Category Archives: उद्योग

व्यावसायिक क्रियाओं का वर्गीकरण

यदि आप अपने आस पास की व्यावसायिक क्रियाओं को देखेंगे तो पायेंगे कि अर्थव्यवस्था में निम्नांकित क्रियाएं होती है- पदार्थो का उत्खनन या निष्कर्षण;  वस्तुओं का विनिर्माण;  एक स्थान से वस्तुए खरीद कर विभिन्न स्थानों में बेचना;  भवन, सड़क एवं पुलों आदि का निर्माण;  वस्तुओं का भण्डारण, परिवहन, बैंिकग, बीमा, विज्ञापन, आदि सेवाएं प्रदान करना; … Read More »

औद्योगिक नीति का अर्थ, महत्व एवं औद्योगिक नीति का विकास

(iv) प्रशुल्क एवं कर नीति-इस नीति के अन्तर्गत सरकार की प्रशुल्क नीति अनावश्यक विदेशी स्पर्द्धा को रोकने की होगी जिससे कि उपभोक्ता पर अनुचित भार डाले बिना विदेशी साधनों का उपयोग किया जा सके। पूँजीगत विनियोग करने, बचत में वृद्धि करने एवं कुछ व्यक्तियों के हाथों में सम्पित्त का केन्द्रीयकरण रोकने के लिए कर-प्रणाली में आवश्यक… Read More »

उद्योग के प्रकार

व्यावसायिक क्रिया के उत्पादन पक्ष को उद्योग कहते हैं। यह ऐसी व्यावसायिक क्रिया है जो उत्पादों के बढ़ाने, उत्पादन, प्रक्रियण अथवा निर्माण से संबंधित है। ये उत्पाद, उपभोक्ता वस्तुएँ या उत्पादक माल हो सकते हैं। उपभोक्ता वस्तुएँ वे हैं जिनका उपयोग अंतत: उपभोक्ता द्वारा किया जाता है जैसे- अनाज, कपड़ा, सौन्दर्यसवर्धक आदि। उत्पादक माल वे… Read More »

उद्योगों का वर्गीकरण

भारत में आधुनिक औद्योगिक विकास का प्रारंभ मुंबई में प्रथम सूती कपड़े की मिल की स्थापना (1854) से हुआ। इस कारखाने की स्थापना में भारतीय पूँजी तथा भारतीय प्रबंधन ही मुख्य था। जूट उद्योग का प्रारंभ 1855 में कोलकाता के समीप हुगली घाटी में जूट मिल की स्थापना से हुआ जिसमें पूँजी एवं प्रबंध-नियन्त्रण दोनो… Read More »