Category Archives: उत्तर व्यवहारवाद

उत्तर व्यवहारवाद का अर्थ, परिभाषा एवं विशेषताएं

उत्तर-व्यवहारवाद के प्रतिपादक भी व्यवहारवादी क्रान्ति के जनक डेविड ईस्टन ही हैं। डेविड ईस्टन ने व्यवहारवाद की रूढ़िवादिता, जड़ता और दिशाहीनता के कारण 1969 में इस क्रान्ति की घोषणा की। इसे नव-व्यवहारवाद भी कहा जाता है। व्यवहारवादी आन्दोलन जब अपनी सफलता की चरम सीमा पर था तो तभी विश्व समाज में अनेक सामाजिक और राजनीतिक… Read More »