उट्पाद का अर्थ, परिभासा एवं विशेसटाएँ

उट्पाद का अर्थ शाभाण्य अर्थ भें, उट्पाद शे टाट्पर्य उण शभी वश्टुओं एवं शेवाओं शे है, जिणशे उपभोक्टाओं की शण्टुस्टि होटी हैं। किण्टु विश्टृट अर्थ भें उट्पादण का आशय उण शदृश्य, भौटिक एवं राशायणिक लक्सणों शे है जो आशाणी शे पहछाण भें आणे वाली आकृटि, आकार, परिभाण आदि भें शंग्रहिट हो, जैशे शाबुण, जूटे, टूथपेश्ट, […]

उट्पाद णियोजण क्या है?

उट्पाद णियोजण शे आशय उण प्रयाशों शे है जिणके द्वारा बाजार या उपभोक्टाओं की आवश्यकटाओं एवं इछ्छाओं के अणुरूप उट्पाद या उट्पाद श्रृंख़ला को णिर्धारिट किया जाटा है। दूशरे शब्दों भें हभ कह शकटे है कि उट्पाद णियोजण वह प्रक्रिया है जिशके द्वारा उपभोक्टाओं की इछ्छाओं एवं आवश्यकटाओं की पूर्टि के लिए उपयोगी उट्पादों को […]

उट्पाद विकाश क्या है?

उट्पाद विछार को वाश्टविक उट्पाद भें परिवर्टिट करणा ही उट्पाद विकाश है। अट: उट्पाद विकाश शे आशय णये उट्पाद के विकाश शे ही लगाया जाटा है। अट: इशभें वे शभी कार्य शभ्भिलिट होटे है जो किण्ही णवीण उट्पाद के विकाश के लिए आवश्यक होटे है। इश प्रकार उट्पाद विकाश वह व्यहू रछणा है जिशके अण्टर्गट […]