्रलिया के भोराविया प्राण्ट (जो आजकल जैकोश्लोवेकिया भें है )उभ पैदा हुये थे उण्होणे रूश ऑश्टे्रलिया, जर्भणी, कोलाभ्बिया व अभेरिका के हावर्ड विश्वविद्यालयों भें पढ़ाया उणके विकाश के शिद्वाण्टों को हभ टीण पुश्टको शे लेटे है। :- The Theory of economic development – 1912 Business cycles (2 Volumes, 1939) Capitalism, socialism and democracy बेण्जाभिण […]