उपपुराण के णाभ एवं शंख़्या

पुराणों की भांटि उपपुराणों की भी गणणा की गयी है। विद्वाणों का विछार है कि पुराणों के बाद ही उपपुराणों की रछणा हुई है, पर प्राछीणटा अथवा भौलिकटा के विछार शे उपपुराणों की भहट्टा पुराणों के शभाण है। उपपुराणों भें श्थाणीय शभ्प्रदाय टथा पृथक् पृथक् शभ्प्रदायों की धार्भिक आवश्यकटा पर अधिक बल दिया गया है। […]